तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
01 नवंबर 2011
देश को बेईमानों और गद्दारों के आगे लुटा बेठे हो
हमने तो समझा था
मिटने से
बच जाओगे तुम
लेकिन
क्या करें
यह तो कुदरत का कहर है
ना समझे तुम
सियासत को
कुर्सी पर बेठने वाले नेताओं के इरादों को
भ्रष्टाचार और बेईमानी के सदाचार के पाखंड को
धर्म और साम्प्रदायिकता को
अब देख लो
देश को
बेईमानों और गद्दारों के आगे
लुटा बेठे हो ...............अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
हाकिम हुआ करते थे
आज बिखर जाने से
हम
गुलाम बने बेठे है
यह हम ही थे
जब एक थे
तब हम भी
इसी मुल्क के
हाकिम हुआ करते थे ....................... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
जो पास है उसे छोड़कर दूसरी की ओर भागना मूर्खता है
सामान्यत: ऐसा देखा जाता है कि व्यक्ति ज्यादा अच्छी वस्तु प्राप्त करने के लिए जो उसके पास है उसे छोड़कर दूसरी की ओर भागता है। इस परिस्थिति में दोनों ही वस्तुएं उसके हाथों से निकल जाती है। ऐसी परिस्थितियों के संबंध में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-
यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवं परिषेवते।
ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि।।
इस श्लोक का अर्थ है कि जो व्यक्ति निश्चित वस्तुओं को छोड़कर अनिश्चित वस्तुओं की ओर भागता है उसके हाथों से दोनों ही वस्तुएं निकल जाती है। अत: जीवन में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार की गलतियां हमें नहीं करना चाहिए।
आचार्य चाणक्य के अनुसार लालची लोगों के साथ अक्सर ऐसा ही होता है, अंत में वह खाली हाथ ही रह जाता है। जो वस्तुएं, सुविधाएं हमारे पास पहले से ही हैं उन्हें छोड़कर अनिश्चित सुविधाओं के पीछे भागने वाले इंसान को अंत में दुख का ही सामना करना पड़ता है। जबकि समझदारी इसी में है कि जो वस्तुएं या सुविधाएं हमारे पास हैं उन्हीं से संतोष प्राप्त करें। इसके विपरित जो सुविधाएं हमारे पास हैं वे भी नष्ट हो जाएंगी।
कौन है आचार्य चाणक्य?
आचार्य चाणक्य तक्षशिला के गुरुकुल में अर्थशास्त्र के आचार्य थे लेकिन उनकी राजनीति में गहरी पकड़ थी। इनके पिता का नाम आचार्य चणी था इसी वजह से इन्हें चणी पुत्र चाणक्य कहा जाता है। संभवत: पहली बार कूटनीति का प्रयोग आचार्य चाणक्य द्वारा ही किया गया था। जब उन्होंने सम्राट सिकंदर को भारत छोडऩे पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त कूटनीति से ही उन्होंने चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट भी बनाया। आचार्य चाणक्य द्वारा श्रेष्ठ जीवन के लिए चाणक्य नीति ग्रंथ रचा गया है। इसमें दी गई नीतियों का पालन करने पर जीवन में सफलाएं अवश्य प्राप्त होती हैं।
सोना, शराब, वैश्यालय, झूठ में रहता है कलियुग क्योंकि...
शास्त्रों के अनुसार चार युग बताए गए हैं। ये चार युग हैं सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। अभी तक तीन युग समाप्त हो चुके हैं और अब कलियुग चल रहा है। ऐसी मान्यता है कि कलियुग के अंतिम समय में भगवान विष्णु का कल्कि अवतार होगा। इसके बाद ही सृष्टि का विनाश होगा।
श्रीमद्भागवत के अनुसार जब पांडवों द्वारा स्वर्ग की यात्रा प्रारंभ की गई तब वे समस्त राज्य और प्रजा के भरण-पोषण और सुरक्षा का भार परिक्षित को सौंप गए। राजा परिक्षित के जीवन में ही द्वापर युग की समाप्ति हुई और कलियुग का प्रारंभ हुआ। कथा के अनुसार जब कलियुग का आगमन हुआ तब चारों ओर पाप, अत्याचार और अधर्म बढऩे लगा। इस प्रकार बढ़ते कलियुग के प्रभाव को समाप्त करने के लिए राजा परिक्षित कलियुग को नष्ट करने के लिए धनुष पर बाण चढ़ा लिया। जब कलियुग को ऐसा प्रतीत हुआ कि राजा परिक्षित से जीतना संभव नहीं है। अत: उसने राजा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और खुद के निवास करने के लिए स्थान मांगा। इस प्रकार अपनी शरण में कलियुग को परिक्षित ने पांच स्थान बताए जहां कलियुग को निवास करना था। ये स्थान हैं- झूठ, मद, काम, वैर और रजोगुण।
इन पांच स्थानों का अर्थ यही है कि जहां-जहां झूठ होगा, नशा होगा, वैश्यावृत्ति होगी, वैर-क्रोध होगा, सोना या धन होगा वहीं कलियुग निवास करता है। अत: इन पांचों से हमें दूर रहना चाहिए। जो भी व्यक्ति इनके मोह में फंस जाता है उसका नाश होना निश्चित है। यह सभी पाप को बढ़ाने वाले ही है। इनके प्रभाव में आने के बाद व्यक्ति के परिवार और पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं।
ये मिर्च है बड़े काम की चीज, जानिए कैसे?
सामान्यत: मिर्च स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है। हरी मिर्च और लाल मिर्च के बिना भारतीय भोजन का स्वाद अधूरा है। लेकिन लाल मिर्च पर किए गए शोधों और आयुर्वेद के अनुसार लाल मिर्च का सेवन नुकसानदायक नहीं बल्कि फायदेमंद भी है तो आइए आज हम आपको बताते हैं लाल मिर्च के कुछ ऐसे ही गुणों और आयुर्वेदिक उपयोगों के बारे में। लाल मिर्च कई तरह के उपयोगी तत्व भी पाएं जाते हैं। जैसे अमीनो एसिड, एस्कार्बिक एसिड, फोलिक एसिड, सिट्रीक एसिड, मैलिक एसिड, मैलोनिक एसिड, सक्सीनिक एसिड, शिकिमिक एसिड, आक्जेलिक एसिड, क्युनिक एसिड, कैरोटीन्स , क्रिप्तोकैप्सीन, बाई-फ्लेवोनाईड्स, कैप्सेंथीन, कैप्सोरूबीन डाईएस्टर, आल्फा-एमिरिन, कोलेस्टराल, फ़ाय्तोईन, फायटोफ्लू, कैप्सीडीना, कैप्सी-कोसीन, आदि तत्व पाएं जाते हैं।
- इसके सेवन से मल-मूत्र में आने वाली समस्याएं दूर हो जाती है।
- लाल मिर्च खाना मोटापा कम करने और भोजन के बाद अधिक कैलोरी जलाने में मददगार हो सकता है।
- लाल मिर्च पर किए गए वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि इसमें से तत्व मौजूद हैं जो शरीर में उठने वाले दर्द के निवारण के लिए लाभदायक होती है।
- लाल मिर्च की लुगदी बना लें जिस ओर की आंख लाल हो या दर्द हो उसी पैर के अंगूठे पर व लुगदीका लेप करें, यदि दोनों आंख में हो रही हों तो दोनों में करें- 2 घंटे में आंख ठीक हो जायेगी।
- अशुद्ध पानी से पेट में होने वाली परेशानी है तो लाल मिर्च की चटनी को घी में छोंककर खाने से गंदे पानी का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।
अगर किसी को सांप कांट ले तो मिर्च कड़वी नहीं लगती । मिर्च खिलाने से विष खत्म होगा।
- विच्छू के काटने पर लाल मिर्च का लेप लगायें ठंडक पड़ जायेगी।
- गर्मी में हरी मिर्च खाने से इसके बीज अगर आपके पेट में हैं तो हैजा का डर नहीं होता है।
- हरी मिर्च खाने के साथ खायें। अचार खायें इसमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में होता है।
- यदि गले में इन्फेंकशन हो गया हो या खांसी हो तो लाल मिर्च की चटनी अवश्य ग्रहण करें।
- आपको जिस तरह पसंद हो वैसे लाल मिर्च खायें। लाल मिर्च बेसन में डालकर पकोड़े बनाकर खाएं।
कलेक्टर तो बन गए, लेकिन इंसान नहीं’
शिक्षा पर खर्च होने वाली राशि में किसान-मजदूरों की कड़ी मेहनत का हिस्सा होता है और समाज का वही वंचित वर्ग उपेक्षित-प्रताड़ित होकर रह जाता है। कलेक्टर में अगर मानवीय भावना संवेदना नहीं है तो उसका इस पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
