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21 जनवरी 2018

क़ुरआन का सन्देश

(ऐ रसूल) बनी इसराइल से पूछो कि हम ने उन को कैसी कैसी रौशन निशानियाँ दी और जब किसी शख्स के पास ख़ुदा की नेअमत (किताब) आ चुकी उस के बाद भी उस को बदल डाले तो बेषक़ ख़ुदा सख़्त अज़ाब वाला है (211)  जिन लोगों ने कुफ्र इख़्तेयार किया उन के लिये दुनिया की ज़रा सी जि़न्दगी ख़ूब अच्छी दिखायी गयी है और इमानदारों से मसखरापन करते हैं हालाकि क़यामत के दिन परहेज़गारों का दरजा उनसे (कहीं) बढ़ चढ़ के होगा और ख़ुदा जिस को चाहता है बे हिसाब रोज़ी अता फरमाता है (212)
(पहले) सब लोग एक ही दीन रखते थे (फिर आपस में झगड़ने लगे तब) ख़ुदा ने नजात से ख़ुशख़बरी देने वाले और अज़ाब से डराने वाले पैग़म्बरों को भेजा और इन पैग़म्बरों के साथ बरहक़ किताब भी नाजि़ल की ताकि जिन बातों में लोग झगड़ते थे किताबे ख़़ुदा (उसका) फ़ैसला कर दे और फिर अफ़सोस तो ये है कि इस हुक्म से इख़्तेलाफ किया भी तो उन्हीं लोगों ने जिन को किताब दी गयी थी और वह भी जब उन के पास ख़ुदा के साफ एहकाम आ चुके उसके बाद और वह भी आपस की शरारत से तब ख़ुदा ने अपनी मेहरबानी से (ख़ालिस) ईमानदारों को वह राहे हक़ दिखा दी जिस में उन लोगों ने इख़्तेलाफ डाल रखा था और ख़़ुदा जिस को चाहे राहे रास्त की हिदायत करता है (213)
क्या तुम ये ख़्याल करते हो कि बेह्श्ते में पहुँच ही जाओगे हालाकि अभी तक तुम्हे अगले ज़माने वालों की सी हालत नहीं पेश आयी कि उन्हें तरह तरह की तक़लीफों (फाक़ा कशी मोहताजी) और बीमारी ने घेर लिया था और ज़लज़ले में इस क़दर झिंझोडे़ गए कि आखि़र (आजि़ज़ हो के) पैग़म्बर और ईमान वाले जो उन के साथ थे कहने लगे देखिए ख़ुदा की मदद कब (होती) है देखो (घबराओ नहीं) ख़़ुदा की मदद यक़ीनन बहुत क़रीब है (214)
(ऐ रसूल) तुमसे लोग पूछते हैं कि हम ख़ुदा की राह में क्या खर्च करें (तो तुम उन्हें) जवाब दो कि तुम अपनी नेक कमाई से जो कुछ खर्च करो तो (वह तुम्हारे माँ बाप और क़राबतदारों और यतीमों और मोहताजो और परदेसियों का हक़ है और तुम कोई नेक सा काम करो ख़़ुदा उसको ज़रुर जानता है (215)
(मुसलमानों) तुम पर जिहाद फर्ज़ किया गया अगरचे तुम पर शाक़ ज़रुर है और अजब नहीं कि तुम किसी चीज़ (जिहाद) को नापसन्द करो हालाकि वह तुम्हारे हक़ में बेहतर हो और अजब नहीं कि तुम किसी चीज़ को पसन्द करो हालाॅकि वह तुम्हारे हक़ में बुरी हो और ख़ुदा (तो) जानता ही है मगर तुम नही जानते हो (216)
(ऐ रसूल) तुमसे लोग हुरमत वाले महीनों की निस्बत पूछते हैं कि (आया) जिहाद उनमें जायज़ है तो तुम उन्हें जवाब दो कि इन महीनों में जेहाद बड़ा गुनाह है और ये भी याद रहे कि ख़़ुदा की राह से रोकना और ख़ुदा से इन्कार और मस्जिदुल हराम (काबा) से रोकना और जो उस के एहल है उनका मस्जिद से निकाल बाहर करना (ये सब) ख़ुदा के नज़दीक इस से भी बढ़कर गुनाह है और फि़तना परदाज़ी कुश्ती ख़़ून से भी बढ़ कर है और ये कुफ़्फ़ार हमेशा तुम से लड़ते ही चले जाएँगें यहाँ तक कि अगर उन का बस चले तो तुम को तुम्हारे दीन से फिरा दे और तुम में जो शख्स अपने दीन से फिरा और कुफ्ऱ की हालत में मर गया तो ऐसों ही का किया कराया सब कुछ दुनिया और आखे़रत (दोनों) में अकारत है और यही लोग जहन्नुमी हैं (और) वह उसी में हमेशा रहेंगें (217)
बेशक जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और ख़ुदा की राह में हिजरत की और जिहाद किया यही लोग रहमते ख़ुदा के उम्मीदवार हैं और ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है (218)
(ऐ रसूल) तुमसे लोग शराब और जुए के बारे में पूछते हैं तो तुम उन से कह दो कि इन दोनो में बड़ा गुनाह है और कुछ फायदे भी हैं और उन के फायदे से उन का गुनाह बढ़ के है और तुम से लोग पूछते हैं कि ख़ुदा की राह में क्या ख़र्च करे तुम उनसे कह दो कि जो तुम्हारे ज़रुरत से बचे यूँ ख़ुदा अपने एहकाम तुम से साफ़ साफ़ बयान करता है (219)
ताकि तुम दुनिया और आखि़रत (के मामलात) में ग़ौर करो और तुम से लोग यतीमों के बारे में पूछते हैं तुम (उन से) कह दो कि उनकी (इसलाह दुरुस्ती) बेहतर है और अगर तुम उन से मिलजुल कर रहो तो (कुछ हर्ज) नहीं आखि़र वह तुम्हारें भाई ही तो हैं और ख़ुदा फ़सादी को ख़ैर ख़्वाह से (अलग ख़ूब) जानता है और अगर ख़ुदा चाहता तो तुम को मुसीबत में डाल देता बेशक ख़ुदा ज़बरदस्त हिक़मत वाला है (220)

