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17 फ़रवरी 2026

कोटा महोत्सव कोटा के स्वतंत्रता सेनानी, विकास करने वाले सियासी लोग, पत्रकार, साहित्यकार, शिल्पकार जैसे लोगों के बगैर बेमानी है, दिखावा है, अख्तर खान अकेला ने कोटा ज़िला कलेक्टर को इस आयोजन को निष्पक्ष, गेर राजनीतिक बहुपक्षीय कोटा को कोटा बनाने वालों को सम्मान देने वाला बनाने के सुझावों के साथ विस्तृत पत्र लिखकर इसे ना कोंग्रेस का ना भाजपा का ना किसी व्यक्ति, धर्म मज़हब का बनाने की जगह सभी का हम कोटा वासियों के उत्सव बनाने की मांग की है,

 

कोटा महोत्सव कोटा के स्वतंत्रता सेनानी, विकास करने वाले सियासी लोग, पत्रकार, साहित्यकार, शिल्पकार जैसे लोगों के बगैर बेमानी है, दिखावा है, अख्तर खान अकेला ने कोटा ज़िला कलेक्टर को इस आयोजन को निष्पक्ष, गेर राजनीतिक बहुपक्षीय कोटा को कोटा बनाने वालों को सम्मान देने वाला बनाने के सुझावों के साथ विस्तृत पत्र लिखकर इसे ना कोंग्रेस का ना भाजपा का ना किसी व्यक्ति, धर्म मज़हब का बनाने की जगह सभी का हम कोटा वासियों के उत्सव बनाने की मांग की है,
प्रतिष्ठा में ,
श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय
कलेक्ट्रेट परिसर नयापुरा कोटा राजस्थान
विषय , आगामी 21 , 22 फरवरी को होने वाले कोटा महोत्स्व में गैर राजनितिक व्यवस्थाओं के तहत , कोटा के विकास सोंदर्यकरण से जुड़े विशिष्ठ व्यक्तियों कोटा को अंग्रेज़ों से आज़ाद करवाने की जंग में शहीद सिपाहियों खासकर कोटा को आज़ाद कराने वाले जंगजू सिपाही लाला जय दयाल , महराब खान सहित कोटा की राष्ट्रिय स्तर पर पहचान बनाने वाली शख्सियतों को सम्मान देने के क्रम में , ,
मान्यवर ,,
हर बार की तरह इस बार भी कोटा में आगामी 21 , 22 फरवरी को कोटा महोत्स्व होने जा रहा है , इस कोटा महोत्सव में कोटा को कोटा बनाने वाली अज़ीम हस्तियां , कोटा को अंग्रेज़ों से जंग लड़कर आज़ाद कराने वाले सिपाही ,,यहां के चित्रकार , कलाकार , कवि , शायर , कोटा को विकसित करने के प्रयास करने वाले पूर्व अधिकारी , पूर्व मंत्री , जो भी हैं , उन्हें या उनके मरणोपरांत उनके परिजनों को बुलाकर सम्मानित करने , सम्मान देने के क्रम में , आदरणीय कोटा का इतिहास है , यहां आज़ादी की लड़ाई 1857 के वक़्त जब अंग्रेज़ों के पोलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन की ज़ुल्म ज़्यादती बढ़ी , तब कोटा के दरबार के सलाहकार लाला जय दयाल , और जंगजू सिपाही महराब खान के नेतृत्व में , कोटा को अंग्रेज़ों से आज़ाद कराने के लिए ,, 1857 के आज़ादी के संघर्ष में आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई , और कोटा के इन जांबाज़ सिपाहियों के नेतृत्व में अंग्रेज़ और तात्कालिक कोटा दरबार समर्थक सेना परास्त हुई , रेसीडेंसी हाउस जो वर्तमान में ब्रिज राज भवन है , वहां अंग्रेज़ों के पोलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन का बंगला ,था , मेजर बर्टन को पराजीत किया उनकी हत्या हुई , और कोटा को आज़ाद कराकर , क़रीब छह माह कोटा में आज़ादी का जश्न रहा फिर इन लोगों के खिलाफ अंग्रेज़ों ने हमला किया , इन्हे गिरफ्तार किया और मुक़दमा चलाकर इन्हे कोटा में ही फांसी की सज़ा दी गई , लाला जय दयाल , और महराब खान इस जंग के हीरो थे , उनके परिजनों को तलाश कर उनका सम्मान ज़रूरी है , उनके स्मारक स्थल बनाना उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि है , महराब खान का मज़ार तो कोटा एम बी एस अस्पताल , सिविल लाइंस शंकर मेडिकल की गली में आज भी मौजूद है , ,
आदरणीय कोटा की दूसरी आज़ादी की लड़ाई ऐतिहासिक पीपली रामपुरा से शुरू हुई , जहां बाद में रामपुरा कोतवाली पर क़ब्ज़ा किया , उक्त जंग में कोटा के कई लोग शामिल थे , मास्टर श्याम नारायण सक्सेना सहित कई लोगों ने कोटा कोतवाली पर आज़ादी का झंडा फहराया उनके परिजनों को भी सम्मानित करना कोटा महोत्सव कार्य्रकम में होना चाहिए , जबकि कोटा को कोटा बनाने के सफलतम प्रयासों में स्वर्गीय महाराव भीम सिंह जी के अथक प्रयास रहे हैं ,, पूर्व मंत्री स्वर्गीय पुरुषोत्तम दास जी मंत्री , पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामकिशन वर्मा , पूर्व मंत्री स्वर्गीय ललित किशोर चतुर्वेदी ,, पूर्व मंत्री भुवनेश चतुर्वेदी का कोटा में चंबल गार्डन विकसित करने , थर्मल कोटा में लाने , कोटा यूनिविर्सिटी , ओपन यूनिवर्सिटी , इंजीनियरिंग कॉलेज , बढ़ी बढ़ी सड़कें , मेडिकल कॉलेज , स्वर्गीय रिखम चंद धारीवाल द्वारा उद्योगों की स्थापना ,पूर्व न्यास चेयरमेन स्वर्गीय बजरंग सिंह सिंदेल ,, पूर्व न्यास अध्यक्ष स्वर्गीय हरिकुमार औदीच्य , , हरिकृष्ण जोशी , पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एडवोकेट स्वर्गीय मोहम्मद हुसैन ,, स्वर्गीय दाऊ दयाल जोशी ,, पूर्व नगर न्यास अध्यक्ष रविंद्र त्यागी ,, पूर्व महापौर सुमन श्रंगी , कोटा कोचिंग गुरु वी के बंसल , एलेन कोचिंग के माहेश्वरी बंधु , पंकज मेहता,, खासकर कोटा को एक नई पहचान , एक नई उड़ान देने वाले स्वीकृत रूप से सोंदर्यकरण , विकास योजनाओं के जनक , कोटा उत्तर विधायक शांति कुमार धारीवाल ,, कोटा लोकसभा अध्यक्ष ओम जी बिरला , कोटा की आपात स्थिति में गिरफ्तार शुदा लोग जो वर्तमान में लोकतंत्र सेनानी है , स्वर्गीय लोकतंत्र सेनानी रहे हैं , उन्हें खोजकर , उनके परिजनों को इस कोटा महोत्सव में सम्मानित करना , कोटा के लिए उनके योगदान को याद करना इस कोटा महोत्सव की सार्थकता को चार चाँद लगाने के लिए काफी है ,
