तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
वास्ता है प्यार का> जनाब ! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)
07 November 2010
ओबामा के सामने मेरा देश ज़िंदा हे
विश्व के सबसे ताकतवर और आतंकवादी देश के सामने भी मेरा भारत महान हे बराक ओबामा ने मेरे इस देश का और इस देश के नेताओं और बच्चों का लोहा मान लिया हे ओबामा की भारत यात्रा के दोरान दीपावली का जश्न मनाया जा रहा था सारा देश भाई चारे सद्भावना और प्यार के तराने गा रहा था देश में आतिशबाजी छोड़ कर खुशियाँ मनायी जा रही थीं और दूसरी तरफ विश्व का सबसे ताकतवर देश हमारे देश के गुण गान गा रहा था , अख़बार बंद थे टी वि पर केवल ओबामा ही ओबामा और उनके मुंह से मेरे देश की प्रशंसा ही प्रशंसा सुनाई दे रही थी। यह सब मेरे देश और देशवासियों के लियें गोरव की बात हे । ओबामा को जब मेरे इस महान देश के बच्चों ने हर सवाल पर लाजवाब क्या तो बस उनकी हालत देखने जेसी थी , ओबामा ने दिल्ली में जब प्रधानमन्त्री भवन में खुद जा कर भोजन क्या तो मेरे इस देश का सर गर्व से उंचा हो गया इसके पहले जहाँ अमेरिका के रास्त्रपति ठरते थे वहीं यहाँ के प्रधानमन्त्री उनसे मिलते थे इतना हीं नहीं उन्हें अपने ही देश में अमेरिकी सेनिकों को तलाशी देना पढती थी लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ भारत ने अपनी आन बान शान अमेरिका के आगे बरकरार रखी इसलियें मेरे इस देश और इस देश के सिस्टम को मेरा सलाम , ओबामा ने भारत को नमस्ते क्या राम राम क्या उसने यहाँ अपना बडप्पन दिखाया इसलियें उनको भी मेरा प्रणाम । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मेरे देश के बचपन ने किया ओबामा को लाजवाब
जी हाँ दोस्तों जिस अमेरिका से सारा विश्व डरता हे जिस अमेरिका के खिलाफ बोलने की हिम्मत हमारे देश के नेताओं की नहीं हे जिस अमेरिका के आगे हमारे नेता नतमस्तक हें उसी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को मेरे इस देश के बच्चों ने ला जवाब कर दिया और जो जवाब ओबामा ने दिए उससे खुद ओबामा परेशान हें क्योंकि वोह मेरे भारत महान में जो संदेश देना चाहते थे ठीक उसके विपरीत पाकिस्तान की तारीफ आखिर उन्होंने यहाँ कर के अपनी साडी नीतियों पर पानी फेर दिया ।
ओबामा कल भारत आये उनकी पत्नी ने बच्चों के साथ डांस कर लुत्फ़ उठाया उन्होंने उद्योगपतियों से निवेश और रोज़गार की बढ़ी बढ़ी बातें कहीं लेकिन उस वक्त उन्हें पता नहीं था के मुम्बे सेंट जेवियर स्कुल के बच्चे उनकी बोलती बंद कर देंगे और उन्हें वोह सब उगलना पढ़ेगा जो उन्होंने अपने सीने में छिपा रखा हे आज ओबामा से सेंट जेवियर स्कुल के बच्चों ने जब जेहाद क्या हटा हे पूंछा तो ओबामा सकपका गये और नपे तुले अंदाज़ में बयान देकर पीछा छुडाया अकहिर फिर दूसरा सवाल पाकिस्तान के बारे में सुन कर ओबामा लाजवाब हो गये और फिर पाकिस्तान के बारे में जो कुछ भी उनके दिल और दिमाग में था वोह उन्हें उगलना पढ़ा उन्होंने पकिस्तान को भारत में आतंकवाद के लियें ज़िम्मेदार नहीं बताया उन्होंने ताज हमले और कश्मीर समस्या के लियें भी पाकिस्तान को ज़िम्मेदार नहीं बताया बलके उन्होंने पकिस्तान की अस्थिरता के लियें कुछ दुसरे कट्टर पंथियों को ज़िम्मेदार बताया इतना ही नहीं उन्होंने तो पाकिस्तान के लियें यह तक कह डाला की पाकिस्तान की अस्थिरता से पुआ विश्व ही प्रभावित हो जाएगा कुल मिला कर उन्होंने हमारे देश में हमारे देश में महमान बन कर हमारे देश के लीयें खुली मुसीबतें पैदा करने वाले नापाक पाकिस्तान का बचाव क्या और उसके बारे में उस देश को मजबूत बनाने की सलाह दे डाली । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ओबामा कल भारत आये उनकी पत्नी ने बच्चों के साथ डांस कर लुत्फ़ उठाया उन्होंने उद्योगपतियों से निवेश और रोज़गार की बढ़ी बढ़ी बातें कहीं लेकिन उस वक्त उन्हें पता नहीं था के मुम्बे सेंट जेवियर स्कुल के बच्चे उनकी बोलती बंद कर देंगे और उन्हें वोह सब उगलना पढ़ेगा जो उन्होंने अपने सीने में छिपा रखा हे आज ओबामा से सेंट जेवियर स्कुल के बच्चों ने जब जेहाद क्या हटा हे पूंछा तो ओबामा सकपका गये और नपे तुले अंदाज़ में बयान देकर पीछा छुडाया अकहिर फिर दूसरा सवाल पाकिस्तान के बारे में सुन कर ओबामा लाजवाब हो गये और फिर पाकिस्तान के बारे में जो कुछ भी उनके दिल और दिमाग में था वोह उन्हें उगलना पढ़ा उन्होंने पकिस्तान को भारत में आतंकवाद के लियें ज़िम्मेदार नहीं बताया उन्होंने ताज हमले और कश्मीर समस्या के लियें भी पाकिस्तान को ज़िम्मेदार नहीं बताया बलके उन्होंने पकिस्तान की अस्थिरता के लियें कुछ दुसरे कट्टर पंथियों को ज़िम्मेदार बताया इतना ही नहीं उन्होंने तो पाकिस्तान के लियें यह तक कह डाला की पाकिस्तान की अस्थिरता से पुआ विश्व ही प्रभावित हो जाएगा कुल मिला कर उन्होंने हमारे देश में हमारे देश में महमान बन कर हमारे देश के लीयें खुली मुसीबतें पैदा करने वाले नापाक पाकिस्तान का बचाव क्या और उसके बारे में उस देश को मजबूत बनाने की सलाह दे डाली । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
इन्तिज़ार
ना तुने
मुझ से
कोई वादा क्या
ना मुझे
तेरे
आने की
उम्मीद
बस
फिर भी
देख ले
ना जाने क्यूँ
में तेरा
इन्तिज़ार
किये जा रहा हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मुझ से
कोई वादा क्या
ना मुझे
तेरे
आने की
उम्मीद
बस
फिर भी
देख ले
ना जाने क्यूँ
में तेरा
इन्तिज़ार
किये जा रहा हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
किसपर में मरता हूँ
मत पूंछों
के में कमबख्त
किस पर मरता हूँ
वोह हसीना
जो मुझ से
मुंह फेर कर
बेठी हे
बस
उसी पर
में अपनी
जान देता हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
के में कमबख्त
किस पर मरता हूँ
वोह हसीना
जो मुझ से
मुंह फेर कर
बेठी हे
बस
उसी पर
में अपनी
जान देता हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
06 November 2010
प्यार और मजनू
प्यार हो
या हो मजनू
दोनों
नाम
हम एक दुसरे के
पर्यायवाची को कहते हें
मजनू भी
अजीब दीवाना था
लेला का दीवाना था
इसीलियें
आँखों का अँधा
और दिमाग का दिवालिया
उसे कहते हें
बस आप लोग
इस बीमारी से बचो .................
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
या हो मजनू
दोनों
नाम
हम एक दुसरे के
पर्यायवाची को कहते हें
मजनू भी
अजीब दीवाना था
लेला का दीवाना था
इसीलियें
आँखों का अँधा
और दिमाग का दिवालिया
उसे कहते हें
बस आप लोग
इस बीमारी से बचो .................
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बहुत बचता हूँ हसीनाओं से ....
ऐ दोस्त
में बहुत
बचता हूँ
इन हसीनाओं से
पर क्या करूं
इन हसीनाओं से
टकराहट
हो ही जाती हे
में फरिश्ता नहीं
केवल इंसान हूँ
इसलियें
जब कोई
हसीना
मुझे देख कर
इठलाती हे
तो कमबख्त
उस पर
मेरे तबियत
आ ही जाती हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
में बहुत
बचता हूँ
इन हसीनाओं से
पर क्या करूं
इन हसीनाओं से
टकराहट
हो ही जाती हे
में फरिश्ता नहीं
केवल इंसान हूँ
इसलियें
जब कोई
हसीना
मुझे देख कर
इठलाती हे
तो कमबख्त
उस पर
मेरे तबियत
आ ही जाती हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
देश में इंटरनेट पर सख्ती जरूरी
हमारे देश में हाल ही में पिछले दिनों सेना को इंटरनेट एलर्ट क्या गया कहा गया के सेना की महत्वपूर्ण और गुप्त फायलें और आंकड़े जो इंटरनेट पर डाले हें उन्हें तुरंत हटा लें क्योंकि उसे हेक करने की कोशिशें जारी हे , हे ना अजीब बात देश में सेना के महत्वपूर्ण आंकड़े और लगातार इंटरनेट की हेकिंग के बाद भी यहाँ इंटरनेट पर सेना के आंकड़े डाले जाना बचकानी हरकत ही कही जाएगी ऐसे अधिकारी जिन्होंने गुप्त फायलों का आदान प्रदान खतरा उठा कर इंटरनेट से क्या हे उनकी समझ और प्रशासनिक क्षमता की भी जाँच परख होना चाहिए ।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह हे के अब इस देश में इंटरनेट पर जो गंदगी फेलाई जा रही हे उसे साफ करने के लियें सरकार को एक जुट होकर विशिष्ट विभाग स्थापित कर एक बार सभी ऐसे गंदे और आपराधिक विचारधारा वाले लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाये सरकार को ऐसे गंदी विचारधारा वाले लोगों को यह संदेश देना जरूरी हे के छदम नामों से जो लोग फर्जी आई डी बनाकर इंटरनेट की दुनिया में गंदगी फेला रहे हें उनका बेसिक नम्बर जो भी होता हे उस तक पहुंच कर इस नम्बर से मुताल्लिक लोगों को नामजद कर गिरफ्तार करना चाहिए इस देश में अब यह वक्त आगया हे के ऐसे लोगों को बेनकाब कर ऐसी गंदगी फेलाने की कार्यवाही को विराम दिया जाये इसके लियें सरकार जल्दी ही एक विशिष्ट सेल स्थापित कर तुरंत कार्यवाही करे नहीं तो देश के नोजवानों की अन्सिकता बिगडती जाएगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह हे के अब इस देश में इंटरनेट पर जो गंदगी फेलाई जा रही हे उसे साफ करने के लियें सरकार को एक जुट होकर विशिष्ट विभाग स्थापित कर एक बार सभी ऐसे गंदे और आपराधिक विचारधारा वाले लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाये सरकार को ऐसे गंदी विचारधारा वाले लोगों को यह संदेश देना जरूरी हे के छदम नामों से जो लोग फर्जी आई डी बनाकर इंटरनेट की दुनिया में गंदगी फेला रहे हें उनका बेसिक नम्बर जो भी होता हे उस तक पहुंच कर इस नम्बर से मुताल्लिक लोगों को नामजद कर गिरफ्तार करना चाहिए इस देश में अब यह वक्त आगया हे के ऐसे लोगों को बेनकाब कर ऐसी गंदगी फेलाने की कार्यवाही को विराम दिया जाये इसके लियें सरकार जल्दी ही एक विशिष्ट सेल स्थापित कर तुरंत कार्यवाही करे नहीं तो देश के नोजवानों की अन्सिकता बिगडती जाएगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
जिन्हें मिल गयी तू ...........
