हमें चाहने वाले मित्र

21 अक्तूबर 2015

अवार्ड वापस करने की मुहिम को,,,,,,,,,

अवार्ड वापस करने की मुहिम को कितनी आसानी से हिन्दू मुस्लिम ख़ेमे में बॉंट दिया गया !!
नहीं ये लड़ाई सिर्फ किसी अख़लाक़ या सिर्फ दादरी तक सीमित नहीं है.....!!
ये जंग तो
क़लमकारों का सर क़लम करने की कोशिशों के ख़िलाफ़ है !!
और हॉं मुसलमानों........!!
आप भी इस मुग़ालते में मत रहिये की आपकी लडाई सिर्फ मुसलमान लड रहे हैं.......?
सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर रात के ढाई बजे जो लोग इंसाफ़ बचाने की आख़िरी उम्मीद में खडे थे, उसमें से एक भी मुसलमान नहीं था !!
गुजरात की लडाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जानी 'तीस्ता सीतलवाड' भी मुसलमान नहीं हैं !
'स्व. हेमन्त करकरे' साहब भी मुसलमान नहीं थे !
13 दिसम्बर का सच और कश्मीर का दर्द दुनिया के कैनवास पर रखने वाली 'अरुंधती रॉय' भी मुसलमान नहीं हैं !
सच के लिये गुजरात की क़ातिल हुक़ूमत की नौकरी को ठोकर मारने वाले 'संजीव भट्ट' भी मुसलमान नहीं हैं !
अवार्ड वापस करने वाले 42 साहित्यकारों में 38 से ज़्यादा साहित्यकार हिन्दू और सिख भाई हैं !!
आपकी जंग लडने वाले इन चेहरों को पहचानिये !!
मुहब्बत ज़िन्दाबाद....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...