भारत के प्रधानमंत्री जी, ग्रह मंत्री जी हर नागरिक के लिये समान क़ानून प्राथमिकता का आपका नारा देश भर में ईमानदारी से लागू हो, लेकिन क्या आप ईमानदारी से यह सब कर पाओगे, क्या आप इंजीनियर, डॉक्टर बनने आई ए एस ओर अन्य नोकरियों के लिए , प्रतिभा अंकों के आधार पर समान नागरिकता क़ानून लागू करने का साहस दिखाएंगे, 5 नम्बर के डॉक्टर , इंजीनियर, कलेक्टर ओर 700 नम्बर के डॉक्टर, इंजीनियर , कलेक्टर का फ़र्क़ मिटा पाएंगे, 5 नम्बर वाला डॉक्टर वोह भी विशेषज्ञ डॉक्टर, इंजीनियर , कलेक्टर ओर दूसरी नोकरियों में तुरंत बन जाते हैं और 600 नम्बर लाने के बाद भी प्रतिभावान लोग रह जाते हैं, क्या इस फ़र्क़ को यूनिफॉर्म सिविल कोड में ला पाएंगे, अगर नहीं तो देश को सिर वोटों की मूर्ख सियासत के लिये बर्बादी का रास्ता मत दिखाओ, अम्बेडकर का जो संविधान है, उस पर बार बार प्रश्न मत उठाओ, उसके अधिकार, संरक्षणों को तार तार मत करो, जब तुम 10 वर्षो की लिखित व्यव्यस्था को आज तक खत्म करने की स्थिति में नहीं हो तो फिर स्थाई लिखित व्यव्यस्था को तहस नहस मत करो जनाब,यू जी सी क़ानून के नाम पर मतभेद करो और यूँ यूनिफॉर्म कोड की सियासी नोटंकी हरगिज़ नहीं चलेगी, अख़्तर

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