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14 नवंबर 2019

अफ़सोस से बढ़ा अफ़सोस ,,नेहरू जयंती पर बालदिवस के ढकोसले ,,कोटा से नेहरू का गहरा संबंध

अफ़सोस से बढ़ा अफ़सोस ,,नेहरू जयंती पर बालदिवस के ढकोसले ,,कोटा से नेहरू का गहरा संबंध ,नेहरू वादियों द्वारा लगातार कोटा में बाल अपचारियों को संरक्षित ,करने ,भिक्षावृत्ति उद्योग में लगे बच्चो को कल्याणकारी व्यवस्था देने की गुहार लगा रहे है ,और व्यवस्थाएं ज़ीरो की ज़ीरो ,इधर बाल सम्प्रेषण गृह में रोज़ झगड़े ,,रोज़ बच्चो के अपराध ,उफ्फ्फ यह लापरवाहियां ,,एक तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री राजस्थान के टेलेंट बच्चों को सर्च कर उन्हें प्रोत्साहित कर रहे है ,बच्चों के कल्याण ,संरक्षण व्यवस्थाओं को पंख लगाने के लिए बाल संरक्षण आयोग , बालकल्याण समितियों की जिलेवार कढ़ी से कढ़ी मिला चुके है ,लेकिन कोटा जो कोचिंग हब है ,कोटा जो बाल आपराधिक व्यस्था ,बालकों के विरुद्ध हिंसा मामले में अव्वलिंग होता जा रहा है ,,जहाँ कोटा के पुलिस अधीक्षक ,कोटा के जिला कलेक्टर बालकों के संरक्षण के लिए ,महत्वपूर्ण कार्ययोजनाएं जुटा रहे है ,वहां इस तरह के बाल अपचारी सम्प्रेषण गृह में अव्यवस्थाएं ,झगड़े ,फसादात ,,मारपिटाई ,लगातार ,बारम्बार ,साबित करता है ,के वहां सम्प्रेशण ग्रह प्रशासन की देखरेख ,कौन्सिलिंग में दाल में कुछ काला है ,,अभी कलेक्टर साहिब ने खुद ,बाल संरक्षण आयोग के कोटा प्रवास पर आयोजित बैठक में ,बालसम्प्रेषण ग्रह की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे ,लेकिन सुनता कोन है ,व्यवस्थाओ की बात करो ,तो कहते है स्टाफ कम है बाल अपचारी ज़्यादा है ,,,विभाग में आंतरिक विरोधाभास वाद विवाद है ,पुराने लोग बरसो से कोटा में ही जमा है इस करना वहां व्यवस्थाएं लोकल बालपचारियों के परिजनों से टच हो जाने से ,,निष्पक्ष काम नहीं हो रहे है ,,, अभी बालकल्याण आयोग की चेयरमेन के कोटा प्रवास के पूर्व बाल सम्प्रेषण ग्रह से बच्चे झगड़े और भाग गए ,,सम्प्रेषण ग्रह के केयरटेकर वार्डन ने ,सम्प्रेषण ग्रह से जुडी बालकल्याण समिति ,और खासकर बाल न्यायालय के सदस्यों तक को बताना उचित नहीं समझा ,इस मामले को सदस्य हर प्रीत कोर ने जब दूसरे दिन अखबारों से ,बाल अपचारियों की हुड़दंग ,भागजाने की खबरे पढ़ी तो उन्होंने बालसंप्रेषण ग्रह की सदस्य होने के नाते अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए ,,बालसंप्रेषण गृह के केयरटेकर वार्डन को लिखित में आपत्ति पत्र जारी करते हुए ,निर्देशित किया ,के भविष्य में इस तरह की घटनाओं की तत्काल जानकारी सदस्यों को