आदरणीय कोटा को एक नई पहचान देने की दिशा में पर्यटक लेखक स्वर्गीय प्रेम जी प्रेम ,, डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल ,, स्वर्गीय नरेश विजय वर्गीय , पत्रकारिता के ज़रिये समाजसेवा करने वाले जननायक के संस्थापक , स्वर्गीय भंवर शर्मा अटल , कोटा के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश दूबे , फोटोग्राफी के ज़रिये कोटा की खूबसूरती के प्रचारक प्रेस फोटोग्राफर सुधींद्र गोड़ , ओमेंद्र सक्सेना , ऐ एच ज़ैदी ,, प्रसिद्ध राष्ट्रिय कवि गीतकार जगदीश जी सोलंकी , विख्यात लॉफ्टर शो विजेता , सुरेश अलबेला , , विख्यात शायर कुंवर जावेद , कवि अतुल कनक मथुराधीश जी मंदिर के महाराज ,,कोटा के पूर्व शहर क़ाज़ी स्वर्गीय अनवार अहमद , पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना असारुल हक़ आनन्द लक्ष्मण खांडेकर, नरेश विजय वर्गीय,, सहित कई ऐसी अज़ीम हस्तियां है जिन्होंने , कोटा को आज जो कुछ भी दिख रहा है , ऐसा खूबसूरत कोटा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है , ऐसे में कोटा महोत्सव उनकी मौजूदगी , या इनके स्वर्गवास के बाद इनके परिजनों की मौजूदगी , कोटा के प्रति इनके समर्पण , इनकी कोशिशों की जानकारी अगर प्रशासनिक स्तर पर कोटा वासियों को देकर एक दस्तावेज तय्यार नहीं हुआ तो सब बेकार सा ही लगेगा ,, और भी बहुत लोग है , जिनकी सूचि जिला प्रशासन के पास है , ऐसे में पूर्व में जो कोटा के पर्यटन को बढ़ावा देने वाली व्यापारियों के साथ मिलकर जो कार्यक्रम हुआ था जिसमे कोटा को पर्यटन , सोंदर्यकरण की पहचान देने वाले पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल को जिस तरह से उपेक्षित किया था , उससे लगा के को के प्रशासन पर एक तरफा दबाव होने से ऐसा हुआ था , लेकिन यह सब सरकारी स्तर पर है , सरकार किसी पार्टी , किसी विचारधारा की नहीं होती है , वोह तो सभी की होती है , निष्पक्ष होती है , और जिला कलेक्टर सरकार की इस निष्पक्ष आत्मा को जीवित रखते है , जिसके लिए आप अनर्गल दबावों के बाद भी करने के लिए प्रयासरत नज़र आते है ,
अतः श्रीमान की सेवा में ज्ञापन पेश कर निवेदन है कि आगामी आगामी 21 , 22 फरवरी को होने वाले कोटा महोत्स्व को , किसी विशेष पार्टी का कार्य्रकम ना बनने दे , इसे कोटा के लिए कोटा के निवासियों के लिए , कोटा के लिए मर मिटने वालों के लिए , कोटा के लिए कुछ बेहतर करने वालों के लिए , कोटा को राष्ट्रिय पहचान देने वालों के लिए , भी निष्पक्ष रूप से समर्पित रखकर , कोटा महोत्सव को निष्पक्ष बनाकर इसमें चार चाँद लगाने के सफलतम प्रयास कर हम कोटा के निष्पक्ष निवासियों को अनुग्रहित करें , ,,
भवदीय
एडवोकेट अख्तर खान अकेला
महासचिव
ह्यूमन रिलीफ सोसायटी
रशीदा मंज़िल ,2 थ 15 मैन रोड विज्ञाननगर कोटा राजस्थान 324005
मोबाइल 9829086339

