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19 जनवरी 2017

बदल गए हो तुम ,,

सच कितने
बदल गए हो तुम ,,
प्यार निभाने
वफ़ा दिखाने का
एक मौक़ा और मिला था
उसे भी हमने
आज गवां दिया ,,
सच कितने
बदल गए हो तुम ,,
फिर वही बेवफाई
फिर वही झूँठ
फिर वही फरेब
फिर वही तन्हाई
फिर वही जुदाई
शायद यही सब
मेरा नसीब है ,,,
मेने तो एक कोशिश की थी
बस तुम मर्ज़ी के मालिक हो
तुम मेरा नसीब नहीं ,,,,,,,
एक छुटपुट डायरी का पन्ना
बन गया हूँ में ,,,अख्तर

में बेक़ुसूर हूँ ,,

मुझ पर अपना सब कुछ
लुटा देने वाला यह माशूक़
बहुत सीना ज़ोर निकला है
गलतियों पे गलतिया की है
ज़िदों पर ज़िदें की है ,,
मेरी हर ना पसन्द
को पसन्द किया है
फिर भी यह माशूक़ कहता है
में बेक़ुसूर हूँ
में बेक़ुसूर हूँ ,,

क़ुरान का सन्देश

  

अरे जे पी जी सर

अरे जे पी जी सर ,,,,क्या उर्जित पटेल सर ,,,पंजाब की एक लोकसभा से चुनाव हारे हुए प्रत्याक्षी सर ,,,इस हारे हुए प्रत्याक्षी के हवाले पुरे देश की वित्तीय व्यवस्था सम्भलवाने वाले ,,ननियानवे प्रतिशत लोगो के वोट से प्रधानमंत्री बनने के बाद ,,,,सिर्फ एक प्रतिशत अमीर लोगो के बारे में,, सोचने वाले सर से यह तो पूंछ लो ,,,ग्यारह महीने पहले ,,रिज़र्व बैंक से जो एक हज़ार रूपये के तीस हज़ार करोड़ रूपये के एक एक हज़ार के नॉट जो छपवाए थे ,,उस नॉट में से तार गायब होने पर ,,,देश में कितने नक़ली नॉट बाज़ार में चले ,,फिर दो हज़ार रूपये के नॉट छाप कर उसके नक़ली नॉट कैसे बाजार में आये है जनाब ,,,,,,,,,,तीस हज़ार के बिना तार वाले एक हज़ार के छपने वाले नोटों के लिए ,,वित्तमंत्रालय ,,रिज़र्व बैंक के गवर्नर ,प्रधानमंत्री कार्यालय के वित्त सलाहकार के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई ज़रा जनता को ,,,देश को बताएंगे ,,क्या गणतन्त्र के सम्बोधन में यह सब बता पाएंगे ,,,अख्तर

18 जनवरी 2017

मेरे खातिर ,,

वोह तुम्ही थे
जिसने सभी को
छोड़ दिया था
मेरे खातिर ,,
यह भी तुम्ही हो
जिसने छोड़ दिया
आज मुझे
न जाने
किसकी खातिर ,,,,अख्तर
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