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23 मार्च 2026

दावत ऐ इस्लामी फैज़ान ऐ मदीना कोटा मदरसा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के तहत भारतीय व्यवस्था में एक रीढ़ बनकर काम कर रहा है , विख्यात शिक्षाविद डॉक्टर माक़ूल नदीम

 

दावत ऐ इस्लामी फैज़ान ऐ मदीना कोटा मदरसा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के तहत भारतीय व्यवस्था में एक रीढ़ बनकर काम कर रहा है , विख्यात शिक्षाविद डॉक्टर माक़ूल नदीम
कोटा 23 मार्च , मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा विशेषज्ञ , उर्दू अदब के डॉक्टर , अदबी नगरी टोंक के सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर माक़ूल अहमद नदीम ने कोटा डिवीज़न में , दावत ऐ इस्लामी इण्डिया के ज़ेरे एहतेमाम चल रहे कोटा विज्ञाननगर स्थित दारुल मदीना मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा के अवलोकन के बाद कहा के, यक़ीनन , फ़ारसी की कहावत जिसमे कहा गया है , के , अगर किसी भी काम की नींव मज़बूत होगी तो इमारत सीधी ओर बुलंद होगी , और अगर नींव में ज़रा सी भी चूक हुई तो इमारत कितनी ही बुलंद हो जाए उसमे टेड़ा बांकापन बरक़रार रहेगा , डॉक्टर माक़ूल ने कहा के मुझे ख़ुशी है के दारुल मदीना मदरसा विज्ञाननगर कोटा के प्रबंधकों , ज़िम्मेदारों द्वारा पूरी ज़िम्मेदारी निभाकर कुशल प्रबंधन के ज़रिये इस तालीमी इमारत को बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए बेहतर तरीके से काम किये है , उन्होंने प्रबंधकों को , ज़िम्मेदारो को इस सफलतम शैक्षणिक विकास व्यवस्थित कार्य के लिए मुबारकबाद देते हुए कहा के उनके शैक्षणिक अनुभवों , सुझावों की जब भी आवश्यकता रही तो वोह तय्यार मिलेंगे ,,, राजस्थान के प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉक्टर माक़ूल अहमद नदीम कोटा प्रवास पर थे , उन्होंने शैक्षणिक प्रबंधन व्यवस्था के तहत विज्ञाननगर स्थित दावत ऐ इस्लामी दारुल मदीने की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर व्यवस्थित व्यवस्था की प्रशंसा की , ,अवलोकन के दौरान कोटा के युवा शिक्षाविद , वाई जी ऍन एजुकेशनल सोसायटी के चेयरमेन अरशद अंसारी ,, ह्यूमन रिलीफ सोसायटी के महासचिव एडवोकेट अख्तर खान अकेला , शाहिद अत्तारी ,, शारिक अंसारी साहब मौजूद रहे , ,,, विज्ञाननगर दावत ऐ इस्लामी के शैक्षणिक इदारे के ज़िम्मेदार , शारिक अंसारी ने बताया कि , कोटा संभाग में दारुल मदीना , जमीअतुल मदीना , मदरसतुल मदीना ,, जमियतुल मदीना , के कोटा संभाग में कुल तीस इदारे चल रहे हैं , जिसमे इंग्लिश मीडियम स्कूल , आलिम कोर्स , हिफ्ज़ो नाज़रा ,, आलिम ,, नाज़रा क़ुरान ऐ पाक , लड़कों और लड़कियों के लिए पृथक पृथक कोर्स संचालित है , जिसमे वर्तमान में 1750 बच्चे अपनी तालीम ले रहे हैं ,, शिक्षाविद अरशद अंसारी ने बताया की , मदरसे के बच्चों को , दुनियावी तालीम के साथ , सामाजिक सरोकार एक दूसरे की मदद के जज़्बे और नैतिक शिक्षा के साथ साथ राष्ट्रीयता का पाठ भी एक बहतर शहरी नागरिक बनाने के लिए नैतिक शिक्षा, नैतिक कर्तव्यों का पाठ सिखाया जाता है ,, शारिक अंसारी , शाहिद अंसारी ने बताया की मदरसे में फायर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं , यहां आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था के तहत , कम्प्युटराइज़्ड , ऑन लाइन शैक्षणिक व्यवस्था के साथ , सभी गतिविधियों पर सी सी टी वी कैमरों से कढ़ी नज़र रखी जाती है , उन्होंने बताया की दावत ऐ इस्लामी देश भर में क़रीब आठ सो शैक्षणिक इदारों के माध्यम से हर वर्ष सवा लाख बच्चों को आधुनिक शिक्षा , मदरसा शिक्षा के कोर्स करवा रहे हैं , जबकि हर ज़िले में पर्यावरण संरक्षण , पर्यावरण सुरक्षा , हरित क्रांति व्यवस्था के तहत , हर साल क़रीब एक लाख से भी ज़्यादा पेड़ पौधे लगाकर , उन्हें ज़िंदा रखने के लिए ज़िम्मेदारियाँ तय करते है , कोटा में भी हर साल दो हज़ार पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाता है , कोटा में यह लक्ष्य लगातार जारी है , , उन्होंने बताया कि मदरसे में अंग्रेजी शिक्षा भी शामिल है जिसमे प्री प्राइमरी , प्राइमरी , मिडिल ,, सेकेंडरी , सीनियर सेकेंडरी , ग्रेजुएशन , डॉक्टरल रिसर्च ,, सहित कई कोर्स संचालित है , उन्होंने बताया कि बच्चों को दीनी तालीम के साथ ,, दुनियावी तालीम और एक बेहतर शहरी नागरिक बनाने , राष्ट्रीयता जागरूक ज़िम्मेदारी की सभी तरह की तालीम बच्चों को दी जाती है , ,बच्चों को दिनी तालीम के साथ स्कूली शिक्षा व्यवस्था के वक़्त बच्चों की प्रतिभा के बारे में पता चल जाता है , और जो बच्चा नीट के योग्य होता है , जो बच्चा आई आई टी योग्य होता है , यू पी एस सी या किसी अन्य कम्पीटिशन के योग्य समझा जाता है उसे उसी तरफ के कोर्स में मदद कर बच्चे की योग्यता के अनुरूप कोर्स करवाए जाते हैं , पृथक से कोचिंग की व्यवस्था करवाई जाती है , ऐसे बच्चों के लिए आर बी एस सी , सी बी एस ई , यूनिवर्सिटी , कोटा ओपन यूनिवर्सिटी , ओपन स्कूली व्यवस्था , ऐ एम यूं , मौलाना आज़ाद शैक्षणिक संस्थान सहित जहाँ भी बच्चे की प्रतिभा तराश कर , उसे दीनी तालीम के साथ , दुनियावी शिक्षा में देश के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है , पूरी तरह से उसे सहूलियतें उपलब्ध कराई जाती है , उन्होंने बताया कि, कोटा के इस मदरसे का संचालन अभी शुरू हुआ है , इसके परिणाम अगले साल से सेकेंडरी , सीनियर सेकेंडरी और उसके बाद के कोर्स के लिए आने लगेंगे , दावत ऐ इस्लामी की तरफ से इस इदारे में हर साल आम लोगों के लिए भी सहरी और इफ्तार का लगातार प्रबंधन रहता है , ,शिक्षाविद सय्यद माक़ूल अहमद नदीम ने सभी व्यस्थाओं के जायजे के बाद , प्रबंधकों , व्यवस्थापकों की इस सराहनीय कार्य के लिये , पीठ थपथपाते हुए कहा कि भारत के शैक्षणिक विकास और ज़िम्मेदार शहरी के चरित्र निर्माण में इस इदारे की अपनी अहमियत है , इस तरह के इदारे भारत की शैक्षणिक व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह व्यवस्थित शैक्षणिक कार्यक्रम चलाकर नैतिक ,शिक्षा मज़हबी शिक्षा के साथ , आधुनिक शिक्षा ,, प्रोफेशनल कोर्सेस के साथ देश में राष्ट्रिय एकता , सौहार्द , चरित्र निर्माण ,,के लिए महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं , ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एमओयू; छात्रों को मिलेगा तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल का प्रशिक्षण*

