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18 जून 2020

राष्ट्रीयता के सिद्धांतों के साथ ,, आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले सिपाही की गोद में पले ,बढे , एडवोकेट ब्रहम्मानंद शर्मा भी ,अपने स्वतंत्रता सेनानी पिता की तर्ज़ पर , राष्ट्रिय एकता ,अखंडता ,के सिद्धांतो को लेकर अडीग हैं , सजग है ,सतर्क है , आंदोलनरत है

राष्ट्रीयता के सिद्धांतों के साथ ,, आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले सिपाही की गोद में पले ,बढे , एडवोकेट ब्रहम्मानंद शर्मा भी ,अपने स्वतंत्रता सेनानी पिता की तर्ज़ पर , राष्ट्रिय एकता ,अखंडता ,के सिद्धांतो को लेकर अडीग हैं , सजग है ,सतर्क है , आंदोलनरत है ,, छात्र जीवन से ही ,बुराई के खिलाफ संघर्ष में ब्रह्ममानन्द शर्मा डॉक्टर राममनोहर लोहिया से प्रभावित रहे ,,समाजवादी सिद्धांतों पर , समाजवाद के नारे के साथ ,हर आन्दोलन में शामिल रहे ,फिर आपात काल में , संघर्ष के कारण गिरफ्तार हुए , लोकतंत्र सेनानी का दर्जा लेकर ,ब्रह्ममानंद शर्मा लोकतंत्र सेनानी के रूप में स्वीकृत सरकार में सूचीबद्ध हुए ,,, आंदोलन ,संघर्ष ,,ब्रह्ममानंद शर्मा के खून में शामिल रहा ,इसीलिए वकालत की दुनिया में भी , वकीलों के हक़ के लिए एक नेतृत्व के रूप में उन्होंने कई कामयाब ऐतिहासिक संघर्ष किये ,, गरीब , शोषित ,उत्पीड़ित , वर्ग के लोगों की मुफ्त वकालत ने इन्हे अलग पहचान दी ,, साहित्यिक संस्था , भारतेन्दु समिति सहित कई , सामजिक संस्थाओं के ब्रह्म्मानन्द शर्मा ,निर्वाचित पदाधिकारी रहे ,,  आम जनता के हर संघर्ष, हर आंदोलन  में भी इनका नेतृत्व शामिल रहा , अभिभाषक परिषद कोटा के ब्रह्म्मानन्द शर्मा एक बार सचिव ,दो बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए ,इनके कार्यकाल में कोटा अभिभाषक परिषद के सदस्यों के लिए , जिला प्रशासन , न्यायिक प्रशासन के लाख  विरोध के बावजूद भी , डंडे और आंदोलन के दम पर , अभिभाषक परिषद के सदस्यों की नेतृत्व ताक़त के बल पर , इन्होने न्यायलय परिसर में सबसे पहले चैंबर निर्माण की शुरुआत की , जबकि वकीलों से अबे तबे कर अभद्रता करने ,वाले , प्रशासनिक अधिकारीयों ,न्यायिक अधिकारीयों को  कभी नहीं भुला पाने वाला सबक़ सिखाया गया , इनके कार्यकाल में , इनके नेतृत्व में ,संघर्ष समिति के संयोजक के रूप में , कोटा अभिभाषक परिषद के इतिहास के आयने में ऐतिहासिक आन्दोलन हुए है ,, कोटा में  हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर , हुए आंदोलन के दौरान ,ब्रह्ममानन्द शर्मा , संघर्ष समिति के संयोजक ,, रमेश कुशवाह अध्यक्ष थे  तब , कोटा में उग्र , आंदोलन हुआ ,,आंदोलन का गिनीज़ रिकॉर्ड ,बना ,, कोटा अदालत परिसर तीन माह से भी अधिक समय तक ज़ीरो मोबिलिटी क्षेत्र ,यानि एक भी ,पक्षकार एक भी वकील अदालत में उपस्थित नहीं ,  परिसर में उपस्थित नहीं रहे ,,कोटा बंद सफल रहा ,, अलग अलग राजमार्गों पर चक्का जाम हुए , जेल