आपका-अख्तर खान

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25 अक्तूबर 2021

जिन कामों की तुम्हें मनाही की जाती है अगर उनमें से तुम गुनाहे कबीरा से बचते रहे तो हम तुम्हारे (सग़ीरा) गुनाहों से भी दरगुज़र करेगें और तुमको बहुत अच्छी इज़्ज़त की जगह पहुँचा देंगे

 जिन कामों की तुम्हें मनाही की जाती है अगर उनमें से तुम गुनाहे कबीरा से बचते रहे तो हम तुम्हारे (सग़ीरा) गुनाहों से भी दरगुज़र करेगें और तुमको बहुत अच्छी इज़्ज़त की जगह पहुँचा देंगे (31)
और ख़ुदा ने जो तुममें से एक दूसरे पर तरजीह दी है उसकी हवस न करो (क्योंकि फ़ज़ीलत तो आमाल से है) मर्दो को अपने किए का हिस्सा है और औरतों को अपने किए का हिस्सा और ये और बात है कि तुम ख़ुदा से उसके फज़ल व करम की ख़्वाहिश करो ख़ुदा तो हर चीज़े से वाकि़फ़ है (32)
और माँ बाप (या) और क़राबतदार (ग़रज़) तो शख़्स जो तरका छोड़ जाए हमने हर एक का (वाली) वारिस मुक़र्रर कर दिया है और जिन लोगों से तुमने मुस्तहकम {पक्का} एहद किया है उनका मुक़र्रर हिस्सा भी तुम दे दो बेशक ख़ुदा तो हर चीज़ पर गवाह है (33)
मर्दो का औरतों पर क़ाबू है क्योंकि (एक तो) ख़ुदा ने बाज़ आदमियों (मर्द) को बाज़ आदमियों (औरत) पर फ़ज़ीलत दी है औेर (इसके अलावा) चूकी मर्दो ने औरतों पर अपना माल ख़र्च किया है बस नेक बख़्त बीवियाँ तो शौहरों की ताबेदारी करती हैं (और) उनके पीठ पीछे जिस तरह ख़ुदा ने हिफ़ाज़त की वह भी (हर चीज़ की) हिफ़ाज़त करती है और वह औरतें जिनके नाफरमान सरकश होने का तुम्हें अन्देशा हो तो पहले उन्हें समझाओ और (उसपर न माने तो) तुम उनके साथ सोना छोड़ दो और (इससे भी न माने तो) मारो मगर इतना कि खू़न न निकले और कोई अज़ो न (टूटे) बस अगर वह तुम्हारी मुतीइ हो जाए तो तुम भी उनके नुक़सान की राह न ढूढो ख़ुदा तो ज़रूर सबसे बरतर बुजु़र्ग है (34)
और ऐ हुक्काम (वक़्त) अगर तुम्हें मियाँ बीवी की पूरी नाइत्तेफ़ाक़ी का तरफै़न से अन्देशा हो तो एक सालिस (पन्च) मर्द के कुनबे में से एक और सालिस औरत के कुनबे में मुक़र्रर करो अगर ये दोनों सालिस दोनों में मेल करा देना चाहें तो ख़ुदा उन दोनों के दरमियान उसका अच्छा बन्दोबस्त कर देगा ख़ुदा तो बेशक वाकि़फ व ख़बरदार है (35)
और ख़ुदा ही की इबादत करो और किसी को उसका शरीक न बनाओ और माँ बाप और क़राबतदारों और यतीमों और मोहताजों और रिश्तेदारों पड़ोसियों और अजनबी पड़ोसियों और पहलू में बैठने वाले मुसाहिबों और पड़ोसियों और ज़र ख़रीद लौन्डी और गुलाम के साथ एहसान करो बेशक ख़ुदा अकड़ के चलने वालों और शेख़ीबाज़ों को दोस्त नहीं रखता (36)
ये वह लोग हैं जो ख़ुद तो बुख़्ल करते ही हैं और लोगों को भी बुख़्ल का हुक्म देते हैं और जो माल ख़ुदा ने अपने फ़ज़ल व (करम) से उन्हें दिया है उसे छिपाते हैं और हमने तो कुफ़राने नेअमत करने वालों के वास्ते सख़्त जि़ल्लत का अज़ाब तैयार कर रखा है (37)
और जो लोग महज़ लोगों को दिखाने के वास्ते अपने माल ख़र्च करते हैं और न खुदा ही पर ईमान रखते हैं और न रोजे़ आख़ेरत पर ख़ुदा भी उनके साथ नहीं क्योंकि उनका साथी तो शैतान है और जिसका साथी शैतान हो तो क्या ही बुरा साथी है (38)
अगर ये लोग ख़ुदा और रोज़े आखि़रत पर ईमान लाते और जो कुछ ख़ुदा ने उन्हें दिया है उसमें से राहे ख़ुदा में ख़र्च करते तो उन पर क्या आफ़त आ जाती और ख़ुदा तो उनसे ख़ूब वाकि़फ़ है (39)
ख़ुदा तो हरगिज़ ज़र्रा बराबर भी ज़ुल्म नहीं करता बल्कि अगर ज़र्रा बराबर भी किसी की कोई नेकी हो तो उसको दूना करता है और अपनी तरफ़ से बड़ा सवाब अता फ़रमाता है (40)

