आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
16 फ़रवरी 2026
श्री राम मंदिर प्रबंध समिति के सभापति एडवोके महेश वर्मा के जन्मदिन पर बधाई
कोटा में स्टेशन पर श्री राम मंदिर पर महाशिवरात्रि पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया
फैटी लीवर की जांच के लिए कोटा-बून्दी में चलेगी मेडिकल बस-बिरला*
ज्योति मित्र ने प्रेरित किया तो संपन्न हुआ नेत्रदान
ज्योति मित्र ने प्रेरित किया तो संपन्न हुआ नेत्रदान
रविवार देर रात, विज्ञान नगर निवासी
कोटा
निवासी स्व जगदीश धमीजा की धर्मपत्नी सुरजीत धमीजा का आकस्मिक निधन हो गया
। पड़ोस में रह रहे,शाइन इंडिया के ज्योति मित्र राजीव शर्मा,जैसे ही
सांत्वना देने के लिए घर पहुंचे तो उन्होंने सुरजीत की तीनों बेटियों
अर्चना,पूजा और प्रियंका से माता जी के नेत्रदान करवाने की इच्छा जाहिर की ।
शिवरात्रि
के पावन पर्व पर बेटियों ने तुरंत ही माता जी के नेत्रदान के लिए सहमति
दी,जिसके उपरांत रात दो बजे सूचना देने के बाद डॉ कुलवंत गौड़ के नेतृत्व
में, सुरजीत के नेत्रदान की प्रक्रिया निवास स्थान पर संपन्न हुई । राजीव
ने बताया कि,चिकित्सकीय कारणों से वह स्वयं अपनी दिवंगत माता जी का
नेत्रदान भी नहीं करा पाये थे,उसी समय से,वह अब किसी के निधन की सूचना
मिलते ही, उनके नेत्रदान करवाने के लिए समझाइश करते हैं ।
और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके
और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके (71)
उन लोगों के डराने वाले (पैग़म्बरों) को भेजा था (72)
ज़रा देखो तो कि जो लोग डराए जा चुके थे उनका क्या बुरा अन्जाम हुआ (73)
मगर (हाँ) खु़दा के निरे खरे बन्दे (महफूज़ रहे) (74)
और नूह ने (अपनी कौ़म से मायूस होकर) हमें ज़रूर पुकारा था (देखो हम) क्या खू़ब जवाब देने वाले थे (75)
और हमने उनको और उनके लड़के वालों को बड़ी (सख़्त) मुसीबत से नजात दी (76)
और हमने (उनमें वह बरकत दी कि) उनकी औलाद को (दुनिया में) बरक़रार रखा (77)
और बाद को आने वाले लोगों में उनका अच्छा चर्चा बाक़ी रखा (78)
कि सारी खु़दायी में (हर तरफ से) नूह पर सलाम है (79)
हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं (80)