आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
08 अक्टूबर 2026
राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारियों का ज्ञापन
उन लोगों ने तो अपने ख़़ुदा को छोड़कर अपनी आलिमों को और अपने ज़ाहिदों को और मरियम के बेटे मसीह को अपना परवरदिगार बना डाला हालाकि उन्होनें सिवाए इसके और हुक्म ही नहीं दिया गया कि ख़़ुदाए यकता (सिर्फ़ ख़ुदा) की इबादत करें उसके सिवा (और कोई क़ाबिले परसतिश नहीं)
उन लोगों ने तो अपने ख़़ुदा को छोड़कर अपनी आलिमों को और अपने ज़ाहिदों को और मरियम के बेटे मसीह को अपना परवरदिगार बना डाला हालाकि उन्होनें सिवाए इसके और हुक्म ही नहीं दिया गया कि ख़़ुदाए यकता (सिर्फ़ ख़ुदा) की इबादत करें उसके सिवा (और कोई क़ाबिले परसतिश नहीं) (31)
जिस चीज़ को ये लोग उसका शरीक़ बनाते हैं वह उससे पाक व पाक़ीजा है ये लोग चाहते हैं कि अपने मुँह से (फूंक मारकर) ख़़ुदा के नूर को बुझा दें और ख़़ुदा इसके सिवा कुछ मानता ही नहीं कि अपने नूर को पूरा ही करके रहे (32)
अगरचे कुफ़्फ़ार बुरा माना करें वही तो (वह ख़़ुदा) है कि जिसने अपने रसूल (मोहम्मद) को हिदायत और सच्चे दीन के साथ ( मबऊस करके) भेजता कि उसको तमाम दीनो पर ग़ालिब करे अगरचे मुषरेकीन बुरा माना करे (33)
ऐ ईमानदारों इसमें उसमें शक नहीं कि (यहूद व नसारा के) बहुतेरे आलिम ज़ाहिद लेागों के मालेनाहक़ (नाहक़) चख जाते है और (लोगों को) ख़़ुदा की राह से रोकते हैं और जो लोग सोना और चाँदी जमा करते जाते हैं और उसको ख़़ुदा की राह में खर्च नहीं करते तो (ऐ रसूल) उन को दर्दनाक अज़ाब की ख़ुषखबरी सुना दो (34)
(जिस दिन वह (सोना चाँदी) जहन्नुम की आग में गर्म (और लाल) किया जाएगा फिर उससे उनकी पेषानियाँ और उनके पहलू और उनकी पीठें दाग़ी जाएगी (और उनसे कहा जाएगा) ये वह है जिसे तुमने अपने लिए (दुनिया में) जमा करके रखा था तो (अब) अपने जमा किए का मज़ा चखो (35)
इसमें तो शक ही नहीं कि ख़ुदा ने जिस दिन आसमान व ज़मीन को पैदा किया (उसी दिन से) ख़ुदा के नज़दीक ख़़ुदा की किताब (लौहे महफूज़) में महीनों की गिनती बारह महीने है उनमें से चार महीने (अदब व) हुरमत के हैं यही दीन सीधी राह है तो उन चार महीनों में तुम अपने ऊपर (कुष्त व ख़ून (मार काट) करके) ज़़ुल्म न करो और मुषरेकीन जिस तरह तुम से सबके बस मिलकर लड़ते हैं तुम भी उसी तरह सबके सब मिलकर उन से लड़ों और ये जान लो कि ख़़ुदा तो यक़ीनन परहेज़गारों के साथ है (36)
महीनों का आगे पीछे कर देना भी कुफ्ऱ ही की ज़्यादती है कि उनकी बदौलत कुफ़्फ़ार (और) बहक जाते हैं एक बरस तो उसी एक महीने को हलाल समझ लेते हैं और (दूसरे) साल उसी महीने को हराम कहते हैं ताकि ख़़ुदा ने जो (चार महीने) हराम किए हैं उनकी गिनती ही पूरी कर लें और ख़ुदा की हराम की हुयी चीज़ को हलाल कर लें उनकी बुरी (बुरी) कारस्तानिया उन्हें भली कर दिखाई गई हैं और खुदा काफिर लोगो को मंजि़ले मक़सूद तक नहीं पहुँचाया करता (37)
ऐ ईमानदारों तुम्हें क्या हो गया है कि जब तुमसे कहा जाता है कि ख़़ुदा की राह में (जिहाद के लिए) निकलो तो तुम लदधड़ (ढीले) हो कर ज़मीन की तरफ झुके पड़ते हो क्या तुम आखि़रत के बनिस्बत दुनिया की (चन्द रोज़ा) जिन्दगी को पसन्द करते थे तो (समझ लो कि) दुनिया की जि़न्दगी का साज़ो सामान (आखि़र के) ऐश व आराम के मुक़ाबले में बहुत ही थोड़ा है (38)
