देश में जन्म से लेकर मरण तक हर व्यक्ति को mere is देश में भ्रस्ताचार का सफर तय करना होता है किसी का जन्म हुआ उसे खुद को पैदा होना साबित करना होगा इसके लियें सरकार के महकमे में जाकर सारी फोर्मलिटी पूरी करने के बाद भी उसे बिना भ्रष्टाचार के प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा पेंशन हो गयी तो खुद को जीवित साबित करने के लियें उसे जीवित होने का प्रमाण पत्र बनवाना होगा ,विकलांग हो गया तो उसे विकलांग प्रमाण पत्र बनवाना होगा ,और अगर कोई मर गया तो फिर उसकी म्रत्यु का प्रमाण पत्र उसे बनवाना होगा लेकिन इन जरूरतों में सरकारी सिस्टम केसा है कोनसा प्रमाण्पत्र कितने रूपये में और केसे बनता हे , मुसलमान होने का प्रमाण पत्र, जाति का प्रमाण पत्र , मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र इन सभी प्रमाण पत्रों में जो भ्रष्टाचार है अगर उसे दूर कर दिया जाए तो मेरा भारत महान हो जाएगा क्या अन्ना हजारे उनके करोड़ों करोड़ समर्थक is भ्रष्टाचार को खत्म करवा सकेंगे अगर नहीं तो फिर इन सब का क्या फायदा ........ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
वास्ता है प्यार का> जनाब ! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)
07 April 2011
जन्म से मरण तक लुट भ्रस्टाचार क्या खत्म हो सकेगा ..........
राजस्थान भाजपा में फिर रूठा राठी कुछ नियुक्तिया रोकीं
राजस्थान भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा सिंधिया और अरुण चतुर्वेदी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के बिच हाल ही में हुई पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर सहित युद्ध छिड़ गया है और हालात यह है के इसका असर यहाँ पार्टी के ३६ वें स्थापना दिवस पर भी पढ़ा इस दिन भी इनके दिल नहीं मिले और शिकायत हाईकमान दिल्ली जा पहुंची .
राजस्थान में केन्द्रीय भाजपा नेता हमेशा वसुंधरा सिंधिया पर अंकुश लगाने के लियें एक नया गुट नई ताकत को हवा देकर उन्हें परेशान करते रहे हैं लेकिन हर बार वसुंधरा की ताकत और राजस्थान में उनको मिले समर्थन के आगे हाई कमान को वसुंधरा रणनीति के आगे झुकना ही पढ़ा है इस बार वसुंधरा सिंधिया के हाडोती मे उनके विरोधी रहे पूर्व भाजपा विधायक और कोटा देहात अध्यक्ष प्रहलाद गुंजल को जब प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया और कोटा देहात में प्रहलाद पंवार को अध्यक्ष बनाया तो बस वसुंधरा नाराज़ हो गयी और दिल्ली शिकायत कर डाली आपस में टकराव हुआ आखिर वसुंधरा की चली और इन दो नियुक्तियों को अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है .
राजस्थान भाजपा में हर बार वसुंधरा अपना वर्चस्व अपनी ताकत अपना समर्थन साबित करती रही हैं लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेताओं की नीतियों से राजस्थान में भाजपा की मजबूत स्थिति के वाद भी यहाँ भाजपा बिखरी पढ़ी हे और कमजोर होती जा रही हे जो कोंग्रेस को वोक ओवर दे रहा है . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
रिश्तों में ऐसी भी पद्धति है दरार .................
एक अटूट रिश्ता ,एक पाकीज़ा रिश्ता, एक जीवन साथ जीने मरने वाला रिश्ता जी हाँ में पीटीआई पत्नी के रिश्ते की बात कर रहा हूँ जिस रिश्ते के बारे में कहा जाता है के पति के बगेर पत्नी और पत्नी के बगेर पति का जीवन अधूरा है लेकिन अगर यही रिश्ते एक दुसरे के जान ,माल और इज्जत के भूखे हो जाए तो फिर रिश्तों का मोल क्या रह जाता है .
दोस्तों दुआ करते हैं खुदा हमारे समाज को ऐसे दरकते जहरीले रिश्तों से बचाए जो बिगढ़ने के बाद एक दुसरे के इज्ज़त के प्यासे हो जाएँ एक पत्नी जब पति के खिलाफ दहेज़ का मुकदमा दर्ज कराती है तो पत्नी को जेल भेज कर भी वोह सुकून हासिल करती है लेकिन एक पति जो अपनी नोकरी दिलाता हैं उसका संरक्षक होता है अगर वही अपनी पत्नी को धोखा धडी के मामले में फंसाने के लियें सरकार को सुचना दे मुकदमा दर्ज कराए तो ऐसे रिशों को क्या कहेंगे , जी हाँ दोस्तों राजस्थान के रायपुर के पास सुनेल ग्राम धतुरिया में कार्यरत अध्यापिला श्रीमती सीमा सिसोदिया के खिलाफ उनके पति अशोक राव ने मुकदमा दर्ज कराया है के उनकी पत्नी चित्तोड़ में पिता के साथ निवासित थीं और मध्य प्रदेश से बी एड किया है फिर भी सुनेल का खुद को बताकर फर्जी मूल निवासी प्रमाण पात्र बनवाकर नोकरी प्राप्त कर ली है पति की मांग है के पत्नी को इस कारण से नोकरी से हटायें और फर्जी वादा करने के लियें मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवायें , है ना अफ़सोस नाक बात के एक पति एक पत्नी की इज्जत और नोकरी का दुश्मन बन गया है लेकिन समाज में यह बगावत यह दुश्विचार क्यूँ और केसे आ रहे हैं इस पर कोई भी समाजशास्त्री चिन्तन मंथन कर कोई शोध पात्र कोई सुझाव नहीं दे प़ा रहा हे समाज में इन रिश्तों की दरारों को पाटने की जगह अगर और बढाया गया तो एक दिन समाज का वातावरण ही जहरीला हो जाएगा इसलियें इस पर सरकार और गेर सरकारी समाजसेवी संगठनों सहित जनता को भी विचार कर परिवर्तन के लियें कोई फार्मूला सुझाना चाहिए .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान की मंत्री कहती है के सरकार भ्रष्ट है
राजस्थान की मंत्री गोलमा देवी उनके सांसद पति किरोड़ी के खिलाफ सरकारी जिलाबदर की कार्यवाही के बाद भड़क गयी हैं और सरकार के मंत्रियों ,अधिकारीयों के खिलाफ भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगाये हैं .
कल सांसद किरोड़ी को उदयपुर में गिरफ्तार कर जिला बदर करने की कार्यवाही से राजस्थान सरकार को बनाने और बचाने वाली मंत्री गोलमा जो अभी सरकार में निर्दलीय के रूप में मंत्री बनी बेठी हैं भड़क गयी हैं और सभी मर्यादाओं को भंग कर अपनी ही सरकार के गांधीवादी राजस्थान के गांधी अशोक गहलोत की सरकार पर आरोप जड़ने लगी हैं वेसे तो एक मंत्री का यह कृत्य सरकार का विरोध मंत्री पद पर रहते हुए किया जाना हास्यास्पद हे क्योंकि अगर सरकार भ्रष्ट है तो वोह भी भ्रष्ट हैं और फिर उन्हें भी पद छोड़ कर ही सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन करना चाहिए .
इधर राजस्थान सरकार बार बार गोलमा को माफ़ करती रही हे जो सरकार की कमजोरी झलकाती रही है आखिर ऐसी कोनसी मजबूरी है जो अशोक गहलोत गोलमा को उनकी हरकतों की वजह से सरकार से बर्खास्त नहीं करवाते गोलमा सरकार का खाती हैं सरकार पर गुर्राती है और उनके पति राजस्थान भर में सरकार की नाक में दम किये हुए हे फिर भी सत्ता पक्ष पर कोंग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें कोंग्रेस में शामिल होने की दावत देते रहे हैं और किरोड़ी है के कोंग्रेस के इन प्रस्तावों को ठुकराते रहे हैं यह सब नजारे देख कर सुनकर ऐसा लगता है के राजस्थान सरकार किरोड़ी और गोलमा के बीच सरकार स्थिर और अस्थिर करने के मामले में कुछ ना कुछ दाल में काला है क्योंकि राजस्थान सरकार किनारे के समर्थन पर ही टिकी हुई है और निर्दलियों के अलावा दल बदल के बल पर ही सरकार को विश्वास मत हांसिल हुआ था तब से सरकार केसी चल रही है इसकी कहानी सब जानते हैं ...... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अन्ना अन्ना अन्ना आखिर जीत ही गये बिना लाठी भाटा धरने प्रदर्शन के एक उपवास में ............
मेरे हिन्दुस्तानी दोस्तों मेरी हिन्दुस्तानी बहनों माताओं और जो विदेश में रह रहे हिन्दुस्तानी हैं आज उनेह सभी को अन्ना समर्थकों का सलाम एक अन्ना जिसने देश के नेताओं देश के आन्दोलन कारियों की सोच उनकी दिशा और दशा सब कुछ बदल कर रख दिया और इसके लियें किसी हिंसा किसी बंद किसी लाठी भाटा जंग की जरूरत नहीं पढ़ी केवल एक उपवास ने देश में भ्रटाचार की दुनिया बदल कर रख दी .
आज मेरी बिटिया ने मुझ से पूंछा पापा यह अन्ना हजारे कोन हैं आज लोग इनके दीवाने क्यूँ हैं और भाजपा,कोंग्रेस ,शिवसेना,आर एस एस ,बजरंगदल इनका समर्थन क्यूँ नहीं कर रही है , में खुद इस मासूम सवाल पर चुप्पी साध गया फिर बच्ची ने दुबारा सवाल किया पापा बताओं ना क्या अन्ना देश में अभी इन दिनों ही आये हैं जो इसके पहले के भ्रस्टाचार मामलों में वोह कभी नहीं बोल पाए उसके इस सवाल पर मुझे जवाब देना जरूरी हो गया .
मेने बिटिया से कहा बेटा यह अन्ना गांधीवादी हैं उपवास पर कई मंत्रियों और कई अधिकारीयों को हटा चुके हैं और यह भ्रस्ताचार के खिलाफ देश में ही रहकर जंग लड़ते रहे हैं लेकिन यह बात सही हे के सर से पानी गुजरने पर ही आज अन्ना देश के एक सिपाही की तरह सार्वजनिक रूप से पहली बार बढ़ी लढाई लढने के लियें निकले हैं जिसमे देश की जनता का उन्हें समर्थन है मेने कहा चलो देर आयद दुरुस्त आयद भ्रस्ताचार के खिलाफ यह मुहीम देर से ही सही लेकिन शुरू तो हुई मेने बिटिया से कहा के एक अन्ना ही हैं जिन्होंने भ्रटाचार के मामले में जनता को एक जुट कर सरकार को हिला कर रख दिया बिटिया का दुसरा सवाल पापा क्या जो जनता जो समाजसेवक जो रिटायर्ड लोग अन्ना के साथ लगे है वोह गारंटी से ईमानदार हैं क्या उन्होंने कभी बेईमानी नहीं की या फिर वोह भविष्य में कभी बेईमानी नहीं करेंगे में फिर चुप लेकिन बिटिया ने फिर मुझे टटोला हार कर मुझे कहना पढ़ा बेटा मुझे पता नहीं लेकिन शिक्षा तो यही है के सभी को पहले अपने गिरेबान में झाँक कर देखना चाहिए कोई गलती हो तो उसे सूधार कर ही आन्दोलन में उतरना चाहिए मेने बिटिया को पहले खुद गुड खाना छोड़ने और फिर बच्चों को गुड नहीं खाने की नसीहत वाली कहानी सुनाई ,बिटिया ने फिर कहा के पापा एक कहावत खुद तो गूढ़ खाओ और गुलगुलों से परहेज़ करो ऐसा भी तो होता है में झल्ला गया लेकिन मेने खुद को फिर सम्भाला और कहा के बेटा में तो बस अन्ना हजारे की गारंटी ले रहा हूँ वोह तो एक दम साफ़ सुथरी छवि वाले संघर्ष शील आदमी है बिटिया ने फिर पूंछा तो फिर यह हजारे इतने सालों से खुलकर क्यूँ नहीं बोले में फिर झल्लाया अरे तो सवालों की दूकान बन गयी हे चल पढ़ी पढ़ लेकिन वोह कहाँ चुप रहने वाली थी उसने मुस्कुरा कर फिर सवाल किया के कोंग्रेस और भाजपा और दुसरे राष्ट्रभक्त संगठन इसमें अन्ना के साथ क्यूँ नहीं आ रहे हैं इसकी क्या वजह है में फिर झल्लाया अरे मुझे क्या पता तुम तो यह सब उन लोगों से ही पूंछ लेना , बिटिया ने फिर कहा पापा आप वकील हो ,आप पत्रकार हो ,आप समाजसेवक हो भ्रस्ताचार और मानवाधिकार के लियें लड़ते हो तो फिर में किसी और से इन सवालों के बारे में क्यूँ पूंछू में बिटिया को पास बुलाया उसे पुचकारा और बात को टालते हुए कहा के बेटा तुम खुद ही अन्ना को देखलो आज अन्ना के आलावा मिडिया टी वी अखबार में कोई खबर नहीं है और सरकार उनके उपवास अनशन के आगे झुक गयी है देर से ही सही उन्होंने देश को एक नई दिशा नई सोच भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन की एक ताकत तो दी है और अन्ना की लढाई खुद के लियें नहीं किसी राजनितिक पार्टी के लियें नहीं देश के लियें है और इस लढाई में ना कोई रेली,ना कोई धरना ना कोई प्रदर्शन न लाठी ना भाटा और सरकार झुक गयी तो बेटा यह तो अच्छी बात है ,बिटिया ने मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा ........में समझ गया के यह इसके सवालों का जवाब जो में नही दे सका उस पर मुस्कुरा रही है लेकिन फिर भी बिटिया ने पापा का दिल रखने के लियें गर्व से कहा तो पापा ऐसे अन्ना को तो मेरा भी सलाम कहिये .........बिटिया तो स्कुल चली गयी लेकिन उसके यह अंतर्मन को छेड़ते सवाल तीर की तरह आज भी मुझे भेद रहे हैं ...................... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
एक सफल माँ ही बन सकती है सफल ब्लोगर जो हैं डॉक्टर मोनिका शर्मा
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| एक सफल माँ ब्लोगर डोक्टर मोनिका शर्मा |
जी हाँ दोस्तों एक अच्छा इंसान एक अच्छा व्यक्ति ही अच्छा ब्लोगर बन सकता है लेकिन अगर एक माँ जो अपने बच्चों के लियें कर्तव्यबद्ध हो और उन्हें दुनिया में सबसे ज़्यादा प्यार करती हो अगर ऐसी ममता की मूरत माँ कोई ब्लोगिंग करे तो उसमें तो एक प्यार, एक अपनापन,मधुरता,मिठास , अल्फाजों की जादूगरी और एक नई सोच का आगाज़ होना ही चाहिए और यह सब एक सफल माँ ब्लोगर डोक्टर मोनिका शर्मा में है .
