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07 December 2010

फ्रांस के सरकोजी का भारत को समर्थन

फ़्रांस के राष्ट्राध्यक्ष सरकोजी ने भारत यात्रा के दोरान संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता दावा मामले में भारत का पुरजोर खुला समर्थन किया हे और सरकोजी ने कोई दबे छुपे अल्फाजों में अमेरिका की तरह समर्थन नहीं किया बलके आंकड़ों के हिसाब से अन्तर्रष्ट्रीय स्तर पर देश को आइना भी दिखाया हे इतना ही नहीं कल तो सरकोजी ने हमारे देश के पुराने जख्मों को मरहम लगाने का भी काम किया हे इसी मुम्बई में अमेरिका के ओबामा भी आये थे लेकिन उनके मुंह से आतंकवादी देश पाकिस्तान के खिलाफ भात में एक शब्द नहीं निकला उलटे वोह पाकिस्तान के लियें बचाव की मुद्रा में वकालत करते देखे गये लेकिन जनाब सरकोजी ने कल आतंकवाद की घटना के लियें खुले शब्दों में पाकिस्तान को ज़िम्मेदार बता कर ऐसी कार्यवाही में भविष्य में बाज़ रहने को कहा हे और यह एक साहसिक कदम हे जो भारत की कुटनीतिक जीत का एक हिस्सा कहा जा सकता हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव को जेल

उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मुख्यसचिव के पद पर रहीं वरिष्ट आई ऐ एस अधिकारी श्रीमती नीरा यादव को नॉएडा भ्रस्ताचार मामले में ४ साला की सजा सुना कर जेल भेज दिया गया हे , नोयडा की सी बी आयी अदालत ने इन महिला अधिकारी को सजा सुन्ताते हुए कहा के देश में इस तरह का भी इस वरिष्टता पर बेठे लोग भ्रस्ताचार करते हें यह सर चकरा देने वाली बात हे , श्रीमती नीरा यादव पर आरोप हें के जब यह नोयडा में अधिकारी थी तब इन्होने प्राधिकरण के गरीबों को दिए जाने वाले भूखंड आपसी बन्दर बाँट करते हुए खुद अपने परिजनों और मित्रों के नाम कर दिए थे जबकि कई प्लाट बढ़े बढ़े उद्योगपतियों को दे दिए गये थे इस मामले में अरबों रूपये की बन्दर बाँट हुई थी और सी बी आई ने मामला दर्ज कर नीरा यादव के खिलाफ चलन पेश किया था नीरा यादव इस मामले में एक छोटी से कड़ी हे जबकि मुख्यमंत्री और उद्योगमंत्री के बगेर यह घोटाले किसी भी सुरत में सम्भव नहीं हो सकते हें और इस मामले में यदि पत्रावलियां खंगालेंगे तो तात्कालिक मुख्यमंत्री और मंत्री के खिलाफ भी पुख्ता सुबूत मिल जायेंगे अभी हल ही में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अमर सिंह ने बयान जारी किया था के वोह अगर चाहे तो मुलायम सिंह को जेल करवा सकते हें और इसीलियें इस मामले को इस बयान से भी जोड़ कर देखना चाहिए खेर कोई बात नहीं अब अधिकारयों को भ्रस्ताचार के मामले में सज़ा देकर जनता को राहत देने का जो कार्य शुरू हुआ हे वोह प्र्श्नस्नीय और स्वागत योग्य कदम हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजा की जज को धमकी की पोल खुली

देश के सबसे बढ़े टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले के राजा ऐ राजा के खिलाफ जज को धमकी देकर जमानत का दबाव डालने की पोल खुल गयी हे तमिलनाडू के जस्टिस खालिकुल्ला ने एक जांच में यह खुलासा किया हे इस मामले में तमिलनाडू बार कोंसिल के चेयरमेन को निलम्बित कर दिया गया हे , तमिलनाडू में एक डोक्टर और उसके पुत्र के खिलाफ फर्जी मार्कशीट का प्रकरण विचाराधीन था जिसमें इन मत्री ऐ राजा जी ने जज पर सभी मर्यादाएं त्याग कर जमानत लेने का दबाव बनाया था अब इस मामले में मंत्री जी का नाम उजागर होने के बाद उनके खिलाफ क्न्तेम्प्त और कोर्ट सहित दुसरे कानूनों में भी कार्यवाही होना जरूरी हो गयी हे लेकिन अब तक ना जाने किन दबावों के चलते ऐ राजा के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी हे किसी जज को किसी मंत्री द्वारा पद पर रहते हुए किसी प्रभावशी अपराधी की जमानत करवाने के लियें दबाव डालने का यह पहला मामला हे जिसमे स्पष्ट साक्ष्य हें लेकिन कार्यवाही कुछ भी नहीं हुई हे जबके एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आर के आनन्द के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कठोर कार्यवाही की थी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

प्लास्टिक पाउच गुटके पर प्रतिबन्ध

देश की सुप्रीम कोर्ट ने गुटके को अब प्लास्टिक के पाउचों में बेचने पर रोक लगा दी हे सुप्रीम कोर्ट ने कल एक जनहित याचिका में कहा हे के देश में अस्थमा और दूसरी बीमारियों की सम्भावनाओं को देखते हुए २०११ मार्च से प्लास्टिक के पाउचों में जर्दा गुटका नहीं बिकेगा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और पर्यावरण विभाग को भी आवश्यक निर्देश जारी किये हें , दोस्तों राजस्थान एक पहला ऐसा राज्य हे जहां कानूनी तोर पर प्लास्टिक के बेग पर प्रतिबन्ध लगाया गया हे और चलन बना कर सजा के प्रावधान बनाये गये हें लेकिन अकेले राजस्थान के ऐसे प्रतिबन्ध से कोई काम नहीं होता देश को इस बारे में सोचना होगा और केवल जर्दा गुटका पाउच ही प्लास्टिक में नहीं आते आज हर छोटे बढ़े पेकिंग में देश के सभी उत्पादक अपने उत्पाद को पेक कर बेच रहे हें और ऐसे में केवल गुटका पाउच पर रोक देश के साथ देश की जनता के साथ न इंसाफी होगी देश में तो अब प्लास्टिक के पेकिगं पर आजीवन रोक का कानून बनना ही चाहिए और इसके विकल्प पर विचार किया जाना जरूरी हो गया हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

पवित्र गंगा किनारे अपवित्र आतंक का खेल

दोस्तों देश में आस्थाओं की गंगा और गंगा के पवित्र किनारे जब श्रद्धालु स्नान कर अपने पाप और पुन्य का हिसाब कर रहे हों और राक्षसों का राक्षसी कृत्य इस सुख शांति को हा हां कार में बदल दे तो सोचो क्या विहंगम और द्र्नाक द्रश्य होगा जी हाँ दोस्तों हमारे देश ने कल रात यह दर्द भोगा हे यहाँ शेतानी ताकतों ने केवल एक घटना का बहाना बनाकर निर्दोष लोगों को एक बार फिर गेर इस्लामिक तरीके से अपना निशाना बनाया हे वोह तो शुक्र हे खुदा का के बढा हादसा होने से बच गया दूध के डिब्बे में रखे बम के विस्फोट से इस गंगा किनारे दो लोंगों की म़ोत और २७ लोगों का घायल होना कोई मामूली बात नहीं हे देश की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर अपनी करतूतें दिखाने वाले बड़ी बेशर्मी से इस अपराध का कुबुल्नमा पेश कर रहें हें छुप कर पर्दे में रहकर धोके से निर्दोष मासूमों की हत्या करना किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं हे और जिस इस्लाम धर्म की वोह बात करते हें उसका तो एलान हे के तुम किसी भी निर्दोष का अगर खून बहाते हो तो तुम मुसलमान नहीं हो ऐसे राक्षस जिसका कोई धर्म ईमान नहीं हे उनकी सारा देश मजम्मत करता हे और खुदा से दुआ करता हे के वोह जल्द पकड़े जाएँ और उन्हें हमारा देश देश का कानून जनता के सामने फंसी पर लटकाए साथ ही देश यह भी दुआ करता हे के जो लोग घायल हुए हे वोह जल्द स्वस्थ हों और जिन की दर्दनाक म़ोत हुई हे इश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे और परिजनों को इस दुःख की घड़ी से उबरने की शक्ति दे जय भारत जय हिंद ............... अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुबारक हो मोहर्रम का इस्लामिक नया साल

ब्लोगर दोस्तों भाइयों बुजुर्गों माताओं और बहनों साथ ही थोड़े बहुत दुश्मनों सभी को इस्लामिक नये साल का नमस्कार , नये साल की मुबारकबाद । दोस्तों इस्लाम की तारीख चाँद उगने से यानि सांय काल जिसे मगरिब कहा जाता हे से शुरू होती हे जबकि सनातन और अंग्रेजी पद्धति में सुबह सूरज उगने से दिन की शुरुआत होती हे और इस हिसाब से कल मगरिब को बाद ही इस्लामिक हिजरी सन १४३२ की शुरुआत हो गयी हे दोस्तों कहने को तो यह महीना मुसलमानों के लियें गम और गुस्से का होता हे इस माह में इस्लाम के अलम बरदारों ने अपनी जान की बजी लगाकर इस्लामिक मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा की थी , वेसे तो यह इस्लामिक साल का पहला महीना हे लेकिन मैदाने कर्बला के इतिहास ने इसे क़ुरबानी का महिना बना दिया और दस दिन बाद यानि १७ दिसम्बर को मोहर्रम मनाये जायेगे इस दिन यज़ीद नामक शासक ने पैगम्बर मोहम्मद साहब के वंशजों और इस्लाम के अलमबरदारों को धोखे से बुला आकर घेर लिया और उन पर गुलामी की पेश कश की जिसे स्वीकार नहीं किया गया और विश्व की सबसे खतरनाक यातना का दोर चलाया गया जिसमें एक एक को गिन गिन कर भूखा प्यासा रख कर तडपा तदपा कर मारा गया लेकिन इस्लाम की ताकत थी के हर एक छोटा बढ़ा बच्चा और बूढा इस युद्ध में अपनी क़ुरबानी देना चाहता था सभी लोग नदी के किनारे थे लेकिन उन्हें पानी नहीं पीने दिया जाता था उस मंजर उस हाल के बारे में सोच कर भी रोंगटे खड़े हो जाते हें और इसी लियें मोहर्रम के महीने में सबीलें लगाकर लोगों को शरबत पिलाया जाता हे जबकि सभी लोगों के लियें हलीम एक विशेष भोजन बनाकर लगों को खिलाया जाता हे इस दिन कुछ लोग मोहर्रम प्रतीकात्मक रूप में निकालते हें और महिलाएं बच्चे मन्नतें भी मांगते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

नादाँ नहीं बेबस हूँ में ..........