जिन्हें
मिल गयी तू
वोह
पाकर तुझे
खुश किस्मत सही
लेकिन तुझे
पाने की
हसरत का
दर्द तो
सिर्फ और सिर्फ
मेने ही पाया हे।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मिल गयी तू
वोह
पाकर तुझे
खुश किस्मत सही
लेकिन तुझे
पाने की
हसरत का
दर्द तो
सिर्फ और सिर्फ
मेने ही पाया हे।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
न घबरा तू अभी ..........
ना घबरा तू
अभी
यह सोच कर
के खून
तुम अब
किसकी दिलों की
आरजू का करोगे
ज़िंदा हूँ
में अभी
तेरे हर ज़ुल्म
सहने को।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अभी
यह सोच कर
के खून
तुम अब
किसकी दिलों की
आरजू का करोगे
ज़िंदा हूँ
में अभी
तेरे हर ज़ुल्म
सहने को।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बदकिस्मती देखो
मेरी
बदकिस्मती
तो देखो
दिल की आरजू
जो कहने के लियें
मुझे
इन्तिज़ार था उनका
वोह आये
और चले गये
लेकिन
दिल की बात
बस दिल में ही
घुट कर रह गयी ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बदकिस्मती
तो देखो
दिल की आरजू
जो कहने के लियें
मुझे
इन्तिज़ार था उनका
वोह आये
और चले गये
लेकिन
दिल की बात
बस दिल में ही
घुट कर रह गयी ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कातिल के हवाले जिंदगी
तेरी अदाओं से
देख
कत्ल मेरा
रोज़
हो रहा हे
बस
इसीलियें
सोचता हूँ
तू क़ातिल हे मेरा
बस
मेरी जिंदगी
अब में
तेरे
हवाले कर दूँ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
देख
कत्ल मेरा
रोज़
हो रहा हे
बस
इसीलियें
सोचता हूँ
तू क़ातिल हे मेरा
बस
मेरी जिंदगी
अब में
तेरे
हवाले कर दूँ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
तेरे दिए हुए जख्म हें सीने से लगाता हूँ
तेरे दिए हुए
हे एक
जख्म को
सीने से
लगाता हूँ
यह
तेरी दी हुई
दोलत हे
इसलियें
इसे सम्भाल कर
रखने के लियें
सीने से
अपने
लगता हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
हे एक
जख्म को
सीने से
लगाता हूँ
यह
तेरी दी हुई
दोलत हे
इसलियें
इसे सम्भाल कर
रखने के लियें
सीने से
अपने
लगता हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अमन वफा
कुछ यूँ चले
मेरे इस देश में
अमन और वफा की
ताज़ा हवा
शाम और सहर ,
लहरायें फसले
खशीयों की
बिखरे हवाएं
प्यार मोहब्बत अपनेपन की
मेरे इस
देश का इतिहास
बयाना करें
आएज और कल
कुछ ऐसा हो
के लोग यहाँ के
बस खुश ही खुश रहें
शाम और सहर ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मेरे इस देश में
अमन और वफा की
ताज़ा हवा
शाम और सहर ,
लहरायें फसले
खशीयों की
बिखरे हवाएं
प्यार मोहब्बत अपनेपन की
मेरे इस
देश का इतिहास
बयाना करें
आएज और कल
कुछ ऐसा हो
के लोग यहाँ के
बस खुश ही खुश रहें
शाम और सहर ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ओबामा जी की सुरक्षा में परिंदा पर मार गया
भारत देश में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सुरक्षा पर ९०० करोड़ रूपये प्रतिदिन खर्च करने और सुरक्षा में कोई परिंदा पर नहीं मार सकता का नारा देने वाले अमेरिका के सुरक्षा कर्मियों को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रोटोकोल तोड़ कर मुंह तोड़ जवाब दे दिया । हमारे देश में ओबामा के मुस्लिम विरोधी होने के स्वर तेज़ होने पर देश को और अमेरिका को यह संदेश देने के लियें के भारत के मुसलमान अमेरिका के खिलाफ नहीं हे उनके स्वागत के लियें केन्द्रीय मंत्री अल्पसंख्यक मामलात सलमान खुर्शीद को आगे क्या गया ताके देश भर के मुसलमानों की तरफ से यह स्वागत मना जाए लेकिन या तो सलमान खुर्शीद लखनऊ के मुसलमानों के दबाव में आगये और वोह जाना पूंछ कर पीछे हो गये इसके बाद प्रोटोकोल कार्यक्रम के खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हान आगे हो गये और सलमान खुर्शीद पीछे लाइन में लगे रहे अशोक चव्हान ने ओबामा का स्वागत क्या और एक किताब भेंट की यह देख सुरक्षा कर्मी जो परिंदा भी पर नहीं मार सकता का दावा कर रहे थे इस बदलाव को देख भोच्क्के रह गये और उनकी समझ में कुछ नहीं आ पाया । खेर बात कुछ भी रही हो लेकिन यह सच हे के बराक ओबामा का भारत में स्वागत जो एक मुसलमान मंत्री से करवाना था वोह प्लानिग फेल हो गयी और कोई भी व्यक्ति बराक ओबामा की सुरक्षा कार्यक्रम में अचानक बदलाव कर सकता हे दो बातें सामने आ गयी तीसरी बात और यह खास रही के ओबामा के स्वागत के नाम पर कुछ लोगों ने अनोख़ा विरोध प्रदर्शन क्या जिन प्रदर्शनकारियों को पुलिस को रोक कर ग्रिफ्तार करना पढ़ा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
05 November 2010
आदर्श सोसाइटी फोज और नेताओं का घोटाला
मुम्बई महाराष्ट्र में आदर्श सोसाइटी में फ्लेट का घोटाला देश का बढा घोटाला बनता जा रहा हे , हालत यह हें के इस घोटाले में पहले तो फोज के अधिकारीयों के शामिल होने की पोल खुली फिर नेता जो कोंग्रेस,भाजपा,शिवसेना से जुड़े लगों की पोल खुली अब आदर्श सोसाइटी घोटाले से एक बात तो साफ हे के देश में आज हर तबके में भ्रस्ताचार और बेईमानी का वायरस आ गया हे अब अगर इस घोटाले सहित सभी तरह की योजनाओं की जांचें शुरू हो जाएँ तो शायद देश में शुद्धिक्र्ण हो जाए , अब इस देश को शुद्ध के लियें युद्ध के साथ साथ भ्रस्ताचार के लियें युद्ध की जरूरत हे शायद इससे देश सुधर जाये। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ओबामा प्यार से आयें तो स्वागत हे नहीं तो ..........