24 अक्तूबर 2021

हिंदियों में बू रहेगी जब तलक ईमान की

 

भाई पंकज श्रीवास्तव की वॉल से,
हिंदियों में बू रहेगी जब तलक ईमान की,
तख्ते लंदन तक चलेगी तेग हिंदुस्तान की!
क्या आप किसी ऐसे क्रांतिकारी को जानते हैं जिसके सामने उसके दो बेटों और एक पोते का सर थाल में सजा के अंग्रेजों ने पेश किया हो और उसने उफ़ भी न किया हो? उल्टा कहा हो कि उनके खानदान में 'औलादें अपने बाप के सामने यूँ ही सुर्खरू होकर आती रही हैं!'
अपने मुल्क में दो ग़ज़ ज़मीन भी न पा सकने वाले उन्हीं बहादुर शाह ज़फ़र का आज जन्मदिन है। 1857 में हुई आज़ादी की पहली लड़ाई में उन्हें ही भारत सम्राट घोषित करके रानी लक्ष्मीबाई से लेकर बेगम हज़रत महल तक ने कुर्बानियों की मिसाल पेश की थी। ज़फ़र ने ऐलान किया था कि फ़िरंगियों को भगाने के बाद वे बादशाह नहीं बनेंगे बल्कि भारत के तमाम नरेश एक 'काउंसिल' बना लें जो बग़ैर किसी भेदभाव के शासन करें। यह भारत का 'मैग्ना कार्टा' क्षण था। लोकतंत्र का बीज बो दिया गया था। 1857 की असफलता के बावजूद कंपनी राज का अंत एक बड़ी कामयाबी थी।
हिंदू-मुस्लिम एकता के ख़ूबसूरत ख़्याल पर नये हिंदुस्तान की बुनियाद का सपना देखने वाले आख़री मुग़ल को सौ-सौ सलाम!!

याचिका के निर्देश पर आवारा जानवरों का स्थान नियत करने के आदेश अधिकारियों को दुर्घटना और रोकने के लिए निर्देश

 

