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20 नवंबर 2018

हमने इन्सान को अपने माँ बाप से अच्छा बरताव करने का हुक्म दिया है

ख़़ुदा के नाम से ( शुरु करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
अलिफ़ लाम मीम (1)
क्या लोगों ने ये समझ लिया है कि (सिर्फ़) इतना कह देने से कि हम ईमान लाए छोड़ दिए जाएँगे और उनका इम्तेहान न लिया जाएगा (2)
और हमने तो उन लोगों का भी इम्तिहान लिया जो उनसे पहले गुज़र गए ग़रज़ ख़ुदा उन लोगों को जो सच्चे (दिल से इमान लाए) हैं यक़ीनन अलहाएदा देखेगा और झूठों को भी (अलहाएदा) ज़रुर देखेगा (3)
क्या जो लोग बुरे बुरे काम करते हैं उन्होंने ये समझ लिया है कि वह हमसे (बचकर) निकल जाएँगे (अगर ऐसा है तो) ये लोग क्या ही बुरे हुक्म लगाते हैं (4)
जो शख़्स ख़ुदा से मिलने (क़यामत के आने) की उम्मीद रखता है तो (समझ रखे कि) ख़ुदा की (मुक़र्रर की हुयी) मीयाद ज़रुर आने वाली है और वह (सबकी) सुनता (और) जानता है (5)
और जो शख़्स (इबादत में) कोशिश करता है तो बस अपने ही वास्ते कोशिश करता है (क्योंकि) इसमें तो शक ही नहीं कि ख़ुदा सारे जहाँन (की इबादत) से बेनियाज़ है (6)
और जिन लोगों ने इमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए हम यक़ीनन उनके गुनाहों की तरफ़ से क्फ्फारा क़रार देगें और ये (दुनिया में) जो आमाल करते थे हम उनके आमाल की उन्हें अच्छी से अच्छी जज़ा अता करेंगे (7)
और हमने इन्सान को अपने माँ बाप से अच्छा बरताव करने का हुक्म दिया है और (ये भी कि) अगर तुझे तेरे माँ बाप इस बात पर मजबूर करें कि ऐसी चीज़ को मेरा शरीक बना जिन (के शरीक होने) का मुझे इल्म तक नहीं तो उनका कहना न मानना तुम सबको (आखि़र एक दिन) मेरी तरफ़ लौट कर आना है मै जो कुछ तुम लोग (दुनिया में) करते थे बता दूँगा (8)
और जिन लोगों ने इमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए हम उन्हें (क़यामत के दिन) ज़रुर नेको कारों में दाखि़ल करेंगे (9)
और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो (ज़बान से तो) कह देते हैं कि हम ख़़ुदा पर इमान लाए फिर जब उनको ख़ुदा के बारे में कुछ तकलीफ़ पहुँची तो वह लोगों की तकलीफ़ देही को अज़ाब के बराबर ठहराते हैं और (ऐ रसूल) अगर तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार की मदद आ पहुँची और तुम्हें फ़तेह हुयी तो यही लोग कहने लगते हैं कि हम भी तो तुम्हारे साथ ही साथ थे भला जो कुछ सारे जहाँन के दिलों में है क्या ख़ुदा बख़ूबी वाकि़फ नहीं (ज़रुर है) (10)

