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26 मार्च 2026

हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश 87. डॉ.अपर्णा पांडेय, कोटा

 

हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश
87. डॉ.अपर्णा पांडेय, कोटा
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रचनाकार 30 मार्च तक व्हाट्सअप न. 9413350242 पर अपना परिचय भेजे..
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डॉ.अपर्णा पांडेय का जन्म 1970 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पिता आचार्य लाल बिहारी द्विवेदी एवं माता कृष्णा देवी द्विवेदी के परिवार में मैनपुरी, उत्तर प्रदेश में हुआ। विवाह के पश्चात 1988 में यह कोटा आ गई। हिंदी और संस्कृत से एमए और पुराणों में शुकदेव-एक समालोचनात्मक अध्ययन विषय पर पीएच. डी. की शिक्षा प्राप्त की। हिंदी, संस्कृत और बांग्ला भाषाओं पर समान अधिकार है तथा गद्य और पद्य विधाओं में संस्मरण, गीत ग़ज़ल, उपन्यास, निबंध, समीक्षाएं आदि लिखती हैं। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सम्मेलनों में कई शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। भारतीय विदेश सेवा में चयनित होकर 2013 से 2017 तक प्रतिनियुक्ति पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, नई दिल्ली द्वारा सांस्कृतिक प्रतिनिधि और हिंदी शिक्षक के रूप में ढाका में हिंदी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया। जहाँ इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र और आधुनिक भाषा इंस्टीट्यूट, ढाका विश्वविद्यालय में प्रथम हिंदी पीठ के रूप में भी कार्य किया और ढाका विश्वविद्यालय में (एकवर्षीय पाठ्यक्रम) शुरू किया। कॉलेज स्तर के पाठ्यक्रमों में पुस्तकें लगी हुई हैं।
कथेत्तर विधा में हिन्दी के प्रति प्रतिबद्ध प्रकाशित पुस्तकों में युवावस्था के प्रेम पर आधारित इनके दो उपन्यास" तड़प "और "दो मित्रों की कथा", हिंदी अनुवाद योगदर्शन, श्रीमद् भगवद गीता,हिंदी काव्यानुवाद सांख्यकारिका ,मेघदूतम , प्रिय गल्प बांग्ला कहानियों का हिंदी में अनुवाद, उन्मेश, प्रवासी मन काव्य संग्रह, सुनो काव्य संग्रह, वैचारिक पुष्प गुच्छ एवम समीक्षाएं (शोधपरक और मौलिक निबंध), संस्मरण विधा पर विदेश प्रवास और हिंदी सेवा, शोध प्रबंध पुराणों में शुकदेव कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। शिखा अग्रवाल ने इनकी पुस्तक विदेश प्रवास और हिंदी सेवा का अंग्रेजी में अनुवाद किया है।
साहित्य के क्षेत्र में बांग्लादेश में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंखला एवं डायरेक्टर जनरल (साउथ एशिया) द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, जयपुर द्वारा बांग्ला भाषा की बाल कथाओं की कृति 'प्रिय गल्प' पर" रांगेय राघव पुरस्कार' से सम्मानित किया। भारतेंदु समिति, कोटा द्वारा 'साहित्य श्री' सम्मान, राजमाता शिवरानी देवी, कोटा, स्व. सुनील दत्त राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, सुश्री शबाना आजमीराज्यसभा सांसद, श्री एस. एन. थानवी, शिक्षा सचिव, राजस्थान आदि द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान प्राप्त किया। इन प्रमुख पुरस्कारों के साथ-साथ दो दर्जन से अधिक संस्थाओं द्वारा आपको पुरस्कृत और सम्मानित किया गया है। कई संस्थाओं से जुडी हैं। सरकारी विद्यालय में अध्यापन के साथ - साथ साहित्य सृजन में सक्रिय है।
संपर्क :
सी - 44, गायत्री विहार, कोटा, राजस्थान
मो. 77348 33428
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संपादन : डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा

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