हमें चाहने वाले मित्र

08 अक्तूबर 2019

यह उस गांधी का देश

यह उस गांधी का देश , जिस गांधी ने उनकी लाठी लँगोटी की ड्रेस बदल कर मिलने के लिए जब एक लाठ साहब के भी लाठ साहब ने कहा , तो गांधी ने कहा जो वस्त्र , मेरे हर रोज़ की दिनचर्या है उन्हें में तुमसे मिलने के लिए नही बदलूंगा , मुझ से मिलना है तो , मेरे वस्त्रों के साथ ही मिलना होगा , लाठ साहब के लाठ साहब मजबूर हो गए और उन्हें गांधी से लाठी लँगोटी में ही मिलना पढ़ा , लेकिन आज हमारे कोटा में , लिखित में , आदेशित वस्त्र ही पहन कर आने का आदेश वुलाम भारत के उस अंग्रेज़ की बेवक़ूफ़ी की याद दिलाता है , फिर भी यहां कोई गांधी नही बनना चाहता इनकार कर अपने नियमित वस्त्रों के साथ ही मौजूद रहने के लिए ,, अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...