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29 सितंबर 2020

क्रिकेटर शिवकुमार शर्मा ,, लीडर शिवकुमार शर्मा ,, क़ानून विद शिवकुमार शर्मा ,, जस्टिस शिवकुमार शर्मा ,विधि आयोग के शिवकुमार शर्मा ,,स्कूली फ़ीस निर्धारण समिति के शिवकुमार शर्मा ,, जूनियर्स वकीलों के उस्ताद शिवकुमार शर्मा ,गरीबो ,शोषितों ,उत्पीड़ितों के हमदर्द शिवकुमार शर्मा

 

क्रिकेटर शिवकुमार शर्मा ,, लीडर शिवकुमार शर्मा ,, क़ानून विद शिवकुमार शर्मा ,, जस्टिस शिवकुमार शर्मा ,विधि आयोग के शिवकुमार शर्मा ,,स्कूली फ़ीस निर्धारण समिति के शिवकुमार शर्मा ,, जूनियर्स वकीलों के उस्ताद शिवकुमार शर्मा ,गरीबो ,शोषितों ,उत्पीड़ितों के हमदर्द शिवकुमार शर्मा ,, विधिक सहायता समिति , स्थाई लोक अदालत के राजस्थान के बुनियादी विचार शिवकुमार शर्मा ,, बहुमुखी प्रतिभा के धनी ,शिव कुमार शर्मा ,जब उलट होकर कुमार शिव होते है ,तो ,, संवेदनाओं से जुड़े माहौल के लेखक ,,गीतकार , कवि , गज़लकार हो जाते है ,,एक ही शख्स , और हज़ारो हज़ार खूबियां , असम्भव सा लगता है ,लेकिन यह हाड़ोती की परवरिश है ,चंबल के पानी की ताक़त है ,, कोटा का शैक्षणिक माहौल है ,,जो एक ही शख्स में हज़ारो हज़ार प्रतिभाएं कूट कूट कर भर गयी ,और हाड़ोती का ,कोटा का चंबल का ,, कोटा अभिभाषक परिषद का ,कोटा राजकीय महाविधायलय का ,सीना गर्व से चौड़ा हो गया ,, जी हाँ ,,दोस्तों जस्टिस शिव कुमार ,,एक क़ानून विद ,,एक न्यायधीश ,,लेकिन,, कुमार शिव ,,,नाम उलट होते है ,,एक ख्यातनाम कवि ,,,जज़्बातो को अल्फ़ाज़ों में बाँध कर खूबसूरती से पिरोने वाले एक जादूगर ,,एक खिलाड़ी ,,गरीबों के हमदर्द ,,मुफ्त ,,त्वरित न्याय्व्यस्था के पैरोकार ,,नीला सोना ,,यानी बून्द बून्द पानी बचाने के लिए क्रान्तीकारी क़दम उठाने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी , हमारे कोटा के वकील साथियो के बढे भाईसाहब ,,मार्गदर्शक ,शिवकुमार शर्मा के बारे में कुछ भी लिखना सूरज को दिया दिखाना है ,,लेकिन में दुस्साहसी हूँ ,ऐसा ही हूँ ,,में यह नाकामयाब कोशिश करने निकला हूँ ,,देश भर के मंचो पर ,,दूरदर्शन ,,आकाशवाणी पर ,,मैगज़ीन अखबारों में ,,गागर में सागर भरी कविताओ के लिए मंच लूटने वाले कुमार शिव जब शिवकुमार होते है तो देश के मुख्य क़ानूनविदों से भी बढ़तर इनकी क़ानून की जानकारी होती है ,,,
कोटा के ही नहीं राजस्थान के गौरव जस्टिस शिवकुमार शर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनि रहे है ,,,तेज़ तर्रार ,,,मानवीयता विचारधारा ,,मुखर क़ानून विद ,,,,प्रखर वक्ता ,,कवि ह्रदय शिवकुमार शर्मा का जन्म कोटा में 11 अक्टूबर 1946 में हुआ ,,,शिवकुमार शर्मा कॉलेज टाइम से ही मुखरवक्ता रहे और हिंदी में एम ऐ करने के कारण साहित्य से इनका विशेष लगाव रहा ,,,,,शिव कुमार शर्मा को लोग धीरे धीरे शिव जी के नाम से भी जानने लगे ,,,, अपनी कविताओं ,,ग़ज़लों और रचनात्मक आलेखों के शोक के साथ शिवजी ने 1967 में कोटा में वकालत शुरू की,,,, फिर जयपुर बेंच में फिर सुप्रीमकोर्ट में अपने पक्षकारों को पेचीदा मामलों में भी इन्होने,,, न्याय दिलवाकर क़ानून की जानकारी और इंटरप्रिटेशन का अपना हुनर जग ज़ाहिर किया ,,,निजी ज़िंदगी में हंसना ,,मुस्कुराना ,,,दोस्तों से दोस्ती निभाना,,, इनके अखलाक़ रहे ,, हमेशा मुस्कुराना ,, पढ़ना और पढ़ाना ,,, इनकी रूचि थी ,, कोई भी जूनियर इनसे जब भी किसी क़ानूनी पेचीदगी का सवाल करता तो एक मिनट में उसका समाधान इनके पास होता है ,,,,खुद भी क़ानून को पढ़ते और फिर अदालतों में फाइलों के फैक्ट के साथ इनके प्रस्तुतिकरण का अंदाज़ कुछ ऐसा रहता के पक्षकार के पक्ष में बल्ले बल्ले होती ,,,,कोटा कॉलेज में काफी दिनों तक शिव जी ने क़ानून की पढ़ाई भी लोगों को पढ़ाई ,,सियासत से जुड़े ,,कांग्रेस में पदाधिकारी रहे ,, तेज़ तर्रार तरीके से नेतृत्व किया,, फिर कोटा से विधायक का चुनाव भी लड़े ,,,,,,,,,अपने दोस्तों के साथ उठना बैठना ,,उनकी समस्याएं सुनना,, समझना और वक़्त ब वक़्त उनके काम आना ,,इनका स्वभाव रहा है ,,साहित्यिक विधा में कई पुस्तको का प्रकाशन ,,कई अख़बार मेग्ज़ीनों में इनका काव्य प्रकाशन ,,आकाशवाणी ,,दूरदर्शन पर सैकड़ों रचनाये पढ़ने के बाद,,, आप राष्ट्रीय कवि ,,चिंतक ,,कानूनविद के रूप में पहचान बना चुके थे ,,,,अदालत में अपने पक्षकार के हित में क़ानून के बारीक से बारीक मुद्दो को इस पुरज़ोर अंदाज़ में प्रस्तुतिकरण ,,,क़ानून की अपने पक्षकार के पक्ष में ऐसी सकारात्मक व्याख्या के न्याय का पडला,, इनके पक्ष में ही जाने लगा ,,इनकी इसी विधा ,, क़ानून के प्रति समर्पण ,,,क़ानूनी पंडित की शोहरत देखकर ,, एडवोकेट शिवकुमार शर्मा ,,कवि शिवकुमार शर्मा ,,,भाईसाहब शिवकुमार शर्मा ,,,,लेखक चिंतक लीडर शिवकुमार शर्मा को 6 अप्रेल 1996 माँननीय सुप्रीमकोर्ट ने क़ानून की व्याख्या और न्याय के लिए न्याय के मंदिर का देवता बनाकर,, शिवकुमार से जस्टिस शिवकुमार बना दिया ,,,,,,,,,अपना स्वभाव जस्टिस बनने के बाद भी यथावत रखते हुए,, किरायेदारी मामला ,,,,,,क्रिमनल ,,सिविल ,,,,रिट मामलों में ,,, लैंडमार्क जजमेट दिए ,,सस्ता सुलभ त्वरित न्याय के लिए,, एक नई विचारधारा स्थापित की ,,स्थाई लोक अदालत के कार्यकारी अध्यक्ष की हैसियत से पुरे राजस्थान के शहर ,,गाँव ढांढी में न्याय की अलख जगाई ,,किसी भी शख्स को बिना सुनवाई के सज़ा नहीं मिले,,, इसके लिए गिरफ्तारी के तुरंत बाद से ही,, थाना स्तर पर ही वकीलों का पेनल