

तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

हैदराबाद. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने एक सीबीआई के स्पेशल जज को निलंबित कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
सीबीआई जज टी.पत्तभी रामाराव पर कर्नाटक के मंत्री गली जनार्दन रेड्डी को जमानत देने के लिए पांच करोड़ रूपए लेने का आरोप है। रामाराव ने रेड्डी को 12 मई को जमानत दिया था। रेड्डी को गैरकानूनी खनन केस में जमानत मिली थी।
मुखिया पिछले वर्ष जेल से रिहा हुए थे.
नई दिल्ली. बीजेपी के भीतर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी द्वारा नितिन गडकरी पर निशाना साधे जाने के बाद अब बीजेपी के मुखपत्र 'कमल संदेश' के जरिये गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला गया है। इस बीच, मोदी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। योजना आयोग की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली आए मोदी आज शाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी मिलेंगे। उम्मीद है कि मोदी यहां गडकरी से भी मिल सकते हैं।
समय-समय पर अपनी ही पार्टी को अपने आगे झुकने पर मजबूर करने वाले मोदी की गुजरात से छुट्टी हो सकती है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक बीजेपी और आरएसएस उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में यूपी से उम्मीदवार बनाने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है।
पार्टी के मुखपत्र में हालांकि सीधे तौर पर मोदी का नाम तो नहीं लिया गया लेकिन यह कहा गया कि पार्टी के कुछ नेताओं को आगे बढ़ने की जल्दबाजी है। 'कमल संदेश' के ताजा अंक के संपादकीय में लिखा गया है, 'जो लोग जल्दबाजी में हैं, वो पार्टी के ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं।'' संपादकीय में लिखा गया है, 'व्यवस्थाएं पार्टी में कार्यरत लोग ही कायम रखते हैं। पार्टी किसी एक के सहयोग से नहीं, सभी के सहयोग से चलती है। 'सिर्फ मेरी ही चलेगी, मेरी नहीं तो किसी की नहीं चलेगी' की तर्ज पर न संगठन चलता है न ही समाज और न परिवार।'
संपादकीय के मुताबिक, 'जब एक शख्स ऊंचाइयों पर चढ़ता है तो उसकी समझदारी भी बढ़नी चाहिए। लेकिन अफसोस की बात है कि शीर्ष पर पहुंचने के बाद अक्सर लोग अपने नीचे वाले को कमतर दिखाने की कोशिश करते हैं जबकि उन्हें पता होता है कि एक दिन वो भी इस स्थिति में पहुंचेंगे। जब हम किसी शख्स की हद से ज्यादा तारीफ करते हैं तो इसकी अधिक गुंजाइश रहती है कि वह शख्स बहक जाएगा। इसी तरह जब किसी की हद से अधिक आलोचना की जाती है तो हम उसके बाहर जाने का रास्ता साफ कर रहे होते हैं।'
मोदी को संयम रखने की सीख देते हुए लिखा गया है, 'अटल, आडवाणी और डॉ. जोशी भारतीय राजनीति में आज भी इसलिए चमक रहे हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा संगठन को सबसे ऊपर माना। अपने को पार्टी के भीतर रखा। उनका कद बहुत बड़ा है, पर उन्होंने अपने कद को पार्टी के कद से कभी ऊंचा नहीं बनाया।'
नरेंद्र मोदी को पार्टी में प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन हाल के दिनों में उनके प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़े अटकाने वाली खबरें लगातार आ रही हैं। पहले केशुभाई पटेल ने मोदी को तानाशाह बताया, फिर विकीलीक्स के जरिए पूर्व भाजपा विधायक जयनारायण व्यास की 'निजी बातचीत' जगजाहिर हुई। इसमें उन्हें यह कहते हुए बताया गया कि भाजपा के पास तानाशाह नरेंद्र मोदी का विकल्प नहीं है और अब पार्टी के 'मुखपत्र' के जरिए ही उन पर निशाना साधा गया है।
इससे पहले, आडवाणी ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए गुरुवार को कहा कि देश की जनता यदि यूपीए सरकार से निराश है तो वह भाजपा से भी खुश नहीं है। पेट्रोल मूल्य वृद्धि के खिलाफ भाजपा ने गुरुवार को जहां देशव्यापी बंद आयोजित किया, वहीं आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी की मनोदशा उत्साहजनक नहीं है। भाजपा ने हालांकि, आडवाणी के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पटना. बिहार में रणवीर सेना के संस्थापक माने जाने वाले ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया की अज्ञात हमलावरों ने आज तड़के गोली मार कर हत्या कर दी। वे सुबह चार बजे टहलने के लिए निकले थे, तभी पहले से घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने उनके शरीर में लगभग 40 गोलियां दागीं और फरार हो गए।
बिहार में सत्तारूढ़ जद(यू) के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने हत्या की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि यह राजनीतिक हत्या का मामला लग रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव ने इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। राज्य के डीजीपी अभयानंद मौके पर पहुंचने वाले हैं। मुखिया के समर्थक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने तक लाश नहीं उठाए देने पर अड़े हैं।
हत्या के बाद से आरा में रणवीर सेना समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। जगह-जगह आगजनी और तोड़फोड़ की सूचना है। आरा के कतिरा थाना क्षेत्र में जहां पर मुखिया की हत्या हुई है वहां पर स्थित हरिजन छात्रावास में आग लगा दी गई है। इसके अलावा सर्किट हाउस में भी आगजनी और तोड़फोड़ की सूचना है। आरा प्रशासन ने हालात को काबू में रखने के लिए धारा 144 लगा दी है। पूरे बिहार में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
शहर में कई जगह सीआरपीएफ तैनात कर दिया गया है। आरा के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लगातार नजर बनाए हुए है। आंतरिक सुरक्षा (सचिव) ने बिहार के डीजीपी से बातचीत की है।
हत्या की घटना के बाद से हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़क मार्ग से लेकर रेलवे मार्ग तक को मुखिया समर्थकों ने बाधित कर दिया है। बीडीओ दफ्तर सहित कुछ सरकारी कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया गया है। मुखिया के समर्थकों ने आरा रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की और एक डेयरी के वाहन को भी फूंक दिया। पुलिस शहर में गश्त कर रही है
बता दें कि ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया बिहार का जाना माना नाम है और वो रणवीर सेना के कारण चर्चा में आए थे। कई संगीन अपराधों में शामिल सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह हाल ही में जेल से रिहा हुये थे। जेल से निकलने के साथ ही किसानों के लिए एक संगठन की स्थापना भी की थी, जो किसानों के हित के लिए संघर्ष करता। लेकिन मुखिया की हत्या की इस घटना के बाद से ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं फिर से बिहार में खूनी संघर्ष का दौर ना शुरू हो जाए।
उल्लेखनीय है कि बिहार के जातीय संघर्ष के दौर में ऊंची जातियों ने एक सेना का गठन किया था जिसे रणवीर सेना नाम दिया गया था। राज्य में 90 के दशक में हुए कई नरसंहारों में रणवीर सेना का हाथ माना जाता है। हाल ही में ब्रह्मेश्वर सिंह को बथानी टोला नरसंहार मामले में बाइज्जत बरी कर दिया गया था। हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले की कड़ी आलोचना हुई भी थी।
उधर बथानी नरसंहार में बरी किए जाने के खिलाफ माले भी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहा था। आरा में पिछले 26 मई से धरना पर बैठे माले के पूर्व विधायक सुदामा प्रसाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने ये कदम उनकी सुरक्षा के कारण उठाया है।