राजस्थान की राजधानी पिंक सिटी जयपुर की मूल निवासी डॉक्टर मोनिका इन दिनों केनेडा में बसी हैं और वोह केनेडा में रहकर हिंदी से प्यार होने के कारण हिंदी भारत माँ की मात्र भाषा होने के कर्ण हिंदी में ब्लोगिंग कर रही हैं केनेडा के एयर कंडीशन वातावरण में डॉक्टर मोनिका ने नोवंबर २००९ से हिंदी ब्ल्गोगिंग की शुरुआत की और अपने सधे हुए निर्विवाद अल्फाजों से इन्होने जो रचनाएँ जो सारगर्भित लेख ब्लोगिंग की दुनिया को दिए इससे मोंका जी ब्लोगिंग क्वीन बन गयीं और आज ब्लोगिंग की दुनिया में इनका नाम मान सम्मान के साथ लिया जाने लगा है .
प्रारम्भ से ही मीडिया से जुडी रहने के कारण डॉक्टर मोनिक अपना मिडिया का लगाव नहीं छोड़ पायीं और वोह आज भी इसी कार्य में लगी हुई हैं ब्लोगिंग भी वोह करके अपनी इसी विधा की धार लोगों को जता रही हें , एक ख़ास बात डॉक्टर मोनिका में यह है के वोह बहतरीन रचनाकार के साथ गीत लिखने वाली बहतरीन शायर भी हैं और इसी कारण उनके अल्फाजों को अर्चना चाव्जी ने आवाज़ देकर मधुर वाणी बनाकर आज विश्व प्रसिद्ध बना दिया है .
नोवंबर २००९ से विभिन्न मुद्दों पर लिखने वाली महिला ब्लोगर में डोक्टर मोनिका जी सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं और इसीलियें इनकी एक एक रचना पर टिप्पणियाँ बेशुमार होती हैं और सभी टिप्पणियाँ ब्लोगिंग की दुनिया का इनके प्रति प्रेम समर्पण प्यार को प्रदर्शित करती हैं ,वोह खुद कहती है के उनके कर्तव्यों में सबसे पहला और खास कर्तव्य माँ का हे इसीलियें इसके आगे सभी काम बेकार हैं . केनेडा में बैठकर हिन्दुस्तान पर हिन्दुस्तानी भाषा में लिखना इनका हिन्दुस्तान से जुड़ाव हिंदी से लगाव का एक यादगार अनुकरणीय उदाहरण है .
डॉक्टर मोनिका की पमुख लेखनी में ..............चेतन्य का कोना .......परवाज़ शब्दों के पंख .......तीज तवार....विश्वास नहीं ...........सबसे अलग ....प्रमुख हैं और इन ब्लोग्स में डोक्टर मोनिका जी ने अपने सारे मरीजों का दर्द अपने सारे साहित्यकारों का शोध उड़ेल कर रख दिया है और इसीलियें डॉक्टर मोनिका एक आदर्श माँ के साथ साथ एक आदर्श निर्विवाद ब्लोगर भी बन गयी हैं जिनका नाम ब्लोगिंग की दुनिया में सम्मान के साथ ही लिया जाता है ..............
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
साहित्य समाज और हमारा समय विषय पर कार्यक्रम नो अप्रैल को कोटा में
साहित्य समाज और हमारा समय विषय पर कोटा राजस्थान में नो अप्रैल को साहित्य दिवस २०११ के रूप में एक साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया है . इसी क्रम में आगामी ३१ जुलाई को बीकानेर में प्रेमचन्द समारोह का भी आयोजन किया गया है .
कोटा में प्रगितशील लेखक संघ राजस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आर पी यादव उप कुलपति तकनीकी विश्विद्यालय कोटा करेंगे जबकि नरेश दाधीच उप कुलपति खुला विश्व विद्यालय रहेंगे .गायत्री शक्ति पीठ महेश्वरी भवन के पीछे विज्ञानं नगर में आयोजित इस कार्यक्रम के संयोजक हमसफर साप्ताहिक के सम्पादक जीनगर दुर्गा शंकर गहलोत ने बताया किकार्यक्रम अध्यक्ष वेड व्यास और सचिव श्याम महर्षि हैं , गहलोत ने बताया कि इस अवसर पर झालावाड के साहित्यकार रघुराज सिंह हाडा ,बशीर एहमद मयूख कोटा ,शचीन्द्र उपाध्याय ,रोशन कोत्वी, रशीद अहमद पहाड़ी , श्रीमती प्रेमलता जेन , श्रीमती कमला कमलेश , ब्रिजेन्द्र कोशिक , रमेश वारिद ,मदन मदिर , दुरगादान सिंह गोड़ को प्रेम चंद सम्मान के साथ समानित किया जाएगा . प्रगति शील लेखक संघ के वेदव्यास ने बताया कि आगामी ३१ जुलाई को बीकानेर में प्रेमचंद सम्मान कार्यक्रम होगा वेदव्यास राजस्थान के ही नहीं देश भर के विख्यात साहित्यकार हैं ......... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
06 April 2011
कोटा में भी अन्ना को समर्थन
कोटा। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए व्यापक जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग पर नई दिल्ली में अनशन पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे की मुहिम में कोटा में भी आंदोलन का आगाज हो गया है। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पर मानव कल्याण समिति के बैनर तले धरना दिया गया। गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी मोहनलाल गुप्ता के नेतृत्व में सुबह 9 बजे मल्टीपरपज स्कूल गुमानपुरा से कलेक्ट्रेट तक रैली पहुंचेगी, जहां विधेयक के समर्थन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अमरीक चंद गंभीर शुक्रवार से धरने पर बैठेंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भ्रष्टाचार विरोधी जन अभियान समिति के गठन के साथ आंदोलन को समर्थन दिया है। निर्दलीय पार्षद गोपालराम मंडा, पूजा राजवंशी, जितेंद्र सिंह व जसपाल अरोड़ा गुरुवार को धरने के समर्थन में एक मंच बनाएंगे।
क्यों नहीं खौलता खून
स्वाधीनता आंदोलन के दौरान कोटा में संघर्ष की मशाल थामने वाले ताम्रपत्र प्राप्त स्वतंत्रता सेनानी 87 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता ने बुधवार को पुरानी धानमंडी स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे बैठकर अफसोस जताया कि भ्रष्टाचार के जिस अहम मुद्दे पर देश के युवाओं का खून गर्माना चाहिए था, वह शांत है। यही वजह है कि अन्ना जैसे बुजुर्गो को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी पड़ रही है।
गुप्ता ने कहा कि अन्ना हजारे की मुहिम के समर्थन में वे गुरुवार सुबह 9 बजे गुमानपुरा मल्टीपरपज स्कूल से रैली निकालेंगे और सूरजपोल गेट, कैथूनीपोल चौराहा से पुराने कोटा होते हुए कलेक्टरेट पहुंचेंगे। सभी राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों को मौखिक रूप से रैली में शामिल होने का आह्वान किया है। कोई नहीं आएगा तो वे अकेले ही तिरंगा थामकर निकलेंगे। जैसे गांधी जी ने दांडी यात्रा 11 लोगों के साथ शुरू की थी और बाद में कारवां जुड़ता गया था। कलेक्टरेट पहुंचकर जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट में लगाएंगे सूचना बोर्ड
भास्कर ने शहर में भ्रष्टाचार की शिकायतों की समाधान की प्रक्रिया में जब कलेक्टर जीएल गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि जो भी शिकायत आती है तो उसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) को भेज देते हैं। अनियमितता की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए कलेक्ट्रेट के सभी ऑफिसों में बोर्ड लगाए जाएंगे। जिस पर लिखा होगा कि यदि कोई रिश्वत मांगता है तो एसीबी में इसकी शिकायत करें। बोर्ड पर एसीबी कार्यालय का पता व फोन नंबर भी लिखा जाएगा।
8 अप्रैल को होगी सर्वदलीय बैठक
अन्ना हजारे के समर्थन में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कॉ-आर्डिनेटर विजयसिंह पालीवाल के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी जन अभियान समिति की बैठक बुलाई गई। इसमें निर्णय लिया गया कि 8 अप्रैल को झालावाड़ रोड आश्रय भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी सामाजिक, साहित्यिक व गैर राजनैतिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। बुधवार को हुई बैठक में मनोज पुरी, महेंद्र नेह, सुमेर सिंह, नेता खंडेलवाल, रौनक आनंद, तारकेश्वर तिवारी मौजूद थे।
माकपा का समर्थन
भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यूनाइटेड के सचिव महेंद्र पांडेय, विजयशंकर झा, महेंद्र नेह व तारकेश्वर तिवारी, हरदयालसिंह, अब्दुल गफूर व दिलीप शर्मा ने कहा है कि जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में पुरजोर आवाज उठाई जाएगी।
सांकेतिक धरने से शुरुआत
अन्ना हजारे की मुहिम के समर्थन में मानव कल्याण समिति ने बुधवार को कलेक्ट्रेट गेट पर शाम 5 बजे तक सांकेतिक धरना दिया। एडीएम सिटी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। धरने में कांग्रेस नेता अरुण भार्गव, समिति पदाधिकारी श्याम नामा, कन्हैयालाल मित्तल, पूर्व पार्षद रविन्द्र बैरवा, वकील रामावतार जोशी, शंभूदयाल विजय, प्रकाश जायसवाल, स्वतंत्रता सेनानी मोहनलाल गुप्ता और पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर शामिल हुए।
इरादा तो दिल्ली जाने का था
वयोवृद्ध नेता अमरीकचंद गंभीर के मुताबिक वे शुक्रवार से कलेक्ट्रेट पर अनशन पर बैठेंगे। उनका इरादा तो हजारे के साथ दिल्ली में अनशन पर बैठने का था, लेकिन वृद्धावस्था और निशक्तता के कारण वे कोटा में ही अनशन पर बैठ रहे हैं।अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
इ सुगम से अब राजस्थान में भ्रस्ताचार की शिकायतें
राजस्थान में अब भ्रस्टाचार की शिकायतें करना आसान हो गयी हे सरकार ने इ सुगम शिकायतें दर्ज करने की योजना बनाई है इसके लियें sugamrpg.raj.nic.in पर एक विशेष पोर्टल पर चार हजार शब्दों तक अपनी शिकायत दर्ज करवाई जा सकेगी .
राजस्थान में भ्रस्टाचार के खिलाफ इस हाई टेक शिकायत केंद्र पर सभी कलेक्टरों ,मुख्यमंत्री,राज्यपाल महोदय की भी सीधी नज़र रहेगी इस माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों को निस्तारण के लियें सम्बन्धित विभाग में भेजा जाएगा और तुरंत शिकायत की पावती और शिकायत के निस्तारण के बारे में शिकायत करता को उसकी आई डी पर जवाब दिया जाएगा .
भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के लियें राजस्थान सरकार की यह अनूठी पहल है और इस शिकायत प्रक्रिया से जनता को लाभ मिलेगा ..................... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
भूखों को रोटी की रेली के पूर्व उदयपुर में तमाशा
राजस्थान में झीलों की नगरी जहां के आसपास निवासित आदिवासी जो भूखे नंगे हें उनका सच जनता के सामने लाने के लियें उन्हें एकत्रित कर उनके नाम से निकाले जाने वाली रेली में राजस्थान सरकार में राजस्थान सरकार में बेठी एक मंत्री के पति सांसद और सरकार के बिच जंग छिड़ गयी हे हालत यह रहे के इन संसद जी को थप्पड़ मार कर सीधा कर दिया गया अब यह पुलिस की हिरासत में हें .
राजस्थान में गरजने और बरसने वाले कहे जाने वाले एक मात्र राजनितिक शेर सांसद डोक्टर किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी श्रीमती गोलमा राजस्थान सरकार में मंत्री हैं यह वाही डॉक्टर किरोड़ी मीणा हें जिनकी क्रपा से राजस्थान में आज कोंग्रेस सरकार को बहुमत प्राप्त है और वोह राज कर रही है किरोड़ी दो जगह से विधायक बने थे और अभी दोसा से सांसद हैं इनकी दबंगई के किस्से राजस्थान की सडकों ,गलियों और जंगलों में आम हैं .
डोक्टर किरोड़ी अपना आधार दुसरे इलाकों में बढाने के लियें कोंग्रेस के वोट बेंक में सेंध लगाने के मकसद से उदयपुर दलितों के गाँव और बस्तियों में जा पहुंचे डोक्टर साहब ने दलितों की बस्तियों में तो अपना बसेरा नहीं बनाया और एक सुख सुविधा युक्त होटल रोयल इन् में रहने का इन्तिज़ाम किया वहां दलितों को एकत्रित कर भूखों को रोटी और नंगों को कपड़े दिलवाने के नाम पर एक आन्दोलन छेड़ने की रणनीति बनायी जा रही थी एक बढ़ी रेली निकाले जाने की तय्यारी थी कलेक्टर की रिपोर्ट थी के अगर ऐसा हुआ तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है इसलियें पहले धरा १४४ लगाकर किरोड़ी को १५१ में गिरफ्तार कर डराया गया वोह नहीं माने तो फिर किरोड़ी को पकड़ कर जिलाबदर करने के लियें ताकत का इस्तेमाल किया गया डोक्टर किरोड़ी का कहना है के उनके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजराज सिंह ने थप्पड़ मारा है जबकि कुछ लोगों का कहना है के किरोड़ी ने भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के थप्पड़ मारा है इस मामले में तेजराज सिंह ने ऐसी घटना होने से इनकार किया है फिलहाल डोक्टर किरोड़ी को अजमेर नजरबंद रखा गया है .