19 नवंबर 2018

इससे मेरा परवरदिगार ख़ूब वाकि़फ है

और हमने क़ारुन और उसके घर बार को ज़मीन में धंसा दिया फिर ख़़ुदा के सिवा कोई जमाअत ऐसी न थी कि उसकी मदद करती और न खुद आप अपनी मदद आप कर सका (81)
और जिन लोगों ने कल उसके जाह व मरतबे की तमन्ना की थी वह (आज ये तमाशा देखकर) कहने लगे अरे माज़अल्लाह ये तो ख़़ुदा ही अपने बन्दों से जिसकी रोज़ी चाहता है कुशादा कर देता है और जिसकी रोज़ी चाहता है तंग कर देता है और अगर (कहीं) ख़ुदा हम पर मेहरबानी न करता (और इतना माल दे देता) तो उसकी तरह हमको भी ज़रुर धॅसा देता-और माज़अल्लाह (सच है) हरगिज़ कुफ्फार अपनी मुरादें न पाएँगें (82)
ये आखि़रत का घर तो हम उन्हीं लोगों के लिए ख़ास कर देगें जो रुए ज़मीन पर न सरकशी करना चाहते हैं और न फसाद-और (सच भी यूँ ही है कि) फिर अन्जाम तो परहेज़गारों ही का है (83)
जो शख़्स नेकी करेगा तो उसके लिए उसे कहीं बेहतर बदला है औ जो बुरे काम करेगा तो वह याद रखे कि जिन लोगों ने बुराइयाँ की हैं उनका वही बदला हे जो दुनिया में करते रहे हैं (84)
(ऐ रसूल) ख़़ुदा जिसने तुम पर क़़ुरआन नाजि़ल किया ज़रुर ठिकाने तक पहुँचा देगा (ऐ रसूल) तुम कह दो कि कौन राह पर आया और कौन सरीही गुमराही में पड़ा रहा (85)
इससे मेरा परवरदिगार ख़ूब वाकि़फ है और तुमको तो ये उम्मीद न थी कि तुम्हारे पास ख़़ुदा की तरफ़ से किताब नाजि़ल की जाएगी मगर तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी से नाजि़ल हुयी तो तुम हरगि़ज़ काफिरों के पुष्त पनाह न बनना (86)
कहीं ऐसा न हो एहकामे ख़़ुदा वन्दी नाजि़ल होने के बाद तुमको ये लोग उनकी तबलीग़ से रोक दें और तुम अपने परवरदिगार की तरफ़ (लोगों को) बुलाते जाओ और ख़बरदार मुशरेकीन से हरगिज़ न होना (87)
और ख़़ुदा के सिवा किसी और माबूद की परसतिश न करना उसके सिवा कोई क़ाबिले परसतिश नहीं उसकी ज़ात के सिवा हर चीज़ फ़ना होने वाली है उसकी हुकूमत है और तुम लोग उसकी तरफ़ (मरने के बाद) लौटाये जाओगे (88)

18 नवंबर 2018

ख़ुदा इतराने वालों को दोस्त नहीं रखता

(ऐ रसूल इन लोगों से) कहो कि भला तुमने देखा कि अगर ख़ुदा हमेशा के लिए क़यामत तक तुम्हारे सरों पर रात को छाए रहता तो अल्लाह के सिवा कौन ख़ुदा है जो तुम्हारे पास रौशनी ले आता तो क्या तुम सुनते नहीं हो (71)
(ऐ रसूल उन से) कह दो कि भला तुमने देखा कि अगर ख़़ुदा क़यामत तक बराबर तुम्हारे सरों पर दिन किए रहता तो अल्लाह के सिवा कौन ख़़ुदा है जो तुम्हारे लिए रात को ले आता कि तुम लोग इसमें रात को आराम करो तो क्या तुम लोग (इतना भी) नहीं देखते (72)
और उसने अपनी मेहरबानी से तुम्हारे वास्ते रात और दिन को बनाया ताकि तुम रात में आराम करो और दिन में उसके फज़ल व करम (रोज़ी) की तलाश करो और ताकि तुम लोग शुक्र करो (73)
और (उस दिन को याद करो) जिस दिन वह उन्हें पुकार कर पूछेगा जिनको तुम लोग मेरा शरीक ख़्याल करते थे वह (आज) कहाँ हैं (74)
और हम हर एक उम्मत से एक गवाह (पैग़म्बर) निकाले (सामने बुलाएँगे) फिर (उस दिन मुशरेकीन से) कहेंगे कि अपनी (बराअत की) दलील पेश करो तब उन्हें मालूम हो जाएगा कि हक़ ख़़ुदा ही की तरफ़ है और जो इफ़तेरा परवाजि़याँ ये लोग किया करते थे सब उनसे ग़ायब हो जाएँगी (75)
(नाशुक्री का एक कि़स्सा सुनो) मूसा की क़ौम से एक शख़्स कारुन (नामी) था तो उसने उन पर सरकशी शुरु की और हमने उसको इस क़दर ख़ज़ाने अता किए थे कि उनकी कुन्जियाँ एक सकतदार जमाअत (की जामअत) को उठाना दूभर हो जाता था जब (एक बार) उसकी क़ौम ने उससे कहा कि (अपनी दौलत पर) इतरा मत क्योंकि ख़ुदा इतराने वालों को दोस्त नहीं रखता (76)
और जो कुछ ख़़ुदा ने तूझे दे रखा है उसमें आखि़रत के घर की भी जुस्तजू कर और दुनिया से जिस क़दर तेरा हिस्सा है मत भूल जा और जिस तरह ख़ुदा ने तेरे साथ एहसान किया है तू भी औरों के साथ एहसान कर और रुए ज़मीन में फसाद का ख़्वाहा न हो-इसमें शक नहीं कि ख़़ुदा फ़साद करने वालों को दोस्त नहीं रखता (77)
तो क़ारुन कहने लगा कि ये (माल व दौलत) तो मुझे अपने इल्म (कीमिया) की वजह से हासिल होता है क्या क़ारुन ने ये भी न ख़्याल किया कि अल्लाह उसके पहले उन लोगों को हलाक़ कर चुका है जो उससे क़ू़वत और हैसियत में कहीं बढ़ बढ़ के थे और गुनाहगारों से (उनकी सज़ा के वक़्त) उनके गुनाहों की पूछताछ नहीं हुआ करती (78)
ग़रज़ (एक दिन क़ारुन) अपनी क़ौम के सामने बड़ी आराइश और ठाठ के साथ निकला तो जो लोग दुनिया को (चन्द रोज़ा) जि़न्दगी के तालिब थे (इस शान से देख कर) कहने लगे जो माल व दौलत क़ारुन को अता हुयी है काश मेरे लिए भी होती इसमें शक नहीं कि क़ारुन बड़ा नसीब वर था (79)
और जिन लोगों को (हमारी बारगाह में) इल्म अता हुआ था कहनें लगे तुम्हारा नास हो जाए (अरे) जो शख़्स इमान लाए और अच्छे काम करे उसके लिए तो ख़ुदा का सवाब इससे कही बेहतर है और वह तो अब सब्र करने वालों के सिवा दूसरे नहीं पा सकते (80)