दोस्तों आज विश्व के कथित रूप से सबसे बढ़े आतंकवादी देश और हथियारों का विक्रेता अमेरिका के राष्ट्र्यध्य्क्ष ओबामा आज हमारे भारत देश में महमान बन कर आ रहे हें ओबामा की इस यात्रा का मुसलमान विरोध कर रहे हें , महमान भगवान का रूप होता हे यही हमारे देश की संस्क्रती हे इसलियें महमान का विरोध अच्छी बात नहीं हे हाँ मुसलमानों का अमेरिका को विरोधी बताया जा रहा हे जो गलत हे अमेरिका केवल मुसलमानों का विरोधी नहीं वोह पुरे भारत का विरोधी हे अमेरिका ही हे जिसने पाकिस्तान को सांप की तरह दूध पिला के पाला हे कश्मीर समस्या आज उसी की दें हें भारत की सुख शान्ति और सम्रद्धि का दुश्मन अमेरिका हे इतना ही नहीं वोह कुत्तों का नाम भी धर्म के आधार पर रख रहा हे , लेकिन इन सब के बावजूद भी ओबामा हमारे महमान बन कर आ रहे हें यहाँ हम उनका स्वागत करें वोह अगर देश के हित के लियें बात करते हें तो स्वागत हे और अगर देश के हितों के खिलाफ अगर वोह बात करते हें तो फिर हमारा देश ऐसे लोगों को जवाब देना भी जानता हे इसलियें ओबामा को आने दो उसकी बात सुना ओर फिर अगर भारत के हित की बात हे तो स्वागत और अगर भारत के विरोध की बात हो तो फिर देसी जूतों की तो बात ही कुछ और हे उनका इस्तेमाल करेंगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दीपावली सुख शान्ति से गुजरने पर मुबारकबाद
मेरे देश के वासियों
मेरे भाईयों और बहनों
कल दीपावली का पर्व
मेरे इस देश में
मेरे भाइयों और बहनों
ने मिल जुल कर मनाया
शान्ति और सद्भावना खुशहाली कायम रही
इसके लियें सभी को मुबारकबाद
आज गोवर्धन पूजा हे
गोवर्धन पूजा की भी मुबारक बाद हो
कल भाई दूज हे
यम से भाई का बहनों ने पीछा छुड़ाया था
भाइयों की लम्बी उम्र हुई थी
बहनों के इस प्यार भरे त्यौहार पर
हार्दिक बधाई।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मेरे भाईयों और बहनों
कल दीपावली का पर्व
मेरे इस देश में
मेरे भाइयों और बहनों
ने मिल जुल कर मनाया
शान्ति और सद्भावना खुशहाली कायम रही
इसके लियें सभी को मुबारकबाद
आज गोवर्धन पूजा हे
गोवर्धन पूजा की भी मुबारक बाद हो
कल भाई दूज हे
यम से भाई का बहनों ने पीछा छुड़ाया था
भाइयों की लम्बी उम्र हुई थी
बहनों के इस प्यार भरे त्यौहार पर
हार्दिक बधाई।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
एंटी टेरेरिस्ट पुलिस की कामयाबी

राजस्थान में ऐ टी एस यानी एंटी टेरेरिस्ट स्क्व्यद की कामयाबी से राजस्थान सरकार और गृह मंत्री शांति धारीवाल बहुत खुश हें । कल अजमेर बम ब्लास्ट मामले के मुख्य प्लान्टर मुकेश अजवानी को गुजरात गोधरा से पकड़ कर अजमेर लाया गया आवोह ९ तारीख तक पुलिस रिमांड पर हे । इस मामले में भाजपा और शीर्ष आर एस एस के नेता भी इसमें शामिल हें । गृह मंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान पुलिस की इस कामयाबी पर कहा के जो काम सी बी आयी और दूसरी एजेंसियां नहीं कर पायीं वोह काम ऐ टी एस ने कर दिखाया इस मामले में अभी और ब्लास्ट के आरोपियों के मामले में खुलासा होना हे । धारीवाल ने राजस्थान पुलिस की इस मामले में पीठ थपथपाई हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
04 November 2010
ओबामा मार्केटिंग करने आ रहे हें
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी भारत यात्रा पर कोई संदेश देने या उपकार करने नहीं आ रहे हें बलके देश के नेता और मंत्रियों को अपने देश में बने हथियारों की मार्केटिंग करने आ रहे हें । ओबामा हमारे देश के नेताओं को पहले पाक और आतंकवादियों से खतरा बतायेंगे फिर उससे सुरक्षा के लियें हथियार खरीदने की पेशकश करेंगे । ओबामा हमारे देश को असुरक्षित बता कर यहाँ १२ अरब डोलर के हत्यारों की खरीद का कामयाब प्लान लेकर आये हें और निश्चित ही हमारा देश अमेरिका को किसी भी सरत में नाराज़ नहीं करेंगा और इन हथियारों की खरीद गरीबों का पेट काट कर और भरी टेक्स लगाकर सरकार हर हल में करेगी क्योंकि अल्पमत की यह सरकार अमेरिका के इशारे के बगेर एक मिनट भी महफूज़ नहीं हे ।
ओबामा का मानन हे के भारत में हथियारों की इस डीलिंग से अमेरिका के करीब ५० , ६० हजार अमेरिकन्स को रोज़गार मिलेगा देखिये एक तरफ ओबामा हे जो जबरन देश को हथियार खरीद को मजबूर कर अमेरिकन्स को रोज़गार दिलवा रहे हें और एक तरफ हमारा देश हे जहां पेट काट कर अनावश्यक हथियार की खरीद और लोगों को बेरोजगार क्या जा रहा हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ओबामा का मानन हे के भारत में हथियारों की इस डीलिंग से अमेरिका के करीब ५० , ६० हजार अमेरिकन्स को रोज़गार मिलेगा देखिये एक तरफ ओबामा हे जो जबरन देश को हथियार खरीद को मजबूर कर अमेरिकन्स को रोज़गार दिलवा रहे हें और एक तरफ हमारा देश हे जहां पेट काट कर अनावश्यक हथियार की खरीद और लोगों को बेरोजगार क्या जा रहा हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पुलिस कर्मियों ने अपराधी भगाया
राजस्थान में बारां जिले के भंवर गढ़ थाने के दो पुलिसकर्मियों ने लोक अप में बंद खतरनाक डकेती के आरोपियों को उनके परिजनों से सांठ गाँठ कर फरार करवा दिया नतीजन पुलिस को काफी बदनाम और परेशान होना पढ़ा ,भंवर गढ़ पुलिस ने वेसे तो भाग्दोद कर इन फरार डकेतों को पकड़ लिया लेकिन जब उन्हें पुलिस कर्मियों के सहयोग का पता चला तो बस फिर पुलिस सकते में आ गयी और आस्तीन में पल रहे इन साँपों के खिलाफ खतरनाक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया । कोटा सम्भाग में इसके पहले बूंदी कोटा में पुलिस कर्मियों द्वारा मदद कर कई अपराधियों को भगाया गया हे इसके मुकदमें यहा चल रहे हें । पुलिस में अपराधियों से सांठ गांठ और रिश्वतखोरी के कारण काफी लम्बे समय से यह गंदगी इस विभाग में फेल जाने से वरिष्ट पुलिस अधिकारी दुखी हें ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मंत्री भरत सिंह ने फिर मचाया बवाल
कोटा के पंचायत राज मंत्री भरत सिंह कोटा के ही गृह मंत्री शांति धारीवाल के विभागों के पर कतरने की खुली कार्यवाही में लगे हें कल उन्होंने अभेड़ा बाय्लोजिक्ल पार्क में नगर विकास न्यास को देने से इंकार क्या था , आह कोटा सी ऐ डी सम्भागीय आयुक्त कार्यालय में पुलिस उप अधीक्षक और महिला परामर्श केंद्र के कार्यालयों को सम्भागीय आयुक्त द्वारा विधिवत आवंटित कार्यालयों पर उन्होंने रोक लगवा दी हे , पुलिस विभाग शांति धारीवाल के पास हे इसीलियें मंत्री भरत सिंह ने शांति धारीवाल को नीचा दिखाने की गरज से यह निर्णय लिया हे , भरत सिंह के इस निर्णय में वोह इतने उतावले हुए के इससे उन्बके और भाजपा के जिला प्रमुख के सम्बन्ध भी उजागर हो गये हें कोटा में जिला परिषद में कोंग्रेस का स्पष्ट बहुमत था और इसी बहुमत के चलते यहाँ शांति धारीवाला ने अपने समर्थ नईमुद्दीन गुड्डू को जिला प्रमुख का टिकिट दिलवाया था लेकिन मंत्री भरत सिंह ने कोंग्रेसियों के वोटों की भाजपा के प्रत्याक्षी नन्दवाना के पक्ष में क्रोस वोटिंग करवाई और फिर नतीजन कोंग्रेस के प्रत्याक्षी बहुमत होते हुए भी हार गये उस वक्त तो भरत सिंह ने भाजपा से सम्बन्ध होने से इंकार क्या था लेकिन अब न्न्वना से उनके सम्बन्ध उजागर होने लगे हे और आज पुलिस विभाग को कमरे देने के सम्भागीय आयुक्त के निर्णयों को रुकवाकर तो उन्होंने अपनी खीज और धारीवाल से सीधी दुश्मनी उजागर कर दी हे लेकिन भरत सिंह अभी शायद लोह पुरुष और लोकप्रिय मंत्री शांति कुमार धारीवाल के जलवे को नहीं जानते उनके पास सो सुनार की और एक लुहार की कहावत वाली चले हें लेकिन वोह अभी सन्घठन की मां मर्यादाओं में बंधे हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
खबरों का अब क्या करेंगे
