पीएम श्री विद्यालय कैथून में अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
कैथून।
पीएम श्री विद्यालय, कैथून में सामाजिक संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के
तत्वावधान में बुधवार को अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अंगदान के महत्व,
आवश्यकता तथा इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम
की अध्यक्षता विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनोज वर्मा ने की। मुख्य
वक्ता के रूप में शाइन इंडिया फाउंडेशन की संस्थापक सचिव डॉ. संगीता गौड़
एवं संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कुलवंत गौड़ उपस्थित रहे।
डॉ. कुलवंत गौड़
ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में अंगदान मानवता की सबसे बड़ी
आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक
लोगों की मृत्यु केवल अंगों की उपलब्धता नहीं होने के कारण हो जाती है। यदि
अधिक से अधिक लोग अंगदान का संकल्प लें तो हजारों-लाखों मरीजों को नया
जीवन मिल सकता है।
उन्होंने राजस्थान में अंगदान की वर्तमान स्थिति,
अंगदान की कानूनी प्रक्रिया, ब्रेन डेथ की अवधारणा तथा अंगदान से जुड़ी
विभिन्न भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के साथ निराकरण किया। उन्होंने कहा
कि अंगदान केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कई लोगों के जीवन में नई
आशा का संचार कर सकता है। समाज में जागरूकता बढ़ाना ही इस दिशा में सबसे
बड़ा कदम है।
डॉ. संगीता गौड़ ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि
वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार और समाज में भी अंगदान, नेत्रदान एवं
देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
उन्होंने कहा कि सही जानकारी ही भ्रांतियों को समाप्त कर सकती है और अधिक
से अधिक लोगों को जीवनदान दिला सकती है।
विद्यालय के कार्यवाहक
प्रधानाचार्य मनोज वर्मा ने शाइन इंडिया फाउंडेशन की इस जनहितकारी पहल की
सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में
सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं का विकास करती हैं।
इस
कार्यशाला के सफल आयोजन में शिविर संयोजक एवं समाजसेवी सुनील जैन (कैथून)
का विशेष योगदान रहा। उनके प्रयासों से इस महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम
का आयोजन संभव हो सका। संस्था ने उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
16 जुलाई 2026
पीएम श्री विद्यालय कैथून में अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
नेत्रदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. कुलवंत गौड़ जयपुर में सम्मानित
नेत्रदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. कुलवंत गौड़ जयपुर में सम्मानित
कोटा,
15 जुलाई। नेत्रदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और उल्लेखनीय
प्रदर्शन के लिए डॉ. कुलवंत गौड़ को आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान द्वारा
एक्सीलेंट फील्ड टेक्नीशियन सम्मान से सम्मानित किया गया है।
संस्था
द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार डॉ. कुलवंत गौड़ को मई 2026 माह में
नेत्रदान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए यह सम्मान प्रदान
किया गया। यह प्रमाण-पत्र आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष बी.एल.
शर्मा (IAS सेवानिवृत्त) द्वारा दिया गया ।
डॉ. कुलवंत गौड़ 15
वर्षों से नेत्रदान जागरूकता, दृष्टिहीनों के अधिकार के लिए एवं कॉर्निया
अंधता के निवारण के अभियान से जुड़े हुए हैं तथा समाज में नेत्रदान के
प्रति लोगों को प्रेरित करने,दूर दराज से नेत्रदान के लिये बुलाने पर,समय
पर नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने और मानव सेवा के
कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी निष्ठा, सेवा भावना और
कार्यकुशलता के कारण अनेक जरूरतमंदों को नई रोशनी मिलने का अवसर प्राप्त
हुआ है।
इस अवसर पर डॉ. कुलवंत गौड़ ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका
व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी सहयोगियों, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों
और नेत्रदान करने वाले परिवारों का सम्मान है, जिनके सहयोग से यह सेवा
कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने समाज से अधिक से अधिक लोगों को
नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि "मृत्यु के बाद भी किसी
की दुनिया रोशन की जा सकती है। नेत्रदान सबसे बड़ा महादान है।"
डॉ.