20 जनवरी 2018

हज सब्सिडी ख़त्म होनें की घोषणा पर खुश

हज सब्सिडी ख़त्म होनें की घोषणा पर खुश हो कर बवाल काटनें वाले भक्त ये पोस्ट को ध्यान से पढ़ें !
अब ये 700 करोड़ जो Indian Air line को मदद के रुप होते थे, वो अल्प संख्यक मुस्लिम मद्रासो मे पढ़ने वाली मुस्लिम लड़कीयों और मद्रासो के विकास मे होगा बताया गया है !
जो मुस्लिमों की ही वर्षों पुरानी मांग थी !
अब तक हर साल मुस्लिम लड़कियों के दी गई राशी मे 700 करोड़ और जोड़ना अनिवार्य होगा !

हज सब्सिडी की हकीकत इसे जान लें
सब्सिडी हाजियों को या एयर इंडिया को ?
हज सब्सिडी के ज़रिये फ़िरक़ा परस्त कपटी लोग काफी वक़्त से मुसलमानो को शर्मशार करतें रहें हैं !
लेकिन क्या वाक़ई सब्सिडी हाजियों को दी जाती रही है ?
आइये नजरी हिसाब किताब निकालतें हैं !
🔻कैलकुलेशन ऑफ़ सब्सिडी🔻
फिलहाल मक्का शरीफ से इंडिया के लिये हाजियों का कोटा एक लाख छत्तीस हज़ार 1,36,000 का है ।
पिछले साल हमारी गवर्नमेंट ने सालाना बजट में 691 करोड़ हज सब्सिडी के तौर पर मंज़ूर किये थे !
691 करोड़ ÷ 1.36 lakh फ़ी हाजी = 50.8 हज़ार !
👉 राउंड फ़िगर में यानी एक हाजी के लिए 50,000/- रुपये !
अब ज़रा जुमला खर्च भी जोड़ लेते हैं
👉एक हाजी को हज के लिए गवर्नमेंट को एक लाख अस्सी हज़ार 1,80,000/- देनें पड़तें हैं ।
जिसमे चौतीस हज़ार 34,000/- लगभग 2100 रियाल मक्का पहुँचने के बाद हाजी को खर्च के लिए वापस मिलतें हैं !
1.8 लाख - 34000 = 1.46 लाख,
यानि हमें हमारी गवर्नमेंट को एक लाख छियालीस हज़ार [1,46,000/-] रुपये अदा करने पडतें हैं !
👉 मुम्बई से जद्दाह रिटर्न टिकट 2 महीने पहले बुक करतें हैं, तो कुछ फ्लाइट का किराया 25000/- रुपये से भी कम है ! फिर भी 25000/- रुपये ही मान लेतें हैं !
👉 खाना टैक्सी/बस का बंदोबस्त हाजियों को अलग से अपनी जेब से करना होता है !
👉 गवर्नमेंट को अदा किये एक लाख छियालीस हज़ार रुपये [1,46,000/-] में से होने वाला खर्च ___ विवरण :-
फ्लाइट = 25,000/-
मक्का में रहना(25दिन) = 50,000/-
मदीना में रहना(15दिन) = 20,000/-
अन्य खर्चे = 25,000/-
कुल खर्च हुआ =1,20,000/-√√√
😧 कन्फ्यूज़न 😧
👉 मतलब एक हाजी से लिये 1,46,000 रुपये और खर्च आया कुल 1,20,000 रुपये मतलब एक हाजी अपनी जेब से गवर्नमेंट को ही 26,000 देता है !
👉 अब असल मुद्दा ये है की जब हाजी सारा रुपया अपनी जेब से खर्च करता है, अलावा इसके 26,000 रुपये गवर्नमेंट के पास चले जातें है !
मतलब लगभग साफ़ है की सब्सिडी मिला कर गवर्नमेंट के पास 76,000 हज़ार हो जाता है तो ये पैसा जाता कहां है ?
26,000+50,000 × 1,36,000 = 10,33,60,00,000 [दस अरब तेतीस करोड़ साठ लाख रुपया],
👉 याद रहे की अनुमानतः एयर इंडिया कंपनी फिलहाल 2100 करोड़ के घाटे में चल है !
👉बिला शुबहा ये रुपया एयर इंडिया कंपनी और पॉलिटिशियन के जेब में जाता है !
और शर्मिंदा कुनीति-साज़िश के तहत मुसलमानों को किया जाता है !
ऐश करें पीएम, संसद, विधायक और ब्युरेक्रेट्स, इंडियन एयर लाईन का घटा भरपाई हो हाजियों से लेकिन बजट में इसे सरकार नें कभी आमदनी ही नहीं बताया ? नगाड़ा हज सब्सडीह का पीटते रहे और सरकार के पालित पोषित उपकृत लाल बत्ती में बैठ कर सरकारी सुविधा भोगी कौम के तनखईये ऐश करते रहे .. धन्यवाद पीएम मोदी व भारत सरकार !