दोस्तों चाय के साथ अख़बार का मजा दो दिन आप और हम नहीं ले सकेंगे क्यंकि अख़बार वाले भी अब दो दिन की दीपावली और भाई दूज के मजे लेंगे आज अख़बार में दो दिन के अवकाश की सुचना देखी तो समझ में आया के इन दो दिनों में खबरें कहाँ से मिलेंगी । लेकिन टीवी चेनलों की तो छुट्टी नहीं हे इसलियें खबरें थोड़ी बहुत तो वहां से मिल ही जायेंगी लेकिन टीवी की खबरों और अख़बार की खबरों में जमीन आसमान का फर्क होता हे इसलियें अब क्या कर सकते हें सब्र तो करना ही पढ़ेगा और इस बेचेनी से एक बात तो स्पष्ट हे इलेक्ट्रोनिक मिडिया चाहे जिस शिखर पर पहुंच जाए लेकिन देश में प्रिंट मिडिया की अहमियत कभी कम नहीं हो सकती और इसे बचाने के लियें सरकार को प्रेस कोंसिल कानून और प्रेस पुस्तक पंजीकरण कानून में संशोधन करना ज्रुरुई हो गया हे जिसमे प्रिंट मिडिया के मालिक और कर्मचारी भी पाबन्द हो लेकिन दुरी तरफ उनकी सुरक्षा और सुविधा के भी प्रावधान हों । अख्तर कहाँ अकेला कोटा राजस्थान
योन प्रताड़ना निरोधक बिल या तमाशा
केंद्र सरकार सरकारी द्वफ्त्रों या कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित करने के लियें योन प्रताड़ना निरोधक बिल पेश करने जा रही हे इसमें १९९७ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशाखा मामले में दिए गये दिशा निर्देशों को आधार बनाया गया हे और कामकाजी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों को दंडित करने का प्रावधान भी हे ।
कोंग्रेस सरकार द्वारा यह बिल एक राजनितिक नोटंकी से अधिक नहीं हे सरकारी दफ्तरों में इस मामले में जो समितिया बनी हे वोह कोंग्रेस सरकार में कागज़ी हें और सही मायनों में देखा जाये तो महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक व्यवहार के लियें भारतीय दंड संहिता सहित दुसरे कानूनों में कार्यवाही का अप्राव्धन हे और महिलाओं को घर से लेकर बहर तक हर तरह की सुरक्षा के प्रावधान हे फिर यह इस कानून को पेश करने का ढकोसला क्यूँ क्या जा रहा हे , देस में महिला राष्ट्रपति हे यु पी ऐ की करता धर्ता सोनिया गाँधी हें सिर्फ इसिलिएँ महिला प्रेमी सरकार होने का संदेश देने और संसद में जो भी शोरशराबा हो उससे बचने के लियें यह प्र्प्नक रचा जा रहा हे सरकार ने अब तक जो भी कानून बनाये हें उनकी क्रियान्विति पूरी तरह से नहीं हुई हे दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम हे लेकिन कानून के तहत दहेज़ अधिकारी और समितिया गठित नहीं हे कानून की पालना नहीं हे , घरेलू हिंसा कानून हे लेकिन इसको लागू करने के लियें प्रोटेक्शन अधिकारी नहीं हे समितियां नहीं हे । पुलिस कानून हे लेकिन इसे लागु करने के लियें समितिया नहीं बनाई गयी हे अब देख लोग सरकार जब पुराण कानूनों को लागू करवा पाने में अक्षम हे तो फिर तो नये कानून जिसके प्रावधान पहले से ही स्पष्ट हें फिर उसकी पलना केसे होगी अब यह खेल तमाशा नहीं तो और क्या हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोंग्रेस सरकार द्वारा यह बिल एक राजनितिक नोटंकी से अधिक नहीं हे सरकारी दफ्तरों में इस मामले में जो समितिया बनी हे वोह कोंग्रेस सरकार में कागज़ी हें और सही मायनों में देखा जाये तो महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक व्यवहार के लियें भारतीय दंड संहिता सहित दुसरे कानूनों में कार्यवाही का अप्राव्धन हे और महिलाओं को घर से लेकर बहर तक हर तरह की सुरक्षा के प्रावधान हे फिर यह इस कानून को पेश करने का ढकोसला क्यूँ क्या जा रहा हे , देस में महिला राष्ट्रपति हे यु पी ऐ की करता धर्ता सोनिया गाँधी हें सिर्फ इसिलिएँ महिला प्रेमी सरकार होने का संदेश देने और संसद में जो भी शोरशराबा हो उससे बचने के लियें यह प्र्प्नक रचा जा रहा हे सरकार ने अब तक जो भी कानून बनाये हें उनकी क्रियान्विति पूरी तरह से नहीं हुई हे दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम हे लेकिन कानून के तहत दहेज़ अधिकारी और समितिया गठित नहीं हे कानून की पालना नहीं हे , घरेलू हिंसा कानून हे लेकिन इसको लागू करने के लियें प्रोटेक्शन अधिकारी नहीं हे समितियां नहीं हे । पुलिस कानून हे लेकिन इसे लागु करने के लियें समितिया नहीं बनाई गयी हे अब देख लोग सरकार जब पुराण कानूनों को लागू करवा पाने में अक्षम हे तो फिर तो नये कानून जिसके प्रावधान पहले से ही स्पष्ट हें फिर उसकी पलना केसे होगी अब यह खेल तमाशा नहीं तो और क्या हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मरे हुए चूहों का दही बिकता रहा
दीपावली की पूर्व संध्या को शुद्ध के लियें युद्ध का कार्यक्रम चल रहा था नकली मावा और मिलावट की चीजों की धरपकड चल रही थी सभी व्यापारियों को जानकारी थी और वोह सावधान भी थे लेकिन इस जमाने में कुच्छ लोग ऐसे भी हे के सभी जांचों की कार्यवाही के बाद भी खतरा मोल ले रहे थे ,विज्ञान नगर कोटा में एक आदर्श दूध डेयरी पर सरकारी टीम जबवहां पहुंच तो पता चला के वहन मिलावट युक्त दही की बिक्री हो रही थी और दही को जब चेक क्या गया तो उसमे टीम मेरे हुए छुए पढ़े हुए थे चूहों की सडांध से सभी परेशान थे लेकिन फिर भी यह दही लोगों को बेचा जा रहा था खेर प्रशासन ने इस दही के सेम्पल लेकर मुकदमा तो दर्ज कर लिया हे लेकिन व्यापारियों का व्यापार देखिये के त्योहारों के शुभ मोके पर भी एक तो मिलावटी दही और फिर दही में भी मेरे हुए चूहे बेच कर लोगों को म़ोत की दावत दे रहे हें हे ना मजेदार बात व्यापारियों की इस लुट का तमाशा अजीब हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दिवाली की मुबारक से आज की शुरुआत
दोस्तों आज दिवाली हे
लेकिन क्या करें
मोसम से कोई नहीं जीत सकता
और कहते हें
के एक मच्छर
आदमी को जाने किया बना देता हे
इसलियें शायद मच्छर ने हमें प्यार कर लिया
और फिर वोह मच्छर मादा थी इसलियें मादा मच्छर के खतरे तो आप जानते ही हे
मच्छर ही क्यूँ मादा कोई भी हो होती तो खतरनाक ही हे
बस इसीलियें शायद हमे डेंगू या चिकन गुनिया हो गया हे
डॉक्टरों को तो काफी लम्बी जांचों के बाद ही पता चलेगा
लेकिन अब गोलियां खाली हे
बिस्तर पर पढ़े पढ़े जब बोर हो गये
तो दीपावली की इस खुशहाली पर हम आपके साथ जुड़ना चाहते हें
आपकी दुआएं फिर से हमें जल्दी स्वस्थ कर देंगी
इस लियें फिर से हेप्पी दिवाली के नारे के साथ
आज सुबह ९.३० बजे को अपनी सुबह मानकर
दिन की शुरुआत कर रहा हूँ
आप लोगों का प्यार हे इसलियें जनता हूँ
एक मच्छर तो क्या हजारों मच्छर और मच्छरनी
भी अपना कुछ नहीं बिगड़ सकते
तो दोस्तों ,बहनों,भाईयों आदर्नियों
एक बार फिर दीपावली मुबारक हो।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
लेकिन क्या करें
मोसम से कोई नहीं जीत सकता
और कहते हें
के एक मच्छर
आदमी को जाने किया बना देता हे
इसलियें शायद मच्छर ने हमें प्यार कर लिया
और फिर वोह मच्छर मादा थी इसलियें मादा मच्छर के खतरे तो आप जानते ही हे
मच्छर ही क्यूँ मादा कोई भी हो होती तो खतरनाक ही हे
बस इसीलियें शायद हमे डेंगू या चिकन गुनिया हो गया हे
डॉक्टरों को तो काफी लम्बी जांचों के बाद ही पता चलेगा
लेकिन अब गोलियां खाली हे
बिस्तर पर पढ़े पढ़े जब बोर हो गये
तो दीपावली की इस खुशहाली पर हम आपके साथ जुड़ना चाहते हें
आपकी दुआएं फिर से हमें जल्दी स्वस्थ कर देंगी
इस लियें फिर से हेप्पी दिवाली के नारे के साथ
आज सुबह ९.३० बजे को अपनी सुबह मानकर
दिन की शुरुआत कर रहा हूँ
आप लोगों का प्यार हे इसलियें जनता हूँ
एक मच्छर तो क्या हजारों मच्छर और मच्छरनी
भी अपना कुछ नहीं बिगड़ सकते
तो दोस्तों ,बहनों,भाईयों आदर्नियों
एक बार फिर दीपावली मुबारक हो।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दीपावली का मुबारक हो त्यौहार
दीपावली में
दीपों का दीदार
खुशिया के साथ
मुबारक हो
तुम्हे
तुम्हारे परिवार को
यह त्यौहार
दिनों दिन बढ़े
आपका कारोबार
परिवार में
बना रहे
स्नेह और प्यार
होती रहे
सदा
चारों तरफ से अपर
धन लक्ष्मी
की बोछार
बस ऐसा ही हो
आपका दीपावली का
यह त्यौहार ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
भाई एक बार और सभी को दीपावली मुबारक हो
दीपों का दीदार
खुशिया के साथ
मुबारक हो
तुम्हे
तुम्हारे परिवार को
यह त्यौहार
दिनों दिन बढ़े
आपका कारोबार
परिवार में
बना रहे
स्नेह और प्यार
होती रहे
सदा
चारों तरफ से अपर
धन लक्ष्मी
की बोछार
बस ऐसा ही हो
आपका दीपावली का
यह त्यौहार ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
भाई एक बार और सभी को दीपावली मुबारक हो
03 November 2010
आर एस एस ने अब चमडा छोड़ा