में इतना
नादान नहीं
जो खुद को
करूं रुसवा
वोह तो बस
उनकी कशिश हे
जो लाख कोशिश
के बाद भी
दिल हे के
बस में ही नहीं रहता
इसमें
मेरी नादानी क्या
मेरी रुसवाई क्या
उनको देखते ही
उन को चाहने के लियें
मेरा मचल जाना
मेरी नादानी नहीं
मेरी बेबसी हे ........?
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

में इंसान नहीं ......


लोग कहते हें
बे इश्क
इंसान की
क्या शान हे
जिसे इश्क नहीं
वोह भी क्या
इंसान हे
में कहता हूँ
मुझे
किसी से
इश्क नहीं
क्योंकि इश्क धोखा हे
इश्क बेईमान हे
अब बताओ
मुझे इश्क नहीं
तो क्या में
इंसान नहीं ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

गुजरात के नरेंद्र मोदी फिर मुसीबत में

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दंगों में शामिल नहीं होने के मामले में एस आई टी ने जाँच के बाद खुले तोर पर दंगों में शामिल नहीं होने के मामले में क्लीन चिट दे दी थी ,इस क्लीन चिट के बाद गुजरात भाजपा और रेन्द्र मोदी की बल्ले बल्ले थी , लेकिन इस क्लीन चिट मामले में गुजरात के पूर्व महानिदेशक ने सवालिया निशान लगा दिए हें । पूर्व महानिदेशक का आरोप हे के एस आई टी ने इस जांच में पक्षपात किया हे और पुरे देश को धोखा देकर ईमानदार अधिकारीयों का मनोबल गिराया हे उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जाने की धमकी दी हे आज एक टी वी चेनल के साक्षात्कार में गुजरात के पूर्व महानिदेशक ने साफ़ तोर पर कहा हे के उन्होंने जांच के दोरान एस आई टी टीम को सरकारी मशीनरी और अधिकारीयों के दंगे में शामिल होने के स्पष्ट प्रमाण जुटा कर दिए थे लोगों के बयान कराए थे और ६ शपथ पत्र इस मामले में एस आई टी को सोंपे थे लेकिन एस आई टी ने इन शपथ पत्रों और स्पष्ट साक्ष्य को नजर अंदाज़ कर दिया हे बस इसी बात से जांच में तथ्य जुटा कर देने वाले पूर्व पुलिस महानिदेशक महोदय गुजरात सरकार और एस आई टी से नाराज़ हो गये हें और सुप्रीम कोर्ट में जाने की धमकी दे रहे हें देखना हे के अब इस मामले में आगे क्या नया मोड़ आता हे फिलहाल तो गुजरात दंगे जाँच मामले में जिंदा मक्खी निगली गयी हे बात साफ़ हो गयी हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

फिर भी क्या मुझ से प्यार हे ....

में तेरे लियें
ना तारे तोडूंगा
ना ही में
तेरे लियें
चाँद लाऊंगा ,
में तुझ से
तुझ पर जान देने
और तेरे लियें
किसी की
जाना लेने का
वायदा भी
नहीं करूंगा
में तू जो हे
तेरे लियें बस
यही सच कहूंगा
मुझ से
तुझे उम्मीद हो अगर
के में तुझे
दुनिया की सबसे खुबसुरत कहूँ तो
तो यह भी
में ना कर सकूंगा
में तेरे लियें
तख्त ओ ताज ठुकरा दूँ
ऐसा भी नहीं कहूंगा
बस इतना सा हे
के जो दुसरा तुझ से
करेगा प्यार
उसे कई गुना प्यार में तुझ से करूंगा
क्योंकि में ऐसा ही हूँ
बोल क्या
तुझे इन शर्तों पर भी
हे मुझ से प्यार ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

06 December 2010

कोटा कोंग्रेस कार्यालय कई महीनों बाद हुआ आबाद

कोटा कोंग्रेस कार्यालय जहां कई महीनों से कोई कार्यक्रम नहीं हुआ था केवल एक वरिष्ट कोंग्रेसी नरेश जी विजयवर्गीय इस ज़िम्मेदारी को अकेले निभा रहे थे लेकिन कल अचानक कोटा नगर और कोटा देहात कोंग्रेस ने जब कोंग्रेस सरकार के दो मंत्री शिक्षा मंत्री भंवरलाल और चुन्नीलाल गरासिया को कोंग्रेस कार्यालय में सम्मान के लियें बुलाया तो फिर कोंग्रेसी कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ गया और उन्हें अपनी पार्टी की सरकार में मंत्री से सीधे बिना किसी सुरक्षा के आमने सामने होने का अवसर मिला , कोटा में यह पहला अवसर था जब कोंग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने मंत्री से इतनी आज़ादी से मिलने का मोका मिला और इसीलियें कोंग्रेस कार्यालय खचाखच भर गया अकर्यक्र्ताओं की ख़ुशी का ठिकाना ना था और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देख कर मंत्री मास्टर भंवर लाल और चुनीलाल गरासिया ने घोषणा कर डाली के कार्यकर्ताओं की अगर अधिकारीयों के खिलाफ शिकायत मिली तो फिर ऐसे अधिकारीयों को बख्शा नहीं जाएगा कार्यकर्ताओं को देख कर पूर्व केन्द्रीय मंत्री भुवनेश चतुर्वेदी ने चेतावनी दे डाली की सरकार की स्थिति ठीक नहीं हे उसे हालत सम्भालना चाहियें वरना महारानी यानी वसुंधरा सिंधिया जादूगरनी हे उसका अगर जादू चल गया तो सरकार और कार्यकर्ता देखते रह जायेंगे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान में अब कचरा और वाहन टेक्स

राजस्थान में अब सरकार निकायों की आय बढ़ाने के लियें प्रावधान और संविधान की भावनाओं के विपरीत राजस्थान में मकानों और प्लाटों से कचरा टेक्स वसूलने की तय्यारी में हे जबकि दो पहिये और चो पहिये वाहनों से भी टेक्स वसूली का मसोदा तय्यार कर लिया गया हे । भ्रस्ताचार के आखंड में डूबे निकायों के पदाधिकारी लाखों करोड़ो के घोटाले तो आसानी से कर के बच निकल रहे हें लेकिन फिर भी सरकार उन्हें और भ्रष्ट बनाने के लियें निकायों को मनमाने विधि विरुद्ध टेक्स वसूली की छुट दे रही हे , राजस्थान में जो मसविदा तय्यार किया गया हे उसमे प्रति मकान और प्लाट सफाई का शुल्क वसूला जाएगा जबकि घर में झड़ने वाले हरिजन का खर्च अलग से हे इसके आलावा दो पहिया वाहन और चार पहिये वाहनों पर अलग टेक्स वसूली की योजना हे , राजस्थान में अजमेर में प्रवेश कर कोटा में पेट्रोल कर , रजिस्ट्री कर सहित पुरे राजस्थान के जिलों और पालिकाओं में मनमानी टेल्स वसूलिया चल रही हें लेकिन नगर निगम पलिकोँ में जितने कर्मचारी और वाहन हें उससे २५ फीसदी भी काम नहीं हो रहा हे अब इस सरकार में राम नाम की लुट मची हे लूट जनता को लूट सके तो लूट की कहावत चरितार्थ हो रही हे और राजस्थान के सरकारी स्कुल हो चाहे कोलेज हों चाहे रोडवेज़ चाहे आर टी ओ चाहे यातायात पुलिस या अस्पताल हो सभी महकमों में लूट मची हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अवेध गेस सिलेंडर की धरपकड

कोटा में रसद अधिकारी की पूरी जाँच पड़ताल के दावे खोखले साबित हुए हें और हालात यह हें के यहाँ कल विशेष पुलिस अनुसन्धान शाखा के उप अधीक्षक सतपाल चोधरी ने अचानक स्टेशन इलाके में छापा मार कर ४३ गेस सिलेंडर जब्त किये हें , विनीत शर्मा नाम के यह जनाब पूर्व रसद अधिकारी के सुपुत्र हें और अपने र्सुकात के बल पर कम्पनियों से गेस सिलेंडर लेते रहे हें , एक तरफ तो कम्पनिया गेस वितरण में गेस सप्लाई नियमों का उलंघन करते हे और दूसरी तरफ ऐसे कालाबाजारियों को तुरंत गेस उपलब्ध हो जाती हे विशेष अनुसन्धान पुलिस ने वेसे तो इन सिलेंडर कालाबाजारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया हे लेकिन इस मामले में कोई भी कार्यवाही करने के लियें रसद अधिकारी ही अधिक्रत हें अब देखना यह हे के पूर्व रसद अधिकारी के पुत्र के खिलाफ कोटा पुलिस और रसद अधिकारी किस तरह की कार्यवाही करते हें साथ ही जिन कम्पनियों के अवेध गेस सिलेंडर बरामद हुए हें उन कालाबाजारी कम्पनियों के खिलाफ सरकार क्या कार्यवाही करती हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुख्यमंत्री गहलोत ने कोटा के वकीलों को अंगूठा दिखाया

पिछले कई महीनों से आंदोलनरत वकीलों की तीन स्वीक्रत मांगों के मामले में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तय करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ना जाने किस दबाव में कोटा के वकीलों से मिलने से इनकार कर दिया हे कोटा के वकीलों से उन्होंने कहा हे के पहले वोह अपनी हडताल खत्म करे फिर कहीं जाकर उनसे वार्ता पर विचार किया जाएगा , एक राज्य के मुख्यमंत्री जो पहले गृह मंत्री से संदेशा भिजवाकर वकीलों को वार्ता का वक्त देते हें फिर अगली तारीख देते हें और फिर अगली तारीख देते हे वकील आन्दोलन खत्म कर केवल प्रतीकात्मक हडताल का निर्णय लेते हे तो फिर आखिर ऐसी कोंसी मजबूरी आती हे के मुख्यमंत्री पूर्व निर्धारित मुलाक़ात कार्यक्रम से इंकार कर देते हें और फिर एक संदेश कोटा के वकीलों के प्रतिनिधियों के पास आता हे के हम आपकी स्वीक्रत मांग के बारे में आपसे कोई बात नहीं करेंगे अगर हडताल पूरी खत्म करो तो फिर इस पर विचार करेंगे बस इसी मामले को लेकर कोटा के वकील भडक गये हें और कोटा के वकीलों का कहना हे के मुख्मंत्री अशोक गहलोत ने कोटा के वकीलों को पहले तो वायदा दिया फिर वायदा पूरा नहीं किया फिर बातचीत के लियें वक्त देने का वायदा किया और अचानक अंगूठा दिखा दिया इससे कोटा का वकील अपमानित और ठगा सा महसूस कर रहा हे लेकिन क्या करें भाई यह राजनीति हे और अभिभाषक परिषद के चुनाव १५ दिसम्बर को हें देखते हे आब क्या होता हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

