आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
05 मार्च 2026
वर्चस्व की अंधी दौड़ और दम तोड़ती इंसानियत क्या हम विनाश के मुहाने पर हैं
बेशक वह हमारी तरफ रूजू करने वाले थे इत्तेफाक़न एक दफ़ा तीसरे पहर को ख़ासे के असील घोड़े उनके सामने पेश किए गए
बेशक वह हमारी तरफ रूजू करने वाले थे इत्तेफाक़न एक दफ़ा तीसरे पहर को ख़ासे के असील घोड़े उनके सामने पेश किए गए (31)
तो देखने में उलझे के नवाफिल में देर हो गयी जब याद आया तो बोले कि मैंने
अपने परवरदिगार की याद पर माल की उलफ़त को तरजीह दी यहाँ तक कि आफ़ताब
(मग़रिब के) पर्दे में छुप गया (32)
(तो बोले अच्छा) इन घोड़ों को मेरे पास वापस लाओ (जब आए) तो (देर के
कफ़्फ़ारा में) घोड़ों की टाँगों और गर्दनों पर हाथ फेर (काट) ने लगे (33)
और हमने सुलेमान का इम्तेहान लिया और उनके तख़्त पर एक बेजान धड़ लाकर गिरा दिया (34)
फिर (सुलेमान ने मेरी तरफ) रूझू की (और) कहा परवरदिगार मुझे बख़्श दे और
मुझे वह मुल्क अता फरमा जो मेरे बाद किसी के वास्ते शायाँह न हो इसमें तो
शक नहीं कि तू बड़ा बख़्शने वाला है (35)
तो हमने हवा को उनका ताबेए कर दिया कि जहाँ वह पहुँचना चाहते थे उनके हुक्म के मुताबिक़ धीमी चाल चलती थी (36)
और (इसी तरह) जितने शयातीन (देव) इमारत बनाने वाले और ग़ोता लगाने वाले थे (37)
सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को भी जो ज़ंज़ीरों में जकड़े हुए थे (38)
ऐ सुलेमान ये हमारी बेहिसाब अता है पस (उसे लोगों को देकर) एहसान करो या (सब) अपने ही पास रखो (39)
और इसमें शक नहीं कि सुलेमान की हमारी बारगाह में कु़र्ब व मज़ेलत और उमदा जगह है (40)
04 मार्च 2026
ईरान की यह तस्वीर मन को भीतर तक झकझोर देती है।
डॉ. नेहा प्रधान सामर्थ्य राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित
कोटा में आज होली खेलते बीएसटीसी स्टूडेंट की करंट लगने से मौत हो गई
कोटा में आज होली खेलते बीएसटीसी स्टूडेंट की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ होली खेलने गया था। उनका वीडियो बनाते हुए पास में ही लगे ट्रांसफार्मर से उसका हाथ टच हो गया और करंट लग गया। दोस्त हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन मौत हो गई। मामला कुन्हाड़ी थाना इलाके का है। स्टूडेंट धीरज मीणा (21) गोविंदपुर बावड़ी (बूंदी) का रहने वाला था। जयपुर में रहकर बीएसटीसी की पढ़ाई कर रहा था। चाचा इंद्रराज मीणा ने बताया कि भतीजा दो-तीन दिन पहले ही होली की छुट्टी पर जयपुर से घर लौटा था। आज सुबह साढ़े 9 बजे करीब अपने तीन-चार दोस्तों के साथ होली खेलने गांव गोविंदपुर बावड़ी से कोटा शहर के लैंडमार्क सिटी इलाके में गया था। ये हॉस्टल एरिया है और भतीजे के कई दोस्त यहां पर रहते है। स्टूडेंट्स ने व्यास रेजिडेंसी व आरके रेजिडेंसी के पास सड़क पर डीजे साउंड लगा रखा था। स्टूडेंट्स डांस कर रहे थे। भतीजा अपने दोस्तों का मोबाइल से वीडियो बना रहा था। उसी समय हॉस्टल के पास लगे ट्रांसफार्मर के केबल से उसका हाथ टच हो गया। करंट लगते ही वो जमीन पर गिर गया। उसके दोस्त धीरज को हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई।