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31 दिसंबर 2025

नगर निगम कोटा द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने एवं प्रतिबंधित चाईनीज मांझा जप्ती की कार्यवाही

 

नगर निगम कोटा द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने एवं प्रतिबंधित चाईनीज मांझा जप्ती की कार्यवाही
दिनांक 31.12.2025 ! नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि नगर निगम कोटा द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ लगातार की जा रही कार्यवाही के क्रम में बुधवार को प्रतिबंधित चाईनीज मांझा जप्ती व अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।
जिसके अन्तर्गत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तरूण कांत सोमानी के नेतृत्व में, श्रीमती सीता चोबदार सहायक अग्निशमन अधिकारी, जाप्ता प्रभारी श्री संजीव कुमार एवं नगर निगम कोटा अतिक्रमण जाप्ता सहित कुन्हाडी, खेडली फाटक एवं खण्ड गावडी क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिबंधित चाईनीज मांझे के रोल जप्त करते हुए जलाकर नष्ट किए गए एवं प्रभारी तोसिफ खांन मय अतिक्रमण टीम द्वारा रंगबाडी में स्थित बालाजी मार्केट में सडक किनारे हो रहे अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया।
साथ ही जाप्ता प्रभारी श्री संजीव कुमार एवं दस्ता प्रभारी नरेन्द्र शाक्यवाल मय अतिक्रमण टीम द्वारा विशाल मार्केट छावनी में अस्थाई अतिक्रमण की मुनादी की गई एवं अतिक्रमण टीम द्वारा कोटा विकास प्राधिकरण टीम सहित संयुक्त कार्यवाही करते हुए हॉली फैमीली हॉस्पिटल बोरखेडा के सामने निर्माणाधीन रोड पर एक तरफा रास्ते पर अतिकमीयों द्वारा किए जा रहे अवैध अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया एवं संबंधित क्षेत्र को अतिक्रमण से बाधित हो रहे यातायात को सुगम करवाया गया। नगर निगम कोटा द्वारा निगम क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को अतिक्रमण से मुक्त करवाने की कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगीं।

परिजनों के सहयोग से संपन्न हुए दो नेत्रदान

 

परिजनों के सहयोग से संपन्न हुए दो नेत्रदान

हाडोती संभाग में शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से मंगलवार को दो नेत्रदान संपन्न हुए । संस्था के ज्योति मित्र अमित जैन ने सूचना दी की उनकी भाभी प्रीति की माताजी निर्मला रंगावत का आकस्मिक निधन हुआ है,और उनके पति प्रफुल्ल,पुत्र अतुल ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है, जिसके उपरांत वल्लभभाई स्थित निवास स्थान पर निर्मला के नेत्रदान संपन्न हुए।

इसी नेत्रदान के ठीक उपरांत संस्था के ज्योति मित्र, एवं भारतीय विकास परिषद के सक्रिय सदस्य ललित कुमार टेलर ने कापरेन से सूचना दी की,उनके मित्र ताराचंद गर्ग की माताजी रामप्यारी बाई के आकस्मिक निधन के उपरांत उनकी समझाइश पर परिजनों ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है ।

सूचना आते ही कोटा से डॉ कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ से कापरेन रवाना हुए और परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया,इसके उपरांत मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के समय क्षेत्रवासियों के बीच में नेत्रदान और उससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे पर डॉ गौड़ ने विस्तार से जानकारीए दी।

उपस्थित जन समूह ने आश्वासन दिया है कि,जब भी कभी क्षेत्र में ऐसी कोई शोक की घटना होती है तो,प्रयास करेंगे कि,परिजन उनके नेत्रदान करवाने के लिए राजी हो ।

(यहाँ से) बहुत क़रीब के मुल्क में रोमी (नसारा एहले फ़ारस आतिश परस्तों से) हार गए

 

सूरए अर रूम
सूरए अर रूम मक्के में नाजि़ल हुआ और इसकी साठ (60) आयतें हैं
ख़ुदा के नाम से (शुरु करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला हैं
अलिफ़ लाम मीम (1)
(यहाँ से) बहुत क़रीब के मुल्क में रोमी (नसारा एहले फ़ारस आतिश परस्तों से) हार गए (2)
मगर ये लोग अनक़रीब ही अपने हार जाने के बाद चन्द सालों में फिर (एहले फ़ारस पर) ग़ालिब आ जाएँगे (3)
क्योंकि (इससे) पहले और बाद (ग़रज़ हर ज़माने में) हर अम्र का एख़्तेयार ख़ुदा ही को है और उस दिन ईमानदार लोग ख़ुदा की मदद से खुश हो जाएँगे (4)
वह जिसकी चाहता है मदद करता है और वह (सब पर) ग़ालिब रहम करने वाला है (5)
(ये) ख़़ुदा का वायदा है) ख़़ुदा अपने वायदे के खि़लाफ नहीं किया करता मगर अकसर लोग नहीं जानते हैं (6)
ये लोग बस दुनियावी जि़न्दगी की ज़ाहिरी हालत को जानते हैं और ये लोग आख़ेरत से बिल्कुल ग़ाफिल हैं (7)
क्या उन लोगों ने अपने दिल में (इतना भी) ग़ौर नहीं किया कि ख़ुदा ने सारे आसमान और ज़मीन को और जो चीजे़ उन दोनों के दरमेयान में हैं बस बिल्कुल ठीक और एक मुक़र्रर मियाद के वास्ते पैदा किया है और कुछ शक नहीं कि बहुतेरे लोग तो अपने परवरदिगार की (बारगाह) के हुज़ूर में (क़यामत) ही को किसी तरह नहीं मानते (8)
क्या ये लोग रुए ज़मीन पर चले फिरे नहीं कि देखते कि जो लोग इनसे पहले गुज़र गए उनका अन्जाम कैसा (बुरा) हुआ हांलाँकि जो लोग उनसे पहले क़ूवत में भी कहीं ज़्यादा थे और जिस क़दर ज़मीन उन लोगों ने आबाद की है उससे कहीं ज़्यादा (ज़मीन की) उन लोगों ने काष्त भी की थी और उसको आबाद भी किया था और उनके पास भी उनके पैग़म्बर वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आ चुके थे (मगर उन लोगों ने न माना) तो ख़ुदा ने उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया मगर वह लोग (कुफ़्र व सरकशी से) आप अपने ऊपर ज़ुल्म करते रहे (9)
फिर जिन लोगों ने बुराई की थी उनका अन्जाम बुरा ही हुआ क्योंकि उन लोगों ने ख़ुदा की आयतों को झुठलाया था और उनके साथ मसखरा पन किया किए (10)

