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23 अगस्त 2016

कश्मीरः विशेष ट्रेनिंग वाली सीआरपीएफ की 77 कंपनियां घाटी में संभालेंगी मोर्चा; 12 साल बाद BSF की तैनाती, आज से राजनाथ का दौरा



kashmir unrest
कश्मीर में शांति बहाली के लिए 12 साल बाद फिर बीएसएफ तैनात की गई है।
श्रीनगर.12 साल के बाद सोमवार को बीएसएफ जवान कश्मीर भेजने के बाद अब सीआरपीएफ की 77 कंपनियों को कश्मीर में हालात से निपटने के लिए भेजा जा रहा है। विभिन्न राज्यों से कंपनियों को रवाना होने के लिए कह दिया गया है। इनमें शामिल जवानों को हालात से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस बीच होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह भी आज से दो दिन के कश्मीर दौरे पर रहेंगे। आर्मी चीफ दलबीर सुहाग ने भी कश्मीर पहुंचकर सिक्युरिटी फोर्सेस से बातचीत की। केंद्र के ऑर्डर के बाद सीआरपीएफ कंपनियों को भेजा गया, एक कंपनी में 100 जवान...
- आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद राजनाथ सिंह की यह दूसरी यात्रा है। वे यहां हालात का जायजा लेने के साथ लोगों से बातचीत कर सकते हैं।
- सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी ने बताया कि अभी तक हमारे दो हजार जवान घायल हो चुके हैं। इस समय राज्य में सभी तरह के करीब पचास हजार जवान हैं। अब 77 कंपनियां भेजी जा रही हैं। एक कंपनी में 100 जवान होते हैं।
- केंद्र के आदेश के बाद पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मप्र, यूपी, बिहार, चेन्नई, हैदराबाद, मणिपुर, मिजोरम तथा असम से इन कंपनियों को कश्मीर में भेजा जा रहा है।
90 के दशक के बाद पहली बार: आतंकी सरेआम कर रहे रैलियां
- कश्मीर हिंसा के दौरान महीने भर में आतंकियों ने यहां 6 से ज्यादा रैलियां कीं। 90 के दशक के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब घाटी में आतंकी सरेआम इस तरह की रैलियां कर रहे हैं।
- हालात ये हैं कि पिछले डेढ़ महीने से किसी भी मंत्री, विधायक या अन्य बड़े नेता ने कोई रैली नहीं की। पर नॉर्थ और साउथ कश्मीर में आतंकी रैलियां कर लोगों को अलगाववादियों के साथ चलने के लिए धमका रहे हैं।
- आतंकी घाटी में कहां-कहां रैली कर रहे हैं, इसका पूरा ब्योरा सिक्युरिटी एजेंसियों के पास है। आतंकी बाकायदा मंच पर खड़े होकर देश के खिलाफ सरेआम स्पीच देते हैं। इसकी रिपोर्ट पुलिस हेडक्वार्टर और स्टेट होम डिपार्टमेंट को भी भेजी गई है।
- डीआईजी साउथ कश्मीर नीतीश कुमार का कहना है कि रैली में आतंकियों की मौजूदगी के मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के पास एक फोटो भी है जो कुलगाम जिले की है।
- पुलिस ने इस मामले में रैली के ऑर्गनाइजर्स को भी पकड़ा है। 8 जुलाई को हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।
कहां-कब हुई आतंकियों की रैली

- 1 अगस्त को लश्कर कमांडर अबू दुजाना नकाब पहनकर पुलवामा की रैली में पहुंचा।
- 2 अगस्त को कुलगाम में दो आतंकियों ने, जबकि 3 अगस्त को अनंतनाग के बिजबिहाड़ा के अरवानी में तीन आतंकियों ने रैली की।
- इसी तरह पिछले शुक्रवार, 19 अगस्त को साउथ कश्मीर के कुलगाम इलाके में चार आतंकियों ने रैली की।
- चारों आतंकी मुंह पर मास्क लगाए हुए थे। एप्रन डाला हुआ था, जिस पर उर्दू में पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा था।
अलगाववादियों की कॉल पर दो पुलिसकर्मियों ने दिया इस्तीफा
- अलगाववादियों की कॉल पर मंगलवार को 46वें दिन महिलाओं ने मोर्चा संभाला और जमकर प्रदर्शन किया। सोपोर के दो पुलिसकर्मियों फिरदौस अहमद तथा वसीम अहमद मलिक ने रैली के बीच इस्तीफा देते हुए यह कहा कि वे नौकरी छोड़कर प्रदर्शनकारियों का साथ देंगे।
- इन्हीं कुछ स्थानों को छोड़कर बारी राज्य में हालात सामान्य रहे। अधिकतर जिलों से कर्फ्यू हटा लिया गया है।

अरुणाचल सीमा पर ब्रह्मोस की तैनाती से चीन आगबबूला: भारत का जवाब- ब्रह्मोस हमारा हम तय करेंगे कहां तैनात करें



Bhramos Missile And China
नई दिल्ली.अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की तैनाती की खबर से चीन आगबबूला हो गया है। वह इसे उकसावे की कार्रवाई बता रहा है। चीनी माउथपीस ‘पीएलए’ ने लिखा कि सीमा पर सुपरसोनिक मिसाइल की तैनाती तिब्बत और युन्नान के लिए खतरे की बात है। इससे हमें सीमा पर अपना डिफेंस मजबूत करना होगा। भारत नर्वस है। इसीलिए टकराव का कदम उठाया है। भारत का करार जवाब, हमारे आतंरिक मामले में दखल देने की जरूरत नहीं...

