आपका-अख्तर खान

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24 जून 2026

किसी की बात में आकर जो आना हो तो मत आना,

 

किसी की बात में आकर जो आना हो तो मत आना,
अगर जाने का पहले से बहाना हो तो मत आना ,
किसी दिन चाय पर आना तुम्हारा खैर मकदम है ,
मेरे हालात पर जो रहम खाना हो तो मत आना ,
मेरी आंखों की खामोशी तुम्हें बेचैन कर देगी ,
अगर कुछ बोलना, सुनना, सुनाना हो तो मत आना,
वो जिसके वास्ते सारे ताल्लुक ताक पर रखे,,
तुम्हारी राह में वो ही जमाना हो तो मत आना ,,
तवक्को पर खरे उतरे ये अब मुमकिन नहीं होगा,
हमें इस बार भी जो आजमाना हो तो मत आना

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