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27 February 2012

राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष ममता जी तो संस्कारवान है वोह सिर्फ और सिर्फ महिलाओं का सम्मान ही करती है


दोस्तों ममता शर्मा ..जी हाँ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ..बूंदी से दो बार विधायक रह चुकी ममता शर्मा जो राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव भी थी ..एक दिग्गज परिवार की लडकी ..एक दिग्गज परिवार की बहु है ..यह आधुनिक राजस्थान के निर्माता हाडोती के शेर पंडित ब्रिज सुदंर शर्मा की पुत्र वधु और राजस्थान के जाने माने वकील एडवोकेट कमलाकर साहब की धर्म पत्नी है ..इतना ही नहीं कोटा के छोटे देवता जी की पुत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिकुमार ओदिच्य की बहन है .इनके संस्कार में कूट कूट कर भारतीय संस्क्रती भरी है ..पढ़ी लिखी काबिल महिला होने के बाद भी इन्होने गाँव में जाकर बुज़ुर्ग महिलाओं की खिदमत की है ..पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लियें संघर्ष किया है ..ममता शर्मा जी ब्राह्मण परिवार की पढ़ी लिखी धर्म पर और भारतीय संस्क्रती पर अटूट विशवास रखने वाली ऐसी महिला हैं जिनकी जिंदगी और रहन सहन में ही भारतीयता झलकती है ..वोह महिला कोंग्रेस की अध्यक्ष भी रही है और हमेशा महिलाओं के मान सम्मान के लियें संघर्ष करती रही हैं ..ऐसी महिला के जुमले को पकड़ कर हव्वा खड़ा करना देश की कोनसी संस्क्रती है ..सारा देश जानता है के स्लिप ऑफ़ टंग यानी मुहावरों में कुछ कहना अर्थ का अनर्थ नहीं करता है ममता जी ने सेक्सी मामले में जो कहा वोह कहने को तो सब दिल से जानते है के उनका मन्तव्य क्या था वोह क्या कहना चाहती थीं लेकिन हमारे देश के विपक्ष से जुड़े लोग और मिडिया ने बात का बतंगड़ बना दिया आखिर में ममता शर्मा ने फिर अपनी महानता देश की महिलाओं के मान सम्मान के लियें अपनी ममता दिखाई और अपना बढ़प्पन दिखाकर इस विवादास्पद बयान को वापस लेने की घोषणा की फिर भी कुछ लोग बेचें है और अनावश्यक बात को तूल दे रहे है तो जनाब में ममता शर्मा जी के स्वभाव उनके भारतीय संस्क्रती और भारतीय विधान की तरफ झुकाव विश्वास साबित करने के लियें ही यह पोस्ट लिख रहा हूँ ..इसलियें कहता हूँ के जो बात आप लोगों को करना है वोह करो एक महिला का साथ दो उन्हें देश की महिलाओं की स्थिति ..उनके विषम हालातो दुःख तकलीफों के बारे में बताओ ताके उनकी समस्याओं का समाधान हो सके ..अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा के पत्रकार जहां आपस में प्यार कम तकरार ज्यादा होने लगी है ..इश्वर इन्हें सद्बुद्धि दे

