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26 सितंबर 2016

राहुल गांधी पर फेंका गया जूता, यूपी के सीतापुर में कर रहे थे रोड शो



rahul
राहुल गांधी सीतापुर में रोड शो कर रहे हैं।
लखनऊ.राहुल गांधी पर सोमवार को जूता फेंका गया। कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट उत्तर प्रदेश में किसान यात्रा कर रहे हैं। इसी दौरान सोमवार दोपहर सीतापुर में पीछे से एक शख्स ने उन पर जूता उछाला। आरोपी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। राहुल ने घटना के पीछे आरएसएस-बीजेपी का हाथ बताया है। राहुल पर जूता उछालने वाले शख्स ने क्या कहा...

- आरोपी ने कहा- ''मारा इसलिए है, क्‍योंकि 60 साल से इन्‍होंने देश को गर्त में डाल दिया है।''
- ''दो साल हो गया है पत्रकारिता करते हुए। इतना परेशान हो चुके हैं, जिसका जवाब नहीं है।''
- ''जूता इसलिए मारा, क्‍योंकि ये कह रहे हैं कि बिजली हाफ, किसान का कर्ज माफ। 60 साल जब सत्‍ता में राज किया, तब इन्‍होंने माफ क्यों नहीं किया।''
राहुल ने क्‍या कहा?
- राहुल ने कहा, "जब कांग्रेस ने बिहार में नीतीश जी और लालू जी के साथ गठबंधन किया तो मुलायम जी ने बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ नहीं दिया।"
- "हम बीजेपी से लड़ेंगे। हम गरीबों की, किसानों की और मजदूरों की सरकार यूपी और हिंदुस्‍तान में बनाएंगे।"
- "आज मोदी जी ने कहा कि वो इंटरनेट के जरिए किसानों से बात करेंगे। किसान और मोदी जी के बीच दूरी 2000 किमी होगी। मोदी जी किसानों से गले मिलने से डरते हैं क्या? इंटरनेट से बात करने का क्या मतलब है?"
- "प्रधामनंत्री जी किसानों के घर जाने से डरते हैं। हमारा मकसद है कि हमारा प्रधानमंत्री अपने घर से बाहर निकलें और किसानों, मजदूरों से बात करें। उनसे पूछें कि उन्‍हें क्या तकलीफ है।"
- "आप अगर देश के लोगों से मिलने को तैयार नहीं हैं, उनका पसीना छूने को तैयार नहीं हैं, तो आप किस बात के प्रधानमंत्री हैं?'
- 'मन की बात बहुत हो गई, अब आप लोगों की मन की बात सुनने को तैयार हों।'
- राहुल ने कहा, 'जितने भी जूते फेंकना चाहते हो, फेंको मेरे ऊपर। मैंने जो काम करना है, करूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। आरएसएस और बीजेपी के जो लोग हैं, उनके अंदर गुस्‍सा है। उस गुस्‍से के कारण आप मुझे जूते मार रहे हो, लेकिन मेरे अंदर गुस्‍सा नहीं है।’
- 'मुझे आपके जूते से, गुस्‍से से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आपका जितना भी गुस्‍सा है, मुझे काम करने से रोक नहीं सकता है।'
- 'बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से मैं डरता नहीं हूं।'
राहुल के बयान से ज्यादा खाट की लूट की रही चर्चा
- पहले फेज में राहुल गांधी ने करीब 2229 किमी की यात्रा की, जिसमें उन्‍होंने कई जगह पर किसानों के साथ खाट सभा की।
- हर जगह उन्‍होंने मोदी पर ही निशाना साधा, लेकिन मोदी पर दिए गए उनके बयान से ज्यादा उनकी खाट सभा के बाद हुई खाट लूट की चर्चा रही।
- इतना ही नहीं, विपक्ष ने भी उनकी खाट सभा में हुई खाट लूट को ही अपना हथियार बनाकर उन पर हमला किया।
- इस दौरान उन्‍होंने 12 रोड शो, 17 खाट सभाओं और 500 छोटी सभाओं को ऐड्रेस किया।

