मुंबई. मशहूर म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान और ईरानी फिल्म मेकर
माजिद मजीदी के खिलाफ मुंबई के एक सुन्नी ग्रुप ने फतवा जारी किया है। रजा
एकेडमी नाम के इस ग्रुप के फतवे में माजिद मजीदी की फिल्म 'मोहम्मद : द
मैसेंजर ऑफ गॉड' के जरिए मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का
आरोप लगाया गया है।
क्या लिखा है फतवे में?
फतवे में कहा गया है कि मोहम्मद साहब की तस्वीर बनाई या रखी नहीं जा
सकती है। ईरानी फिल्म ‘मोहम्मद...’ इस्लाम का मजाक उड़ाती है। इसमें
प्रोफेशनल एक्टर्स ने रोल किए हैं, जिनमें कुछ गैर मुस्लिम भी हैं। जो
मुस्लिम फिल्म में काम कर रहे हैं, खासकर मजीदी और रहमान, वे नापाक हो गए
हैं और उन्हें फिर से कलमा पढ़ने की जरूरत है।
किसने और कैसे बनाई फिल्म?
>'मोहम्मद- मैसेंजर ऑफ गॉड' 27 अगस्त को रिलीज हो चुकी है। फिल्म के डायरेक्टर ऑस्कर विनर माजिद मजीदी हैं।
>फिल्म की लागत 253 करोड़ रुपए (40 मिलियन USD) बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह ईरान की अब तक की सबसे महंगी फिल्म है।
>ईरान की मैगजीन 'हिजबुल्लाह लाइन' से बातचीत में माजिद ने
कहा, ''मैंने वेस्टर्न देशों में इस्लाम को लेकर बढ़ते डर की वजह से इस
फिल्म को बनाने का फैसला किया।''
>फिल्म तीन पार्ट में बनी है। पहला हिस्सा 117 मिनट का है।
इसमें पैगंबर साहब के बचपन की स्टोरी दिखाई गई है। हालांकि, उनका रोल करने
वाले एक्टर का चेहरा नहीं दिखाया गया है। सिर्फ परछाई ही दिखाई गई है।
>फिल्म की रिलीज के बाद से ही अरब देशों में बवाल खड़ा हो गया है। सुन्नियों का सबसे बड़ा संगठन अल-अजहर इस फिल्म से खफा है।

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