दोस्तों कहीं अगर बलवा हो तो ऐसी गिरफ्तारी तड़ीपार की कार्यवाही ठीक लगती है लेकिन एक निर्वाचित सांसद, एक राजस्थान सरकार में बेठी मंत्री गोलमा के पति के साथ केवल भूखों को रोटी और नंगों को कपड़े दिलवाने की मांग पर इस तरह की दुर्दशा क्या लोकतंत्र है .......अगर राजस्थान सरकार ने आदिवासियों के लियें कुछ योजनायें तय्यार की हैं तो फिर उन्हें डरने की क्या जरूरत है आदिवासी तो जो उन्हें न्याय दिलाएगा उनके साथ ही रहेंगे लेकिन कल उदयपुर में जो भी राजनीति हुई है उससे राजस्थान सरकार की कार्यवाही लोकतंत्र में एक उदाहरण बन कर कभी ना कभी किसी कोंग्रेसी पर बरसेगी जरुर .......... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
एक हैं किलर झपाटा , और एक हैं कुंवर कुसुमेश
एक हैं किलर झपाटा , और एक हैं कुंवर कुसुमेश
एक हैं किलर झपाटा , और एक हैं कुंवर कुसुमेश दोनों के स्वभाव और दोनों की लेखनी उत्तर दक्षिण है मामूली सा परिचय इन भाइयों का में आपसे कराना चाहता हूँ .............
किलर झपाटा जी जेसा नाम ऐसा ही काम इनकी ब्लोगिंग में किसी का भी कान पकड़ों और प्यार से दो चार चपत लगा दो बस यही इनका अंदाज़ हे और टिप्पणी का अंदाज़ तो माशा अल्लाह निराला हे जो इनकी पहलवानी गुण को ना जाने वोह तो बिना वजह के नाराज़ होकर ही बेठ जाए , भाई नाराज़ होने की बात नहीं हे बात थोड़ा डरने की हे किलर झपाटा भाई छोटे मोटे आदमी नहीं अरे भाई पहलवान हैं पहलवान समझ गए ना बस इसीलियें इनका फोटू लगाने में में थोडा में डर गया , खेर यह तो हुई हंसी मजाक और भाईचारे की बात लेकिन हकीकत यह हें के होन्कोंग में मजे ले रहे भाई किलर झपाटा जी खिलाड़ी हैं और खेल के सामानों का ही इनका व्यसाय भी है यह किलर हैं और सिर्फ किसी को भी किलिंग करने के लियें निर्भीकता से अपनी वाणी चलाते हैं इनकी सभी पोस्टों में जांबाजी झलकती है कई लोग इनकी पोस्ट और टिप्पणियाँ पढ़कर नाराज़ होने का भी मन बनाते हैं लेकिन जब इन जनाब के पहलवानी के किस्से आते हैं तो मेरे जेसे लोग तो डर जाते हैं और कुछ सोच लेते हैं चलो छोड़ों क्या फर्क पढ़ता हे बेचारा पहलवान है...... भाई किलर झपाटा जी ने होन्कोंग और हिन्दुस्तान एक कर दिया है इनको किलकिल काँटा खेलना अच्छा लगता हे दीवाने बकवास जो में लिखता हूँ इनका मनपसंद ग्रन्थ है वर्ष २०१० में इन्होने ब्लोगिंग शुरू की और इस वर्ष कुल छ ब्लॉग लिख कर अब यह मजेदार ब्लोगिंग में हैं इनकी पोस्टें और टिप्पणियाँ पढ़कर जी करता है के इनके साथ मिलें इनके साथ बेठें इनके साथ घूमें इनके साथ फिरें तो जनाब किलर झपाटा भाई क्या हमें बुला रहे हों हांगकांग घुमने फिरने और थोड़ा खुबसूरत चेहरा खुबसूरत नाम सभी तो लोगों के सामने लाओ यार वरना हम तो तुम्हारी याद में तडप तडप कर ही मर जायेंगे . ........................................................
जनाब यह तो हुई हंसी मजाक की किलर झपटा साहब की लेकिन एक ब्लोगर भाई धीर गम्भीर और कविता गुरु कुंवर कुसुमेश जी हैं जिन्हें अगर में नहीं पढ़ पाता या जिन तक मेरी पहुंच नहीं होती तो शायद में खुद को इस ब्लोगिंग और अध्ययन की दुनिया में अधूरा मानता इनका रोज़ लिखा जाने वाला काव्य साहित्य सीधे आँखों के रास्ते सेकुंवर कुसुमेश जाकर दिल में उतरता है और फिर दिमाग को सोचने पर जमीर को झकझोरने पर मजबूर कर देता है लेखन की जमीर को जगा देने वाली जो ताकत है वोह इन जनाब कुंवर कुसुमेश जी में है .
आदरणीय कुंवर कुसुमेश जी लखनऊ उत्तर प्रदेश में जीवन बीमा निगम में जिला प्रबन्धक पद से रिटायर है और बीमा कम्पनी में क्लेम देते वक्त फाइनल करते वक्त कई लोगों का दर्द इन्होने नजदीक से देखा हे , कई लोगों के फर्जी क्लेम उठाने का झूंठ इन्होने पकड़ा हे कुशल प्रंबधक के रूप में इन्होने दफ्तर का काम अनुशासन से किया हे इसीलियें अनुशासन और अदब इनकी पहली शर्त हे अदब में साहित्य और तमीज़ दोनों चीजें शामिल हैं .
कुंवर कुसुमेश जी ऐसे पहले ब्लोगर हैं जिन्हें पढ़कर मुझे इनसे जलन हुई हे क्योंकि भाई में टिप्पणी फकीर हूँ और यह टिप्पणी सेठ टिपण्णी के धीरुभाई अम्बानी हैं इनकी हर रचना पर कमसेकम सत्तर लोगों की दाद होती हे और अधिकतम तो सो से भी ऊपर होती ही हे इनकी प्रमुख रचना फिर सलीबों पर मसीहा होगा जरा देखें जिंदगी का सच समझ में आ जाएगा इनके अनुभवों की वजह हे जो कुंवर कुसुमेश जी ने मोसम,युद्ध फोजी से लेकर जिंदगी के हर पहलु को अपनी रचना में समेटा हे और इनकी हर रचना पढ़नेवालों के दिल में इस कद्र उतरी है के उसके मुंह से बेसाखता वाह और हाथों की उँगलियों से कम्प्यूटर पर टिप्पणी निकल पढ़ी हे इन जनाब ने अब तक तीन बहतरीन पुस्तकों का प्रकाशन भी कर दिया है इनकी रचनाएँ कम लेकिन गुणवत्ता वाली है और फालतू लफ्फाजी दे दूर और कुछ ना कुछ सोच को लेकर लिखी गयी होती हैं इन जनाब ने जुलाई २०१० से ब्लोगिंग की और आज १०९ लोग इनके फोलोवार्स हैं जबकि सेकड़ों लोग इनके टिप्पणीकार हैं ऐसे साहित्यकार की रचनाएँ पढ़ कर में तो भाई धन्य हो गया ..........
बस मेरी इन जनाब कुंवर कुसुमेश जी से दरख्वास्त है के पहलवान जी किलर झपाटा जी का सर घुमे इसके पहले वोह मुझे बचा लें हाह हाह हां हां हः .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
एक हैं किलर झपाटा , और एक हैं कुंवर कुसुमेश
एक हैं किलर झपाटा , और एक हैं कुंवर कुसुमेश दोनों के स्वभाव और दोनों की लेखनी उत्तर दक्षिण है मामूली सा परिचय इन भाइयों का में आपसे कराना चाहता हूँ .............
किलर झपाटा जी जेसा नाम ऐसा ही काम इनकी ब्लोगिंग में किसी का भी कान पकड़ों और प्यार से दो चार चपत लगा दो बस यही इनका अंदाज़ हे और टिप्पणी का अंदाज़ तो माशा अल्लाह निराला हे जो इनकी पहलवानी गुण को ना जाने वोह तो बिना वजह के नाराज़ होकर ही बेठ जाए , भाई नाराज़ होने की बात नहीं हे बात थोड़ा डरने की हे किलर झपाटा भाई छोटे मोटे आदमी नहीं अरे भाई पहलवान हैं पहलवान समझ गए ना बस इसीलियें इनका फोटू लगाने में में थोडा में डर गया , खेर यह तो हुई हंसी मजाक और भाईचारे की बात लेकिन हकीकत यह हें के होन्कोंग में मजे ले रहे भाई किलर झपाटा जी खिलाड़ी हैं और खेल के सामानों का ही इनका व्यसाय भी है यह किलर हैं और सिर्फ किसी को भी किलिंग करने के लियें निर्भीकता से अपनी वाणी चलाते हैं इनकी सभी पोस्टों में जांबाजी झलकती है कई लोग इनकी पोस्ट और टिप्पणियाँ पढ़कर नाराज़ होने का भी मन बनाते हैं लेकिन जब इन जनाब के पहलवानी के किस्से आते हैं तो मेरे जेसे लोग तो डर जाते हैं और कुछ सोच लेते हैं चलो छोड़ों क्या फर्क पढ़ता हे बेचारा पहलवान है...... भाई किलर झपाटा जी ने होन्कोंग और हिन्दुस्तान एक कर दिया है इनको किलकिल काँटा खेलना अच्छा लगता हे दीवाने बकवास जो में लिखता हूँ इनका मनपसंद ग्रन्थ है वर्ष २०१० में इन्होने ब्लोगिंग शुरू की और इस वर्ष कुल छ ब्लॉग लिख कर अब यह मजेदार ब्लोगिंग में हैं इनकी पोस्टें और टिप्पणियाँ पढ़कर जी करता है के इनके साथ मिलें इनके साथ बेठें इनके साथ घूमें इनके साथ फिरें तो जनाब किलर झपाटा भाई क्या हमें बुला रहे हों हांगकांग घुमने फिरने और थोड़ा खुबसूरत चेहरा खुबसूरत नाम सभी तो लोगों के सामने लाओ यार वरना हम तो तुम्हारी याद में तडप तडप कर ही मर जायेंगे . ........................................................
जनाब यह तो हुई हंसी मजाक की किलर झपटा साहब की लेकिन एक ब्लोगर भाई धीर गम्भीर और कविता गुरु कुंवर कुसुमेश जी हैं जिन्हें अगर में नहीं पढ़ पाता या जिन तक मेरी पहुंच नहीं होती तो शायद में खुद को इस ब्लोगिंग और अध्ययन की दुनिया में अधूरा मानता इनका रोज़ लिखा जाने वाला काव्य साहित्य सीधे आँखों के रास्ते सेकुंवर कुसुमेश जाकर दिल में उतरता है और फिर दिमाग को सोचने पर जमीर को झकझोरने पर मजबूर कर देता है लेखन की जमीर को जगा देने वाली जो ताकत है वोह इन जनाब कुंवर कुसुमेश जी में है .
आदरणीय कुंवर कुसुमेश जी लखनऊ उत्तर प्रदेश में जीवन बीमा निगम में जिला प्रबन्धक पद से रिटायर है और बीमा कम्पनी में क्लेम देते वक्त फाइनल करते वक्त कई लोगों का दर्द इन्होने नजदीक से देखा हे , कई लोगों के फर्जी क्लेम उठाने का झूंठ इन्होने पकड़ा हे कुशल प्रंबधक के रूप में इन्होने दफ्तर का काम अनुशासन से किया हे इसीलियें अनुशासन और अदब इनकी पहली शर्त हे अदब में साहित्य और तमीज़ दोनों चीजें शामिल हैं .
कुंवर कुसुमेश जी ऐसे पहले ब्लोगर हैं जिन्हें पढ़कर मुझे इनसे जलन हुई हे क्योंकि भाई में टिप्पणी फकीर हूँ और यह टिप्पणी सेठ टिपण्णी के धीरुभाई अम्बानी हैं इनकी हर रचना पर कमसेकम सत्तर लोगों की दाद होती हे और अधिकतम तो सो से भी ऊपर होती ही हे इनकी प्रमुख रचना फिर सलीबों पर मसीहा होगा जरा देखें जिंदगी का सच समझ में आ जाएगा इनके अनुभवों की वजह हे जो कुंवर कुसुमेश जी ने मोसम,युद्ध फोजी से लेकर जिंदगी के हर पहलु को अपनी रचना में समेटा हे और इनकी हर रचना पढ़नेवालों के दिल में इस कद्र उतरी है के उसके मुंह से बेसाखता वाह और हाथों की उँगलियों से कम्प्यूटर पर टिप्पणी निकल पढ़ी हे इन जनाब ने अब तक तीन बहतरीन पुस्तकों का प्रकाशन भी कर दिया है इनकी रचनाएँ कम लेकिन गुणवत्ता वाली है और फालतू लफ्फाजी दे दूर और कुछ ना कुछ सोच को लेकर लिखी गयी होती हैं इन जनाब ने जुलाई २०१० से ब्लोगिंग की और आज १०९ लोग इनके फोलोवार्स हैं जबकि सेकड़ों लोग इनके टिप्पणीकार हैं ऐसे साहित्यकार की रचनाएँ पढ़ कर में तो भाई धन्य हो गया ..........
बस मेरी इन जनाब कुंवर कुसुमेश जी से दरख्वास्त है के पहलवान जी किलर झपाटा जी का सर घुमे इसके पहले वोह मुझे बचा लें हाह हाह हां हां हः .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
विश्व स्वाथ्य दिवस पर डॉक्टर खुद के लियें ही जियेंगे
विश्व स्तर पर जेनेवा संधि के तहत विश्व के मरीजों और आम नागरिकों को स्वास्थ के प्रति जागरूक और साक्षर करने के लियें सात अप्रैल विश्व भर में स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और कोटा सहित पुरे भारत और विश्व में कल सात अप्रैल को स्वास्थ दिवस मनाया जाएगा .