- भारत ने चीन को करारा जवाब दिया है। आर्मी के एक अफसर ने कहा, ‘हम अपनी सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से मिसाइल तैनात करते हैं। चीन अपने काम से काम रखे। उसे हमारे आंतरिक मामले में दखल देने की जरूरत नहीं है।’
- मोदी सरकार ने पिछले हफ्ते सेना को अरुणाचल में नई रेजीमेंट बनाने की मंजूरी दी। इनमें ब्रह्मोस के अपग्रेड वर्जन की 100 मिसाइलें शामिल होंगी।
- तिब्बत से लेकर चीन के युन्नान प्रांत तक ब्रह्मोस की जद में आ जाएंगे। इस नई रेजीमेंट पर करीब 4300 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
- नई रेजीमेंट बनाने और ब्रह्मोस तैनात करने में एक साल का वक्त लग सकता है।
चीन क्यों भड़का?
- अरुणाचल के कुछ हिस्से पर दावा करता रहा है। भारत ने कड़ा संदेश दिया है कि वह चीन के किसी भी उकसावे का मजबूती से जवाब देगा।
- भारत ने पिछले हफ्ते ही अरुणाचल के पहाड़ी इलाके पासी घाट पर फाइटर जेट सुखोई-30 उतारा था। यहां से चीनी सीमा 80 किमी दूर है।
- लद्दाख में टैंक रेजीमेंट के साथ-साथ जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। सीमा पर सड़कों का तेजी से निर्माण हो रहा है।
- ब्रह्मोस की रेंज में दक्षिण तिब्बत और युन्नान प्रांत आता है। यहां चीनी सेना के बड़े कैंट हैं।
- ईस्ट में चुंबी वैली और रीमा कैंप हैं। जो चीनी सेना के अहम ठिकाने हैं।
- भारत-चीन सीमा के दक्षिण में ईस्टर्न हाईवे है। जो चीन को सीमावर्ती पोस्टों तक ले जाता है।
- चीन के 11 एडवांस लैंडिंग ग्राउंड हैं जबकि भारत के पांच या छह।
- चीन, म्यांमार तक रेलवे, सड़क और पाइपलाइन बना रहा है। युन्नान प्रांत में मेजर यूनिट बनाने का प्लान है।
- इस इलाके में चीनी सेना के तोपखाना, मिलिट्री बेस, मिसाइल बेस, हैलिपेड, पेट्रोल, राशन और एम्युनिशन डिपो है।
- ये इलाका 16 हजार फीट की ऊंचाई पर है, जिसके चलते हरियाली नहीं है। सैटेलाइट पर एस्टेबलिशमेंट की लोकेशन साफ नजर आती है।
- इनपुट : मेजर जनरल (रिटा.)पीके सहगल, भास्कर एक्सपर्ट
और इस तरह चीन की जद में पूरा भारत

- चीन की डोंगफेंग-41 की मारक क्षमता मिसाइल 12 हजार किमी. है। यानी, पूरा भारत उसकी जद में।
- चीन ने हाल ही में मिसाइल से सैटेलाइट गिराकर ताकत दिखाई थी।

आदरणीय मोहन भागवत

यह आदरणीय मोहन भागवत ,,जिनके इशारो पर केंद्र की सरकार चलती है ,,,क्या यह सरकार के लोग इन्हें इतना क़ानून भी नहीं समझा सकते के हमारे देश में दो बच्चो से ज़्यादा हो तो कर्मचारियों को नोकरी नहीं मिलती ,,उनके प्रमोशन और इंक्रीमेंट रुक जाते है ,,यहां तक के वोह पंच ,,सरपंच , ,,जिलापरिषद ,वार्ड पार्षद का चुनाव भी नहीं लड़ पाते है ,,,,यह क़ानून उन्हें पढ़ाना था न यार ,,ताकि वह नादानी में ,,भारत में ऐसा कोई क़ानून तो नहीं के बच्चे पैदा करने से रोके ,,कहकर ,,,खिल्ली तो नहीं उड़वाते ,,में व्यक्तिगत तोर पर ,,,आदरणीय मोहन भागवत सर की विद्वता का क़ायल हूँ ,,इसलिए नहीं सोच सकता के वोह ऐसा बयान दे सकते है ,,लेकिन सरकार में बैठे संघ विरोधी ,,खासकर ,,मोहन भागवत सर के विरोधियो का कुछ षड्यन्त्र तो है जो उन्हें विवादित बनाने के लिए ,,उनके इस बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करवाया गया है और मिडिया में उनकी खिल्ली उड़वाई गयी है ,,संघ को इन साहब और इन साहब के कोकस की तलाश कर उन्हें बेनक़ाब करना चाहिए ,, जिन्होंने भागवत सर को अल्पज्ञानी साबित करने के लिए जो उन्होंने ,,जिस तरह से नहीं कहा ,,उसे प्रचारित करवाकर ,,उनकी खिल्ली उड़वाई है ,,,,,,,,,,,,,अख्तर

क़ुरआन का सन्देश

  
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