हमें चाहने वाले मित्र

25 मई 2017

कोटा निवासी लोकेन्द्र जोशी को षड्यंत्र रच कर झूंठे मुक़दमों में फंसाने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा डिस्चार्ज करने पर न्याय मिला

कोटा निवासी लोकेन्द्र जोशी को षड्यंत्र रच कर झूंठे मुक़दमों में फंसाने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा डिस्चार्ज करने पर न्याय मिला ,,लेकिन लोकेन्द्र जोशी ने ऐसे षड्यंत्रकारी ,,प्रीतम गोस्वामी ,, पवनकुमार ,,आशीष दुबे ,,पुलिस थाना कोटा जवाहर पुलिस कर्मी नगर रविंद्र सिंह ,,,एवं तात्कालिक थाना अधिकारी आई पी एस ममता गुप्ता के खिलाफ उन्हें षड्यंत्र रच कर झूंठे मुक़दमे में फंसाने ,,नाजायज़ हिरासत में रखकर प्रताड़ित करने ,,और फ़र्ज़ी रिकॉर्ड तैयार करने के मामले में दंडित करने को लेकर आज कोटा न्यायालय में परिवाद पेश किया ,परिवाद माननीय न्यायालय में सुनवाई के लिए स्वीकार अग्रिम कार्यवाही हेतु तारीख़ पेशी उन्तीस मई को नियत की गयी है ,,लोकेन्द्र जोशी परिवादी ने अपने वकील अख्तर खान अकेला के ज़रिये प्रस्तुत परिवाद में आरोप लगाया है के अभियुक्त ,,प्रीतम ,,पवन ,,आशीष ,,ने पुलिस थाना जवाहर नगर से सांठगाँठ कर एक झूंठी रिपोर्ट दर्ज कराई और ,,आई पी एस ममता गुप्ता ,,सिपाही रविंद्र सिंह को उक्त रिपोर्ट के फ़र्ज़ी होने की जानकारी होने पर भी ,, उक्त लोगो ने उसे थाने पर बुलाकर पीटा ,,प्रताड़ित किया ,,अख़बारों में खबरे छपवाई ,,झूंठा मामला होना जानकर भी उसे गिरफ्तार किए ,अदालत में चालान पेश ,किया झूंठे रिकॉर्ड तैयार किये गए ,,खुद ममता गुप्ता का ट्रांसफर कोटा से होने के बावजूद भी इस पत्रावली में बेक डेट में हस्ताक्षर किये लेकिन गलती से तारीख जिस तारीख में हस्ताक्षर किए वही तारीख डल जाने से यही पोल पट्टी खुल कर रह गयी ,,,लोकेन्द्र जोशी को इस झूंठे मुक़दमे में प्रताड़ना मिली,, लेकिन निगरानी न्यायालय ने लोकेन्द्र जोशी को सभी तथ्यों पर विचार कर कार्यवाही को झूंठी दूषित मानते हुए ख़ारिज कर दिया ,,इस मामले में लोकेन्द्र जोशी ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो ,,राज्य सरकार के मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियो को लिखित शिकायत देकर ,,क़ानूनी नोटिस भेजकर इनके खिलाफ मुक़दमा दर्जकर कार्यवाही की प्रार्थना की ,,लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण ,,लोकेन्द्र जोशी ने आज माननीय न्यायलय में अपने वकील अख्तर खान अकेला के ज़रिये यह परिवाद पेश किया , लोकेन्द्र जोशी खुद गोल्डमेडलिस्ट वकील रहे है ,,वर्तमान में वोह लेक्चरर है और ,,बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी है ,उनका मान मर्दन होने से वोह बहुत आहत है ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

