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07 अप्रैल 2020

अतुल कनक हो ,या फिर अतुल चतुर्वेदी ,अतुलनीय है

अतुल कनक हो ,या फिर अतुल चतुर्वेदी ,अतुलनीय है ,,,अभी में बात कर रहा हूँ भाई ,अतुल चतुर्वेदी की ,जो प्रिंसिपल शिक्षक के साथ ,साहित्य के चिकित्सक यानी डॉक्टर भी है ,,कोरोना संकट काल में वोह अपनी लेखनी के माध्यम से दैनिक भास्कर के एक कॉलम राइटर के रूप में शहर की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है ,वोह अपने इस कॉलम के माध्यम से रोज़मर्रा ,साहित्यिक अंदाज़ में ,,सभी जानकारियों को एक कॉलम में समां देते है ,,इस कोलम में मुझ जैसे जाहिल ठेठ गंवार को ,यक़ीनन बहुत कुछ सीखने को मिलता है , बहुत कुछ मार्गदर्शन मिलता है ,शहर की गतिविधियों की जानकारी मिलती है ,,,भविष्य की रूपरेखा ,समस्याओं का समाधान भी मिलता है ,दैनिक भास्कर ने इस संकट के मौके पर ,,भाई अतुल चतुर्वेदी जो एक लेखक ,कवि ,साहित्यकार के साथ साथ ,अल्फ़ाज़ों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी है ,,,उन्हें यह काम देकर मेरी व्यक्तिगत राय में ,,दैनिक भास्कर में जो चार चाँद लगे थे ,वोह चाँद और बढ़ा लिए है ,,,,,भाई अतुल चतुर्वेदी को मुबारकबाद ,बधाई ,,,,,
कहते है अलफ़ाज़ अच्छे हो ,,,जज़्बात अच्छे हो ,,चेहरा मुस्कुराता हो ,,,,ज़ुबान में मिठास ,,व्यवहार में विनम्रता ख़ुलूस हो ,,साहित्य की समझ ,,,,,संचालन का शऊर हो ,,सादगी हो ,,ज़िम्मेदारी हो ,,वफादारी हो ,,यारों की यारी हो, तो यह सब मिलकर सिर्फ एक शख्सियत बनती है जिसका नाम केवल अतुल चतुर्वेदी ,,होता है ,,,,,,,,,,,मेरे भाई मेरे सखा ,,विख्यात साहित्यकार और अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के चहेते अध्यापक जी डॉक्टर अतुल चतुर्वेदी को उनकी शिक्षा शैली ,,समर्पण शैक्षणिक कार्य के लिए शिक्षक दिवस पर कुछ साल पहले पांच सितम्बर को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित क्या गया ,,,पुस्तक लेखन ,सम्पादन कई सम्मान ,,पुरस्कार मिल चुके है ,, हमेशा मसुकुराते रहने वाले ,,यह स्मार्ट ब्वॉय ,,जब बोलते है तो इनके अल्फ़ाज़ों में प्यार की महक होती है ,,एक सोच एक फलसफा एक मनोविज्ञान,,राष्ट्रभक्ति का भाव होता है ,, इनके मुस्कुराते चेहरे ,,मीठी जुबां और खूबसूरत होंठो से अलफ़ाज़ मानो फूल बनकर झड़ते हो ,,,,,इनकी रचनाये विश्व विख्यात है ,,,जब यह किसी कार्यक्रम या कवि सम्मेलन का संचालन करते है तो बस श्रोता इन्हे मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहते है और यह जिसे जिस अंदाज़ में सुनाने के लिए खड़ा करते है उसे भी सुनकर श्रोता तालिया बजाते नज़र आते है ,,,सफल संचालन की यह कला डॉक्टर अतुल खूब जानते है ,,चतुर्वेदी है तो ज़ाहिर है चारों वेदों के तो ज्ञाता है ही सही ,,,,डॉक्टर है तो यह भी स्वीकार्य है के साहित्य के सृजन करता के साथ साथ यह साहित्य के सर्जन भी है ,,साहित्य के ऑपरेशन से इन्होेंने कई नए साहित्यकारों की रचनाओं का ऑपरेशन कर उनका रदीफ़ क़ाफ़िया ,,रिधम ठीक किया है ,,,साहित्य के शिक्षक बने भाई अतुल जब अपने स्कूल में निर्धारित वक़्त के पहले पहुंचते है तो स्कूल के बच्चे घडी मिला लेते है ,,वोह इन्तिज़ार करते है के यह हंसमुख चेहरा हमारे बीच शिक्षक बन कर आये ,,हमे हंसाएं ,,हमे खेल खेल में पढ़ाये और हर सबक ऐसा पढ़ाये जिसे हम एक बाद पढ़ ले तो फिर जीवन भर भूल ना पाये ,,,तो दोस्तों डॉक्टर अतुल चतुर्वेदी के बारे क्या लिखूं ,,इनकी शख्सियत ,,इनकी खूबियों का बखान करना सूरज को दिया दिखाने के समान है इनकी तारीफ़ में लिखते लिखते अलफ़ाज़ कम पढ़ जाएंगे ,,बस में तो इनता ही कहूँगा के ईश्वर ऐसा समर्पित अध्यापक ,,टीचर ,,हर स्कूल को दे ,ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चों के जीवन में कामयाबी की नयी रौशनी का संचार हो सके ,,भाई अतुल चतुर्वेदी यूँ तो हज़ारो हज़ार बार साहित्यिक और समाजसेवी मंचों से सम्मानित हो चुके है ,,लोगों के दिलों में उनके लिए सम्मान है ,,लेकिन यह सम्मान भी उनके लिए उनके समर्पण ,,सेवाभाव शैक्षणिक कार्य का पुरस्कार है ,,,, डॉक्टर अतुल को इस सम्मान के लिए अग्रिम बधाई मुबारकबाद ,,एडवोकेट ,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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