राजस्थान भी अजीब है ,

राजस्थान भी अजीब है ,,राजस्थान सरकार भी अजीब है ,,राजस्थान के मेडिकल के नीट क्वालीफाई बच्चो को मध्यप्रदेश ,,महाराष्ट्र और कई राज्यो में नॉन महाराष्ट्रियन ,,नॉन मध्यप्रदेशी के नाम पर मेरिट में ऊपर होने पर भी एडमिशन देने से इंकार कर दिया जाता है ,,जबकि राजस्थान ऐसे बाहर के बच्चो को कम नम्बरो पर भी ,,राजस्थान में बिना डोमिसाइल जांचे राजस्थान के क्वालीफाई बच्चो का हक़ बाहरी बच्चो को दे दिया गया है ,,,,राजस्थान में मेडिकल प्रवेश की पहली कौंसिलिंग सूचि ,डोमिसाइल कोई जांच नहीं ,,नतीजा कई एडमिशन के बाद भी ,,पहली सूचि में जिनका नम्बर ऊपर आने वाला था ,,दूसरी ऑफ़ लाइन कौंसिलिंग सूचि में वोह बिछड़ गए ,,नए छात्र आगे सूचि में और जिन्हें आगे होना चाहिए था वोह बिछड़ गए ,,राजस्थान में राजस्थानी बच्चो को छोड़ कर प्राइवेट और सरकारी कॉलेजो में फ़र्ज़ी बाहर के राजस्थानी बच्चो की भरमार है ,,पेसिफिक सहित कुछ मेडिकल कॉलेजो ने तो न सुप्रीम कोर्ट की मानी न सरकार के नियमो की ,,वहीँ दूसरी तरफ महाराष्ट्र ,,,मध्यप्रदेश सहित कुछ राज्य सरकार की मिलीभगत से हाईकोर्ट से ,,कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक ,,,संविधान में क्षेत्रीयता के नाम पर कोई भेदभाव नहीं ,,एक नीट परीक्षा नियम को ताक़ में रख कर ,,आदेश दे दिया ,, केवल महाराष्ट्रियन ,,केवल मध्यप्रदेशी ,,केंद्र सरकार चुप ,,एकता अखण्डता की बात करने वाले चुप ,,राजस्थान के हमदर्द चुप ,,राजस्थानियों के हमदर्द चुप ,,कोई सुप्रीमकोर्ट नहीं गया ,,मध्यप्रदेश का डोमिसाइल मामले का आदेश पढेंगे तो हंसी आएगी ,,सरकार की इस मिलीभगत को देखकर ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

क़ुरआन का सन्देश

  

25 सितंबर 2016

नर्स नाश्ते में बटर-ब्रेड लाई तो तिहाड़ से एम्स पहुंचा 80 साल का आसाराम बोला- तुम खुद मक्खन जैसी, गाल कश्मीरी सेब जैसे



Asaram
दिल्ली से जांच कराकर शनिवार को जोधपुर लौटे आसाराम को एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए भी व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा। वह उठ नहीं पा रहा था इसलिए आठ हाथों के सहारे बमुश्किल धकेलते हुए उसे वज्र वाहन में बैठाया।
जोधपुर. नाबालिग स्टूडेंट के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोपी आसाराम 80 साल का है। इतना बीमार कि चल तक नहीं पाता। लेकिन सोच कैसी है, यह एम्स की एक नर्स के साथ बातचीत से पता चलता है। खड़ा भी नहीं हो पाता और नर्स देखते ही बोल पड़ा- तुम तो खुद मक्खन जैसी हो...
- दिल्ली एम्स में मेडिकल जांच कराने तिहाड़ जेल से पहुंचे आसाराम को खड़े रहने के लिए आधा दर्जन पुलिस व मेडिकल स्टाफ का सहारा लेना पड़ रहा था। जांच से पहले डॉक्टरों ने नाश्ता कराने को कहा तो एक नर्स बटर और ब्रेड ले आई।
- आसाराम उसे देखते ही बोल पड़ा- तुम तो खुद मक्खन जैसी हो, ब्रेड के साथ मक्खन लाने की क्या जरूरत है? तुम्हारे गाल भी सेब जैसे लाल हैं। तुम कश्मीर की होगी। तभी तुम्हारे गाल वहां के सेब-टमाटर जैसे हैं।
पहले जैसा जवान बनना चाहता है आसाराम
- आसाराम से यह सब सुनते ही नर्स झेंप गई। आसाराम यहीं नहीं रुका। डॉक्टरों से कहा कि मैं तो बीमारी से 80 साल का हो गया हूं।
- बुढ़ापा आ गया है। डॉक्टर साहब! मेरा इलाज कर दो, इतनी जांचें कर ली, अब तो मुझे पहले जैसा जवान बना दो।
- आसाराम की जांच कराने साथ गए अधिकारियों ने बताया कि आसाराम बार-बार उन्हें वीडियोग्राफी से भी रोक रहा था।
- उसका कहना था कि तुम वीडियो बनाकर मुझे क्यों टॉर्चर कर रहे हो।
इस कारण इलाज के लिए ले गए थे दिल्ली

- आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर केरल में आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।
- सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, लेकिन दिल्ली स्थित एम्स से हेल्थ टेस्ट कर मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का ऑर्डर दिया था।
- इस पर आसाराम की ओर से कहा गया कि वे ट्रेन से यात्रा करने की स्थिति में नहीं है। उन्हें फ्लाइट से ट्रैवल करने की परमिशन दी जाए।
- सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर पर उसे दिल्ली लेकर जाया गया। उसके साथ पुलिस अफसर भी थे।
सपोर्टर्स की वजह से बिगड़ गया था प्लेन का बैलेंस
- जब आसाराम को दिल्ली ले जाया जा रहा था, फ्लाइट की 70 में से 35 सीटों पर आसाराम के सपोर्टर्स बैठे थे। जो टेकऑफ से लैंडिंग तक लगातार हंगामा करते रहे।
- एक बार तो सभी सपोर्टर्स अचानक खड़े हो गए, जिससे प्लेन हवा में डोलने लगा। एयर होस्टेस के समझाने पर भी आसाराम के सपोर्टर्स नहीं माने।
- फिर जब पायलट ने वॉर्निंग दी कि प्लेन का बैलेंस बिगड़ रहा है, तब सपोर्टर्स बैठे।

भीतरघाती कोंग्रेस दुश्मनो को गाली ही नहीं बल्कि फूटास की गोली देने को जी चाहता है