तुमने बहाया होता

तुमने बहाया होता
देश की आज़ादी के लिए
खून अगर ,,
तुम्हारी नसों में अगर
बहता खून ईमानदारी का ,,,
सभी कुछ छोड़कर
बना देते तुम पहले लोकपाल ,,
लेकिन यही तो शायद
डी ऍन ऐ टेस्ट है तुम्हारा ,,अख्तर

बहुत चीखते हो

बहुत चीखते हो
डी ऍन ऐ ,,डी ऍन ऐ
चलो दुर्योधन
चलो कौरव
चलो कंस
चलो रावण
के वंशजो से भी
डी ऍन ऐ टेस्ट हो जाए ,,अख्तर

सांगोद में 30 जनवरी को शहीद दिवस

सांगोद में 30 जनवरी को शहीद दिवस पर पूर्व मुख्य मंत्री अशोक गहलोत की होने वाली आमसभा को सफल बनाने के लिए सिमलिया में हुए कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री भरत सिंह जी एवं सुल्तानपुर प.स.के पूर्व उप प्रधान रईस खान ने 30 जनवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को सांगोद पहुंचने का आह्वान किया तथा सम्मेलन समाप्ति के बाद सिमलिया टोल प्लाजा पर भरत सिंह जी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन कर एन एच् ए आई अधिकारियों को ज्ञापन देकर चेतावनी दी गई कि सन 2011 से टोल वसूली की जा रही है तथा 2015 में दुबारा से सड़क का नवीनीकरण किया जाना था,जो नही किया गया तथा पूरी सड़क पर गड्डे हो रहे है फिर टोल क्यों वसूला जा रहा है अगर शीघ्र रोड का नवीनीकरण नही किया गया तो क्षेत्र की जनता को साथ लेकर टोल को बंद कराया जावेगा,प्रदर्शन में प्रधान भूपेन्द्र सिंह, सिमलिया सरपंच राजेश नागर, बमोरी सरपंच गायत्री मीना,भोरा सरपंच शोभाग मीना,चौमा के पूर्व सरपंच परमानंद मीना,रेलगांव के पूर्व सरपंच मोहन लाल मीणा,गाढ़ेपन के पूर्व सरपंच दिनेश मीना,भंडाहेड़ा के पूर्व सरपंच रामराज जी यादव,दिनेश यादव सुवाणा,प्रदीप नागर भंडाहेड़ा,अनिरुद्ध हनुतिया,राम भरोस सारोला,राजेन्द्र सिंह जी खेड़ली,मानक चंद बमोरी,चंद्रभान मोतिकुवा,सिमलिया ब्लाक अध्यक्ष महावीर कचोलिया,ब्लाक अध्यक्ष sc महेन्द्र मेघवाल,हरिप्रकाश शर्मा दीगोद,प्रेम जी शर्मा दीगोद,शीतल शर्मा कंवरपुरा,भूपेश शर्मा कल्याणपुरा,जगदीश मीना भौंरा,अरविंद शर्मा,भुवनेश नागर, अकरम खान,दयाराम वर्मा,रामकिशन गोचर,संजुबाला सुमन,ओम नागर, किशन नागर, सिमलिया आदि नेतागण साथ थे।
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