हमें चाहने वाले मित्र

27 मार्च 2020

तू नाराज तो है

तू नाराज तो है अपने इंसान से भगवान
नहीं तो मंदिरों के दरवाजे बंद नहीं करता,
सजा दे रहा है कुदरत से खिलवाड़ की
नहीं तो गुरुद्वारों से लंगर कभी ना उठता
आज उन बारिश की बूंदों से संदेश मिला
रोता तो तू भी है जब इंसान आंसू बहाता है
माफ कर दे अपने बच्चों के हर गुनाह
सब कहते हैं तेरी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...