आपका-अख्तर खान

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19 अप्रैल 2011

ना जाने क्यूँ ..........

ना
जाने
क्यूँ
गले से
लिपट कर
उनके हम
रोने लगे
जब बरसों बाद
हम उनसे मिले
जाते वक्त
जिन्होंने कहा था
के
तुम जेसे
लाखों मिलेंगे .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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