अधिकारी सरकार से वेतन के रूप में लाखों रुपए लेते हैं और समाज के वंचित लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं। सुब्बाराव ने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्रों व बुद्धिजीवियों के बीच संवाद किया। इससे पहले उन्होंने श्रीनाथपुरम स्थित लॉरेंस मेयो स्कूल में बच्चों को अपने जीवन के अनुभव सुनाए।
उन्होंने बच्चों और युवाओं के साथ देशभक्ति और जनचेतना जगाने वाले गीतों का सामूहिक पाठ कर माहौल में रवानगी पैदा की। तकनीकी विश्वविद्यालय में सुब्बाराव ने युवाओं से कहा कि कलेक्टर या अन्य ऊंचे ओहदे पर बैठे अधिकारी की जिम्मेदारी है कि सरकार से जो पैसा जिस वंचित गरीब व्यक्ति के लिए आ रहा है, वह उसे राहत देने पर खर्च किया जाए। एक राज्य में आदिवासियों के लिए करोड़ों रुपए आए लेकिन, एक भी आदिवासी परिवार को उसका लाभ नहीं मिला।
एक तरफ बहुमंजिले आलीशान भवन खड़े हैं तो दूसरी ओर झोपड़पट्टी हैं। देश के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक बात और नहीं हो सकती। सबसे गए बीते भूखे और गरीब की तस्वीर आंख बंद कर सामने लाओ और उसकी मदद करो।
देश को आजादी मिली, उस दिन ही अगर बच्चे-बच्चे में ईमानदार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना का पौधरोपण हो जाता तो आज यह स्थिति सामने नहीं आती। कार्यक्रम में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति आरपी यादव और महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति समन्वयक पंकज मेहता ने भी विचार व्यक्त किए।
गीत-नृत्य में एकता का संदेश
नयापुरा सीवी गार्डन में शाम को सुब्बाराव की मौजूदगी में सभी धर्मो की प्रार्थना सभा की गई। साथ ही देशभक्ति गीतों पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य किया। भारत का नक्शा बनाकर उसमें अलग-अलग प्रांतों को दर्शाया गया था। छात्रों ने संबंधित प्रांत की वेशभूषा धारण कर वहां मोमबत्ती जलाकर उसी भाषा में गीतों की प्रस्तुति दी। गार्डन में हवाखोरी के लिए आने वाले लोगों ने सुब्बाराव का स्वागत किया।
नर्सरी में किया श्रमदान
सुब्बाराव ने दूसरे दिन मंगलवार को भी देवलीअरब रोड स्थित वन विभाग की नर्सरी में सुबह साढ़े 6 बजे से 8 बजे तक श्रमदान किया। उन्होंने नर्सरी में साफ सफाई की तथा गेंती फावड़े से पौधों के आसपास निंदाई खुदाई कर पानी पिलाया।
श्रम का अनादर अनुचित
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति आरपी यादव ने सुब्बाराव को देश का जीता जागता गांधी बताते हुए कहा कि इन्होंने अपना पूरा जीवन ही देश की सेवा में लगा दिया। वे सुब्बाराव के व्यक्तित्व से प्रभावित हैं और नेट पर भी उनके बारे में जानकारी प्राप्त की है। यादव ने कहा कि जिस देश में बहुत ज्यादा गरीबी हों, वहां संपन्नता का भोंडा प्रदर्शन शर्मनाक है। मजदूर को देखकर उसे निचला समझकर नफरत क्यों की जाती है। श्रम के प्रति यह अनादर बिल्कुल ठीक नहीं है।
पशु भ्रष्ट नहीं तो आदमी क्यों
सुब्बाराव ने कहा कि झूठ और बेईमानी से देश का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। जब कुत्ते व गाय भ्रष्टाचार नहीं करते तो मनुष्य क्यों कर रहा है। ईमानदार से आदमी का दिमाग शांत रहता है लेकिन, भ्रष्टों का नहीं। भारतमाता को जितना सुखी होना चाहिए, नहीं है। हालात बदलने के लिए नौजवानों को आगे आना चाहिए। लेकिन आज का नौजवान सिगरेट पीने में अपनी शान समझता है और देशभक्ति के गीत गाने में शर्म आती है। ऐसे में देश का भविष्य क्या होगा, चिंता का विषय है।
खेल-खेल में ईमानदारी का पाठ
श्रीनाथपुरम लॉरेंस मेयो स्कूल में सुब्बाराव ने स्कूली छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करने के साथ ही उन्हें खेल में ईमानदारी का पाठ पढ़ाया। सुब्बाराव ने पूछा कि दुनिया की सबसे बड़ी दौलत क्या है तो बच्चों ने कहा ईमानदारी। उन्होंने बच्चों को इस सामूहिक गान का पाठ कराया, ‘नौजवान आओ रे, इस महान देश को नया बनाओ रे, धर्म की दुहाइयां, प्रांत की जुदाइयां भाषा की लड़ाइयां पाट दो।’ स्कूल के डायरेक्टर प्रदीप गौड़ और पंकज मेहता ने भी विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय युवा योजना की सदस्य निधि प्रजापति भी मंचासीन थी।
जज साहब के बंगले पर निकले कोबरे की कोर्ट में हुई पेशी!

कोबरे को पकड़ कर उन्होंने डिब्बे में बंद किया और व्यास को दिखाने कोर्ट पहुंच गए। कोबरा को देखने कोर्ट परिसर में भी भीड़ जुट गई।
फोटो: पंकज पारीक
कौतूहल का विषय बनी रही एक ही नं., रंग और मॉडल की 6 गाडियां
इन छहों गाड़ियों के नंबर एक जैसे होने से लोगों में इन्हें देखने की उत्सुकता रही। डेरा प्रमुख संत गुरमीत रामरहीम सिंह जब लौटने लगे तो छहों गाड़ियों को काले रंग की विशाल तिरपाल से ढक दिया गया और संतश्री तिरपाल से होते हुए कार में जा बैठे और काफिला रवाना हो गया। लेकिन वहां एकत्र लोग यह अंदाजा नहीं लगा सके कि वे कौनसी कार में बैठ कर गए। बताया जा रहा है कि डेरा प्रमुख की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया।
कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे
"डेरा प्रमुख की छह गाड़ियों के एक ही नंबर की सूचना के बाद हमने सभी गाड़ियों के कागज चैक कराए। गाड़ियों के चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर अलग-अलग है। उनकी पांच गाड़ियों पर नंबर प्लेट गलत लगी हुई है। यह मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।"
-बीएल सोनी, पुलिस कमिश्नर, जयपुर
"मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं हैं कि एक से अधिक वाहनों के एक जैसे ही नंबर हो। हर गाड़ी का अलग अलग रजिस्ट्रेशन होता है इसलिए नंबर भी अलग अलग ही होते हैं।"
-बीएल जाटावत, आरटीओ
एसीडिटी ने कर रखा है बैचेन तो अपनाएं ये देसी फंड
क्या आप पेट की गड़बड़ और एसीडिटी से परेशान हैं? आपको भूख नहीं लगती, जी मचलाने लगता है या पेट में जलन होती है तो ये सब एसीडिटी की निशानी है। एसीडिटी से निजात पाने के लिए लोग कई तरह की दवाईयां खाते हैं। लेकिन देसी नुस्खों से अच्छा एसीडिटी को जड़ से मिटाने का कोई और तरीका नहीं है तो आइए आज हमबताते हैं कुछ ऐसी ही देसी फंडों के बारे में जिन्हें उपयोग में लाकर एसीडिटी को जड़ से मिटाया जा सकता है।
- अपच या एसीडिटी आफरा होने पर खाने के बाद 250 ग्राम अमरूद खाना चाहिए।
- जीरा, सौंठ, सेंधा नमक, पीपल, काली मिर्च, समान मात्रा में मिलाकर पीसकर उसमें एक चम्मच रोज दिन में तीन बार गर्म पानी से फांकी लें।
- खाना न पचने पर पपीता खाना अच्छा है। लगातार पीपता के सेवन से यह समस्या दूर होती हैं।
- दूध तथा दुध उत्पादो का एसीडिटी के दौरान उपयोग करने से राहत मिलती है।
- ताजा पुदीने के रस का रोज सेवन करना एसीडिटी के लिए एक बेहतर उपाय है।
- एक ग्लास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका तथा दो चम्मच शहद मिलाकर खाने से पहले सेवन करें, यह भी एक बेहतरीन उपाय है।
- एक गिलास पानी मे साबुत जीरे को उबाले तथा छानकर भोजन करते समय साथ मे लें एसीडिटी खत्म हो जाएगी।
गरीबी फिर बनी शिकार: हमेशा के लिए सो गया पूरा परिवार
भायखला पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक अरूण धनवाड़े के मुताबिक घटना सुबह 5 बजे की है, जब अचानक एक ट्रेलर का संतुलन बिगड़ गया। ट्रेलर वोल्टास मिल कंपाउंड के बाहर बसी झोपड़पट्टी में घुस गया। घर के बाहर सो रही सोना शेख (30),उसकी बेटी लुत्जा(10), शबाना(6) व बेटे यासीन(2) को रौंद दिया। पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ 304 व मोटर विहिकल एक्ट की धारा 219 व 279 के तहत मामला दर्ज किया है। ड्राइवर को पकड़ने वाले व शिकायतकर्ता सलीम नूर ने बताया की ड्राइवर ने शराब पी रखी थी। और अपने होशोहवाश में नहीं था। कोर्ट ने ड्राईवर को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
प्रेमिका के फोन पर 55 हजार खर्च और हुआ 9 घंटे का हाई बोल्टेज ड्रामा
शिमला. ठियोग. प्रेमिका के कहने पर जनोगघाट का एक युवक गले में फंदा डाल कर जान देने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। मिर्थी नाम का यह युवक डोडरा क्वार का रहने वाला है और दो वर्ष से जनोगघाट में एक दुकानदार के पास काम कर रहा है। युवक मंगलवार सुबह 7 बजे जंगल के एक पेड़ पर चढ़ गया।
दोस्त को फोन कर बताया
कुछ समय बाद उसने अपने मित्र को फोन किया और बताया कि वह किसी महिला से प्रेम करता है। उस महिला ने ही उसे मरने के लिए कहा है। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी सागर चंद, तहसीलदार प्रकाश चंद, एसएचओ बलदेव ठाकुर उसके मालिक हरप्रीत के अलावा सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। कुछ युवकों ने उसे बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ने का भी प्रयास किया, लेकिन मिर्थी लाल की आत्महत्या करने की धमकी देकर उन्हें पेड़ से उतार दिया।
फोन रीजार्च पर खर्चे 55 हजार
पुलिस ने जब उसकी इच्छा पूछी तो उसने बताया कि वह टियाली पंचायत की एक महिला से प्रेम करता है और उसके मोबाइल फोन के रीचार्ज के लिए वह 55 हजार रुपए खर्च कर चुका है। उसने महिला का नाम भी बताया और उसे सामने लाने की मांग रखी। पुलिस वालों को उसी समय महिला को लाने के लिए वाहन भेजना पड़ा।
इस बीच पेड़ के नीचे खड़े लोग उसे बहलाते रहे। 9 घंटे के बाद जब महिला घटनास्थल पर पहुंची तो मिर्थीलाल ने गले में फंदा डालकर यह कहते हुए टहनियां छोड़ दी कि ‘ले मैं तेरे सामने जान देता हूं’। पुलिस वालों ने कूदते ही पकड़ लिया। उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मिर्थी लाल के घरवालों को सूचना दे दी है। 9 घंटे चले इस ड्रामे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जंगल में खड़े रहे।
छः लाख साल पहले घटी 'अनोखी घटना', आज भी मौजूद हैं निशान
मुंबई.महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र वैसे तो अक्सर किसानों की दयनीय स्थिति को लेकर चर्चा में बना रहता है लेकिन शायद कम ही लोगों को यह पता होगा कि यहां एक ऐसी भी जगह है जो न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए आकर्षण और जानकारी का विषय है।
कैसे बनी यह झील
यहां के 'बुलधाना' जिले में एक झील है जिसे 'लोनर लेक' के नाम से जाना जाता है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि इस लेक का निर्माण हिम युग में हुआ था। यानि उस युग में जब पूरी धरती बर्फ का गोला मात्र थी उस युग में पृथ्वी पर एक धधकता हुआ उल्का पिंड गिरा जिसने धरती के इस हिस्से पर लगभग 1.8 किलोमीटर व्यास का गढ्ढा बना दिया।
चौंकाने वाली बात ये है कि इस लेक की उम्र 6,56000 वर्ष बताई जाती है। विदर्भ की धरती पर बनी खारे पानी की यह झील दुनियाभर के भूगोलविदों के लिए आकर्षण और अध्ययन का विषय है।
अद्भुत वस्तु' और 'भयंकर नजारे' को देख आखें फटी की फटी रह गईं!
लखनऊ/बिजनौर। पिछले महिने की 25 तारीख को ब्राजील में एक अनोखी घटना हुई। यहां कुछ बच्चे पिकनीक मनाने के लिए गए हुए थे। पार्क में मस्ती करते हुए बच्चों की नजर पास के जंगल में एक अद्भुत आकति पर पड़ी। इसे देख सबके होश उड़ गए। बाद में पता चला यह आकृति किसी और की नहीं बल्कि एलियन की थी। धरती पर यूएफओ और एलियन का देखे जाने की घटना कई बार हो चुकी है। इस हालिया घटना ने एक बार फिर पृथ्वी से परे एक नए जीवन के बहस को तेज कर दिया है। याद दिला दें इसी तरह की घटना अक्तूबर 2009 में यूपी के बिजनौर में हुई थी। इस दिन आसमान में एक तेज रौशनी दिखाई दी। अपनी छत पर बैठे एक भाई-बहन की आंखे फटी की फटी रह गईं। दोनों ने इससे पहले इतनी तेज रौशनी कभी नहीं देखी थी। उन्होंने अपने मोबइल से उसका फोटो ले लिया। उन्होंने और जो कुछ बताया वह सब वाकई में अकल्पनीय था। क्या होता है यूएफओ यूएफओ (UFO) का मतलब उस "उड़न तश्तरी" और "उड़न डिस्क" से है जो अज्ञात होती है। यूएफओ शब्द खासकर विदेशी अंतरिक्ष यान के पर्याय के रूप में प्रयोग किया जाता है और यूएफओ के बारे में अधिकतर चर्चाएं इसी अनुमान के इर्द गिर्द घूमती रहती हैं। यूएफओ वर्षों से जांच का विषय बना हुआ है जो प्रयोजन और वैज्ञानिक परिशुद्धता में व्यापक रूप से भिन्न पाया गया है। सरकारों या स्वतंत्र विद्वानों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जापान, पेरू, फ्रांस, बेल्जियम, स्वीडन, ब्राजील, चिली, उरुग्वे, मैक्सिको, स्पेन, और सोवियत संघ में विभिन्न समय पर यूएफओ की रिपोर्टों की जांच की है। दिसंबर 1980 में इंग्लैंड के रैंडेलशैम जंगलों में दो बार यूएफओ देखे गए। इस इलाके में ब्रिटेन और अमेरिका के एयरफोर्स बेस थे। उनके अधिकारियों ने इन्हें देखा था। फिर भी रिसर्च में कुछ साबित नहीं हो सका। वहीं, 26 दिसंबर 1980 के दिन आरएएफ वुडब्रिज के सुरक्षा गार्डस ने रात तीन बजे जंगल के पास चमकती हुई लाइट्स देखी। उन्हें लगा कोई प्लेन गलती से यहां उतर गया होगा। पीछा करने पर पता चला ये विचित्र लाइट्स जंगल के पेड़ों के बीच से आराम से गुजर रही हैं। सबसे चमकीली लाइट एक अजीब-सी चीज से निकल रही थी
अचानक बना प्लान और वाराणसी पहुंचे राहुल गांधी, चौंक गए लोग
लखनऊ . कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच कर लोगों को चौंका दिया। राहुल के इस दौरे की किसी को जानकारी नहीं थी। देर शाम उन्होने राजगढ़ ब्लाक के दरियापुर गांव का दौरा किया। जबकि उन्हे प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी को औपचारिक रूप से 14 नवंबर को इलाहाबाद के फूलपुर से शुरू करना है।
राहुल सुबह की बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतर कर एसपीजी सुरक्षा के साथ गांवों की ओर निकल गए। राहुल गांधी ने यहां संत रविदास मंदिर जाकर दर्शन किए। उन्होने कई गांवों में लोगों से मिल कर उनका मन टटोला, मिजाज और प्रदेश की राजनीति की दिशा समझने की कोशिश की। गांव का औचक दौरा, रात में किसी ग्रामीण के घर पर लोगों से मिलना, उनके साथ फोटों खींचवाना और भोजन कर रात गुजरना राहुल की राजनीतिक शैली की पहचान बन गई है। कुछ दिनों पहले उन्होंने इसी तरह बुंदेलखंड के झांसी के गांवों का दौरा किया था।
