दोस्तों आज आपकी मुलाक़ात ऐसी शख्सियत से कराई जा रही है जिसकी जीवन शेली का हर कोई अनुकरण करना चाहता है ..मानवता ..इंसानियत ..इंसाफ और साफगोई ..निमर्लता ..मधुरवाणी की जीती जागती मिसाल जिसका नाम है उन्हें कोटा शहर काजी अलहाज अनवर अहमद के नाम से जाना जाता है ..जी हाँ दोस्तों शहर काजी का नाम आते ही लोगों के दिलो दिमाग में एक वर्ग ..एक जाती एक समाज के धर्मगुरु की छवि उभरती है लेकिन अनवार साहब ने अपने आचरण और अखलाक से सभी वर्ग सभी धर्म के लोगों का दिल जीत लिया है और इसी काबलियत की वजह से शहर काजी कोटा अनवर अहमद कोटा में नहीं हाडोती में हीं नहीं राजस्थान के लोगों की दिल की धडकन बन चुके है किसी भी धर्म मजहब का कोई भी प्रोग्राम हो हर कोई उनकी तकरीर उस कार्यक्रम में कराना चाहता है .....दोस्तों आज कोटा शहर क़ाज़ी ने अस्सी साल का सफर पूरा किया उन्हें मुबारकबाद ..लेकिन अस्सी साल के इस सफर में उन्होंने त्याग तपस्या की जो मिसाल पेश की है उसने उनकी जिंदगी को अब तक बेदाग़ रखा है ..कोटा को एक संरक्षक की तरह से सम्भाल कर रखना ...कोटा के हर दुःख दर्द में हमेशा साथ खड़े रहना ....शहर क़ाज़ी के पूर्वजों को अलाउद्दीन खिलजी के वक्त काज़ियत के परवाने दिए गए थे जिसे कोटा के महाराजा ने परम्परागत तरीके से पट्टे परवाने के रूप में आगे बढ़ाया ..अपने नाना के बाद अनवर साहब ने शहर काजी का पद जब से संभाला तब से ही कोटा की मुसीबते खत्म हो गयीं ..कोटा जिला प्रशासन हो कोंग्रेस भाजपा या किसी भी दल के नेता हो महंत हो पंडित हो जो कोई भी हो सभी काजी साहब की अमानतदारी ..ईमानदारी तोल मोल के बोल के सिद्धांत के प्रशंसक है ...अनवर साहब कई वर्षों से बेतुल माल के रूप में आम जनता की रकम की अमानत दारी और सही लोगों तक इसका लाभ पहुंचा रहे है ...आप कोटा में ही नहीं ..राजस्थान में ही नहीं पुरे हिंदुस्तान में एक अकेला ऐसे काजी है जिसने ग्रेजुएट करने के बाद काजी का काम शुरू किया है आपने दुनिया की शिक्षा केसाथ साथ दिन की तालीम और तरबियत में भी आला मुकाम हांसिल किया है ..आपकी अमानतदारी ..ईमानदारी ..सच्चाई ..निष्पक्षता की आज भी लोग मिसाल दे रहे है और यही कोटा के लोगों के प्यार का उनके लियें इनाम है ..खुदा शहर काजी अनवर अहमद को लम्बी उम्र दे ..सह्त्याबी दे ..ताकत दे ..जुबान में वोह तासीर दे के जो कहें वोह पूरा हो तो जनाब यह शख्सियत जो दिखने में आम आदमी सी लगती है लकिन जब इनसे मिलते है ..इनको समझते है तो लगता है हमारी मुलाक़ात किसी आम आदमी से नहीं बलके किसी इंसाफ के अमन पसंद फरिश्ते से हो गयी है ...................अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
19 अगस्त 2012
एक शख्सियत जिससे मिलो तो बस मिलते रहने का जी चाहता है ..इस शख्सियत का नाम है शहर क़ाज़ी अनवर अहमद
