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24 जुलाई 2026

*खाद बीज व नहरी पानी की मांग व केडीए की तानाशाही के विरोध मे बूंदी में हजारों किसान उतरे सड़कों पर*

 

*खाद बीज व नहरी पानी की मांग व केडीए की तानाशाही के विरोध मे बूंदी में हजारों किसान उतरे सड़कों पर*
*फसले नष्ट होती है तो किसान के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा हो जाता है : गुंजल*
के डी अब्बासी
कोटा/बूंदी : छात्रों पर हुए बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतीक्षा राहुल गांधी जी के साथ की गई बदसलूकी, केडीए की ज्यादतियों व बूंदी जिले के किसानों की खाद, बीज, बिजली व नहरी पानी छोड़ने की मांग को लेकर पूर्व विधायक व कोटा लोकसभा प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व मे आयोजित जनसभा में हजारों की संख्या में किसान व युवाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बूंदी धानमंडी परिसर में हुई जनसभा के बाद विशाल जनसमूह हाथों में सरकार विरोधी नारों की तख्तियां लिए गगनचुंबी नारों के साथ रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय बूंदी की ओर रवाना हुआ जहां कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर बूंदी को ज्ञापन सोपा। जनसभा में बूंदी विधायक हरिओम शर्मा, खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर, बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा सहित बड़ी संख्या में नेतागण उपस्थित रहे ।
जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि यह फसल नहीं है किसान का जीवन है, फसल नष्ट होती है तो किसान के सपनों का ताना-बाना नष्ट हो जाता है, फसल नष्ट होती है तो किसान के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा हो जाता है, किसान पिछले दो माह से नहरी पानी छोड़ने की मांग कर रहा है। खाद बीज के लिए लाइनों में लग रहा है लाठियां खा रहा है। तब हमने कहा हम बूंदी आ रहे हैं सरकार की ईंट से ईट बजा देंगे। तो यहां के सांसद किसानों की झूठी वाह वाही लूटने के लिए उनको मोहरा बनाते रहे यहां के सांसद ने किसानों से कहा मैंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर ली गांधी सागर से पानी छोड़ रहे हैं और जो पानी छोड़ा गया वह नेहरो के पेदो से भी ऊपर तक नहीं आया और किसान का खेत फिर सूखा का सूखा रह गया। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा ही चुनी हुई सरकार के सामने भारत का भाग्य विधाता, इस मुल्क का अन्नदाता जो पसीने की बूंदे बहाता है, धरती का सीना फाड़कर अन्न पैदा करता है, देश को पालता है, समाज को पालता है वह किसान रोता रहे और सरकार मद-मस्त होकर घूमती रहे इससे बड़ा मजाक इस मुल्क के भाग्य विधाता के साथ हो नहीं सकता।
*केडीए पर बोले गुंजल*
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि केडीए के नाम पर बूंदी के किसानों व ग्रामीणों को उजाड़ा जा रहा है, उनकी जमीनों को अतिक्रमण बताकर उनसे छिना जा रहा है और उन्हीं जमीनों को कोटा सहित आसपास के धन्ना सेठ अपनी अय्याशियों का अड्डा बनाने व मौज मस्ती के लिए फार्म हाउस बनाने के लिए खरीद रहे हैं उन्होंने चेतावनी दी की यदि केडीए ने किसानों व ग्रामीणों के साथ ज्यादती की तो केडीए सहित सरकार की नींद हराम कर देंगे।
*खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट पर बोले गुंजल*