उप्र विधानसभा आम चुनाव को लेकर कांग्रेस का मिशन 2012 राहुल गांधी की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। 2007 के विधान सभा आमचुनाव में प्रदेश का जबर्दस्त दौरे के बाद भी पार्टी को सिर्फ 8.5 प्रतिशत वोट और 22 सीटें मिली थी। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 22 सीटें मिल गई। लिहाजा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की उ मीदें बढ़ गई है। दल के नेताओं का मानना है करीब 100 सीटें आसानी से जीती जा सकती है।
राहुल की औचक यात्रा पर वाराणसी के डीएम रवींद्र ने कहा कि प्रशासन को राहुल गांधी के कार्यRमों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सुबह राहुल जिन गांवो में पहुंचे वहां के लोगों को उनके दौरे की पहले से जानकारी नही थी। जिले के कांग्रेसियों को भी राहुल के शहर में आने के बारे में कोई जानकारी नही थी।
राहुल मंगलवार सुबह 10.30 बजे विमान से शहर के बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरे और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के नजदीक लंका के सीर गोवर्धन इलाके में पहुंचे। मीडिया को राहुल के दौरे से दूर रखा गया। देर शाम उनके मीडिया प्रबंधकों ने गांव के लोगों के साथ उनकी एक फोटों ईमेल से भेजी गयी। गौरतलब है कि पहले भी बिना की पूर्व सूचना के राज्य के विभिन्न इलाकों का अचानक दौरे कर चुके हैं।
अचानक बना प्लान और वाराणसी पहुंचे राहुल गांधी, चौंक गए लोग
लखनऊ . कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच कर लोगों को चौंका दिया। राहुल के इस दौरे की किसी को जानकारी नहीं थी। देर शाम उन्होने राजगढ़ ब्लाक के दरियापुर गांव का दौरा किया। जबकि उन्हे प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी को औपचारिक रूप से 14 नवंबर को इलाहाबाद के फूलपुर से शुरू करना है।
राहुल सुबह की बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतर कर एसपीजी सुरक्षा के साथ गांवों की ओर निकल गए। राहुल गांधी ने यहां संत रविदास मंदिर जाकर दर्शन किए। उन्होने कई गांवों में लोगों से मिल कर उनका मन टटोला, मिजाज और प्रदेश की राजनीति की दिशा समझने की कोशिश की। गांव का औचक दौरा, रात में किसी ग्रामीण के घर पर लोगों से मिलना, उनके साथ फोटों खींचवाना और भोजन कर रात गुजरना राहुल की राजनीतिक शैली की पहचान बन गई है। कुछ दिनों पहले उन्होंने इसी तरह बुंदेलखंड के झांसी के गांवों का दौरा किया था।
उप्र विधानसभा आम चुनाव को लेकर कांग्रेस का मिशन 2012 राहुल गांधी की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। 2007 के विधान सभा आमचुनाव में प्रदेश का जबर्दस्त दौरे के बाद भी पार्टी को सिर्फ 8.5 प्रतिशत वोट और 22 सीटें मिली थी। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 22 सीटें मिल गई। लिहाजा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की उ मीदें बढ़ गई है। दल के नेताओं का मानना है करीब 100 सीटें आसानी से जीती जा सकती है।
राहुल की औचक यात्रा पर वाराणसी के डीएम रवींद्र ने कहा कि प्रशासन को राहुल गांधी के कार्यRमों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सुबह राहुल जिन गांवो में पहुंचे वहां के लोगों को उनके दौरे की पहले से जानकारी नही थी। जिले के कांग्रेसियों को भी राहुल के शहर में आने के बारे में कोई जानकारी नही थी।
राहुल मंगलवार सुबह 10.30 बजे विमान से शहर के बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरे और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के नजदीक लंका के सीर गोवर्धन इलाके में पहुंचे। मीडिया को राहुल के दौरे से दूर रखा गया। देर शाम उनके मीडिया प्रबंधकों ने गांव के लोगों के साथ उनकी एक फोटों ईमेल से भेजी गयी। गौरतलब है कि पहले भी बिना की पूर्व सूचना के राज्य के विभिन्न इलाकों का अचानक दौरे कर चुके हैं।
पेट्रोल के दाम में क्यों लग जाती है आग, खुल गया सारा राज!
पहला बहाना दिसंबर 2010 से अरब देशों में संकट शुरू हुआ था तो तेल कंपनियों ने जनवरी 2011 में पेट्रोल 3 रुपए महंगा कर दिया। लेकिन जब यह संकट खत्म हुआ यानी 3 महीने बाद तो कीमतों में कोई कमी नहीं की। बहाना बनाया हमारा घाटा आज भी बहुत है।
दूसरा बहाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं। तत्काल कीमतें बढ़ाना जरूरी हैं। 5 राज्यों में चुनाव की वजह से मामला टलता रहा था। परिणाम आते ही 15 मई को 5 रुपए कीमत बढ़ा दी गई। अगस्त के पहले सप्ताह में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई।
बावजूद इसके पेट्रोल सस्ता नहीं हुआ। तीसरा बहाना सितंबर में तेल कंपनियों ने डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने का बहाना बताया। यानी विदेशों से कच्चा तेल खरीदना (आयात) महंगा होगा। इसलिए पेट्रोल महंगा करना पड़ रहा है। और इस बार अक्टूबर में एक बार फिर तेल कंपनियों ने डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी को बहाना बनाया है और अपने घाटे को जनता की जेब से वसूलने की तैयारी कर रही है।
भंवरी देवी की सूचना दो, इनाम में ले जाओ पांच लाख
उधर, जांच एजेंसी ने मंगलवार को इस अपहरण कांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जोधपुर की सेंट्रल जेल में तीनों आरोपियों को आमने-सामने बैठा कर क्रॉस इंटेरोगेशन किया। इस दौरान मुख्य सूत्रधार शहाबुद्दीन व सोहनलाल के बीच तकरार भी हुई। दोनों के बयान विरोधाभासी होने के कारण सीबीआई बुधवार को उन्हें दुबारा पूछताछ करेगी।
सीबीआई कोर्ट के आदेश मिलने के बाद टीम मंगलवार सुबह 11 बजे शहाबुद्दीन को लेकर सेंट्रल जेल पहुंच गई। वहां सोहनलाल विश्नोई और बलदेव से आमने-सामने करीब साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की। बताया जाता है कि इस दौरान शहाबुद्दीन व सोहनलाल में तीखी नोक-झोंक हो गई। इस पर सीबीआई उसे जेल से ले आई।
अब बुधवार को दुबारा उन्हें आमने-सामने बिठाया जाएगा। सोहनलाल ने अपहरण में शहाबुद्दीन के साथ होने की बात कही थी, मगर शहाबुद्दीन ने सोहनलाल पर खुद को फंसाने का आरोप लगाया था। दोनों के बयान भी अलग होने के कारण सीबीआई उन्हें साथ बैठा कर क्रॉस इंटेरोगेशन कर रही है।
सोहनलाल के घर की तलाशी, कुछ सीडी मिली :
सीबीआई की दूसरी टीम ने तिलवासनी में सोहनलाल के घर दबिश दी।वहां छुपा कर रखी गई कुछ सीडी और कागजात बरामद किए गए हैं। सोहनलाल के घर ही कंप्यूटर पर इन सीडी को चला कर देखा गया। तलाशी व घर वालों से पूछताछ के बाद सीबीआई रात में बिलाड़ा थाने चली गई, वहां सोहनलाल के भाई छोगाराम, जाजीवाल में रहने वाले उसके साले हरिराम और एक अन्य रिश्तेदार को बुलाया गया। इन तीनों से काफी देर तक पूछताछ की गई। सीबीआई को भंवरी व सोहनलाल के बीच हुई बातचीत का ऑडियो टेप भी मिलने की जानकारी मिली है जिसमें कांग्रेस के दो-तीन नेताओं व सीडी का जिक्र आया है।
24 घंटे से वीडियो एडिटर से पूछताछ :
सीबीआई ने 25 अक्टूबर को भंवरी का राजस्थानी एलबम बनाने वाले वीडियो एडिटर राजेश परिहार से पूछताछ की थी और उसके सभी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जब्त कर फोरेंसिक लेबोरेट्री में भेजी थी। सोमवार रात सीबीआई ने परिहार को दुबारा घर से उठा लिया। मंगलवार देर रात तक उससे पूछताछ की जा रही थी। सीबीआई को संदेह है कि पूर्व मंत्री व विधायक से जुड़ी कथित सीडी इसी के यहां कॉपी हुई थी।