थोमस को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

हाल ही में सोनिया मनमोहन के चहेते थोमस जिन्हें भ्रस्ताचार के गम्भीर आरोपों के बाद भी केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के पद पर नियुक्त कर दिया गया हे उन्हें अब तक नहीं हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया हे ,थोमस जिन्हें पुरे देश के भ्रस्ताचार के सतर्कता का भार सोंपा गया हे वोह खुद प्राथमिक जाँच में भ्रस्ताचार के आरोपी हे और इस मामले में जब सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गयी तो सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो अपना माथा ठोका और फिर इस व्यवस्था पर सवाल उठाये सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को जब सरकार और थोमस ने ग्म्बिरता से नहीं लिया और वोह मर्यादित तरीके से अपने पद से नहीं हटे तो सुप्रीम कोर्ट को मजबूरी में थोमस को इस मामले में प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस देना पढ़ा देश के इतिहास में पहला ऐसा अवसर आया हे के देश के भ्रस्ताचार और अनियमितता की जांच करने वाले नियंत्रक खुद भ्रस्ताचार के आरोपों के घेरे में हों और पद नहीं छोड़ रहे हों जिन्हें सुप्रीम कोर्ट का नोटिस जारी हुआ हे देश में चरित्र की इतनी गिरावट शीर्ष पदों पर बेठे लोगों में आजाने से अब देश का तो भगवान ही मालिक हो गया हे मेरे इस महान देश के लियें आप भी दुआ करें के इश्वर इस देश के नेताओं और अधिकारीयों को सद्बुद्धि दे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुझे सदमा काहे को होता ...


उनकी बेवफाई का
में यूँ
सदमा लिए
बेठा हूँ
जो हे मुझ से
बावफा
होता में
काबू में अगर उसके
तो फिर
काहे को मुझे
आज
यह सदमा होता .........
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

बस कहो के मुलाक़ात ना थी ...

क्यूँ कहते हो
के
पाँव में लगी थी
महंदी मेरे
क्यूँ कहते हो
रात बहुत थी
क्यूँ कहते हो
तेज़ बरसात थी
क्यूँ कहते हो
अंधी और तूफान था
यह तो सब बहाने हें
मुलाक़ात से बचने के
देख लिया हमने
ना महंदी थी
ना आंधी थी
नाही थी बरसात
बस कह दो
किस्मत में
नहीं थी
तुम्हारी और
मेरी मुलाक़ात ...............
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

वफा केसी ...

यह वफा
हे केसी केसी
हम करते हें
रोज़ वफा पर वफा उनसे
फिर भी
वोह क्यूँ करते
हें
बेवफाई हमसे
बताओ तो सही
यह वफा केसी
जिस पर
भारी हे बेवफाई
और बस
इसलियें
आज
होती हे रोज़
हमारी रुसवाई ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

भाई ललित जी का राम राम कोटा के लियें

श्मशान और कब्रिस्तान तक, लगे हैं जिन्दगी के मेले ---- ललित शर्मा

जहां से हम चलते हैं वहीं फ़िर पहुंच जाते हैं घूम घाम कर, धरती गोल है। ईश्वर की सारी सृष्टि ही गोल है, कहीं भी चौकोर नही हैं। चौरास्ते नहीं है, भटकने का जो खतरा होता है। भूल भूलैया से निकल कर सीधा वहीं आना पड़ता है जहां कोई आना नहीं चाहेगा। लेकिन मुझे सुकून वहीं मिलता है जहां आने से लोग डरते हैं। घर से बैठ कर ही जलती चिताओं को देखता हूँ। उसकी लपटें धीरे धीरे बढते हुए एका एक गगन चूमने लगती हैं। फ़िर मद्धम होकर शांत हो जाती हैं। फ़िर अंगारे धधकते रहते हैं कितना गर्व और गुमान भरा है इस देह में। जिसकी अकड़ भस्म होने पर ही निकलती है। शायद श्मशान ही वह जगह जहाँ मनुष्य को अपने किए की याद आती है, भले बुरे कर्मों का चिंतन करता है और वापस आकर पुन: उसी प्रक्रिया में लग जाता है। इसीलिए श्मशान बैराग कहा गया है।

वकील साहब कोर्ट से आ जाते हैं तब तक मैं एक पोस्ट लिख देता हूँ। उनका वाहन अस्पताल में जनरल चेकअप के लिए भर्ती है। तभी अख्तर खान अकेला जी याद आती है वकील साहब उन्हे फ़ोन लगा कर बुलाते हैं। तब तक हम कार लेकर आ जाते हैं। अकेला साहब के साथ चल पड़ते हैं कोटा भ्रमण को। वकील साहब बताते हैं कि कोटा की सुंदर जगहों में एक श्मशान है मुक्तिधाम किशोरपुरा में जिसे कोटा के एक बिड़ला परिवार ने सजाया संवारा है। हम श्मशान में पहुंच जाते हैं। चम्बल के तीर यह श्मशान वास्तव में इस लायक है कि यहां चिरविश्राम लिया जा सकता है।

आत्मा का परमात्मा से मिलन हो सकता है। कुछ चिताएं अभी भी सुलग रही हैं, कुछ की भस्म ठंडी हो रही है।ज्वालाएं अंधेरे को दूर भगाने का पुरजोर प्रयास कर रही हैं। देह जला कर अंधेरा दूर भगाने का प्रयास नमन योग्य है।मैं कुछ देर खड़े होकर उन्हें अंतिम नमस्कार करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ उन्हे सदगति प्रदान करे। अरे मेरे संकट मोचक पास ही हैं, मेरे साथ यहाँ तक आ पहुंचे।प्रणाम है बाबा तुम्हे, यूँ ही साथ रहा करो। पास ही एक अखाड़ा है जहां गदाधारी महावीर विराज मान है, कुछ पहलवाल जोर लगाने के बाद भांग रगड़ा लगाते हैं और फ़िर मस्त हो जाते हैं ठंडाई पीकर। वकील साहब ने बताया कि यहां आधा किलो भांग रोज ही चढा ली जाती है। भांग का नाम सुनकर मैं तो सिहर उठता हूँ। बनारस के काशी विश्वनाथ जी की यात्रा का स्मरण हो जाता है।
अंधेरा हो चला है कुछ ठंड भी है वातावरण में,अकेला साहब अब अधरशिला दिखाने ले चलते हैं। यह प्रकृति का एक चमत्कार है कि एक विशाल शिला यहां एक बिंदु पर आकर टिक गयी है। अधरशिला के पास ही एक मंदिर है यहां प्यारे मिंया महबूब साहब स्थान है। इस स्थान से मंदिर के कंगुरे दिखाई देते हैं। साम्प्रदायिक सद्भाव की एक अनुठी मिशाल है। कवि यौगेन्द्र मौद्गिल की पंक्तियां याद आ जाती हैं- मस्जिद की मीनारें बोलीं, मंदिर के कंगूरों से, संभव हो तो देश बचा लो मज़हब के लंगूरों से.." हम अधरशिला देखते हैं। अधरशिला के नीचे थोड़ी सी जगह है जहां से बच्चों को पार कराया जाता है। अकेला भाई ने बताया कि किवदंती है कि हराम का जना बच्चा इसमें फ़ंस जाता है और सही बच्चा पार निकल जाता है। सोचना पड़ा कि जब बच्चा इस संकरी जगह में परीक्षा दे रहा होगा तो उसके माँ बाप के चेहरों पर किस किस तरह के भाव उमड़ रहे होगें। ये परीक्षा बच्चों की नहीं माँ बाप की होती है। समझ लो कि "हूई गति सांप छछुंदर केरी"
पास ही एक कब्रिस्तान है जहाँ बहुत सारे लोग कयामत का इंतजार कर रहे हैं कितनी लगन है इस इंतजार में। नहीं तो किसी का इंतजार करना, ना रे बाबा ना, मेरे लिए तो बहुत कठिन काम है। लेकिन यहां तो इंतजार करना ही पड़ेगा। यहां किसी की सिफ़ारिश पर्ची या टेलीफ़ोन पैरवी नहीं चलती। सभी को इंतजार करना पड़ता है। अकेला साहब ने बताया कि कोटा के प्रसिद्ध डॉ ए क्यु खान साहब ने अपनी कब्र खुदवा रखी है। इनकी पत्नी का इंतकाल लगभग 30 वर्ष पूर्व हो गया था। डॉक्टर साहब की ख्वाहिश थी कि उनकी फ़ौत के बाद वे अपनी पत्नी की कब्र के पास ही दफ़न हों। इसलिए इन्होने एडवांस बुकिंग इस्लामिक रिवाज के अनुसार करवा ली। इस्लामिक रवायत के अनुसार जो भी शख्स अपने दफ़न के लिए जगह आरक्षित करता है उसे प्रतिवर्ष उस कब्र के बराबर अनाज भरकर ईद से पहले गरीबों में बांटना पड़ता है और इस कार्य को डॉ ए क्यु खान साहब पिछ्ले 30 सालों से अंजाम दे रहे हैं।
श्मशान और कब्रिस्तान से अब हम चल पड़े बाजार की तरफ़ जहां उम्दा पान हमारा इंतजार कर रहे थे। पेशे से पत्रकार और अधिवक्ता अख्तर खान अकेला साहब उर्दु साहित्य पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होने “अकेला” तखल्लुस का राज भी खोला। पान की दुकान पर जाने से पहले हमने कोटा की उम्दा कुल्फ़ी का स्वाद लिया। पान के तो कहने की क्या थे। 90 नम्बर की किमाम ने जायका ही ला दिया पान में। यहीं पर हमारी मुलाकात कोटा से प्रकाशित देनिक कोटा ब्यूरो के सम्पादक जनाब कय्यूम अली एवं प्रेस क्लब के कोटा के महासचिव जनाब हरिमोहन शर्मा जी से हुई। सभी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। कोटा जैसे एतिहासिक शहर में घुमना तो कम ही हुआ पर दिनेश जी के साथ घुमना अच्छा लगा। इसके पश्चात अकेला साहब के चेम्बर में भी गए जहाँ एडवोकेट आबिद अब्बासी और नईमुद्दीन काजी जी से भी भेंट हुई। अकेला साहब ने कुरान पाक की एक प्रति दिनेश जी को भेंट की और मुझे कोटा के इतिहास से संबंधित एक पुस्तक भी। मैं सभी का शुक्रगुजार हूँ।
मैने अधरशिला से एक चित्र लिया जिसमें अधरशिला में लगा ध्वज और मंदिर एक साथ नजर आ रहा है। एक चक्कर हमने कोटा के परकोटे का भी लगाया। लेकिन किला वगैरह नहीं देख पाए उसे बाद के लिए रख छोड़ा कोटा के विषय में एक जानकारी और दे दूँ कि यहां थर्मल, हाइड्रो, एटमिक, और गैस से बिजली का निर्माण होता है। मेवाड़ एक्सप्रेस रात डेढ बजे कोटा से चित्तौड़ जाती है। हम घर पहुंच कर जीम लिए और रवि स्वर्णकार जी से फ़ोन पर बात हुई, वे रावत भाटा में थे। कोटा होते तो मुलाकात हो जाती। कुछ देर आराम करने के बाद एक बजे उठे तो पता चला की गाड़ी कुछ देर लेट चल रही है। वकील साहब के साथ स्टेशन पहुंचे तो पता चला गाड़ी एक घंटे लेट है। प्लेटफ़ार्म पर वकील साहब से चर्चा होती रही। वकील साहब का जीवन भी संघर्ष से भरा प्रेरणादायी है। ट्रेन आ गयी, हमारा रिजर्वेशन नहीं था लेकिन आराम से सोने के लिए सीट मिल गयी। तब तक सुबह का अखबार भी आ चुका था। वकील साहब से हमने विदा ली और चल पड़े चित्तौड़ गढ की ओर इंदुपुरी, पद्मसिंग और रानी पद्मिनी से मिलने के लिए…………..।
Read More: http://lalitdotcom.blogspot.com/2010/12/blog-post_06.हटमल अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान आदरनीय ब्लोगर भाइयों मेरे बड़े भाई ने कोटा की खासियत को जिस तरह से अल्फाजों में समेत हे और कोटा का विवरण आप तक पहुंचाया हे तो में इस पोस्ट को आप तक दुबारा प्रेषित करने से नहीं रोक सका क्योंकि भाई ललित जी ने तो अपना काम कर दिया लेकिन कोटा और कोटा वासियों को तो उन्होंने अपना ऋणी कर दिया । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मां अब भी रोती हे ........