क़ुरआन का सन्देश

और सिर्फ़ ख़ुदा ही के वास्ते हज और उमरा को पूरा करो अगर तुम बीमारी वगै़रह की वजह से मजबूर हो जाओ तो फिर जैसी क़ुरबानी मयस्सर आये (कर दो) और जब तक कु़रबानी अपनी जगह पर न पहुँय जाये अपने सर न मुँडवाओ फिर जब तुम में से कोई बीमार हो या उसके सर में कोई तकलीफ हो तो (सर मुँडवाने का बदला) रोजे़ या खै़रात या कु़रबानी है बस जब मुतमइन रहों तो जो शख्स हज तमत्तो का उमरा करे तो उसको जो कु़रबानी मयस्सर आये करनी होगी और जिस से कु़रबानी ना मुमकिन हो तो तीन रोजे़ ज़ामानए हज में (रखने होगें) और सात रोजे़ जब तुम वापस आओ ये पूरी दहाई है ये हुक्म उस शख्स के वास्ते है जिस के लड़के बाले मस्जि़दुल हराम (मक्का) के बाशिन्दे न हो और ख़ुदा से डरो और समझ लो कि ख़ुदा बड़ा सख़्त अज़ाब देने वाला है (196)  हज के महीने तो (अब सब को) मालूम हैं (शव्वाल, ज़ीक़ादा, जिलहज) बस जो शख्स इन महीनों में अपने ऊपर हज लाजि़म करे तो (एहराम से आखि़र हज तक) न औरत के पास जाए न कोई और गुनाह करे और न झगडे़ और नेकी का कोई सा काम भी करों तो ख़ुदा उस को खू़ब जानता है और (रास्ते के लिए) ज़ाद राह मुहिय्या करो और सब मे बेहतर ज़ाद राह परहेज़गारी है और ऐ अक़्लमन्दों मुझ से डरते रहो (197)
इस में कोई इल्ज़ाम नहीं है कि (हज के साथ) तुम अपने परवरदिगार के फज़ल (नफ़ा तिजारत) की ख़्वाहिश करो और फिर जब तुम अरफात से चल खड़े हो तो मशअरुल हराम के पास ख़ुदा का जिक्र करो और उस की याद भी करो तो जिस तरह तुम्हे बताया है अगरचे तुम इसके पहले तो गुमराहो से थे (198)
फिर जहाँ से लोग चल खड़े हों वहीं से तुम भी चल खड़े हो और उससे मग़फिरत की दुआ माँगों बेशक ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है (199)
फिर जब तुम अरक़ान हज बजा ला चुको तो तुम इस तरह जि़क्रे ख़ुदा करो जिस तरह तुम अपने बाप दादाओं का जि़क्र करते हो बल्कि उससे बढ़ कर के फिर बाज़ लोग ऐसे हैं जो कहते हैं कि ऐ मेरे परवरदिगार हमको जो (देना है) दुनिया ही में दे दे हालाकि (फिर) आखि़रत में उनका कुछ हिस्सा नहीं (200)
और बाज़ बन्दे ऐसे हैं कि जो दुआ करते हैं कि ऐ मेरे पालने वाले मुझे दुनिया में नेअमत दे और आखि़रत में सवाब दे और दोज़ख़ की आग से बचा (201)
यही वह लोग हैं जिनके लिए अपनी कमाई का हिस्सा चैन है (202)
और ख़ुदा बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है और इन गिनती के चन्द दिनों तक (तो) ख़ुदा का जि़क्र करो फिर जो शख्स जल्दी कर बैठै और (मिना) से और दो ही दिन में चल ख़ड़ा हो तो उस पर भी गुनाह नहीं है और जो (तीसरे दिन तक) ठहरा रहे उस पर भी कुछ गुनाह नही लेकिन यह रियायत उसके वास्ते है जो परहेज़गार हो, और खु़दा से डरते रहो और यक़ीन जानो कि एक दिन तुम सब के सब उसकी तरफ क़ब्रों से उठाए जाओगे (203)
ऐ रसूल बाज़ लोग मुनाफिक़ीन से ऐसे भी हैं जिनकी चिकनी चुपड़ी बातें (इस ज़रा सी) दुनयावी जि़न्दगी में तुम्हें बहुत भाती है और वह अपनी दिली मोहब्बत पर ख़ुदा को गवाह मुक़र्रर करते हैं हालाकि वह तुम्हारे दुश्मनों में सबसे ज़्यादा झगड़ालू हैं (204)
और जहाँ तुम्हारी मोहब्बत से मुँह फेरा तो इधर उधर दौड़ धूप करने लगा ताकि मुल्क में फ़साद फैलाए और ज़राअत {खेती बाड़ी} और मवेषी का सत्यानास करे और ख़ुदा फसाद को अच्छा नहीं समझता (205)
और जब कहा जाता है कि ख़ुदा से डरो तो उसे ग़ुरुर गुनाह पर उभारता है बस ऐसे कम्बख़्त के लिए जहन्नुम ही काफ़ी है और बहुत ही बुरा ठिकाना है (206)
और लोगों में से ख़ुदा के बन्दे कुछ ऐसे हैं जो ख़़ुदा की (ख़ुशनूदी) हासिल करने की ग़रज़ से अपनी जान तक बेच डालते हैं और ख़ुदा ऐसे बन्दों पर बड़ा ही शफ़्क़्क़त वाला है (207)
ईमान वालों तुम सबके सब एक बार इस्लाम में (पूरी तरह ) दाखि़ल हो जाओ और शैतान के क़दम ब क़दम न चलो वह तुम्हारा यक़ीनी ज़ाहिर ब ज़ाहिर दुश्मन है (208)
फिर जब तुम्हारे पास रौशन दलीले आ चुकी उसके बाद भी डगमगा गए तो अच्छी तरह समझ लो कि ख़ुदा (हर तरह) ग़ालिब और तदबीर वाला है (209)
क्या वह लोग इसी के मुन्तजि़र हैं कि सफेद बादल के साय बानो की आड़ में अज़ाबे ख़ुदा और अज़ाब के फ़रिश्ते उन पर ही आ जाए और सब झगड़े चुक ही जाते हालाकि आखि़र कुल उमुर ख़़ुदा ही की तरफ रुजू किए जाएँगे (210)

