आपका-अख्तर खान

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21 जुलाई 2011

अर्थी पर क्यूँ डाला

यह तुमने
क्या कर डाला
जो फुल थे
आपके हिस्से के
उन फूलों को
मेरी
अर्थी पर क्यूँ डाला
यह कांटे ही हैं
मेरी किस्मत
जिन्होंने
मेरी मृत शय्या को
एक केक्टस बना डाला ...................अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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