17 नवंबर 2018

अगर हम तुम्हारे साथ दीन हक़ की पैरवी करें

और हम यक़ीनन लगातार (अपने एहकाम भेजकर) उनकी नसीहत करते रहे ताकि वह लोग नसीहत हासिल करें (51)
जिन लोगों को हमने इससे पहले किताब अता की है वह उस (क़़ुरआन) पर इमान लाते हैं (52)
और जब उनके सामने ये पढ़ा जाता है तो बोल उठते हैं कि हम तो इस पर इमान ला चुके बेशक ये ठीक है (और) हमारे परवरदिगार की तरफ़ से है हम तो इसको पहले ही मानते थे (53)
यही वह लोग हैं जिन्हें (इनके आमाले ख़ैर की) दोहरी जज़ा दी जाएगी-चूँकि उन लोगों ने सब्र किया और बदी को नेकी से दफ़ा करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें अता किया है उसमें से (हमारी राह में) ख़र्च करते हैं (54)
और जब किसी से कोई बुरी बात सुनी तो उससे किनारा कश रहे और साफ कह दिया कि हमारे वास्ते हमारी कारगुज़ारियाँ हैं और तुम्हारे वास्ते तुम्हारी कारस्तानियाँ (बस दूर ही से) तुम्हें सलाम है हम जाहिलो (की सोहबत) के ख़्वाहा नहीं (55)
(ऐ रसूल) बेशक तुम जिसे चाहो मंजि़ले मक़सूद तक नहीं पहुँचा सकते मगर हाँ जिसे खु़दा चाहे मंजि़ल मक़सूद तक पहुचाए और वही हिदायत याफ़ता लोगों से ख़ूब वाकि़फ़ है (56)
(ऐ रसूल) कुफ़्फ़ारे (मक्का) तुमसे कहते हैं कि अगर हम तुम्हारे साथ दीन हक़ की पैरवी करें तो हम अपने मुल्क से उचक लिए जाएँ (ये क्या बकते है) क्या हमने उन्हें हरम- ऐ- (मक्का) में जहाँ हर तरह का अमन है जगह नहीं दी वहाँ हर किस्म के फल रोज़ी के वास्ते हमारी बारगाह से खिंचे चले जाते हैं मगर बहुतेरे लोग नहीं जाते (57)
और हमने तो बहुतेरी बस्तियाँ बरबाद कर दी जो अपनी मइष्त (रोजी़) में बहुत इतराहट से (जि़न्दगी) बसर किया करती थीं-(तो देखो) ये उन ही के (उजड़े हुए) घर हैं जो उनके बाद फिर आबाद नहीं हुए मगर बहुत कम और (आखि़र) हम ही उनके (माल व असबाब के) वारिस हुए (58)
और तुम्हारा परवरदिगार जब तक उन गाँव के सदर मक़ाम पर अपना पैग़म्बर न भेज ले और वह उनके सामने हमारी आयतें न पढ़ दे (उस वक़्त तक) बस्तियों को बरबाद नहीं कर दिया करता-और हम तो बस्तियों को बरबाद करते ही नहीं जब तक वहाँ के लोग ज़ालिम न हों (59)
और तुम लोगों को जो कुछ अता हुआ है तो दुनिया की (ज़रा सी) जि़न्दगी का फ़ायदा और उसकी आराइष है और जो कुछ ख़ुदा के पास है वह उससे कही बेहतर और पाएदार है तो क्या तुम इतना भी नहीं समझते (60)