चालक व नर्सो से भी पूछताछ :
सीबीआई की तीसरी टीम ने सर्किट हाउस में भंवरी के कार चालक फारूख और साथी नर्सो से पूछताछ की। रात तक फारूख सीबीआई टीम के पास ही था। अपहरण के दिन अमरचंद की फारूख के मोबाइल से ही भंवरी से अंतिम बार बात हुई थी। इसमें भंवरी ने कहा था कि सोहनलाल उसे घर छोड़ देगा। सीबीआई ने भंवरी के साथ नौकरी करने वाले दो नर्सो व उनके परिजनों को भी बुलाया।
बताया जाता है इनमें से एक नर्स वह है जिसे भंवरी ने अपने साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। संभवतया उसके पास ऐसी सीडी भी है जिसमें भंवरी ने पूरी कहानी और आशंका की पूरी बात रिकॉर्ड कर रखी है।
सीडी देखने वाले ने लगाए मदेरणा पर आरोप:
सांसी समाज विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष कानाराम देवड़ा ने कहा कि भंवरी ने उसे लेपटॉप पर सीडी दिखाई थी। उसमें पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के आपत्तिजनक दृश्य थे। भंवरी ने अपने साथ अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए उससे पूर्व पुलिसकर्मी होने के नाते सलाह भी मांगी थी। यह बातें देवड़ा ने सीबीआई की पूछताछ में भी बताई है। देवड़ा का आरोप है कि पूर्व मंत्री के इशारे पर भंवरी का अपहरण हुआ है।
.बात त्यौहार और खासकर इस्लाम से जुड़े क़ुरबानी के त्यौहार ईदुज्जुहा की है
देश में महंगाई केसे काम होगी एक बचकाना लेकिन खास फार्मूला
आडवाणी की यात्रा : 4 दिन, 750 किमी और 8 सभाएं
भाजपा के प्रदेश महामंत्री सतीश पूनिया ने बताया कि यात्रा के मार्ग और स्थानों की दृष्टि से तैयारियों का जायजा लेने के लिए दौरा हो चुका है। सोमवार को अजमेर में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुलाबचंद कटारिया के निर्देशन में तैयारियों को लेकर बैठक होगी। इससे पहले शनिवार को जोधपुर में ओम प्रकाश माथुर और सतीश पूनिया का मौजूदगी में बैठक हो चुकी है।
जयपुर में स्वयं प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। चूरू में पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। यात्रा के दौरान पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं पदाधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहेंगे।
पति ने दी 30 किलो रेजगारी, थैला फटा, अदालत में हुई दंपती में मारपीट
लोगों ने बड़ी मुश्किल से दोनों को दूर किया। पत्नी ने पति के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दी है। करसौली निवासी मछला देवी का पति हिंडौन की जाटव बस्ती निवासी हेमेन्द्र जाटव से अदालत में तलाक का मामला चल रहा है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान मछला देवी को गांव से अदालत आने-जाने में होने वाले खर्चे के रूप में अदालत ने एक हजार रुपए प्रतिमाह देने के लिए उसके पति हेमेन्द्र जाटव को निर्देश दिए थे। सोमवार को पति हेमेन्द्र जाटव ने हर्जा-खर्चे के 5 हजार रुपए एक-एक के कलदार के रूप में अदालत में प्रदान किए। रास्ते में कलदारों की थैली फट गई। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया था।
पीड़िता के वकील ने बताया कि हेमेन्द्र जाटव पूर्व में 2 जुलाई को भी हर्जा-खर्चे के 4 हजार रुपए इसी तरह एक-एक के कलदार के रूप में लाया था। सोमवार को अदालत परिसर में हुई मारपीट के बाद पीड़िता मछला देवी की ओर से पति हेमेन्द्र आदि के खिलाफ रिपोर्ट पेश की गई है।
थाने के सहायक निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलने पर पुलिस अदालत परिसर पहुंची और विवाद को शांत किया। पीड़ित महिला की ओर से पेश की गई रिपोर्ट की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आम लोग कर सकेंगे
कांग्रेस पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की साझा बैठक में पास किए चार प्रस्ताव , पीसीसी में शुरू होगा जनसुनवाई केंद्र
जयपुर। कांग्रेस ने बिजली, सड़क, कृषि और युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर चार प्रस्ताव पास किए हैं। इन प्रस्तावों को समय पर कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की पीसीसी में हुई साझा बैठक में ये प्रस्ताव पारित किए गए। चार घंटे तक चली बैठक में आम जनता से जुड़ी समस्याओं सहित विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के साथ 23 अक्टूबर को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में किए गए फैसलों पर कार्रवाई के संबंध में चर्चा की गई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान ने बताया कि बैठक में पारित किए गए चारों प्रस्तावों को सरकार के पास भेजा जाएगा। इन प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। बैठक में प्रदेश में बिजली की स्थिति, कृषि की स्थिति, सड़कों की स्थिति और रोजगार की स्थिति पर प्रस्ताव पारित किए।
किस प्रस्ताव में क्या मांग :
किसानों को मिले कम से कम 6 घंटे बिजली :
किसानों को प्रतिदिन कम से कम 6 घंटे बिजली जरूर उपलब्ध कराए। घरेलू कामों के लिए ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुबह शाम हर हालत में बिजली दी जाए।
डीएपी के दाम घटाए सरकार, अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को मिले मुआवजा :
डीएपी के बढ़े हुए भावों में कमी कर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। डीएपी की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार कदम उठाए। 3 नवंबर से बाजरा, मूंगफली और उड़द की एमएसपी पर शुरू हो रही सरकारी खरीद की पुख्ता निगरानी की जाए। भरे हुए बांधों और तालाबों से किसानों को सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को गिरदावरी की रिपोर्ट के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए।
वादे के मुताबिक हर गांव और ढाणी तक सड़क पहुंचाए सरकार, खराब सड़कों की हो मरम्मत :
प्रदेश भर में टूटी और खराब हुई सड़कों की मरम्मत का काम प्राथमिकता से किया जाए। 250 तक की आबादी की गांव ढाणियों को सड़क से जोडऩे का पार्टी ने चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया था। सरकार इस वादे के अनुसार हर गांव ढाणी तक सड़क पहुंचाने का काम प्राथमिकता के साथ करे।
अभियान के रूप में पूरा किया जाए युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम :
राज्य सरकार ने युवाओं के लिए 1.28 हजार सरकारी नौकरियां देने की घोषणा की थी। इस काम को अभियान के तहत पूरा किया जाए। भर्ती प्रक्रिया में सामने आ रहे व्यवधानों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व चिकित्सा क्षेत्र में खाली पड़े पदों को तत्काल प्रभाव से भरा जाए।
पीसीसी में खुलेगा जनसुनवाई केंद्र, पदाधिकारी सुनेंगे जनता की समस्याएं :
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आम जनता की समस्याओं की सुनवाई के लिए जन सुनवाई केंद्र खुलेगा। चंद्रभान ने बताया कि जन सुनवाई केंद्र में नियमित रूप से पार्टी महासचिव और सचिव जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग को लिखेंगे। इसकी बराबर मॉनिटरिंग भी की जाएगी कि उस समस्या का समाधान हुआ या नहीं। जनसुनवाई केंद्र मुख्यमंत्री के जयपुर पहुंचने के बाद इसी सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा।