24 मई 2017

अभिजीत भट्ट को ट्वीट से निलंबित किया जाना

अभिजीत भट्ट को ट्वीट से निलंबित किया जाना ,,उनकी और उनकी समर्थित बेहूदा भाषा को लगाम लगाने की बेहतरीन कोशिश है ,,अभिजीत भट्ट वैसे तो बड़बोले ,,बेहूदा बोलने वाले रहे है ,,लेकिन अब उन्हें इस तरह की सजा मिलने के बाद ट्वीट क़ानून ने ,,औक़ात बता दी है ,,किसी का ,अपमान ,किसी को गालियां बकना ,,मज़हबी विचारधाराओं में भड़काऊ काम करना ,,सियासी पार्टियों की पैरवी के वक़्त ,,बेहूदा भाषा का इस्तेमाल यह सब अब नयी सोच नया वातावरण सोचने पर मजबूर करेंगे ,,,दोस्तों हम और आप भी अलग अलग धर्म के हो सकते है ,,अलग अलग विचारधाराओं ,,अलग अलग पार्टियों के हो सकते ,है ,लेकिन अपने सुख दुःख में तो हम और आप ही एक दूसरे के साथ रहेंगे ,,एक दूसरे के साथ हँसेंगे ,,बोलेंगे ,,शादी ,,ब्याह ,,खुशियों में शामिल रहेंगे ,,त्योहारों में साथ रहेंगे ,,पार्टियां कोई भी हो ,,सियासी विचारधारा कोई भी हो ,,नेता के प्रति वफ़ादारी किसी के लिए भी हो ,,लेकिन हम तो आदर्श हिंदुस्तान के ,,इंसान है ,,आदर्शवादी है ,,हमारी परवरिश ,हमारी बौद्धिकता ,बिना किसी का अपमान किये ,,बिना बेहूदा अल्फ़ाज़ का इतेमाल किये ,,हंसी हंसी में बात कहने का हुनर देती है ,,टकराव से बचाती है तो फिर हम क्यों एक दूसरे के खिलाफ निजी नफरत की विचारधारा बनाये ,,हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते है ,,लेकिन हमारे आपसी मनभेद क़तई नहीं होना चाहिए ,,तो भाइयों ,,बहनो ,,मेरी गुज़ारिश ,,मेरी इल्तिजा ,,,अपनी बात तहज़ीब की जुबां में ,,तथ्यों के साथ हम बगैर एक दूसरे को दोषारोपित किये रखे ,,एक दूसरे के साथ बोझिल ,,नफरत ,,वाररूम का वातावरण बनाये बगैर ,,खुशियों ,,रचनात्मक लेखन ,,सुझाव ,,देश और देश की समस्याओं के प्रति समर्पण का माहौल बनाये ,,आओ मेरे साथ आओ मुझे आपका इन्तिज़ार ,है ,आपके प्यार का इन्तिज़ार है ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

