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21 अक्तूबर 2015

पाकीज़गी आधा ईमान ,,इस्लाम का सिद्धांत ,,,महात्मा गांधी की प्रमुख विचारधारा ,,देश को स्वच्छ करने का अभियान

पाकीज़गी आधा ईमान ,,इस्लाम का सिद्धांत ,,,महात्मा गांधी की प्रमुख विचारधारा ,,देश को स्वच्छ करने का अभियान ,,,खुद अपनी सफाई करो ,,देश में साफ़ सफाई की प्रेरणा पैदा करो ,,देश को खुले में शौच से मुक्त करो ,,,सफाई होगी तो महामारी सहित कई बीमारियो से मुक्ति मिलेगी ,,इसी प्रेरणा को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संदेश के साथ ,,,हिंदी पाक्षिक टू डे आई ,,,का सफल प्रकाशन इस संदेश को देने में कामयाब हुआ है ,,,दो अक्टूबर गांधी जयंती पर प्रासंगिक इस प्रकाशन का विमोचन ,,राजस्थान पुलिस में गांधीवादी विचारक ,,,ईमानदार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल ने किया ,,,,,,,,,देश के युवाओ को समर्पित ,,हिंदी पाक्षिक टू डे आई ,,का सफल प्रकाशन प्रधानसम्पादक डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल की देखरेख में विशेष राष्ट्रिय प्रेरणा को लेकर किया गया ,,इस प्रकाशन का सम्पादन अख्तर खान अकेला ने किया जबकि प्रबंधन कार्य वरिष्ठ पत्रकार के डी अब्बासी ने किया ,,,,,,,डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल अपने आमुख में लिखते है के स्वछता ही महात्मागांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है ,,,,,,,उप संपादक श्रीमती शिखा अग्रवाल ,, एडवोकेट महेश वर्मा ,पत्रकार शाकिर खान का इस प्रकाशन में महत्वपूर्ण सहयोग है ,,पुस्तक में स्वच्छता को लेकर शोधपूर्ण लेख प्रकाशित है ,,,,,, इस प्रकाशन का ,,,,प्रमुख नारा ,,पानी ,पेड़ ,,और शुद्ध हवा ,,,जीवन की अनमोल दवा ,,,है ,, डी ऍन प्रसाद का लेखक स्वछता और समाजशास्त्र ,राधेलाल बैरवा का लेख खुले में शौच से मुक्त तीसरा प्रदेश होगा राजस्थान ,,सात आदिवासी गांव हुए खुले में शौच से मुक्त ,,,,स्वच्छता और शाकाहार ,,,,सुदर्शन अय्यंगर का लेख गांधीजी और स्वछता ,,,सुभाष शर्मा का लेख गंगा स्वछता ,,आस्था ,,आजीविका ,, पारिस्थितिकी सवाल संबंधित है ,,,, प्रदूषण रोकने के बहुआयामी उपाय है ,, ,,खुले में शौच से मुक्त गर्वीला गाँव पावड़िया का लेख दूसरे ग्रामीणो को स्वच्छता की प्रेरणा देता है ,,,उत्तरप्रदेश मुरादाबाद द्वारा रचित कविता ,, गंगा कुछ् कहती है का प्रकाशन है जो एक दिशा स्वछता की तरफ दिखाता है तो लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरणा देता है ,,यह प्रकाशन गंगा शुद्धिकरण और महात्मा गांधी का स्वच्छता पर पैगाम विषय पर एक शोध पत्र के रूप में भी लिखा गया है ,जिसमे गांधी विचारधारा पर रिसर्च करने वाले लेखको के लेख प्रकाशित किये गए है ,,,,,,डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल की यह प्रस्तुति सराहनीय है ,,शोधपूर्ण ,प्रेरणा दायक है ,,,प्रकाशन का विमोचन भी पुलिस महकमे के आदर्श ईमानदार पुलिस अधिकारी कोटा रेंज के महानिरीक्षक विशाल बंसल ने किया ,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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