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि 1300 रुपए का खाद का कट्टा किसानों को नहीं मिल रहा यदि वह खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट खरीद कर 2400 रुपए देता है तो जिस किसान को एक कट्टा नहीं मिल रहा अटैचमेंट के साथ वह जितने कट्टे चाहे ले सकता है, क्या यह किसानों के साथ खुली लूट नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद के काम में यह मोनोपोली यहां के धनपतियों के कारण चल रही है। गुंजल ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का किसान खेत में जितना पसीना बहाता है उसे उसकी कीमत नहीं मिलती। और यह धनपति लोग कालाबाजारी कर रहे हैं।
*छात्रों के आंदोलन व राहुल गांधी बदसलूकी पर बोले गुंजल*
गुंजल ने कहा दिल्ली की धरती पर पिछले एक महीने से नन्ही नन्ही बच्चीया, नन्हे नन्हे बच्चे शिक्षा व्यवस्था में सुधार व पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने के लिए प्रदर्शन करें तो सरकार देश के नौजवानों पर बर्बरता पूर्वक लाठियां चलाये, हमारी बेटियों पर अत्याचार किया जाए, जिस तरह से अमित शाह की पुलिस ने बच्चियों को लाठियां से ठोसे मारे, उनकी छाती पर पैर रखकर उन्हें मारा तब सारा देश शर्मसार हो गया। और जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी छात्रों की आवाज बनकर आगे आए और छात्रों पर हुई बर्बरता पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगने उनके निवास पहुंचे तब उनके साथ भी बदसलूकी की जाए यह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो क्या है।
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल जी के आव्हान पर आज यह जन सैलाब बताता है कि लोकतंत्र बचाओ अभियान की शुरुआत आज बूंदी से होने जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनो में नगरी निकाय व पंचायत चुनाव होने वाले हैं हमें एकजुट होकर इन चुनाव में कांग्रेस को विजय दिलानी है तभी हम राजस्थान सरकार को उखाड़ फेंकने में सफल होंगे।
खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है, यह सरकार गाँव विरोधी है, इस सरकार मे बैठे लोग लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं ऐसे मे देश राहुल गांधी जी की तरफ देख रहा है।
बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि है तानाशाही सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। केडीए के नाम पर बूंदी के किसानों को, ग्रामीणों को उजाड़ा जा रहा है बूंदी का किसान, ग्रामीण व आमजन सरकार की नीतियों से त्रस्त है आज यह सैलाब उसका प्रमाण है।
जनसभा को बूंदी सहप्रभारी वीरेंद्र सिंह झाला, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव गुड्डू कादरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य सत्येश शर्मा, चर्मेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी एससी प्रकोष्ठ महामंत्री डीके मेघवाल, उपाध्यक्ष मोडूलाल वर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव संतोष भाकल, पूर्व प्रधान तालेड़ा मोहन गुर्जर, जय किशन मीणा, पूर्व प्रधान बूंदी मधु वर्मा, ओबीसी प्रकोष्ठ बूंदी अध्यक्ष बृजमोहन यादव, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन अध्यक्ष जगदीश पारेता, पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, चेतराम मीणा जगरूप सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया।