मां
पहले भी रोती थी
आज भी रोती हे
पहले
बच्चा जब खाना नहीं खाता था
तब मां बच्चे को
भूखा देख कर रोती थी
आज बच्चे जब बढ़े हुए हें
घर में बहु आई हे
मां तब भी रोती हे
फर्क इतना हे जब
बच्चे के रोती नहीं खाने पर रोती थी
आज बहु बेटे
उसे रोती नहीं देते
इसलियें मां रोती हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

05 December 2010

मिलावट खोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो

राजस्थान के खाध्य मंत्री बाबूलाल नागर ने कल एक आयोजित बैठक में अधिकारीयों को निर्देश दिए हें के कहीं भी कोई भी मिलावटखोर अगर पकड़ा जाये तो नमूना फेल होने पर उसके खिलाफ चालान पेश किया जाये उसका लाइसेंस निरस्त किया जाये साथ ही तुरंत उस मिलावट खोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा भी दर्ज करवाया जाए . मंत्री बाबूलाल नागर कल कोटा में अधिकारीयों की बैठक ले रहे थे उन्होंने विधायक भवानी सिंह का गुस्सा अधिकारीयों पर उतारा , बैठक में बरान के रसद अधिकारी और छबडा के विधायक कारन सिंह राठोर के बीच काफी नोक झोक भी हुई इसी बीच कोटा डायरी के महा प्रबन्धक और चेयरमेन रामलाल गुंजल आपस में भीड़ गये महा प्रबधक ने चेयरमेन पर गम्भीर आरोप लगाये तो चेयरमेन ने तुरंत महा प्रबन्धक को हटाने केमांग की जिसे मंत्री जी ने स्वीकार किया । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

खाध्य मंत्री और विधायक में तकरार

कोटा में खाध्य मंत्री बाबूलाल नागर जब राजस्थान के हाडोती मामलों की समीक्षा कर रहे थे बैठक में हाडोती के सभी विधायक और सभी रसद अधिकारीयों सहित पार्टी के वरिष्ट अधिकारी मोजूद थे के अचानक भाजपा के विधायक भवानी सिंह राजावत ने राजस्थान के खाध्य मंत्री बाबूलाल नागर से सवाल किया के कोटा के बी पी एल गेहूं की पिसाई का ठेका किसे दिया हे इस पर बाबूलाल नागर ने पहले तो अगल बगल झाँका और फिर कहा के यह तो में पत्रावली देख कर ही बता सकता हूँ भवानी सिंह विधायक ने दुसरा सवाल दागा और पूंछा के अधिकारी सभी यहाँ मोजूद हें उनसे पूंछ कर बता दो लेकिन सभी लोग निरुत्तर थे , दर असल भाजपा के विधायक ओम बिरला के निकटतम पार्टनर कोटा डाल मिल के पास यह ठेका हे और इसीलियें ओम बिरला को बेनकाब करने के लियें भवानी सिंह यह सवाल करना चाहते थे के भाजपा के विधायक की कोंग्रेस से व्यवसायिक सांठ गांठ हे मंत्री बाबूलाल नागर ने जब बात को टालते हुए कहा के इसका जवाब तो आपके भाजपा विधायक ओम बिरला जी ही दे देंगे तो बस भवानी सिंह विधायक जी फिर बिफर गये उन्होंने कहा के मंत्री जी जिस दाल मिल को अपने यह ठेका दिया हे उसके खिलाफ कोटा के थाने में बी पी एल गेहूं बेचने का मुकदमा दर्ज हे और आप खुद पर भ्रस्ताचार के गम्भीर आरोप हे भवानी सिंह ने कहा जब आपके खिलाफ भ्रस्ताचार की शिकायतें दर्ज हें तो फिर आप इस तरह की बैठकें भी नहीं ले सकते हो यह कहकर मंत्री जी से नाराज़ होकर भवानी सिंह बहर निकल गये वहां उपस्थित सभी अधिकारीयों ने दिल में सोचा के विधायक जी का अर्रोप भी सही हे और उनका यह कथन भी सही हे के ऐसे मंत्री को किसी भी बैठक लेने का हक नहीं जिसके खिलाफ उसी की सरकार में भ्रस्ताचार की जाँच विचाराधीन हो । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मीडिया ने कराया देश का टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला

देश में डंके की चोट पर किया गया टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला अकेले प्रधानमन्त्री या फिरपूर्व संचार मंत्री ऐ राजा ने नहीं किया हे इसमें देश का मिडिया भी बराबर का हिस्सेदार हे और देश के मिडिया का नाम इस मामले में प्रमुखता से उजागर होने पर देश के मीडिया की नंगी तस्वीर जनता के सामने खुल गयी हे ।
भरत में पत्रकार आज तक सम्मान के काम करने के लियें याद किया जाता रहा हे लेकिन उद्योगपतियों के इस पत्रकारिता में आजाने से इन लोगों ने पत्रकारिता को मिशन से हटा कर व्यवसाय बना दिया हे हालात यह हें के खबरें छापने नहीं छापने के रूपये खुले आम लिए जा रहे हें विज्ञापनों के नाम पर खुली ब्लेकमेलिंग हे जनता का आधे से ज्यादा रुपया भ्रष्ट सरकार द्वारा विज्ञापनों के नाम पर रिश्वत देकर बांटा जा रहा हे टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले में ४५ मिनट में इस भ्रस्ताचार की जो कहानी जो सच देनिक भास्कर ने उजागर किया हे उससे तो लगता हे के जो मिडिया भ्रस्ताचार उजागर करने के लियें अपनी पहचान बनाये हुए हे वही मिडिया आज देश के सबसे बढ़े संचार घोटाले का मददगार बना हे और देश में एक सच जो कडवा सच हे सामने आ गया हे के देश के अधिकतम घोटाले के पीछे मिद्या हे जो या तो चुप होने की वजह से हे या फिर मिडिया के इस में शामिल होने के कारण भ्रस्ताचार हो रहा हे बात सच हे के अगर देश में मिडिया अपनी आधी ज़िम्मेदारी भी निभाए तो भ्रष्टाचार जद से खत्म हो जाएगा लेकिन मिडिया तो अब खुद को तीसरी शक्ति बनाने की कोशिशो में सभी मां मर्यादाएं भूल गया हे इसलिए ब्लोगर्स को ही अब देश को बचाने के लियें आगे आना होगा ताकि कुछ तो हो जो देश को बचाया जा सके । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में इसाई प्रचारक थोमस नहीं रहे

कोटा में इसाई प्रचारक एम ऐ थोमस का कल अचानक निधन हो गया , थोमस कोटा में १९६० में आये थे और इन्होने आते ही जब ईसाई धर्म का प्रचार किया तो इन्हें यहाँ काफी लगों से अपमाना सहना पढ़ा इन पर हमले हुए इन्हें गिरफ्तार किया गया बाद में थोमस ने पहले इमान्युल स्न्श्ता बनाकर एक स्कुल खोला फिर लगातार स्कुल खोलते रहे और अब मेडिकल कोलेज भी खोला हे , थोमस समाज सेवा क्षेत्र में भी आ गये थे थोमस को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था क्यूंकि थोमस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समाज सेवक मन गया था , भाजपा ने थोमस को यह अवार्ड देने पर ऐतराज जताया था उनका आरोप था के थोमस के खिलाफ राष्ट्रीय पक्षी मोर मारने और नकली कब्रें बना कर सरकारी जमीनों पर कब्जे करने के आरोप हें जबकि बच्चों को जबरन ध्र्मान्तार्ण करने का इन पर प्रमुख आरोप रहा हे पिछले दिनों कोटा में इन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिससे हिन्दू धर्म की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया गया था और मुकदमा दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार किया गया था । थोमस के अचानक निधन से य्हना इसाई समाज में शोक की लहर दोड गयी हे जबकि कई थोमस की वजह से ही मासिक चोथ्व्सुली कर पल रहे थे उन्हें भी इस निधन से क्षति पहुंची हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में हेलमेट और बाइकर्स से लूट की पुलिस योजना

