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वास्ता है प्यार का> जनाब ! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

07 October 2010

जियें तो केसे जियें

जियें तो केसे जियें
जानवर तो खूब जीते हें
लेकिन इन्सान बन कर अगर जीना हे
तो बस एक फार्मूला जरुर ध्यान रखें
रात सोने से पहले
अपने आज और आज की
गतिविधियों की समिक्ष करें
आज अगर ठीक निकल गया
तो उसकी प्रशंसा कर
खुदा का शुक्रिया अदा करें
और अगर ग़लत हुआ हो
तो फिर उस पर अफ़सोस करो
उस गलती को फिर से नहीं करने
और भविष्य में सूधारने का संकल्प लो ।
आज की गलतियाँ सुधारने के लियें
कल का इन्तिज़ार करें
जिनके लियें आपने गलत किया
उनसे माफ़ी मांगें
जहां आपने रास्ते का पत्थर नहीं हटाया
वह जाकर पत्थर हटायें
ताकि किसी के ठोकर नहीं लगे
जहां गड्डा देखा हो
उसे कल जाकर समतल करें
जीने के लियें बस सोचें
आपका हर दिन नया जन्म हे
और रात नई म़ोत हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

प्यार व्यार में क्या रखा हे

प्यार व्यार में क्या रखा हे
यह तो एक बेवकूफ आदमी करता हे
क्योंकि इसमें वासना ही भरी होती हे
प्रीटी तो एक नारी की होती हे
क्योंकि उसमें कामना भरी होती हे
प्रेम अगर संत करे तो उसमें वासना नहीं साधना हे
इसीलियें कहते हें
प्रेम पवित्र हे ,पुण्य हे ,परमात्मा हे
दुनिया के सभी पाप
जहां प्रेम ,स्नेह नहीं होता
बस वहीं पैदा होते हें
बताओ क्या जिनसे तुम प्रेम करते हो
क्या तुम उनकी किसी बात का उलंघन कर सकते हो
क्या तुम उनकी हत्या कर सकते हो
क्या तुम उनका बुरा सोच सकते हो
क्या तुम उन्हें धोका दे सकते हो
इसीलियें तो कहते हें
बस प्रेम ही प्रेम करो
प्रेम से रहो
लोगों को प्रेम से रहने दो
क्योंकि प्रेम ही परमात्मा हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

गढ़ बढ़ हुई तो कलेक्टर एस पी ज़िम्मेदार

राजस्थान में कलेक्टर एसपी के दो दिवसीय सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ़ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा हे के अब कानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी कलेक्टर और एसपी की व्यक्तिगत हे , मुख्यमंत्री का फरमान हे के अब अगर किसी भी जिले में गडबडी हुई या कानून व्यवस्था बिगड़ी तो स्थानीय कलेक्टर और एसपी इसके लियें ज़िम्मेदार होंगे । वेसे राजस्थान में यह नियम पहले से ही लागू हे लेकिन झालावाड के मनोहरथाना में एस डी एम जिसे झगड़े और भीलों के आक्रमण की वहां की जनता ने पूर्व में लिखित में सुचना दे दी थी और वोह व्यवस्था बने रखने में असफल रहे हें फिर भी उन्हें वहां से आज तक हटाया नहीं गया हे तो जनाब यह केसा दोहरा कानून हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अग्रसेन जयंती पर सभी अग्रवाल बन्धुओं को बधाई

सामाजिक
न्याय के
विश्व प्रसिद्ध
आस्थाओं के राजा
महराजा
अग्रसेन
की जयंती
पर सभी अग्रवाल बन्धुओं
अग्रवाल बहनों ,माताओं
को थे दिल से हार्दिक भदई ।
भाई
हमारे कोटा में तो
महाराजा अग्रसेन की मूर्ति
नयापुरा में स्थापित हे
जहाँ
आज के दिन
सामजिक कार्यक्रम होते हें ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

नवरात्रा घट स्थापना आज मुबारक हो

शारदीय नवरात्रा
आज शुक्रवार से शुरू हो रही हे
आजवैष्णव लोगों के घरों में
घट स्थापना की जाएगी
इस दिन पहले दिन शेल्पुत्री की अराधना
की जाती हे
जो सुख शांति,सम्रद्धि और आरोग्य के लियें महत्वपूर्ण होती हे
आज ११.५० बजे से १२.३८ बजे तक शुभ मुहर्त हे लेकिन इस बीच १२.१२ से १२.१६ तक घट स्थापना निषिद्ध रहेगी। अभी को बहुत बहुत बहुत बधाइयां मुबारकबाद , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

इंसान की जिंदगी केसी केसी

सुबह सवेरे
इन्सान का जन्म हे ,
सुबह
जब किकारती हें नदियाँ
चेह्चाती हें चिड़ियें
जब इंसान का बचपन होता हे ,
दोपहर जब तपता हे सूरज
तब इन्सान की जवानी हे
रात जब होने लगती हे
तो फिर वोह जवानी का उतार हे
अँधेरी रात हुई अगर
तो बस समझो वोह बुढापा हे
तो दोस्तों यही जिंदगी हे
नहीं नहीं यह जिंदगी नहीं हे
क्योंकि सूरज रोज़ निकलेगा
सुबह रोज़ होगी
रात रोज़ होगी
दोपहर रोज़ होगी
लेकिन हम होंगे या नहीं होंगे
यह कोई पक्का भरोसा नहीं हे
तो दोस्तों उठों
इस अनमोल अनिश्चित जिंदगी को
जब तक खुदा ने इसे हमें दी हे
हंस कर ,बोलकर,प्यार , भाई चारा बाँट कर
जी डालें क्यूंकि यही तो हे जिंदगी ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

निरक्षरों से नहीं साक्षरों से देश को खतरा

हमारे देश को
निरक्षरों से नहीं
साक्षरों से खतरा हे ,
अप सोचिये
जब हमारा देश
अधिकतम निरक्षर था
तब
हमारा यही देश
सोने की चिड़िया था
फिर जब यह देश गुलाम हुआ
तब निरक्षरता ही थी
जो सभी धर्म के लोगों ने
एकता से गुलामी के खिलाफ
आजादी की कामयाब जंग लड़ी।
देखो दोस्तों
देश साक्षर हुआ
घोटाले और अपराध बढ़े
आज देश में जो भी कुछ हो रहा हे
घोटाले ,भ्रस्ताचार आतंकवाद, गरीबी भुखमरी
लुट खसोट च्न्दाखोरी राजनितिक बिगाड़ महिलाओं का नग्न प्रदर्शन
सब कुछ साक्षरता का ही तो नतीजा हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राहुल.सिमी और संघ

राहुल गाँधी ने कोंग्रेस की बिसात पर संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हे , राहुल गाँधी ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में टिप्पणी की हे के संघ और सिमी दोनों एक जेसे कट्टर पंथी सन्गठन हें , राहुल का कहना हे के उनकी कोंग्रेस को कट्टर पंथी युवाओं की जरूरत नहीं हे। राहुल के संघ के खिलाफ इस बयान पर बावेला मचा हे लेकिन संघ के लोग राहुल के खिलाफ टिप्पणी करने से बच रहे हें वोह इसे अपरिपक्व नेता बता कर नजर अंदाज़ कर रहे हें । यह सही हे राहुल का यह बयान अपरिपक्वता का ही नमूना हे राहुल शायद इस बयान से उत्तरप्रदेश और बिहार में फायदा उठाना चाहें और खुद को मुस्लिमों का हमदर्द बताना चाहें लेकिन अब मुसलमान इतना बेवकूफ भी नहीं रहा जो इस राजनितिक खेल को समझ नहीं सके , अगर राहुल को यह लगता हे के सिम्मी और संघ एक जेसे सन्गठन हें तो फिर सिमी पर अगर प्रतिबन्ध हे तो फिर संघ पर प्रतिबन्ध आज तक क्यूँ नहीं लगाया केंद्र में सरकार भी राहुल की पार्टी की हे फिर आखिर आतंकवादी सन्गठन के मुकाबिल सन्गठन को प्रतिबंधित करने में पक्षपात केसा राहुल चाहे इस बयान को मुस्लिम संगठनों को कोंग्रेस और खुद की तरफ आकर्षित करने वाला समझें लेकिन एक सवाल जिसमे पक्षपात साफ नजर आता हो तो बात दोहरी नजर आती हे और इसीलियें वोट पक्के होने की जगह बिगड़ने के ज्यादा हालत बने हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