दोस्तों आज आपकी मुलाक़ात ऐसी शख्सियत से कराई जा रही है जिसकी जीवन शेली का हर कोई अनुकरण करना चाहता है ..मानवता ..इंसानियत ..इंसाफ और साफगोई ..निमर्लता ..मधुरवाणी की जीती जागती मिसाल जिसका नाम है उन्हें कोटा शहर काजी अलहाज अनवर अहमद के नाम से जाना जाता है ..जी हाँ दोस्तों शहर काजी का नाम आते ही लोगों के दिलो दिमाग में एक वर्ग ..एक जाती एक समाज के धर्मगुरु की छवि उभरती है लेकिन अनवार साहब ने अपने आचरण और अखलाक से सभी वर्ग सभी धर्म के लोगों का दिल जीत लिया है और इसी काबलियत की वजह से शहर काजी कोटा अनवर अहमद कोटा में नहीं हाडोती में हीं नहीं राजस्थान के लोगों की दिल की धडकन बन चुके है किसी भी धर्म मजहब का कोई भी प्रोग्राम हो हर कोई उनकी तकरीर उस कार्यक्रम में कराना चाहता है .....दोस्तों आज कोटा शहर क़ाज़ी ने अस्सी साल का सफर पूरा किया उन्हें मुबारकबाद ..लेकिन अस्सी साल के इस सफर में उन्होंने त्याग तपस्या की जो मिसाल पेश की है उसने उनकी जिंदगी को अब तक बेदाग़ रखा है ..कोटा को एक संरक्षक की तरह से सम्भाल कर रखना ...कोटा के हर दुःख दर्द में हमेशा साथ खड़े रहना ....शहर क़ाज़ी के पूर्वजों को अलाउद्दीन खिलजी के वक्त काज़ियत के परवाने दिए गए थे जिसे कोटा के महाराजा ने परम्परागत तरीके से पट्टे परवाने के रूप में आगे बढ़ाया ..अपने नाना के बाद अनवर साहब ने शहर काजी का पद जब से संभाला तब से ही कोटा की मुसीबते खत्म हो गयीं ..कोटा जिला प्रशासन हो कोंग्रेस भाजपा या किसी भी दल के नेता हो महंत हो पंडित हो जो कोई भी हो सभी काजी साहब की अमानतदारी ..ईमानदारी तोल मोल के बोल के सिद्धांत के प्रशंसक है ...अनवर साहब कई वर्षों से बेतुल माल के रूप में आम जनता की रकम की अमानत दारी और सही लोगों तक इसका लाभ पहुंचा रहे है ...आप कोटा में ही नहीं ..राजस्थान में ही नहीं पुरे हिंदुस्तान में एक अकेला ऐसे काजी है जिसने ग्रेजुएट करने के बाद काजी का काम शुरू किया है आपने दुनिया की शिक्षा केसाथ साथ दिन की तालीम और तरबियत में भी आला मुकाम हांसिल किया है ..आपकी अमानतदारी ..ईमानदारी ..सच्चाई ..निष्पक्षता की आज भी लोग मिसाल दे रहे है और यही कोटा के लोगों के प्यार का उनके लियें इनाम है ..खुदा शहर काजी अनवर अहमद को लम्बी उम्र दे ..सह्त्याबी दे ..ताकत दे ..जुबान में वोह तासीर दे के जो कहें वोह पूरा हो तो जनाब यह शख्सियत जो दिखने में आम आदमी सी लगती है लकिन जब इनसे मिलते है ..इनको समझते है तो लगता है हमारी मुलाक़ात किसी आम आदमी से नहीं बलके किसी इंसाफ के अमन पसंद फरिश्ते से हो गयी है ...................अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
हवा में ताबूत बना हेलीकॉप्टर, मंत्री समेत 32 की मौत
खारतूम. सूडान में रविवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सूडान सरकार के एक मंत्री समेत 32 लोगों की मौत हो गई है। मारे गए लोगों में सरकार और सेना के आला अधिकारी भी शामिल हैं।
इस सरकारी हेलीकॉप्टर में सवार लोग नमाज में हिस्सा लेने के लिए कोर्दोफान जा रहे थे। सरकारी न्यूज एजेंसी सुना के मुताबिक हेलीकॉप्टर राजधानी खारतूम से करीब 650 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम तलोडी शहर के आसपास पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खराब मौसम को हादसे की वजह बताया जा रहा है।