दोस्तों अप और हम सभी जानते हैं के जानवर जानवर को नहीं काटता ..सांप सांप को नहीं डसता ..कुत्ते कुत्ते को नहीं काटते इंसान इंसान को नहीं काटते लेकिन इंसानों में ही एक ज़ात पत्रकारों की ऐसी है जो बातें तो बढ़ी बढ़ी करते है लेकिन जब वक्त पढ़ता है तब सब गेर हो जाते है और एक दुसरे को उपेक्षित करने ..एक दुसरे को निचा दिखाने के बारे में सोचने लगते है ..ऐसा कहीं हो या ना हो हमारे कोटा राजस्थान में तो खूब हो रहा है यहाँ वेसे तो दो बढ़े अख़बारों की लड़ाई में काफी पत्रकार पिस रहे है ....लेकिन कई ऐसे भी मामले है जो पत्रकारों की कोई खास सार सम्भाल नहीं है ..अभी पिछले दिनों कोटा के एक वरिष्ठ लेकिन गरीब पत्रकार जनाब अजित मधुकर जी की अस्पताल में म़ोत हो गयी ..लोग उनकी शव यात्रा में गये नहीं गये लेकिन अब सब उन्हें भूल गये ..उनकी म़ोत की खबर कुछ अख़बारों में छपी कुछ में नहीं छपी ..प्रेस क्लब के कार्यक्रम होते है ..पत्रकार संगठनों के कार्यक्रम होते है कुछ छपते है कुछ को छापा नहीं जाता .......अभी हाल ही में कोटा के एक वरिष्ठ पत्रकार देनिक जन्धारना पक्ष के जनाब मनोहर परिक के साथ हादसा हुआ ..वोह बस स्टेंड पर खड्डे में गिरे उनके पाँव की हड्डियाँ टूट गयी वोह इधर से उधर अस्पतालों में चक्कर लगाते रहे लेकिन उनकी कोई पत्रकार मदद करने नहीं आया ...खुद अपने स्तर पर उन्होंने इलाज करवाया अस्पताल के क्यूबिकल वार्ड में रहे वोह प्रेस क्लब के पदाधिकारी भी रहे और उन्होंने झारखंड रिश्वत काण्ड का खुलासा किया था इसलियें विभिन्न पत्रकारिता पुरस्कारों से उन्हें नवाज़ा गया लेकिन बेचारे सभी के सुक्ख दुक्ख में काम आने वाले भाई मनोहर परिक की इस दुक्ख की घड़ी में उनसे मिलने गिनती के पत्रकार गये उनके साथ घटित दुर्घटना की खबर भी किसी पत्रकार ने नहीं छापी ..जबकि किसी का कुत्ता भी अगर बीमार हो जाये तो वोह खबर अख़बारों में छपती है ...........लेकिन हमारे मनोहर परिक साहब काफी दिनों तक अस्पताल में तड़पते रहे उनके परिवार और मित्रों के आलावा किसी भी पत्रकार ने उनकी सुद्ध नहीं ली ....अभी पिछले दिनों भास्कर के एक पत्रकार जनाब स्लिम शेरी साहब को फोटो पत्रकारिता के लियें जिला प्रशासन ने पुरस्कर्त किया उनके लियें और कोटा के पत्रकारों के लियें यह गोरव की बात थी .लेकिन जनाब एक अख़बार में भी उनकी खबर नहीं छपी किसी ने उन्हें बधाई नही दी इतना ही नहीं अभी पिच्छले दिनों एक खबर के मामले में फोटोग्राफी करते वक्त गुजरों ने उन पर हमला कर उनका हाथ तोड़ दिया ..उनके अख़बार के अलावा दुसरे अख़बारों में खबर नदारद थी ..कुल मिलाकर पत्रकारिता की कोटा की दुनिया में तेरी मेरी ..की लड़ाई चल रही है ना जाने कितने गुट बने है दो बढ़े अख़बारों के झगड़े तो जग ज़ाहिर हैं लेकिन छोटे अख़बार भी एक नहीं है एक दुसरे को निचा दिखाने का काम कर रहे है कुछ तो राजनितिक पार्टियों के जनसम्पर्क कर्मचारी बने है कुछ राजनेताओं के मुखबिर बनकर काम कर रहे है कोटा में कोई भी अख़बार या संस्था हो पत्रकारिता के आधुनिकीकरण मामले में कोई भी सेमिनार या प्रशिक्ष्ण कार्यक्रम का आयोजन किसी ने भी नहीं किया है यानी पत्रकारिता के हालातों को सूधारने की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है ..पत्रकार छोटे बढ़े ..देनिक साप्ताहिक पाक्षिक ..इलेक्ट्रोनिक ... प्रिंट ..रिटायर्ड ....बिना रिटायर्ड ..कोंग्रेस.... भाजपा में बंट गए है और इन हालातों में यहाँ पत्रकारिता का व्यवसाय तो हो रहा है लेकिन पत्रकारिता के नाम पर समाज सेवा समाज के प्रति ज़िम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है ऐसे में तो बस खुदा से यही दुआ है के कोटा जहाँ देश के सभी इलेक्ट्रोनिक टीवी चेनल और देनकी ..साप्ताहिक..पाक्षिक अख़बार पत्रिकाओं के संवाददाता है उनका कोटा से प्रकाशन है उन्हें खुदा सद्बुद्धि दे और पत्रकार एक जुट होकर कोटा में ही नहीं राजस्थान में ही नहीं विश्व भर में कोटा की पत्रकारिता का आज़ादी की लड़ाई जेसा इतिहास बनाये देखते हैं इन्तिज़ार करते हैं आने वाला कल कोटा की पत्रकारिता के लियें केसा होता है ........ खान अकेला कोटा राजस्थान