इन दिनों देश भर में बम विस्फोट और शांति के खिलाफ देश का कानून तोड़ कर काम करने के आरोपों से घिरे संगठन आर एस एस ने अब देश में खुद पहनी जाने वाली ड्रेस में बदलाव क्या हे , आर एस एस जो अपना गणवेश यानी युनिफोर्म किसी भी सुरत में बदलना नहीं चाहती थी लेकिन अब जेन मुनियों की नीति के चलते जेनियों को प्रभावित करने के लियें अप्निऊ युनिफोर्म में बदलाव लाएगी । दोस्तों मुसलमान चमड़े की बेल्ट पहन कर नमाज़ नहीं पढ़ सकते हें यह उनका एक अपना विचार हे इसी कारण आर एस एस चमडा नहीं छोड़ रही थी लेकिन अब १९७४ के बाद पहली बार आर एस एस ने अपने पहनावे में बदलाव कर चमड़े के जूते तो चमड़े की बेल्ट को बदल दिया हे अब संघ के पहनावे में जूते और बेल्ट प्लास्टिक के होंगे , चमडा संघ ने जेन मुनियों के कहने से छोड़ा हे । जेन मुनियों ने हिंसा छोड़ने का भी संदेश दिया हे , अनावश्यक धन संग्रह करने का विरोध क्या हे , जेन मुनियों ने मिलावट,कम तोलना,भ्रटाचार फेलाना भी अपराध बताया हे जेन मुनियों ने जमाखोरी और रिश्वतखोरी का भी विरोध किया हे और राष्ट्रीयता का भी पाठ पढ़ाया हे काश हमारे देश के आर एस एस ,सिमी,और दुसरे सभी सन्गठन जेन मुनियों या दुसरे धर्म गुरुओं से सीख लेकर इस मामले में भी अपने विचारों को बदले।और देश को भाईचारा,सद्भावना,एकता अखंडता की डोर में बांध डालें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ओबामा की सुरक्षा और नो सो करोड़
जी हाँ दोस्तों मेरा भारत महान हे यहाँ घर में गरीबी हो घाटे का बजट हो या फिर कोई देश जहाँ हमारे देश के नेता या अभिनेता जाते हों वोह देश सुरक्षा के नाम पर उनके चड्डी बनियान तक उतरवा लेते हों उन्हें सुरक्षा जांच के नाम पर अपमानित करते हों उसी देश के राष्ट्रपति के आगमन पर हम उनकी शर्तों पर खुद की तलाशी दिलवाने के बाद हमारे प्रधानमन्त्री या राष्ट्रपति भवन को छोड़ कर खुद जहां यह लोग ठहरे होते हें वहां जाकर इनसे मिलते हें ,दोस्तों में किसी और की नहीं सदियों से भारत की एकता अखंडता और सुख शान्ति का दुश्मन देश रहे महा आतंकवादी देश अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा की बात कर रहा हूँ , यह जनाब हमारे देश में आयेंगे और अमेरिका के ३०० कमांडों २५०० कर्मचारी लायेंगे इन पर हमारे देश को इस गरीबी की हालत में ९०० करोड़ रूपये खर्च करना पढ़ रहे हें बाकी छोटे मोटे करोड़ों के खर्च अलग से हें , आप सभी जानते हें के ९०० करोड़ रूपये में हमारे देश में एक न्य य्ध्योग स्थापित हो सकता हे जिसमे कमसे कम ९०० लोगों को आजीवन रोज़गार और देश कोआर्थिक सम्बल मिल सकता हे लेकिन देख लो अपने देश में हमें यानी हमारे प्रधानमन्त्री और दुसरे नेताओं को नंगा करने वाले अमेरिका के कर्मचारियों कुत्तो की भी कितनी पूंछ हो रही हे इतना ही नहीं जनाब यह हमारे प्रधानमन्त्री राष्ट्रपति जी से अपनी सुरक्षा की शर्तों पर मिलेंगे और इसके पहले इनके कमांडो हमारे देश के सरताजों की तलाशी लेंगे यह हमारे देश के नेताओं से मिलने उनके घर या फिर कार्यालयों में नहीं जायेंगे बलके हमारे नेता इनसे मिलने जहां यह बुलाएँगे वहां जायेंगे हे ना हमारे नेता अमेरिका के गुलाम लेकिन फिर भी मेरा भारत हे महान । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में भरत सिंह फिर धारीवाल के विभाग पर भडके
राजस्थान के कोटा के दो मंत्रियों भरत सिंह और शांति धारीवाल के बीच सहित युद्ध थमने का नाम नही ले रहा हे वेसे इस युद्ध को लोग तेरी कमीज़ मेरी कमीज़ से सफेद केसे वाली कहावत के तहत होना मान रहे हें और इसीलियें यह एक तरफा युद्ध हे , कोटा में शांति धारीवाल जो वर्तमान में ग्रहमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्रालय सम्भाल रहे हें एक स्थापित और लोकप्रिय नेता हे वन मंत्री शायद धारीवाल की इसी लोकप्रियता और सफलतम कार्यशेली के कारण कुठाग्र्स्त हो गये हें पिछले दिनों उन्होंने कोंग्रेस के टिकिट पर धारीवाल समर्थक नईमुद्दीन गुड्डू को डंके की चोट पर जिला प्रमुख कोटा का चुनाव हराया और कोंग्रेस से गद्दारी करने के बाद ही आला कमान ने उनका कुछ नहीं बिगाड़ा फिर भरत सिंह ने धारीवाल को सांगोद के एक कार्यक्रम में मंच पर नहीं बिठाया , पिछले दिनों कोटा में जब मुख्यमंत्री जी आये तो उनका स्वागत करने के स्थान पर रिश्वत के खर्चे से चल रही एके धर्मशाला में मुख्यमंत्री को बुलाने की जिद की और इतना ही नहीं खुद को शहर के कार्यक्रमों से दूर रखने के आरोप लगाकर मुख्यंत्री जी के कोटा आगमन पर भरत सिंह जी कोटा छोड़ जयपुर चले गये । अब भरत सिंह जी वन मंत्री हें और कोटा के अभेड़ा महल पर उनकी नजर हे शांति धारीवाल ने स्वाय्त्शास्न मंत्री के नाते इस महल को पर्यटकों और कोटा की जनता के लियें उपयोगी बनाने के लियें यहाँ बायोलोजिकल पार्क बनाने की घोषणा करवाई हे लेकिन कल वन मंत्री भरत सिंह ने धारीवाल से अपनी दुश्मनी खुल कर मुख्य सचिव के सामने उगल दी और साफ़ तोर पर कह दिया के अभेड़ा महल बायोलोजिकल योजना नगर विकास न्यास जो धारीवाल का विभाग हे उसके जरिये नहीं होगा भरत सिंह का यह अडियल रवय्या कोटा के विकास में बाधक बन रहा हे और वोह अपनी इस बचकानी जिदों से इन कोशिशों में जुटे हें के धारीवाल विकास पुरुष की छवि ना बना पाए और उनकी जनता में जो लगातार हीरो राजनेता की छवि बन रही हे उस पर विराम लग जये लेकिन शायद भरत सिंह जी को पत्रा नहीं जिस पर इश्वर महरबान हे उसे कोई नहीं रोक सकता काश भरत सिंह यह समझ लें और मिल जुल कर कोटा के विकास में लग जाए तो कोटा के विकास और प्रबन्धन में चार चाँद लग जायेंगे लकिन शायद कोटा का नसीब ऐसा नहीं हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बाबा रामदेव और हेलिकोप्टर
जीहाँ दोस्तों योग गुरु और दवा विक्रेता बाबा रामदेव शुद्ध रूप से राजनितिक हो गये हें अभी पिछले दिनों उन्होंने खुद की हत्या का खतरा बताते हुए इसके लियें केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार बताया था तब मुझ सहित कई लोगों के दिमाग में बाबा रामदेव का यह राजनितिक फंदा समझ में नहीं आया था लेकिन अब जब उनके एक अनाम दोस्त या चेले ने उन्हें एक हेलिकोप्टर गिफ्ट में दिया हे तो फिर साडी बात समझ में आ गयी ।
दोस्तों यह वही कथित सिद्धांतवादी बाबा रामदेव हे जो धन संग्रह और अनावश्यक महंगी भेंट बाज़ी के कड़े आलोचक रहे हें यह वर्तमान में कोंग्रेस यानि केंद्र सरकार के आलोचक सिर्फ इसलियें रहे हें के सरकार पर दबाव बना रहे और सरकार स्वों के मामले में ओषधि नियन्त्रण अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं करे ,इनकी आमदनी खर्च का लेखा जोखा टेक्स विभाग से प्राप्त नहीं करे और अब इतनी महंगी गिफ्ट हेलिकोप्टर के बाद तो बस हद ही हो गयी शायद बाबा रामदेव पहले से ही जानते थे के हमारे देश में बेनामी गिफ्ट लेना अपराध हे इसलियें यह गिफ्ट उन्हें कहाँ से किसने दी कहीं किसी कालाबाजारी ने तो यह गिफ्ट नहीं दी इसकी जांच शायद न हो इसलियें बाबा रामदेव किसी ना किसी बयान बजी के जरिये सरकार पर दबाव बनाते रहे हें अब हेलिकोप्टर कहां से आया किसने दिया जिसने दिया वोह व्यापारी हे या कालाबाजारी सरकार ने पूंछा तो बस बाबा रामदेव जी कहेंगे सरकार मुझे परेशान कर रही हे भारतीय विमान पत्तन अधिनियम और सुरक्षा कानूनों के तहत हेलिकोप्टर के लियें उड़ने और हेलिकोप्टर उतरना के पहले प्रशासन की स्वीक्रति आवश्यक हे जिस जगह से होकर हेलिकोप्टर उड़ेगा वहां भी प्रशासन सुरक्षा देगा और पूर्व स्वीक्रति जारी करेगा ऐसा कानून हे तो जना बाबा रामदेव जो चाहें करें सरकार उसमें बढ़ा ना डाले कोई पूंछ तांछ नहीं करे और अगर कोई जाँच वगेरा हो तो कह देंगे सरकार बाबा के पूर्व में दिए गये बयानों से नाराज़ होकर बदले की भावना से काम कर रही हे तो जनाब अब समझ गये ना बाबा रामदेव तो दुसरे नेताओं से भी बड़े राजनीतिग्य निकले। अख्तर कहाँ अकेला कोटा राजस्थान
