जाम लगा तो गाड़ी रास्ते में पार्क,फिर ट्रेन से जाकर लिया नेत्रदान
लीला देवी गुप्ता की मृत्यु ने दूर किया नेत्रहीनों का अंधेरा, परिवार ने किया नेत्रदान-
जब
इरादे अटल होते हैं,तो बाधाएँ रास्ता रोक नहीं सकती, शनिवार को रामगंजमंडी
में लीला देवी गुप्ता के नेत्रदान के लिए कोटा से आई हुई शाइन इंडिया
फाउंडेशन की टीम जब दरा के जाम में फस गई, तो टीम के डॉ कुलवंत गौड़ 3
किलोमीटर पैदल चलकर दरा स्टेशन पर पहुंचें ,और ट्रेन से रामगंजमंडी पहुंचकर
नेत्रदान प्राप्त किया।
संस्था के नगर संयोजक संजय विजावत ने बताया
कि,एक विवाह समारोह में भारत विकास परिषद के सदस्य जितेंद्र गुप्ता एवं
उनकी धर्म पत्नी शकुंतला गुप्ता को ओम गुप्ता की पत्नी लीला देवी के निधन
का समाचार प्राप्त हुआ वहीं पर उनके साथ भवानीमंडी के नेत्रदान प्रभारी
कमलेश गुप्ता दलाल मौजूद थे, दोनों ने जब परिवार से नेत्रदान के लिए चर्चा
की तो समाजसेवी परिवार के द्वारा तुरंत नेत्रदान की सहमति प्राप्त हो गई ।
सूचना
मिलते ही कोटा से डॉ कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ को लेकर रामगंजमंडी को रवाना हो
गए । परिवार के द्वारा पर्याप्त समय को देखते हुए दोपहर 4:00 बजे का अंतिम
संस्कार का समय निर्धारित किया हुआ था परंतु डॉ गौड़ की गाड़ी दरा के जाम
में फंस गई और समय निकलता जा रहा था, ऐसे में डॉ गौड़ 3 किलोमीटर पैदल चलकर
दरा रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से ट्रेन से समय पर रामगंजमंडी पहुंचकर
परिवार एवं उपस्थित समाज सदस्यों के सामने नेत्रदान प्रक्रिया संपादित करके
कॉर्निया प्राप्त किया तथा उसके बाद अंतिम यात्रा रवाना हुई।
नेत्रदान
प्रक्रिया में राधेश्याम गुप्ता, मोनु माहेश्वरी, प्रेमचंद गुप्ता इत्यादि
ने सहयोग किया। मोनू माहेश्वरी व संजय विजावत के अनुसार शाइन इंडिया
फाउंडेशन की लगातार कार्यशालाओं एवं जागरूकता गोष्ठियों के कारण अब
नेत्रदान विषय घर घर तक पहुंच गया है ,एवम शोक के समय परिवार से छोटे से
निवेदन पर ही नेत्रदान के लिए सहमति प्राप्त हो जाती है।
प्रेषक,
शाइन इंडिया फाउंडेशन,
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
21 फ़रवरी 2026
जाम लगा तो गाड़ी रास्ते में पार्क,फिर ट्रेन से जाकर लिया नेत्रदान
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