भी उपलब्ध कराई जाए ,ताकि घटना की समीक्षा विधिक रूप से की जाकर ,बाल अपचारियों की कौन्सिलिंग ,,भविष्य में ऐसी घटनाये न हो ,,जो बच्चे भागे है ,उन्हें फिर से वापसी की कार्ययोजना ,फिर से ऐसी घटनाये पुनरावृत्ति न हो ,इस मामले में समीक्षात्मक एडवाइज़री जारी हो सके ,लेकिन वार्डन साहिब तो स्थाई है ,वोह गुस्सा गए ,उन्होंने एक नहीं सुनी ,उलटे चुगलखोरी का काम शुरू कर दिया ,नतीजा यह घटना की पुनरावृत्ति हुई है ,अफ़सोस इस बात का है ,के कोटा कलेक्टर के निर्देश पर उपखंडअधिकारी खुद पूर्व घटना मामले में निरीक्षण कर गए लेकिन उन्होंने बातचीत की ,मिले जुले ,और चल दिए ,न बाल न्यायालय समिति के सदस्यौं से समीक्षात्मक रिपोर्ट ली ,न ही खुद की रिपोर्ट में बच्चों की समीक्षत्मक रिपोर्ट लेकर ,कोई एडवाइज़री जारी कर कोटा कलेक्टर को ओरिजनल सूचनाये सुझाव उपलब्ध कराये ,,,एक तरफ तो राजस्थान के मुख्यमंत्री बच्चो के कल्याण ,उनके ,संरक्षण उनके विरुद्ध हिंसा ,उनके द्वारा आपराधिक गतिविधियों की समीक्षा कर ज़ीरो टोलेरेंस घटना के प्रयासों में जुटे है ,दूसरी तरह कोटा जिला कलेककटर ओम प्रकाश कसेरा ,,पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ,,लगातार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाल कल्याण ,बाल संरक्षण के सपनों को साकार करने के लिए लगातार मोटिवेशन ,निरीक्षण ,समीक्षात्मक कार्यक्रम कर रहे है ,बालकल्याण समिति की कनीज़ फातिमा ,,आबिद हुसैन अब्बासी ,,विमल जैन ,मधुशर्मा ,अरुण भार्गव लगातार बैठके आयोजित कर ,, बालकल्याण व्यवस्थाओं में जुटे है ,,लेकिन दूसरी तरफ कोटा में वर्षो से जमे समाजकल्याण कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारी ,,बालसंप्रेषण ग्रह के केयरटेकर वार्डन ,सहित इस व्यवस्था से जुड़े लोग ,कोई कॉमन कल्याणकारी प्रोग्राम बनाकर ऐसी घटनाओं को रोकने में सो फीसदी अक्षम से साबित हुए है ,प्रशासन को ऐसे मामले गंभीरता से लेकर आमूल चूल परिवर्तन करने की आवश्यकता आ गयी है ,,,ताकि ज्वेनाइल पुलिस यूनिट ,कलेक्टर ,पुलिस अधीक्षक ,,बाल न्यायालय चेयरमेन सदस्यों ,,बालकल्याण समिति के कल्याणकारी कार्यक्रम संरक्षित कार्यक्रमों की मेहनत जाया नहीं जाए ,बेकार नहीं हो ,,,क्या कोटा जिला कलेक्टर समीक्षात्मक रिपोर्ट तैयार कर आमूल चूल परिवर्तन करवाकर ,,बेस्ट एवाइज़र भविष्य के लिए जारी करवा सकेंगे ,,जवाब सिर्फ हाँ में है , क्योंकि कोटा के बालकल्याण कार्यक्रमों को कोटा कलेक्टर ,,पुलिस अधीक्षक के संयुक्त कार्यक्रमों को पंख लगाकर हवा दी है ,जो सार्थक होकर ही रहेगा ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