तैयार करवाया गया ,,पुरे राजस्थान में ,, जो आज स्थाई लोग अदालत का मॉडल है,, वोह लगभग जस्टिस शिवकुमार की महनत और लगन का ही नतीजा है ,,,,,घर घर लोकअदालत की भावना की अलख जगाना,, इनका मक़सद रहा ,,,ना किसी की जीत,,, ना किसी की हार,, इनका नारा रहा ,,,,,,,,,,,जस्टिस शिवकुमार का त्वरित सुनवाई और प्रकरण निस्तारण का इतीहास रहा है,,, सैकड़ों केस एक दिन में त्वरित निस्तारित,, जिनमे न्याय की गुणवत्ता भी शामिल रही ,,,ऐसे व्यस्त माहोल में भी जस्टिस शिवकुमार ने अपनी लेखन विधा को ज़िंदा रखा और वक़्त ब वक़्त साहित्यिक गतिविधियों में भी शामिल होते रहे ,,,,,,,राजस्थान हाईकोर्ट से वरिष्ठ जज का दर्जा प्राप्त कर सेवानिवृत्त हुए फिर आप को इनकी क़ानूनी विद्धता को देखते हुए ,,, भारत सरकार ने भारतीय विधि परिषद में सदस्य के रूप में नियुक्त किया जहां इन्होने कई क़ानूनी बदलाव के सुझाव दिए,, जिनमे त्वरित और सस्ता न्याय कैसा मिले,, इस मामले में प्रमुख सुझाव थे ,,जस्टिस शिव कुमार ने दहेज़ मामले में पति पत्नी के बीच,,,,विवादों को ज़मानतीय अपराध और राजीनामा योग्य बनाने का प्रारूप तय्यार किया,, जो अपरिहार्य कारणों से स्वीकृत नहीं हो सका ,,,विधि परिषद से निवृत्त होने पर शिवकुमार शर्मा की प्रतीभा को ध्यान में रखते हुए,, राजस्थान सरकार ने इन्हे राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की फीस वसूली की लूट खसोट देखकर इन्हे निजी स्कूलों की फीस निर्धारण समिति का चेयरमेन बनाया ,,,जहां इन्होने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर अंकुश लगा कर,,, अभिभावकों को राहत दिलवाई और निजी स्कूलों को भी पर्याप्त फीस वसूली का उचित निर्धारण कर उन्हें सम्मान दिया ,,वर्तमान में शिवकुमार शर्मा के परिवार के सदस्य इनके विधिक ज्ञान से प्रेरित होकर न्यायिक सेवा में कार्यरत है ,,,जबकि इनका पुत्र और पुत्रवधु फिल्म एक्टिंग से लेकर छोटे परदे के एक्टिंग के बादशाह कहलाने लगे है ,,,आप राजस्थान साहित्य एकेडमी के नामित सदस्य भी रहे है ,,साथ ही हिंदी विधिक सतर्कता समिति के सदस्य भी रहे है ,,,जबकि खेल के मैदान में राजस्थान ओलम्पिक एसोसिएशन के सदस्य भी रहे है ,,,शिवकुमार शर्मा ने शिव के नाम से जब वकालत की तो बेहिसाब मुकदमो को क़ानूनी रास्ता बताकर अपने पक्षकार के हक़ में फैसले करवाये ,,जब जस्टिस बने तो समाज को इनके फेसलो से इंसाफ मिला तो वकीलो और क़ानून से जुड़े लोगो को एक नयी दिशा एक नयी सीख मिली ,,शिव कुमार जब भी शिव कुमार से कुमार शिव हुए तो इन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इनकी हर साहित्यिक पंक्तियों पर इन्हें सुनने वालो का प्यार मिला ,,आज शिवकुमार कुमार शिव होकर जब सोशल मिडिया फेसबुक