06 October 2010

मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने की पुलिस की खिंचाई

राजस्थान के पुलिस अधीक्षकों की कोंफेंस में पुलिस की कार्यवाही से राजस्थान सरकार खुद दुखी हे और इसीलियें सरकार में बेठे मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक ने इनकी खिंचाई कर डाली । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डी जी पुलिस की खिंचाई करते हुए कोटा ग्रामीण पुलिस इलाके में चेचट थाने का मामला उठाते हुए इसे शर्मनाक बताया और पुलिस को सुधर की चेतावनी दी , इसी बीच एक मंत्री अमीन खान ने हत्या को दुर्घटना में बदलने के मामले में गम्भीर टिप्पणी की जबकि खुद गृह मंत्री शान्तिकुमार धारीवाल ने कहा के राजस्थान के थाने प्रोपर्टी डीलरों के कार्यालय बन गये हें यहाँ खूब प्रोपर्टी डीलिंग हो रही हे एक संसदीय सचिब ने भी इस पर गम्भीर टिप्पणी की अब देखिये जब मुख्यमंत्री गृहमंत्री और दुसरे मंत्री ही राजस्थान पुलिस से संतुष्ट नहीं हे तो बेचारी जनता का क्या हाल होगा आप सोच सकते हें यह सब सरकार की लापरवाही से हो रहा हे अगर पुलिस नियम और कानून के तहत समितियों का गठन हो जाए तो साडी मुसीबत ही दूर हो जाएगी लेकिन ऐसा हो नहीं रहा हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

सिपाही ने हेड को गोली मारी

कोटा पुलिस रेंज में पुलिस की पुलिस पर हिंसा की कार्यवाही थमने का नाम नहीं ले रही हे , कल बारां जिले की पुलिस लाइन में एक सिपाही रामचरन की द्युति लगाने के मामले में वोह हेड कोनिसतेबल नरेंद्र मालव से इतना खफा हुआ की उसने पुलिस लाइन में ही अपनी सरकारी बंदूक उठायी और हेड नरेंद्र मालव पर निशाना साध कर गोली मार दी , इस गोली बारी में नरेंद्र मालव के पेट में गोली लगी हे और वोह जिंदगी और म़ोत के बीच कोटा अस्पताल में संघर्ष कर रहा हे । यह वाकया उस वक्त हुआ जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थानों में हिंसा के मामले में डी जी राजस्थान और एसपी की कोंफ्रेंस में अपना भाषण पिला रहे थे। कोटा में पहले ग्रामीण पुलिस लाइन, फिर शहर पुलिस लाइन और फिर चेचट थाने में पुलिस का पुलिस पर अपराध हुआ हे जिससे पुलिस की नजरें शर्म से झुक गयी हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

शिक्षकों के तबादलों पर स्थगन

राजस्थान में त्रतीय श्रेणी के शिक्षकों के तबादलों पर एक माह के लियें राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी हे , हाईकोर्ट ने कहा हे के जो अध्यापक जहां हे वहीं रहेगा और एक महीने के अंदर अगर सर्विस त्राव्ब्युन्ल इस मामले में कोई आदेश नहीं देता हे तो फिर उसे वहीं कार्यभार ग्रहण करना पढ़ेगा जहाँ उसका ट्रांसफर हुआ हे , राजस्थान में हर साल शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर काफी हंगामा होता हे और इसीलियें अब मामले अदालतों में पहुंचने लगे हें वेसे तो ट्रासफर के मामले में सरकार ने कोई नियम नहीं बनाये हें लेकिन निति बनाई हे जिसका कोई मोल नहीं हे उस्क्सी पलना कोई नहीं करता हे पहले समानीकरण और फिर राज्यादेश के साथ शिक्षकों के होने वाले तबादलों से शिक्षक दुखी हें । वेसे इन सब अनियमित मनमाने तबादलों पर आज तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट यह कहती रहीहे के यह प्रशासनिक मामले हे और ट्रांसफर ट्रांसफर हे यह कोई सजा नहीं हे इसलियें इस मामले में कोई दखलंदाजी नहीं की जती हे लेकिन अब वक्त आ गया हे के इस व्यवस्था पर अंकुश लगाया जाए ताकि अराजकता की स्थिति खत्म हो। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

फ़्रांस से कोटा लोटी महापोर को तमाशा दिखा

कोटा से फ़्रांस गयीं महापोर जब कोटा की खूबसूरती और व्यवस्था के बारे में डींगें हांक कर जब वापस कोटा लोटी तो कोटा की हालत देख कर वो रो पढ़ीं , उनके जाने स आने तक नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारीयों ने कोटा की सडकें न तो मरम्मत की और न ही साफ़ सफाई ही की गयी कोटा में राष्ट्रीय मेला दशहरा सर पर हे और मेला स्थल पर अतिक्रमण और गंदगी के ढेर आते पढ़े हें , हालत यह हें के महापोर की अनुपस्थिति में महंगे कलाकारों के कार्यक्रम अधिकारीयों ने ही तय कर लिए ।
महापोर रत्ना जेन ने फ्रांस में जाकर कोटा के प्रयत्न को बढ़ावा देने के लियें कोटा साडी और कोटा के प्रयत्न स्थलों का बखान किया इससे कोटा के मामले में फ्रंस्वासी प्रभावित भी हुए , लेकिएँ जब महापोर जी कोटा आयीं और यहाँ की दुर्गति देखी तो बस वोह नाचते हुए उस खुबसुरत मोर की तरह गंदगी के मामले में पेरों को एख कर रोने वाले मोर की तर्ज़ पर रोने लगीं और फिर उन्होंने पार्षदों और निगम कर्मियों की क्लास ले डाली। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

भूखे को रोटी दो तो जाने

एक मन्दिर में
भगवान की मूर्ति पर
प्रसाद चढाने वालों
एक मस्जिद में
अल्लाह हो अकबर
की आवाज़ लगाने वालों
ना तुम धर्मात्मा हो
तुम्हारे अंदर जीवात्मा हे
तुम हो भूखे
खाने बेठो थाली परोस कर
इसी बीच
पड़ोसी तुम्हारा भूखा हे
यह जानकर अपना खाना उसे खिलाओ
धर्म का यह
सिद्धांत लागु कर
दिखाओ तो जाने । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

आज का यह केसा इंसान

देख मेरे भगवान
आज का यह केसा इंसान
भूख इतनी बढ़ी हे इस इंसान की
आदर्श और नेतिकता खाने लगा हे यह इंसान
संस्क्रती भुलाकर
हेवान बन गया हे यह इन्सान
तू ही बता हम क्या करें
ऐ मेरे भगवान
कंद मूल खाकर गुजर बसर करता था
बेचारा जब जंगली था इंसान
थोड़ा समझदार हुआ तो बस
अनाज खाने लगा यह इंसान
देखो अब जब सभ्य हुआ हे इंसान
तो इधर देखो उधर देखो जिधर देखो
सभ्यता , इंसानियत को खाने लगा हे यह इंसान
हालत इतनी बदली हे अब मेरे भगवान
रोटी छोड़ कभी चारा कभी रुपया खाता हे यहे इंसान
तो कभी आदमियों का ही लहू पीता हे यह इन्सान
पेट उपये से नहीं रोटी से भरता हे
अब तो इतना भी नहीं हे इसे ध्यान
ऐ मेरे भगवान यह केसा हो गया इन्सान
इससे तो आज भी बहुत अच्छा हे हेवान
यह केसा हो गया इंसान ...................?
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

05 October 2010

सरकारी भवन की छत गिरने से डोक्टर की म़ोत

राजथान के सिरोही जिले में अस्पताल में कार्यरत डोक्टर राजेन्द्र अरोरा के सरकारी आवस के मकान की छत गिर जाने के कारण कल अस्पताल परिसर में ही उनकी अकाल म़ोत हो गयी ,सरकार इस ज़िम्मेदारी से बचने के लियें कह रही हे की सरकार ने जिस भवन में डोक्टर रहते थे उसे पहले ही जर्जर घोषित कर दिया था , सवल हे के जब सरकार ने भवन को जर्जर घोषित क्या तो फिर चिकित्सक को उसमें रहने क्यूँ दिया जा रहा था इसके लियें तो कोई अधिकारी जुर ज़िम्मेदार मन जन चाहिए , लेकिन राजस्थान में सरकारी इमारतें रख रखाव के आभाव और ठेकेदारों से कमिशन बाज़ी के चलते आज भी जर्जर स्थिति में हे और दुर्घटना का निमन्त्रण दे रही हे अब सरकार को इस घटना से सबक लेकर राजस्थान की सभी सरकारी इमारतों का भोतिक सत्यापन करवाना चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली किसी बढ़ी दुर्घटना को पहले ही रोका जा सके क्यूंकि सावधान हटी दुर्घटना घटी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कलेक्टर और एसपी कोंफ्रेंस में मंत्रियों ने की खिचाई

