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16 अक्तूबर 2010

रावण वध की रस्म आज

देश भर की तरह कोटा में भी आज विजय दशमी के अवसर पर रावण दहन की रस्म अदायगी होगी , विजय दशमी के अवसर पर सभी ब्लोगर भाईयों को बधाई , बुराई पर जीत के इस त्यौहार पर खुदा से यही कामना हे के मेरे देश वासी सभी बुराइयों पर जीत हांसिल करें और नेकियों के रस्ते पर चलें , लेकिन यहाँ हालत कुछ ऐसे हें के एक रावण मरता हे सो रावण पैदा होते हें हम खुद ही देखलें हमारे नेता इस बात का सबूत हें हम चुनाव में लोकत्रं की प्रक्रिया से एक प्रत्याक्षी को हराते हें दुसरे को अच्छा समझ कर जिताते हें लेकिन यतो वोह सत्ता सुख में मतदाताओं की भावना के खिलाफ दूसरी पार्टी में जाकर मिल जाता हे सरकार म,एन बेठ जाता हे या फिर वोह भी रावण की तरह जनता को दुत्कारने फटकारने लगता हे और भ्रस्ताचार को बढ़ावा देता हे कम से कम इस रावण को मरने के लियें तो हम हर सल जीत का जश्न मनाते हें लेकिन इन राजनितिक रावणों को अर्ने के लियें हमें हर बार पंक साल इन्तिज़ार करना पढ़ता हे और इन सालों में यह रावण इतना मजबूत ह्जो जता हे के इसे हरा पाना हजारों राम के लियें भी मुश्किल कम हो जाता हे आज सत्य अहिंसा की बात एक मजाक हे जो जितना बढ़ा बेईमान हे वही बड़ा आदमी हे वरना इमानदार हे रामजी के रस्ते पर चलने वाला हे तो बेचारा,बेवकूफ,नासमझ के नामा से उसे जाना जाता हे कई लोग तो उसे नई नई गलियों से भी नवाज़ देते हे तो दोस्तों वक्त के साथ बदलों रावण को मरने के लियें अब राम नहीं रावण बनों और रावण को जीत कर फिर से राम जी क्रस्ते पर चल निकलो जो तकलीफ आपने सही हे वोह किसी और को मत सहने दो बस यही फार्मूला बुराई पर अच्छाई की जीत का हे ।
खेर आज कोटा में इस अवसर पर टिपता गढ़ पेलेस से रामजी की सवारी निकलेगी पहले पूजा होगी फिर सवारी निकल कर दशहरा स्थल पर रावण का वध होगा कोटा में ७२ फुट का आकर्षक रावण बनाया गया हे , पहले यहा रावण जलाया नहीं जाता था क्योंकि रावण को अग्नि नहीं दी गयी थी यहाँ रावण को पत्थर से बना कर ठस नहस क्या जाता था अब यह प्र्म्र बदल गयी हे और रावण जलाया जाने लगा हे देश भर में इस बुराई पर अच्छाई की जीत का सबक देशवासियों को सिखाने के लियें अरबों रूपये के रावण बना कर जलाए जाते हें लेकिन इन अरबों रुपयों के खर्च के बाद भी देश सुधर नहीं रहा हे कर्ण साफ़ हे हम बहर के रावण को तो मर देते हें लेकिन हमारे मन में जो रावण बता हे उसे हम पलते रहते हें उसे हम कभी नहीं मरते और बस इसीलियें रावण अजर अमर हो गया हे और हम रावण के इशारों पर रामजी के सभी सिद्धांतों को ताक में रख कर डिस्को डांस कर रहे हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपको एवं आपके परिवार, इष्ट मित्रो सहित समस्त सम्माननीय पाठकों को विजयोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं.
    यह भी पढ़ें: "रावन रहित हो हर ह्रदय" http://smhabib1408.blogspot.com/

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  2. Kya sach main rawan ka vadh hoga? is samaj main bahut se rawan hai, aur afsoos ki woh raam ki tarah pooje ja rahe hain.

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  3. पुतला फूँकत जग मुआ
    रावण मरा ना कोय
    जो फूँके निज अहंकार
    रावण क्यूँ पैदा होय।

    प्रमोद ताम्बट
    भोपाल
    www.vyangya.blog.co.in
    http://vyangyalok.blogspot.com
    व्यंग्य और व्यंग्यलोक
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