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18 फ़रवरी 2016

मेरे देश के सो कोल्ड राष्ट्र भक्तो ,,तुम्हारी राष्ट्रभक्ति भी अजीब है ,,

मेरे देश के सो कोल्ड राष्ट्र भक्तो ,,तुम्हारी राष्ट्रभक्ति भी अजीब है ,,तुम्हारी राष्ट्रभक्ति देश के संविधान ,,पुराने इतिहास में खूब ढूंढता हूँ ,,मिलती ही नहीं ,,सोचता हूँ ,,देखता हूँ ,,,आज़ादी की लड़ाई से तुम भागते फिरते हो ,,खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,हेडली की तरह आज़ादी के सिपाहियों के खिलाफ सरकारी गवाह बनकर आज़ादी के सिपाहियों को सज़ा दिलवाकर खुद माफ़ी नामा लिख कर छूट जाते हो ,,राष्ट्र भक्त हो ,,,राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को निहत्था पाकर तीन गोलिया मारते हो ,,राष्ट्रभक्त कहलाते हो ,,गांधी के इस हत्यारे का महिमा मंडन करते हो ,,महिमामंडन करते हो ,,मंदिर बनवाते हो ,,राष्ट्रभक्त कहलाते हो ,,,मंदिर के नाम पर वोट लेते हो सरकार बनाते हो ,,अरबों रूपये का चंदा करते हो ,,,हिसाब नहीं बताते ,,सत्ता में आने के बाद मंदिर नहीं बनाते ,,खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,बेबस गर्भवती महिलाओं का पेट फाड़कर बच्चा निकालकर मार देते हो ,,खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,सरकार में बैठकर ,,आतंकवादी अज़हर मसूद सहित कुछ आतंकवादियों को जेल से छुड़वाते हो ,,उन्हें कंधार ले जाकर छोड़ आते हो खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,कश्मीर में जो लोग अफज़ल गुरु के समर्थक है ,,जिसकी बेटी की वजह से आतंकवादी छोड़े जाते है ,,,जो कश्मीर में अलगाववादियों के समर्थक कहलाते है ,,उनके साथ मिलकर सरकार बनाते हो और राष्ट्रभक्त कहलाते हो ,,,तुम भी अजीब हो इंद्रा के हत्यारों को बचाने वालों को पार्टियों में ओहदे देते हो ,,राजीव के हत्यारों को माफ़ी देने की बात करते हो ,,खुद को राष्ट्रभक्त कहलवाते हो ,,,,,एक सर की जगह दस सर लाने की बात करते हो और सत्ता में आने के बाद जिस कार्यक्रम में दाऊद देश का दुश्मन होता है वहां खाना खाने जाते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहलवाते हो ,,,विदेशो में जाकर तिरंगे और राष्ट्रगान का सम्मान नहीं कर पाते और खुद को राष्ट्रभक्त कहलवाते हो ,,,पन्द्राह अगस्त ,,छबीस जनवरी को अपने अपने कार्यालयों में ,,राष्ट्रभक्त कार्यालयों में तिरंगा नहीं फहराते ,,राष्ट्रगान नहीं गाते और राष्ट्रभक्त कहलाते हो ,,,नौकरियों का झांसा देते हो ,,,पन्द्राह लाख रूपये हर व्यक्ति के बेक के खाते में जमा कराने की बात कहते हो ,,,खुद का छप्पन इंच का सीना बताकर गंगा की सफाई की बात करते हो ,,न गंगा साफ़ होती है ,,न पन्द्राह लाख आते है ,,ना नौकरियां मिलती है और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,एक औरत से सार्वजनिक रूप से चार चार बच्चे पैदा करने का आह्वान कर भारत की जनसंख्या नियंत्रण राष्ट्रनीति का मखोल उड़ाते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,दलित अधिकारीयों का हक़ मार कर दूसरे अधिकारीयों की सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका कार्यकाल बढ़ाते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,खुद तो खुसूसी जमात के लोगों को अपने दामाद बनाते हो और दुसरो के खिलाफ लव जिहाद का नारा देकर भड़काते हो फिर खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,,जो चापलूस होता है ,,चमचा होता है उसे पद्मश्री देकर पुरस्कृत राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,हिंदी भाषा पुरे राष्ट्रः में लाना चाहते हो फिर भी हिंदी भाषा का कई जगह विरोध करते है ,,पुरे भारत के लोग अलग अलग राज्यों में जाकर रोज़गार नहीं कर सके ऐसा वातावरण का समर्थन करते हो और खुद राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,राष्ट्रगान को जॉर्ज पंचम का स्तुति गान कहकर उसकी आलोचना करते हो और राष्ट्रभक्त कहलाते हो ,,,एक निहत्थे को घेर कर बेवजह क़त्ल कर देते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहलवाते हो ,,दिल्ली को गुलाम बनाकर रखते हो ,,राजधानी दिल्ली को एक नगरपालिका से भी कम अधिकार होने पर उसे आज़ाद नहीं करते और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,,तिरंगे को बदलकर दुरंगे के नीचे दुरंगी बाते करते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,ट्विटर ,,सोशल मिडीया पर अफवाहे फैलाते हो ,,और खुद को राष्ट्र्भक्त कहते हो ,,,,लेखकों को ज़िंदा जलाते हो ,,उन्हें प्रताड़ित करते हो ,,अपमानित करते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,आपात काल में अगर कोई संघर्ष किया तो उसका मुआवज़ा मांगते हो और खुद को राष्ट्रभक्त कहते हो ,,,दोस्तों विचार बदलो ,,खुद को बदलो ,,छद्म राष्ट्रभक्ति से बाहर निकलो ,,संवेधानिक राष्ट्रभक्ति की तरफ खुद आकर्षित करो ,,,इस देश की सुख शान्ति बचाओ ,,,एकजुटता लाओ ,,यहां रोज़गार के अवसर बढ़ाओ ,,मंदिर मस्जिद के झगड़े मिटाओ ,,रोटॉ हुए लोगों को हँसाओ ,,भूखो को रोटी खिलाओ ,,नंगो को कपड़े पहनाओ ,,उद्योगपतियों की रियायतें खत्म करवाकर गरीबों को दिलवाओ ,,,चुनाव में सही व्यक्ति निर्वाचन करो ,,धर्म मज़हब से बढ़ा देश समझो ,,,ऐसा माहोल बनाओ ,,जो भी अभी अटूट बहुमत के साथ सत्ता में है ,,उसकी मदद करके जो चुनावी वायदे करके वोह सत्ता में आये है उन चुनावी मुद्दो को पूरा करवाने के लिए उनकी मदद करो ,,उन्हें समझाओ ,,,एक प्रधानमंत्री को ,,एक देश को ,,एक देश के लोगों को फ़ालतू बातो में दिमाग लगवाकर उन्हें मत भटकाओ ,,,राष्ट्रवाद की परिभाषा जो संविधान में लिखी है उसे ही रहने दो ,,दूसरी मत बताओ ,,आओ देश की मुख्यधारा में खुद भी जुड़ जाओ ,,दुसरो को भी इस धारा में जोड़ने के लिए माहोल बनाओ ,,,,,हमारा देश विकसित हो ,,सुरक्षित हो ,,खुशहाल हो ,,एकजुट हो ,,अटूट हो ,,अखंड हो ,,,दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देने वाला हो ,,,यहां भाईचारा हो ,,सद्भावना हो ,,,खुशियां हो ,,किलकारियां हो ,,खुशनुमा पारिवारिक माहोल हो ,,आओ गले लग जाओ ,,गले लगाओ ,,मिलजुलकर एक नया भारत ,,एक नया हिन्दुस्तान ,,मेरा भारत महान बनाओ ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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