कलेक्टर और एसपी कोंफ्रेंस में कल कलेक्टरों और एस पी की मुख्यन्त्रियों सहित सभी मंत्रियों ने जम कर खिंचाई की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तो कलेक्टरों को जिले की सडकें दिवाली के पहले सूधारने के निर्देश जारी किये जबकि गृह मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने सीधा आरोप जड़ा के कलेक्टर मंत्रियों की नहीं सुनते और जनता की भी सुनवाई नहीं करते उनका कहना था के अगर कलेक्टर वक्त रहते जनता की सुनवाई कर लें तो फिर जनता की आधी से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा और धरने प्रदर्शन से बचा जा सकेगा एक मंत्री प्रसादीलाल मीणा ने भी कलेक्टरों के खिलाफ खूब खरी खोटी सुनाई । खुद मुख्यमंत्री ने कोटा ग्रामीण इलाके के चेचट थाने में महिला सिपाही के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले को गम्भीरता से लिया और इस मामले में दी जी पुलिस को तलब क्या हे । इसे प्रदेश की गम्भीर घटना माना गया हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुशर्रफ ने आखिर जहर उगल ही दिया

पाकिस्तान के भगोड़े पूर्व राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ जिसने अटल बिहारी के प्रधानमन्त्री कार्यकाल में हिदुस्तान में आकर कई बार शान्ति का पाठ पढाया था आखिर कल अपना जहर उगल ही दिया मुशर्रफ ने साफ़ साफ़ शब्दों में स्वीकार क्या हे के उन्होंने भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लियें पकिस्तान में आतंकी तय्यार किये थे यह घटना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत द्वारा चलाए जा रह उस अभियान का समर्थन करती हे जिसमें भारत पाकिस्तान को आंतकी देश घोषित करने मी मांग कर रहा हे वेसे भी भारतीय कानून के तहत अब मुशर्रफ भी यहन अपराधी बन गये हें उनके खिलाफ भारतीय कानून के तहत भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने और इसको प्रोत्साहित करने का मुकदमा चलाना चाहिए साथ ही अब भारत को अमेरिका से दो तुक शब्दों में नाता तोड़ कर पकिस्तान पर हमला बोल देना चाहिए और वहां के सभी आतंकी ठिकानों को नष्ट कर देना चाहिए ,अब देखना यह हे के अमेरिका से इजाजत लेकर मल मूत्र त्यागने वाले प्रधानमन्त्री जी इतनी बढ़ी घटना की स्वीकारोक्ति के बाद भरत की सुरक्षा के लियें और आत्मस्वाभिमान के लियें अकिस्तान के खिलाफ क्या कार्यवाही करते हें या फिर देश को यूँ ही आतंकवादियों के हवाले छोड़ देते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

सास और बहु

सास हो या बहु
उसके सफलतम
रिश्ते के पीछे
बस दो ही चीजें हें
उनके होंटों पर हंसी
उनके होंटों पर चुप्पी
समस्या,तनाव को
मुस्कुराहट से सुलझाना
एक दुसरे की
कडवाहट को भूल जाना
बस यही हे
एक फार्मूला
साँसों और बहुओं
तुम भी चाहो
तो इसी फार्मूले को अपना कर
अपने अपने घर को
स्वर्ग बना जाना
ताके
मेरे इस देश के
बाप ,बेटों और दामादों को
कोई न बना सके बेगाना ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

बुजुर्गों की जिंदगी में झांको

बुजुर्गों की
जिंदगी में
जरा झांक कर तो देखो
इनके चेहरे की झुर्रियां
हजार अनुभव सिखाती हें ,
इनके कपकपाते हाथ
डगमगाती गर्दन,थके हारे कदम
मुरझाया चेहरा
अपने अंदर सिमटी एक
कहानी कहता हे
इन बुजुर्गों से सीख लो
जो कुछ शुभ करना हे
आज ही कर लो
क्यूंकि कल आपके सामने खड़ा हे
सोच लो बचपन के बाद बुढापा
उगते सूरज और डूबता सूरज की
हकीकत खानी कहता हे
इसलियें उठो जवानों उठो
इसके पहले के तुम भी बुढा जाओ
मेरे इस देश के लियें
खुद अपने लियें
अपने बच्चों देशवासियों के लियें
कुछ अच्छा सा तो कर ही जाओ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राक्षसों को सोने दो

साम्प्रदायिकता के
राक्षसों को सोने दो
इन्हें जागने मत देना,
देश की एकता
सुख शांति के लियें
उसका सोये रहना ही अच्छा हे ,
आप सब जानते हें
जब तक वोह सोता रहेगा
तब तक यह देश
अत्याचार,लूटमार अनाचार से बचेगा
सदभाव और एकता को
सोने मत देना
आप को पता हे
यह जब तक जागते रहेंगे
तब तक शेतान ताकते रहेंगे
इसलियें में कहता हूँ
जो कुछ दिखाया हे पिछले दिनों
आप और देश के निवासियों ने
बस उसी भाव को
नेताओं के लियें
जूते हाथ में लेकर
आजीवन बनाये रखना ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान हाईकोर्ट ने की सरकारी वकीलों की खिंचाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मुकदमें की सुनवाई के दोरान सरकारी वकीलों को लापरवाह मन हे हाईकोर्ट की टिप्पणी हे के अदालतों में सरकारी वकील टाइम पर य्प्स्थित नहीं होते हें और जब उपस्थित हो भी जाते हें तो उनके पास पत्रावलियां नहीं होती हे या फिर वोह पेरवी के लियें तय्यार नहीं होते हें । राजथान हाईकोर्ट की यह बात शत प्रतिशत सही हे , हम जिला लेवल से हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट लेवल तक अगर सरकारी सुवाई का तरीका देखें तो बहुत ही हास्यास्पद सा तरीका हे पहले तो इन पदों पर राजनितिक नियुक्तियां होती हे इसलियें यह टी हे के इन्साफ प्रभावित होता हे दुसरे जिन वकीलों को सरकार की पेरवी के लियें नियुक्त किया जाता हे उनका मेहनताना ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर होता हे , जिला लेल पर सरकारी वकील को ८ हजार रूपये प्रतिमाह मिलते हें जबकि दूसरों को सात हजार रूपये प्रतिमाह मिलते हें जो एक चपड़ासी से भी बहुत कम हे आप देखिये की छोटी अदालत में जहां केवल आपराधिक प्रकरणों की सुनवाई क्या जाना हे वोह भी छोटी प्रक्रति के मामलों की सुनवाई क्या जाना हे वहां सरकार जिन्हें स्थायी नियुक्ति देती हे उनको पहले तो सिविल काम नहीं करना पढ़ता और वोह सरकारी कर्मचारी की हेसियत से सारी सुख सुविधाएं भोगते हें साथ ही यह लोग ४० से ६० हजार रूपये प्रतिमाह वेतन और हटने पर इससे आधी पेंशन पाते हें जबकि इन बेचारों को जो मिलता हे वोह तो कपड़े धोने और पेट्रोल को खर्च में भी पूरा नहीं होता अब इन नियुक्त सरकारी वकीलों से हम अच्छे और गुणवत्ता वाले कामा की उम्मीद भी केसे कर सकते हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

04 October 2010

क्या मानव की खाल बेचोगे

शेर चीतों की खाल बेचने वाले
संसार चंद की एक
याचिका पर सुनवाई के दोरान
सुप्रीम कोर्ट के जजों ने
संसार चंद से कहा के
अभी जानवरों की खाल बेच कर पैसा कमा रहे हो
जानवर खत्म हो गये तो क्या पेसे कमाने के लियें
इन्सान की खाल बेचोगे ।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी
यूँ तो सामान्य सी लगती हे लेकिन
व्यवस्था में मिलावट और अराजकता का जो माहोल हे
और चारों तरफ लुट भ्रस्ताचार का जो बोलबाला हे
उससे ऍम आदमी तो खिन्न हे ही
लेकिन सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में अब खिन्नता से
अछूती नहीं हे
सुप्रीम कोर्ट कहने के अलावा अगर इस मामले में कुछ करे भी तो फिर तो बस इस देश का भविष्य ही सुधर जाएगा सुप्रीमकोर्ट अगर जो आदेश दस सालों में सुप्रीम कोर्ट ने दिए हें अगर उन्हें निकल कर उनकी पालना सुनिश्चित करवाले तो देशखुद बा खुद सुधर जायेगा लेकिन अफ़सोस इस बात पर हे के सुप्रीम कोर्ट ने खुद के आदेशों की पालना के लियें कोई भोतिक सत्यापन की सेल गठित नहीं की हे और यही वजह हे के सुप्रीम कोर्ट अगर आदेश कर भी दे तो उसकी पालना नहीं होती हे फिर आदेशों का क्या फायदा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान शिक्षकों के तबादलों में घमासान

