दोस्तों हाल ही में मेने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाये हैं , कांग्रेस के एस सी , एस टी , ओ बी सी , व्यापारिक , चिकित्सा , शैक्षणिक , पर्यावरण , जन आभाव अभियोग वगेरा वगेरा सहित कई कागज़ी विभाग बने हुए हैं , जिनकी सक्रियता तो शायद आज तक किसी ने देखी ही नहीं होगी , खेर में फिर कोटा ज़िले के अल्पसंख्यक विभाग की बात से अपनी बात शुरू करता हूँ , मुमकिन हो या आपके अनुभव हों , मन करे तो आप भी अपने अपने ज़िले ,कस्बे , में अल्पसंख्यक विभाग सहित अन्य विभागों की ज़िम्मेदारियों और उपेक्षित नीतियों को उजागर कर सकते हैं , में कोटा में हाल ही में रमज़ान के वक़्त शब ऐ क़द्र की रात और ईदुल फ़ित्र के वक़्त ,, बरकत उद्यान स्थित एक मस्जिद में रंगाई , पुताई , लाइटिंग व्यवस्था के प्रतिबंध और उस प्रतिबंध की जिला प्रशासन से आवश्यतानुसार इजाज़त लेने की ज़िम्मेदारी की बात कर रहा हूँ , ज़ाहिर है , मस्जिद से जुड़ा मामला है , तो आम मुस्लिम समाज से जुड़ा मामला है , ऐसे में सियासी तोर पर कांग्रेस या भाजपा अल्पसंख्यक विभागों से जुड़ा मामला इसे स्वीकारित रूप से देखा जा सकता है , अब इस समस्या पर , कोटा के भाजपा अल्पसंख्यक विभाग या लोकसभा अध्यक्ष , विधायक , मंत्रियों के इर्द गिर्द मुस्लिम समाज से जुड़े प्रतिनिधि कुछ बात करने की हिम्मत करेंगे सोचना ही बेकार सी बात है , अब खुद को अल्पसंख्यकों की चहेती , लोकतंत्र की रक्षक कहे जाने वाली पार्टी कांग्रेस बचती है , कांग्रेस का यूँ तो जिला स्तरीय संगठन , है लेकिन कांग्रेस ने माइक्रो मैनेजमेंट के तहत , महीनों चिंतन , मंथन के बाद , कोटा में जिला अध्यक्ष बनाये है , प्रदेश के पदाधिकारी ज़िम्मेदार बनाये हैं , कोटा देहात अध्यक्ष असरार अहमद की सक्रियता रो रोज़ अख़बारों की सुर्ख़ियों में हैं , देहात कांग्रेस और आम जनता की समस्याओं के लिए वोह खुलकर बोल रहे हैं , लेकिन कोटा शहर में बरकत उद्यान सहित किसी भी समस्या पर अभी तक अल्पसंख्यक विभाग ने कोई आवाज़ उठाना तो दूर , रमज़ानों में शब ऐ क़द्र के दी अस्थाई रंग रोगन , रौशनी की इजाज़त लेने तक पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है , ऐसा नहीं के इस मुद्दे की जानकारी इन नेताओं को नहीं हो , ,, अगर अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियों में कांग्रेस के माइक्रो मॅनेज्मेंट व्यवस्था के तहत यह ज़िम्मेदारी अल्पसंख्यक विभाग की है , इसका अहसास होता , तो कोटा के स्थानीय प्रदेश पदाधिकारी ,, कोटा शहर अल्पसंख्यक अध्यक्ष बैठक करते , कलेक्टर के पास जाकर ज्ञापन देते , उन्हें समझाते के यह अस्थाई है , इसकी इजाज़त दी जाना चाहिए , फिर अगर कलेक्टर का रुख इंकार वाला होता , तो यही अल्पसंख्यक ज़िम्मेदार प्रदेश अध्यक्ष को सूचित करते , उनका मार्गदर्शन लेते , कोटा के कांग्रेस जिला अध्यक्ष के पास जाते , और अगर गुटबाज़ी वाले यह पदाधिकारी खुद को महसूस करते हैं के किसी के पास जायेंगे तो हमारे भाईसाहब को गुस्सा आ जाएगा , तो मेरे यह भाई ,,अपने अपने भाई साहबों के पास जाकर यह दर्द , बताते , कोई अगर कांग्रेस से अलग खुद को भाईसहबों तक ही खुद को सीमित मानता है , तो जो नईमुद्दीन गुड्डू के से है वोह उनके पास जाते , जो खुद को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को शांति धारीवाल साहब के गट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को अमित धारीवाल साहब के गट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को प्रह्लाद जी गुंजल के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को शिवकांत जी नंदवाना के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , और जो खुद को ओरिजनल निर्गुट कांग्रेस के संविधान के विधिक प्रावधानों के तहत संचालित निर्गुट कोंग्रेसी मानते हैं वोह जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम को इन्वाइट कर इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाते , लेकिन ऐसा किसी ने भी नहीं किया , खुद अल्पसंख्यक विभाग ने भी इस मुद्दे पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई , सवाल उठेगा के हमे तो पता ही नहीं , तो फिर जब तुम्हे अपनी कॉम के मुद्दों के बारे में जानकारी नहीं तो फिर तुम्हारी सक्रियता पर ही प्रश्न चिन्ह है ,खेर अभी तो जो हुआ सो हुआ , आगे से तो हर मुद्दे पर सक्रिय हो जाओ , भाजपा के अल्पसंख्यकों पर तो उम्मीद ही मत जताना , तुम से ही कुछ उम्मीद है और संगठन ने तुम्हे ज़िंदाबाद , करने के लिए नहीं , माला पहनने के अलावा ,, अपने वोटर्स खासकर अल्पसंख्यक समाज से जुड़े लोगों की समस्याओं का अध्ययन , माइक्रोमॅनेज्मेंट व्यवस्था के लिए बनाया है , ताकि कांग्रेस का मूल संगठन दूसरे काम करे और आवश्यकता पढ़ने पर आप उन्हें साथ लेकर , जिला प्रशासन पर अपने विधिक कार्यों के लिए उन्हें लेजाकर सियासी दबाव बनाएं ,, जो विधि विरुद्ध अन्याय हो रहा है उसके खिलाफ आवाज़ उठायें , खेर आगे देखते हैं , और राजस्थान सहित देश के सभी अल्पसंख्यक विभाग से जुड़े लोगों अन्य विभाग से जुड़े जिला ,क़स्बा पदाधिकारी , अध्यक्षों , प्रदेश पदाधिकारी जो अलग अलग ज़िलों में मॉनिटरिंग कर रहे हैं , उनसे गुज़ारिश है , के अपने हक़ के लिए संघर्ष करो , कर्तव्यों का निर्वहन करो , पद लिया है , चाहे जैसे तैसे भी लिया हो , तो फिर उसका सम्मान करो , ज़िम्मेदारी निभाओ , अपने प्रदेश के नेता , अपनी पार्टी का परचम भी बुलंद करो , लेकिन वोह नेताओं की क़दम बोसी से हरगिज़ नहीं होगा , इसके लिए तो आपको , अपने अपन क्षेत्रों में समस्याओं और उनके समाधान पर काम करना होगा , अपने मोबाइल फोन चौबीस घंटे चालू रखना होंगे , सुबह देर तक सोने की आदत पर विराम लगाना होगा, आवश्यकता पढ़ने पर संघर्ष करना होगा , अपने ज़िले , अपने कस्बे और इर्द गिर्द के ज़रूरत मंदों , का मददगार होना होगा , ,उनके दुःख दर्द का साथी होना होगा ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
akhtar khan akela