पर अपने धुरन्धर अंदाज़ में हमारे साथ जुड़कर अपने अल्फ़ाज़ों में एक नई सोच ,,एक नया फलसफा लेकर आते है ,,तो कुमार शिव कोटा के है ,,हमारे बीच रहने वाले हमारे अपने बढे भ्राता है सोचकर हमारा सीना गर्व से चोढा हो जाता है ,,और शिवकुमार शर्मा के सम्मान में खुद ब खुद सेल्यूट के लिए हाथ उठ जाता है ,,,,कई दर्जन पुस्तक प्रकाशन का संग्रह इनकी धरोहर है ,वोह लिखते है ,,ठोकर खाकर गिरा चाँद
ऐसे फैली है थवल चाँदनी
जैसे पिसे हुए गेंहूँ की
कई बोरियाँ बिखर गई हों---
(गीत का मुखड़ा ----गीत संग्रह"एक गिलास दुपहरी"से)
,,,,दोस्तों यह है हमारी कोटा की कुशल ,,साहित्यिक ,,,क़ानून विद ,,,,समाजेवी ,,,नेतृत्व क्षमता वाले मुखरवक्ता की बहुमुखी प्रतिभा जिसे सलाम सेल्यूट ,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान ,

बहुउपयोगी ,लेखन बूंदी ज़िले के मामले में एक ऐतिहासिक दस्तावेज ,शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी है

 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यहां पुस्तक विमोचन समारोह में कहा ,,,कि ,,यह है हमारी , रंगबिरंगी बूंदी ,, प्रकाशित पुस्तक में डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल ,सह लेखिका शिखा अग्रवाल ने ,, बूंदी के सम्पूर्ण संक्षिप्त इतिहास के साथ ,बूंदी के रंग बिरंगे इतिहास , हवेलियों ,दर्शनीय स्थलों ,ऐतिहासिक स्मारकों ,घटनाओं का समावेश कर एक ऐतिहासिक उपयोगी दस्तावेज तैयार किया है ,,,,,कोटा बूंदी लोकसभा सांसद , लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुस्तक प्रकाशन पर ,लेखक डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल को देते हुए कहा के यह बहुउपयोगी ,लेखन बूंदी ज़िले के मामले में एक ऐतिहासिक दस्तावेज ,शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी है ,,, डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल ने इस अवसर पर ओम बिरला को ,उनके द्वारा पूर्व में प्रकाशित पुस्तकों की प्रतियां भी भेंट की ,, लोकसभा अध्यक्ष ने ,,डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल ,सह लेखिका शिखा अग्रवाल सहित पूरी टीम को इस प्रकाशन के लिए शुभकामनाये दीं ,,विमोचन समारोह में ,पत्रकार के डी अब्बासी ,,एडवोकेट अख्तर खान अकेला ,,डॉक्टर अमित गोयल ,डॉक्टर दीपक श्रीवास्तव पुस्तकालय अध्यक्ष ,, जितेंद्र बग्गा ,, अरविन्द सिसोदिया,, महिपाल सिंह सहित कई समाजसेवी पत्रकार साथी मौजूद थे ,, यह है हमारी रंग बिरंगी बूंदी , पुस्तक का प्रकाशन जयपुर चौड़ा रास्ता स्थित , प्रकाशक साहित्यागार ,, ने प्रकाशित किया ,है , पुस्तक का प्राक्थन डॉक्टर दीपक कुमार श्रीवास्तव ने सारगर्भित लिखा है ,,, जबकी परिचय पुस्तक अनुज कुमार कुच्छल द्वारा लिखित है ,,पुस्तक अमेज़ॉन पर भी ऑन लाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

जिस दिन उनके खि़लाफ उनकी ज़बानें और उनके हाथ उनके पावँ उनकी कारस्तानियों की गवाही देगें

 (तो तुम देखते क्या होता) ऐ इमानदारों शैतान के क़दम ब क़दम न चलो और जो शख़्स शैतान के क़दम ब क़दम चलेगा तो वह यक़ीनन उसे बदकारी और बुरी बात (करने) का हुक्म देगा औार अगर तुम पर ख़ुदा का फ़ज़ल (व करम) और उसकी रहमत न होती तो तुममें से कोई भी कभी पाक साफ न होता मगर ख़ुदा तो जिसे चहता है पाक साफ़ कर देता है और ख़ुदा बड़ा सुनने वाला वाकिफ़कार है (21)
और तुममें से जो लोग ज़्यादा दौलत और मुक़द्दर वालें है क़राबतदारों और मोहताजों और ख़ुदा की राह में हिजरत करने वालों को कुछ देने (लेने) से क़सम न खा बैठें बल्कि उन्हें चाहिए कि (उनकी ख़ता) माफ कर दें और दरगुज़र करें क्या तुम ये नहीं चाहते हो कि ख़ुदा तुम्हारी ख़ता माफ करे और खु़दा तो बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (22)
बेशक जो लोग पाक दामन बेख़बर और इमानदार औरतों पर (जि़ना की) तोहमत लगाते हैं उन पर दुनिया और आखि़रत में (ख़ुदा की) लानत है और उन पर बड़ा (सख़्त) अज़ाब होगा (23)
जिस दिन उनके खि़लाफ उनकी ज़बानें और उनके हाथ उनके पावँ उनकी कारस्तानियों की गवाही देगें (24)
उस दिन ख़ुदा उनको ठीक-ठीक उनका पूरा पूरा बदला देगा और जान जाएँगें कि ख़ुदा बिल्कुल बरहक़ और (हक़ का) ज़ाहिर करने वाला है (25)
गन्दी औरते गन्दें मर्दों के लिए (मुनासिब) हैं और गन्दे मर्द गन्दी औरतो के लिए और पाक औरतें पाक मर्दों के लिए (मौज़ूँ) हैं और पाक मर्द पाक औरतों के लिए लोग जो कुछ उनकी निस्बत बका करते हैं उससे ये लोग बुरी उल जि़म्मा हैं उन ही (पाक लोगों) के लिए (आखि़रत में) बख़शिश है (26)
और इज़्ज़त की रोज़ी ऐ इमानदारों अपने घरों के सिवा दूसरे घरों में (दर्राना) न चले जाओ यहाँ तक कि उनसे इजाज़त ले लो और उन घरों के रहने वालों से साहब सलामत कर लो यही तुम्हारे हक़ में बेहतर है (27)
(ये नसीहत इसलिए है) ताकि तुम याद रखो पस अगर तुम उन घरों में किसी को न पाओ तो तावाक़फियत कि तुम को (ख़ास तौर पर) इजाज़त न हासिल हो जाए उन में न जाओ और अगर तुम से कहा जाए कि फिर जाओ तो तुम (बे ताम्मुल) फिर जाओ यही तुम्हारे वास्ते ज़्यादा सफाई की बात है और तुम जो कुछ भी करते हो ख़ुदा उससे खूब वाकिफ़ है (28)
इसमें अलबत्ता तुम पर इल्ज़ाम नहीं कि ग़ैर आबाद मकानात में जिसमें तुम्हारा कोई असबाब हो (बे इजाज़त) चले जाओ और जो कुछ खुल्लम खुल्ला करते हो और जो कुछ छिपाकर करते हो खुदा (सब कुछ) जानता है (29)