दोस्तों यह वही कथित सिद्धांतवादी बाबा रामदेव हे जो धन संग्रह और अनावश्यक महंगी भेंट बाज़ी के कड़े आलोचक रहे हें यह वर्तमान में कोंग्रेस यानि केंद्र सरकार के आलोचक सिर्फ इसलियें रहे हें के सरकार पर दबाव बना रहे और सरकार स्वों के मामले में ओषधि नियन्त्रण अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं करे ,इनकी आमदनी खर्च का लेखा जोखा टेक्स विभाग से प्राप्त नहीं करे और अब इतनी महंगी गिफ्ट हेलिकोप्टर के बाद तो बस हद ही हो गयी शायद बाबा रामदेव पहले से ही जानते थे के हमारे देश में बेनामी गिफ्ट लेना अपराध हे इसलियें यह गिफ्ट उन्हें कहाँ से किसने दी कहीं किसी कालाबाजारी ने तो यह गिफ्ट नहीं दी इसकी जांच शायद न हो इसलियें बाबा रामदेव किसी ना किसी बयान बजी के जरिये सरकार पर दबाव बनाते रहे हें अब हेलिकोप्टर कहां से आया किसने दिया जिसने दिया वोह व्यापारी हे या कालाबाजारी सरकार ने पूंछा तो बस बाबा रामदेव जी कहेंगे सरकार मुझे परेशान कर रही हे भारतीय विमान पत्तन अधिनियम और सुरक्षा कानूनों के तहत हेलिकोप्टर के लियें उड़ने और हेलिकोप्टर उतरना के पहले प्रशासन की स्वीक्रति आवश्यक हे जिस जगह से होकर हेलिकोप्टर उड़ेगा वहां भी प्रशासन सुरक्षा देगा और पूर्व स्वीक्रति जारी करेगा ऐसा कानून हे तो जना बाबा रामदेव जो चाहें करें सरकार उसमें बढ़ा ना डाले कोई पूंछ तांछ नहीं करे और अगर कोई जाँच वगेरा हो तो कह देंगे सरकार बाबा के पूर्व में दिए गये बयानों से नाराज़ होकर बदले की भावना से काम कर रही हे तो जनाब अब समझ गये ना बाबा रामदेव तो दुसरे नेताओं से भी बड़े राजनीतिग्य निकले। अख्तर कहाँ अकेला कोटा राजस्थान
दीपावली पर उल्लू की हत्या से चिंतित सरकार
दोस्तों उल्लू समाज में एक गाली मन जाता हे किसी भी लापरवाह अनियमित कम करने वाले उत्पाती को उल्लू उल्लू का पट्ठा कहकर सम्बोधित क्या जाता हे लेकिन तांत्रिकों और दवा बनाने वालों के लियें यही उल्लू वरदान हे , इतना ही नहीं इन दिनों उल्लू की हेरी पोर्टर के किरदार के कारण पूछ बढ़ गयी हे जबकि कई लोग अन्धविश्वास के चलत दीपावली के वक्त विशेष तरीके से लक्ष्मी का वाहन होने के कारण इस उल्लू को घर में लाकर इसकी हत्या कर देते हे उनका मानना हे के लक्ष्मी घर आ तो गयी लेकिन वाहन यानि उल्लू के बगेर वापस नहीं जा सकेगी और घर में रहकर घर को सुख सम्रद्धि देगी बस इसलियें उल्लू की हत्या करने की परम्परा हे ।
देश में लगातार उल्लुओं की संख्या घटने से वन और पर्यावरण मंत्रालय चितित हे हालत यह हे के कल वन मंत्री जय राम रमेश ने लम्बा छोड़ा भाषण दे मारा उनका कहना हे के देश में दो तरह की उल्लू प्रजातियाँ हे जो किसानों के लियें खेती के कार्यों में बहुत उपयोगी हें लेकिन अंग्रेजी लेखक हेरी पोर्टर के एक किरदार के साथ उल्लू रहता हे और इसी से प्रभावित हो कर लोग उल्लू पालने लगे हें इतना ही नहीं फेशन के तोर पर बढ़े घर के लोग एक दुसरे को उल्लू भेंट में दे रहे हें मंत्री जी का कहना हे के उल्लू को संरक्षित किये जाने के प्रयास तेज़ी पर हे उन्होंने कहा की उल्लू की प्रजाति वन संरक्ष्ण अधिनियम में संरक्षित हे और इससे छेड़छाड़ पर सजा का प्रावधान हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
देश में लगातार उल्लुओं की संख्या घटने से वन और पर्यावरण मंत्रालय चितित हे हालत यह हे के कल वन मंत्री जय राम रमेश ने लम्बा छोड़ा भाषण दे मारा उनका कहना हे के देश में दो तरह की उल्लू प्रजातियाँ हे जो किसानों के लियें खेती के कार्यों में बहुत उपयोगी हें लेकिन अंग्रेजी लेखक हेरी पोर्टर के एक किरदार के साथ उल्लू रहता हे और इसी से प्रभावित हो कर लोग उल्लू पालने लगे हें इतना ही नहीं फेशन के तोर पर बढ़े घर के लोग एक दुसरे को उल्लू भेंट में दे रहे हें मंत्री जी का कहना हे के उल्लू को संरक्षित किये जाने के प्रयास तेज़ी पर हे उन्होंने कहा की उल्लू की प्रजाति वन संरक्ष्ण अधिनियम में संरक्षित हे और इससे छेड़छाड़ पर सजा का प्रावधान हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
जयपुर आमेर की हवेलियाँ वापस सरकार के पास
राजस्थान की आन बान शान रही जयपुर आमेर की दो हवेलियाँ वापस सरकार ने अपने कब्जे में ले ली हें इन हवेलियों को पिछली सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा सिंधिया ने पुरातत्व अधिनियम और अन्य कानूनों को ताक में रख कर पूर्व विवादास्पद आई पी एल कमिश्नर ललित मोदी को यह हवेलियाँ कोडियों के दाम में दे दी थीं मोदी ने यह दोनों हवेलियाँ खुद की पत्नी और उनकी महिला मित्र के नाम से खरीदी थीं , सरकार बदलने के बाद वोह इन हवेलियों को वापस से कब्जाने के लियें कानूनी राय ले रही थी और इसी लियें स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशों पर सरकार ने पुलिस की सुरक्षा में इन दोनों हवेलियों को वापस अपने नियन्त्रण में ले लिया हे , इन दो हवेलियों का अधिग्रहण वसुंधरा सरकार के निर्णयों को झटका माना जा रहा हे अब तक गहलोत सरकार ने वसुंधरा सरकार के क्रिया कलापों के बारे में तिप्प्प्नी ही की थी लेकिन पहली बार यह कड़ा कदम उठाया हे जबकि वसुंधरा के कार्यों के मामले में सरकार का गठित माथुर आयोग और समिति भी टांय टांय फीस हो गयी थी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
लेखिका अरुन्धिती राय और पत्रकार
देश की सुप्रसिद्ध लेखिका और समाजसेविका विचारक अरुन्धिती राय ने कश्मीर मसले पर जबसे कथित रूप से एक सच बोला हे उन्हें एक बात तो समझ में आ गयी के यह झुन्टों मक्कारों की महफिल हे यहाँ सच बोले तो तुम भी निकाले जाओगे वाली कहावत हे , और सच बोलना बहुत खतरनाक हो सकता हे भिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की जो परिभाषा संविधा इ दी गयी हे उसका गला भी यहाँ गुंडा गर्दी के बल पर घोटना आसान हे , खेर हम अरुन्धिती और मिडिया की बात करें तो आज कल मिडिया की जो हरकत हे वोह पहले आन्दोलन कारियों को उकसाते हें और विधि विधान में किसी भी अपराध की घटना की पूर्व सुचना होने पर पुलिस को पहले सूचित करने का स्पष्ट प्रावधान होने और ऐसी सुचना नहीं देने वाले को दंडित करने का प्रावधान होने पर भी मिडिया अपनी टी आर पी बढ़ाने के लियें उया तो खुद उग्रवादी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन तोड़ फोड़ के लियें उकसाता हे और फोटू लेकर टी वी पर दिखाते हें जिससे अपराध योजनाबद्ध तरीके से होता हे अरुन्धिती राय के घर पर भी भाजपा के लोगों का हमला और तोड़फोड़ कुछ इसी तरह से हुई हे अब अरुन्धिती के घर के बहर कोई भी मिडिया कर्मी की उपस्थिति या फिर मिडिया वें देखते ही इस बात का खतरा होता हे के योजना के हिसाब से उनके घर पर हमला होने वाला हे या फिर तोड़ फोड़ होने वाली हे बस इसीलियें अरुन्धुती ने खुद को बचाने के लियें मिडिया से गुहार करते हुए मिडिया के इस रवय्ये पर नाराज़गी ज़ाहिर की हे और यही सच भी हे मीडिया को कोई भी सुचना मिले अगर वोह अपराध सम्बन्धित सुचना हे तो मिड्या कर्मी का पहला फर्ज़ यह हे के वोह अपराध को रोकने के लियें पुलिस को तत्काल इसकी सुचना दे ऐसा नहीं करने पर अपराध हो सकता हे । अख्तर खान अकेला कोटा रास्थान
कोंग्रेस की बैठक या ओपचारिकता
भारतीय राष्ट्रिय कोंग्रेस की कल आयोजित बैठक में वेसे तो घोटालों के आरोपी सुरेश कलमाड़ी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री खुद मोजूद थे उनकी मोजुदगी इस बैठक में कोंग्रेस की नेतिकता दर्शाती हे के जिन लोगों पर अभी आरोप लगे हे उन्हें सरकारी पदों पर भी बिठा रखा हे और पार्टी भी उन्हें इज्जत से नवाज़ रही हे कोंग्रेस का यह रवय्या शायद चमचों को पसंद आये लेकिन देश और देश के गरीबों को जरा भी पसंद नहीं हे। हाँ कोंग्रेस की बैठक में राहुल गांधी ने जो कुछ भी कहा वोह सब को पसंद आया के भारत दो तरह का बन गया हे एक अमीरों का और एक गरीबों का अमीरों का भारत सब का भारत बन रहा हे जबकि गरीबों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा हे ऐसे में इस देश को एक भारत करना हे जो केवल कोंग्रेस ही कर सकती हे कोई क्षेत्रीय पार्टी या फिर धर्म जाती के आधार पर चलने वाली पार्टी ऐसा नहीं कर सकती कोंग्रेस की बैठक में बहुत कुछ वोह कहा गया जो नहीं कहा जाना चाहिए था और बहुत कुछ वोह नहीं कहा जो कहना चाहिए था बस इसिल इयें मनमोहन की मोजुदगी में गरीबी की बात करना महंगाई नियन्त्रण की बात करना बैठक को एक मजाक बना गयी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