भरो आंदोलन हुए ,, कोटा कलेक्ट्रेट परिसर में भी काम काज ठप्प रहा , कई सरकारी कार्यालयों के ताले लगाकर तालाबंदी आंदोलन हुए ,, आंदोलन की गर्माहट जयपुर तक पहुंची , दो बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  ने केबिनेट मंत्री शांति धारीवाल साहब के नेतृत्व में ,, सम्मानित तरीके से वार्ता के लिए बुलाया ,,  कोटा के वकीलों के हक़ में सकारात्मक फैसले भी लिए ,, आज कोटा में राजस्व मंडल की सर्किट बेंच ,, राज्य उपभोक्ता फोरम की सर्किट बेंच ,, कोटा के वकीलों के लिए कॉलोनी ,कमोबेश उस आन्दोलन के वक़्त , लगातार वार्ताओं के दौर , और सरकार के सकारात्मक फैसले का ही परिणाम है ,,, एक न्यायिक अधिकारी द्वारा वकील साथी के साथ अभद्रता करने पर ,उसे सिखाया गया सबक़ , आज भी इतिहास है ,जबकि जिला जज स्तर के न्यायिक अधिकारी द्वारा अभद्रता करने के खिलाफ आंदोलन के वक़्त ,  उनकी कर पर थूकना ,घेराव करना भी एक इतिहास है ,, राजस्थान हाईकोर्ट में भी ऐसे आंदोलन के बाद ,जब जज के खिलाफ तथ्य और साक्ष्य दिए गए तो अभिभाषक परिषद के नेतृत्व का मान सम्मान क़ायम रखते हुए ,अधिकारीयों की बदली की गयी ,, जॉर्ज  फर्नाडीज के रक्षामंत्री कार्यकाल में ,कोटा अभिभाषक परिषद में भव्य समारोह रहा ,कई गोष्ठियां , कई  एकेडमिक कार्यक्रम इनके कार्यकाल में ,हुए ,, कोटा अभिभाषक परिषद  का पुराना संविधान चल रहा ,था जो कहीं भी  किसी भी विधिक संस्था के यहाँ रजिस्टर्ड नहीं था ,,ऐसे में इनके कार्यकाल में ,कोटा अभिभाषक परिषद का सहकारिता समिति अधिनियम के तहत संविधान बना ,, सहकारिता क़ानून के तहत संविधान पंजीकृत हुआ , संशोधित हुआ ,, ब्रहम्माननद शर्मा ने जनता पार्टी से कोटा विधासनभा का चुनाव भी लडा  है ,,, आज भी वकीलों के साथ किसी  भी  प्रकार की अभद्रता ,अपमान ,अन्याय की शिकायत पर , ब्रहम्मानन्द शर्मा के वही तीखे तेवर है ,, वोह हर हाल में वकीलों के स्वाभिमान ,,सम्मान की रक्षा  के लिए हर तरह  के संघर्ष को तैयार रहते है ,, सादा जीवन उच्च विचार ,, शोषित , उत्पीड़ित वर्ग के लिए ,खुद अपनी जेब से कागज़ टाइप करवाकर ,  मुक़दमे लड़ने का  संघर्ष का स्वभाव , ब्रहम्मा नन्द शर्मा को कॉमरेड की पहचान देता है ,, ब्रह्ममानन्द शर्मा साम्प्रदायिक ,ताक़तों अफवाह ,बाज़ों नफरतबाज़ों के खिलाफ खुला संघर्ष करते ,है वोह समाजवाद के सिद्धांत के साथ ,, क़ौमी एकता ,साम्प्रदायिक सद्भाव का वातावरण चाहते ,है इसकी कोशिशों में वोह लगातार जुटे हुए ,है , इस  मामले में अलग अलग विचारकों , प्रबुद्ध लोगों के साथ मिलकर , ब्रह्ममानन्द शर्मा ने कई ,मोर्चे कई समितियां बनाई है ,, और इस दिशा में लगातार वोह आज भी लगे हुए है ,,इनके संयोजक कार्यकाल में वकीलों के आंदोलन को लेकर अलग से आर्थिक फंड बना जिसका बैंक एकाउंट खोला गया ,था वोह फंड आज भी बैंक में जमा है ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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