(ऐ रसूल) इमानदारों से कह दो कि अपनी नज़रों को नीची रखें और अपनी शर्मगाहों की हिफाज़त करें यही उनके वास्ते ज़्यादा सफाई की बात है ये लोग जो कुछ करते हैं ख़ुदा उससे यक़ीनन ख़ूब वाकि़फ है (30)

28 सितंबर 2020

उत्तरप्रदेश के नोयडा क्षेत्र सहित अलग अलग क्षेत्रों में ,, निष्पक्ष , निर्भीक पत्रकारिता की अलख जगाते हुए , शोषित ,उत्पीड़ित लोगों की इन्साफ की आवाज़ बने भाई रऊफ सिद्द्दिक़ी

 उत्तरप्रदेश के नोयडा क्षेत्र सहित अलग अलग क्षेत्रों में ,, निष्पक्ष , निर्भीक पत्रकारिता की अलख जगाते हुए , शोषित ,उत्पीड़ित लोगों की इन्साफ की आवाज़ बने भाई रऊफ सिद्द्दिक़ी , नोएडा सहित आसपास के लोगों में इन्साफ की उम्मीद बने है ,,, जी हाँ दोस्तों ,रऊफ सिद्दीक़ी ,,किसी पहचान के मोहताज नहीं ,,इनका अपना खुद का दैनिक अख़बार ,,दैनिक जनता की खोज ,पुरे आठ रंगीन पेज में प्रकाशित होता है ,जिसमे ,राजस्थान ,उत्तर प्रदेश ,हरियाणा ,दिल्ली ,केंद्र और राज्यों संबंधित महत्वपूर्ण खबरे ,, ,योजनाए ,,सरकार के ज़ुल्म ज़्यादत्तियों की कहानी होती है , इस क्षेत्र में सरकार से प्रताड़ित मज़दूर ,गरीब ,बेबस , लाचार लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए बेबाक रिपोर्टिंग होती है ,, रऊफ सिद्दीक़ी की क़लम ,उनकी पत्रकारिता से रोज़ मर्रा कई दर्जन प्रताड़ित लोगों को हुकूमत से इन्साफ मिलता है ,और प्रताड़ित हर शख्स इनके अख़बार के दफ्तर में आता है ,,समस्या बताता है ,,, खबर का प्रकाशन होता है ,,संबंधित विभाग , पत्रकारिता की बेबाक खबरों से खौफ खाते है और प्रताड़ित शख्स को बुलाकर , उसकी समस्या का समाधान करते है , पत्रकारिता को ,समस्या समाधान ,, शोषित ,उत्पीड़ित लोगों के इंसाफ़ से जोड़ना ,,नियमित खतरों के खिलाड़ी बनकर ,, बेबाक रिपोर्टिंग करना ,तलवार की धार पर चंलने के समान है , लेकिन घर फूंक कर तमाशा देखने , और अपनी जान हथेली पर ,लेकर चलने वाले ,भाई रऊफ सिद्दीक़ी की क़लम ,,न बिकी ,है , न झुकी है ,बस क़लम चलती है ,,कागज़ के कलेजे पर लोगों के दुःख दर्द उकेरती है और उनकी समस्याओं के समाधान की वजह भी बनती है ,,, ,भाई रऊफ सिद्दीकी ,, जे के के फिल्म प्रोडक्शन के नाम से भी ,,कारोबार में है ,इसी बैनर तले , ,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकारिता में उनका बेबाक यू ट्यूब चैनल है ,जिसके लाखों लाख फॉलोवर्स है ,जो नियमित ज़मीन से जुड़ी खबरों के प्रसारण के साथ , यू ट्यूब चैनल , प्रसारण सिस्टम में अव्व्वल बना हुआ है ,,, रऊफ सिद्दीक़ी राहत ऐ आम ,,समाजसेवी संस्था राहत ऐ आम ,, के अध्यक्ष है ,,यूँ तो इस संस्था के माध्यम से ,अपने स्वभाव के मुताबिक़ रऊफ सिद्दीक़ी रोज़ नियमित ,, प्रताड़ित लोगों की समस्याये सुनते है प्रशासन , सरकार तक उन समस्याओं को पहुंचाकर उनका समाधान करवाते