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27 अप्रैल 2022

वर्तमान अराजक , महंगाई के माहौल में , शासन चलाने के लिए , लोग कहने लगे ,, कहो दिल से , कांग्रेस फिर से ,

 वर्तमान अराजक , महंगाई के माहौल में , शासन चलाने के लिए , लोग कहने लगे ,, कहो दिल से , कांग्रेस फिर से ,,,
प्रशांत किशोर , जिन्हे वोह खुद , पीके कहलवाना पसंद करते है , उनका खेल खत्म , पहली टेस्टिंग में ही वोह फेल हो गए , भला राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत का जो उन्होंने पी के के षड्यंत्र से कांग्रेस को आज़ाद करा दिया ,, कांग्रेस को ठेकेदारों की ज़रूरत नहीं , सिर्फ वफादारों की ज़रूरत है , और वफादारों की गिनती , उँगलियों पर गिनी जाने वाली हो तो भी वोह ,लाखों पर भारी होते है , कांग्रेस के पी के के षड्यंत्र से आज़ाद रहने पर, भाजपा और दूसरे दलों के साथ , कुछ कथित सोशल मीडिय एक्टिविस्टों के पेट में मरोड़ ज़रूर उठ रही है , लेकिन देश जानता है ,, पी के , कभी कांग्रेस के थे ही नहीं , उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ नरेंद्र मोदी जी का रथ संभाला , वोह उनके सारथि बने , उनसे पेट भरने के बाद , जब नरेंद्र मोदी जी उनके व्यापारिक चालें समझे तो फिर , पी के साहब , जनता दल , राष्ट्रिय जनता दल , आप पार्टी , टी एम सी , कांग्रेस सहित अलग अलग पार्टियों के साथ बिजिनेस करने के लिए निकले , करोड़ों के पैकेज पर योजनाओं के माध्यम से सरकार में वापसी के सपने दिखाए , लेकिन हर जगह इनका फार्मूला असफल रहा , कांग्रेस भी इनके झांसे में एक बार नुकसान उठा चुकी है, फिर से पी के बोस कांग्रेस पर गिद्ध की तरह दृष्टि लगाए बैठे थे , उन्होंने खुद को पहले कांग्रेस में शामिल होने के बारे में कहा , फिर कांग्रेस को मज़बूत करने के लिए फार्मूले बेचने की बात की , अब इन जनाब को पता नहीं , के कांग्रेस में एक अदद अशोका दी ग्रेट भी हैं , जो उड़ती चिड़िया के पंख गिनने में माहिर हैं , उन्होंने जयपुर से दिल्ली उतरते ही , पत्रकारों को कह दिया , के पी के प्रोफेशनल है ,उनकी प्रोफेशनल सेवायें भाजपा , सहित सभी पार्टियों ने ली हैं , कांग्रेस को भी वोह अपना प्रज़ेंटेशन देना चाहते है , देखेंगे उपयोगी होगा तो सोचेंगे , आप प्रेज़ेंटेशन देखिये , 85 पेज के प्रिजेंटेशन में , कितने ज़िले , कितनी ,विधानसभाएं  कितनी लोकसभाये , कितने वोटर , महिला ,,पुरुष कितने वोटर , पहले कितने वोट मिले, जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पहले से मौजूद है , वोह सारी जानकारी के साथ , सिर्फ दो नारे , और दो सुझाव , जो कांग्रेस पहले से ही क्रियान्वित कर रही है, वोह बता दिए, यह सारा प्रिज़नेटेशन , अगर एक अबोध बालक को भी,, प्रिजेंटेशन बनाने के लिए कहा जाए , तो वोह कम्प्यूटर , लेबटोप पर बैठ कर ,अधिकतम दो घंटे में , चुनाव आयोग की वेबसाइट , कांग्रेस की रीती नीतियों को , देखकर , तय्यार करें में सक्षम , है , इसीलिए प्रशांत किशोर से सीधी बात हुई , हमे प्रिजेंटेशन देकर , हमसे रूपये ठगो मत , हमारे साथ व्यापार मत करो , अगर कांग्रेस को मज़बूती  की बात कर रहे हो , तुम्हारा कांग्रेस से ईमानदाराना प्रेम है , तो चलो , आओ खुलकर कांग्रेस के कार्यकर्ता की तरह , , फिर किसी दूसरी पार्टी के लिए काम करना बंद कर दो , अशोक गहलोत के इन सुझावों को , जब कांग्रेस की राष्ट्रिय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने, पी के के सामने रखा , तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गयी, उनके तोते  उड़ गए,  करोड़ों करोड़ो रूपये ठगने के उनके मंसूबों पर पानी फिर गया , कांग्रेस के पास अपना फार्मूला है ,ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद , उनके दुःख दर्द में शामिल होना , जिला , ब्लॉक स्तर के कार्यालयों ,, सहित प्रदेश ,, राष्ट्रिय कार्यालयों पर सभी पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति , कार्यकर्ताओं के साथ प्रताड़ित आम आदमी की समस्याओं की सुनवाई , उनका समाधान के प्रयास भी शामिल है ,,आम जनता के दुख दर्द में शामिल होना , कार्यकर्ताओं को हौसला देना , एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर चलना , विधायकों , सांसदों , कुछ गिनती के लोगों की जेब से कांग्रेस को बाहर निकाल कर आज़ादी दिलाना ही , अब वरिष्ठ कोंग्रेसियों का मक़सद है , और कहो दिल से , कांग्रेस फिर से के नारे के साथ , कांग्रेस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मेज़बानी में , राजस्थान के आदिवासी इलाक़े के मुख्य केंद्र , उदयपुर में ,चिंतन शिविर लगाकर , इस पर मंथन कर , कार्ययोजना तय्यार करने के  प्रयासों में जुट गए है , प्रशांत किशोर को तो दो टूक कह दिया , व्यापारी बनकर आने पर आपकी कांग्रेस को कोई ज़रूरत नहीं ,, आना है तो ईमानदारी से कांग्रेस सिर्फ कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ता बनकर कांग्रेस में शामिल हो जाओ , नहीं तो यह कांग्रेस है , घणे ,आये , घणे चले गए , लेकिन आज भी कांग्रेस अपनी मज़बूती पर खडी है , अब वर्तमान में , महँगाइ, गरीबी , भुखमरी , किसानों की समस्याएं , आंतरिक कलह, क़ानून व्यवस्था , अराजकता का माहौल , पक्षपात पूर्ण राजधर्म , बेरोज़गारी की पराकाष्ठा , आर्थिक तंगी , महंगाई , पेट्रोल , डीज़ल , आवश्यक सामानों की कीमतें सातवें आसमान पर देखकर,  आम जनता समझ गयी है , और आम वोटर्स का सीधा नारा है , छोडो पी के को , हम सब हैं साथ साथ , कहो दिल से कांग्रेस फिर से ,, ,एडवोकेट अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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