राजस्थान शिक्षकों के तबादलों में मनमानी और बेईमानी की कार्यवाही को लेकर मंत्रियों और कार्यकर्ताओं में घमासान छिड़ा हे ,राजस्थान में शिक्षा मंत्री भंवर लाल मेघवाल तबादलों के बाद विदेश चले गये हें उनके जने के बाद उनके ही विभाग के राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया ने शिक्षा विभाग में अनियमित तबादलों के खुलकर आरोप लगाये हालत यह रहे के हाल ही में पंचायतों को ट्रांसफर की गयी शिक्षा विभाग की प्रक्रिया मामले में खुद भरत सिंह पंचायत मंत्री ने इसे गम्भीरता से लिया हे और कहा हे के अनियमित ट्रांसफर के मामले में संभावित कार्यवाही की जायेगी , राजस्थान में चोर दरवाजे से हुए ट्रांस्फरों के मामले में शिक्षक संघ भी नाराज़ हे और कई मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हें । कोटा की एक महिला शिक्षिका रुखसाना तो जयपुर में खूब रोई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राहुल गांधी का कोटा में स्वागत

कोंग्रेस के राष्ट्रिय महासचिव राहुल गाँधी का कल कोटा एयरपोर्ट पर कोंग्रेसी नेताओं ने स्वागत क्या किसी ने उन्हें टोपी पहनाई तो किसी ने उन्हें सूत की माला पहनाकर स्वागत किया , राहुल गांधी को कोटा एयर पोर्ट पर आम लोगों और खास कार्यकर्ताओं से भी दूर रखा गया ,कोटा के सांसद इजयराज सिंह ने जब राहुल गाँधी को कोटा के बंद पढ़ी विमान सेवा चालू करने के बारे में कहा तो राहुल गाँधी ने इसे गम्भीरता से लिया और इस मामले में सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया ।
कोटा में वेसे तो बहुत बहुत समस्याएं हे लेकिन विमान सेवा चालू नहीं होने से यहाँ कोटा राष्ट्रिय स्तर पर कता हुआ हे इस लियें यहाँ हर बार यह प्रयास रहा हे के विमान सेवा शुरू हो जाये लेकिन कोई सी भी सरकार हो वोह कोटा की इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं देती हे अब देखना हे के राहुल गाँधी का कोटा एयरपोर्ट खोलने का वायदा कितने दिनों में पूरा हो सकता हे क्योंकि यह विभाग कोंग्रेस के खाते में नहीं हे । राहुल गाँधी कोटा से फिर श्योपुर मध्यप्रदेश गये जहां उन्होंने कोंग्रेस कार्यकर्ताओं को चमचागिरी से बचने का पाठ पढ़ाया । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कलेक्टर एस पी की गहलोत क्लास लेंगे

राजस्थान के मुख्यमंत्री पुरे राजस्थान और दूरदराज़ के मामल में पुलिस और प्रशासनिक नजरिये से कलेक्टर और एस पी के जरिये राजस्थान के हलचल पूंछेंगे , आज और कल जयपुर में इस मामले में कलेक्टर और एस पी कोंफ्रेंस रखी गयी हे । वेसे हर जिले की अपने कानून व्यस्था और प्रशासनिक समस्या हे जिसका समाधान सरकार की मदद के बगेर सम्भव नहीं हे अगर कलेक्टर और एसपी इमानदारी से इस बैठक में मुख्यमंत्री को स्थिति का सही फीडबेक दें तो मुख्यमंत्रीजी स्टाफ,नये थाने,चोकी खोलने और प्रशासनिक स्तर पर क्या सुधार किये जा सकते हें इस मामले में गम्भीर कार्यवाही करने में सक्षम हें लेकिन पता चला हे के स्थानीय मंत्रियों के प्रभाव के कारण राजस्थान के कलेक्टर और एसपी राजनितिक दबाव में हें और उन्होंने आज तक भी इस मामले में कोई महत्वपूर्ण रिपोर्ट तय्यार नहीं की हे , खेर देखते हें के इस मामल में अब सरकार क्या करती हे वेसे तो खुद मुख्यमंत्री के सोर्स उन तक सारी जानकारी पहुंचाते हें जिसे वोह कचरे की टोकरी में दल रहे हें इसीलिए राजस्थान की स्थिति बहुत कुछ ठीक नहीं हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

सत्ता और सत्य का अंतर

जो दूसरों को
सता सता कर मिले उसे सत्ता कहते हें
जो खुद को
तपा तपा कर मिले
उसे सत्य कहते हें
सत्ता के लियें
मिटाते हें लोग दूसरों को
सत्य हे
जिसके लियें खुद को
मिटाना पढ़ता हे ,
आओ देखो फर्क
सत्ता और सत्य का
बताओ मुझे
दोनों में से
तुम्हें क्या चाहिए
सत्य या सत्ता
बस मिटाना तो फिर भी पढ़ता हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अर्थी किसी की देखो तो

अर्थी किसी की
बीच सडक से
गुजरते देखो तो
बेचारा चला गया
यह कभी मत कहना ,
बस सोचना
और अपने दिल से कहना
एक दिन ऐसे ही
गुजरेगी
अर्थी मेरी भी
बीच सडक पर
लोग खड़े होंगे इधर उधर
किनारों पर
बस सोच लेना
यही हे जिंदगी
और फिर जो भी कर रहे हो तुम
कहना खुद से
जो भी किया हे तुमने
जो कर रहे हो तुम
क्या यह सच हे
अगर नहीं तो फिर
बस तुम भी थोडा सा तो खुद को बदल लेना ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

में क्या मांगने आया हूँ

जेम मुनि
तरुण सागर जी ने कहा हे
में तुमसे
नोट मांगने नहीं आया हूँ
वोट और सपोर्ट भी
मांगने नहीं आया हूँ
में सिर्फ तुमसे
तुम्हारी खोट
मांगने आया हूँ
वोह खोट जो तुम्हें
रात को सोने नहीं देती
वोह खोट जो तुम्हे
दीन हीन दरिद्र बनाये हुए हे
में तुम्हारे द्वार पर
झोली फेलाए खड़ा हूँ
इस झोली में डाल दो
जीवन की तमाम बुराइयाँ
बस यही मेरी
गुरु दक्षिणा होगी।
संकलन अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

03 October 2010

हमें एक होना हे

हमें केवल तख्त पर एक नहीं होना हे ,
अपितु वक्त पर भी एक होना हे ,
अक्सर हम तख्त पर तो एक हो जाते हें ,
लेकिन जब वक्त आता हे ,
तो धीरे से खिसक लेते हें,
यदि देश के संत मुनि-आचार्य
तख्त और वक्त पर एक हो जाएँ
तो साज और देश का काय कल्प हो जाए ।
मुनि तरुण सागर जी के भाषणों का अंश।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोंग्रेस भाजपा में साइबर जंग शुरू

देश की दो बड़ी पारियां कोंग्रेस भाजपा में वेबसाईट हेक कर जानकारियाँ चोरी करने के मामले में अब शीतयुद्ध चालू हो गया हे , भाजपा का आरोप हे के कोंग्रेस ने भजपा की सभी जानकारियां हेक कर अपनी वेबसाईट पर ट्रांसफर कर ली हे और भाजपा का हर संदेश कोंग्रेस अपनी वेबसाईट पर पढ़ रही हे इस मामले में भाजपा ने कोंग्रेस को २४ घंटे का अल्टीमेटम भी दिया हे , कोंग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ी इस साइबर जंग से अब लगने लगा हे के किसिस भी व्यवसाय या राजनितिक से सम्बन्धित कोई भी किसी की भी जानकारी सुरक्षित नहीं हे , देखा अब यह लड़ाई कहां और किस जगह पार्टियों को ले जाती हे अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मंत्री जी को सडकों पर आवारा जानवर नहीं दिखे इसके लियें कड़ी चोकसी