अगर (अब भी) तुम न निकलोगे तो ख़़ुदा तुम पर दर्दनाक अज़ाब नाजि़ल फरमाएगा और (ख़़ुदा कुछ मजबरू तो है नहीं) तुम्हारे बदले किसी दूसरी क़ौम को ले आएगा और तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते और ख़़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है (39)
अगर तुम उस रसूल की मदद न करोगे तो (कुछ परवाह् नहीं ख़़ुदा मददगार है) उसने तो अपने रसूल की उस वक़्त मदद की जब उसकी कुफ़्फ़ार (मक्का) ने (घर से) निकल बाहर किया उस वक़्त सिर्फ (दो आदमी थे) दूसरे रसूल थे जब वह दोनो ग़ार (सौर) में थे जब अपने साथी को (उसकी गिरिया व ज़ारी (रोने) पर) समझा रहे थे कि घबराओ नहीं ख़़ुदा यक़ीनन हमारे साथ है तो ख़़ुदा ने उन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (फरिश्तों के) ऐसे लष्कर से उनकी मदद की जिनको तुम लोगों ने देखा तक नहीं और ख़ुदा ने काफिरों की बात नीची कर दिखाई और ख़़ुदा ही का बोल बाला है और ख़़ुदा तो ग़ालिब हिकमत वाला है (40)
07 अक्टूबर 2026
नगर निगम कोटा वार्ड 92 कांग्रेस प्रत्याक्षी एडवोकेट पदम् गौतम ने ,, कोटा जिला न्यायधीश के समक्ष अपने वकील मनीष गुप्ता , हरीश शर्मा , अख्तर खान अकेला के ज़रिये चुनाव याचिका दायर कर ,,वार्ड में निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा का चुनाव रद्द करने की प्रार्थना की है ,
नगर निगम कोटा वार्ड 92 कांग्रेस प्रत्याक्षी एडवोकेट पदम् गौतम ने ,, कोटा जिला न्यायधीश के समक्ष अपने वकील मनीष गुप्ता , हरीश शर्मा , अख्तर खान अकेला के ज़रिये चुनाव याचिका दायर कर ,,वार्ड में निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा का चुनाव रद्द करने की प्रार्थना की है ,, उक्त मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 नियत की है ,,, पदम् गौतम ने नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 31 के तहत प्रस्तुत याचिका में ,, भाजपा के निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा ,, धनराज शर्मा , अनिल कुमार ,, भानु प्रताप सिंह , सुरेश कुमार वैष्णव , भरत कुमार शर्मा प्रत्याक्षियों सहित निर्वाचन अधिकारी रवि वर्मा ,, पुलिस अधीक्षक कोटा नगर , कोटा ग्रामीण को पक्षकार बनाते हुए , भाजपा प्रत्याक्षी मुकेश शर्मा के विरुद्ध स्वापक ओषधि अधिनियम का मुक़दमा दर्ज होने , चालान पेश होकर , चार्ज विरचित हो जाने के बाद भी , आपत्ति दर्ज कराने पर भी ,उनका नामांकन निरस्त होने योग्य होने पर भी , अस्वीकृत कर , बाद में दबाव में अ काटकर ओवर राइटिंग की और नामांकन स्वीकृत कर लिया , पदम् गौतम ने मनीष गुप्ता ,, हरीश शर्मा , अख्तर खान अकेला के ज़रिये प्रस्तुत , अपनी याचिका में नगर पालिका निर्वाचन विधि नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि प्रत्याक्षी के विरुद्ध पांच वर्ष से ज़्यादा सज़ा वाला मुक़दमा दर्ज होकर चार्ज लग जाने पर ऐसा व्यक्ति नगर पालिका पार्षद निर्वाचन के लिये निर्योग्य घोषित हो जाता है , भाजपा प्रत्याक्षी मुकेश शर्मा के विरुद्ध कोटा ग्रामीण केथून थाना क्षेत्र में 19 जनवरी 2021 को एफ आई आर नंबर 13 /2021 ऍन डी पी एस एक्ट के तहत 8/20 में दर्ज हुई , उनके विरुद्ध अनुसंधान होकर चालान पेश हुआ और 18 अप्रेल 2023 को मादक पदार्थ मामले में चार्ज भी विरचित हो गए , फिर भी गलत तरीके से प्रभाव का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड छुपाते हुए , कोटा नगर पुलिस से ,चरित्र प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया , जबकि निर्वाचन आवेदन भरते समय भी मुकेश शर्मा भाजपा