हर तीन माह में होगी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक:
चंद्रभान ने बताया कि अब पार्टी के संविधान के अनुसार नियमित अंतराल पर प्रदेश कार्यकारिणी और जिलों की बैठकें होंगी। हर तीन माह में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। जिला कार्यकारिणी की बैठक दो माह में एक बार और पदाधिकारियों की बैठक हर महीने होगी। साल में दो बार पीसीसी डेलीगेट-स कांफ्रेंस होगी।
प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते नहीं मि पा रही युवाओं को नौकरियां :
चंद्रभान ने कहा कि सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरियां देने की घोषणा की थी। लेकिन प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नौकरियां समय पर नहीं मिल पा रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर युवाओं को नौकरी दे।
केजरीवाल ने ललकारा-चंदा लौटाएं कांग्रेस-बीजेपी, अन्नी की 'धमकी' पर भड़का केंद्र
नई दिल्ली. आए दिन अपने ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से आजिज आ चुकी टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला है। टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने टीम के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित करने की चुनौती दी है। केजरीवाल ने कहा है कि वो अपनी संस्था को मिली दान में रकम वापस कर देंगे यदि बीजेपी और कांग्रेस भी ऑनलाइन हासिल की गई रकम लौटा दे।
केजरीवाल ने टीम अन्ना के किसी सदस्य के खिलाफ 10 रुपये का भी भ्रष्टाचार साबित करने की चुनौती देते हुए कहा, ‘हमने अपने बैंक को 42 लाख रुपये की रकम लौटाने को कहा है जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। उन्होंने कहा, ‘27 हजार से अधिक लोगों ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन को दान दिया है जो 2 करोड़ रुपये के करीब है।’
गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे ने जनलोकपाल कानून न बनने की स्थिति में एक बार फिर अनशन करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यह कानून नहीं पास होता है तो वह शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन से अनशन पर बैठ जाएंगे। अन्ना ने प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को एक बार फिर चिट्ठी लिखकर जनलोकपाल बिल पारित करने की मांग की है (पूरी चिट्ठी पढ़ने के लिए रिलेटेड लिंक पर क्लिक करें)। संसद का शीतकालीन सत्र इस साल 22 नवंबर से 21 दिसंबर तक चलेगा।
लेकिन इस चिट्ठी को लेकर सरकार की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है, 'सरकार ने जनलोकपाल बिल पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। समझ में नहीं आ रहा है कि बार-बार चेतावनी देने की क्या जरूरत है।'
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे अन्ना हजारे को दोहरा समर्थन मिला है। अब आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर भ्रष्टाचार के खिलाफ खुल कर सामने आए हैं। वह सात नवंबर से भ्रष्टाचार के खिलाफ यात्रा पर निकल रहे हैं।
लेकिन उनकी यात्रा के कार्यक्रम पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने तीखी टिप्पणी की है। सिंह ने कहा है, 'परमार्थ घर से शुरू होता है। क्या श्री श्री को अपने अभियान की शुरुआत कर्नाटक से नहीं करनी चाहिए? पर, प्यार अंधा होता है।' उनकी इस टिप्पणी पर श्री श्री रविशंकर ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह कर्नाटक में भ्रष्टाचार के बारे में हर दिन बात करते हैं। श्री श्री ने ट्विट किया है, ‘मैंने कर्नाटक, गोवा और गुजरात का दौरा किया है। हमें इस पर ताज्जुब होता है कि कैसे लोगों को इतनी भी जानकारी नहीं होती।’
दिग्विजय ने आंदोलन का हिसाब-किताब का ब्यौरा सार्वजनिक करने के मामले में टीम अन्ना पर भी निशाना साधा और कहा कि यह तो केवल सुपरहीरो ही कर सकता है कि अज्ञात लोगों से दान ले और फिर उसे लौटा भी दे।
क्या शादी के बाद धर्म परिवर्तन करेगी करीना?
सैफ अली खान के नवाब बनते ही उनके पुस्तैनी गांव के आसपास यह चर्चा होने लगी है कि क्याअ सैफ की होने वाली बेगम मुस्लिम धर्म अपनाकर शादी करेंगी या शर्मिला टैगोर की तरह मुस्लिम बनने से इंकार कर देंगी। सैफ की पहली पत्नीश ने भी धर्म परिवर्तन नहीं किया था।
वैसे करीना इस बारे में कोई खुलासा नहीं की हैं।
सोमवार को ही सैफ पटौदी के 10 वें नवाब बन गए हैं। मंसूर अली खान पटौदी का फातिया चहलुम और रस्म पगडी कार्यक्रम इब्राहिम पैलेस में हुआ। इस रस्मा को यादगार बनाने के लिए पटौदी के आसपास के 52 गांवों के लोग शामिल हुए।
खबर है कि सैफ और करीना अगले वर्ष विवाह बंधन में बधंगे। दोनों की शादी की तैयारी जोरो पर है।
होटल में घूमता हुआ दिख जाता है मृतक इंजिनियर
गौरतलब है कि देश के प्रतिष्ठित होटलों में इसका नाम सबसे ऊपर लिखा जाता है। लेकिन जैसे हर अच्छी चीज के साथ कोई न कोई कमी जुड़ी होती है वसे ही होटल ताज के भव्य इतिहास का एक अध्याय ऐसा भी है जो काफी डरावना है।
यह बात सर्वविदित है कि होटल ताज कि इमारत 100 वर्ष से भी ज्यादा पुरानी है। कहा जाता है कि काफी पहले इस इमारत में एक फ्रेंच इंजीनियर रहता था जो इस इमारत को अपने ढंग से बनाना चाहता था। अचानक किसी काम से उसे फ़्रांस जाना पड़ा। जब वह लौटा तो उसने पाया कि इमारत का मुख्य द्वार बिलकुल उल्टी दिशा में बन चुका है। इस घटना से उसे बेहद धक्का लगा और उसने इसी ईमारत में आत्महत्या कर ली।
लोगों का कहना है कि वह इंजीनियर अक्सर होटल कि लॉबी में घूमता हुआ देखा जाता है। मजे कि बात ये है कि उसका लिबास भी बिलकुल फ्रेंच ढंग का ही होता है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता क्यों और कैसे माने जाते हैं...
भगवान, परमात्मा या ईश्वर एक है फिर भी शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं की अनेक रूप बताए गए हैं। हिंदू धर्म के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता हैं, ऐसा माना जाता है। प्राचीन काल से असंख्य देवी-देवताओं को पूजने की परंपराएं चलन में है। इस संबंध में सामान्यत: सभी की जिज्ञासा रहती है कि क्या वाकई में हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं।
दरअसल वेद-पुराणों के अनुसार 33 कोटि देवता बताए गए हैं। यहां कोटि शब्द ही बोलचाल की भाषा में करोड़ में बदल गया। अत: ऐसा माना जाने लगा कि हिंदूओं के 33 करोड़ देवी-देवता हैं, जबकि वास्तव में 33 कोटि देवी-देवता हैं। 33 कोटि में आठ वसु, ग्यारह रुद्र, बारह आदित्य, इंद्र और प्रजापति शामिल है। जबकि कुछ विद्वानों के अनुसार इंद्र और प्रजापति के स्थान पर दो अश्विनी कुमार का नाम लिया जाता है।
आठ वसुओं में आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष, प्रभाष शामिल हैं।
ग्यारह रुद्र इस प्रकार हैं- मनु, मन्यु, शिव, महत, ऋतुध्वज, महिनस, उम्रतेरस, काल, वामदेव, भव और धृत-ध्वज।
बारह आदित्य इस प्रकार हैं- अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, वैवस्वत और विष्णु।
मुसीबतों पर जीत चाहते हैं, तो ऐसे रहें परिवार में...