कोटा में हेलमेट नियम लागू होने और बाइकर्स की अनावश्यक रोक कर जांच के नाम पर रोज़ रोज़ अवेध चोथ वसूली की शिकायतों से तंग आकर पुलिस महा निरीक्षक राजिव दसोस्त ने कोटा में हेलमेट नियम को रोक दिया था साथ ही अनावश्यक तंग करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ सख्ती की कार्यवाही भी की थी । यातायात पुलिस जिनका अगुजारा इन बाइकर्स से अवेध चोथ वसूली से चलता रहा हे और बाइकर्स कोटा में एजुकेशन सिटी होने से लडकों के पास अधिकतम बाइक होने से उनसे हजारों रूपये प्रतिदिन वसूल कर खुद का और कुछ चहेते पुलिस अधिकारीयों और अखबार वालों का काम चलते रहे हें इसलियें इन अधिकारीयों ने पहले तो अखबारों में बाइकर्स के हेलमेट नियम को दुबारा लागू करने और फिर उनके कागज़ात के नाम पर उन्हें परेशान करने के प्रावधानों को फिर से लागू कर छुट देने की खबरें छपवायीं और कोटा के गृहमंत्री जी से इसकी छुट देने को कहा लेकिन आई जी राजिव दासोत अवेध चोथ वसूली करने वाले पुलिस कर्मियों अधिकारीयों और अख़बार वालों की योजना को समझ गये थे और उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया नतीजन जनता लुटने से बच गयी अब जब आई जी राजिव दासोत का ट्रांसफर हो गया हे और नये आई जी दलपत सिंह जी दिनकर कार्यभार सम्भालने वाले हें तो अवेध चोथ वसूली करने वाले कोटा के हिस्सा लेने वाले अख़बारों के रिपोर्टर्स को ऐसी खबरें छपवाने का माहोल बना रहे हें जिससे वोह भावुकता में आकर कोटा यातायात पुलिस को बाइकर्स की हेलमेट चेकिंग और दूसरी अनावश्यक चेकिंगों की छुट दे दें क्योंकि इस अवेध चोथ वसूली का काफी हिस्सा इन अख़बार वालों के पास भी जाता हे और इसीलियें अब यह लोग मिल जुल कर कोटा की जनता को लूटने के लियें नये आई जी को कार्यभार सम्भालने के पहले ही गुमराह कर फर्जी खबरें छाप कर माहोल बना रहे हें और शायद यह इस व्यवस्था को लागू करने के लियें अभी और खबरे प्रकाशित करेंगे हे ना मजेदार बात पुलिस और अख़बार का गठजोड़ अधिकारीयों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

दस हजार पेढ़ काट कर बनेगा कोटा फॉर लेन

कोटा से देवली तक फॉर लेन सडक यहाँ करीब दस हजार पेड़ों को काट कर बनाई जायेगी , इस फॉर लेन निर्माण में सडकों के चारों तरफ करीब दस हजार ऐसे पेढ़ हें जो वर्षों से स्थानीयलोगों के लियें वरदान बने हें लेकिन यह पेढ़ अब शीघ्र ही मार दिए जायेंगे , देश की एक पर्यावरण विद संस्था ने इन पेड़ों की कीमत १६ लाख रूपये प्रति पेढ़ आंकी हे और इसीलियें अब पर्यावरण विद इस मामले में इन हरे भरे पेढों के बचाव में आ गये हें देखना हे के अब पर्यावरण विदों और विकासवादियों के इस झगड़े में जीत किसकी होती हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुख्यमंत्री गहलोत की जान जोखिम में डालने वाले इंजीनियर हटाए

कोटा में पंचायत शिविरों में अचानक निरिक्षण करने आये मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत की जान जोखिम में डालने वाले दो इंजीनियरों को कोटा से हटा कर जयपुर ऐ पी ओ किया गया हे , कोटा के ग्राम ब्पाव्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जाना था और वहां मुख्यमंत्री जी के आने की सुचना मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता ने जगह चयनित कर मुख्यमंत्री जी का हेलिकोप्टर उतरने के लियें हेलीपेड बना दिया लेकिन यह हेलीपेड बिजली के तारों के बिलकुल नजदीक था और इसीलियें इस लापरवाही से अधनिय मुख्यमंत्री जी की जान को जोखिम हो सकता था बस इसी मामले में प्रारम्भिक जनच के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के मत्री प्रमोद भाया ने इस व्यवस्था में लगे अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता को तुरंत पद से हटा कर जयपुर ऐ पी ओ कर बुला लिया हे केवल ऐ पी ओ करना इस बात का सबूत हे के खुद मंत्री जी इन लोगों की गलती को गंभीरता से नहीं ले रहे हें उन्हें यह पता नहीं के अगर इन अभियंताओं की लापरवाही से हेलिकोप्टर बिजली के तारों को छु जाता तो फिर तो इस प्रदेश में बहुत बढ़ा जानलेवा हादसा हो सकता था इस मामले में इलाके के पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ अभी कोई कार्यवाही नहीं की गयी हे और ना ही उप जिला कलेक्टर के खिलाफ कोई कार्यवाही हुई हे देखते हें इन लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही होती भी हे या नहीं । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

गर्म कपड़ों का कपड़ा बेंक

कोटा में भाजपा के विधायक ओम कृष्ण बिरला इन दिनों गरीब निर्धन सर्दी से ठिठुरते लोगों के लियें घर घर फेरी लगाकर गर्म कपड़े एकत्रित करने में जमे हें और उन्होंने इस काम में काफी कामयाबी भी हांसिल की हे । ओम बिरला वेसे तो भाजपा के विधायक हें लेकिन जनता से किसी ना किसी रूप में हमेशां जुड़े रहने के लियें वोह कुछ ना कुछ जनता के लियें सेवा भाव से कार्य करते रहे हें और इसीलिए सर्दी में ठिठुरते गरीबों की ठंड मिटाने के लिए वोह अब तक हजारों की तादाद में गर्म कपड़े एकत्रित कर लोगों को बाँट चुके हें , ओम बिरला ने पहले हर साल नंगे पैर घूमते लोगों को चप्पलें बांटते हें , सर्दी में ठिठुरते लोगों को कपड़े और कम्बल बांटते हें । भूखों को दो वक्त का नियमित खाना प्रसादी के नाम पर खिलाते हें बीमारों को यह दवा और इलाज की सुविधाएं दिलवाते हें, जो लोग खून की जरूरत पूरी नहीं होने पर मरनासन्न हो जाते हें उन्हें खून दिलवाते हें इतना ही नहीं कोटा में एक मात्र शमशान किशोरपुरा मुक्तिधाम को इन विधायक ओम बिरला जी ने रमणीक स्थल बना दिया हे झना भी श्मशान में जाने वाले इनका गुणगान करते हें अब जनता जब इन ओम बिरला जी की जय जय कार करती हे तो फिर कोंग्रेस के मठाधीशों में जो लोग सत्ता में बेठे हें उनके पेट में दर्द क्यूँ उठता हे ओह खुद इस बारीक़ सच्चाई को नहीं समझ पाते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

04 December 2010

ललित भाई ब्लोगर्स की अलख जगा रहे हें

बलोगर की दुनिया के अनोखे बेस्ट बलोगर या दी बेस्ट बलोगर आदरणीय ललित शर्मा अब बलोगर की दुनिया को देश भर में मुख्यधारा से जोड़ने के लियें देश के चारों कोने के दोरे से वापस लोट गये हें भाई ललित जी के दोरे की शुरुआत कोटा से हुई और बस यह यात्रा ऐसी शुरू हुई के उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम सभी दिशाओं के छोटे बड़े ब्लोगरों से मिल कर इन्होने इन ब्लोगर्स को एक जुट किया एक दुसरे को ब्लोगिन दुनिया को जनता से जोड़ने के लियें टिप्स दिए लिए और अब ललित जी शर्मा वापस ताय्पुर छत्तीसगढ़ पहुंच गये हें । हमें पक्का भरोसा हे के अब भाई ललित जी देश और विदेश को ब्लोगिंग कीदुनिया को नई दिशा देने के लियें नये नये ब्लॉग आविष्कार और नये नये ब्लॉग लिखेंगे लेकिन उनकी आब तक की यात्रा के संस्मरण जो दुसरे बलोगर भाइयों से जाने को मिले उनके ब्लॉग पर फोटो देखने को मिले ब्लॉग पर मीटिंग के किस्से पढ़ें को मिले बस यह समझों के देश पूरा देखने को मिल गया ललित जी और दुसरे बलोगर भाइयों का मकसद इन ब्लोगर्स मीटिंगों का बलोगर की दुनिया को चोथी स्तम्भ की दुनिया में एक नया मुकाम देने की कोशिश हे और इस कोशिश में यह कामयाब भी हो रहे हें जनाब ललित जी ऐसे पहले बलोगर हें जो सरकारों के बुलावे पर अब राजकीय अतिथि बनकर सरकार की उपलब्धियों के बारे में ब्लॉग की दुनिया के माध्यम से देश और विदेश में सरकार के बारे में परिचय देते हें तो दोस्तों आज देश में एक नया युग भ्रस्ताचार का युगशुरू हो गया हे और इस भ्रस्ताचार युग का शेतान जब देश में नम्बर वन पर हे तो ईस वायरस को मारने के लियें भी लोगों के दिलों में एक भावना जज्बा पैदा हो गया हे और आअज सभी बलोगर साथियों को कम से कम देश के लियें एक खास जरूरत भ्रस्ताचार के खिलाफ तो मुहीम छेड़ना ही चाहिए भाइयों ,बहनों साथियों क्या हम सब मिलकर ऐसा कर सकेंगे मेरी इश्वर से दुआ हे के सभी बलोगर ईस मुहीम के मिल के कामयाब पत्थर साबित होंगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई पत्थर से ना मारो मेरे दीवाने को ........

एक कहावत हे
बना जब में वकील तो
शेतान ने यह कहा
ऐ खुदा
देख आज में भी
साहिबे ओलाद हो गया ।
दूसरी हकीकत हे
हज पर जब
पढ़ते हें शेतन के पत्थर
दशहरे में पढ़ते हें
रावण केव जब पत्थर
तो बस सच यही हे
दिल में
सभी भ्र्स्ताचारी ,अनाचारी
कहते हें
कोई पत्थर से ना मारो
मेरे दीवाने को ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

यह कातिल अदाएं तेरी .....

यह कातिल
अदाएं तेरी
कभी हाँ कभी ना
जान ही ले लेगी मेरी
बस यूँ खिल खिलाकर
बात उनसे जब तुम करती हो
क्यूँ जलन मुझे होती हे
तू न मेरी थी , ना मेरी हे
फिर भी क्यूँ मेरी ऑंखें रोती हें ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

ऐसे बेठे हें .........