विश्व स्तर पर मनाये जा रहे इस दिवस पर चिकित्सक अपने निजी स्वार्थो से उबर नहीं सके हैं और इस दिन भी वोह जनता के स्वास्थ्य के लियें विशेष कार्यक्रम करने की जगह खुद अपने लियें मांग कर रहे हैं लोगों का मानना है के डॉक्टर मरीजों को रूपये के बदले देखता है और एक वर्ष में ३६५ दिन में से ३६४ दिन तक खुद के बारे में सोचता है इसीलियें जनता के बारे में सोचने के लियें विश्व स्तर पर यह दिन तय किया गया है लेकिन इस दिन भी निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक और डॉक्टरों के घर पर मरीज़ देखने तक किसी चिकित्सक ने भी जनता के लियें नहीं सोचा है हाँ खुद के लियें सोचते हुए कोटा के डॉक्टरों में अभी हाल ही में निर्वाचित आई एम ऐ अध्यक्ष डोक्टर नरेश राय ने अपनी टीम के जरिये इस दिन जनता के साथ विभिन्न कार्यक्रमों जेसे रक्तदान चिकित्सा शिविर के रूप में मनाने का निर्णय लिया है लेकिन इन जनाब ने भी इस दिन अपने स्वार्थ की बात करते हुए कहा है के राजस्थान में बनाया गया मेडिकल प्रेक्टिशनर एक्ट को पूरी तरह से लागु करवाने के लियें संघर्ष का एलान किया है . लोगों का मानना है के चिकित्सक इस मांग को कभी भी रख सकते थे विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन तो यह लोग जनता की सेवा करते जनता को स्वस्थ केसे रखा जाए इसके बारे में कोई योजना बनाते लेकिन ऐसा नहीं किया गया है .
हमारे देश में चिकित्सकों को भगवान भी कहा गया हे तो शेतान भी कहा जाने लगा हे लेकिन कानून जो चिकित्सकों को कंट्रोल करने के लियें चिक्तिसा परिचालन नियम २००२ बनाया गया हे अगर जनता संघर्ष कर इस कानून को शत प्रतिशत लागू करवा दे तो हकीक़त में जो चिकित्सक मिशन के लियें जी रहे है वोह पूजे जाएँ और जो चिकित्सक रूपये और निजी लालच लुट के लियें जी रहे है उन्हें राक्षस घोषित कर सरे आम बेईज्ज़त किया जाए साथ ही चिकित्सा परिचालन नियमों का उलंग्घन होने पर ऐसे चिकित्सकों का नाम मेडिकल कोंसिल और इंडिया के रजिस्टर में से काट कर उनकी चिकित्सा की डिग्री भी छीनने का कानून है इसलियें चिकित्सकों से निवेदन है के विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जनता को इंसान समझकर उनके प्रति समर्पित कार्य करें और जो चिकित्सक रूपये को भगवान समझकर महंगी कमिशन की दवाएं बे मतलब की लिखते है फ़ालतू अनावश्यक जांचें करवाकर कमिशन खाते हैं जेनेरिक की जगह दूसरी दवाएं लिखते हैं मरीजों का नाम रजिस्टर में नहीं लिखते उन्हें फ़ीस की रसीद नहीं देते अपना रजिस्ट्रेशन पर्चे पर नहीं लिखते ऐसे चिकित्सकों को क्या कहें इसका फेसला खुद साथी चिकित्सक करें और उन्हें दंडित करें ...............अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान में अब प्राइमरी स्कुल खोलना मुश्किल
राजस्थान में अब प्राइमरी स्कुल खोलना मुश्किल हो गया है , यहाँ नया स्कुल खोलने के लियें अब कड़े कायदे कानून बनाये गए हैं जिससे राजस्थान जो पहले से ही साक्षरता में पिछड़ा हुआ है वोह और पिछड़ जाएगा ऐसा विशेषज्ञों का अनुमान है .
राजस्थान में सरकार ने एक कनून बना कर सभी निजी स्कूलों को मान्यता लेने के लियें पाबन्द किया है इसके लियें सरकार ने विशेष नियम भी बना डाले हैं नये नियमों के तहत सभी निजी प्राइमरी स्कूलों को अब मान्यता लेना आवश्यक है अभी तक राजस्थान में साक्षरता को बढ़ावा देने के लियें यहाँ प्राइमरी शिक्षा तक मान्यता आवश्यक नहीं थी और इसी लियें गली मोहल्लों में सरकारी स्कुल उपलब्ध नहीं होने पर निजी स्कुल शिक्षा की पूर्ति कर रहे थे अब इस नये नियम का उल्न्न्घन करने पर स्कूल संचालक पर एक लाख रूपये का जुर्माना है , राजस्थान के निजी और सरकारी स्कूलों में अब गाइड और स्काउट को भी जरूरी किया जा रहा है .
राजस्थान में एक तरफ तो साक्षरता में करोड़ों खर्च के बाद भी नतीजा जीरो रहा है और ऐसे में जब निजी स्कूलों पर खासकर प्राइमरी स्कूलों पर शिकंजा कसेगा तो मदरसा स्कूलों से लेकर सभी स्कूलों के लियें दिक्कत खड़ी हो जायेगी वेसे राजस्थान में जो सबसे ज्यादा जरूरी चीज़ है वोह है शिक्षा गारंटी अधिकार की क्रियान्विति जिस मामले में सरकार अभी तक कानून को लागु करने के आलावा कोई कारगर कदम नहीं उठा सकी है जबकि सभी निजी स्कूलों में नया सेशन शुरू हो गया है मेने कोटा में सर्वेक्षण किया लेकिन अब तक तो यहाँ एक भी बच्चा इस शिक्षा गारंटी कानून के तहत एडमिशन लेने वाला नहीं मिला .......... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा बी वन श्रेणी का शहर घोषित
दोस्तों हमारा कोटा जो राजस्थान का ही नहीं पुरे देश का शिक्षा नगर कहलाता हे इसी शहर को अब भारत सरकार ने बी टू से बी वन शहर की श्रेणी में डाल दिया हे अब कोटा नगर दस लाख से भी अधिक आबादी वाला प्रमुख नगर बन गया है .
कोटा को बी वन शहर घोषित करने बार कोटा के सांसद इजयराज सिंह कोटा के विधायक और राजस्थान के गृह मंत्री शान्ति कुमार धारीवाल बधाई के पात्र हैं ,कोटा बी वन बनने से अब कर्मचारियों के वेतन में तो व्रद्धी होगी ही साथ ही इलाके की जनता के लियें अलग से कई विकास और सोंदर्यकर्ण की योजनायें बनेंगी ,दोस्तों हमारा कोटा हमारे अपनों के लियें नहीं दूसरों के लियें जीता हे यह एक अकेला शहर हे जहां देश विदेश से हजारों हजार लोग आकर अपने बच्चों का भविष्य सुधार कर उन्हें इंजीनियर ,डोक्टर,सी ऐ और ना जाने क्या क्या बनाकर ले जाते हैं , यह वोह शहर हे जहां यहाँ के लोग बेघर भूखे हैं लेकिन बाहर से आये सभी लोगों के पास रोज़गार और अपनी छत है ऐसे शहर को बी वन बनने पर सलाम,मुझे गर्व है के में इस शहर का निवासी हूँ , कोटा ही वोह राज्य हे जिसके कारण आज राजस्थान बना है राजस्थान की पहली राजधानी इसीलियें कोटा को बनाया गया था यहाँ के पत्थर यहाँ की कचोरी यहाँ के उद्ध्योग और बिजली आज देश को जगमगा रहे हैं .........अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
05 April 2011
पूर्व केन्द्रीय मंत्री की रिश्तेदार को जेवर चमकाने के नाम पर ठगा
कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार में प्रधानमन्त्री कार्यालय में केन्द्रीय मंत्री भुवनेश चतुर्वेदी की रिश्तेदार को उन्हीं के घर में एक सोने के जेवर चमकाने वाले ने ठग लिया और करीब छ तोला सोना लेकर फरार हो गया .
भुवनेश चतुर्वेदी की रिश्तेदार घर में बेठी थीं घर में और दुसरे पुरुष भी थे के अचानक दो लडके आये और उन्होंने श्रीमती सुमन चतुर्वेदी से कहा के आपकी सोने की चूड़ियां चमका देते हैं हम सोना चमकाने वाले पावडर की कम्पनी से आये हैं .
श्रीमती चतुर्वेदी ने पहले तो मना किया लेकिन जब लडकों ने उनकी पहनी हुई चूड़ियों को पावडर से रगडा तो उनकी चमक देख कर वोह लालच में आ गयी और घर में रखे सारे जेवर पूजा का कलश वगेरा ले आयीं लडकों ने करीब छ तोला जेवर लिया और साफ़ करने लगे उन्होंने एक डिब्बे में पानी के अन्दर जेवर डाले और श्रीमती चतुर्वेदी से इसे गरम करने के लियें कहा और चले गए एक पड़ोसन के आने के बाद श्रीमती चतुर्वेदी की बहु ने जब डिब्बा खोला तो उसमे से जेवर गायब थे उनका कहना हे के उनका ध्यान पूरा डिब्बे पर और लडकों पर था लेकिन यह ठगी किस बीच में हुई उन्हें पता ही नहीं चला अब पुलिस में रिपोर्ट की गयी हे देखते हैं ठग आते हैं या फिर इसी तरह किसी दुसरे को ठगी का शिकार बनाते हैं ......... . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
जयपुर महापोर के आगे आखिर सरकार को झुकना पढ़ा
जी हाँ राजस्थान की ब्यूरोक्रेट्स सरकार जहां जनता और जनप्रतिनिधि से ज़्यादा अधिकारीयों को तवज्जो दी जाती हो और जनप्रतिनिधि द्वारा चीख चीख कर इन्हें हटाने की मांग करने पर भी अगर नहीं हटाया जाये और खुद जयपुर की महापोर को कोप भवन में जाना पढ़े तो फिर ऐसी सरकार का क्या होगा खेर सरकार महापोर के आगे झुक गयी हे और उसने पांच अधिकारीयों के तबादले कर दिए हैं .
राजस्थान के जयपुर में अभी पिछले दिनों एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री,स्वयात्शासन मंत्री सहित कई मंत्रियों की उपस्थिति में महापोर ज्योंति ने अपनी व्यथा बयान की थी उन्होंने साफ़ शब्दों में अधिकारीयों के निकम्मे होने , मनमानी कार्यवाही करने , निरंकुश होने के आरोप लगते हुए कहा था के अगर मुख्यमंत्री जी को सरकार की छवि बेदाग़ रखना हैं तो जयपुर नगर निगम में लगे पांच आर ऐ एस प्रशासनिक अधीकारियों को तुरंत हटा दे इनका जनप्रतिनिधियों और जनता से अच्छा व्यवहार नहीं है, जयपुर की महापोर जो कोंग्रेस सन्गठन की प्रतिनिधि भी हैं उनके खुलेआम इस चेतावनी के बाद अधिकारीयों ने शर्मिंदा होने की जगह मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया और नतीजा यह रहा के ट्रासफर लिस्ट तो निकली लेकिन जयपुर नगर निगम से अधिकारी नहीं हटाए गए फिर एक लिस्ट निकली लेकिन नतीजा वही अधिकारीयों के पक्ष में सरकार की इस हरकत से खुद महापोर भी सकते में आ गयी और उन्होंने नगर निगम आना जाना छोड़ दिया एक लोकतंत्र में चुनी गयी महापोर को ब्यूरोक्रेट्स ने जब अंगूठा दिखाया तो भाजपा के पार्षदों ने भी उनका साथ दिया और अब मुख्यमंत्री और सरकार को महापोर की त्रिया हठ के आगे झुकना पढ़ा और कल १११ अधिकारीयों की ट्रांसफर लिस्ट में नगर निगम जयपुर के पांच अधिकारीयों को भी हटा दिया गया अब कहीं जाकर जयपुर की महापोर फिर से दफ्तर में बैठकर अपना कामकाज शुरू करेंगी ...................... है ना नोकरशाही का बहतरीन उदाहरण ............ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
क्या यह मुख्यमंत्री का गृह जिला है ......हाईकोर्ट जज भी चीख पढ़े
किसी शहर में मनमानापन,मोजमस्ती हो और अधिकारी नियमानुसार काम नहीं करें जनता पर मुकदमों का बोझ हो समस्या का समाधान हो कोई सामान्य जिला हो तो कोई बात नहीं लेकिन अगर यह गृह क्षेत्र खुद मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार अशोक गहलोत का हो तो इस बहाली को देख कर जनता तो क्या हाईकोर्ट को भी चीख कर टिका टिपण्णी करने को मजबूर हो जाना पढ़ता है.
दोस्तों जोधपुर आदरनीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार का गृह जिला है सब जानते हैं यहाँ उन अधिकारीयों को नियुक्त किया जाता है जो खुद मुख्यमंत्री के वफादार और दुसरे अधिकारीयों से समझदार हों लेकिन इन अधिकारीयों के काम काजा के तोर तरीकों से विपक्ष और जनता तो क्या खुद हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं है, कल जोधपुर में निर्धनों को न्याय विषय पर बोलने के लियें जब जस्टिस डोक्टर विनीत कोठारी खड़े हुए तो उन्होंने हाईकोर्ट की पत्रावलियों में जोधपुर के अधिकारीयों की जो मनमानी देखी वोह सब जनता से शेयर कर डाली डोक्टर कोठारी ने कठोर लहजे में कहा यह क्या हो रहा है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले के अधिकारीयों का यह हाल हे तो फिर दुसरे इलाकों का क्या हाल होगा हाईकोर्ट जज साहब का कहना था के हम गरीबों को न्याय की बात करते हैं लेकिन हमारे राजस्थान में खुद जोधपुर में ७० फीसदी मुकदमे अधिकारीयों और सरकार की लापरवाही के कारण ही चल रहे हैं . अब माई लोर्ड खुद इस सरकार की न्यायिक निति और अनावश्यक मुकदमे बाज़ी की परम्परा से परेशान हों तो फिर आम जनता का क्या होगा सोच लो जनाब ......... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
निर्मला को डॉक्टरों की निर्मलता ने फिर से निर्मल बना दिया
दोस्तों यह जिंदगी की अजब कहानी है यहाँ जयपुर में एक बच्चा जो निर्मल से निर्मला बन गया था उसे डॉक्टरों ने उदारता दिखाते हुए खुद निजी तोर पर बिना खर्च के इलाज किया और उसे वापस निर्मल बना दिया .
जयपुर में निर्मल नामक बच्चे का जन्म हुआ उसके सेक्सुअल पार्ट विभाजित थे पहले वोह लडका जेसा लगता था लेकिन फिर महिलाओं के सेक्सुअल पार्ट उसमे बन गये थे इस बिमारी को चिकित्सकों ने चुनोती के रूप में लिया और जो बच्चा निर्मल इस परिवर्तन के कारण निर्मला के रूप में जाना जाने लगा था वोह लडका चिकित्सकों के ओपरेशन के बाद अब स्वस्थ हे और पूरी तरह से लडका बन गया हे डॉक्टरों ने इस काम में निर्मल के परिजनों के गरीब होने के कारण रुपयों का भी लालच नहीं किया और स्वयम अपने स्टार पर ही यह इलाज किया अब निर्मल और उसके परिजन चिकित्सकों को दुआएं दे रहे हें ..................... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान साक्षरता के ७६०० करोड़ कहाँ गये
राजस्थान सरकार खुद भ्रूण हत्या और साक्षरता के मामले में बहतरीन सरकार होने का गुणगान करती रही हे लकिन यह क्या य्हना तो जनगणना के आंकड़ों ने इनकी पोल खोल कर ही रख दी हे यहाँ बच्चियों को गर्भ से बाहर नहीं आने दिया गया जबकि साक्षरता के नाम पर सिर्फ ठगी ही हुई हे और यही कारण हे के हम ने आधा लक्ष्य भी प्राप्त नहीं किया हे .
राजस्थान में सरकार ने वर्ष २००२ से आज तक घर घर साक्षरता की अलख जगाने के लियें ७६०० करोड़ रूपये खर्च कर दिए हें यहाँ महिलाओं को विशेष सुविधा, महिला साक्षरता के लियें मिड डे मील से लेकर युनिफोर्म किताबों की सुविधा पेरा टीचर्स ,राजिव गांधी पाठशालाएं , साक्षरता मिशन ,स्कूली शिक्षा सारे खर्च बेकार और यहाँ शिक्षा का प्रतिशत बढने की जगह और कम हो गया हे दस साल के करोड़ों खर्च के बाद इस सफर में साक्षरता में केवल ९ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी अपने आप में एक मजाक हे राजस्थान में केवल ५३ प्रतिशत साक्षरता जो सभी राज्यों से पिछड़ा हुआ हे साक्षरता की बात तो दीगर हे लेकिन महिलाओं का जन्म यहाँ रोका गया हे भ्रूण हत्या और टेस्ट अगर हम देखे तो सभी कानून कायदों को ताक में रख कर यहाँ मिस्केरिज और गर्भपात के बढ़े खेल चले हें और यही कारण है के यहाँ लडकियों को जन्म देने से पहले ही रोक दिया गया अब राजस्थान में महिलाओं की संख्या कम हे . इन बदली हुई परिस्थितयों में राजस्थान सरकार को साक्षरता और महिलाओं के गर्भपात रोकने के लियें जो भी प्रयास किये हें उनकी समीक्षा करना आनिवार्य हे और जाँच के बाद सम्बधित घोटालेबाजों को भी दंड देना जरूरी हे जरा सोचो ७६०० करोड़ में केवल लाखों की साक्षरता लुट की हद हो गयी ना ............................. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ब्लोगिंग की दुनिया पर रिसर्च कर रही हें शिखा कोशिक
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| शिखा कोशिक |
दोस्तों ब्लोगर की दुनिया पर पेनी नजर रखने और वक्त बा वक्त ब्लोगर भाइयों को अपनी टिप्पणियों अपनी लेखनी के माध्यम से ब्लोगिंग के नये टिप्स देने वाली शिखा कोशिक इन दिनों ब्लोगिंग की दुनिया में लोकप्रिय हो गयी हे , शिखा कोशिक जो इन दिनों रिसर्च स्कोलर हे लेकिन उनकी ब्लोगिंग और ब्लोगिंग में अहतियात ,अपनापन ,पेनी नज़र , और तेज़ तर्रार लेखनी से स्पष्ट हे के वोह ब्लोगिंग पर भी पेनी नजर रख कर अपनी अतिरिक्त रिसर्च कर रही हे .
शिखा कोशिक के बारे में आपको क्या बताऊं सबसे पहले अगर बात जन्मदिन की करें तो देखो आप सभी जानते हो के महिला की कोई उम्र नहीं होती और कुल सोलह साल पर जाकर हर महिला की उम्र टिक जाती हे और शिखा बहन के उम्र भी सोलह बरस पर आकर टिक गयी हे अब बात करते हें उनकी ब्लोगिग्न की लगभग सितम्बर २०१० से ब्लोगिंग की दुनिया में धूम मचाने आयीं शिखा जी ने ब्लोगिंग की नब्ज़ को समझा इसे टटोला हे और इसीलियें ब्लोगर्स और रीडर की भावनाओं को देखते हुए शिखा जी ने अपने विभिन्न ब्लोग्स पर कई रिसर्च किये हे कई प्रयोग किये हें .
शिखा जी के ब्लॉग लेखन में जो अपना पन ,जो एहसास , जो तीखे तेवर और जो पेनापन है उससे स्पष्ट हे के वोह दुसरे कामकाज के अलावा ब्लोगिंग पर भी बहुत महनत करती हे और इसमें उनके निजी स्वभाव की भी अहमियत हें शिखा जी जितना खुद को प्रेम करती हे इतना ही स्रष्टि के हर जीव को प्रेम करती हे इसीलियें वोह सभी का दुःख दर्द ,मानसम्मान समझती हे और इन मर्यादाओं को ध्यान में रख कर ब्लोगिंग करती हे , शिखा जी लिखना ,पढना ,खेलना, और बागवानी का शोक हे इनकी मनपसन्द पुस्तक रामायण हे जबकि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य भी इन्हें बहुत पसंद है .
शिखा जी कई ब्लोगों से जुडी हें जबकि भातीय ब्लॉग लेखक मंच की महाभारत के बाद उसकी समानित पुरस्कृत सदस्या हैं . शिखा जी ने विचारों का चबूतरा, नन्हे फरिश्तों के लियें, हम तो हर पल जिए , हिंदी साहित्य पहेली , नेताजी क्या कहते हैं , अर्थली हेवन , विख्यात, मेरी कहानियाँ ,मेरा आपका प्यारा ब्लॉग सहित कई और ब्लॉग तय्यार किये हें जिसके अपने रीडर हें अपने टिका टिप्पणीकार हैं और शिखा जी ने अपने हर ब्लॉग पर हर टेस्ट ,हर आयु वर्ग से जुड़े लोगों के हिसाब से ब्लोगिंग की हे एक ब्लॉग में धार्मिक गाथाओं की झलक हे तो एक ब्लॉग केवल बच्चों का दिल बहलाने और उनका बोद्धिक स्तर बढाने के लियें हे तो दूसरा ब्लॉग नेताओं को सूधारने के लियें उनकी हरकतें सार्वजनिक करने के लियें तय्यार किया गया हे , एक ब्लॉग साहित्य से जुदा हे तो दुसरा लेखों से भरा पढ़ा हे भाषा में हिंदी भी हे तो अंग्रेजी भी हे जिसकी जेसी पसंद वोह उस तरह से इनके अलग अलग ब्लोगों को पढ़कर इनकी प्रशंसा करता रहता हे सबसे बढ़ी बात यह हे के बहन शिखा ब्लोगिंग की दुनिया की निर्विवाद ब्लोगरों में से एक हे और यह ना काहू से दोस्ती ना काहू से बेर की तर्ज़ पर ब्लोगिंग कर रही हें इसीलियें इनकी लोकप्रियता दिन बा दिन बढती जा रही हे ............ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दोस्तों मेने अपनी २५०० पोस्ट पूरी करने के बाद लेडीज़ फर्स्ट की तर्ज़ पर महिला पर ही ब्लोगिंग की योजना बनाई थी और इसी क्रम में शिखा जी की उपयुक्त पात्रता होने के कारण उन के लियें ब्लोगिंग की हे ......
04 April 2011
खुदा का शुक्र हे ............
खुदा का शुक्र हे ............ दोस्तों आज ब्लोगिंग की दुनिया में कुल एक साल दस दिन में मेने आप लोगों की दुआओं और आशीर्वाद से मेरी २५०० यानी ढाई हजार पोस्टें पूरी कर ली हें , २७ मार्च २०१० से में जब ब्लोगिंग में आया तो मेने सपने में भी नहीं सोचा था के ब्लोगिंग की दुनिया इतनी रंगीन इतने बहतरीन हे मेने यह भी नहीं सोचा था के जिस दुनिया में में जा रहा हूँ वोह देश का पांचवां स्तम्भ हे और मजबूती से एक विचारक एक मार्गदर्शक की तरह देश को नई दिशा नया रास्ता देने में जुटा हे , ब्लोगिंग के इस सफर में में भाई दिनेश राय जी द्विवेदी,भाई एस एम मासूम ,भाई हरीश सिंह ,भाई डोक्टर अनवर जमाल ,बहन वन्दना जी ,बहन शिखा कोशिक ,बहन शालिनी जी , सलीम भाई ,उडनतश्तरी ,पावला जी ,खुशदीप जी के पी सक्सेना जी ,रमेश सिरफिरा जी , ललित शर्मा जी ,तरुण जोशी जी और सभी भाई बहनों का में हमसफर तो रहा हूँ लेकिन शुक्रगुज़ार भी हूँ इन लोगों ने मुझे वक्त बा वक्त अँधेरे में रौशनी दिखाई ,ब्लोगिंग की दुनिया में ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया और आज मुझे इस मुकाम पर ला खड़ा किया हे के में कम वक्त में ढाई हजार पोस्टें लिखने वाला ब्लोगर बन गया हूँ ,
मेरी कोशिश हे में लिखता रहूँ लिखता रहूँ और यह उम्मीद हे के आप भाई बहने गुरु, उस्ताद सब मुझे कभी ऊँगली पकड़ कर रास्ता दिखाएँ तो कभी कान उमेठ कर गलतियाँ सुधरवाएं मेरे विचारों से हो सकता हे कई लोग सहमत नहीं हो कई लोगों को मेरे विचारों से ठेस पहुंची हो ऐसे में मेरी उनसे हाथ जोड़ कर विनती हे के मेरी जाने अनजाने में की गयीं गलतियाँ,भूल महरबानी कर आप माफ़ करें .... आप सभी मेरी इस ख़ुशी में शामिल हें मुझे आप लोगों ने इस मुकाम तक पहुंचाया इसके लियें में आपका शुक्रगुज़ार हूँ शुक्रगुज़ार हूँ और आपके प्यार ,आपकी मधुर झिडकी , मीठी डांट का तलबगार हूँ ............... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
इल्म की हकीक़त एक हदीस में
इल्म की हकीक़त एक हदीस में इस तरह से बयान की गयी हे ....
हजरत अली से एक साहब ने पूंछा के इल्म क्या होता हे
हजरत अली ने फरमाया इल्म उसे कहते हें जब कोई ज़ुल्म करे
तो हम उसे माफ़ कर दें , कोई ताल्लुक तोड़ दे तो हम उसे जोड़ने
की कोशिश करें. बदले की आग दिल में हो तो उसे बुझा दो .
मुजरिम सामने आये तो सोचो के तुम्हारा रहम तुम्हारी माफ़ी बढ़ी हे
या उसका जुरतं .. गुस्से में ऐसी कोई बातर न कहो जिससे किसी का दिल दुखे
और बाद में खुद को भी पछताना पढ़े बस यही इल्म यही इस्लामिक साक्षरता
की निशानी हे तो फिर यूँ लोगों से अब शिकवे शिकायत तो बेमानी हें ......
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
खुद ने मुझ से अलग कर लिया ..
बिमारी और दोलत
बिमारी ने
एक दिन दोलत से कहा
तुम कितनी खुशनसीब हो
हर कोई तुम्हारी तमन्ना करता हे
और एक में हूँ
जो मुझ से हर कोई
दूर भागता हे
दोलत ने बिमारी से कहा
खुशनसीब तुम हो
तुम आती हो तो
लोग खुदा को याद करते हें
और एक में हूँ
जिसके पास रहती हूँ
वोह खुदा को
भूल जाता हे ......
... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
आज आखरी बार मिल तो लूँ .........
उपवास भूख हडताल का गाँधी से हजारे तक का सफर
उपवास और भूख हडताल के बल पर लाठी और लंगोटी से बिना किसी हथियार के आज़ादी की जंग जितने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बाद भूख हडताल को अपनी जायज़ मांगे मनवाने के लियें अगर किसी ने हथियार बनाया हे तो वोह हें अन्ना हजारे समाजसेवक के रूप में अपनी विशिष्ठ गांधीवादी पहचान बनाने वाले अन्ना अब मनमोहन सरकार से टकरा रहे हें और सभी कोशिशें नाकामयाब होने के बाद अन्ना भ्रस्ताचार के विरूद्ध जंग में आज अपने प्राणों की आहुति देने के लियें भूख हडताल पर बेठ गये हें .
दोस्तों अन्ना हजारे जिसका नाम समाजसेवा भ्रष्टाचार के विरूद्ध जन हित में शिष्टाचार से युद्ध के लियें लिया जाता हे जिसका राष्ट्र सम्मान करता हे उसी के राष्ट्रहित में दिए गये सुझाव देश के प्रधानमन्त्री कचरे की टोकरी में दल देते हें इस बार अन्ना ने प्रस्तावित लोकपाल विधेयक को जल्दी ही संशोधित कर जनता को और अधिकार दिए जाने के बाद लागू किये जाने की मांग की हे एक आज़ाद देश जहां जनता का जन ता के लियें शासन हे वहां जनता को भर्स्ट नेताओं के खिलाफ जांच करवाने उनको दंडित करवाने के कानून बनाने में अगर आना कानी की जाए और विपक्ष में बेठी भाजपा भी खामोश रहे तो बात साफ़ हो जाती हे के आज की राजनीति जनता को लुटने का दूसरा नाम हे और इसीलियें अपने स्वार्थ के लियें कोंग्रेस और भाजपा चोर चोर मोसेरे भाई हो गये हें आखिर लोकपाल विधेयक की मांग संशोधन की मांग भर्स्ट लोगों को दंडित करवाने की मांग क्या इस देश में अपराध हे अगर इस मांग के लियें भी इस देश में अन्ना जेसे लोगों को मरते दम तक भूख हडताल का आन्दोलन करने पर मजबूर होना पढ़े तो फिर इस देश के लोकतंत्र को क्या कहिये .
अन्ना ने जन्तर मन्त्र पर भूख हडताल पर बेठने से पहले जब रुंधे हुए गले से बयान किया के मंत्री जो समिति के सदस्य हें वोह कहते हें के इस विधेयक की समिति में बाहर के आदमी यानि जनता के आदमी क्यूँ रखे जब अन्ना कहते हें के उन्होंने प्रधानमन्त्री ,राष्ट्रपति सोनिया जी सहित सभी को पत्र लिखे सुझाव दिए लेकिन एक भी पत्र का जवाब नहीं ऐसे में आज इस प्रधानमन्त्री की अपील का क्या ओचित्य रह जाता हे .