निःसंदेह, अल्लाह इसे क्षमा[1] नहीं करेगा

110 ﴿ जो व्यक्ति कोई कुकर्म करेगा अथवा अपने ऊपर अत्याचार करेगा, फिर अल्लाह से क्षमा याचना करेगा, तो वह उसे अति क्षमी दयावान् पायेगा।
111 ﴿ और जो व्यक्ति कोई पाप करता है, तो अपने ऊपर करता[1] है तथा अल्लाह अति ज्ञानी तत्वज्ञ है।
1. भावार्थ यह है कि जो अपराध करता है, उस के अपराध का दुष्परिणाम उसी के ऊपर है। अतः तुम यह न सोचो कि अपराधी के अपने सहधर्मी अथवा संबंधी होने के कारण, उस का अपराध सिध्द हो गया, तो हम पर भी धब्बा लग जायेगा।
112 ﴿ और जो व्यक्ति कोई चूक अथवा पाप स्वयं करे और किसी निर्दोष पर उसका आरोप लगा दे, तो उसने मिथ्या दोषारोपन तथा खुले पाप का[1] बोझ अपने ऊपर लाद लिया।
1. अर्थात स्वयं पाप कर के दूसरे पर आरोप लगाना दुहरा पाप है।
113 ﴿ और (हे नबी!) यदि आपपर अल्लाह की दया तथा कृपा न होती, तो उनके एक गिरोह ने संकल्प ले लिया था कि आपको कुपथ कर दें[1] और वे स्वयं को ही कुपथ कर रहे थे। तथा वे आपको कोई हानि नहीं पहुँचा सकते। क्योंकि अल्लाह ने आपपर पुस्तक (क़ुर्आन) तथा हिक्मत (सुन्नत) उतारी है और आपको उसका ज्ञान दे दिया है, जिसे आप नहीं जानते थे तथा ये आपपर अल्लाह की बड़ी दया है।
1. कि आप निर्देष को अपराधी समझ लें।
114 ﴿ उनके अधिकांश सरगोशी में कोई भलाई नहीं होती, परन्तु जो दान, सदाचार या लोगों में सुधार कराने का आदेश दे और जो कोई ऐसे कर्म अल्लाह की प्रसन्नता के लिए करेगा, तो हम उसे बहुत भारी प्रतिफल प्रदान करेंगे।
115 ﴿ तथा जो व्यक्ति अपने ऊपर मार्गदर्शन उजागर हो जाने के[1] पश्चात् रसूल का विरोध करे और ईमान वालों की राह के सिवा (दूसरी राह) का अनुसरण करे, तो हम उसे वहीं फेर[2] देंगे, जिधर फिरा है और उसे नरक में झोंक देंगे तथा वह बुरा निवास स्थान है।
1. ईमान वालों से अभिप्राय नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सह़ाबा (साथी) हैं। 2. विद्वानों ने लिखा है कि यह आयत भी उसी मुनाफ़िक़ से संबंधित है। क्योंकि जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उस के विरुध्द दण्ड का निर्णय कर दिया तो वह भाग कर मक्का के मिश्रणवादियों से मिल गया। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी) फिर भी इस आयत का आदेश साधारण है।
116 ﴿ निःसंदेह, अल्लाह इसे क्षमा[1] नहीं करेगा कि उसका साझी बनाया जाये और इसके सिवा जिसे चाहेगा, क्षमा कर देगा तथा जो अल्लाह का साझी बनाता है, वह (दरअसल) कुपथ में बहुत दूर चला गया।
1. अर्थात शिर्क (मिश्रणवाद) अक्षम्य पाप है।
117 ﴿ वे (मिश्रणवादी), अल्लाह के सिवा देवियों ही को पुकारते हैं और धिक्कारे हुए शैतान को पुकारते हैं।
118 ﴿ जिसे अल्लाह ने धिक्कार दिया है और जिसने कहा था कि मैं तेरे भक्तों से एक निश्चित भाग लेकर रहूँगा।
119 ﴿ और उन्हें अवश्य बहकाऊँगा, कामनायें दिलाऊँगा और आदेश दूँगा कि वे पशुओं के कान चीर दें तथा उन्हें आदेश दूँगा, तो वे अवश्य अल्लाह की संरचना में परिवर्तन[1] कर देंगे तथा जो शैतान को अल्लाह के सिवा सहायक बनायेगा, वह खुली क्षति में पड़ जायेगा।
1. इस के बहुत से अर्थ हो सकते हैं। जैसे गोदना, गुदवाना, स्त्री का पुरुष का आचरण और स्वभाव बनाना, इसी प्रकार पुरुष का स्त्री का आचरण तथा रूप धारण करना आदि।
120 ﴿ वह उन्हें वचन देता तथा कामनाओं में उलझाता है और उन्हें जो वचन देता है, वह धोखे के सिवा कुछ नहीं है।

13 नवंबर 2019

रिज़वाना अख्तर ने अख्तर खान अकेला से पूछा

रिज़वाना अख्तर ने अख्तर खान अकेला से पूछा : " ए जी! *राष्ट्रपति शासन* का मतलब क्या होता है ?
अख्तर ने रिज़वाना को बताया : " *राष्ट्रपति शासन* मतलब पूरे राष्ट्र में सिर्फ पति का शासन। "
" यानी किसी भी पत्नी द्वारा अपने पति से...
*" कहाँ गए थे ? "*
*" किसके साथ गए थे ? "*
*" किसका फोन था ? "*
*" बाहर क्या काम था ? "*
*" ये गंध कैसी आ रही है ? "*
*" सब्जी क्या बनाऊँ ? "*
*" ऐंसे फालतू प्रश्न नहीं पूछे जा सकते।*

पति जो कहे सिर्फ वही सुनना होगा।
*"" ये होता है राष्ट्रपति शासन...