कोटा में सडकों से आवारा जानवरों को हटाने के मामले में अदालती आदेशों के बाद भी नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की , इसके बाद इस मामले में कलेक्टर क्मिश्ने ने आदेश दियें लेकिन कोई कार्यवाहीं नहीं हुई , जब सडकों पर आवारा जानवरों का उत्पात बढ़ गया तो फिर कोटा के पंचायत मंत्री भरत सिंह ने इस मामले में लोगों को जम कर लताड़ पिलाई कलक्टर से लेकर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सख्त निर्देश दियें लेकिन हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज़ पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी , जब पानी हद से उपर गुजर गया तो खुद स्वायत शासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने एक माह के भीतर भीतर सडकों से आवारा जानवरों को हटाने के एहिकारिक निर्देश और आदेश दिए लेकिन महापोर तो इन आदेशों को ताक में रखकर फ्रांस चली गयीं और अधिकारी कान में रुई डाल कर सो गये , खुद मंत्री जी जब दो माह बाद कार्यवाही नहीं हुई तो सडकों पर आवारा जानवर अधिक संख्या में देख कर भोचाक्के रह गये , मंत्री जी का मुड देकेह कर निगम के अधिकार्रियों ने मंत्री जी को बेवकूफ बनाने का प्लान बना डाला और उनसे सच छुपाने के लियें मंत्री जी की कोटा यात्रा के दोरान उनके आने जाने वाले रूट पर करीब ४० निगम कर्मियों को लगा दिया उनको निर्देश दिए गये के मंत्री जी जिस मार्ग पर जाएँ व्हाना सडक पर आवारा जानवर नजर नहीं आयें इसकी व्यवस्था की जाए बस फिर क्या था कर्मचारी इस मामल में जुट गये और मंत्री जी जब सडक पर निकले तो जानवर गायब जब वोह उधर से चले जाएँ तो जानवर फिर से सडकों पर यह तमाशा कोटा में दो दिन से लगातार चलता रहा अब देखियें मंत्री जी के लियें तो आवारा जानवर हट रहे हें लेकिन जनता के लियें यह जानवर फिर से सडकों पर हें , निगम के लोग यह जानते हें के मंत्री जी से अगर इस मामले में जनता का कोई आदमी या उनका खुद का कार्यकर्ता चुगली भी करेगा तो वोह अधिकारीयों के आगे कार्युक्र्ता की बात नहीं मनेगने बस मंत्री जी की इसी आदत का फायदा उठा कर अधिकारीयों ने यह बेवकूफी भरा प्लान बनाया हे और वोह इसमें सफल भी हो गये इस मामले में आज खबर से अख़बार भरे पड़े हें लेकिन मंत्री जी ने अब तक किसी भी अधिकारी को तलब कर कोई चेतावनी नहीं दी हे मतलब साफ़ हे जो मर्जी पड़े कुछ भी करो में हूँ ना ......................... । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में सरेआम गोली मारकर बाइक छीनी

कोटा के व्यस्तम इलाके रास्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अनन्तपुरा इलाके में कल कुछ समाज कंटकों ने एक लडके को रोक कर उसकी बाइक छीनने की कोशिश की और जब बाइक सवार ने बाइक सवार ने बाइक नहीं दी और संघर्ष किया तो समाजकंटकों ने पिस्तोल निकाल कर फायर किया जिससे बाइक सवार के पाँव में लगी और वोह घायल हो गया फिर समाजकंटक उसकी बाइक लेकर फरार हो गये , दोस्तों यह शरीफों की दुनिया हे भरे बाज़ार यह सब करीब १५ मिनट तक होता रहा सडक पर भीड़ लगी रही लेकिन हजारों की भीड़ ने भी इन दो तीन समाज कंटकों को रोकने की कोशिश नहीं की ना ही इस बाइक सवार को किसी ने बहने का प्रयास किया अब देखिये ऐसे में देश को यह लोग दुश्मन से केसे बचायेंगे ।फिलहाल इस मामले में कोटा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी हे देखें किसके हाथ में क्या आता हे . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा झालावाड मार्ग पर सोना ही सोना

जी हाँ मेरे ब्लोगर भाइयों यह सच हे कोटा में आज एक अजब दास्ताँ हुई यहाँ कोटा झालावाड मार्ग पर स्थित कसार गाँव के यहाँ एक तर्क में से कुछ बोरे नीचे गिरे और उसमें से सुनहरे रंग की छड़ें नीचे बिखर गयीं फिर क्या था लोगों ने रुक कर इन छड़ों को सोने की मानकर उठाना शुरू कर दिया थोड़ी देर में यह खबर जंगल में आग की तरह फेल गयी और इलाके में एकत्रित भीड़ से सडक जाम हो गयी थोड़ी देर में प्रशासन और पुलिस ने जाकर मोर्चा संभाला , इस बीच सेकड़ों लोग सुनहरी छड़ों को सोने की छड़ें समझकर लेकर भागने लगे थे पुलिस और प्रशासन ने भी इन छड़ों को देखा जब इन सुनहरी छड़ों का विशेषग्य परिक्षण करवाया तो पता चला की यह सोने की छड़ें नहीं बलके पीतल की छड़ें हें जो किसी ट्रक से जाते वक्त बिखर कर नीचे गिर गयी थीं अब पुलिस प्रशासन उस ट्रक की तलाश में हे जिससे यह पीतल की छड़ें गिरी हें , लेकिन आज दिन भर कोटा , झालावाड और दूरदराज़ के इलाकों में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही और लोग कहते रहे की खोदा पहाड़ और निकली चुहिया । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में अंसारी समाज का सबसे बढ़ा सामूहिक विवाह सम्मेलन

कोटा में अंसारी समाज की तरफ से यहाँ गुमानपुरा स्थित मल्टीपर्पस स्कुल में सबसे बढा सामूहिक विवाह सम्मेलन होने जा रहा हे , कोटा में इस सम्मेलन में सभी मुस्लिम जाती के लोगों के जोड़ों का अविवाह हो रहा हे इस सम्मेलन में करीब २३६ जोड़े यानि ४७२ परिवारों की शादी हे जिसमें प्रति व्यक्ति ५० आदमियों का निमन्त्रण था इस सम्मेलन में खाटा पूरी जो यहाँ की स्वादिष्ट डिश मानी जाती हे खूब खायी गयी , सम्मेलन में आयोजकों ने सभी जोड़ों को अच्छा दहेज़ का सामान भी दिया हे , कल इस आयोजन में शादी के जोड़ों की आयु और कानूनी वेद्धता का जब भोतिक सत्यापन क्या गया तो दो जोड़े ऐसे थे जिनकी आयु कम थी और इसीलियें उनको विवाह करने से रोक दिया गया , राजस्थान सरकार ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में आयोजकों को प्रति जोड़ा १५ हजार की आर्थिक मदद देने का कानून बनाया हे जिसमे से ७५०० रूपये तो जोड़ों को दिए जाने हे जबकि इतनी ही राशी आयोजकों को आयोजन खर्च के नाम पर दी जायेगी इसके लियें यहा प्रथक से बढ़ा कानून बनाया गया हे , कोटा में इस सम्मेलन का राजनीति रूप भी देखने को मिला हे य्हना गृह मंत्री शान्ति कुमार धारीवाल सहित सेकड़ों राजनेता कोंग्रेस भाजपा से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राहुल गाँधी कल कोटा में

कोंग्रेस के राष्ट्रिय महासचिव और देश के युवाओं के दिल की धडकन बने राहुल गांधी कल ४ अक्तूबर को कोटा में आ रहे हें , राहुल गाँधी कल निजी विमान से कोटा आयेंगे फिर वोह यहाँ से श्योपुर मध्य प्रदेश जायेंगे , राहुल गाँधी की कोटा यात्रा को देखते हुए यहाँ सभी तय्यरियाँ पूरी कर ली गयी हें पार्टी स्तर पर इस मामले में अब तक कोई अधिक्रत घोषणा नहीं की गयी हे लेकिन प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षात्मक तय्यरियाँ पूरी हें अब देखना हे के राहुल गाँधी कोटा पहुंच कर कोटा और कोटा वासियों के लियें क्या घोषणा करते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान में पंचायतों को अधिकार ही अधिकार

राजस्थान में सरकार ने पंचायतों को मजबूत करने के लियें पंचायत विभाग को विभिन्न विभागों के अधिकार दिए हें , सरकार ने राजस्थान में वर्षों से चली आ रही ग्राम सेवकों की मांगें मान ली हें और अस्थायी ग्रामसेवकों को स्थायी कर दिया हे इससे राजस्थान के ग्रामसेवकों की पुरानी चली आ रही सभी मांगें पूरी हो गयी हें ।
राजस्थान में प्राथमिक शिक्षा , चिकित्सा, क्रषि,बालविकास, सामजिक न्याय के समस्त कार्य पंचायत को सोंप दिए गये हें राजस्थान में पूर्व में ही पंचायत कानून बना हे जिसमें सुविधाओं का ज़िक्र हे लेकिन अब तक यह कागज़ी सुविधाएं थीं राजस्थान में सरकार ने वायदे के मुताबिक गांधी जयंती के मोके पर पंचायतों को यह अधिकार देकर उपहार दिया हे , पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी ने इस मामले में ७२वे संशोधन के बाद पंचायतों और पालिकाओं को मजबूत बनाने का सपना दिखाया था जिसके तहत सत्ता का विकेंद्रीकरण कर सत्ता गाँव गाँव तक पहुंचाना थी अब जाकर राजस्थान में यह सपना पूरा हुआ हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