याचिका के निर्देश पर आवारा जानवरों का स्थान नियत करने के आदेश अधिकारियों को दुर्घटना और रोकने के लिए निर्देश अख्तर खान अकेला कोटा। कोटा मोटर यान दुर्घटना न्यायालय में एक वरिष्ठ वकील साहब के , कुत्ते ने काट कर उन्हें घायल कर दिया , इसके पूर्व भी , न्यायालय परिसर में वकीलों को कुत्तों , और बंदरों ने काट कर घायल किया है , वहीं दूसरी तरफ , न्यायालय 4 उत्तर कोटा ने , एक जनहित याचिका में , एडवोकेट राजा महोबिया के तर्कों से सहमत होते हुए , मुख्यकार्यकारी अधिकारी नगर निगम को , कोटा शहर से , सभी तरह के आवारा जानवरों को हटाने के निर्देश देते हुए , जिला कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक को इसमें सहयोग करने , और इस कार्य में लगे कर्मचारियों अधिकारीयों , द्वारा लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेकर कार्यवाही करने बाबत प्रस्तुत दावा डिक्री करते हुए , आदेश की पालना के सख्त आदेश दिए है ,
ह्यूमन रिलीफ सोसायटी के समाजसेवक सदस्य डॉक्टर सुधीर गुप्ता , नईमुद्दीन कुरैशी ने , अपने वकील आबिद हुसैन अब्बासी , राजा महोबिया के ज़रिये ,, सार्वजनिक लोकउत्पात मामले में , शहर की सड़कों पर , सरकारी परिसरों में , उत्पात मचाने , यातायात व्यवस्था मे बाधा पहुंचाने वाले , सभी तरह के आवारा जानवर , गांय , सांड , सूअर , कुत्ते , बंदर वगेरा को , नगर निगम कोटा के अधिकारीयों द्वारा पकड़कर व्यवस्थाएं बनाने के क़ानूनी प्रावधानों के बाद भी , ऐसा नहीं करने पर , उन्हें इस मामले में कर्तव्य पालन के सख्त निर्देश देने , और इस कार्य में , पुलिस अधीक्षक कोटा , जिला कलेक्टर कोटा द्वारा सहयोग करने , लापरवाह अधिकारीयों , कर्मचारियों को , दंडित करने की भी मांग को लेकर दावा पेश किया था , एडवोकेट राजा महोबिया ने बताया की , नगर पालिका क़ानून , पुलिस अधिनियम ,, केटल ट्रेस पास एक्ट , वन अधिनियम , भारतीय दंड संहिता , दण्ड प्रक्रिया संहिता सहित विभिन्न क़ानूनों में , शहर की सड़कों पर लावारिस , उत्पति जानवरों को पकड़ कर , सड़कों को , यातायात और आवाजाही के लिए साफ रखने की ज़िम्मेदारी प्रतिवादीगण , नगर निगम मुख्य कार्यकारी अधिकारी , जिला कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक की है लेकिन सड़को पर आवारा जानवरों का लगातार उत्पात रहने , सड़कों पर आवारा जानवरों का जमावड़ा होने , कुत्तों , सूअरों का आतंक होने ,बंदरों का घरों , सड़कों , अदालत परिसरों , सार्वजनिक स्थानों पर आतंक होने पर भी , प्रतिवादीगण गंभीर नहीं है ,नतीजन , सड़कों पर रोज़ लावारिस जानवरों की वजह से दुर्घटनाए हो रही है , जानवर आम लोगों को काट कर उनके जीनव के लिए खतरा पैदा कर रहे यही , राजा महोबिया ने बताया के याचिका में निवेदन किया गया था , के नगर निगम कोटा के पास इस मामले में , लावारिस जानवरों को , हटाने , उन्हें कायन हाउस में रखने , ऐसे लावारिस जानवरों के गैर ज़िम्मेदार मालिकों के खिलाफ कार्यवाही करने के सख्त क़ानून होने पर भी , वोह लोग ना तो सड़को से लावारिस जानवरों को हठा रहे है , ना ही , ऐसे लापरवाह अधिकारी कर्मचारी जो इस मामले में , मोटा वेतन लेकर भी , कर्तव्यविहीन हैं , उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक , दण्डात्मक कार्यवाही हो रही है,, याचिका में कहा गया था , के जिला कलेक्टर इस मामले में , सुपरवाइज़री ऑफिसर है , जबकि कायन हाउस सहित वन विभाग , व् अन्य विभागों के इंचार्ज भी है , जबकि [पुलिस अधीक्षक , लोक उत्पात , सार्वजनिक उत्पात , सड़कों पर अपने जानवरों को , लावारिस हालत में छोड़कर , लोगों के जीवन के लिए संकट पैदा करने , यातायात बाधित करने वाले , पशु मालिकों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर कार्यवाही के लिए अधिकृत है , जो वोह नहीं कर रहे है , , याचिका में , आवारा जानवरों द्वारा लोगों को दुर्घटनाग्रस्त करने , उन्हें सड़को पर उत्पात मचाकर , उठाकर गिरा देने , घायल कर देने , कुत्ते और बंदरों द्वारा आम आदमी को काटकर घायल कर देने का विवरण भी दिया था , एडवोकेट राजा महोबिया ने बताया के , इस मामले में , याचिका कर्ताओं की तरफ से , डॉक्टर सुधीर गुप्ता , एडवोकेट नईमुद्दीन कुरैशी को न्यायालय में सम्पूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य के साथ परीक्षित कराया गया , नगर निगम , ,जिला कलेक्टर ,, पुलिस अधीक्षक की तरफ से यातायात उप अधीक्षक ,, नगर निगम आयुक्त परीक्षित हुए , यातायात उप अधीक्षक ने भी जिरह के ेदोरान , सड़कों पर , अलग अलग पॉइंट के बारे में आवारा जानवरों के जमावड़े को स्वीकार किया , ,एडवोकेट राजा महोबिया के तर्कों के बाद , माननीय न्यायालय 4 उत्तर कोटा के न्यायधीश , माननीय श्री कौशल वर्मा ने , दावा डिक्री करते हुए , अपने आदेश में ,, प्रतिवादी क्रम 1 मुख्यकार्यकारी अधिकारी नगर निगम को आदेशित किए की वोह शहर की सड़कों से आवारा जनवांर गांय , बेल , कुत्ते , भेड़ , बकरियां , सूअर , बंदर , व् अन्य सभी तरह के जानवरों जिनसे न्यूसेंस हो , को पकड़कर उचित कायन हाउस की व्यवस्था कर , उसमे बंद करें और यह सुनिश्चित करने कि उक्त आवारा जानवरों से आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की बढ़ा उतपन्न ना हो , और ना ही किसी प्रकार की दुर्घटना कारित हो ,, राजा महोबिया एडवोकेट ने बताया कि न्यायलय ने , प्रतिवादी क्रम 2 व 3 जिला कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक को भी आदेशित किया है कि प्रतिवादी क्रम 1 इस संबंध में नियममानुसार कार्यवाही में ,सहयोग प्रदान करे , और किसी भी व्यक्ति द्वारा नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों का उलंग्घन करने पर , उनके विरुद्ध दाण्डिक कार्यवाही अमल में लाये ,,