और तुम्हारे साथ मैं भी एक गवाह हॅू फिर उसके बाद जो शख़्स (अपने क़ौल से) मुँह फेरे तो वही लोग बदचलन हैं

 और ऐ रसूल वह वक़्त भी याद दिलाओ) जब ख़ुदा ने पैग़म्बरों से इक़रार लिया कि हम तुमको जो कुछ किताब और हिकमत (वगै़रह) दे उसके बाद तुम्हारे पास कोई रसूल आए और जो किताब तुम्हारे पास उसकी तसदीक़ करे तो (देखो) तुम ज़रूर उस पर ईमान लाना, और ज़रूर उसकी मदद करना (और) ख़ुदा ने फ़रमाया क्या तुमने इक़रार कर लिया तुमने मेरे (अहद का) बोझ उठा लिया सबने अर्ज़ की हमने इक़रार किया इरशाद हुआ (अच्छा) तो आज के क़ौल व (क़रार के) आपस में एक दूसरे के गवाह रहना (81)
और तुम्हारे साथ मैं भी एक गवाह हॅू फिर उसके बाद जो शख़्स (अपने क़ौल से) मुँह फेरे तो वही लोग बदचलन हैं (82)
तो क्या ये लोग ख़ुदा के दीन के सिवा (कोई और दीन) ढूढते हैं हालांकि जो (फ़रिश्ते) आसमानों में हैं औेर जो (लोग) ज़मीन में हैं सबने ख़ुशी ख़ुशी या ज़बरदस्ती उसके सामने अपनी गर्दन डाल दी है और (आखि़र सब) उसकी तरफ़ लौट कर जाएंगे (83)
(ऐ रसूल उन लोगों से) कह दो कि हम तो ख़ुदा पर ईमान लाए और जो किताब हम पर नाजि़ल हुयी और जो (सहीफ़े) इबराहीम और इस्माईल और इसहाक़ और याकू़ब और औलादे याकू़ब पर नाजि़ल हुये और मूसा और ईसा और दूसरे पैग़म्बरों को जो (जो किताब) उनके परवरदिगार की तरफ़ से इनायत हुयी (सब पर ईमान लाए) हम तो उनमें से किसी एक में भी फ़क्र नहीं करते(84)
और हम तो उसी (यकता ख़ुदा) के फ़रमाबरदार हैं और जो शख़्स इस्लाम के सिवा किसी और दीन की ख़्वाहिश करे तो उसका वह दीन हरगिज़ कुबूल ही न किया जाएगा और वह आखि़रत में सख़्त घाटे में रहेगा (85)
भला ख़ुदा ऐसे लोगों की क्योंकर हिदायत करेगा जो इमाने लाने के बाद फिर काफि़र हो गए हालांकि वह इक़रार कर चुके थे कि पैग़म्बर (आखि़रूज़ज़मा) बरहक़ हैं और उनके पास वाज़ेह व रौशन मौजिज़े भी आ चुके थे और ख़ुदा ऐसी हठधर्मी करने वाले लोगों की हिदायत नहीं करता (86)
ऐसे लोगों की सज़ा यह है कि उनपर ख़ुदा और फ़रिश्तों और (दुनिया जहान के) सब लोगों की फिटकार हैं (87)
और वह हमेशा उसी फिटकार में रहेंगे न तो उनके अज़ाब ही में तख़्फ़ीफ़ (कमी) की जाएगी और न उनको मोहलत दी जाएगी (88)
मगर (हां) जिन लोगों ने इसके बाद तौबा कर ली और अपनी (ख़राबी की) इस्लाह कर ली तो अलबत्ता ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (89)
जो अपने ईमान के बाद काफि़र हो बैठे फि़र (रोज़ बरोज़ अपना) कुफ्रबढ़ाते चले गये तो उनकी तौबा हरगिज़ न कु़बूल की जाएगी और यही लोग (पल्ले दरजे के) गुमराह हैं (90)

23 जुलाई 2026

ऐ अहले किताब तुम क्यो हक़ व बातिल को गड़बड़ करते और हक़ को छुपाते हो हालांकि तुम जानते हो

