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10 दिसंबर 2015

हिट एंड रन में सलमान मुक्ति रतन धन पायो: 13 साल में मिली थी सजा, 7 महीने में बरी

गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में एक्टर सलमान खान।
गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में एक्टर सलमान खान।
मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिट एंड रन केस में सलमान खान को गुरुवार को बरी कर दिया। सेशंस कोर्ट ने केस के 13 साल बाद बीते मई में उन्हें दोषी माना था। 5 साल की सजा भी सुनाई थी। लेकिन वे 7 महीने में ही बरी हो गए। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन कोई भी आरोप साबित नहीं कर पाया। बता दें कि 2002 में मुंबई में सलमान की तेज रफ्तार कार फुटपाथ पर चढ़ गई थी। इसमें एक शख्स की मौत हुई थी।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
- हाईकोर्ट का सवाल: जस्टिस ए.आर. जोशी ने गुरुवार को फैसला लिखे जाने की कार्यवाही शुरू की। उन्होंने पूछा कि क्या सलमान कोर्ट में मौजूद हैं?
- पेशी से छूट की मांग: सलमान के वकील अमित देसाई ने इसमें रियायत देने की मांग की।

- वकीलों की दलील: प्रॉसिक्यूशन के वकीलों ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला कुछ भी आए, बेल बाॅन्ड भरने की प्रॉसेस पूरी करने के लिए सलमान का यहां रहना जरूरी होगा।

- करजत में थे सलमान: इस पर एक्टर के वकीलों ने कहा कि सलमान मुंबई से दो घंटे की दूरी पर करजत में हैं। अगर कोर्ट चाहे तो वे यहां मौजूद रहेंगे। लेकिन कोर्ट में सलमान को सिक्युरिटी भी दी जाए।

- परिवार पहुंचा हाईकोर्ट: इस बीच, सलमान की बहन अलवीरा, अर्पिता और पिता सलीम खान हाईकोर्ट पहुंचे।

- सलमान की एंट्री: दोपहर 1.24 बजे सलमान हाईकोर्ट पहुंचे। वे कोर्टरूम 43 की तरफ रवाना हुए।

- ...और फैसला: दोपहर 1.36 बजे हाईकोर्ट के जस्टिस ए.आर. जोशी ने सलमान को बरी किया।

- इमोशनल हुए सलमान: फैसला आते ही दोस्तों, उनकी बहन अलवीरा और बाकी लोगों ने सलमान के कंधे पर हाथ रखा। अलवीरा इमोशनल हुईं। सलमान भी रो दिए। बॉडीगार्ड शेरा ने इशारे से उन्हें दीवार की तरफ चेहरा कर लेने को कहा ताकि लोग उन्हें रोते हुए न देख सकें।
- गाना गुनगुनाते नजर आए: न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बरी किए जाने के बाद जब हाईकोर्ट की कार्यवाही खत्म हो रही थी, तब अलवीरा ने सलमान को देख ‘थम्ब्स अप’ किया। सलमान गाना गुनगुनाते नजर आए।
हाईकोर्ट की 10 बड़ी टिप्पणियां
1. प्रॉसिक्यूशन सलमान के खिलाफ सारे आरोप साबित नहीं कर सका। दोष इस तरह साबित होना चाहिए कि इस पर कोई शक न हो। जनता की भावना और मीडिया के बनाए माहौल में बहकर कोर्ट फैसला नहीं देता।

2. प्रॉसिक्यूशन ने कुछ अहम गवाहों के बयानात दर्ज नहीं किए। घायल गवाहों से जुड़े सबूतों में भी विरोधाभास है। इससे सलमान के इस केस में शामिल होने पर संदेह पैदा होता है।

3. इस मामले में जांच बहुत गलत तरीके से हुई। ऐसी खामियां छोड़ दी गईं, जिनसे कई बातें आरोपियों के फेवर में चली गईं।

4. इस कोर्ट की यह ड्यूटी है कि वह देखे कि अपराध संदेह से परे जाकर साबित होता हो।

5. निचली अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते वक्त सबूतों का ठीक तरह से ध्यान नहीं रखा।

6. सुनवाई न्याय दिलाने के तय सिद्धांतों पर नहीं थी।

7. यह ऐसा केस नहीं है जिसमें प्रॉसिक्यूशन ने पूरी कामयाबी के साथ सारे आरोप साबित कर दिए हों।

8. सारे सबूत परिस्थितिजन्य थे, यानी उस वक्त के हालात से जुड़े थे।

9. शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में भी प्रॉसिक्यूशन कोई मजबूत सबूत नहीं पेश कर पाया।