     कोंग्रेस के साथ भितरघात करने वाले  लोगो को पदाधिकारी बनाकर हमारे सरो पर बिठाया जाता है ,,तो सच ऐसे भीतरघाती कोंग्रेस दुश्मनो को  गाली ही नहीं बल्कि फूटास की गोली देने को जी चाहता है ,,,कोंग्रेस हाईकमान को इस तरफ अपना विचार बनाना ही होगा ,,,पिछले दिनों मेरी अनुपस्थिति में ,,,कोटा देहात कोंग्रेस नवनियुक्त कमेटी की ,,,पहली बैठक ,,कोटा कोंग्रेस के जिलाप्रभारी ,,वरिष्ठ नेताओ की उपस्थिति में हुई ,,मुद्दा कोंग्रेस कैसे मज़बूत हो ,,भविष्य की रणनीति क्या हो ,,,बस इसी मुद्दे पर ,,हाल ही में,,, नवनियुक्त कोटा देहात सचिव ,,ने ,,,बोलते हुए सब्र का बांध तोड़ दिया ,,वोह इस कोंग्रेस के नेताओ की कारगुज़ारियां देखते देखते थक गए ,,ऐसे नेता ,,,जिन्हें कोंग्रेस पार्टी से धक्के देकर बाहर निकाल देना चाहिए,,, उन्हें पद देने पर उनका भड़कना वाजिब था ,,वोह बात अलग है के ,,,ज़ाकिर मेव जो वक्ता कभी नहीं रहे ,,बस उन्होंने ,, कोंग्रेस को तबाह और बर्बाद होते ,,जिन लोगो के हाथो देखा है ,,,और कोंग्रेस को तबाह बर्बाद करने वाले ,,इन लोगो को ही कोंग्रेस में ,,,,जब फलते फूलते देखा ,,शिकायतो पर कोई सुनवाई नहीं ,,पदों का बटवारा,,, इन्ही कोंग्रेस विरोधियो के नाम,, देखकर कर,, यह भड़के ,,इन्होंने अपना आपा खोया ,,बिना किसी का नाम लिए ,,,कोंग्रेस में भितरघात कर ,,,कोंग्रेस को बर्बाद करने ,,कोंग्रेस को हराने वालो के खिलाफ ,,उनके मुंह से ,,गुस्से में गाली भी निकल गयी ,,ज़ाकिर मेव की गाली का कोई समर्थन नहीं करता ,,लेकिन उनके उठाये गए मुद्दे ,,  शोर शराबे में ,,,फिर से गोंण हो गए ,,हाईकमान को आखिर सोचना होगा ,,कोंग्रेस को बर्बाद करने वाले ,,,भितरघातियों की चोधराहट आखिर कब तक चलेगी ,,,कोंग्रेस के प्रत्याक्षियों को हराने की सौदेबाज़ी ,,भाजपा से करने वाले लोग,, आखिर  कब तक कोंग्रेस में ,,कार्यकर्ताओ की छाती पर प्रभावशाली  पद लेकर मुंग दलते रहेंगे ,, ज़ाकिर मेव की यह शिकायत ,,,कोंग्रेस की भीतर घातियों के बढे होसलो के खिलाफ थी ,,इस पर उनकी गाली पर गुस्सा किया जा सकता है ,,लेकिन उनकी गाली ऐसे लोगो के लिए थी ,,,जो कोंग्रेस को बर्बाद करने पर तुले है ,,सही मायनो में ऐसे कोंग्रेस को बर्बाद करने वाले भितरघातियों को,,, गाली की नहीं फुटास की गोली की ज़रुरत है ,,हमे ,,हमारे प्रभारियों ,,हमारे वरिष्ठ नेताओ ,,हाईकमान को चिंतन तो करना होगा ,,विचार तो करना होगा ,,के आखिर कोटा ज़िला परिषद के चुनाव में ,,,कोंग्रेस के टिकिट पर चुनाव जीत कर,,, भाजपा के टिकिट पर चुनाव लड़ने वाले,, जिलाप्रमुख प्रत्याक्षी को क्रॉसवोटिंग कर वोट डालते है ,,कोंग्रेस को हराते है ,,प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट जांच बिठाते है ,,प्रदेश महासचिव,, जांच के बाद दोषी पाते है ,,उन्हें छह साल के लिए ,,कोंग्रेस से  निष्कासित किया जाता है ,,और ऐसा व्यक्ति जो प्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष द्वारा निकाला गया हो ,,उसे बिना सदस्यता बहाल किये ,,देहात कोंग्रेस कार्यकारिणी में ,,,पदाधिकारी बना दिया जाता है ,,खुलेआम जनसम्पर्क में भाजपा के लिए जो वोट मांगता है ,,उसे कोंग्रेस देहात में पदाधिकारी बनाया जाता है ,,लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में खुले आम कोंग्रेस के प्रत्याक्षी के खिलाफ,, दुष्प्रचार होता है ,,ऐसे लोगो को अगर ,,सर पर बिठाया जाता है ,,जो लोग खुले आम चुनाव में हमारे कोंग्रेसी आदर्श राहुल गान्धी ,,सोनिया गांधी को कोसते है ,,हमारे चुनाव चिन्ह   पंजे को ,,खुनी पंजा बताकर,,, लोगो को भड़काते है ,,वोह लोग अगर हमारे हाकम बनकर आते है,,, तो गुस्सा वाजिब है ,,कार्यकारिणी में ज़मीनी सक्रिय कार्यकर्ताओ को तो ,,कार्यकारिणी सदस्य और ऐसे प्रमाणित भितरघातियों को पदाधिकारी बनाया जाता है ,,घोषित देहात कार्यकारिणी के बाद ,,शिकायत होती है ,,प्रमाण दिए जाते है ,,लेकिन कोंग्रेस से,,, ऐसे लोगो को प्रमुख पदों से हटाया नहीं जाता है ,,कोंग्रेस की बैठक में ऐसे लोगो के खिलाफ बोलने का हक़ तो,,,, सभी को मिलना चाहिए ,,होना यह चाहिए के एक जांच हो ,,कार्यकारिणी बदले ,,जिस नेता ने भी ऐसे भितरघातियों के नाम दिए है ,, उन्हें भी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियो को अँधेरे में रखने के मामले में,,, दण्डित करना चाहिए और ऐसे में,,, डेमेज कंट्रोल नहीं जो कर दिया उस पर लीपापोती नहीं ,,गलती में सुधार होना चाहिए ,,वरना यह भीतरघाती लोग,,, कोंग्रेस के प्रमुख पदों पर क़ब्ज़ा कर ,,मूल ज़मीनी कार्यकर्ताओ का हक़ छीन कर ,,,भाजपा के एजेंट बन कर ,,ऍन चुनावी वक़्त पर फिर से धोखा देंगे और हम ,,,मुंह तकते रह जाएंगे ,,हमसे चूक हुई कोटा देहात ,,कार्यकारिणी के गठन में,, हम से भूल हुई है,, .हमे अपनी भूल मानकर,, तुरन्त निष्पक्ष जांच कराकर ,,ऐसे दोषी लोग ,,उनके समर्थको और उन्हें बचाने वाले ,,,कोंग्रेसी नेताओ के खिलाफ,, कार्यवाही करना होगी ,,वरना ,,,कोंग्रेस कार्यकर्ताओ का गुस्सा अब  पराकाष्ठा पर पहुंचने लगा है ,,,,,,,कोंग्रेस कार्यकर्ता ऐसे भितरघाती लोगो के अधीनस्थ काम करते करते ,,थक  गए है ,,अब बर्दाश्त के बाहर हो गया है , बहुत हो गया ,,अब कोंग्रेस को बर्बाद करने वाले ,,सोनिया और राहुल गान्धी को गाली देकर पद प्राप्त करने वाले ,,कोंग्रेस के प्रत्याक्षियों को हराने वाले भितरघातियों का शुद्धिकरण करना ही होगा ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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