परिवार एक माला है, जो प्रेम के धागे में पिरोई जाती है। सारे सदस्य इसके मोती हैं। एक मोती भी कम हो, टूट जाए, छूट जाए तो माला की सुंदरता खत्म हो जाती है। परिवार को सहेजें।
परिवार के हर एक सदस्य का परिवार में बराबरी का महत्व होता है। हम परिवार के बिना अधूरे हैं। हम किसी भी परिस्थिति में रहें लेकिन हमेशा परिवार को साथ रखें। यह ऊर्जा और प्रेरणा दोनों का काम करते हैं।
महाभारत में पांडवों को देखिए। कोई भी परेशानी हो, इंद्रप्रस्थ का निर्माण हो या वनवास। पांडव हर समय साथ रहते थे। जुए में हारने के बाद पांडवों को 12 वर्ष का वनवास और एक वर्ष का अज्ञात वास दिया गया था। दुर्योधन उन्हें लगातार परेशान करने में लगा था। बड़े भाई के कारण पूरा परिवार वनवास में भटकने को मजबूर हो गया लेकिन कोई भी भाई अपने बड़े भाई के विरुद्ध नहीं गया। सबने युधिष्ठिर के जुए में हार जाने के बाद भी परिवार को बिखरने नहीं दिया।
ये आश्चर्यजनक है कि पांचों भाइयों ने सभी संकटों को मिल कर सामना किया। ये परिवार की ही शक्ति थी कि इतनी परेशानियों के बाद भी उन्होंने अपना राज्य और सम्मान फिर प्राप्त कर लिया।
हमेशा याद रखें परिवार को साथ लेकर चलेंगे तो बड़े-बड़े संकट भी छोटे लगेंगे। परिवार को एक रखिए। यह हमारी सम्पत्ति भी है और हमारी प्रेरणा भी।
सावधान! अगर ज्यादा गुस्सा आता है तो जरा संभल जाइए जनाब क्योंकि...
हंसना, रोना, गुस्सा आना हर इंसान के नार्मल इमोशन्स है। ये ऐसे इंमोशंस या भाव है जो समय के या परिस्थिति के अनुसार हर इंसान में स्वाभाविक रूप से आ जाते हैं।जैसे अगर मनचाहा कोई काम नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में हर सामान्य इंसान को गुस्सा आ जाता है। गुस्सा जरूरी भी है उचित जगह और उचित समय पर किया गया गुस्सा कई बार लाभदायक हो सकता है।
लेकिन जब गुस्से पर आपका कंट्रोल ना रहे तो वो खतरनाक भी साबित हो सकता है। गुस्से पर कंट्रोल ना रहने पर कुछ लोग अपने आप को या अपने आसपास के सामानों को भी तोडऩे-फोडऩे लगते हैं। अभी तक आपने सुना होगा कि गुस्सा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। लेकिन अब यह बात एक रिसर्च में साबित हो गई है कि ज्यादा गुस्सा दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। अधिक तनाव की स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है।
रिसर्चरों ने पाया कि तनावपूर्ण कार्य करते वक्त अधिकतर लोगों के दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ गया। कुछ लोगों ने जलन की शिकायत भी की। इस रिसर्च के अनुसार साबित हो चुका है कि ज्यादा गुस्सा करने से हार्ट डिसीज की संभावना बढ़ जाती है। इस रिसर्च में कहा गया है कि ऐसे लोग जो छोटी-छोटी चुनौतियों का सामना करते वक्त बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा ज्यादा होता है।
जिसने भी देखा यह कारनामा, थमी सांस और खुली रह गई आंख

कोटा.महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम के मैदान पर भारी भरकम इनफिल्ड मोटरसाइकिलों के साथ खिलौने की माफिक खेलते सेना के जवानों का साहस, संतुलन व हौंसला देख वहां बैठे दर्शक रोमांचित हो उठे।
ऊबड़खाबड़ मैदान के बावजूद हवा से बातें करती बाइक पर जवानों ने जो संतुलन रखकर हैरतअंगेज करतब दिखाए उसे दर्शकदीर्घा में बैठे सेना के अधिकारी, जवान उनके परिजन व आम जनता अपलक निहारती रही। बिना हैंडिल पकड़े बाइक पर संतुलन रखकर कभी जवानों ने पिरामिड बनाया तो कभी सीढ़ी से जंप लगाया। कभी वे आग से खेले तो कभी कांच से।
यह नजारा था भारतीय सेना की गांडीव डिविजन के 36वें स्थापना दिवस समारोह के आगाज का। नयापुरा स्थित महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम में रविवार शाम को जनरल अफसर कमांडिंग (जीओसी) एएस परब ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उसके बाद शुरू हुआ सेना की मोटर साइकिल डिस्प्ले टीम डेयर डेविल्स के जवानों का साहसिक खेल।
जबलपुर से कमांडर बिग्रेडियर सी.मनी व कमांडिंग आफिसर शूद्र सिंह के नेतृत्व में आई 35 जवानों की टीम ने करीब 1 घंटे तक आत्मविश्वास व एकाग्रता के बल पर सांसें थमा देने वाले साहसिक करतब दिखाए।
चलती बाइक पर व्यायाम करना, समयाभाव के कारण चलती बाइक पर अखबार पढ़ने, ट्रिपल बैलेसिंग राइडिंग, 15 जवानों को जमीन पर सुलाकर उनके ऊपर से बाइक निकालना, बाइक पर 5 जवानों द्वारा एरोप्लेन व राकेट का मॉडल बनाना, पांच जवानों के साथ बाइक पर पेट के बल लेटकर चारों दिशाओं में घूमकर दुश्मन पर वार, दो बाइकों को 6 जवानों द्वारा रथ की तरह चलाना, चलती बाइक पर सीढ़ी पर चढ़ना और बंदर की तरफ जंप करने आदि कई करतब थे।
जब टीम के कप्तान अभयजीत सिंह महलावत ने जलते हुए गोले के बीच से तथा कांच व ट्यूबलाइट्स तोड़ते हुए बाइक निकाली तो स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। अंत में 7 बाइक पर 35 जवानों ने पिरामिड बनाकर तिरंगा लहराते हुए सलामी दी।
इन जवानों के अलावा 17 पंजाब रेजिमेंट के जवानों ने आधे घंटे तक नोन स्टॉप भांगड़ा करके दर्शकों को पंजाब की याद दिला दी। कार्यक्रम का शुभारंभ साहस से हुआ तो समापन बैंड की स्वर लहरियों से हुआ। सेना के बैंड ने एक से एक बढ़कर एक देशभक्ति धुन सुनाई।
गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज
सेना की डेयर डेविल्स टीम के जवान साहस का यह खेल 15 मार्च 1935 से खेल रहे हैं। इस टीम का पहला प्रदर्शन इसी दिन शिमला में जार्ज पंचम क्वीन मेरी के राज्याभिषेक के रजत जयंती समारोह में हुआ था। तब से आज तक यह टीम सफलता के कई झंडे गाड़ चुकी है। इस टीम के नाम कई वल्र्ड रिकॉर्ड है।
वर्ष 2008 में 11 मोटरसाइकिलों पर 251 जवानों का पिरामिड बनाने पर पर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। 2009 में जबलपुर के कोबरा मैदान में टीम के कैप्टन जितेंद्र सीवाच ने बाइक का हैंडल पकड़े बिना 15 फीट की सीढ़ी पर 9 घंटे तक खड़े रहकर बाइक चलाई। इस पर उनका नाम लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
साहसिक कॉमेडी
कार्यक्रम में बीच में दो जवानों ने जोकर की भूमिका निभाते हुए साहसिक कॉमेडी से दर्शकों को खूब हंसाया। कभी वे चलती बाइक पर बिना हैंडिल पकड़े घुड़सवारी करते तो कभी बाइक पर पहिए के आगे बैठकर बाइक चलाते। कभी बाइक के फुट रेस्ट पर बैठ कर मैदान में घूमते तो कभी उल्टे बैठकर बाइक चलाते।
मैदान ने किया निराश
जवानों की पीड़ा थी कि स्टेडियम का मैदान इस तरह के करतब के लिए उपयुक्त नहीं था। मैदान को काफी समतल किया गया था, लेकिन फिर भी उसमें कई जगह पर गड्ढे थे। जिससे बाइक की रफ्तार बिगड़ जाती थी। यह कार्यक्रम देने से पहले उन्होंने शनिवार को इसी मैदान पर प्रैक्टिस की थी। उस दौरान गड्ढों के कारण ही दो जवान गिरकर घायल हो गए।
टीम पुरानी, कप्तान नया
इस साहसिक करतब में यह भी साहस की बात थी कि टीम के कैप्टन अभयजीत सिंह महलावत का यह पहला शो था। मूल रूप से राजस्थान सीकर के रहने वाले अभयजीत हाल ही में इस टीम के कैप्टन बने हैं। अभी उनकी ट्रेनिंग ही चल रही थी कि यह शो करने के लिए वे कोटा आए गए। इसमें अभयजीत ने आग के गोले से बाइक निकालने, 15 जवानों के ऊपर से बाइक जंप करवाने तथा ट्यूबलाइट्स व कांच तोड़ते हुए बाइक निकालने के करतब दिखाए।

क्या इस महीने होने वाली है कोई "आसमानी-सुल्तानी"
नवंबर में सितारों की उथल-पुथल होने वाली है। इस महीने में बड़े ग्रह तो बदलेंगे ही साथ ही इस महीने में बड़े योग-संयोग बन रहे हैं। सितारों की उथल-पुथल और योग संयोग सभी पर अच्छा बुरा असर डालेंगे। इस महीने में सभी राशि वालों की किस्मत बदल सकती है। कुछ लोगों को अचानक धन लाभ होगा तो कुछ लोगों को अचानक नुकसान भी हो सकता है। सितारों का खेल कुछ लोगों के लिए अच्छा समय लेकर आएगा तो कुछ लोगों के लिए बुरा समय शुरु हो सकता है।
जानें ऐसा क्या होने वाला है इस महीने में...