कैट वूमेन विंग कोटा ने मनाया सफलता, और सशक्तिकरण का उत्सव एकता और उत्साह के संग गूंजा “विक्ट्री वाइब्स बैश” एक साल बेमिसाल

 

कैट वूमेन विंग कोटा ने मनाया सफलता, और सशक्तिकरण का उत्सव
एकता और उत्साह के संग गूंजा “विक्ट्री वाइब्स बैश” एक साल बेमिसाल
के डी अब्बासी
कोटा, फरवरी।
कैट वूमेन विंग कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय एवं सचिव भाविका प्रीत रमानी के नेतृत्व में द व्हाइट रूट्स होटल में “विक्ट्री वाइब्स बैश” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैट की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संगठन की उपलब्धियों का सामूहिक उत्सव मनाया।
“Together We Rise, Together We Win” थीम पर आधारित इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब महिलाएँ एकजुट होकर आगे बढ़ती हैं, तो सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है। कार्यक्रम में हालिया उपलब्धियों का सम्मान किया गया तथा संगठन की भविष्य की योजनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
समारोह में मनोरंजक खेल, संगीत, नृत्य एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की विशेष व्यवस्था रही। पूरे वातावरण में ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्सव का उल्लास झलकता रहा।
अध्यक्ष नीलम विजय ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संगठन की सामूहिक शक्ति और समर्पण का प्रतीक है ।
“जब महिलाएँ एक साथ कदम बढ़ाती हैं, तो सफलता केवल लक्ष्य नहीं रहती, बल्कि एक नई पहचान बन जाती है। हमारा उद्देश्य केवल उपलब्धियाँ हासिल करना नहीं, बल्कि हर महिला को आत्मविश्वास और नेतृत्व की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है। साथ मिलकर हम हर सपने को साकार कर सकते हैं।”। वहीं सचिव भाविका प्रीत रमानी ने सभी सदस्यों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कैट वूमेन विंग निरंतर महिलाओं को नेतृत्व और प्रगति के नए अवसर प्रदान करता रहेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रमुख सदस्य
ऋचा गुप्ता ,रक्षा नरुका ,नेहा प्रकाश, रेनू अग्रवाल, मेघना शर्मा, कृतिका विजयवर्गीय, नूपुर गुप्ता, मधु विजय, चित्रांगी अग्रवाल, मिलन सुवालका , सुहानी कुंभारे, नूतन सोनी, सुनीता विजयवर्गीय, संगीता अग्रवाल, अनीता शर्मा, अनीशा सुखवानी, प्रिया सिंह, रीना विजय, श्वेता खंडेलवाल, डॉ. अपर्णा शर्मा, पूनम सोडानी, इंदु त्रिलोकवानी, दिव्या मल्गानी, तारा लालवानी, साक्षी शर्मा, लक्ष्मी, आकांक्षा गुप्ता, नेहा जैन, आशा पारेता, नंदिनी श्रंगी, सिया आडवाणी, पूजा भारद्वाज, डॉ. ममता शर्मा, रुबिना क़ाज़ी, पूर्विका अग्रवाल, भावना गुलाटी, गरिमा जैन, नेहा अरोड़ा, प्रेरणा जैन, पूजा सोलंकी, सुनीता जैन, प्रियंका विजय, पल्लवी अग्रवाल एवं दिव्या अग्रवाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन “साथ मिलकर आगे बढ़ने” के संकल्प के साथ हुआ, जिसने सभी महिलाओं को नई प्रेरणा और आत्मविश्वास से भर दिया।

आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी खेल कूद प्रकोष्ठ के तत्वावधान में, प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान जी के नेतृत्व में खिलाड़ियों, युवाओं और मजदूरों के अधिकारों को लेकर हजारो की तादाद में राजस्थान विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया गया।

 

आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी खेल कूद प्रकोष्ठ के तत्वावधान में, प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान जी के नेतृत्व में खिलाड़ियों, युवाओं और मजदूरों के अधिकारों को लेकर हजारो की तादाद में राजस्थान विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया गया।
इस विधानसभा घेराव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी, विधायक श्री अमीन कागज़ी जी, नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली जी, विधायक श्री हाकम खानजी, विधायक प्रत्याशी श्रीमती अर्चना शर्मा जी, वरिष्ठ नेता श्री आर.आर. तिवारी जी सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली।
प्रदेशभर से हजारो की तादाद आए खिलाड़ियों, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लेकर सरकार की खेल विरोधी नीतियों, खिलाड़ियों को टीए/डीए एवं प्रोत्साहन राशि नहीं देने, युवाओं में बढ़ते नशे और मनरेगा में की गई कटौती के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
जनसमर्थन और बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का प्रयोग भी किया गया, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं का हौसला कमजोर नहीं हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान जी ने कहा कि यह लड़ाई खिलाड़ियों के सम्मान, युवाओं के भविष्य और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई है, और जब तक सरकार खिलाड़ियों को उनका हक, युवाओं को सुरक्षित भविष्य और मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार नहीं देती, तब तक यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
यह हजारो की तादाद में विधानसभा घेराव इस बात का प्रतीक है कि प्रदेश का खिलाड़ी, युवा और मजदूर अब अन्याय के खिलाफ एकजुट हो चुका है। और इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेकने के लिए तैयार है |
खिलाड़ी एकता – जिंदाबाद!
युवा शक्ति – जिंदाबाद!
कांग्रेस पार्टी – जिंदाबाद!

झालरापाटन में दो दिन में दूसरा नेत्रदान संपन्न

 झालरापाटन में दो दिन में दूसरा नेत्रदान संपन्न
2. सेवानिवृत्त सुपरवाइजर का बेटे बहु ने संपन्न कराया नेत्रदान

झालरापाटन - जिला मलेरिया विभाग में सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त कार्यरत, मास्टर कॉलोनी, झालरापाटन निवासी रामचंद्र भील के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके बेटे कपिल,प्रहलाद और राजू लाल ने अपनी माताजी भूली भाई से सहमति लेने के उपरांत शाइन इंडिया संस्था के ज्योति मित्र और मंजूश्री स्नेह संस्थान के अजय गोयल(मोमिया) को संपर्क किया ।

अजय गोयल की सूचना पर कोटा से डॉ कुलवंत गौड़ अपनी टीम के साथ रात 10:00 बजे, झालरापाटन पहुंचे और परिवार के सदस्यों के बीच में प्रक्रिया संपन्न की ।

कपिल काफी समय से मंजुश्री स्नेह और शाइन इंडिया संस्था के साथ जुड़कर, नेत्रदान अंगदान और देहदान के लिए कार्य कर रहे हैं । कपिल पत्रकार है  और उनकी पत्नी संतोष कुमारी भील भी जो चिकित्सा सेवा में एएनएम के पद पर कार्यरत है,उन्होंने भी कपिल के साथ अपना नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा हुआ है ।

ज्योति मित्र अजय गोयल ने बताया कि, संस्थाओं के सम्मिलित प्रयासों से अभी तक झालरापाटन में 16 दिवंगतों के नेत्रदान हो चुके है । नेत्रदान के पुनीत कार्य में पूर्व पार्षद निर्मल दुआ,पत्रकार सुरेश मोमिया व विजय लोधा का भी सहयोग रहा।

35 वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर नेत्रदान संकल्प

 35 वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर नेत्रदान संकल्प

शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान जागरुकता अभियान से प्रेरित होकर रंगबाड़ी विस्तार योजना निवासी कैलाश जैन (एडिशनल वाइस प्रेसिडेंट-डीसीएम) ने अपनी धर्मपत्नी रेखा जैन के साथ विवाह की 35वीं वर्षगांठ पर नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा ।

थोड़े समय पहले कैलाश ने,अपने विभाग के लीलाधर माहेश्वरी की माताजी स्व० दया बाई लड्डा के नेत्रदान के उपरांत,पूरी प्रक्रिया को जाना समझा था । उसके बाद आज अपनी वर्षगांठ पर, शाइन इंडिया के डॉ कुलवंत गौड़ को घर बुलाकर, सारी जानकारी लेने के उपरांत नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा ।

संकल्प पत्र भरने के बाद संस्था की ओर से डॉ गौड़ ने कैलाश और रेखा को संस्था की ओर से प्रशस्ति पत्र भेंट किये।

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