वोह आये महफिल में
शायद मेरे लियें
लेकिन डर से लोगों के
बेठे हें ऐसे चुप सामने मेरे
जेसे देखा ना हो मुझे
अब बताओं
इस डर खोफ के खामोश
प्यार के सहारे
जियेंगे केसे उसके लियें
बस सोचते हें
काश
वोह मिल जाएँ मुझे
ना मिलें अगर तो
बस म़ोत आ जाए उनके लियें
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

नहीं सुधरे तो जनता दोड़ा दोड़ा कर मारेगी

देश में लगातार हो रहे भ्रस्ताचार कारण और निवारण के मामले में अब जब जनता,नेताओं और अधिकारीयों ने उम्मीद छोड़ दी हे तो बस सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने इसे देश से खत्म करने के लिए संकल्प लिया हे , सुप्रीम कोर्ट हो चाहे हाई कोर्ट हो अब तो भ्रस्ताचार के कारण और निवारण मामले में हथियार डाल बेठी हे और चीख चीख कर सार्वजनिक तोर पर यह कहने को मजबूर होना पढ़ा हे के अगर देश से भ्रस्ताचार दूर नहीं हुआ तो जनता भ्र्स्ताचारियों को दोड़ा दोड़ा कर मारेगी बस लगातार हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट मिलकर चारो घोटाले से लेकर गेहूं घोटाले से लेकर संचार घोटाले में पत्रावलियों की गंदगी और भ्रस्ताचार में सरकार के सहयोग को देख कर अब ऐसी ही टिप्पणी करने को मजबूर हो रही हे इधर अदालतों के मामले में बी जब सुप्रीम कोर्ट ने दबी छुपी टिप्पणी की तो ब्सिलाह्बाद हाईकोर्ट नाराज़ हो गयीउ और एक सच जो सुप्रीम कोर्ट ने देखा और जनता से कहा उसे हटाने के लियें इलाहाबाद हाईकोर्ट खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी भ्रष्टाचार होना कोई नई बात नहीं हे लेकिन इसके उजागर होने पर अगर सुधार की जगह इस तरह चोरी और सीना जोरी होने ल्गेतो सही हे के जनता भ्र्स्ताचारियों को सडकों पर दोड़ा दोड़ा कर मारेगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

धुप के नाम पर

वोह बड़ी मुश्किलों में
आये पास मेरे
बेठे देखा
बतियाने लगे धीरे धीरे s
उन्होंने घबरा कर
इधर देखा उधर देखा
जब चारों तरफ लोगों को देखा
वोह शरमाये , इतराए , ल्द्ख्दाये
उठे होले से
बोले इधर सर्दी हे
उधर धुप हे
इसलियें सामने जाकर बेठ गये
बोले इधर गर्मी हे उधर सर्दी हे
मेने देखा तो जहाँ बेठे थे
वहां ना धुप थी ना गर्मी थी
बस वोह दूर थे मुझ से
समझ गया में
में ठंडा हूँ अब उनके लियें
में ठंडा हूँ अब उनके लियें
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

तबस्सुम ने दिया फिर धोखा

एक तबस्सुम
जो सदा थी
लब पे मेरे
चुप रजाई ओडे
बेठे थे हम
लब लिए तबस्सुम
होले होले
वोह आयीं
दिखाए सब्ज़ बाग़ हमें
हम उठे और चल दिए पीछे उनके
बस ना वोह थे ना उनकी झलक
और जो तबस्सुम ख़्वाबों ख्यालों में थी साथ हमारे
वोह भी क्म्बस्ख्त
दूर हो गयी थी हमसे
होले होले ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

धोखा मेरे महबूब का

जी हाँ दोस्तों
क्या बताऊं दासता मेरी
रोज़ वादा करना
रोज़ धोका देना
फितरत हे तेरी
तुने जो कहा मुझ से
लो उठो चलो बाज़ार
में तय्यार हूँ
तेरे लियें
बस उठा जब में
तय्यार होकर तेरे लियें
हर बार की तरह से
दिया फिर धोखा तुने
मुझे
उसके लियें उसके लियें ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

आज जयपुर फिर ठंडा हे

काफ़ी दिनों बाद आज में जयपुर आया हूँ लेकिन यहाँ की ठंडक से एहसास हुआ के राजधानी और राजधानी की सरकार मोसम से भी ज्यादा ठंडी हो गयी हे देश की जो गर्माहट हे बस उसके मुकाबले में तो राजस्धानी जयपुर न्यूनतम तापमान से कई डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान हे और यहाँ की राजनीती बर्फ से भी ज्यादा मजबूती से जम गयी हे राजनीति में रसुकात रखने वाले और इन दिनों राजनितिक में सरकारी पदों के इच्छुक लोगों की लम्बी कतार कुत्तों की तरह मुख्यमंत्री निवास और कोंग्रेस कार्यालय में लगी हे जी हाँ दोस्तों इन लोगों के लियें कुत्ता इसलियें कहा गया हे क्योंकि इनमें एक तो टांग ऊँची रखने की बिमारी हे दुसरे यह लोग अपने नेता के वफादार हें अब राजनितिक पदों की बाट करें तो कोंग्रेस के दो साल और कोई उल्लेखनीय उपलब्धी नहीं लेकिन अब तक सभी सरकारी पद खाली रहने से एक बाट तो हे के जिस आदमी को पद मिलने की उम्मीद हेवोह इस उम्मीद में चुप बेठा हे तो जो शख्स पद नहीं मिलेगा ऐसा सोचता हे तो वोह अपने अपने आकाओं के साथ मिल लेकिन अफ़सोस हे के लेकिन lekin अफ़सोस की बाट हे के इन को अभी रोटी के टुकड़े तो क्या चुसी हुई हड्डिया भी नहीं मिल रही हे और फिर अगर यह हड्डियां फेंकी गयीं तो इन राजनितिक कुत्तों और पिल्लों में किस तरह की चिल पों होगी वक्त ही बतायेगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

03 December 2010

राजस्थान में कोंग्रेस सरकार की असफलता के दो साल

राजस्थान में कोंग्रेस के शासन के १३ दिसम्बर को दो साल हो जायेंगे में एक कोंग्रेसी और कट्टर कोंग्रेसी वोटर हूँ आप जानते हें और को ठोर नहीं तो में और मेरे भये कोंग्रेस से जायेंगे भी कहां लेकिन भाइयों में कोंग्रेसी के साथ एक आज़ाद पंछी और एक सच बोलने सच लिखने वाला प्राणी हूँ और इसीलियें मुझे देश के सवा अर्ब लोग नापसंद करते हें , में एक सच राजस्थान सरकार के दो साल के बारे में भी बयान कर रहा हूँ आप जानते हें सी पी जोप्शी एक वोट से हरने के बाद भी मुख्यमंत्री की दोड में थे लेकिन अशोक गहलोत ने किरोड़ी मीना के दम पर जोशी को पटकनी दी और राजस्थान में ही नहीं बलके पुरे देश और विश्व में पहली बार गोलमा जेसे लोगों को बहुमत के लियें मंत्री बनाना मजबूरी बनी ,गोलमा जिनके पति डोक्टर किरोड़ी रोज़ कोंग्रेस के लियें मुसीबत पैदा करते हें और फिर सरकार में बेठी मंत्री गोलमा सरकार के खिलाफ उनकी मदद करती हे जनता हंसती हे गोलमा इस्तीफा देती हे लेकिन लंगड़ी सरकार उन इस्तीफा भी स्वीकार नहीं कर सकती ऐसे ही कई विरोधाभासी विचारधारा वाले लोग कोंग्रेस की इस सरकार में शामिल हुए । सरकार ने जनता के लियें तो अभी तक कुछ खास नहीं किया लेकिन आश्वासनों के बाद आश्वासन वक्त पर पूरा नहीं करने के कारण डॉक्टरों , मास्टर,वकीलों की बड़ी हडताल झेलना पढ़ी सरकारं ने एक आयोग नुमा माथुर समिति बनाई जिसकों वसुंधरा सरकार के भ्रस्ताचार की जाँच करना थी वसुंधरा की जाँच तो नहीं हुई खुद इस माथुर समिति की है कोर्ट ने जाँच शुरू कर दी और फिर आयोग बेनतीजा गायब हो गया , सरकार ने गुर्जरों को संविधान के खिलाफ आरक्षण का कानून बनाया और फिर हाईकोर्ट ने इसे गलत करार दिया सरकार ने निकायों में नो जवानों को वोटर बनाने की बात खी लेकिन हाईकोर्ट ने इसे रोक दिया तो कुल मिलाकर भाई सरकार ने सिर्फ निकाय,पंचायत,लोकसभा चुनाव करवाए मजे करे, ट्रांसफर करे और बस अखबारी घोषणाएं की हड़तालें करवाई लोगों के लट्ठ दिए लेकिन काम कुछ नहीं किया खास कर अल्पसंख्यकों को तो बस इस सरकार ने आयना ही दिखा दिया राजस्थान में अल्प संख्यक आयोग जो संवेधानिक हे दो वर्षों से खाली पढ़ा हे , मदरसा बोर्ड किसी को नियुक्त नहीं किया , वक्फ बोर्ड अल्प मत में था लेकिन जुलाई में कार्यकाल खत्म हुआ तब से आज तक कोई नियुक्त नहीं हुआ , हज कमेटी में कोई नियुक्ति नहीं मेवात बोर्ड , अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम खाली हे तो जनाब थोक में वोट लेकर सरकार में आई कोंग्रेसे ने दो वर्षों में मुसलमानों को ना तो इन्साफ दिया ना ही उन्हें कोई पद दिए अब सरकार १३ दिसम्बर को याने दो वर्षों के कार्यकाल में उसने क्या कुछ किया हे इसके लियें एक निजी टी वी चेनल के जरिये कुछ विज्ञापन तय्यार किये जा रहे हें कुछ लोग बुलाये गये हें जो राजस्थान की गलत विकास की तस्वीर बताएं कुल मिला कर सरकार ने और दुसरे पदों पर भी किसी की नियुक्ति नहीं की मंत्री जितने भी हे सब बे लगाम रहे कोंग्रेस में झगड़े फसाद रहे कोटा में तो मुख्यमंत्री के सामने ही मंत्री भरत सिंह ने शांति धारीवाल को बुरा भला कह डाला हाडोती में बारां में अश्क अली टाक सांसद का मुंह काला करने वाले लोग मंत्री बने हें जबकि कोटा में डंके की चोट पर कोंग्रेस के बहुमत के बाद भी कोंग्रेस के टिकिट पर जिला प्रमुख का चुनाव लड़े नईमुद्दीन गुड्डू को हराने वाले मंत्री भरत सिंह और उनके समर्थक आज भी कोंग्रेस में ना फ़रमानी कर रहे हें तो जनाब यह कोंग्रेस के दो साल हें जहां दूर दूर तक झाँकने पर भी कोई उपलब्धी या जन हित का काम नजर नहीं आता हे आपकी क्या राय हे हो सकता हे में ग़लत हूँ लेकिन अगर कोंग्रेस ने दो वर्शन में कुछ किया हे और अगर आपकी जानकारी में हे तो लिज़ बताओं ना में भूल सुधर लूंगा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में चिकत्सा शुल्क वसूली मामले में कोंग्रेस में मतभेद