16 नवंबर 2018

बिजली व मीटर दोनों सरकारी होंगे

पूर्व मंत्री धारीवाल का बडा बयान, कांग्रेस कोटा को बनाएगी सुपर स्मार्ट सिटी
बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे शहर के 65 वार्ड, एजुकेशन सिटी को फिर से मिलेगा पर्यटन स्पोर्ट का नया आयाम
गढ पैलेस के बादल महल में हुआ कांग्रेस का बूथ स्तर का कार्यकर्ता सम्मेलन में शरिक हुए धारीवाल
कोटा। 16 नवंबर 2018
भाजपा पांच साल तक हाडौती अंचल के सबसे बडे शहर व संभाग मुख्यालय कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने की कसरत करती रही। लेकिन सरकार की उपेक्षा का शिकार बना कोटा शहर भाजपा सरकार से स्मार्ट नहीं बन पाया। लेकिन पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री शांति घारीवाल ने शुक्रवार की रात को गढ पैलेस के बादल महल परिसर में राजस्थान विधानसभा चुनाव तैयारी को लेकर हुए कांग्रेस के बूथ स्तर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बडा बयान दिया, और कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर कोटा शहर को सुपर स्मार्ट सिटी बनाएगी। जिसकी प्लानिंग वह कर चुके है। बादल महल में हुए सम्मेलन में सराय का स्थान, राधा विलास व बृजरापुरा क्षेत्र के बडी संख्या में कांग्रेस के बूथ स्तर के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इधर, सम्मेलन को संबोधित करते हुए धारीवाल ने कहा कि उनका कोटा शहर को लेकर एक अकेली कोटा उत्तर विधानसभा का विकास करवाना नहीं होता, वह समूचे शहर का विकास कराने की योजना बनाकर शहर के कौने-कौने को विकसित करते है। ऐेसे में कांग्रेस के नए शासन में शहर के 65 वार्ड बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे। नाली पटान, सीसी सडक, डिमांड के अनुसार शहर के अलग-अलग इलाकों में चिकित्सा सुविधा के रूप डिस्पेंसरी यूनिट, माइक्रो लेवल पर पेयजल सप्लाई, कचरे का उठान से लेकर उसके निस्तारण की समुचित व्यवस्था होगी। शहरी ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होगा, खाली भूखंडों में पानी व गंदगी फैलने से परेशान जनता की समस्या का समाधान होगा। आवारा मवेशियों का स्थाई समाधान किया जाएगा। हर रोड धूधियां रोशनी से जगमग होगा। औद्योगिक क्षेत्र का ढांचागत विकास होगा, तो व्यापारियों की मुख्य बाजारों में पार्किंग की समस्या है उसका स्थाई समाधान किया जाएगा, इस योजना में खासकर े शहर के अंदरूनी पुराने बाजार शामिल किए जाएंगे। बाजारों में महिला व पुरूषों की जनसुविधाओं का खास ध्यान रखा जाएगा। वेल डवलप शहर के बाजार होंगे। शहर की दिन व रात के समय की कानून व यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाएगा। कृषि भूमि पर बसी नई कॉलोनियों व नगर निगम में शामिल 35 गांवों का ढांचागत अधूरा विकास पूरा किया जाएगा। जहां भाजपा ने जाकर तक नहीं देखा। कच्ची बस्तियों का पुनर्वास फिर से किया जाएगा। नई आवासीय कॉलोनियां बनाई जाएगी जैसे पहले प्रेमनगर अफोर्डेबल हाउसिंग योजना व उडिया बस्ती को अजय आहूजा नगर शिफ्ट किया गया था। ऐसे में कांग्रेस शहर की चारों दिशाओं को वेल डवलप करेगी। लोगों की बंद पेंशन व नई पेंशन चालू की जाएगी। राशन की दुकान से भी निराश होकर नही लोटेगे लोग। शहर के वार्डो में फिर से शिविर लगाकर लोगों को पूर्ववर्ती सरकार की भांति मकानों, कृषि भूमि के मालिकाना हक के लिए पटटे दिए जाएंगे।
बिजली व मीटर दोनों सरकारी होंगे
पूर्व मंत्री धारीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने कोटा शहर के बिजली सिस्टम को पिछले दो सालों से निजी बिजली कंपनी के हाथों सौंप रखा है। जो लगातार शहर के लोगों को भारी भरकम राशि के बिल थमाकर लूट रही है। प्राइवेट बिजली सिस्टम के स्मार्ट मीटरों ने शहर की गरीब जनता को रोड पर ला दिया है। शहर का आम व्यक्ति की डिमांड है कि शहर में फिर से सरकारी बिजली सिस्टम हो और सरकारी ही मीटर उनके घरों पर लगे। ताकि जो 500 का बिजली का बिल 50000 को हो गया है वह फिर से 500 को हो। ऐसे में कांग्रेस सत्ता में आते ही जनता को केईडीएल बिजली कंपनी व उसके स्मार्ट मीटर की लूट से आजादी दिलवाएगी।
शांति धारीवाल, पूर्व मंत्री
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