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26 नवंबर 2015

संसद सत्र: पहले दिन साथ दिखे मुलायम-आदित्यनाथ, मोदी ने अपोजिशन से मिलाया हाथ

गुरुवार को पार्लियामेंट के विंटर सेशन के पहले दिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और बीेजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ।
गुरुवार को पार्लियामेंट के विंटर सेशन के पहले दिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और बीेजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ।
नई दिल्ली. पार्लियामेंट का विंटर सेशन गुरुवार से शुरू हो गया। पहले दिन हर पार्टी के लीडर्स की बॉडी लैंग्वेज अलग नजर आई। इन्टॉलरेंस या जीएसटी जैसे मुद्दों के बावजूद तल्खी नहीं दिखी। संसद के बाहर समाजवादी पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव और बीजेपी के फायरब्रांड लीडर योगी आदित्यनाथ का जब एकदूसरे से आमना-सामना हुआ तो दोनों खुलकर मिले। वहीं, संसद के अंदर लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी कार्यवाही शुरू होने से पहले खुद अपोजिशन बेंचेस की तरफ गए। उन्होंने विपक्षी नेताओं से हाथ मिलाया। जानिए, पहले दिन नेताओं के बीच कैसी दिखी केमिस्ट्री।
पहले जानिए कैसा था संसद के बाहर का नजारा?
1. मुलायम और आदित्यनाथ
- लोकसभा में संविधान पर चर्चा के एक हिस्से के बाद मुलायम सिंह संसद भवन के मुख्य द्वार से बाहर आ रहे थे।
- वहीं, उनकी योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई। दोनों ठहाका लगाते दिखे। आदित्यनाथ ने मीडिया की तरफ इशारा कर कुछ बोला भी।
- बाद में मुलायम अपनी कार की तरफ जाने लगे तो आदित्यनाथ उनके करीब आए। दोनों ने एक-दूसरे के कान में कुछ कहा।
- बता दें कि यूपी में ये दोनों नेता एक-दूसरे के विरोधी हैं। इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर दोनों के बीच खूब बयानबाजी हुई है।
2. राज्यसभा के साथी जावडेकर, यादव, तिवारी और मिस्त्री
- गुरुवार सुबह संसद भवन में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, जेडीयू प्रेसिडेंट शरद यादव, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और मधुसूदन मिस्त्री एक वक्त पर एंट्री ले रहे थे।
- चारों किसी बात पर मुस्कुराते दिखे। ये चारों नेता राज्यसभा सदस्य हैं।
- मिस्त्री वडोदरा में नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
3. मोदी और नायडू
- सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संविधान दिवस पर संदेश देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पार्लियामेंट परिसर में मीडिया को संबोधित करने आ रहे थे।
- लेकिन इससे पहले वे संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू के साथ कुछ चर्चा करते दिखे।
4. स्मृति, मायावती, ओवैसी और किरण
- एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी से मीडिया ने कुछ सवाल पूछने चाहे, लेकिन वे मुस्कुराते हुए संसद भवन के अंदर चली गईं।
- चंडीगढ़ से बीजेपी सांसद किरण खेर और केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी अपने ही अंदाज में दिखीं।
- स्पीकर सुमित्रा महाजन अभिवादन करती नजर आईं।
- एआईएमआईएम चीफ असदउद्दीन ओवैसी, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, विवादों में रहने वाले बीजेपी सांसद साक्षी महाराज और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी नजर आईं।
संसद के अंदर कैसा रहा नजारा?
- राज्यसभा में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगति कर दी गई।
- लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने से कुछ मिनट पहले पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे।
- मोदी ने एनडीए और मंत्रिमंडल के अपने साथियों से हाथ मिलाया।
- इसके बाद वे अपोजिशन बेंचेस की तरफ गए। वहां उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे, टीएमसी लीडर सुदीप बंदोपाध्याय, अन्नाद्रमुक नेता एम थंबीदुराई, आरजेडी नेता जेपी नारायण यादव से हाथ मिलाया।
- मोदी जब अपोजिशन के नेताओं से मिल रहे थे, उस वक्त सदन के अंदर कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी और वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी मौजूद नहीं थे।
- इसके बाद मोदी सत्तापक्ष की तरफ लौटे। उन्होंने बीजेपी मार्गदर्शक मंडल में शामिल लालकृष्ण आडवाणी का अभिवादन किया।
- मोदी के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने भी अपोजिशन लीडर्स से मुलाकात की।
संसद में गुरुवार दिनभर क्या हुआ?
पार्लियामेंट के विंटर सेशन के पहले दिन लोकसभा में संविधान पर चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के संविधान की रचना करने वाले डॉ. भीमराव अांबेडकर को बहुत अपमान का सामना करना पड़ा। आहत मन होने के बाद भी अपनी भावनाओं को नियंत्रित करते हुए उन्होंने कभी नहीं सोचा कि भारत छोड़कर दूसरे देश चला जाऊं। उनकी इस टिप्पणी को एक्टर आमिर खान के हालिया बयान से जोड़कर देखा गया। 
सोनिया बोलीं- संविधान में जिनकी अास्था नहीं, वे इसका नाम जप रहे हैं
कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान किसी का नाम लिए बिना मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "जिन लोगों की संविधान में किसी तरह की आस्था नहीं रही है, न इसके निर्माण में जिनकी कोई भूमिका रही है, वे आज इसका नाम जप रहे हैं। वे आज इसके अगुआ बनना चाहते हैं। वे आज संविधान के प्रति वचनबद्धता पर बहस कर रहे हैं।’ 

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