02 October 2010

आखिर चेचट थाना बदलना ही पढ़ा

कोटा के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यक्षेत्र चेचट में थाने के एक कमरे में महिला पुलिस कर्मी के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या के बाद उपजे तनाव की स्थिति को आखिर चेचट थाने के सभी सिपाहियों को हटाने की मांग मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर पूरी कर दी हे जबकि खुद भाजपा नेता श्रीमती वसुंधरा ने भी पीड़ित परिवार के घर जाकर सांत्वना देते हुए थाने में इस तरह की राक्षसी घटना को बहुत गम्भीर और शर्मनाक बताया , वसुंधरा ने कहा के आखिर थाने में ऐसी खतरनाक घटना के बाद भी सरकार ऐसे थानाधिकारी और पुलिसकर्मियों को किन कारणों से बचना चाह रही थी और ऐसे कोनसे कारण थे की ग्रामीणों द्वारों वाजिब मांग करने पर भी उन पर लाठियां बरसाई जा रही थीं , खेर आखिर ग्रामीणों की मांग पुरे थाने को हटाने की सरकारों को पूरी ही करना पढ़ी और इसकी जाँच खुद अतरिक्त पुलिस महानिदेशक कर रहे हें जिन्होंने कल थानाधिकारी के बयान भी रिकोर्ड किये , सुनते हें के जाँच का नाटक कर थाने के अन्य लोगों को क्लीन चिट दी जायेगी लेकिन खुदा के घर देर हे अंधेर नहीं बकरे की मांग कब तक खेर मनाएगी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान में शिक्षकों की भर्ती होगी

अकाल से जूझ रहे राजस्थान में अच्छी वर्षा के बाद अब खुशहाली के आसार हें यहाँ अब विकास कार्यों की भरमार हे जबकि नोक्रियों की भर्ती के प्रति भी सरकार गम्भीर होने लगी हे , राजस्थान सरकार ने कल वर्षों से खाली पढ़े शिक्षकों के करीब १८००० पदों पर सीधी भर्ती का एलान क्या हे , राजथान में कई स्कुल ऐसे हें जहां या तो छात्र नहीं हें और जहां छात्र हें वहां शिक्षक नहीं हे यहाँ सर्व शिक्षा अभियान , मदरसा शिक्षा और सभी तरह की शिक्षा के लियें अभी शिक्षकों की काफी कमी हे , सरकार की इस घोषणा से हजारों हजार बी एड और एस टी सी छात्रों के चेहरे खिल उठे हें और अब वोह इस तय्यारी में हे के कब सरकार नोकरियों के आवेदन मांगे और बेरोजगार इसके लियें आवेदन कर भर्ती की लाइन में लगें , राजस्थान में अभी और बहुत सारे पदों की भर्तिया भी होना बाक़ी हे खेर अभी तो सरकार ने जब राजनितिक नियुक्तिया कर भर्ती की प्रक्रिया ही नहीं अपनाई हे तो शायद इसके लियें तो और इन्तिज़ार करना ही होगा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोमन वेल्थ की हेल्थ का उद्घाटन आज

भारत देश की विवादास्पद मेजबानी के चलते और हजारों हजार अव्यवस्था और भ्रस्टाचार के आरोपों के चलते आज आखिर कोमन वेल्थ गेम की शुरुआत का दिन आ ही गया इश्वर करे देश के सम्मान मान प्रतिष्टा और मर्यादा के लियें यह खेल शानातिपूर्ण तरीके से हो जाएँ और इन खेलों में देश के खिलाड़ी अपनी जीत का झंडा गाड़ें ऐसी ही खुदा से दुआ हे ।
करीब २८ वर्र्ष बाद देश को मिली इस मेजबानी से विश्व के और दुसरे देशों को नाराज़गी हे इसलियें उन्होंने हमारे देश को बदनाम करने के लियें कोई कसर नहीं छोड़ी हे दूसरी तरफ खुद हमारे देश के भ्रस्ताचार और अव्यवस्था के चलते यह खेल और खेल की तय्यरियाँ काफी बदनाम हुई हे डम्पिंग टेस्ट में हमारे खिलाड़ी फेल हुए हें लेकिन जो भी हुआ अब सुखद दिन हे आज हम विश्व के खेलों की मेजबानी कर रहे हें यह हमारे लियें गोरव की बात हे खुदा करे विश्व में हमारी मेजबानी और खिलाडियों के खेल की साख बने और सम्मान बना रहे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

दान ऐसा लाभदायक नहीं

अश्रद्धया हुर्त तपस्तप्त क्रत च यत;
असदित्युच्यते पार्थ न च तत्प्रेत्य नो इह ।
श्री गीता के १७ वें अध्याय के २८वेन श्लोक में भगवान ने कहा हे
हे अर्जुन
बिना श्रद्धा के किया हुआ हवन
दिया हुआ दान
तपा हुआ तप
और जो कुछ भी किया हुआ शुभ कर्म हे
वेह समस्त असत
इस प्रकार कहा जाता हे
इसलिए वोह न तो इस लोक में लाभदायक हे
और ना मरने के बाद ही ।
संकलन अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कुरान में नमाज़ की दावत

कुरान मजीद में ७०० बार नमाज़ की दावत दी गयी हे ।
बीवी आयशा रज़ी अने सबसे पहले कुरान की आयतों को गिना।
कुरान में सुरः अल बकर सबसे बढ़ी आयत हे
सुरः अल कोसर सबसे छोटी सुरत हे ।
कुरान को पूरी तरह से अवतरित होने में २२ साल ५ माह १४ दिन लगे।
कुरान में अल्लाह का नाम २५८४ बार हे ।
दुनिया में कुरान १०३ भाषाओं में हे ।
कुरान में चार मस्जिदों का नाम हे ।
मस्जिदुल हसन , मस्जिदुल जिर्राह , मस्जिदुल नबवी। मस्जिदुल अक्सा, कुल चार मस्जिदें हें
कुरान में किसिस भी दुसरे धर्म या फिर उसके मने जाने वाले भगवान को बुरा कहने के लियें मनाही हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

तन्हाई की याद

याद
किसे कहते हें
जो तन्हाई में
चोरी चुपके आये
वोह याद
नहीं होती,
याद तो
वोह होती हे
जो भरी महफिल में
बेठे हों हम
घिरे हों लोगों से
और फिर ऐसी आये
के बस तन्हा
और तन्हा
कर जाए ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

ऐ पत्थर तुम क्या हो

ऐ पत्थर तुम क्या हो
क्यूँ ऐसा लगता हे
के तुम्हारा अस्तित्व नहीं हे
फिर सोचता हूँ पत्थर दिल पत्थर दिल महबूब
बहुत सूना हे , मिल का पत्थर जो लोगों का हमसफर साथी होता हे
कहीं तुम वोह पत्थर तो नहीं
फिर सोचा नहीं नहीं
तुम तो वोह पत्थर हो
जो एक मन्दिर में पूजा के लियें रखा जाता हे
फिर सोचा एक पत्थर तो मजनू को भी पढ़ा था
फिर सोचा नहीं वोह पत्थर भी नहीं कहीं तुम
शीशे के घरों में फेके जाने वाले पत्थर तो नहीं
फिर सोचता हूँ नहीं तुम तो जुलूसों पर दंगा भडकाने के लियें फेके जाने वाले पत्थर हो
सोचता हूँ तुम मन्दिर में तराश कर रखे जाने वाले पत्थर ही हो फिर सोचता हूँ तुम लोगों को छत घर देने वाले पत्थर हो जो कोई भी तुम पत्थर हो बस मेरे महबूब पत्थर से कम सख्त पत्थर हो। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

वेश्य के स्वाभाविक कर्म

क्र्शिगोर्क्ष्यवानिज्य्म वेश्यक्र्म स्वभावजम ।
परिचर्यात्मक कर्म शुद्र्स्यापी स्वभावजम ॥
खेती, गोपालन और क्रय विक्रय रूप सत्य व्यवहार यह वेश्य के स्वाभाविक कर्म हें तथा सब वर्णों की सेवा करना शुद्र का भी स्वाभाविक कर्म हे।
अध्याय १८ के श्लोक ४४ में कहा गया हे के वस्तुओं के खरीदने और बेचने में तोल,नाप,और गिनती आदि में कम देना अथवा अधिक लेना एवं वस्तुओं को बदल कर या एक वस्तु में दूसरी खराब वस्तु मिलाकर देना दाम ठहरा कर अधिक दाम लेना झुंट कपट चोरी और जबरदस्ती से अथवा किसी भी तरह से किसी के हक को मारना गलत हे कुल मिला कर दोष रहित जो सत्यता पूर्वक पवित्र वस्तुओं का व्यापर हे उसका नाम सत्य व्यवहार हे । दोस्तों यही बात मुस्लिम पवित्र ग्रन्थ कुरान के माध्यम से भी इश्वर ने कही हे लेकिन कितने हिन्दू और कितने मुसलमान ऐसे हे जो बड़ी बड़ी दादी रख कर और बड़े बड़े तिलक टिके लगाकर अल्लाह और भगवान के प्रति आस्था दिखाते हें और फिर खुदा इश्वर के इस आदेश के खिलाफ लुत्ट्स मचाते हें तो बताओं क्या यह अधर्म नहीं क्या ऐसे अधर्मियों का नाश हमारा दायित्व नहीं अगर हाँ तो फिर लग जाओ आज से ही मुन्ना भाई। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