26 February 2012

सेक्सी का मतलब सुंदरता है, आकर्षण है और एक्साइटमेंट है'

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जयपुर.राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि देश में महिलाओं की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। यदि महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करना है तो पंचायत और ब्लॉकस्तर पर करना होगा। बिना शिक्षा के महिला सशक्तिकरण संभव नहीं है।

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल व श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में शनिवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में दिशाबोध के तहत राज्यस्तरीय महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित करने के बारे में आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष की दो तरफा बयानबाजी भी दिखाई दी।

एक तरफ उन्होंने कहा कि युवतियां युवकों की टिप्पणियों से न डरें, बल्कि सकारात्मक रूप में लें। लड़कों द्वारा कहे जाने वाले सेक्सी शब्द को नकारात्मक सोच लेकर बुरा नहीं मानना चाहिए। इसका मतलब सुंदरता है, आकर्षण है और एक्साइटमेंट है। दूसरी तरफ तो उन्होंने कहा कि न्यूजपेपर में आने वाले अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगनी चाहिए।

मुख्य अतिथि दिल्ली दूरदर्शन की डायरेक्टर रेखा व्यास ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले साध्वी आत्म प्रभा ने सेमिनार को संबोधित किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि भास्कर के संपादकीय सलाहकार महेंद्र सुराणा, संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष कोलकाता की सूरज बरड़िया, राष्ट्रीय महामंत्री पुष्पा बैद, प्रचार मंत्री सरिता डागा भी उपस्थित थी।

बवाल के बाद बयान वापस :

बयान पर विवाद होने के बाद रात को ममता शर्मा ने एक चैनल से बातचीत करते हुए बयान वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने बयान को गलत संदर्भ में लेने की बात कहते हुए इसे वापस लेने की बात कह दी।
बयान दुर्भाग्यपूर्ण-भाजपा : ममता के बयान को भाजपा ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन शर्मा ने केंद्र सरकार से ममता शर्मा को बर्खास्त करने की मांग की।

विधान सभा में चप्पल उछालने वाले राजावत हो गए बहाल


जयपुर.विधायक हनुमान बेनीवाल को भाजपा विधायक दल से निलंबित कर दिया गया। रविवार को विधानसभा की ना पक्ष लॉबी में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में यह फैसला किया गया। बेनीवाल को पार्टी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी के लिए पहले ही भाजपा से निलंबित किया जा चुका है।

उधर, सदन से निलंबित भाजपा विधायक भवानीसिंह राजावत की बहाली पर विपक्ष की नेता वसुंधराराजे ने रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके निवास पर जाकर बात की। राजावत पर विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान चप्पल उछालने का आरोप है।

सत्तापक्ष ने प्रस्ताव लाकर उन्हें सदन से निलंबित कर दिया था। सत्तापक्ष राजावत से सदन में माफी मंगवाने पर अड़ा है, वहीं राजावत माफी मांगने को तैयार नहीं हैं। उधर, भाजपा से निलंबन के बारे में बेनीवाल ने कहा कि उनकी वसुंधराराजे, राजेन्द्र राठौड़, डॉ. दिगंबरसिंह, प्रतापसिंह सिंघवी, ललित मोदी आदि के खिलाफ लड़ाई जारी है। जब तक दारासिंह एनकाउंटर मामले में राजेन्द्र राठौड़ जेल नहीं जाएंगे, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। भाजपा को उनके निलंबन का खमियाजा उठाना पड़ेगा