 ऐ अहले किताब तुम क्यो हक़ व बातिल को गड़बड़ करते और हक़ को छुपाते हो हालांकि तुम जानते हो (71)
और अहले किताब से एक गिरोह ने (अपने लोगों से) कहा कि मुसलमानों पर जो किताब नाजि़ल हुयी है उसपर सुबह सवेरे ईमान लाओ और आखि़र वक़्त इन्कार कर दिया करो शायद मुसलमान (इसी तदबीर से अपने दीन से) फिर जाए (72)
और तुम्हारे दीन की पैरवरी करे उसके सिवा किसी दूसरे की बात का ऐतबार न करो (ऐ रसूल) तुम कह दो कि बस ख़ुदा ही की हिदायत तो हिदायत है (यहूदी बाहम ये भी कहते हैं कि) उसको भी न (मानना) कि जैसा (उम्दा दीन) तुमको दिया गया है, वैसा किसी और को दिया जाय या तुमसे कोई शख़्स ख़ुदा के यहाँ झगड़ा करे (ऐ रसूल तुम उनसे) कह दो कि (ये क्या ग़लत ख़्याल है) फ़ज़ल (व करम) ख़ुदा के हाथ में है वह जिसको चाहे दे और ख़ुदा बड़ी गुन्जाईश वाला है (और हर शै को) जानता है (73)
जिसको चाहे अपनी रहमत के लिये ख़ास कर लेता है और ख़ुदा बड़ा फ़ज़लों करम वाला हे (74)
और एहले किताब कुछ ऐसे भी हैं कि अगर उनके पास रूपए की ढेर अमानत रख दो तो भी उसे (जब चाहो) वैसे ही तुम्हारे हवाले कर देंगे और बाज़ ऐसे हें कि अगर एक अशरफी भी अमानत रखो तो जब तक तुम बराबर (उनके सर) पर खड़े न रहोगे तुम्हें वापस न देंगे ये इस वजह से है कि उन का तो ये क़ौल है कि (अरब के) जाहिलो (का हक़ मार लेने) में हम पर कोई इल्ज़ाम की राह ही नहीं और जान बूझ कर खुदा पर झूठ (तूफ़ान) जोड़ते हैं (75)
हाँ (अलबत्ता) जो शख़्स अपने अहद को पूरा करे और परहेज़गारी इख़्तेयार करे तो बेशक ख़ुदा परहेज़गारों को दोस्त रखता है (76)
बेशक जो लोग अपने अहद और (क़समे) जो ख़ुदा (से किया था उसके) बदले थोड़ा (दुनयावी) मुआवेज़ा ले लेते हैं उन ही लोगों के वास्ते आखि़रत में कुछ हिस्सा नहीं और क़यामत के दिन ख़ुदा उनसे बात तक तो करेगा नहीं ओर न उनकी तरफ़ नज़र (रहमत) ही करेगा और न उनको (गुनाहों की गन्दगी से) पाक करेगा और उनके लिये दर्दनाम अज़ाब है (77)
और एहले किताब से बाज़ ऐसे ज़रूर हैं कि किताब (तौरेत) में अपनी ज़बाने मरोड़ मरोड़ के (कुछ का कुछ) पढ़ जाते हैं ताकि तुम ये समझो कि ये किताब का जुज़ है हालांकि वह किताब का जुज़ नहीं और कहते हैं कि ये (जो हम पढ़ते हैं) ख़ुदा के यहाँ से (उतरा) है हालांकि वह ख़ुदा के यहाँ से नहीं (उतरा) और जानबूझ कर ख़ुदा पर झूठ (बोहतान) जोड़ते हैं (78)
किसी आदमी को ये ज़ेबा न था कि ख़ुदा तो उसे (अपनी) किताब और हिकमत और नबूवत अता फ़रमाए और वह लोगों से कहता फिरे कि ख़ुदा को छोड़कर मेरे बन्दे बन जाओ बल्कि (वह तो यही कहेगा कि) तुम अल्लाह वाले बन जाओ क्योंकि तुम तो (हमेशा) किताबे ख़ुदा (दूसरो) को पढ़ाते रहते हो और तुम ख़ुद भी सदा पढ़ते रहे हो (79)
और वह तुमसे ये तो (कभी) न कहेगा कि फ़रिश्तों और पैग़म्बरों को ख़ुदा बना लो भला (कहीं ऐसा हो सकता है कि) तुम्हारे मुसलमान हो जाने के बाद तुम्हें कुफ्र का हुक्म करेगा (80)

22 जुलाई 2026

कोटा के रियार्थ ने कराटे में जीता स्वर्ण

 