फ़र्ज़ी देशभक्तो ,, बहुत हुआ ,,अब देश के वर्तमान हालातो में सच तलाशो

फ़र्ज़ी देशभक्तो ,, बहुत हुआ ,,अब देश के वर्तमान हालातो में सच तलाशो ,,देश के इन हालातो के ज़िम्मेदारो को तलाशो ,,आरोप प्रत्यारोप ,,गद्दार ,,पाकिस्तानी ,,हिंदुस्तानी ,,मज़हबी अफसोसनाक इल्ज़ामात से बचो ,,अरे सिर्फ एक दिन के लिए ही ,,ओरिजनल राष्ट्रभक्त बनकर देश के बारे में सोचो ,,मेरी मत सुनो ,,अपनी फेमिली के किसी हेड से पूंछकर खुद को बदल लो ,,भाई बदल लो ,,,यह सभी समाज ,,सभी वर्ग जो किसी भी लेखन पर ,सिर्फ भटकी हुई टिपण्णी करते है ,,जिसमे धर्म ,,मज़हब ,,समाज की नफरत शामिल होती है ,,ऐसे सभी दोषी लोगो के लिए है ,,देश को धर्म में मत बांटो , देश की नसों में ज़हर मत भरो ,,हमारा देश फौलाद है ,,आपकी एक भी कोशिश इसे पिघलाने में कामयाब नहीं होगी ,,,यह अटल ,,अडिग ,,अटूट ,,मज़बूत ,,निर्भीक ,,निष्पक्ष हिन्दुस्तान है ,,यहां कुछ लोग कुछ दिन टांय टांय करते है फिर राष्ट्र की मुख्यधारा में जुड़ते है , ,इसलिए आप अभी से ही जुड़ जाओ ,,,,,,देश की सोचो प्लीज़ ,,किसी भी , घटना ,,किसी भी आरोप ,,को बदले की भावना ,,लेखक के धर्म मज़हब को लेकर नतीजा मत निकालो ,,खुद तहक़ीक़ करो ,,जो देश का क़ानून तोड़ रहा है वोह कोई भी हो उसे बचाने के लिए पैरवी करके ,,दूसरे निष्पक्ष लोगो को आरोपित मत करो ,,ज़रा अपने सीने पर हाथ रखकर सोचना ज़रूर ,,और प्लीज़ खुद को बदलना भी ज़रूर ,,,अख्तर

हमारे देश में कुछ गद्दार है

हमारे देश में कुछ गद्दार है ,,जो प्रत्यक्ष ,,अप्रत्यक्ष रूप से दुश्मन देशो के वफादार बने है ,वोह हमारे देश में नफरत का माहौल बनाते है ,वोह हमारे देश में ,,क़ानून हाथ में लेकर अराजकता का माहौल बनाना चाहते है ,,और हमारे देश में अराजकता फैलाने की विदेशी ठेकेदारी के हिस्सेदार बनते है ,,क्योंकि देश में किसी भी नफरत के माहौल ,,किसी भी अराजकता के माहौल से उपजी स्थिति का फायदा तो दुश्मन देश को ही मिलना सम्भव है ,,,लेकिन सुन लो नफरत के सौदागरों ,,सुन लो आंतरिक क़ानून व्यवस्था तोड़कर ,,क़ानून हाथ में लेकर ,,आंतरिक अराजकता का माहौल बनाने वाले ठेकेदारों ,,तुम ऐसा करके ,देश में रोटी ,,रोज़ी ,,कपड़ा ,,मकान ,,सहित मूलभूत समस्याओं से देश के कुछ लोगो का ध्यान बंटाने की कोशिश तो कर सकते हो ,,लेकिन देश और देश के लोग ,,राष्ट्रिय एकता ,,राष्ट्रिय अटूटता ,,एकजुटता ,,सुरक्षा ,,साम्प्रदायिक सौहार्द ,,प्यार मोहब्बत की हिफाज़त के लिए ,,देश में अराजकता का माहौल बनाकर विदेशी दुश्मनो को फायदा पहुँचाने वालों को एक दिन सड़को पर दोढा दोढा कर सबक़ सिखाएगी ,,अख्तर
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...