- ज्योतिषिय नजरिये से इस महीने की पहली बड़ी घटना रहेगी शनि का राशि बदलना
- शनि का अपनी उच्च राशि में आ जाना दुसरा बड़ा योग रहेगा।
- इस महीने की तीसरी बड़ी घटना शनि और सूर्य का साथ रहना होगी। सूर्य और शनि एक दुसरे के दुश्मन है।
- इस महीने में 11-11-11 का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसे चौथा बड़ा संयोग माना जा रहा है।
- इसी महीने में बुध अपनी सीधी चाल बदलकर टेढ़ी चाल चलने लगेगा।
- अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने में तीन से चार ग्रह एक ही राशि में आ सकते हैं।
अन्ना आंदोलन को मिले 2.94 करोड़, छह महीने में खर्च हुए 1.57 करोड़ रुपए
नई दिल्ली. अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन के खातों का संचालन करने वाले एनजीओ पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन (पीसीआरएफ) के ऑडिट का काम पूरा हो गया है। एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच इस संस्था को नकद, चैक व ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के जरिए 2 करोड़ 94 लाख, 54 हजार 776 रुपए प्राप्त हुए। प्राप्त राशि में से 42 लाख 55 हजार 697 रुपए वापस उन्हीं खातों में लौटा दिए गए, जहां से वे आए थे। इस राशि को देने वालों का कोई विवरण उपलब्ध नहीं था। बचे हुए 2 करोड़ 51 लाख 99 हजार 97 रुपए में से एक करोड़ 57 लाख 49 हजार 58 रुपए आंदोलन में खर्च किए गए। शेष राशि 94 लाख 65 हजार 419 रुपए पीसीआरएफ के खाते में जमा हैं।
आंदोलन को मिली आर्थिक मदद व उसके दुरुपयोग पर राजनीतिक दलों एवं आंदोलन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने भी सवाल उठाए थे। अन्ना ने सितंबर में रालेगण सिद्धि में हुई कोर कमेटी की पहली बैठक में एलान किया था कि जल्द ही आंदोलन को जनता की आर्थिक मदद व उसके खर्च की ऑडिट रिपोर्ट जारी की जाएगी।
आंदोलन में 27 हजार 500 से भी अधिक लोगों ने आर्थिक मदद दी थी। इनमें 25 हजार से अधिक दानदाताओं ने रामलीला मैदान के दौरान ही अपना सहयोग दिया। एक लेनदेन के जरिए सबसे बड़ी राशि 25 लाख रुपए उद्योगपति सीताराम जिंदल (यह दानराशि संस्था को जंतर-मंतर पर अप्रैल में हुए आंदोलन के दौरान मिली) की ओर से मिले जबकि सबसे कम 5 रुपए की राशि पर भी रसीद दी गई। रामलीला मैदान में हुए आंदोलन के दौरान कोर कमेटी के अहम सदस्य शांतिभूषण ने 4 लाख रुपए सहयोग दिया।
जनसभाओं में अधिक खर्च
खर्चों की बात करें, तो सबसे अधिक खर्च जनसभाओं (जंतर-मंतर, राजघाट व रामलीला मैदान) में 52 लाख 27 हजार 495 रुपए हुए। इसमें टेंट, साउंड सिस्टम वगैरह का खर्च शामिल है। दूसरी बड़ी राशि वेबसाइट संचालन, इंटरनेट व मोबाइल से एसएमएस करने पर 45 लाख 50 हजार रुपए खर्च की गई। आंदोलन के दौरान जागरूकता पैदा करने व संदेश देने के लिए 30 करोड़ से अधिक लोगों को एसएमएस भेजे गए। पंपलेट व बुकलेट प्रकाशित करने में भी 26 लाख 55 हजार रुपए खर्च किए गए। इसके बाद 9 लाख 83 हजार रुपए आवागमन व परिवहन पर खर्च हुए, इसमें से 4 लाख 56 हजार रुपए टीम अन्ना के सदस्यों के दिल्ली से बाहर आने-जाने और बाकी राशि आंदोलन के दौरान स्थानीय आवागमन में खर्च हुए। वॉलंटियर के खानपान, इलाज, वीडियो रिकॉर्डिंग में भी भारी खर्च आया। आमदनी व खर्च का यह ब्योरा मंगलवार को आंदोलन की वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा।
पुरूष ने गर्भवती होकर चकित कर दिया था दुनिया को, अब नहीं चाहते और बच्चे
ट्रेसी लेगॉन्डिनों में पैदा हुए बीटे ने वर्ष 2002 में अपना लिंग परिवर्तन कराया था और वे महिला से पुरूष बने थे। लिंग परिवर्तन के बावजूद उन्होंने अपने शरीर से महिला जनन अंग नहीं हटवाए थे।
वर्ष 2007 में गर्भवती होकर बीटे ने दुनिया को चकित कर दिया था। उस समय बीटे दो बच्चों के पिता थे। लेकिन अब बीटे ने यह निर्णय लिया है कि तीन बच्चे काफी हैं और अब वे और बच्चे पैदा नहीं करेंगे।
37 वर्षीय बीटे अब हिश्ट्रेक्टोमी सर्जरी करवाने वाले हैं, जिसमें शरीर में से गर्भाश्य हटा दिया जाता है।
इस विशालकाय सांप का पेट चीरा तो दंग रह गए वैज्ञानिक

पाइथन स्पेशलिस्ट स्किप स्नो ने एवरग्लेड्स नेशनल पार्क में एक अजगर की आटोप्सी की तो मालूम चला कि उसने कुछ ही समय पहले 34.47 किलग्राम वज़नी एक वयस्क हिरण खा लिया था।
'साउथ फ्लोरिडा वैटर मैनेजमेंट डिस्ट्रिक्ट' के मुताबिक पेट में हिरण के साथ अजगर का वज़न 97 किलोग्राम था और बाद में हिरण निकाल देने के बाद इसका वज़न 63 किलोग्राम था।
फ्लोरिडा फिश एवं वाइल्डलाइफ कमीशन द्वारा इस अजगर को मारने के लिए शॉटगन का इस्तेमाल किया गया, ताकि अजगर की यह विशालकाय प्रजाति उत्तरी इलाके में न फैल सके।
यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के मुताबिक वर्ष 2006 से 2007 के बीच 418 बर्मा प्रजाति के पाइथन मृत पाए गए हैं या मारे गए हैं।




[