कोटा में चिकित्सा मामले में दस से बीस रूपये तक की प्रति मरीज़ चोट वसूली से भाजपा भडक गयी हे कल भाजपा ने इस मामले में विरोध जताते हूँ आन्दोलन किया पूर्व में भाजपा सरकार के कल में जब इस तरह की वसूली के प्रयास किये थे तो कोंग्रेस ने भाजपा पर कफन चोर का आरोप लगा कर आन्दोलन किया था और भाजपा को येह वसूली वापस लेना पढ़ी थी अब कोंग्रेस शासन में हे और भाजपा फिर से विपक्ष में हे इसलियें कोंग्रेस ने अब वापस वही वसूली शुरू की हे तो भाजपा का भडकना जरूरी हे लेकिन बेशर्म कोंग्रेसी नेता ऐसे हें के अब खुद के विरोध को तो भूल गये और भाजपा को पाठ पढ़ा रहे हें इस मामले में कोग्रेस दो फाड़ हो गयी हे कल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कोटा आगमन पर कोंग्रेस के नेता डोक्टर इकराम ने अस्पताल में इस तरह की वसूली का विरोध करते हुए इसे रुकवाने की मांग की मुख्यमंत्री जी ने इस मामले में कोटा कलेक्टर से जब सवाल किया तो उन्होंने अस्पताल में सफाई के रूपये के लाले पढने की बात कही अब देखिये कुशल प्रशासन , पारदर्शिता वाली इस संवेदनशील सरकार के कार्यकाल में अस्पताल के संचालन और सफाई के लियें भी बजट नहीं हे इसीलियें अधिकारीयों को प्रावधानों के खिलाफ यह लुट खसोट करना पढ़ रही हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

हाडोती में देश भर के डोक्टर एकत्रित होंगे

कोटा में अगले सप्ताह देश भर के विशेषग्य डोक्टर पेट सहित दूसरी बिमारियों के सस्ते निदान के लियें एकत्रित होकर विचार विमर्श करेंगे कोटा में इस मामले में मेडिकल कोलेज में जो ओपरेशन होंगे वोह सीधा सभा स्थल मेडिकल कोलेज के ऑडिटोरियम जो ६ किलोमीटर दूर हें वहां टेलीकास्ट किया जाएगा । कोटा में इस कार्यक्रम के पूर्व चिकित्सकों का आम जनता के साथ व्यवहार केसा हो इसके लियें उन्हें प्रशिक्षित किया गया डॉक्टर विजय सरदाना ने इस मामले में अपने भाषण में चिकित्सको को खरी खोटी सुनते हुए सवाल किया के सोचो के जब हम अस्पताल में तेनात हों मरीज़ तडपता हुआ आये उसके परिजन हम से तुरंत इलाज के लियें मिन्नतें करें और हम दुसरे गेर जरूरी कामों में टाइम खराब करते रहें तो फिर जब मरीज़ की तबियत बिगड़ेगी तो फिर ऐसे चिकित्सकों के साथ मर पिटाई नहीं होगी तो क्या होगा उन्होंने सवाल किया के हम इस स्थिति में हों तो फिर बताओ ऐसे गेर ज़िम्मेदार चिकित्सक के साथ हमारा क्या सुलूक रहेगा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मुख्यंत्री जी भाषण दे रहे हें और इंजीनियर साहब बतिया रहे हें

राजस्थान में अफसर शाही की अनुशासन हीनता की हद इस कदर बढ़ गयी हे के जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी प्रशासन गांवों की ओर शिविर में बोलते हें तो यह इंजीनियर साहब एक दुसरे से बतियाते रहते हें मुख्यमंत्री जी देखते हे सांकेतिक भाषा में चुप कर भाषण सुनने का संकेत देते हें लेकिन इंजीनियर साहब हे के जब जनता जनार्दन की नहीं सुनते तो जनता द्वारा निर्वाचित जनता के लियें काम करने वाले इन जनता के नोकरों की वोह क्यूँ सुनेंगे इन जनाब ने जब नहीं सुनी तो उख्यम्न्त्री जी को गुस्सा आना लाज़मी था ओर बस झालावाड जिले की डग विधानसभा इलाके में मुख्यमंत्री जी ने इन इंजीनियर साहब को लताड़ पिला डाली सभा में खड़ा कर दिया गया , बस इन बदतमीज़ इंजीनियर के लियें इतनी सी ही सजा थी अब मुक्यमंत्री जी की सभा में इस तरह का रवय्या रखने वाले इंजीनियर साहब का जब कुछ नहीं बिगड़ेगा तो फिर इनका होसला तो बढना वाजिब हे ही सही अब राम्स्यल इंजीनियर जी शेखियां बघार रहे हें के मुख्यमंत्री जी ने उनका क्या अबिगद लिया । मुख्यमत्री जी कोटा सम्भाग के अचानक दोरे पर आये थे ओर उन्होंने गांवों में खेती की ज़मीं पर निरंतर आने जाने के विवादों को बढ़ता हुआ देख कर इस मामले में कानून बनाने की बात कही हे उन्होंने व्र्द्धाव्स्था पेंशन शीघ्र निपटने ओर व्र्द्धों को शीघ्र न्याय देने पर भी जोर दिया हे । अकह्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा के वकीलों की जय हो

कोटा के वकीलों की जय हो क्योंकि उन्होंने काफी लम्बे वक्त से चल रहे आन्दोलन के बाद अपनी मनागों में से काफी मानगे जनहित में मंजूर करवा ली हें मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत ने कोटा के वकीलों से जो वायदे किये थे उनमे से कोटा के वकीलों को एडवोकेट कोलोनी देने पर सहमती जता दी हे जबकि कोटा सम्भाग में राजस्थान उपभोक्ता फ़ोरम की बेंच स्थापित कर इसे कोटा में २४ दिसम्बर से संचालित करने की घोषणा कर दी हे । कोटा में वकील हाडोती की जनता के साथ सुनाई मामले में अदालतों और ट्रिब्यूनल का विकेंद्रिक्र्ण कर कोटा में भी राज्य स्तरीय मामलों की सुनवाई की मांग करते रहे हें और इसी कर्म में कई वर्षों से आन्दोलन चल रहा हे आन्दोलन कभी नर्म तो कभी गर्म भी हुआ हे आश्वासन की लोलिपोपों से जनता ओर कोटा के वकील दुखी हो चले थे इसलियें वकीलों ने जनहित में चलाये जा रहे इस आन्दोलन को आर पार की लड़ाई का रूप दिया और सरकार ने जो वायदा एक साल पहले किया था उसे अब कहीं जाकर पूरा करने की पहल करते हुए कोटा में उपभोक्ता फ़ोरम के राजस स्तरीय सर्किट बेंच खोलने की घोषणा की गयी हे साथ ही कोटा के वकीलों को आवासीय कोलोनी के लियें भी पलट देने की घोषणा कर दी गयी हे अब हाईकोर्ट की मांग हे जिसके प्रयास चल रहे हें जबकि राजस्व मंडल की डबल बेंच के लियें मुख्यमंत्री जी से मिलवाने के लियें कोटा के विधि मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने ७ दिसम्बर का समय निश्चित किया हे अब देखते हें के इस मांग के लियें मुख्यमंत्री जी क्या कदम उठाते हें और एक वर्ष पूर्व स्वीक्रत इस मांग को अब तक पूरी क्यूँ नहीं की इसका वोह क्या जवाब देते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

ऑर्डर ऑर्डर मुझे दुल्हन नहीं दहेज़ चाहिए

जी हाँ दोस्तों एक जज साहब ऐसे भी हें जो अपनी निजी जिंदगी में ऑर्डर ऑर्डर करके मुझे दुल्हन नहीं धज चाहिए का नारा लगाते हें और दहेज़ की मांग पूरी नहीं होने पर लडकी पक्ष को डराते धमकाते हें इससे भी जब बस नहीं चलता तो माइकल की तरह दारु पीकर दंगा मचाते हें । देश में कानून के रक्षक बने यह जज साहब मध्यप्रदेश के शिदोल में अर्जुन नगर में मजिस्ट्रेट हें और इनका नाम इदर सिंह जी हे यह जनाब मोनिका नाम की एक लडकी से शादी करने गये थे लेकिन अचानक दहेज़ नहीं तो दुल्हन नहीं की सनक सवार हो गयी और इन जनाब ने वधु पक्ष का जीना दुश्वार कर दिया दुल्हन मोनिका का रो रो कर बुरा हाल था कई बार इन जनाब को समझाया ग्याआआ लेकिन पहले तो यह जनाब शराबा पीकर सिगरट के काश खेंचते हुए घोड़ी पर बेठ कर आये और फिर जब दहेज़ की मनमानी मांग रखी तो लडकी पक्ष के लोगों के होश उढ़ गये उन्होंने काफी मिन्नतें की लेकिन जनाब जज साहब हें ऑर्डर ऑर्डर करने लगे बस फिर इन जज साहब की हरकतें जब बर्दाश्त से बाहर हो गयीं तो दुल्हन और उसके रिश्तेदारों का आम आदमी जाग उठा इन लोगों ने जो हुआ इसकी सुचना थाने में दी अब जज साहब जो दूसरों के फेसले करते हें खुद ही दहेज़ के मुकदमें में फंस गये हें और इनकी शिकायत हाई कोर्ट रजिस्ट्रार से भी कर दी गयी हे एक आम इंसान क्या जागा के जज साहब की नोकरी के तो लेने देने ही पढ़ गये हें साथ ही अब उन्हें खुद को बचाने की मशक्कत करना पढ़ रही हे । तो जनाब आदमी किता ही बढा हो लेकिन पीड़ित पक्षकार के अंदर छुपा आम आदमी अगर जाग जाता हे तो बस फिर वोह सभी की वाट लगा अदालत हे इसलियें दोस्तों खुद अपने अंदर और पास पडोस के लोगों में आम आदमी को ज़िंदा रखने के प्रयास हम और आप करते रहें ताकि देश समाज से गंदगी धीरे धीरे दूर होते रहे और आदर्श समाज स्थापित हो सके। आखर खान अकेला कोटा राजस्थान

