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13 अक्तूबर 2020

अब तो दम घुटता है ,,

अब तो दम घुटता है ,,
चीख चीख कर ,
सच कहने की बगावत का
मन करता है ,
सोचता हुं , तोड़ दूँ ज़ंजीरें
में अपनी क़ोम का हूँ
में अपने देश का हूँ,
में अपने राज्य का हूँ
इसके हक़ में , सच बोलने का
मन करता है , अख़्तर

 

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