निःसंदेह, अल्लाह इसे क्षमा[1] नहीं करेगा कि उसका साझी बनाया जाये

111 ﴿ और जो व्यक्ति कोई पाप करता है, तो अपने ऊपर करता[1] है तथा अल्लाह अति ज्ञानी तत्वज्ञ है।
1. भावार्थ यह है कि जो अपराध करता है, उस के अपराध का दुष्परिणाम उसी के ऊपर है। अतः तुम यह न सोचो कि अपराधी के अपने सहधर्मी अथवा संबंधी होने के कारण, उस का अपराध सिध्द हो गया, तो हम पर भी धब्बा लग जायेगा।
112 ﴿ और जो व्यक्ति कोई चूक अथवा पाप स्वयं करे और किसी निर्दोष पर उसका आरोप लगा दे, तो उसने मिथ्या दोषारोपन तथा खुले पाप का[1] बोझ अपने ऊपर लाद लिया।
1. अर्थात स्वयं पाप कर के दूसरे पर आरोप लगाना दुहरा पाप है।
113 ﴿ और (हे नबी!) यदि आपपर अल्लाह की दया तथा कृपा न होती, तो उनके एक गिरोह ने संकल्प ले लिया था कि आपको कुपथ कर दें[1] और वे स्वयं को ही कुपथ कर रहे थे। तथा वे आपको कोई हानि नहीं पहुँचा सकते। क्योंकि अल्लाह ने आपपर पुस्तक (क़ुर्आन) तथा हिक्मत (सुन्नत) उतारी है और आपको उसका ज्ञान दे दिया है, जिसे आप नहीं जानते थे तथा ये आपपर अल्लाह की बड़ी दया है।
1. कि आप निर्देष को अपराधी समझ लें।
114 ﴿ उनके अधिकांश सरगोशी में कोई भलाई नहीं होती, परन्तु जो दान, सदाचार या लोगों में सुधार कराने का आदेश दे और जो कोई ऐसे कर्म अल्लाह की प्रसन्नता के लिए करेगा, तो हम उसे बहुत भारी प्रतिफल प्रदान करेंगे।
115 ﴿ तथा जो व्यक्ति अपने ऊपर मार्गदर्शन उजागर हो जाने के[1] पश्चात् रसूल का विरोध करे और ईमान वालों की राह के सिवा (दूसरी राह) का अनुसरण करे, तो हम उसे वहीं फेर[2] देंगे, जिधर फिरा है और उसे नरक में झोंक देंगे तथा वह बुरा निवास स्थान है।
1. ईमान वालों से अभिप्राय नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सह़ाबा (साथी) हैं। 2. विद्वानों ने लिखा है कि यह आयत भी उसी मुनाफ़िक़ से संबंधित है। क्योंकि जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उस के विरुध्द दण्ड का निर्णय कर दिया तो वह भाग कर मक्का के मिश्रणवादियों से मिल गया। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी) फिर भी इस आयत का आदेश साधारण है।
116 ﴿ निःसंदेह, अल्लाह इसे क्षमा[1] नहीं करेगा कि उसका साझी बनाया जाये और इसके सिवा जिसे चाहेगा, क्षमा कर देगा तथा जो अल्लाह का साझी बनाता है, वह (दरअसल) कुपथ में बहुत दूर चला गया।
1. अर्थात शिर्क (मिश्रणवाद) अक्षम्य पाप है।
117 ﴿ वे (मिश्रणवादी), अल्लाह के सिवा देवियों ही को पुकारते हैं और धिक्कारे हुए शैतान को पुकारते हैं।
118 ﴿ जिसे अल्लाह ने धिक्कार दिया है और जिसने कहा था कि मैं तेरे भक्तों से एक निश्चित भाग लेकर रहूँगा।
119 ﴿ और उन्हें अवश्य बहकाऊँगा, कामनायें दिलाऊँगा और आदेश दूँगा कि वे पशुओं के कान चीर दें तथा उन्हें आदेश दूँगा, तो वे अवश्य अल्लाह की संरचना में परिवर्तन[1] कर देंगे तथा जो शैतान को अल्लाह के सिवा सहायक बनायेगा, वह खुली क्षति में पड़ जायेगा।
1. इस के बहुत से अर्थ हो सकते हैं। जैसे गोदना, गुदवाना, स्त्री का पुरुष का आचरण और स्वभाव बनाना, इसी प्रकार पुरुष का स्त्री का आचरण तथा रूप धारण करना आदि।
120 ﴿ वह उन्हें वचन देता तथा कामनाओं में उलझाता है और उन्हें जो वचन देता है, वह धोखे के सिवा कुछ नहीं है।

