त्रिपुरा की 60 वर्षीय समोई बीबी और गुवाहाटी के करीमगंज जिले के 120 वर्षीय हाजी अब्दुल नूर ने शादी कर 'स्वर्ग में बनती हैं जोड़ियां' कहावत को चरितार्थ कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा अपना अकेलापन दूर करने के लिए किया है। दोनों की यह दूसरी शादी है। नूर के दो बेटे और चार बेटियां है और वह 122 सदस्यों वाले परिवार के मुखिया हैं।
समोई बीबी की कहानी किसी बुरे सपने से कम नहीं है। समोई बीबी को शादी के बाद पता चली कि उसका पति मानसिक तौर पर स्थिर नहीं है। बीबी के अपने पति को छोड़कर वापस घर आने के महज पांच दिनों बाद ही उसके पति की मौत हो गई।
समोई बीबी के एक रिश्तेदार ने बताया कि समोई बीबी नए साथी मिलने से खुश है। समोई उस घटना के बाद से तनहा महसूस करती थी। इसे भाग्य का लिखा कहे कि उसे एक ऐसा साथी मिला है जो उससे 60 साल बड़ा है।
रिश्तेदार ने बताया कि समोई की इच्छा है कि वह अपने पति की सेवा करते हुए अल्लाह को प्यारी हों।
सोमवार को हुई इस शादी में 400 मेहमान शरीक हुए। एक वकील ने इस शादी को सम्पन्न कराया। बीबी के नए पति नूर के पास 50 बीघा जमीन और दो मकान है।
समोई का बचपन अपने भाई के घर बीता। दोनों का परिवार संपन्न है। इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि समोई ने पैसे के लिए शादी की है।

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