अन्ना भी जिद्दी हे वोह लोकपाल विधेयक को लागू होने तक और इसको संशोधित कर जनता को अधिकार देने तक भूख हडताल की घोषणा कर बेठे हें और खुद मनमोहन सिंह केंद्र की सरकार के बारे में सब जानते हें के वोह जनहित में तो कुछ नहीं करती अब देखना यह हे के सरकार झुकती हे या अन्ना सरकार को झुकाते हें लेकिन अन्ना जिंदाबाद अन्ना जिंदाबाद के नारे के साथ सभी लोग अन्ना के साथ हें और अन्ना जीतें यही खुदा से सबकी दुआएं हें . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
सरकार की करतूत पर में हंसूं या रोऊँ
दोस्तों आप ही बताएं सरकार की करतूत पर में हंसूं या रोऊँ आप सोच रहे होंगे में सरकार की कोनसी करतूत की बात कर रहा हूँ जी हाँ शरद पंवार जो महंगाई किंग हे कोंग्रेस सरकार मुखिया मनमोहन जो घोटाला किंग हें और खुद को हर बार मजबूर ब्वेबस बता कर अपना पीछा छुडा लेते हें इनके हाथ में काले धन वालों की एक सूचि हे जो यह सुप्रीम कोर्ट की लाख कोशिशों के बाद भी इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हें लेकिन इस सूचि से वोह विरोधियों को खुद की तारीफ़ करवाने पर मजबूर कर रहे हें खेर बात क्रिकेट की करते हें .
क्रिकेट में हमारे देश की जनता की दुआओं और खिलाड़ियों की कड़ी महंत के बाद हमें विश्व में एक सम्मान प्राप्त किया और जिस विश्व कप के लियें हम लढ़ रहे थे जो विश्व कप सामने रखा था हमने सपनों में भी नहीं सोचा था के यह नकली विश्व कप हे और जो विश्व कप आदरणीय राष्ट्रपति महोदया,मनमोहन सिंह ,सोनिया गाँधी सहित विश्व को दिखाया गया हे वही विश्व कप भारत के जीतने के बाद खिलाड़ियों और जनता को पता चले के यह तो नकली हे असली क्रिकेट विश्व कप तो सरकार के कस्टम कानून के झमेले में फंसा हे जनता और खिलाडी जब क्रिकेट की इस जीत पर विश्व कप को लोगों को दिखा कर जश्न मना रही थी तब अचानक उन्हें पता चले के यह विश्व कप नकली हे सरकार ने यह विश्व कप खिलाडियों और देश को देकर खेल और कप के सम्मान का अपमान किया हे तो बताओं ऐसे हाल में में रोऊँ या हंसूं कुछ समझ में नहीं आ रहा हे .................. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
03 April 2011
क्रिकेट में खिलाड़ियों ने किया सर उंचा तो समाजकंटकों ने किया देश को शर्मसार
दोस्तों यह हिन्दुस्तान हे ,मेरा भारत महान हे यहाँ भाई चारा सद्भावना इस देश की पहचान इस देश की जान हे अगर मानवता इस देश के लोगों में नहीं तो विश्व स्तर पर यह देश बेजान हे लेकिन भारत पाक मेच के दिन की एक घटना ने मुझे इस मानवता पर गम के साथ आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया हे और यह बिमारी जो हमारे देश में कुछ लोगों की ताकत और बहुत बहुत लोगों की चुप्पी कमजोरी के कारण कोढ़ में खाज की तरह बनती जा रही हे इसे हमें रोकना होगा और इसीलियें यह घटना में आप लोगों से शेयर कर रहा हूँ ..............
दोस्तों में जब छोटा था तो हमारे एक पड़ोसी राजपूत अंकल जिन्हें उनका कुत्ता बहुत प्रिय था वोह जब कटकना हो गया हडकिया हो गया आते जाते को काटने लग गया तो इन अंकल ने बंदूक उठायी उसे कार में बिठाया उनके पुत्र का में मित्र था में भी उनके साथ हो लिया हम जंगल में गये उन्होंने कुत्ते को बाहर निकाला और फिर धाय धाय उस पर गोली दाग दी कुत्ता ढेर हो गया मेने अंकल से डरते डरते कुत्ते को मारने का कारण पूंछा तो उनका जवाब था जब कोई भी जीव मानवता का दुश्मन हो जाए तो उसे मार देना चाहिए ताकि मानवता की सुरक्षा हो सके मेने दुसरा सवाल किया यह कुत्ता तो अच्छी नस्ल का था फिर भी उनका कहना था नस्ल से कुछ नहीं होता शेतान हर नस्ल में होता हे बिमारी हर नस्ल में होती हे और जो शान्ति अमन सद्भाव के लियें खतरा हो उनको मार देना ही अच्छा हे इन फोजी राजपूत अंकल ने इतनी देर में पास के बिल में से निकलते एक काले सांप पर भी गोली चलाई और वोह भी मर गया उस वक्त इन फोजी राजपूत अंकल की बात मेरे समझ में नहीं आई थी लेकिन कल भारत पाक मेच के बाद इन्दोर से लोटने के बाद जब एक घटना मुझे हमारे पड़ोसी ने सुनाई तो मुझे यह घटना याद आ गयी .
जी हाँ दोस्तों जो घटना मुझे सुनाई गयी वोह देश को शर्मसार करने का प्रयास कुछ समाज कंटकों का था और इसीलियें इस घटना को सुन कर जितनीं ख़ुशी मुझे भारत के क्रिकेट चेम्पियन बनने की हुई उससे कहीं ज्यादा दुःख इस घटना पर हुआ ........हमारे पड़ोसी अंकल के दादा ससुर इन्दोर में केंसर पीड़ित हें उन्हें चिकित्सकों ने अंतिम अवसर का केंसर बताया और कहा के इन्हें घर ले जाओ वहां जितनी इनकी खिदमत हो सके करो पड़ोसी अंकल अपने बीवी बच्चों के साथ इन्दोर और फिर इन्दोर के अस्पताल पहुंचे उस दिन रात को भारत ने पाक को रोंद कर कीर्तिमान बनाया था जीत का नशा भारतीयों पर था लेकिन उसी दिन कुछ राक्षस सडकों पर साम्प्रदायिकता का तांडव कर रहे थे दोस्तों यकीन मानिए रात्रि को इन केंसर पीड़ित बुज़ुर्ग को एक कार में अस्पताल से जब घर लाया जाने लगा एक कार में केंसर पीड़ित और कुछ महिलाये ,दूसरी कार में रिश्तेदार बच्चे चल रहे थे सामने ही भारत माता की जय पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए करीब दो सो शराबियों का झुण्ड आया और कार में मुस्लिम लिबास की महिलाओं को देख कर घेर लिया पहले इस मरीज़ पर दबाव बनाया के कहो के वन्देमातरम कहों के हम हिन्दुस्तानी हे जब इन मरीज़ से गले का लास्ट स्टेज का केंसर होने के कारण बोला नहीं गया और आँख से आंसू निकल गये तो इन समाज कंटकों में से एक ने उनके गाल पर चांटा जड़ दिया कार में ही हमारे पड़ोसी का बच्चा शादाब बेठा था जो केवल दस वर्ष का हे उसके गले में हाथ डाल कर इन जानवरों ने दबाते हुए कहा के तू कह में हिन्दुस्तानी हु ,वन्देमातरम वरना अभी तेरा गला दबाता हूँ ओरतों में चीख चीत्कार का माहोल था लेकिन इन समाजकंटकों के आगे बेबसी का माहोल था बच्चे ने जो उन्होंने कहा वोह सब दर के मारे कहा इन भेड़ियों को महिलाओं ने केंसर रोगी की पीड़ा के बारे में बताया तो महिलाओं के साथ भी इन लोगों ने अभद्रता की उनका यह शोरशराबा करीब आधे घंटे तक चलता रहा और जब वोह दोनों कारों को अपने घेरे से छोड़ कर गये तब जिस कर में बुज़ुर्ग केंसर रोगी बेठे थे उनकी तरफ देखा तो उनकी आँखें फटी थीं और घर जाने के पहले ही उनकी साँसे थम गयी थी रोते पीटते जब वोह इस लाश को घर ले जा रहे थे तो ऐसे ना जाने कितने समाज कंटकों की भीड़ का उन्हें सामना करना पढ़ा भारत जिंदाबाद,हिन्दुस्तान जिंदाबाद भारत में रहना होगा तो वन्देमातरम कहना होगा के नारे लग रहे थे यह लोग एक मुस्लिम बस्ती के पास से गुज़रे तो वहां दुसरा नजारा था वहां पाकिस्तान पर भारत की ख़ुशी पर जश्न मनाया जा रहा था फटाखे फोड़े जा रहे थे और नारे लग रहे थे ...... या ख्वाजा तेरा हिन्दुस्तान जिंदाबाद ........... भारत में रहना होगा तो इन्सान बन कर रहना होगा ....... एक दो एक दो जो जानवर हें उन्हें मार दो ..........
कल जब हमारे पड़ोसी और उनके छोटे बच्चे ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले हिन्दुस्तानियों की यह वहशी दास्ताँ रो रो कर सुनाई तो मेरी भी आँख से आंसू निकल पढ़े और जिस हिन्दुस्तान और जिन हिन्दुस्तानियों पर गर्व हे उनमें से कुछ राक्षसों का यह वहशीपन सुनकर में खुद शर्मसार हो गया और जितनी ख़ुशी जितना गर्व मुझे भारत के क्रिकेट विश्व विजेता बनने पर था उससे कई गुना ज़्यादा दुःख मानवता के इन दुश्मनों की करतूतों पर हो रहा था क्या यही हिन्दुस्तान हे क्या इसे फिर से आप और हम बदल कर इसकी गंदगी साफ़ कर इसे आदर्श हिन्दुस्तान आदर्श भारत मेरा भारत महान नहीं बना सकते अगर हां ......तो दोस्तों अपनी लेखनी की धार से बदल डालो जानवरों की सोच को अगर वोह इंसान बनते हें तो उन्हें इंसान बना दो लेकिन अगर इंसान नहीं बनते हें तो फिर मेरे बचपन के अंकल की तरह उन्हें सबक सिखा दो उन्हें सबक सिखा दो ................ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोन तुझे समुंदर कहेगा
उसूलों के लियें टकराओ
ब्लोगिंग की दुनिया में इन दिनों चल रही उथल पुथल को लेकर
कल एक जनाब ने जो शेर सुनाया उसे सुन कर मुझे तो अच्छा लगा
वही शेर आपकी खिदमत में पेश हे ..................... .
उसूलों पर
अगर आंच आये
तो टकराना
जरूरी हे ,
अगर हम
जिंदा हें
तो ज़िंदा
नज़र आना
जरूरी हे ...............................
प्रस्तुत करता ...... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बिना पूर्व योजना के किया जा रहा सोंद्र्य्करण का काम काज ठप्प
राजस्थान के कोटा शहर के सोद्र्य्करण और विकास के लियें विभिन्न मदों से करोड़ों करोड़ का बजट स्वीक्रत किया गया हे लेकिन यहाँ तानाशाही के चलते कई करोड़ के काम शुरू होने के बंद बंद होने के कगार पर हें और सरकार करोड़ों के घाटे में हे .
कहते हें के अगर सरकार पहले से ही किसी योजना को क्रियान्वित करने के पूर्व सम्बन्धित विभागों से अनुमति ले ले जनता को भरोसे में ले ले तो हर निर्माण हर विकास जनता को मंजूर होता हे लेकिन मनमाना नोकर शाहों का निर्माण जनता कतई बर्दाश्त नहीं करती और जब जनता उबाल प[आर आती हे तो सारा सोंद्र्य्कर्ण धरा का धरा रह जाता हे , कोटा में करोड़ों करोड़ की योजना को नयापुरा बारां रोड पर पुल बनाने की योजना बनी मिलेट्री वालों से सुरक्षा सम्बन्धित कोई ऍन ओ सी नहीं ली गयी मिलेट्री वाले इंकार करते रहे उनसे वार्ता नहीं की गयी और ठेका दे कर करोड़ों रूपये का काम शुरू करवा दिया गया जिसमें कई करोड़ रूपये खर्च भी कर दिए गए लेकिन आखिर में मिलेट्री ने अपनी वाली बताई और ठेकेदार वगेरा को सुरक्षा को खतरा बताकर मोके से भगा दिया अब करोड़ों खर्च के बाद भी यह योजना खटाई में हे और सरकार के करोड़ों अटक गये हें ठेकेदार क्षतिपूर्ति अलग से मांग रहा हे ......
दुसरा काम कोटा में बीचों बीच स्थित किशोर सागर तालाब जिसे छोटा कर निर्माण करना हे यह तालाब ऐतिहासिक हे और पुरातत्व कानून में बिना अनुमति के इस तालाब के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता इतना नहीं कोई भी इस तालाब का आकर शक्ल सुरत नहीं बदल सकता और इसीलियें करोड़ों रूपये खर्च होने के बाद जब पुरातत्व विभाग को पता चला तो उन्होंने आपत्ति की और काम रोक दिया गया ........
तीसरा काम ऐतिहासिक मुस्लिम वक्फ सम्पत्ति अधरशिला जहां एक बढ़ी शिला बिना किसी के सहारे के टिकी हे और उसे देखने हजारों लोग देश विदेश से आते हें वहां वक्फ सम्पत्ति हे कब्रिस्तान हे लेकिन सरकार और नगर विकास न्यास ने वहां कब्रों के पास तलाई में खुदाई कर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की कोशिशें तेज़ कर दीं आसपास के मुसलमान भडके वक्फ सम्पत्ति का गजट बताया गया और नगर विकास न्यास के अधिकारी फिर भी जब अपनी जिद पर अड़े रहे तो माहोल बिगड़ने लगा लेकिन शहर काजी के समझाने के बाद अब यह निर्माण भी रुक गया हे ..
कुल मिलाकर अव्यवस्थित विकास जनता को दुखी कर या किसी कानून का उलंग्घन कर किया जाए तो वोह विकास नहीं विनाश होता हे वोह सोंद्र्य्करण नहीं सभ्यता को कुरूप करने का प्रयास होता हे ऐसे में सरकार को सभी राज्य सरकारों को और निकायों को निर्देश देना चाहिए के कोई भी काम जब तक सभी प्रकार की सुनवाई कर संतुष्ट नहीं हो जाएँ तब तक करोड़ों रूपये का डाव नहीं खेलना चाहिए ताकि रुपया , सुख शान्ति बर्बाद होने से रुक सके लेकिन यह नेता यह अधिकारी हे किसी की कब मानते हें इनके लियें कानून,मर्यादाएं और जनभावनाओं की तो ज्कोई कदर ही नहीं हे .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में पुलिस कानून की गृह मंत्री से शिकायत
जी हाँ मेरा अपना कोटा जहां आये दिन गोलीबारी,चाकूबाजी,गेंगवार से जनता दुखी हे पुलिस सुचना के बाद भी घंटों घटनास्थल पर नहीं पहुंचती और पूंछताछ के नाम पर उनको पकड़ लेती हे जिनके खिलाफ कोई गवाही कोई सबूत नहीं होते हें इसी मामले में कोंग्रेस के नेता नईमुद्दीन गुड्डू और पीड़ित परिवारों के लोगों ने कल यहाँ सुनवाई के दोरान राजस्थान के गृहमंत्री शान्ति कुमार धारीवाल से इसकी शिकायत की .
शिकायत नम्बर एक ...............डोक्टर का कहना था के मेरे पुत्र कफील पर पहले भी जानलेवा हमा हिस्ट्रीशिटर शानी ने किया था इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई ,फिर लगातार धमकियां मिलने पर एक बार फिर इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की डोक्टर पिता का आरोप था के अपराधी शनै ने बेरहमी से मेरे पुत्र पर एक के बाद एक फायर किये और वोह चलती मोटर साइकल से सडक पर गिर गया जिससे उसकी मोके पर ही मोत हो गयी पुलिस को तत्काल सुचना दी गयी लेकिन पुलिस इसे शानी अपराधी द्वारा गोली चलाकर हत्या कर देने का मामला मानने को तय्यार नहीं थी पुलिस तो कहती थी यह तो दुर्घटना हे और इसीलियें वोह मोके पर भी लेट पहुंची कई लोगों ने शेम शेम कहा लेकिन इसी बीच पुलिस जी आये स्पष्टीकरण दिया और मामला रफा दफा.
दूसरी शिकायत ..नईमुद्दीन गुड्डू कथुन बनियानी में म्र्तक और गिरफ्तार लोगों के परिजन साथ में हें नईमुद्दीन गुड्डू जिला परिषद के सदस्य और कोंग्रेस के टिकिट पर हारे हुए विधायक हे उन्होंने कहा के बनियानी में नरेगा टेडर को लेकर हत्या हुई पुलिस को बुलाते रहे लेकिन पुलिस वक्त पर नहीं पहुंची और अपराधी भाग गये , पुलिस ने इस मामले में उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया हे जिन लोगों का एफ आई आर में नाम नहीं हे और फरियादी के परिजन भी उसे गिरफ्तार करवाना नहीं चाहते इस पर भी गृह मंत्री कुछ कहते के पुलिस जी आये स्पष्टीकरण दिया और मामला साफ़ .
इस तरह की कई घटनाए इस जन सुनवाई में सामने आयीं कुल मिलाकर जनसुनवाई के दोरान अगर जिस पुलिस की शिकायत हो रही हे अगर उसकी मोजुदगी रहती हे तो पहले तो शिकायतकरने वाला पुलिस के अधिकारीयों को देख कर डर जाता हे और शिकायत नहीं करता इधर वोह बीच बीच में भी शिकायतें करता हे ऐसे में अगर पुलिस अधिनियम के तहत कोई कार्यवाही होती और जांच के बाद दोषी लोगों को दंडित किया जाता तो जन सुनवाई की अहमियत थी लेकिन अगर जनसुनवाई जिसकी शिकायत हे उसकी मोजुदगी में हो तो फिर ऐसी जनसुनवाई का क्या मोल रह जाता हे .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
नव वर्ष मुबारक हो
नवरात्रा
नव वर्ष
सभी को
मुबारक हो
मुबारक हो ............................... . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ब्लोगिंग के हर दिल अज़ीज़ हरीश सिंह छा रहे हें इन दिनों
दोस्तों सबसे पहले तो में सभी भाइयों से क्षमा प्रार्थी हूँ ,क्षमा प्रार्थी इस लियें के मेरा अपना स्व्भाव हे अपनी सोच हे और मेरी संस्क्रती मेरी शिक्षा यही हे के किसी के बारे में अगर कोई आदर्श कोई अच्छाई देखो तो उसे उजागर करो और कोई कमी देखो तो उसे छुपा कर रखो . इसी आदत इसी शिक्षा से में मजबूर हूँ , पिछले दिनों ब्लोगिंग में खूब उलट पुलट आरोप प्रत्यारोप का दोर चला किसी की खूबियाँ अगर गिनाई गयीं तो उसे चापलूसी और चम्चेवाद का दोर कहा गया, लेकिन दोस्तों किसी से कुछ अर्जित करने के लियें किसी नालायक की तारीफ हो तो शायद चमचागिरी उसी का नाम हे ,जबकि हमारी ब्लोगर दुनिया में एक से एक हीरो एक से एक पारंगत अज़ीम हस्तियाँ हें जिनके बारे में सच लिखना हर ब्लोगर की मजबूरी होना चाहिए और इसीलियें कुछ दिन ठिठकने के बाद फिर से में भाई हरीश सिंह जी की लेखनी ,मिलनसारी,और अपनेपन से प्रभावित होकर यह पोस्ट लिखने पर मजबूर हुआ हूँ और में यह क्रम जारी रखूंगा .
दोस्तों उत्तरप्रदेश की काशी प्रयाग लवकुश नगरी यानी लवकुश की जन्म स्थली भदोही में भाई हरीश ने १५ मार्च १९६९ को जन्म लिया और इनका प्रारम्भिक अध्ययन का कार्य भदोही में ही रहा वहां इस धार्मिक नगरी लवकुश जन्मस्थली ने भाई हरीश सिंह को ऐसे संस्कार दिए के सच का सामना करना, पीड़ितों को न्याय दिलाना ,सच बोलना और सच लिखना ,समाजसेवा करना इनकी आदत में आ गया और यही वजह रही के भाई हरीश जी ने पढाई के साथ साथ ही समाजसेवा और पत्रकारिता का काम शुरू कर दिया था .
हरीश जी १९९० में पत्रकारिता से जुड़ गये कई लेख दुसरे छोटे बढ़े समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए खोजी पत्रकारिता में हरीश जी ने काफी नाम कमाया और १९९४ में हरीश जी पाक्षिक समाचार से जुड़े फिर देनिक समाचार पत्रों से लगातार जुड़े रहने के बाद इन अख़बारों की और मालिकों की हकीक़त जब हरीश जी ने समझी तो यह अख़बारों से अलग हो गये और खुद का एक पाक्षिक अख़बार निकाल लिया, इन दिनों हरीश जी देनिक आज अख़बार में क्राइम रिपोर्टिंग भी कर रहे हें , पत्रकारिता के जूनून ने हरीश जी को सच का सामना करने ,सच के लियें लढने का साहस दिया और फिर हरीश जी ब्लोगिंग की दुनिया के अँधेरे को दूर करने आ गये ,
हरीश जी ने ब्लोगिंग की दुनिया में खुद को आलू की तरह एडजस्ट किया हालात यह रहे के जेसे आलू सभी सब्जियों के साथ अच्छा लगता हे ऐसे ही भाई हरीश सभी ब्लोगरों के साथ सम्बन्ध स्थापित करते रहे इनका स्वभाव रहा, सभी से दोस्ती करो किसी से दुश्मनी या नाराजगी इनके स्वभाव में शामिल नहीं हे और इसीलियें यह दोस्त के भी दोस्त और दुश्मन के भी दोस्त बनते चले गये आज भाई हरीश जी के लेखनी के सभी तलबगार हे और यह जनाब हें के ब्लोगिंग के इस अखाड़े में जब कुछ लोग एक दुसरे को चुनोती दे रहे हें एक दुसरे को पछाड़ने की तय्यारी में हे तब यह जनाब सभी गुट के मुखियाओं के साथ खड़े मुस्कुराते हें उनकी इस मुस्कुराहट में एक प्यार का संदेश अपनेपन का संदेश छुपा होता हे और इसीलियें भाई सलीम ब्लोगर ने हरीश सिंह को लखनऊ ब्लोगरएसोसिएशन का गुरु हनुमान कहा हे और खुबसुरत मधुर अल्फाजों में उन्हें अपने ब्लॉग पर नवाज़ा भी हे,हरीश सिंह अपनी पत्रकारिता की रूचि के चलते पूर्वांचल प्रेसक्लब के अध्यक्ष भी हे और इसीलियें यह सभी ब्लोगों पर अपने पराये का भेद मिटाकर कोई न कोई टिप्पणी छोड़ने की कोशिश जरुर करते हें और इनके इसी स्वभाव के कारण वोह आज ब्लोगिंग की दुनिया में अखाड़ेबाजी के बाद भी सभी दिशाओं ,सभी विपरीत विचारधाराओं के ब्लोगरों के आपसी मतभेद होने पर भी सभी ब्लोगर्स के हर दिल अज़ीज़ बन गये हें . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
यह पढाई हे या देश की बर्बादी
अभी हाल ही में पिछले दिनों केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों के रिजल्ट थे मेरी दोनों बच्चिया भी प्रथम और नाइंथ क्लास का रिजल्ट लेने गयीं रिजल्ट आया पास तो सबको ही होना था लकिन किसके कितने नम्बर आये और कोन बच्चा पढने में कितना आगे हे इसका आंकलन नदारद था यानि किसी के नम्बर प्रतिशत नहीं थे .
पिछले दिनों मानवसंसाधन मंत्रालय ने निजी स्कूलों को नियंत्रित कर सुधरने की जगह लुट की खुली छुट दी हे उसमें नम्बरों के कानून का भी एक बदलाव किया हे जिसमे अब किसी भी बच्चे को कितने नम्बर मिले नहीं बताये जायेंगे केवल ग्रेडिंग ऐ बी सी ही लिखा जाएगा ,सी बी एस इ का यह हुक्म नामा यह कहकर लाया गया हे के इन दिनों बच्चों में नम्बर कम आने के कर्ण आत्महत्या का दोर बढ़ा हे इसलियें इस गम्भीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया हे , देश की निजी स्कूलों में युनिफोर्म.किताबें,फ़ीस,अतिरिक्त शुल्क के नाम पर खुली लुट चलते हे फ़ीस में तो नर्सरी के बच्चों से क्म्पुयूटर शुल्क ले लिया जाता हे जो केवल खेलने के लियें स्कुल जता हे अब इस लुट के बाद भी अगर बच्चे को खुद के नम्बरों का आंकलन पता नहीं चले तो यह उनके भविष्य के साथ विश्वासघात हे .
निजी स्कूलों में इस लुट के बाद नम्बरों की ग्रेडिंग का जो खेल चला हे उससे लगता हे के आने वाला कल आने वाला भारत कन्फ्यूज्ड बच्चों का होगा क्योंकि जो दिन रात एक कर सारा ध्यान पढाई में लगाते हें वोह बच्चे कितने आगे हें किस मेरिट पर हें उनको उनकी महंत का फल मिला या नहीं अगर उन्हें पता नहीं चला तो उनका उत्साह तो मर रहा हे और वोह निराशावाद की तरफ बढ़ रहे हें इधर जो बच्चे अपना ध्यान पढाई में नहीं लगते हें इधर उधर मटर गश्ती करते हे वोह मजे में हें और वोह बिना किसी महनत के हर साल पास हो रहे हें इससे देश में शिक्षा के नाम पर कमजोर बच्चों की फोज खड़ी होती जा रही हे और जो बच्चे पढने में आगे हें उनको नम्बर और मेरिट पता नहीं लगने से वोह निराशावाद की तरफ हे ऐसे में अब आने वाले कल का तो भगवान ही मालिक हे .
सी बी एस इ ने दूसरी तरफ कोचिंग और निजी कोलेजों को कमाई करवाने और जनता को लुटवाने के लियें वेसे ही स्कूलों के पढाई दुसरे नम्बर पर ला खड़ी की हे पहले एक वक्त था जब दसवीं और बारहवीं बोर्ड में जिसके सबसे ज्यादा नम्बर होते थे उसे वरीयता के आधार पर इंजीनियरिंग और मेडिकल सहित दुसरे कोलेजों में एडमिशन मिलता था लेकिन अब सभी परीक्षाएं स्कूलों में प्रथम रहने वाले बच्चों से अलग कर कोचिंगो के भरोसे छोड़ दी गयी हें यहाँ अलग से रुपया कमाने बच्चों और अभिभावकों को ठगने के लियें कोचिंग और परीक्षाओं के नाम पर लूट जारी हे बोर्ड में कम नम्बर हो लेकिन कोचिंग में पढ़कर अगर बच्चा मोडल पेपर लेकर पास हो जाता हे तो वोह डोक्टर इंजिनियर की अव्वल लाइन में होगा ऐसे में अब मानव संसाधन मंत्रालय और सरकार को क्या कहें , सरकार अगर स्कूली शिक्षा का स्तर बढाना चाहती हे तो पुरे देश में एक कानून एक कोर्स एक युनिफोर्म एक पेपर का फार्मूला हो और जो बच्चे वरीयता में प्रथम हों उन्हें वरीयता के आधार पर इंजीनियरिंग और मेडिकल सहित दुसरे ट्रेडों मने एडमिशन का प्रावधान हो ताके अगर कोचिंग कोई करे तो वोह दसवीं और बारवीं में टोपर बनने के लियें करे कोचिंग के नाम पर जो बच्चे प्रभावशाली होते हें वोह कम नम्बरों के बाद भी बहतरीन कोलेज और कोर्स करते हें जबकि जो इंटेलिजेंट बच्चे होते हें वोह इन ढपोल शंख प्रभावशाली बच्चों के आगे खुद को असफल मानते हें और पिछड़ जाने के कारण कई बच्चे आत्महत्या कर लेते हें ऐसे में पढाई के नाम पर लूट और भ्रस्ताचार के इस फार्मूले को बंद कर वरीयता के कानून को भ्रस्ताचार मुक्त तरीके से लागू करने के लियें आप सब भी प्लीज़ अभियान चलाए और आने वाला कल ,देश का आने वाला भविष्य जो पिछड़ने वाला हे जो बिगड़ने वाला हे उसे बचाने की पहल करें ............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
02 April 2011
उढ़ा लेने दो मजाक इनको
जो उड़ाते हें मजाक
मिलकर
अभी तुम्हारा
उन्हें
यूँ ही
मजाक उड़ाने दो
तुम अपना काम करो
वक्त हे
अभी इनका
इनसे ना कुछ कहो
खुद आगे होकर मिलेंगे एक दिन देखना
बस तुम्हारी महनत
तुम्हारा समर्पण
तुम्हारा अपनापन
तुम्हारा प्यार
तुम्हारी लगन
यूँही जारी रखो
यह पत्थर हें तो क्या
तुम्हारे अदब की
आग से
यह यूँ ही पिघल जायेंगे
यह यूँ ही पिघल जायेंगे ...................