गौड़ की यह उपलब्धि नेत्रदान के क्षेत्र में कार्यरत सभी सामाजिक
कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा समाज सेवा के प्रति
समर्पण और उत्कृष्ट कार्य का एक श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करती है।
अलिफ़ लाम मीम अल्लाह ही वह (ख़ुदा) है जिसके सिवा कोई क़ाबिले परस्तिश नहीं है
सूरए आले इमरान मदीना में नाजि़ल हुआ और इसमे दो सौ (200) आयते और बीस रूकुअ है
(मैं) उस ख़ुदा के नाम से शुरू करता हूँ जो बड़ा मेहरबान रहम वाला है।
अलिफ़ लाम मीम अल्लाह ही वह (ख़ुदा) है जिसके सिवा कोई क़ाबिले परस्तिश नहीं है (1)
वही जि़न्दा (और) सारे जहान का सॅभालने वाला है (2)
(ऐ रसूल) उसी ने तुम पर बरहक़ किताब नाजि़ल की जो (आसमानी किताबें पहले
से) उसके सामने मौजूद हैं उनकी तसदीक़ करती है और उसी ने उससे पहले लोगों
की हिदायत के वास्ते तौरेत व इन्जील नाजि़ल की (3)
और हक़ व बातिल में तमीज़ देने वाली किताब (कु़रान) नाज़िल की बेशक जिन
लोगों ने ख़ुदा की आयतों को न माना उनके लिए सख़्त अज़ाब है और ख़ुदा हर
चीज़ पर ग़ालिब बदला लेने वाला है (4)
बेशक ख़ुदा पर कोई चीज़ पोशीदा नहीं है (न) ज़मीन में न आसमान में (5)
वही तो वह ख़ुदा है जो माँ के पेट में तुम्हारी सूरत जैसी चाहता है बनाता हे उसके सिवा कोई माबूद नहीं (6)
वही (हर चीज़ पर) ग़ालिब और दाना है (ए रसूल) वही (वह ख़ुदा) है जिसने
तुमपर किताब नाजि़ल की उसमें की बाज़ आयतें तो मोहकम (बहुत सरीह) हैं वही
(अमल करने के लिए) असल (व बुनियाद) किताब है और कुछ (आयतें) मुतशाबेह
(मिलती जुलती) (गोल गोल जिसके मायने में से पहलू निकल सकते हैं) बस जिन
लोगों के दिलों में कज़ी है वह उन्हीं आयतों के पीछे पड़े रहते हैं जो
मुतशाबेह हैं ताकि फ़साद बरपा करें और इस ख़्याल से कि उन्हें मतलब पर ढाले
लें हालाँकि ख़ुदा और उन लोगों के सिवा जो इल्म से बड़े पाए पर फ़ायज़ हैं
उनका असली मतलब कोई नहीं जानता वह लोग (ये भी) कहते हैं कि हम उस पर ईमान
लाए (यह) सब (मोहकम हो या मुतशाबेह) हमारे परवरदिगार की तरफ़ से है और
अक़्ल वाले ही समझते हैं (7)
(और दुआ करते हैं) ऐ हमारे पालने वाले हमारे दिल को हिदायत करने के बाद
डावाडोल न कर और अपनी बारगाह से हमें रहमत अता फ़रमा इसमें तो शक ही नहीं
कि तू बड़ा देने वाला है (8)
ऐ हमारे परवरदिगार बेशक तू एक न एक दिन जिसके आने में शुबह नहीं लोगों
को इक्ट्ठा करेगा (तो हम पर नज़रे इनायत रहे) बेशक ख़ुदा अपने वायदे के
खि़लाफ़ नहीं करता (9)
बेशक जिन लोगों ने कुफ्र इख़्तेयार किया उनको ख़ुदा (के अज़ाब) से न
उनके माल ही कुछ बचाएंगे, न उनकी औलाद (कुछ काम आएगी) और यही लोग जहन्नुम
के ईधन होंगे (10)
15 जुलाई 2026
कोटा ज़िला कोंग्रेस न्यास में जगदीश ठाडा अध्यक्ष, डॉक्टर ज़फर सचिव नियुक्त
देहदानी को जन्मदिन पर अनूठी श्रद्धांजलि, सात लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
देहदानी को जन्मदिन पर अनूठी श्रद्धांजलि, सात लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
महावीर
नगर तृतीय निवासी ,स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया का फरवरी 2026 में निधन होने
के बाद उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनका देहदान संपन्न
कराया था। उनके सेवा और मानवता के इस महान निर्णय ने पूरे परिवार को
समाजहित के कार्यों से जोड़ दिया।
13 जुलाई को उनके 59वें जन्मदिवस
के अवसर पर परिवार ने उन्हें अनूठी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देहदान के
संकल्प लिए। उनकी पुत्री अनामिका एवं उनके पति महेश नवल, पुत्री प्रमिला
एवं उनके पति दिनेश खोलिया तथा दिनेश जी की माताजी श्रीमती शकुंतला देवी ने
शाइन इंडिया फाउंडेशन के साथ विधिवत देहदान संकल्प-पत्र भरकर स्वर्गीय
हेमाराम उदेनिया के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इसी
प्रेरणा से भीनमाल (जालौर) निवासी अचलाराम जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती
कमला बोहरा ने भी अपना देहदान संकल्प-पत्र भरकर इस मानव सेवा के अभियान से
जुड़ने का निर्णय लिया।
इस पूरे अभियान की सबसे प्रेरणादायी बात यह
रही कि स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया की धर्मपत्नी श्रीमती चंपा उदेनिया स्वयं
अपने पति के देहदान के बाद लगातार अपने परिजनों, मित्रों एवं परिचितों को
देहदान के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनके सतत प्रयासों और प्रेरणा के
परिणामस्वरूप इन सभी लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। यह इस बात का जीवंत
उदाहरण है कि एक व्यक्ति का महान निर्णय अनेक लोगों के जीवन में सेवा और
संवेदनशीलता का नया संकल्प जगा सकता है।
इस अवसर पर शाइन इंडिया
फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ ने सभी संकल्पकर्ताओं एवं उदेनिया
परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, "स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया जी का
देहदान केवल चिकित्सा शिक्षा के लिए एक अमूल्य योगदान नहीं है, बल्कि उनके
परिवार द्वारा उनके जन्मदिन को देहदान संकल्प दिवस के रूप में मनाना पूरे
समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है। विशेष रूप से श्रीमती चंपा उदेनिया
का समर्पण और जागरूकता अभियान यह सिद्ध करता है कि यदि परिवार संकल्प ले तो
एक देहदान अनेक नए देहदानियों को जन्म दे सकता है। हमें विश्वास है कि ऐसे
प्रेरक उदाहरणों से समाज में देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी
और अधिक से अधिक लोग मृत्यु के बाद भी मानव सेवा का संकल्प लेंगे।"
शाइन
इंडिया फाउंडेशन ने सभी संकल्पकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए इसे मानवता,
सेवा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा आमजन से
भी नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जैसे महादानों के लिए आगे आने का आह्वान
किया।