02 December 2010

चाँद ने सूरज को जगाया

देखो सोते हुए
चाँद को
कुछ
सूरज ने
इस तरह जगाया हे
चाँद की
अलसाई आँखों में
जगमग जग सारा हे
चमक कितनी हो चाँद की
लेकिन फिर भी
धब्बा सा जो इस पर लगा हे
वोह धब्बा आज सबसे प्यारा सबसे न्यारा हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

विश्व एड्स दिवस पर रोटरी ने बच्चों की पहचान दिखाई

कल विश्व एड्स दिवस था इसलियें सभी संस्थाओं ने सरकार या विदेश से मदद लेकर कुछ राशि खर्च करने का कार्यक्रम बनाये किसी ने एड्स से सावधानी के तोर तरीके बताये तो किसी ने एड्स से बचाव के लियें लोगों को जागरूक किया सरकार ने भी कुछ दिखावे के लियें कार्यक्रम किये ,लेकिन रोटरी क्लब के कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने सरकार के रिकोर्ड में जिन बच्चों के नाम आज तक दर्ज नहीं हे उनमे से ३५ बच्चों को एड्स रोगी के रूप में चिन्हित किया और इन सभी बच्चों के साथ फोटो खिचवाये इन बच्चों के नाम उजागर किये पहचान बताई और ताज्जुब इस पर हे के अधिकतम डॉक्टरों वाली इस संस्था ने एड्स से प्रभावित बच्चों को स्वाइन फ्ल्यू की दवा पिलाई इन संस्था वालों ने अपनी इस कारगुजारी के लियें कोटा के चिक्तिसा अविभाग से कोई स्वीक्रति नहीं ली इस मामले में जननायक के मुख्य संवाददाता और कोटा प्रेस क्लब के अध्यक्ष धीरज गुप्ता तेज को जब जानकारी मिली तो चिकित्सा अधिकारी ने तो साफ तोर पर कहा के स्वाइन फ्ल्यू की कोई भी दवा उनकी पूर्व स्वीक्रति के नहीं पिलाई जा सकती उन्होंने एड्स पीड़ित बच्चों के नाम पहचान फोटू भी कहीं उजागर नहीं किये जा सकते इस मामले में कानून बताया जब धीरज भाई ने रोटरी क्लब वाओं को इस मामले में कानून का आयना दिखाया तो इन संस्था वालों ने बड़ी बेशर्मी से कहा ठीक हे साहब बच्चों का फोटो मत छापना लेकिन ऐसी संस्थाएं जो देश और विदेश में अरबों खरबों वाली संस्थाएं हें उसके पदाधिकारियों की यह बचकानी हरकत धीरज भाई पत्रकार ने अपने अख़बार में प्रकाशित कर दी हे अब देखते हें प्रशासन और अधिकारी ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लियें किया कुछ करता हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

शिविरों की अचानक जाँच पड़ताल

राजस्थान में प्रशासन गाँव की तरफ हे और इस कार्यक्रम की अचानक जांच के लियें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की हे के वोह कभी भी कहीं भी अचानक जा सकते हे बस इसी लियें मुख्यमंत्री जी अचानक कोटा के ग्रामीण इलाके में आ गये और हाल चाल पूंछे और चल दियें , जनता ने कहा यह क्या तमाशा यह केसा आकस्मिक निरिक्षण एक मुख्यमंत्री अगर अचानक बिना किसी सुचना के गुप्त तरीके से पहुंचे और फिर निरिक्षण हो तो उसे प्रशासन गाँव की तरफ हे या नहीं इसकी सच्चाई का पता लगेगा लेकिन एक मुख्य मंत्री जी घोषणा तो आकस्मिक निरिक्षण की करें और फिर पहले जिला प्रशासन को सुचना दें फिर अख़बारों को सुचना दें याने एक एक व्यक्ति को इसकी सुचना हो और खुद मुख्यमंत्रीजी हेलिकोप्टर से पहुंचे तो भाई यह केसा आकस्मिक निरिक्षण सब कुछ तो ढिंढोरा पहले ही पित गया जो लोग गलत करते हें वोह पहले ही सुधर जाते हे और मुक्यमंत्री जी को क्रत्रिम प्रदर्शन कर गलत तस्वीर दिखाकर गुमराह करते हें ऐसे आकस्मिक निरिक्षण का क्या फायदा अगर एक भी निरिक्षण मुख्यमंत्री जी भेस बदल कर खुद को छद्म नाम से अचानक स्टिंग ओपरेशन की तरह अधिकारियों के सामने अचानक पहुंच कर पेश करें तो उन्हें उनके राज्य के प्रशासन की सही तस्वीर खुद बा खुद नजर आ जायेगी लेकिन ऐसे राजा इस लोकतंत्र में आज कहां हे भाई। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

01 December 2010

तेरे दर्द को सीने से लगाता हूँ

हर एक दर्द
जो तुने
मुझे दिया हे
वोह
रोज़ सीने से
में लगाता हूँ
यह वोह दोलत हे
जिसे में
जिंदगी भर
अपने साथ
जाने वाली
दोलत पाता हूँ ।
देख वोह सिसकियाँ
जो दी थीं तुने
तोहफे में मुझे
आज उन्हीं
सिसकियों को
ट्रोफियों की तरह
बाज़ार में सजा कर
जश्न में मनाता हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोटा में अब चिकित्सा पर जजिया कर

कोटा में कोंग्रेस हमेशा चिकित्सा के नाम पर सरकारी चोथ वसूली का विरोध करती रही हे और जब जब भी भाजपा शासन में चिकित्सा सेवा शुल्क लगाने का प्रयास किया गया हे तब तब कोंग्रेस ने बढ़ा आन्दोलन कर उसे रोकने का प्रयास किया हे , कोटा में कोंग्रेस शासन में अब चोर दरवाज़े से भर्ती होने वाले मरीजों से २० रूपये और आउट डोर दिखाने वाले मरीजों से ३ रूपये लेना शुरू कर दिए गये हें इधर जे के लोन अस्पताल में दस रूपये प्रति प्रसूता लेना शुरू किया हुआ हे । कोटा के अस्पतालों में इस तरह की चोथ वसूली से अब भाजपा आहत हुई हे और भाजपा ने इस मामले में आन्दोलन की चेतावनी दी हे उसका आरोप हे के जिस कोंग्रेस ने हमेशा इस वसूली का विरोध किया हो आज वही पार्टी की सरकार हे और अब मरीजों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा हे जो भाजपा को कतई बर्दाश्त नहीं हे कोटा में भाजपा शासन में जब यह शुल्क लगाया गया था तो कोंग्रेसी ने जबरन धरने प्रदर्शन कर इस वसूली को रुकवा दिया था और भाजपा को झुका दिया था अब कोटा में इस चोथ वसूली के मामले में भाजपा किस तरह का आन्दोलन कर लोगों को केसे राहत दिलाती हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

सुप्रीम कोर्ट की सरकारी सिस्टम को लताड़

देश में सभी कायदे कानून ताक में रख कर मन मानी करने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ पिलाते हुए कहा हे यह सरकार हे या बिजनेस हाउस २ जी घोटाले मामले में सरकार के पक्ष की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ तोर पर कहा हे के जब प्रधान मंत्री ने स्पेक्ट्रम २ जी मामले में स्वीकृत नहीं दी थी तो भी मनमाने तोर पर इस सिस्टम को चालू क्यूँ रखा गया , सुप्रीम कोर्ट ने आश्चार्य व्यक्त करते हुए कहा हे की अजीब बात हे सरकारी सिस्टम में किसी तरह का कोई कायदा कानून नहीं हें और काम काज में मनमानी की गयी हे अब सरकारी सिस्टम में प्रधानमन्त्री के इनकार के बाद भी कोई विभाग कार्यवाही कर रहा हो और प्रधानमन्त्री सहित सभी लोग खामोश बेठे हो कोई कार्यवाही नहीं करना चाहते हों तो यह तो सही हे के भ्रस्ताचार की बंदूक दुसरे के कंधे पर रख कर चलाई जा रही हे इसलियें चोर चोर मोसेरे भाई की तर्ज़ पर सभी लोग प्रधानमन्त्री से लेकर मंत्री संतरी तक इस भ्रस्तचार में शामिल हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

राजस्थान में सब कुछ जोधपुर

राजस्थान में मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर और जोधपुर वासियों की बल्ले बल्ले हे सारे राज्थाना का अधिकार छीन कर किसी भी तरह से जोधपुर ले जाने के सफलप्रयास किये जा रहे हें कोटा की सभी महत्वपूर्ण योजनाये कोटा में प्रस्तावित आई आई टी सहित विकास योजनायें जोधपुर में ले जाई जा चुकी हें । मुख्यं मंत्री जोधपुर के हें इसलियें कई महत्वपूर्ण पदों पर राजनितिक नियुकित्यों की जो शुरुआत हुई हे उसमे भी जोधपुर सबसे आगे हे , हाल ही में जयपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद दंड प्रक्रिया संहिता और अन्य प्रावधानों के तहत जोधपुर को भी मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित कर दिया गया हे , दंड प्रक्रिया संहिता की पालना में अगर मेट्रोपोलिटन सिटी की बाट करें तो कोटा सहित कई दुसरे शहर भी इस कसोटी पर नम्बर वन आते हें लेकिन कोटा राजनितिक तरीके से हमेशा उपेक्षित रही हे यहाँ धरने प्रदर्शन के बाद ही विकास योजनाओं की क्रियान्विति होती हे और यहाँ तक के यहाँ की योजनाओं को अगर जोधपुर ले जाया जाए तो राजनीतिचुप रहती हे कुल मिला कर गहलोत के काल में राजस्थान में जोधपुर नम्बर वन हे तो कोटा और कोटा के लोग सभी जिलों के मुकाबिल दुसरे दर्जे के नागरिक बन कर रह गये हें । कोटा के कोंग्रेस से जुड़े नेता कहने को तो बढ़ी बढ़ी चमचागिरी की बातें करते हें लेकिन कोटा से और कोटा के लोगों से उनका कोई लेना देना नहीं बचा हे बस क्या हुक्म हे मेरे आका की तर्ज़ पर कोटा को खोखला करने के प्रयासों में यह लोग जुट गये हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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