कपड़े उतार पुलिस लगाती रही करंट, दर्द से चिल्लाता रहा सिकंदर


चंडीगढ़. 24 फरवरी, दोपहर 12.30 बजे। थाना 39 पुलिस ने डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी सिकंदर सिंह को उसके घर के पास से गिरफ्तार किया। आरोप है कि सिकंदर सिंह को सुबह पकड़ा गया और रात को उसे आवारागर्दी की धारा 109 के तहत गिरफ्तार किया गया। उसे थाना 39 के पिछले गेट से अंदर ले जाया गया, ताकि सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर कैद न हो। इस बीच उसको करंट लगाकर टॉर्चर किया गया।
सिकंदर की याचिका पर रविवार को सुनवाई करते हुए जिला मेजिस्ट्रेट ने मेडिकल के आदेश दिए। इसमें उसके शरीर पर कई नीले दाग पाए गए। पिछले दिना मोबाइल थानों के उद्घाटन पर थाना 39 क्षेत्र में नशा बिकने का मामला अफसरों के सामने आया। पुलिस ने इसी केस में कार्रवाई की है।
पुलिस लगाती रही करंट
सिकंदर ने आरोप लगाया है कि एसएचओ चरणजीत सिंह ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सिकंदर के हाथ-पांव बांधे। फिर उसके कपड़े उतार कर उसे करंट लगाया गया। सिकंदर के मुताबिक वह दर्द से चिल्लाता रहा, लेकिन पुलिस उसे करंट लगाती रही। पुलिस पूछ रही थी कि उसने कोई चोरी की है। जबकि वह मना करता रहा। बकौल सिकंदर जब पुलिस को कुछ न मिला, तो उस पर आवारागर्दी का केस दर्ज कर लिया।
मेजिस्ट्रेट को बताया सच
सिकंदर को 25 फरवरी को एसडीएम के समक्ष पेश किया गया। वहां उसे जमानत मिल गई। वह एसडीएम को सच बताना चाहता था। लेकिन उसे धमकी दी गई। फिर उसने वकील अरविंद ठाकुर के जरिए जिला अदालत में याचिका दायर की। रविवार को उसने जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट आशीष अबरोल के सामने अपने साथ हुई ज्यादी के बारे में बताया। याचिका में उसने कहा कि उसे करंट लगाया गया है। इस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत उसका मेडिकल करवाने के लिए कहा।
मेडिकल में हुई पुष्टि
सेक्टर 16 जनरल अस्पताल में तीन डॉक्टर्स के पैनल ने सिकंदर का मेडिकल किया। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि सिकंदर के बाजू, टांग व प्राइवेट पार्ट्स पर नीले निशान हैं। वहां लाल धब्बे भी बने हुए हैं। डॉक्टर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि नील के निशान पिछले 48 घंटे के बीच के हैं। सिकंदर के आरोपों के अनुसार ही पिछले 48 घंटे में वह पुलिस कस्टडी में था। अब सिकंदर इस मसले में आईजीपी प्रदीप श्रीवास्तव, एसएसपी नौनिहाल सिंह, ह्यूमन राइट काउंसिल और गवर्नर शिवराज पाटिल को शिकायत देगा।
किसी को भी टार्चर करना गलत है। पुलिस को इस तरह का टार्चर न करने के निर्देश है। मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, कोर्ट के आदेशों से मेडिकल हुआ है। शिकायत आएगी तभी हम इसमें कार्रवाई करेंगे। -आलोक कुमार,डीआईजी सिटी
सिकंदर को रात के समय आवारागर्दी में पकड़ा गया, सुबह नहीं। हमने नशे पर नकेल कसनी शुरू की है। इस कारण बेवजह आरोप लग रहे हैं। हमने सिकंदर को कोई टॉर्चर नहीं किया।चरणजीत सिंह, एसएचओ 39
एसएचओ झूठ बोल रहे हैं। मुझे सुबह 12.30 बजे उठाया गया। पूरा मोहल्ला गवाह है। बेवजह टार्चर किया। मैंने कहा कि टार्चर की शिकायत करूंगा तो पुलिस ने आवारागर्दी का केस बना दिया।सिकंदर सिंह,पीड़ित
हम नेशनल ह्यूमन राइट काउंसिल और अफसरों के पास शिकायत करेंगे। कोर्ट में भी याचिका डाली जाएगी। इस तरह किसी को करंट लगाकर टार्चर नहीं किया जा सकता।अरविंद ठाकुर, वकील

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