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बस किराया नहीं, नवजात शिशु समेत प्रसूता को रास्ते से उतारा मानवता तार-तार दिनेश कुमार मेहरा बडौद।

बस किराया नहीं, नवजात शिशु समेत प्रसूता को रास्ते से उतारा मानवता तार-तार दिनेश कुमार मेहरा बडौद।
बडौद । किराया नही होने पर बस चालक ने नवजात शिशु समेत प्रसूता को बीच रास्ते उतारा।सूचना मिलते ही पीडित परिवार की मदद को आगे आई दिल की हेल्पलाईन संस्था।
वर्तमान समय महंगाई बढऩे के साथ ही लोगो के दिलो से इंसानियत भी कम होने लगी है। लेकिन अभी भी कई लोग इंसानियत की मिशाल पेश कर रहे है। ऐसा ही कुछ रविवार को कंवरपुरा गांव मे देखने को मिला। यहां शाम को जोरावरपुरा पीपल्दा निवासी एक परिवार को एक बस मालिक ने बीच रास्ते इसलिए उतार दिया क्योकि उसके पास किराया नही था। जिसके बाद पीडि़त परिवार अपने नवजात शिशु के साथ सडक़ पर ही पैदल भटकने लगे। जब इसकी सूचना दिल की हेल्पलाइन समाजसेवी संस्था के हेमराज गोचर को लगी तो वह मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिवार की पीड़ा सुनी। जहां पता चला कि जोरावरपुरा गांव निवासी पिस्ता बाई पत्नी गेवर की जे.के.लोन मे डिलेवरी हुई थी। जहां से प्रसूता को चिकित्सालय से छुट्टी मिली। परन्तु पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे परिजनो के बाद पैसे नही बचे। जैसे तैसे मदद की आश के साथ वह एक निजी बस मे गांव के लिए बैठ गए लेकिन किराया नही होने की बात जानते ही बस मालिक ने बीच रास्ते कंवरपुरा मे ही उन्हे उतार दिया। जहां नवजात शिशु व परिवार के साथ वह मदद की गुहार लगाने लगे। इस पर संस्था की ओर से हेमराज द्वारा पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता देते हुए अन्य वाहन में बिठाकर घर भिजवाया। इस मौके पर दिलीप सनाढ्य,राकेश सनाढ्य आदि मौजूद थे।