28 दिसंबर 2025

*कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद ने मेहताब आलम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया*

 

*कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद ने मेहताब आलम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया*
राजस्थान के साहित्यिक एवं सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद ने मेहताब आलम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वर्ष 2026 से 2028 के कार्यकाल के लिए की गई है। मेहताब आलम जोधपुर जिले से संबंधित हैं और साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहे हैं।
कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद एक ऐसा सशक्त मंच है, जो नवांकुर रचनाकारों को परिवार, समाज और संस्कृति से जोड़ते हुए उनमें सामाजिक व साहित्यिक दायित्वों की भावना विकसित करता है। परिषद द्वारा की गई यह नियुक्ति राजस्थान प्रदेश में साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मेहताब आलम इससे पूर्व भी विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। वे समाज सेवा, सद्भावना, राष्ट्रीयता, सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक मूल्यों के सक्रिय संवाहक के रूप में जाने जाते हैं। अनेक साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने स्थानीय से लेकर राज्य स्तर तक राजस्थानी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। परिषद को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में साहित्य, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कार्यों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मेहताब आलम को उनके नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। परिषद का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता, सक्रियता और संस्कृति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता संगठन की गतिविधियों को प्रदेश में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेहताब आलम का वक्तव्य
नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मेहताब आलम ने कहा—
“राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया जाना मेरे लिए गौरव का विषय है। मैं इस दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करूंगा तथा साहित्य और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा।”

(ऐ रसूल) अगर तुम उनसे पूछो कि (भला) किसने सारे आसमान व ज़मीन को पैदा किया और चाँद और सूरज को काम में लगाया तो वह ज़रुर यही कहेंगे कि अल्लाह ने फिर वह कहाँ बहके चले जाते हैं

 (ऐ रसूल) अगर तुम उनसे पूछो कि (भला) किसने सारे आसमान व ज़मीन को पैदा किया और चाँद और सूरज को काम में लगाया तो वह ज़रुर यही कहेंगे कि अल्लाह ने फिर वह कहाँ बहके चले जाते हैं (61)
ख़ुदा ही अपने बन्दों में से जिसकी रोज़ी चाहता है कुशादा कर देता है और जिसके लिए चाहता है तंग कर देता है इसमें शक नहीं कि ख़़ुदा ही हर चीज़ से वाकि़फ़ है (62)
और (ऐ रसूल) अगर तुम उससे पूछो कि किसने आसमान से पानी बरसाया फिर उसके ज़रिये से ज़मीन को इसके मरने (परती होने) के बाद जि़न्दा (आबाद) किया तो वह ज़रुर यही कहेंगे कि अल्लाह ने (ऐ रसूल) तुम कह दो अल्हम दो लिल्लाह-मगर उनमे से बहुतेरे (इतना भी) नहीं समझते (63)
और ये दुनिया की जि़न्दगी तो खेल तमाशे के सिवा कुछ नहीं और मगर ये लोग समझें बूझें तो इसमे षक नहीं कि अबदी जि़न्दगी (की जगह) तो बस आख़ेरत का घर है (बाक़ी लग़ो) (64)
फिर जब ये लोग कश्ती में सवार होते हैं तो निहायत ख़ुलूस से उसकी इबादत करने वाले बन कर ख़़ुदा से दुआ करते हैं फिर जब उन्हें खुश्कीमें (पहुँचा कर) नजात देता है तो फौरन शिर्क करने लगते हैं (65)
ताकि जो (नेअमतें) हमने उन्हें अता की हैं उनका इन्कार कर बैठें और ताकि (दुनिया में) ख़ूब चैन कर लें तो अनक़रीब ही (इसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा (66)
क्या उन लोगों ने इस पर ग़ौर नहीं किया कि हमने हरम (मक्का) को अमन व इत्मेनान की जगह बनाया हालाँ कि उनके गिर्द व नवाह से लोग उचक ले जाते हैं तो क्या ये लोग झूठे माबूदों पर ईमान लाते हैं और ख़़ुदा की नेअमत की नाशुक्री करते हैं (67)
और जो शख़्स ख़़ुदा पर झूठ बोहतान बॅाधे या जब उसके पास कोई सच्ची बात आए तो झुठला दे इससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा क्या (इन) काफ़िरों का ठिकाना जहन्नुम में नहीं है (ज़रुर है) (68)
और जिन लोगों ने हमारी राह में जिहाद किया उन्हें हम ज़रुर अपनी राह की हिदायत करेंगे और इसमें शक नही कि ख़़ुदा नेकोकारों का साथी है (69)

सूरए अन अनक़बूत ख़त्म

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