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10 जून 2011

हाँ तुमने सही कहा सही समझा था ..........

हाँ तुमने 
सही कहा था 
हाँ तुमने 
सही समझा था ..
के में पागल हूँ ..
में पागल हूँ 
तभी तो 
तुम्हारे हर वायदे को 
पत्थर की लकीर समझ बेठा था 
तुमने कहा था 
तुम मुझ से 
जिंदगी से भी 
ज्यादा प्यार करते हो 
हाँ तुमने कहा था 
तुम 
मेरे बगेर एक पल एक क्षण 
नहीं रह सकते 
मेने तुम्हारे 
इन सब वायदों को 
सच ही तो माना था 
मुझे क्या पता था 
तुम सोना नहीं 
तुम तो पत्थर हो 
शायद इसीलियें 
आज 
यूँ ही 
अंतिम क्षणों में 
लाश को मेरी
 यूँ ठोकर मारकर 
फिर से तुम 
अपने लियें 
नयीं खुशियाँ 
तलाशने निकल पढ़े हो 
इसलिए
तो में कहता हूँ 
तुमने सही कहा था 
सही समझा था 
के में पागल हूँ ..............
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

3 टिप्‍पणियां:

  1. आप भी पढ़ें बौराया मीडिया, बेईमान कांग्रेस, बेख़ौफ़ बाबा , बाबा जी का साथ दें http://www.bharatyogi.net/2011/06/blog-post_09.html

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

    जवाब देंहटाएं
  3. ha main pagal hu....bhut sahi samjha aur bhut accha likha bhi apne....

    जवाब देंहटाएं

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

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