तुम्हारे ग़म का बज़ाहिर निशां नहीं मिलता
बयाँ करू भी तो तर्ज़ ए बयाँ नहीं मिलता
ज़रा निगाह को कुछ मोतबर बना लीजे
जहाँ में चाहने वाला कहाँ नहीं मिलता
जिन्हें ग़ुरूर था दुनिया को जीत लेने का
वो खाक़ हो गए उनका निशाँ नही मिलता
मैं एक रात सुकूं से जहाँ गुज़ार सकूँ
भटक रही हूँ मगर वो मकां नहीं मिलता ,
न जाने कौन सी बस्ती में आ गई हूँ मैं
यहाँ पे मुझको कोई हमज़बां नहीं मिलता
पराई पीर का एहसास ही नहीं होता
अगर मुझे वो मिरा मेहरबां नहीं मिलता
तिरी तलाश में निकली तो खो गयी मै भी
ये वो जहाँ है जो सबको यहाँ नहीं मिलता
अमल करो तो खुलेगे हज़ार दरवाज़े
शिकायतों से 'सिया' कुछ यहाँ नहीं मिलता
तुम्हारे ग़म का बज़ाहिर निशां नहीं मिलता
बयाँ करू भी तो तर्ज़ ए बयाँ नहीं मिलता
ज़रा निगाह को कुछ मोतबर बना लीजे
जहाँ में चाहने वाला कहाँ नहीं मिलता
जिन्हें ग़ुरूर था दुनिया को जीत लेने का
वो खाक़ हो गए उनका निशाँ नही मिलता
मैं एक रात सुकूं से जहाँ गुज़ार सकूँ
भटक रही हूँ मगर वो मकां नहीं मिलता ,
न जाने कौन सी बस्ती में आ गई हूँ मैं
यहाँ पे मुझको कोई हमज़बां नहीं मिलता
पराई पीर का एहसास ही नहीं होता
अगर मुझे वो मिरा मेहरबां नहीं मिलता
तिरी तलाश में निकली तो खो गयी मै भी
ये वो जहाँ है जो सबको यहाँ नहीं मिलता
अमल करो तो खुलेगे हज़ार दरवाज़े
शिकायतों से 'सिया' कुछ यहाँ नहीं मिलता
बयाँ करू भी तो तर्ज़ ए बयाँ नहीं मिलता
ज़रा निगाह को कुछ मोतबर बना लीजे
जहाँ में चाहने वाला कहाँ नहीं मिलता
जिन्हें ग़ुरूर था दुनिया को जीत लेने का
वो खाक़ हो गए उनका निशाँ नही मिलता
मैं एक रात सुकूं से जहाँ गुज़ार सकूँ
भटक रही हूँ मगर वो मकां नहीं मिलता ,
न जाने कौन सी बस्ती में आ गई हूँ मैं
यहाँ पे मुझको कोई हमज़बां नहीं मिलता
पराई पीर का एहसास ही नहीं होता
अगर मुझे वो मिरा मेहरबां नहीं मिलता
तिरी तलाश में निकली तो खो गयी मै भी
ये वो जहाँ है जो सबको यहाँ नहीं मिलता
अमल करो तो खुलेगे हज़ार दरवाज़े
शिकायतों से 'सिया' कुछ यहाँ नहीं मिलता

दैनिक जागरण में आई एक खबर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने विभागीय कार्यवाही और सजा का आदेश सिर्फ इसलिए निरस्त कर दिया कि कर्मचारी द्वारा मांगे जाने पर भी उसे हिंदी में आरोपपत्र नहीं दिया गया। जबकि कानूनन, केंद्रीय कर्मचारी हिंदी या अंग्रेजी जिस भाषा में चाहे आदेश या पत्र की प्रति मांग सकता है।
सुप्रीम
कोर्ट ने गलती करने वाले वकीलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर 12
मई को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (Bar Council of India) पर सवाल उठाया। कोर्ट
ने कहा कि काउंसिल प्रभावहीन हो गई है और अदालतें ऐसे वकीलों के कारण कष्ट
उठा रही हैं।