इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जमात-उद-दावा की ओर से चलाए जा रहे बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे हिंदुओं को इस्लाम की तालीम दी जा रही है। जमात-उद-दावा के संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे इन कैंपों में करीब 2000 लोगों ने शरण ले रखी है। इनमें काफी तादाद हिंदुओं की है।
जमात के वॉलंटियर्स ने इन लोगों को बाढ़ की विपदा से बचाया है। स्थानीय अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को दिन में दो बार खाना दिया जाता है और इस्लामिक तालीम दी जाती है। बदीन स्थित एक कैंप में रहने वाले एक शरणार्थी ने बताया कि संगठन के लोग उन्हें नमाज पढ़ने की बार-बार याद दिलाते हैं।
कैंपों में रहने वाले लोगों को कुरान की प्रतियां भी दी गई हैं। शरणार्थी का कहना है, ‘हमें कहा जाता है कि नमाज पढ़ो, कुरान पढ़ो, सफाई करो।’
जमात-उद-दावा ने एक धार्मिक संस्था के तौर पर पाकिस्तान में अपनी छवि बनाई है लेकिन इस संगठन का मुखिया हाफिज सईद (तस्वीर में) मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोपी है। सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और उन्होंने 2001 में लश्कर का नेतृत्व छोड़ने की घोषणा करके जमात-उल-दावा की कमान संभाल ली थी।
जमात-उद-दावा को सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य मुल्कों से भारी वित्तीय सहायता मिलती है, इसलिए इसके खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये होने का अनुमान है। प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों के अलावा गरीब लोगों की मदद करने के नाम पर इसे विदेशों से तो भारी वित्तीय मदद मिलती ही है, पाकिस्तान के लोग भी इसमें भारी चंदा देते हैं।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
27 अक्टूबर 2011
पाकिस्तान: हिंदुओं पर जेयूडी का जुल्म- पढ़वा रहे नमाज और कुरान
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