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02 अगस्त 2010

सुरत बदल गयी ....

कोटा फ्रेंड शिप हेल्प लाइन के साहित्यिक मित्र केशवपुरा कोटा निवासी मशुर साहित्यकार पुरुशात्तं यकीन की घजल पेश हे उनका मोबाइल नम्बर ०९४१४९३९५७४ हे। घजल पेश हे ।
जंजीर खुल के पावों की,गर्दन में डल गयी।
सचमुच ही कल से आज की, सुरत बदल गयी ।
सो की नहीं तो दोस्तों,दस की सही मगर।
आखिर कहीं तो देह में , हालत सम्भल गयी।
और क्या सबूत लीजिये, सच्चे स्वराज का
गांधी की शक्ल देश के सिक्कों में ढल गयी।
आधा तो क्या वोह देश को पूरा ही बेच दें
मुख्तार वोह हे फिर तेरी क्यूँ जान जल गयी।
होते हें कत्ल अब तो सरे-आम देश में
क्या कह दिया अरे रे जुबां फिर फिसल गयी ।
आज़ादियाँ नहीं हें तो फिर किया हे ये यकीन
हर सिम्त टूट मार की आंधी तो चल गयी ।
तो जनाब यह थे पुरुषोत्तम यकीन जो कोटा के मशहूर साहित्यकार हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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