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कहते हें ...
कहते हें
मिलजाता हे वोह '
जो मांगो
दुआ से
क्रिकेट माँगा
जीत मांगी
खुदा से
देख लो जो भी
माँगा
मिल गया
खुदा से
बस
अप तो चाहते हें
मांगे
खुशहाल
एक अखंड भारत
खुदा से ...........................
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
लो जीत ली हे दुनिया मेने
जी हाँ दोस्तों हिन्दुस्तान जिंदाबाद ,मेरा भारत महान ,मेरे भारत के क्रिकेटर महान जिन्होंने हिन्दुस्तान की जनता के होसले से आज क्रिकेट पर फतह हासिल कर जीत का झंडा गाढ़ दिया हे , इस कामयाबी के लियें इण्डिया टीम को बधाई .
दोस्तों एक हफ्ते से भी अधिक समय से मुझ सहित मेरे जेसे १२१ करोड़ लोग मेरे इस देश की जीत के लियें मन्दिर ,मस्जिद,गिरजा में दुआएं कर रहे थे और थेंक्स गोंड खुदा ने हमारी सुन ली आज हमें विश्व कप क्रिकेट का विजेता बना दिया . क्रिकेट के इस मैदान में श्रीलंका की भारत को कड़ी चुनोती थी लेकिन कहते हें माँ की दुआ और भाइयों का आशीर्वाद जिसके साथ रहे वोह अविजित रहता हे और इसीलियें आज भारत ने श्रीलंका को जीत लिया भारत की यह जीत ऐतिहासिक कामयाब जीत हे और इस जीत ने देश के करोड़ों करोड़ लोगों की आँखों में ख़ुशी के आंसू छलका दिए इस जीत के लियें मेरे इस देश को मेरे इस देश के खिलाड़ियों को मेरे इस देश की जनता को मेरे ब्लोगर भाइयों बहनों को मुबारकबाद आप लोगों की दुआओं से ही आज जीत ली हे दुनिया हमने ..................... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ऐसा क्यूँ हो रहा हे ........... .
इस छोटी सी
सुन्दर दुनिया में
जहां सिर्फ
प्यार ही प्यार हे
सभी को
किसी न किसी मोड़ पर
एक दुसरे से
मिलने का इन्तिज़ार हे
किसकी नज़र लगी हे
इस ब्लोगिंग की दुनिया को
एक ब्लोगर
मुझ से
कहते हें .................
इस ब्लोगिंग
की दुनिया में
हम नहीं समझे
कोन दुश्मन हे
कोन यार अपना ................
में इन लाइनों पर खुद भी फ़िक्र में पढ़ गया हूँ
क्या आप को भी फ़िक्र हुई हे ........ . दोस्तों यह जो खिलते फुले हें क्या इनकी तरह खुशनुमा खुशबूदार हमारी ब्लोगिंग की दुनिया हम बना सकेंगे ..
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान की वन सम्पद्दा असुरक्षित सरकार को कोई सुध नहीं
दोस्तों जिस राजस्थान को रेगिस्तान के नामा से जाना जाता रहा हे आज खुदा का शुक्र हे के वहां हरियाली हे और कई हिस्सों में तो राजस्थान इतना हरा भरा हो गया हे के वहां कीमती वन सम्पद्दा और वन्य जीव आखेट कर रहे हें जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हें लेकिन अफ़सोस इस बात का हे के राजस्थान सरकार को इस बेशकीमती दोलत की सुरक्षा की कोई फ़िक्र नहीं हे और इसिलिएँ पर्यावरण प्रेमी राजस्थान सरकार से नाराज़ हे .
आज एक कार्यक्रम के दोरान प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरण प्रेमी लेखक जनाब ब्रिजेश विजय वर्गीय से पर्यावरण संतुलन और वन सम्पद्दा की सुरक्षा के विषय में चर्चा हो रही थी , चर्चा में मुख्य बिंदु वन सम्पद्दा का था जो सभी योजनाओं के बाद भी नष्ट होती जा आरही हे हमारा मन्ना था के राजस्थान वन सम्पद्दा के मामले में इतना धनी हे के राहुल,सोनिया,प्रियंका सहित देश के सभी आदरणीय उच्च वर्गीय लोग और पर्यटक इस बेशकीमती हरियाली और वन्य जीव सम्पद्दा को देखने चले आते हें जंगल में कोनसा शेर कोनसा पेंथर कोनसा बाघ कब मर गया उसकी मोत के कारण क्या रहे और वन्य जीवों को केसे सुरक्षित किया जा सकता हे इस मामले में राज्य सरकार के पास कोई पुख्ता प्लान नहीं हे इतना ही नहीं राजस्थान में वन सम्पद्दा में ,कत्था,गोंद ,शहद ,तेंदूपत्ते,लकड़ियाँ और वन सम्पद्दा जो पत्थर सहित अन्य खनिज हे तेज़ी से माफियाओं द्वारा लुटी जा रही हे सरकार हे के इसमें कोई कारगर योजना बनाने की जगह हमजोली बनी हे कहने को कोटा में दारा अभ्यारण्य और रामगढ़ अभ्यारणय का विस्तार किया गया हे सोर्सन अभ्यारणय जो तबाह हो गया हे उसकी कोई पूंछ नहीं हे वहां राज्य पक्षी गोडावन को बचाने की योजना थी लेकिन वनों की सुरक्षा मामले में सरकार पूरी तरह से असफल रही हे .
भाई ब्रिजेश जी जिन्होंने पर्यावरण पर काफी काम किया हे पुस्तके भी लिखी हे उनका कहना था के राजस्थान में वन सुरक्षा और प्रबंधन के नाम पर गार्डों की कमी हे पिछले दिनों वनों की सुरक्षा के लियें करीब एक हजार रिटायर्ड फोजियों को अस्थायी नियुक्ति देकर इस काम में लगाया गया था जिनसे वनों को थोड़ा सा मामूली सा सुरक्षित किया जा सका था वर्तमान में राजस्थान में वन सम्पद्दा की अहमियत को देखते हें यहाँ कमसे कम पांच हजार वन कर्मियों की जरूरत हे लेकिन सरकार तो जो पहले संविदा पर रिटायर्ड फोजियों को लगाया गया था उन्हें भी हटाने का मन बना चुकी हे सरकार का कहना हे के अब हम खुद हमारी मर्जी से एक हजार लोगों को रोज़गार देंगे यह रोज़गार की राजनीति प्रशिक्षित अनुभवी फोजियों को हटाकर नये नो जवान जो जंगल के बारे में कुछ नहीं समझते उन्हें नियुक्त कर सरकार क्या जंगल बचा लेगी सरकार के पास बजट की कमी नहीं हे सरकार को अगर नई नियुक्तिया देना हे तो पुराने लोगों को बिना किसी शिकायत के हटाने का अधिकार नहीं हे क्योंकि रिटायर्ड फोजियों के पहरे की वजह सेही जंगल में वन सम्पद्दा और वन्य जीव सुरक्षित हें वरना तो जो थोड़े से जंगल और जानवर बचे हें इनका भी राम नाम सत्य हो जाएगा और प्राक्रतिक असंतुलन के इस दोर में हमारा राजस्थान फिर से एक खतरनाक पर्यावरण संकट के दोर में आ जाएगा इसे रोकने के लियें पर्यावरण प्रेमियों को एकजुट हाकर राजस्थान सरकार पर दबाव बनाना होगा वरना राजस्थान में जंगल थे ढूंढ़ते रह जाओगे ............................. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में कोंग्रेस प्रकोष्ठ जनसमस्याओं का निराकरण करेगा
प्रदेश कोंग्रेस कमेटी द्वारा कोटा जिले में नवनियुक्त अभाव अभियोग प्रकोष्ट के अध्यक्ष डॉक्टर बी के शर्मा और प्रकोष्ठ के मुख्यालय प्रभारी केशव तिवारी ने आज यहाँ घोषणा की के कोटा में जनता से जुडी सभी शिकायतों का निराकरण प्रकोष्ठ प्राथमिकता से करेगा लेकिन वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स की शिकायतों और समस्याओं पर तुरंत ध्यान देकर उनका निराकरण करवाना उनके प्रकोष्ठ का प्रथम लक्ष्य रहेगा .
अब्भाव अभियोग प्रकोष्ट जिला कोंग्रेस कोटा के नव नियुक्त अध्यक्ष डॉक्टर बी के शर्मा कोटा मुख्य चिक्तिसा अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए हें इनकी पत्नी डोक्टर सी पी शर्मा भी कोंग्रेस की वरिष्ठ और समर्पित नेता हें और इसीलियें डोक्टर बी के शर्मा को प्रकोष्ठ की ज़िम्मेदारी सोंपी गयी हे प्रकोष्ठ के कामकाजों में जान फूंकने के लियें मुक्यालय प्रभारी केशव तिवारी ने इस कार्य को अंजाम देने के लियें एक जम्बू जेट कार्य कारिणी का गठन भी किया हे इस कार्यकारिणी में प्रेस फोटोग्राफर और वरिष्ठ प्रेस क्लब सदस्य सुधीन्द्र गोढ़ कलामंदिर को प्रवक्ता नियुक्त किया गया हे . डॉक्टर शर्मा और केशव तिवारी ने समस्याओं के खिलाफ अपनी जंग का एलान आज यहाँ प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में करते हुए एलान किया के कोटा में व्याप्त सभी समस्याओं को पहले एकत्रित किया जाएगा और उनका निराकरण तुरंत केसे हो इसके लियें सरकार से मिलकर कोई निति बनाने का प्रयास होगा उन्होंने बताया के सर्वप्रथम वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा .
शिकायत केसे प्राप्त की जायेगी इसके बारे में सवाल पूंछने पर डोक्टर बी के शर्मा और केशव तिवारी ने बताया कि कोटा कोंग्रेस कार्यालय में एक शिकायत बोक्स प्रकोष्ठ कि तरफ से लगाया गया हे जिसमें कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या समस्या दे सकता हे और इन शिकायतों का निराकार तुरंत केसे हो इसके लियें प्रशासन और वरिष्ट कोंग्रेसी नेताओं से सम्पर्क कर योजना तय्यार कि जा रही हे . डॉक्टर शर्मा ने कहा के कोटा में सिक्तिसा सुविधाओं का अभाव हे और निर्धन गरीब बी पी एल वर्ग के लोगों को चिकित्सा सम्बन्धित कोई समस्या ना आये इसके लियें मिशन केरूप में काम शुरू किया जा रहा हे उन्होंने कहा के हमारी कोशिश हे के किसी भी गरीब को चिकित्सा का लाभ तुरंत और मुफ्त मिले इसके लियें टीम बनाकर कार्य तेज़ कर दिया गया हे . उन्होंने कहा के राष्ट्रिय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का लाभ जनता को मिले और चिकित्सक जेनेरिक दवाएं लिखें ताके सस्ते में लोगों का इलाज हो सके इसके लियें अभियान चला कर सरकार के निर्देशों कि पालना सुनिश्चित करवाने का प्रयास किया जायेगा .
डॉक्टर बी के शर्मा के इस प्रकोष्ठ में नियुक्त होने से ही प्रभारी केशव तिवारी के मिशन में ताकत आ गयी हे और वरिष्ट कोंग्रेसी नरेश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में यह अल्प समय में ही जनता में अपनी पहचान बना चुका हे इस प्रकोष्ट से कोटा कि जनता को अब काफी उम्मीदें बंध गयी हें जबकि कोंग्रेस संगठन का जनता में सेवा भाव का प्रचार होने से जनता कोंग्रेस के प्रति झुकने लगी हे . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
01 April 2011
पर्यावरण मामले में कोटा पेढ लगाकर रिकोर्ड तोड़ेगा
राजस्थान का कोटा जो ओद्योगिक और असंख्य वाहनों का शहर होने से देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक हे और यहाँ लोगों का साँस लेना भी दुश्वार हे इसे संतुलित करने के लियें कोटा में प्रशासन और स्काउट रिकोर्ड तोड़ पेढ लगाकर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लेगा .
कोटा में इन दिनों वाहनों और उद्य्योगों से जो उत्सर्जन निकलता हे उसका प्रभाव सीधे जनता के स्वास्थ्य पर पढ़ रहा हे और यहाँ जंगल ,हरियाली ,पेढ खत्म होते जा रहे हें इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोटा जिला प्रशासन, स्काउट और पर्यावरण प्रेमी कोटा में एक दिन में ही ४८ हजार पेढ लगाकर देश में एक कीर्तिमान स्थापित करेंगे यह पेढ कोटा को अरबों रूपये की आक्सीजन देंगे पर्यावरण प्रेमियों का कहना हे के एक पेढ किया वर्षो तक १५ लाख रूपये प्रतिवर्ष की ऑक्सीजन देता हे . कोटा में हरियाली के नाम पर यह एक नया कीर्तिमान होगा इसके पहले कोटा हरियाली के नाम पर भ्रस्ताचार में भी कीर्तिमान स्थापित कर चुका हे यहाँ थर्मल से निकलने वाले रख और धुंए को संतुलित करने के लियें पर्यावरण के नाम पर थर्मल ने करोड़ों रूपये के ठेके पर पेढ लगवाये लेकिन वहां भोतिक सत्यापन के वक्त हरी घांस के अलावा कुछ नहीं मिला और यह राशि थर्मल के अधिकारी और ठेकेदार मिलकर चट कर