भक्तों का पुनर्जन्म नहीं होता

यान्ति देवव्रता देवान्पित्र्न्यान्ति पित्र्वर्त्ता;
भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति म्ध्याजिनोपी मम ।
देवताओं को पूजने वाले देवताओं को प्राप्त होते हें पितरों को प्राप्त होने वाले पितरों को प्राप्त होते हें भूतों को पूजने वाले भूतों को प्राप्त होते हें,और मेरा पूजन करने वाले भक्त मुझको ही प्राप्त होते हें इसलियें मेरे भक्तों का पुनर्जन्म नहीं होता । अध्याय ९ श्लोक २५ , संकलन ... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अंदाज़े प्यार जुदा हे

अनाजे प्यार भी
आपका
एक खुबसुरत अदा हे,
जिसको भी क्या
प्यार आपने
बस वही
आप पर फ़िदा हे
दिल में
बसी हे
एक
प्यारी सी तस्वीर आपकी
फिर
केसे कहूँ
के आप
हमसे जुदा हें।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

जन्नत आठ तरह की

दोस्तों जिस जन्नत के लियें लोग इस जीवन में कुर्बानियां देते हे वोह जन्नत एक नहीं बलके आठ तरह की हे जन्नत में आदमियों को सेविका के रूप में हूरें मिलेंगी जबकि ओरतों को गिल्मान मीलेंगे । पहली जन्नत जन्नतुल मावा, दूसरी जन्न्नत जन्नतुल नईम, तीसरी जन्नत जन्नतुल आदम,चोथी जन्नत जन्नतुल फिरदोस,पांचवीं जन्नत जन्नतुल दारुल इस्लाम , छटी जन्नत जन्नतुल दारुल खुल्द हे सातवीं जन्नत जन्नतुल दारुल करार, आठवीं जन्नत दारुल जमाल हे ,
तो दोस्तों हे ना मजेदार बात खुदा के घर में जन्नत भी किसिम किसिम की हे अब सोचो हम और आप कहां किस जन्नत में जायेंगे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

बहुत उदास हे कोई .....

बहुत उड़ा हूँ में
तेरे जाने के बाद
हो सके तो
प्लीज़
लोट के आओ
किसी ना किसी
बहाने के साथ ,
तू लाख खफा सही
मगर एक बार
इधर तो देख
कोई हे
जो टूट गया हे
शीशे की तरह
तेरे
रूठ जाने के साथ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

01 October 2010

यह हे गीता का ज्ञान

गीता सुगीता कर्तव्या किमन्ये; शास्त्विस्त्र;
या स्वयंम पद्मनाभस्य मुल्ह्पद्धाद्विनी; स्र्ता
गीता सुगीता करने योग्य हे गीता जी को भली प्रकार पढ़कर अर्थ और भाव सहित अंत; कारण में धारण कर लेना मुख्य कर्तव्य हे जो की स्नव्य्म पद्मनाभन भगवान श्री विष्णु के मुखारविंद से निकली हुई हे स्वयम शिर भगवान ने भी इसके महात्म्य का वर्णन अध्याय १८ श्लोक६८ से ७१ तक क्या हे । इस गीताशास्त्र में मनुष्यमात्र का अधिकार हे चाहे वोह किसी भी वर्ण आश्रम में स्थित हे परन्तु भगवान में श्रद्धालु और भक्तियुक्त अवश्य होना चाहिए कहा गया हे के स्त्री,वेश्य,शुद्र,और पापुयोनी भी मेरे परायण होकर परम गति को प्राप्त होते हें अध्याय ९ के श्लोक ३९ में इसका वर्णन हे अध्याय १८ के श्लोक ४६ में खा गया हे के अपने अपने स्वाभाविक कर्मों द्वारा मेरी पूजा करके मनुष्य परमसिद्धि को प्राप्त होते हें। इसमें मोह को त्यागने के निर्देश दिए गये हें ।
श्रीगीताजी में भगवान ने दो मार्ग बतलाये हें एक सांख्ययोग दूसरा कर्मयोग, पहले में खा गया हे के सम्पूर्ण पदार्थ म्र्गत्रिश्ना जल की भांति अथवा स्वप्र की भांति स्रष्टि के सद्र्श मायामी होने से माया के कार्यरूप सम्पूर्ण गुण हो गुणों में बरतते हें ऐसे समझ कर मन इन्द्रियों और शरीर द्वारा होनेवाले सम्पूर्ण कर्मों में कर्तापन के अभिमान से रहित होना अनुच्छेद ५ के श्लोक ८,९ में यह कहा गया हे। अनुच्छेद २ और ५ के श्लोक ४८ और १० में कहा गया हे सब कुछ भगवान का समझ कर सिद्धि असिद्धि में समत्वभाव रखते हुए आसक्ति और फल की इच्छा का तय कर केवले भगवान के लियें ही सब आचरण करना हे.त्वमेव माता च पिता त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव, त्वमेव विद्या द्रिविद त्वमेव त्वमेव सर्व मम देव देव। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

गाँधी और शास्त्री की जयंती आज

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूजे जाने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता और भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी और भारत के प्रधानमन्त्री लालबहादुर शास्त्री का आज जन्म दिन हे , महात्मा गांधी जिसने लाठी लंगोटी और एक डंडे के बल पर केवल उपवास और अहंसा की राजनिति करके हर लड़ाई जीती हे गाँधी ही थे जिनकी लाठी लंगोटी के डर से अंग्रेजों को देश छोड़ना पढ़ा जब जब अंग्रेजों ने देश पर ज़ुल्म किया गाँधी ने अह्निसा दिखाकर उसका विरोध किया और हर बार अंग्रेजों को झुकना पढ़ा आज जो लोग परमाणु बम और मिसाइलों का डर दिखा कर नहीं कर प् रहे हें वोह काम महात्मा गांधी ने लाठी लंगोटी के बल पर कर दिया , वोह एक ऐसे साहसी थे जो सबसे पहले अपनी गलती स्वीकारते थे उसे सुधारते थे फिर दूसरों को उपदेश दिया करते थे यानि अपने जीवने में वोह एक साधू की तरह थे इसीलियें उन्हें महात्मा का नाम दिया गया और राष्ट्र उनके इशारे पर मर मिटने को तय्यार था इसीलियें उन्हें रास्ट्रपिता का दर्जा दिया गया लेकिन इस हस्ती को कुछ लोग नापसंद करते थे और गिरे हुए विचारधारा वालों ने आज़ाद हिंदुस्तान में पहली आतंकवादी घटना कर इस महान आत्मा को योजनाबद्ध तरीके से गोली मर कर शांत कर दिया और इस महात्मा ने बस हे राम कहा और शांत हो गये अफ़सोस इस बात का हे के कुछ लोग आज भी हे जो इस मानवता के हथियारे नाथूराम गोडसे को पूजते हें और उसे जायज़ ठहराते हे , आज मन्दिर मस्जिद विवाद के चलते अगर गाँधी होते तो शायद इस का हल उनके एक उपवास में ही निकल गया होता लेकिन अब गाँधी कहा हर तरफ बस लुट हे और वोह भी राम और अल्लाह के नाम की लुट हे चंदे हें जिसका कोई जनता को हिसाब नहीं दिया जा रहा हे जबके कहें को देश में सुचना का अधिकार नियम लागू हे फिर भी लोगों को यह नहीं बताया जा रहा हे के राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद के नाम पर लोगों के पास कितने अरब रूपये जमा हें और यह रूपये कहां किसके पास रखे गये हें जनता हे के वोह भी अपने कामों में मस्त हे उसे इन घोटालेबाजों की गर्दन पकड़ने में डर लगता हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में निजी स्कुल की छत गिरी