02 November 2010
राजस्थान में फिर से गुर्जर आन्दोलन की धमकी
राजस्थान में गुर्जर आन्दोलन के पुरोधा कर्नल किरोड़ी सिंह बेसला ने कोटा में दीपावली के बाद फिर से गुर्जर आन्दोलन की धमकी दी हे , किरोड़ी सिंह बेसला ने अशोक गहलोत पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया हे पिछले दिनों अशोक गहलोत ने आन्दोलन के बाद गुर्जरों को आरक्षण देने के लियें एक अध्यादेश जारी क्या था किन्तु अदालत ने उसे विधि विरुद्ध होने से स्थगित कर दिया फिर गहलोत ने बाकी का एक प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी बाक़ी ५ प्रतिशत फिर विधिक प्रक्रिया प्नाक्र देने की घोषणा की थी जो अब तक पूरी नहीं हुई हे इसीलियें किरोड़ी सिंह सरकार से नाराज़ हें और उन्होंने कोटा में दिवाली के बाद से फिर आन्दोलन का अल्टीमेटम दिया हे ,कोटा में ही गुर्जर नेता केप्टिन हरिप्रसाद ने गृह मंत्री शांति धारीवाल की हरकतों पर कटाक्ष करते हुए कहा की शांति धारीवाल शान्ति नहीं अशांति धारीवाल हे उनका मानना हे के सभी अराजकता शांति धारीवाल गृहमंत्री की वजह से हे खेर जो भी हो लेकिन गुर्जरों ने आज तक जो कहा हे वोह क्या हे जो चेतावनी दी हे वोह पूरी की हे और इस बार भी गुर्जरों का दीपावली के बाद अगर दबाब बना तो फिर जनता के लियें मुसीबत बन जाएगी ध्यान रहे के पुरे देश में गुर्जरों का आन्दोलन अब हकती और कामयाबी का प्रतीक माना जाने लगा हे इसलियें हर आन्दोलन को कामयाबी तक पहुँचने के लियें आन्दोलनकारी गुर्जरों जेसा आन्दोलन करने की सलाह देते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मानवाधिकार के लियें भूख हड़ताल के दस साल
दोस्तों एक अजीब संयोग देखो दस दिसम्बर विश्व मानवाधिकार दिवस हे और आज से दस साल पहले मणिपुर इम्फाल में एक सशस्त्र गोलीबारी में दस लोगों की अकाल म़ोत हो गयी थी बस सरकारी इन हत्याओं के बाद से ही मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला इम्फाल में सशस्त्र कानून खत्म करने की मनाग पर भूख हड़ताल पर बेठी हें , दोस्तों यह शायद विश्व की सबसे बढ़ी भूख हड़ताल हे इस हडताल के दोरान ईमानदारी से दस वर्षों में शर्मिला ने कुछ खाया पिया नहीं हे बस जबरन उन्हें चिकित्सकों द्वारा फीडिंग दी जारही हे शर्मिला आज भी पुरे दस साल होने के बाद भी अपनी मांग पर अड़ी हे । विश्व की यह सबसे बढ़ी भीख हड़ताल और सरकार की सबसे बढ़ी हठधर्मिता का अनोखा नमूना हे और एक संयोग देखो के दस का आंकड़ा महत्वपूर्ण हो मानवाधिकार का दिवस दस दिसम्बर,भूख हड़ताल के साल दस,भूख हड़ताल का कारण दस लोगों की म़ोत हे न अजीब बात काश हमारे यहाँ में भी ऐसे जांबाज़ पैदा हो क्योंकि इम्फाल में तो शर्मिला एक पत्रकार एक कवयित्री हें जो अपनी भूमिका निभा आरही हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
धनतेरस पर खुदा करे धन की बरसात
दोस्तों आज धनतेरस की खरीद फरोख्त के साथ पांच दीन का दीपोत्सव की शुरुआत हे बहुत बहुत मुबारक हो धनतेरस पर आपके घर पर और घरवालों पर लक्ष्मी मेहरबान हो सुख सम्रद्धि रहे और निरोगी काया बने रहो विश्व प्रसिद्ध बनो और सबका आशीर्वाद पाते रहो , दीपावली की खुशिया आपको चकाचोंध कर दें बस इसी दुआ के साथ आपका खादिम ब्लोगर अख्तर खान अकेला आपकी खुशियों की खुदा से उम्मीद करता हे , दोस्तों धनतेरस के अवसर पर कोटा में १लाख सोने के सिक्के ६०० कारें और हजारों हजार वाहनों की बिक्री इस शहर की सम्रद्धि की तरफ इशारा हे आज कोटा के बाज़ार चक्का जाम रहेंगे लेकिन लोगों का प्यार मोहब्बत अपनी जगह बरकरार रहेगा , धन्वन्तरी आयुर्वेद की जनक कहे जाते हें और फिसियोथेरेपी की निगाह से भी उन्हें देखा जाता हे दोस्तों शास्त्रों में धन और लक्ष्मी दोनों में फर्क कहा गया हे जो धर्म के तोर तरीकों से आमदनी हो वोह लक्ष्मी हे और जो अधर्म के तोर तरीकों जेसे रिश्वत वगेरा से हो वोह धन हे तो आप सोच लो किसके पास धन हे किसके पास लक्ष्मी हे धन किसी के पास कितना ही हो लेकिन सुख और सम्रद्धि केवल उसी के पास रहती हे जो केवल लक्ष्मी का पूजक होता हे जिसके पास लक्ष्मी होती हे तो दोस्तों मुझ सहित आप सभी के पास लक्ष्मी बरसे , सुख,समर्द्ध,निरोगीकाया
रहे बस इसी दुआ के साथ एक बार फिर धनतेरस से लेकर दिवाली और भाईदूज तक की मुबारकबाद। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
रहे बस इसी दुआ के साथ एक बार फिर धनतेरस से लेकर दिवाली और भाईदूज तक की मुबारकबाद। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ब्लॉग लिखता हूँ या अज़ान देता हूँ
दोस्तों आज मेरे साथ एक नई बात हुई मेरे एक अज़ीज़ मेरे एक आदरणीय और ब्लॉग मामले में विशेष दक्षता रखें वाले पारंगत बढ़े भाई ने मुझे धर लिया , उन्होंने सीधे एक डायलोग कसा के एक अज़ान देने वाला दीन में पांच वक्त मस्जिद पर चढ़ कर अज़ान देता हे और बस उसका काम अजान देना होता हे उसे इससे कोई मतलब नहीं की उसकी अजान किसी ने सुनी या नहीं बस नियमित अज़ान देना उसका काम हे में उनकी यह बात सुन कर कुछ समझ पाटा के उन्होंने फिर दूसरा सवाल दागा के यार तुम्हारा ब्लॉग नियमित हे लेकिन इतना नहीं देखो उस पर टिप्पणियाँ आई या नहीं उन्होंने मुझे फरुले भी बताये और टिप्पणिया प्राप्त करने के दुरे फार्मूले अपने पास पहले से ही हें लेकिन यकीन मानिये सादगी से ब्लॉग गिरी कर रहे हें इसलियें कभी टिप्पणी या टिप्पणियों की संख्या पर ध्यान नहीं दिया हाँ टिप्पणी आती हे तो अच्छा लगता हे और जब में टिप्पणी देखता हूँ तो मेरे लियें वोह टिप्पणी नहीं बहुत बहुत प्यार होता हे उसमे मोहब्बत होती हे आशीर्वाद होता हे अपनापन होता हे और में गिनती की टिप्पणियों पर ही खुश हो जाता हूँ मेने घोर संख्या की टिप्पणी वाले ब्लॉग भी देखे हें आपने भी देखे होंगे क्या हे यह सब आप और में सब समझते हें मेरे एक दोस्त ने मुझे देख कर अधिक टिप्पणियाँ प्राप्त करने और अधिक ब्लॉग लोगोग्न तक पहुँचने के लियें मुझ से कहा भी लेकिन मेने बस यही कहा के मुझे जिन लोगों का प्यार मिल रहा हे वोह मेरे अपने हे और उनका प्यार सो सुनार की और एक लुहार की कहावत की तरह मुझे मिलता हे इसलियें दोस्तों में खुद को केवल टिप्पणियाँ प्राप्प्त करने वाला ब्लोगर नहीं बनाना चाहता अब मुझे पता नहीं में यह सही कर रहा हूँ या गलत लेकिन आप मुझे मार्गदर्शित करो आप जेसा कहेंगे में वेसा ही करूंगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
01 November 2010
कोल्ड स्टोरेजों में अपराध ही अपराध
देश भर में कानूनी और गेर कानूनी रूप से बनाये गये गोदामों और कोल्ड स्टोरेजों में अपराध ही अपराध हो रहे हें , राजस्थान में कोटा के कोल्ड स्टोरेज हों जयपुर के कोल्ड स्टोरेज हों , हरियाणा ,पंजाब ,दिल्ली,उत्तर प्रदेश , मध्यप्रदेश सहित देश के कहीं भी बने सरकारी और गेर सरकारी कोल स्टोरेज हों सरकारी या गेर सरकारी गोदाम हो सभी जगह मावा हो चाहे हो मटर या फिर कोई भी खाध्य पदार्थ का सामान हो सभी सड़े गले रख कर मिलावट युक्तत और महंगा सामान जनता तक पहुँचाने का काम यह स्टोरेज कर रहे हें सरकार सब जानती हे की इन स्टोरेजों से देश की जनता को जहर बांटा जा रहा हे इन स्टोरेजों में खाध्य पदार्थों को गेर कानूनी तरीके से अख्ट्टा कर क्रत्रिम रूप से मूल्य व्रद्धी करवाई जा रही हे , लेकिन दोस्तों देखो इस सरकार के भरोसे मत रहना यह तो अंधी गूंगी बहरी लूली लंगड़ी सरकार हो गयी हे अंधी इसलियें के इस सरकार की आँख पर मुनाफाखोर व्यापारियों और मिलावटखोरों ने रिश्वत का चश्मा चढ़ा दिया हे , लूली इसलियें की जनता की शिकायतों पर यह कुछ करने में अक्षम हे बहरी इसलियें के सीए जनता का हाहाकार सुनाई नहीं देता लूली इसलियें के यह चल नहीं प् रही हे ।