हादसे में मारे गए लोगों में सूडान सरकार में एंडॉवमेंट मिनिस्टर, एक बड़े राजनेता, सेना के दो जनरल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहां उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से 'जीरो विजिबलिटी' हो गई और हेलीकॉप्टर माउंटेन से टकरा गया।
बाबा रामदेव पर कसने लगा शिकंजा, मांगा आंदोलन का हिसाब-किताब
नई दिल्ली. काला धन और भ्रष्टाचार के मसले पर केंद्र की कांग्रेस नीत सरकार को घेरने वाले योगगुरु बाबा रामदेव पर ही अब शिकंजा कसने लगा है। सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम इंटेलिजेंस ने रामदेव से हाल में दिल्ली में हुए उनके आंदोलन के खर्च का ब्योरा मांगा है। विभाग ने इस सिलसिले में बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट को नोटिस भी भेजा गया है।
नोटिस में रामदेव से आंदोलन के दौरान हुए हर तरह के खर्च का ब्योरा देने को कहा गया है। रामदेव का आंदोलन 9 से 14 अगस्त तक दिल्ली में हुआ था।
सूत्रों का कहना है कि आंदोलन में सेंट्रल एक्साइज और कस्टम विभाग के अधिकारी भी खुफिया तौर पर शामिल थे। ये रामदेव के आंदोलन के लिए काम कर रही टीम में भी शामिल हो गए थे। उन्होंने आंदोलन की तैयारियों और खर्च का ब्योरा जुटाया। अफसरों ने पतंजलि संस्थान में भक्त और मरीज बनकर कई अहम जानकारियां जुटाई हैं।
बाबा रामदेव जब भी आंदोलन पर उतरे सरकारी एजेंसियां उनके खिलाफ सक्रिय हुईं। इस बार एक्साइज एंड कस्टम विभाग ने पुख्ता तैयारी की थी और बाबा के आंदोलन की अहम जानकारियां जुटाई हैं। ऐसे में बाबा रामदेव के लिए इस बार नोटिस का जवाब देना मुश्किल हो सकता है।
गीतिका केस: कांडा ने की धक्का-मुक्की! पुलिस ने तैयार किए 18 सवाल
नई दिल्ली। एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले के मुख्य आरोपी, हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक वह पूछताछ में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहा है। ऐसे में पुलिस के हाथ अब तक तो सबूत हाथ लगे हैं, उसके आधार पर कांडा से पूछताछ की जाएगी। कांडा से उसके दुबई दौरे के बारे में पूछा जा रहा है। दिल्ली पुलिस कांडा को लेकर एमडीएलआर के गुड़गांव स्थित उसके दफ्तर ले गई है। सूत्र बताते हैं कि कांडा ने शुरू में गुड़गांव स्थित अपने दफ्तर जाने से मना कर दिया। डीसीपी, एसीपी सहित पुलिस के पांच अधिकारियों की टीम कांडा से पूछताछ कर रही है। दिल्ली पुलिस कांडा से सात दिनों में 18 अहम सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश करेगी। गीतिका केस में कांडा और सह आरोपी अरुणा चड्ढा को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की तैयारी है। कांडा ने पिता मुरलीधर लखराम के नाम पर एमडीएलआर एयरलाइंस कंपनी बनाई थी जो अभी बंद हो चुकी है।
गिरफ्तार करने के पुलिस के तमाम इंतजामों को धता बताते हुए कांडा अपने न्यूज चैनल की गाड़ी में सवार होकर शनिवार तड़के चार बजे अशोक विहार डीसीपी ऑफिस पहुंचा था । उसका कहना था कि वह स्वेच्छा से जांच में शामिल होने पहुंचा था, जबकि पुलिस का कहना है कि उसने उसे डीसीपी ऑफिस पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया था।