वृद्ध महिला से लूट का पर्दाफाश, इनामी आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन गिरफ्तार , 5000 का था इनाम

वृद्ध महिला से लूट का पर्दाफाश, इनामी आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन गिरफ्तार ,
5000 का था इनाम
कोटा।कोटा की जवाहर नगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तलवंडी में वृद्ध महिला से लूट का पर्दाफाश करते हुए ₹5000 के इनामी आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन को गिरफ्तार किया है।
डीएसपी अंकित जैन ने बताया कि 1 सितंबर को तलवंडी में बुजुर्ग महिला के साथ लूट की घटना हुई थी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाधिकारी रामकिशन के नेतृत्व में 2 विशेष टीमों का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
इसके साथ ही चोरी नकबजनी के पुराने चालान शुदा 40 से 45 पुराने अपराधियों से पूछताछ की गई जिसमें आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन की पहचान हुई। इसके बाद विशेष टीमों ने इसकी तलाश शुरू की और आज इसे झांसी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। जब इससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने कई घटनाएं कबूल की।
पुलिस ने उससे मिली जानकारी के आधार पर महिला से लूटे गए कानों के कुंडल के साथ ₹217000 नगद, एक हार, एक जोड़ी टॉप्स ,एक अंगूठी ,2 जोड़ी पायल और दो बाइक भी बरामद की है। डीएसपी जैन के अनुसार आरोपी शातिर बदमाश है और उसके खिलाफ राजस्थान के कई जिलों में 21 मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस से पूछताछ कर रही है
और शहर सहित राज्य के अन्य जिलों में हुई वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कई बड़ी वारदातों इससे पूछताछ के बाद खुलेगी। इसमें महावीर नगर थाना इलाके में कुछ दिन पहले हुई ₹400000 की चोरी की वारदात का भी खुलासा हुआ है। आरोपी के खिलाफ तालेड़ा, बूंदी, धौलपुर, देवली टोंक के साथ कोटा शहर के विभिन्न थाना इलाकों में मुकदमे दर्ज है
वृद्ध महिला से लूट का पर्दाफाश, इनामी आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन गिरफ्तार ,
5000 का था इनाम
कोटा।कोटा की जवाहर नगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तलवंडी में वृद्ध महिला से लूट का पर्दाफाश करते हुए ₹5000 के इनामी आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन को गिरफ्तार किया है।
डीएसपी अंकित जैन ने बताया कि 1 सितंबर को तलवंडी में बुजुर्ग महिला के साथ लूट की घटना हुई थी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाधिकारी रामकिशन के नेतृत्व में 2 विशेष टीमों का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
इसके साथ ही चोरी नकबजनी के पुराने चालान शुदा 40 से 45 पुराने अपराधियों से पूछताछ की गई जिसमें आरोपी दुर्गा लाल उर्फ अक्षय उर्फ अर्जुन की पहचान हुई। इसके बाद विशेष टीमों ने इसकी तलाश शुरू की और आज इसे झांसी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। जब इससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने कई घटनाएं कबूल की।
पुलिस ने उससे मिली जानकारी के आधार पर महिला से लूटे गए कानों के कुंडल के साथ ₹217000 नगद, एक हार, एक जोड़ी टॉप्स ,एक अंगूठी ,2 जोड़ी पायल और दो बाइक भी बरामद की है। डीएसपी जैन के अनुसार आरोपी शातिर बदमाश है और उसके खिलाफ राजस्थान के कई जिलों में 21 मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस से पूछताछ कर रही है
और शहर सहित राज्य के अन्य जिलों में हुई वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कई बड़ी वारदातों इससे पूछताछ के बाद खुलेगी। इसमें महावीर नगर थाना इलाके में कुछ दिन पहले हुई ₹400000 की चोरी की वारदात का भी खुलासा हुआ है। आरोपी के खिलाफ तालेड़ा, बूंदी, धौलपुर, देवली टोंक के साथ कोटा शहर के विभिन्न थाना इलाकों में मुकदमे दर्ज है

 

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