दोस्तों आप सब जानते हें के अगर देश के सभी सरकारी गेर सरकारी गोदामों और कोल्ड स्टोरेजों को सूचीबद्ध कर अचानक छापामार कार्यवाही की जाए तो एक तो देश को जमा माल बाज़ार में मिल जाए और क्रत्रिम आभाव खत्म होने से खाध्य पदार्थों का बाज़ार मूल्य नियंत्रित हो जाये दुसरे मिलावट युक्त सभी सामान पकड़े जाए और जनता की बल्ले बल्ले हो जाएँ लेकिन भाई यह आपात काल नहीं जब व्यापारियों की हालत खराब थी यह तो व्यापारियों की सरकार हे यहाँ तो जनता की हालत खराब हे अब तो जनता को ही खुद एक गर्म दल बनाकर अपने अपने इलाकों में ऐसे गोदामों और कोल्ड स्टोरेजों की सूचि बनाकर उन्हें लूटना होगा तब कहीं सरकार की ऑंखें खुल सकेंगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दोस्तों आप सब जानते हें के अगर देश के सभी सरकारी गेर सरकारी गोदामों और कोल्ड स्टोरेजों को सूचीबद्ध कर अचानक छापामार कार्यवाही की जाए तो एक तो देश को जमा माल बाज़ार में मिल जाए और क्रत्रिम आभाव खत्म होने से खाध्य पदार्थों का बाज़ार मूल्य नियंत्रित हो जाये दुसरे मिलावट युक्त सभी सामान पकड़े जाए और जनता की बल्ले बल्ले हो जाएँ लेकिन भाई यह आपात काल नहीं जब व्यापारियों की हालत खराब थी यह तो व्यापारियों की सरकार हे यहाँ तो जनता की हालत खराब हे अब तो जनता को ही खुद एक गर्म दल बनाकर अपने अपने इलाकों में ऐसे गोदामों और कोल्ड स्टोरेजों की सूचि बनाकर उन्हें लूटना होगा तब कहीं सरकार की ऑंखें खुल सकेंगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पत्नी मेरी क्या क्या
आज देखो
बाल बिखेरे
नहाकर
मेरी पत्नी
पास मेरे आकर
बेठी हे
उसे हे
कम करने वाली
बायीं का इन्तिज़ार
क्योंकि
वोह बन गयी हे
बाईयों की ब्लेकमेलिंग का शिकार
वोह आये
तो सफाई करे
वोह आये तो पोचा लगाये
वोह आये
तो खाना बनाये
में सोचता हूँ
केसे हो गयीं
आजकी बिविया बेकार
पहले यही नारी
जो मेरी मां हुआ करती थी
सुबह सवेरे उठ कर
चक्की पिसा करती थी
दुद्ध गायों का निकाल कर
गोबर उकेरा करती थी
फिर नाश्ता खाना बनाकर
खेतों पर
हल चलाया करती थी
हम जेसे कई बच्चे भी
इसी नारी ने पैदा किये
हमें पला पोसा बढा क्या
हमारी दादी , हमारी फूफी
जो भी था घर में
सभी का इस नारी ने
आदर सम्मान क्या
सोचता हूँ
एक वोह नारी हे
और एक मेरी पत्नी बेचारी हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बाल बिखेरे
नहाकर
मेरी पत्नी
पास मेरे आकर
बेठी हे
उसे हे
कम करने वाली
बायीं का इन्तिज़ार
क्योंकि
वोह बन गयी हे
बाईयों की ब्लेकमेलिंग का शिकार
वोह आये
तो सफाई करे
वोह आये तो पोचा लगाये
वोह आये
तो खाना बनाये
में सोचता हूँ
केसे हो गयीं
आजकी बिविया बेकार
पहले यही नारी
जो मेरी मां हुआ करती थी
सुबह सवेरे उठ कर
चक्की पिसा करती थी
दुद्ध गायों का निकाल कर
गोबर उकेरा करती थी
फिर नाश्ता खाना बनाकर
खेतों पर
हल चलाया करती थी
हम जेसे कई बच्चे भी
इसी नारी ने पैदा किये
हमें पला पोसा बढा क्या
हमारी दादी , हमारी फूफी
जो भी था घर में
सभी का इस नारी ने
आदर सम्मान क्या
सोचता हूँ
एक वोह नारी हे
और एक मेरी पत्नी बेचारी हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मुबारक हो तुम्हे
एक पेड़ ने
पतझड़ के मोसम में
गिरते हुए
पत्तों को
देख कर
सीधे कुछ लोगों से
यह कहा
मुबारक हो तुम्हे
लो फिर
पतझड़ का मोसम
आ गया
एक एक पत्ता
छोड़ेगा साथ मेरा
तना सिर्फ तन्हा होगा मेरा
लेकिन
सोच लो
हारा नहीं हूँ में
फिर उगेंगी
मुझ में नाज़ुक कोपलें
फिर बनेंगी
यह हरी पत्तिया
फिर ठुठ से बनूंगा
हरा छायादार पेड़ में
मेरी छाया में
बैठेंगे फिर से लोग
मेरी छाया में
सुस्तायेंगे
फिर से लोग
ऐ इंसानों
देखो मुझे देखो
और तुम कुछ तो मुझ से सिखों
बस हारो नहीं
घबराओ नहीं
मोस की तरह
कभी तुम पर भी
पतझड़ आएगा अगर
तो बस समझ लो
फिर से
हरियाली आने वाली हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पतझड़ के मोसम में
गिरते हुए
पत्तों को
देख कर
सीधे कुछ लोगों से
यह कहा
मुबारक हो तुम्हे
लो फिर
पतझड़ का मोसम
आ गया
एक एक पत्ता
छोड़ेगा साथ मेरा
तना सिर्फ तन्हा होगा मेरा
लेकिन
सोच लो
हारा नहीं हूँ में
फिर उगेंगी
मुझ में नाज़ुक कोपलें
फिर बनेंगी
यह हरी पत्तिया
फिर ठुठ से बनूंगा
हरा छायादार पेड़ में
मेरी छाया में
बैठेंगे फिर से लोग
मेरी छाया में
सुस्तायेंगे
फिर से लोग
ऐ इंसानों
देखो मुझे देखो
और तुम कुछ तो मुझ से सिखों
बस हारो नहीं
घबराओ नहीं
मोस की तरह
कभी तुम पर भी
पतझड़ आएगा अगर
तो बस समझ लो
फिर से
हरियाली आने वाली हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ऐ समुन्द्र तेरी प्यास
ऐ समुन्द्र
सेकड़ों नदियों को
पीकर भी
बुझती नहीं
तेरी प्यास
तू ही बता
तेरी प्यास क्या हे
ऐ समुन्द्र
ना जाने
कितना खजाना
छुपा हे
तुझ में
फिर भी
तू ही बता
तेरी आस क्या हे
ऐ समुन्द्र
तू ही बता
तेरी प्यास किया हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
सेकड़ों नदियों को
पीकर भी
बुझती नहीं
तेरी प्यास
तू ही बता
तेरी प्यास क्या हे
ऐ समुन्द्र
ना जाने
कितना खजाना
छुपा हे
तुझ में
फिर भी
तू ही बता
तेरी आस क्या हे
ऐ समुन्द्र
तू ही बता
तेरी प्यास किया हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
इराक चर्च में बंधकों की हत्या
इराक को आज़ाद कराने की मुहीम में लगे एक विचारधारा के लोगों ने बगदाद में एक चर्च पर कब्जा कर लिया और इस चर्च में पचास से भी अधिक लोगों को अपना बंधक बना लिया ,इराक में बंचक बनाये गये इन लोगों को बचाने के लियें अमेरिका के सभी विशेष प्रशिक्षित कमांडो, विशेष दस्ते सभी प्रयास करने के बाद भी असफल रहे हें और नतीजन सभी बंधकों को मार डाला गया इराक की यह हर अमेरिका की युद्ध विशेषज्ञता और दक्ष कमांडो के दावों को खोखला साबित करती हे क्योंकि इराक के बागी जो कोई तकनीक नहीं जानते हें कहीं विशेष प्रशिक्षित नहीं हे उनके आगे अरबों रूपये खर्च कर प्रशिक्षित होने वाले कमांडो अगर हार जाएँ तो बस फिर क्या कहना इससे बहतर तो मुम्बई हमले के दोरान हमारे देश के कमांडों ने करतब कर दिखाया था तो ज्नाआअब अमेरिका हो चाहे ब्रिटेन सभी जगह के सिपाही हमारे देश के सिपाहियों की बहादुरी और अक्लमंदी से बहुत पीछे हें बस उनको साहस दिलाने के लियें यहाँ जोर्ज बुश नहीं हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मुख्यमंत्री गहलोत छापामार कार्यवाही करेंगे
राजथान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में चल रहे पंचायत प्रशिक्ष्ण कार्यक्रमों और ग्रामीण व् शहर के शिविरों में अचानक जहां ही वोह चाहेंगे बिना बताये सीधे पहुंच कर वहां चल रहे कामकाज की समीक्षा करेंगे , गहलोत की इस घोषणा से राजस्थान के सभी ३३ जिलों में प्रशासन फुर्ती में हे और सजग व् सतर्क हो गया हे सब के दिमाग में यही बात हे के कहीं मुख्यमंत्री जी हमारे जिले में अचानक ना आ जाये इसलियें सभी स्थानों पर वर्तमान में तेज़ी से काम चल रहा हे , वेसे मुख्यमंत्री की इस घोषणा को प्रशासनिक अधिकारी गीदड़ भभकी ही मान रहे हें उनका मानना हे के जो गरजते हें वोह बरसते नहीं अगर मुख्यमंत्री जी को यही सब कर अचानक छापा मारना था तो फिर वोह इसकी घोषणा लीक क्यूँ करते बस इसीलियें अधिकारी इस घोषणा को ढकोसला मान रहे हे बात भी ही हे के अगर मुख्यमंत्री इस सुचना को बिना लीक करे चाप मारते तो हो सकता हे शिविरों में कई अनियमितताएं पकड़ में आती जो अब सुधारी जायेंगी खेर जनता को तो सुधार चाहिए फिर वोह चाहे मुख्यमंत्री जी के आने से हो या फिर मुख्यमंत्री जी के अचानक आने की घोषणा से हो । अख्तर खान अकेला कोटा राजथान
अब आलू के पानी से बुझेगी प्यास
बेग्यनैकों ने आलू से ऐसा पानी तय्यार क्या हे जो अब लोगों की घर बेठे प्यास बुझाएगा , कई रेगिस्तानी इलाकों में तेज़ गर्मी में अधिक पानी पीने के बाद भी ओगों की प्यास नहीं बुझती हे इसीलियें अब यह फार्मूला निकाला गया हे , आलू से निकला यह पानी लोगों को सरकरी नलों के माध्यम से ही उपलब्ध हो सकेगा , आलू का पानी कोल्ड ड्रिंक्स से भी बहतर साबित होगा ऐसा ही वैज्ञानिकों का कहना हे और इस मामले में उनकी सभी कोशिशें अंतिम चरणों में हे इस कर्ण शीघ्र ही लोगों को अब आलू का पानी प्यास बुझाने के लियें मिलना शुरू हो जायेगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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