10. लोअर कोर्ट ने रेन बार एंड रेस्टोरेंट के बिल को सबूत के तौर पर मंजूर करने के मामले में भी गलती की। उसका पंचनामा नहीं किया गया।
जिन सबूतों ने सजा दिलाई, उन्हीं से बरी हुए
सबूत नंबर 1 : सेशंस कोर्ट ने सलमान के बॉडीगार्ड और चश्मदीद रवींद्र पाटिल की गवाही को अहम माना।
लेकिन हाईकोर्ट ने कहा- वो बार-बार बयान बदलता रहा है। उसकी गवाही को तवज्जो नहीं दे सकते।
सबूत नंबर 2 : सेशंस कोर्ट ने माना था कि पीड़ित नुरुल्लाह की मौत कार के नीचे कुचलने से ही हुई थी।
लेकिन हाईकोर्ट का मानना है कि पीएम रिपोर्ट से साबित नहीं होता है कि पीड़ित की मौत कुचलने से हुई।
सबूत नंबर 3 : सेशंस कोर्ट ने होटल के बिल और स्टाफ की गवाही से माना था कि सलमान शराब पी रहे थे।
लेकिन हाईकोर्ट ने कहा-‘ट्रायल कोर्ट ने बिलों को स्वीकार करने में गलती की। जो बिल पेश किया गया, उसका पंचनामा नहीं कराया गया। लग रहा है कि बिल फर्जी है।
सबूत नंबर 4 : सेशंस कोर्ट ने माना कि कार की स्पीड तेज थी। इससे टायर फटा और वह फुटपाथ पर चढ़ गई थी।
लेकिन हाईकोर्ट ने कहा-जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि कार सही हालत में थी।
सबूत नंबर 5 : सेशंस कोर्ट ने ब्लड रिपोर्ट से माना कि सलमान घटना के वक्त ज्यादा शराब पीए हुए थे।
लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूरी रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े किए और कहा कि ब्लड सैंपल पर नाम साफ तरीके से नहीं लिखे हुए थे। सैंपल की जांच भी देर से कराई गई थी।
आगे क्या?
- सलमान को हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के पास एक बॉन्ड भरना होगा, क्योंकि अब तक वे इस केस में जमानत पर थे।
- हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन स्पेशल लीव पिटीशन दायर कर सकता है। इसमें हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी बाकी रहे सवालों का मुद्दा उठ सकता है।
- प्रॉसिक्यूशन सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकता है।
- महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले पर ठीक तरह से गौर करने के बाद ही सरकार इस बारे में आगे कोई कदम उठाएगी।
- अभी सलमान के खिलाफ राजस्थान में हिरण शिकार और आर्म्स एक्ट का केस चल रहा है।
- बॉलीवुड में 200 करोड़ रुपए का बिजनेस अभी सलमान पर टिका है।
UPDATES...
- बॉलीवुड स्टार दीया मिर्जा, संगीता बिजलानी सलमान के गैलेक्सी अपार्टमेंट स्थित घर पहुंचे।
- बताया जा रहा है कि सलमान भीड़ से बचने के लिए पिछले दरवाजे से घर में दाखिल हुए।
- हाईकोर्ट से बरी होने के बाद गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सलमान खान अपने घर पहुंच गए।
- सलमान के घर के बाहर बड़ी तादाद में उनके फैंस इकट्ठा हैं।
- फैसला आने के बाद सलमान ने ट्वीट किया, 'कोर्ट के फैसले का मैं सम्मान करता हूं। दुआओं के लिए लोगों का शुक्रिया। फैमिली और फैंस का भी शुक्रिया, जो मुश्किल वक्त में हमेशा मेरे साथ रहे।'
किसने क्या बयान दिया?
- पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले जफर सरेशवाला ने कहा- हाईकोर्ट ने जब बेल दी थी, तभी मैंने ये बात कही थी कि सलमान को फंसाया गया। बाद में उस पर आरोप लगाए गए थे।
- एक्सीडेंट में अरेस्ट किया था और फिर छोड़ दिया गया था। 15 दिन बाद उसके खिलाफ आरोप लगाए गए। उसे फंसाया गया था, क्योंकि उससे पहले हिंदुस्तान में धारा 304/1 कभी भी नहीं लगी थी।
- बता दें कि मई में जिस दिन सलमान को सेशन्स कोर्ट ने फैसला सुनाया था, उस दिन जफरवाला भी एक्टर से मिलने पहुंचे थे।
- वकील आभा सिंह ने कहा- 13 साल बाद हाईकोर्ट मान लेता है कि गाड़ी सलमान नहीं, ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था। यह सवालिया निशान है।
- रवींद्र पाटिल का बयान खारिज क्यों कर दिया गया? उनकी मौत हो गई तो क्या अब डाइंग डिक्लेरेशन खारिज कर दिया जाएगा। मैं चाहूंगी कि महाराष्ट्र सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाए।
EXPERT VIEW : क्यों बरी हुए सलमान?
- इस केस में प्रॉसिक्यूशन परिस्थितिजन्य सबूतों (circumstantial evidence) की कड़ियां नहीं जोड़ पाया। सिर्फ अखबारों की कतरनों का सहारा लिया गया।
- प्रॉसिक्यूशन का गवाह सच बोल रहा है या नहीं, इसकी भी जांच करनी होती है। इस मामले में भी खामी रही।
- सलमान ने शराब पी थी, इसके भी सबूत नहीं मिले। मेडिकल टेस्ट काफी बाद में हुआ।
- सुपरस्टार के रसूख के आगे प्रॉसिक्यूशन कमजोर पड़ गया।
(सुप्रीम कोर्ट के वकील यतेंद्र शर्मा और एपी सिंह के मुताबिक)
क्या है मामला?
- 28 सितंबर, 2002 की आधी रात पार्टी कर घर लौट रहे सलमान खान की लैंड क्रूजर हिल रोड पर अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में घुस गई थी।
- सलमान ने सुबह सरेंडर किया था। पुलिस स्टेशन से ही उनकी जमानत हो गई।
- अक्टूबर 2002 में सलमान पर आईपीसी की धारा 302-II (गैर इरादतन हत्या) लगाई गई।
- घटना में नुरुल्ला शरीफ की मौत हो गई थी। अब्दुल शेख, मुस्लिम शेख, मुन्नू खान और मुहम्‍मद कलीम घायल हो गए थे। ये सब बेकरी के बाहर फुटपाथ पर सो रहे थे।
- अब्‍दुल शेख के परिवार ने कहा था कि उन्‍हें कोर्ट के फैसले से कोई मतलब नहीं है। उन्‍हें तो बस 10 लाख रुपए का मुआवजा मिल जाए।
- इस केस में बॉम्बे की सेशन्स कोर्ट ने सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलमान की सजा पर रोक लगा दी।

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