12 नवंबर 2019

,आज बचपन केंद्र के सरकार निशाने पर है

अल्पसंख्यक यूथ वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ अली के आह्वान पर आज नेहरू उद्यान में ,,भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस पर पूर्व संध्या में एक गोष्टी आयोजित की , गोष्ठी में सोसाइटी की तरफ से सभी ने ,, प्रदेश कांग्रेस समिति अख्तर खान अकेला का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान भी किया ,,,,,गोष्ठी की अध्यक्षता सुल्तानपुर के पूर्व उप प्रधान रईस खान ने की जबकि ,,एडवोकेट अख्तर खान अकेला ,,अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस कोटा संभाग के चेयरमेन एवं सदस्य प्रदेश कांग्रेस समिति रहे ,,,,गोष्टी के पूर्व पोलायकला सरपंच पुष्पेंद्र सिंह एवं दिलीप सिंह ने नेहरू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की ,, गोष्ठी में बोलते हुए अख्तर खान अकेला ने कहा ,,जिस बचपन को बचाने और सम्मान देने के लिए पंडित नेहरू ने अभियान चलाया था ,,आज बचपन केंद्र के सरकार निशाने पर है ,वर्तमान सरकार ने देश के बच्चो के कल्याण उनकी सुरक्षा के लिए कोई क़दम नहीं उठाये है ,उलटे बच्चे स्कूल ,,घर ,,बाज़ारों में असुरक्षित हो गए है ,खासकर बेटियां खौफ के माहौल में जी रही है ,,,रईस खान सुल्तानपुर पूर्व उप प्रधान ने कहा ,,पंडित जवाहरलाल नेहरू को कोटा ऋणी है ,,कोटा बैराज जो आज कोटा संभाग ही नहीं पुरे राजस्थान की खुशहाली की वजह बना है ,यहां पंडित नेहरू ने इस कोटा बैराज को निर्मित कर कोटा के विकास का सपना देखा था ,,यहाँ आज फसले लहलहा रही है ,,उद्योग है ,,बिजली उत्पादन है ,,,मौसम का संतुलन है ,,सुन्दर मनोरम घाटियां है ,,रोज़गार के अवसर है ,,यह सब सिर्फ पंडित जवाहर लाल नेहरू की इस कोटा को देंन है ,,उन्होंने कहा वर्तमान केंद्र सरकार कोटा के लिए वरदान बने इस बाँध की मरम्मत भी नहीं करा पा रही है ,,यहां तक के चम्बल का प्रदूषण और गन्दगी भी वर्तमान केंद्र सरकार साफ़ करवा पाने में असफल है ,,गोष्ठी में सभी उपस्थित लोगो ने देश के वर्तमान क़ानूनी हालातो पर जताई ,,गोष्ठी में देश में रूपये के अवमुल्यन विदेश निति में सरकार का पिछड़ जाने पर भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा गया ,पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जिस तरह से देश के कर्णधार बच्चों को मोटिवेशन कार्यक्रम के साथ ,देश की कमान सौंपने के लिए तैयार किया था ,आज देश के नौजवानों को नफरत के माहौल में घसीटा जा रहा है ,किसान रो रहे ,है मज़दूरों को रोज़गार नहीं है ,प्रॉपर्टी जिन्होंने खरीद ली है ,उसके भाव निरंतर गिर रहे है ,विकास की योजनाए ठप्प हो गयी है ,सरकार अपने सारे संस्थान जिओ की पहल के बाद निजीकरण के नाम पार गिरवी रख रही है और इस इण्डिया जैसा दौर देश में फिर से शुरू हो गया है ,,,गोष्ठी के माध्यम से सभी ने आह्वान किया के नौजवान पंडित नेहरू की सोच पर चले ,बच्चे मन के सच्चे होते है ,मन के सच्चे रहकर देश के हालातों को जाने और वर्तमान देश के हालातों को फिर से पंडित नेहरू के विकसित ,विकासशील ,सुरक्षित ,जय जवान जय किसान के बुलंद नारे वाला ,,मेरा भारत महान बनाये , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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