कोटा में उद्ध्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित बस्ती प्रेमनगर में एक निजी स्कुल की छत अचानक गिर गयी इस मामले में एक अध्यापिका और कुछ छात्र घायल हो गये हें । कोटा में ही नहीं देश भर में ऐसी कई बिल्डिंगें हें जो कमजोर हें और वहन पढने पढ़ने वाले लोगों का जीवन संकट में हे , सी बी एस इ और राजस्थान बोर्ड के अधिकारी ऐसे स्कूलों को मान्यता देने में लाखों रूपये कम रहे हें , मेने केद्रीय शिक्षा बोर्ड से कोटा के स्कूलों के बारे में जब सुचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो में खुद चोंक गया जहां स्कुल चलने के पते दिए गये हें वहां तो आज भी खेत हो रही हे जबकि सरकारी रिकोर्ड में वहां स्कुल चलना बतायागया हे हालत यह हें के पी डब्ल्यू डी के अभियंताओं ने जहां भवन नहीं हे वहां का भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र भी ना कर दे दिया हे और खुद केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड के अधिकारीयों ने वहां क्रषि भूमि होए के बाद भी स्कुल चलना बताया हे ऐसे में जर्जर इमारतो में चलने वाले स्कुल और सुरक्षा मापदन्डों के विपरीत चल रही इमारतों से अब स्कुल के बच्चों और शिक्षकों को तो खतरा हे ही सही इस मामल में अगर सभी स्कूलों और केन्द्रीय और राजस्थान बोर्ड की मान्यताओं के मामले में भवन और अन्य सुविधाओं के मामले में अगर सी बी आई से जाँच हो तो सभी स्कुल बंद हो जायेंगे और अधिकारी अभियंता जेल जायेंगे लेकिन यह हमारा देश हे यहाँ ज तक कोई बड़ा हादसा नहीं होगा अधिकारी और नेता चेतेंगे नहीं । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

बूंदी गरद्दा बाँध में अधिकारी दोषी

राजस्थान के कोटा सम्भाग के बूंदी जिले में १५० करोड़ की लागत से बनाये गरद्दा बाँध के निर्माण में सभी इंजीनियर भ्रष्टाचार के दोषी हें । पिछले दिनों बरसात के दोरान यह बाँध टूट गया था इसके बाद इस मामल में भ्रष्टाचार की जांच सम्भागीय आयुक्त ने शुरू की थी और सम्भागीय आयुक्त ने सभी पक्षों के बयान लेकर यह पाया के इस बंद ह के निर्माण मामले में छोटे बड़े सभी तकनीकी इंजीनियर्स ने ठेकेदार से संथ गांठ कर भ्रस्टाचार फेलाया हे जिसका नतीजा बांध टूटने के रूप एन समने आया आहे इस मामले में सरकार को २०० करोड़ से भी अधिक का चुना लगाया गया हे और अब नया बाँध बनाने में फिर से इतना ही रुपया खर्च होगा लेकिन आज तक सरकार ने किसी भी अधिकारी या इंजीनियर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की हे जबके बूंदी जिले के ग्रामीणों को भ्रष्ट लोगों को सजा कब मिलेगी इसका इन्तिज़ार हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

बूंदी गरददा बांध के लियें सभी दोषी

राजस्थान के कोटा सम्भाग में आने वाले बूंदी जिले के १५० करोड़ से bnaaye

कोटा के चेचट थाने में बलात्कार के बाद हंगामा

कोटा के चेचट थाने में महिला सिपाही के साथ बलात्कार के बाद जब कोटा पुलिस प्रशासन ने लापरवाह थानाधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की तो चेचट कस्बे के लोग भडक गये और उन्होंने पहले तो पुलिस प्रशासन से कार्यवाही की मांग की लेकिन जब कार्यवाही नहीं हुई तो मजबूरी में ग्रामीणों को एकत्रित होना पढ़ा और फिर भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव और पुलिस द्वारा भीड़ पर लाठिवार करना पढ़ा काफी जद्दो झड़ के बाद आखिर वरिष्ट अधिकारियों के समझ में आया के जिस थाणे में थानाधिकारी की उपस्थिति में बलात्कार और फिर बलात्कार के बाद हत्या हो और थानाधिकारी और स्टाफ के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो तो भीड़ तो भड़केगी ही वेसे थानाधिकारी वरिष्ट पुलिस अधिकारियों की दूध देती गायें थी इसीलियें वोह उन्हें हटाना नहीं चाहते थे लेकिन सिद्धांत की बात तो यह हे के सारा थाना निलम्बित होना चाहिए खुद कोटा कलेक्टर ने भी इस मामल में थाणे के सभी स्टाफ के खिलाफ कार्याही करने के लियें निर्देश दिए थे लेकिन पुलिस का अडियल रवय्या अपनों को बचाने की जिद ने चेचट में अशांति फेला दी अब वरिष्ट अधिकारीयों ने फिर हस्तक्षेप कर थानाधिकारी और पहरा संतरी को हटाया हे तब जाकर वहा बात बनी हे लेकिन जिस वक्त घटना यानि बलात्कार और हत्या की जानकारी मिली थी अगर उसी वक्त दोषी और गेर ज़िम्मेदार अधिकारियों के हिलाफ़ कार्यवाही हो जाती तो शायद चेचट में यह बवाल नहीं होता लेकिन यहाँ तो बवाल मचवाने की आदत सी हो गयी हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कुरान शरीफ एक नजर में ...........

जी हाँ दोस्तों कुरान शरीफ मुस्लिमों का धर्म ग्रन्थ जो खुदा यानी इश्वर का भेजा गया संदेश हे यह ला इलाह इल्लल्लाह मोह्म्म्दुर र्सुल्लाल्लाह यानी नहीं हे कोई खुदा के सिवा और मोहम्मद उसके रसूल हें का संदेश देता हे इस कुरान मजीद को मुसलमान ईश्वरीय किताब पवित्र ग्रन्थ कहते हें इस ग्रन्थ में जीने से लेकर मरने तक और जबसे दुनिया बनी हे और जब दुनाया खत्म होगी इसके बाद क्या होगा सभी जानकारियाँ हें कुल मिला कर इसमें मुसलमानों के जीने के सिद्धांत हें और यह एक मुस्लिम संविधान हे ।
पैगम्बर हुजुर का जन्म २२ अप्रैल ५७१ में सुबह ४.४५ पर हुआ जो २२३३० दिन यानी ६३ साल ४ दिन खुदा का पैगाम देते रहे आपकी पेग्म्बरी ८१५६ दिन यानी २३ साल रही।
कुरान मजीद में ११४ सूरतें,३० पारे ,५४० रुकुह,६६६६ आयतें १४ सजदे , ८६४३० अलफ़ाज़,३२२६७१ अक्षर, ५३२४३ जबर ,३९५८२ ज़ेर , ८८०४ पेश,१२५३ तश्दीद ,१७७१ मद, १०५६८२ नुक्ते, ४८८७२ अलीफ, ११४२८ ब, १०९९ त, १२७६ स ,३३७३ जीम, ३७९३२ हे , २४१६ख ,५६०२ द,४६७७ जाल, ११७९३ र ,१५९० ज ,५८९१ सीन, २२९३ शीन, २०१३ स्वाद, १६०७ दुआद, १२७७ तोय, ८४२ जॉय, ९२२० ऍन, २२०८ गेन, ८४९९ फ , ६८१३ काफ, ९५०० काफ, ३०४३२ लाम, २६५६० मीम, ४५१९० नून, २५५३६ वाव ,१९०७० दो चश्मी हे , ४७२० लामअलीफ, ४५९१९ य हे। लोग कहते हें के कुरान एक सिलेबस हे मोहम्मद स.अ.व्.इसके टीचर हें और अल्लाह इसका एक्जामिनर हे इसलियें कुरान पढो इसका पालन करो और इस इम्तिहान पास हो जाओ । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान कल पढिये भगवत गीता का सारांश

बोल बाला हो गया

देखो आज
छोड़ी हे शराफत मेने
मेरा धंधा
आज काला हो गया
कल तक मुझे
पूंछते भी ना थे जो
आज उन्हीं के बीच
मेरा बोलबाला हो गया ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अच्छा पड़ोसी

यूँ एक
अच्छे
पड़ोसी का
हक निभा दूंगा ,
वोह नफरत की आग में
जलाएगा भी अगर
मेरे घर को
तो भी
में
पड़ोसी की ख़ुशी के लियें
इस नफरत की आग को
मोहब्बत की हवा दूंगा।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मेरे आंगन में

हिन्दू ,मुस्लिम
सीख ,इसाई
खिले हें
फूलों की तरह
मेरे आंगन में
देखो खुश हाली और हरियाली का मेला
लगा हे मेरे आंगन में
नमाज़ की अज़ान और पूजा की थाली की तरह
नफासत का माहोल हे मेरे आंगन में
सब मिल जुल कर
मना रहे हें खुशिया
देखो
रिश्तों का केसा
खुशनुमा रेला हे
मेरे आंगन में
चाहते थे लोग घटाटोप अन्धेरा
लेकिन देखो
यह चमकते सितारे हें
इसलियें कितनी रौशनी हे मेरे आंगन में ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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