प्रत्याक्षी के विरुद्ध उक्त मादक पदार्थ का मुक़दमा विचाराधीन था इसकी जानकारी होने पर भी प्रत्याक्षी मुकेश शर्मा ने छुपाई , इस मामले में आपत्ति करने पर निर्वाचन अधिकारी ने जानबूझकर कोई सुनवाई नहीं की , पहले तो , अपराध की सूचि ऑन लाइन दिखाने पर मुकेश शर्मा भाजपा प्रत्याक्षी के आवेदन पर अस्वीकृत लिख दिया , लेकिन बाद में अस्वीकृत का अ काटकर ओवर राइटिंग की और नामांकन स्वीकृत कर दिया , पदम् गोतम ने याचिका में कहा की यह नगर पालिका चुनाव विधि नियमों का उलंग्घन है , जानबूझकर अस्वीकृत आवेदन को स्वीकृत किया गया है , ऐसे में वार्ड 92 नगर निगम कोटा का चुनाव पूरी तरह से प्रभावित हुआ है ,, चुनाव में मेटेरियल एफेक्ट पढ़ा है , और चुनाव नतीजे उलट हुए है , पदम् गौतम ने चुनाव याचिका स्वीकार कर निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की प्रार्थना की है , उक्त मामले में आगामी पेशी 9 अक्टूबर 2026 नियत है ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
रेल कर्मचारियों की समस्याएं महाप्रबंधक के सामने गूंजीं
उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है
उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21)
और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है (22)
ऐ ईमानदारों अगर तुम्हारे माँ बाप और तुम्हारे (बहन) भाई ईमान के मुक़ाबले कुफ्ऱ को तरजीह देते हो तो तुम उनको (अपना) ख़ैर ख़्वाह (हमदर्द) न समझो और तुममें जो शख़्स उनसे उलफ़त रखेगा तो यही लोग ज़ालिम है (23)
(ऐ रसूल) तुम कह दो तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई बन्द और तुम्हारी बीबियाँ और तुम्हारे कुनबे वाले और वह माल जो तुमने कमा के रख छोड़ा हैं और वह तिजारत जिसके मन्द पड़ जाने का तुम्हें अन्देशा है और वह मकानात जिन्हें तुम पसन्द करते हो अगर तुम्हें ख़ुदा से और उसके रसूल से और उसकी राह में जिहाद करने से ज़्यादा अज़ीज़ है तो तुम ज़रा ठहरो यहाँ तक कि ख़ुदा अपना हुक्म (अज़ाब) मौजूद करे और ख़ुदा नाफरमान लोगों की हिदायत नहीं करता (24)
(मुसलमानों) ख़ुदा ने तुम्हारी बहुतेरे मक़ामात पर (ग़ैबी) इमदाद की और (ख़ासकर) जंग हुनैन के दिन जब तुम्हें अपनी क़सरत (तादाद) ने मग़रूर कर दिया था फिर वह क़सरत तुम्हें कुछ भी काम न आयी और (तुम ऐसे घबराए कि) ज़मीन बावजूद उस वसअत (फैलाव) के तुम पर तंग हो गई तुम पीठ कर भाग निकले (25)
तब ख़़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फरिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ़्फ़ार पर अज़ाब नाजि़ल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है (26)
उसके बाद ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (27)
ऐ ईमानदारों मुशरेकीन तो निरे नजिस हैं तो अब वह उस साल के बाद मस्जिदुल हराम (ख़ाना ए काबा) के पास फिर न फटकने पाएँ और अगर तुम (उनसे जुदा होने में) फक़रों फाक़ा से डरते हो तो अनकरीब ही ख़ुदा तुमको अगर चाहेगा तो अपने फज़ल (करम) से ग़नीकर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (28)
एहले किताब में से जो लोग न तो (दिल से) ख़ुदा ही पर इमान रखते हैं और न रोज़े आखि़रत पर और न ख़ुदा और उसके रसूल की हराम की हुयी चीज़ों को हराम समझते हैं और न सच्चे दीन ही को एख़्तियार करते हैं उन लोगों से लड़े जाओ यहाँ तक कि वह लोग ज़लील होकर (अपने) हाथ से जजि़या दे (29)
यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं (30)