कोटा के रियार्थ ने कराटे में जीता स्वर्ण
गुरुग्राम। सेक्टर-27 स्थित कम्युनिटी सेंटर में स्पोर्ट्स शितोकाई कराटे फेडरेशन इंडिया के तत्वावधान में प्रथम अंतर्राज्यीय शितोकाई कराटे चैंपियनशिप आयोजन किया गया , जिसमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों के खिलाडिय़ों ने भाग लिया। साई कराटे अकादमी के खिलाडिय़ों ने काता और कुमिते स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदक अपने नाम किए और ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कोटा के रियार्थ माहेश्वरी,7वर्ष, पुत्र परेश माहेश्वरी ने कुमिते वर्ग में स्वर्ण और काता में ब्रोंज मेडल अपने नाम किया।साई कराटे अकादमी के संस्थापक सुनील सैनी ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथियों के रुप में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अखिल कुमार, पद्मश्री सुनील डबास, खेलो इंडिया के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सुनील राठी, वसुधैव कुटुम्बकम् सेवा संस्थान के संरक्षक सुरेंद्र सैनी, कोच विक्की यादव, भाजपा नेता युगवीर सिंह, देव समाज विद्या निकेतन के प्रबंधक कांडास्वामी नटराजन, अधिवक्ता जितेंद्र सैनी, अंशुल सैनी, रैफरी हरीश सिराधन शामिल हुए। सभी ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अकादमी युवाओं को खेलों के लिए प्रशिक्षत कर आगे बढऩे के लिए बेहतर मार्ग प्रशस्त कर रही है। भविष्य में ये खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर नाम रोशन करेंगे। सुनील का कहना है कि कोच विक्रम और कोच बंटी के साथ मिलकर खिलाडिय़ों ने 3 माह तक कड़ा अभ्यास किया। कड़े अनुशासन, कड़ी मेहनत से ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हो सकी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मेन्द्र फौजी, धर्मेन्द्र, सुकेश सैनी, सतीजा, अशोक सैनी का सहयोग रहा।

मौत बनकर नाक में फंसी खुली सेफ्टी पिन,

 

मौत बनकर नाक में फंसी खुली सेफ्टी पिन,
डॉ. राजकुमार जैन, डॉ. शेमेन्द्र कुमार, डॉ. मुकेश सोमवंशी एवं डॉ. शिल्पी की टीम ने बचाई ढाई साल के नितिन की जान
के डी अब्बासी
कोटा। नैनवा निवासी मुकेश के ढाई वर्षीय पुत्र नितिन की जान कोटा के चिकित्सकों की सूझबूझ और कुशलता से बच गई। मासूम की नाक के पीछे, जहां दिमाग और गला (एडिनॉइड क्षेत्र) मिलता है, वहां एक खुली हुई सेफ्टी पिन फंस गई थी। अत्यंत जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के बाद चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक पिन निकालकर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, बच्चा 20 जुलाई की शाम से ही इस समस्या से जूझ रहा था। पहले उसे नैनवा में दिखाया गया, जहां से बूंदी और फिर कोटा रेफर किया गया। बूंदी में भी पिन नहीं निकल सकी। इसके बाद 21 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे बच्चे को कोटा लाया गया।
जांच में पता चला कि सेफ्टी पिन नाक के पीछे एडिनॉइड क्षेत्र में फंसी हुई थी। चिकित्सकों ने एंडोस्कोपी शुरू की, लेकिन नाक के भीतर काफी मात्रा में खून जमा होने के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। डॉक्टरों ने पहले सक्शन के माध्यम से खून हटाकर रास्ता साफ किया, तब जाकर खुली हुई सेफ्टी पिन दिखाई दी।
चूंकि पिन खुली हुई थी, इसलिए उसे निकालने के दौरान गंभीर चोट (ट्रॉमा) का खतरा बना हुआ था। चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी और कुशलता से ऑपरेशन करते हुए शाम करीब 6 बजे सेफ्टी पिन सफलतापूर्वक बाहर निकाल दी। वर्तमान में बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है।
इस सफल उपचार में डॉ. राजकुमार जैन, डॉ. शेमेन्द्र कुमार, डॉ. मुकेश सोमवंशी एवं डॉ. शिल्पी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चिकित्सकों की सलाह
डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को सेफ्टी पिन, साधारण पिन, मूंगफली, मटर, चना, गेहूं के दाने, मोती-माला के मोती, रबर के टुकड़े जैसी छोटी या नुकीली वस्तुएं खेलने के लिए न दें। ऐसी वस्तुओं को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है

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