है ,लेकिन हाल ही में कोरोना महामारी काल में ,लोकडाउन से प्रताड़ित लोगों के लिए भाई रऊफ सिद्दीक़ी की पूरी टीम इनकी संस्था ,राहत ऐ आम , के ज़रिये ,, बिना धर्म ,जाति ,समुदाय ,ऊंच नीच ,पार्टी पॉलिटीक्स के भेदभाव के ,, खिदमत में लगे ,,महीनों भूखों , ज़रूरतमंदों को खाने के पैकेट वितरित करवाए ,मास्क ,सेनेटाइज़र्स की व्यवस्थाएं करवाई ,जो लोग फंसे हुए थे ,, उन्हें प्रशासन से समन्वय स्थापित कर ,,उनके अपने गाँवों में पहुंचाया ,,, उनका खिदमत ऐ ख़ल्क़ का काम आज भी जारी है ,,भाई रऊफ सिद्दीिकी का ,, जनरेटर का भी कारोबार है , लेकिन लोकडाउन की अवधि में कई ग्रामीण ,दूर दराज़ के लोग ,जब अपने अपन गाँव के क्षेत्रों में ,,अँधेरे से जूझते हुए ,जनरेटर की मांग करने लगे ,तो इन्होने खुद घाटा खाकर ,ऐसे ज़रूरतमन्दों को जनरेटर उपलब्ण्ध करवाकर ,रिकॉर्ड क़ायम किया है ,, तो दोस्तों भाई रऊफ सिद्दीिकी ,पत्रकारिता के वर्तमान हालातों में बेबाक रिपोर्टिंग ,निष्पक्ष पत्रकारिता , लूट खसोट व्यवसायिक बुराइयों से अलग थलग , एक बेहतरीन क़लमकार की ऐसी मिसाल है ,जिनकी क़लम , सिर्फ शोषित ,उत्पीड़ितों ,गरीबों को इन्साफ दिलाने के लिए चलती है ,,रऊफ सिद्दीक़ी ,,क़लम भी चलाते है ,और इनकी सोच भी , लोगों की खिदमत के लिए ,हमेशा भौतिक रूप से हर क़दम पर ज़रूरत मंदों के साथ नज़र आती है ,, पत्रकारिता कमाई का ज़रिया ही नहीं ,खिदमत ,और लोगों को इन्साफ दिलाने का एक मिशन है ,, यह देश को भाई रुऊफ सिद्दीक़ी , उनकी पत्रकारिता , उनके सेवा कार्यों के जज़्बों से हमे सीखने मिलता है ,भाई रऊफ सिद्दीक़ी को सेल्यूट ,सलाम ,, ,भाई रऊफ सिद्दीक़ी को इनके सेवाकार्यों को देखते हुए ,प्रशासनिक स्तर पर ,,कई समाजसेवी , पत्रकारिता संगठनों ने अनेकों बार ,, समारोह में पुरस्कृतभी किया है ,,,, , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोविड पॉजिटिव या होम क्वारंटाइन परिवार

 

#सामाजिक सरोकार के तहत *कोविड पॉजिटिव या होम क्वारंटाइन परिवार* को शुद्ध सात्विक भोजन किसी भी *घर तक सुबह 1.00 बजे एवं शाम 7.00 बजे* तक हमारे द्वारा बनवाकर पहुंचाने का जिम्मा लिया गया है ।
#अतः आपके आसपास कोई भी परिवार जो इस बीमारी से ग्रसित हो एवं घर के सदस्य खाना बनाने में असमर्थ हो हमें सुचित करें* ताकि उनको इस सेवा कार्य का पूर्णतः लाभ प्राप्त हो। किसी जरूरतमंद मरीज के परिजन को कोई कष्ट न हो और हमारी सेवा एवं सभी की शुभकामना से मरीज शीघ्र स्वास्थ्य लाभ ले सके ।
#भोजन बुकिंग का समय*
सुबह का भोजन- 10 बजे तक
शाम का भोजन- दोपहर 3 बजे तक
#9928829900
#हर ग्रुप में फॉरवर्ड करें ताकि किसी जरूरतमंद तक खबर पहुच जाए!!*
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