देहदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़े और देहदानियों को सम्मान मिले, इसके लिए भास्कर ने अभियान चलाया था। इस मुहिम में आईएमए सहित शहर की विभिन्न संस्थाएं, समाज और नागरिक जुड़े हैं। महापौर डॉ. रत्ना जैन ने भी घोषणा की थी कि देहदानियों का सम्मान नगर निगम करेगा। उनके लिए निगम द्वारा किसी भी पार्क में स्मारक बनाया जाएगा।
सोमवार को उद्यान समिति की अध्यक्ष सूरज कला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से इसका निर्णय किया गया। अध्यक्ष सूरज कला ने बताया कि इसके लिए तीन बत्ती चौराहे के निकट स्थित पार्क का चयन किया गया है। उस पार्क को देहदान पार्क बनाया जाएगा। जहां पर देहदान करने वालों महानुभावों के नाम अंकित किए जाएंगे।
जिस मंदिर का चयन किया गया है वहां पर वर्तमान में पशु पालकों ने कब्जा कर रखा है। पूरे पार्क में झोपड़ियां बना रखी हैं और पशु बांध रखे हैं। पूरा पार्क तबेला बन गया है। इस पार्क से अतिक्रमण हटाकर सबसे पहले 7 लाख रुपए की लागत से इसकी चारदीवारी करवाने तथा वहां मिट्टी डलवाने का काम किया जाएगा। फिर 3 लाख रुपए की लागत से स्मारक और अन्य कार्य किए जाएंगे। यह कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।
तीन माह में 30 लोगों ने की देहदान की घोषणा
कोटा मेडिकल कॉलेज की स्थापना से अब तक 20 साल में केवल 4 लोगों ने देहदान किया था। भास्कर ने समाज में फैली भ्रांतियों और देहदान के महत्व पर 3 जनवरी को एक विशेष पेज प्रकाशित किया था। इसके बाद लोग इस अभियान से जुड़े। पिछले तीन माह में शहर के करीब 30 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है।
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