हमें चाहने वाले मित्र

22 मई 2017

भाजपा की केन्द्रिय अनुशासन समिति ,,निष्क्रिय

भाजपा की केन्द्रिय अनुशासन समिति ,,निष्क्रिय हो गयी है ,,,,भाजपा के संविधान के मूल भाव ,,वोह मूल भाव जिससे भाजपा की सदस्य्ता की शुरुआत होती ,,है जो ,,भाजपा के सदस्य के लिए ,,आवश्यक अंग है ,उसके उल्न्न्घन ,,उलंघन नहीं डंके की चोट पर उसका विरोध करने वाले ,,भाजपा में महत्वपूर्ण पदों पर है ,,उन्हें हटाया नहीं गया है ,,, भाजपा विधान के ,,अनुच्छेद IV: निष्ठायें हूबहू ,,
पार्टी राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र, 'सर्व धर्म समभाव' और मूल्य आधारित राजनीति है कि, सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता, 'एक शोषण से मुक्त समतावादी समाज की स्थापना के लिए अग्रणी सामाजिक - आर्थिक मुद्दों के लिए गांधीवादी दृष्टिकोण' के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। पार्टी के आर्थिक और राजनीतिक सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिए खड़ा हैा,ा,अंकित है ,,यही गांधी वादी दृष्टिकोण ,,महत्वपूर्ण है ,लेकिन गाँधी को सरे आम गालियां बकने ,,गाँधी को सोशल मिडिया पर अपमानित करने वाले ,,,गांधी के हत्यारे समर्थक ,,रोज़ इस तरह के अपराध करने के बाद भी भाजपा के महत्वपूर्ण पदों पर है ,इसका मतलब साफ़ है ,भाजपा की अनुशासन समिति इन मुद्दों पर जो ,,भाजपा के विधान का आवश्यक तत्त्व है ,,इसे तोड़कर बगावत करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है ,,और गाँधी विरोधी भाजपा में हावी होकर ,,भाजपा के गाँधीवादी विधान का मखौल उढ़ा रहे है ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...