 

*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एमओयू; छात्रों को मिलेगा तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल का प्रशिक्षण*
के डी अब्बासी
कोटा, 23 मार्च, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास और छात्रों के मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एवं
विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए ध्यान, योग, जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करेंगी।एमओयू के तहत ध्यान सत्र, वेलनेस कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स तथा विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। यह साझेदारी शिक्षा प्रणाली में मानवीय मूल्यों और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता एवं आंतरिक शांति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से विश्वविद्यालय में ध्यान, योग एवं जीवन कौशल आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होगा। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों को हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा प्रमाणित 'प्राणाहुति' आधारित ध्यान और तनाव प्रबंधन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन अत्यंत आवश्यक है। यह एमओयू छात्रों को न केवल एक कुशल इंजीनियर बल्कि एक संतुलित और संवेदनशील नागरिक बनाने में मदद करेगा। कुलगुरु ने इस साझेदारी के माध्यम से भविष्य में शोध, प्रशिक्षण एवं नवाचार के नए आयाम स्थापित करने की भी अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और स्टाफ़ से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया, ताकि वे अपने जीवन को अधिक संतुलित, स्वस्थ एवं सफल बना सकें।
जीवन कौशल कार्यक्रम: ट्रस्ट द्वारा संचालित 'हार्टफुल कैंपस' कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नैतिकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इंटर्नशिप और शोध: विद्यार्थी हार्टफुलनेस के विभिन्न केंद्रों पर सामाजिक और शैक्षिक परियोजनाओं में इंटर्नशिप और शोध कार्य कर सकेंगे।
निःशुल्क प्रशिक्षण: यह सहयोग मुख्य रूप से सेवा भाव पर आधारित है, जहां ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सेवाएं निःशुल्क रहेंगी।
इस एमओयू के अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी के साथ कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत वर्धमान खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बी एल वर्मा कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु प्रोफेसर विमला डूंकवाल उपस्थित रही। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर आनंद किशोर चतुर्वेदी, डीन ट्रिपल आई एन्ड आई आर प्रोफेसर रंजन महेश्वरी, डीन रिसर्च प्रोफेसर मिथिलेश कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर आर एस मीना, प्रोफेसर एस के पाराशर, सिविल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजय बिंदलिश, कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर आर एस शर्मा, विभागाध्यक्ष हच ई ए एस डॉक्टर सुनील दत्त पुरोहित, प्रोफेसर मनीषा व्यास, डॉक्टर अजय शर्मा, विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग प्रोफेसर मनीषा भंडारी, डीन आई क्यू ए सी प्रोफेसर धीरज कुमार पलवलिया, विभागाध्यक्ष केमिकल डॉक्टर रितेश पाटीदार उपस्थित रहे। इस अवसर पर हार्टफुलनेस ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।

आईएमए राजस्थान चुनाव, डॉ महेश शर्मा प्रदेश अध्यक्ष और डॉ अखिल अग्रवाल कोषाध्यक्ष बने

 

आईएमए राजस्थान चुनाव, डॉ महेश शर्मा प्रदेश अध्यक्ष और डॉ अखिल अग्रवाल कोषाध्यक्ष बने
के डी अब्बासी
कोटा,मार्च। आई एम ए राजस्थान के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद पर डॉक्टर महेश शर्मा व कोषाध्यक्ष पद पर कोटा के डॉ अखिल अग्रवाल विजय हुई राजस्थान की चिकित्सकों में हर्ष की लहर है
प्रदेश महासचिव अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ डॉ दुर्गा शंकर सैनी ने कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष सभी चिकित्सकों सरकारी निजी के मुद्दों को अपनी बुलंद आवाज में उठाएंगे इस जीत से चिकित्सकों में अपनी समस्याओं के हल होने की आशा जागी है
समाजसेवी डॉक्टर दुर्गा शंकर सैनी और टीम द्वारा पूर्ण समर्थन दिया था नवनिर्वाचित डॉ महेश शर्मा जी पूर्व में चिकित्सक आंदोलन के दौरान बर्खास्त हुए थे अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के उपाध्यक्ष भी रहे है ऑनलाइन वोटिंग हुई लगभग 13000 डॉक्टर्स संगठन से जुड़े हुई है,
सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ दुर्गा शंकर सैनी ,सेवारत चिकित्सक संघ कोटा अध्यक्ष, डॉ अमित गोयल, महासचिव कोटा डॉ राजेश सामर डॉ विजय सिंह जाटव, डॉ धनराज मेवाड़ा, डॉ अमित यादव , डॉ प्रदीप फौजदार, डॉ हेमंत गुप्ता , डॉ आशीष राठौर सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे

प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने चंद घंटों में गणेश नगर में महिला के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हत्यारा गिरफ्तार

 

प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने चंद घंटों में गणेश नगर में महिला के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हत्यारा गिरफ्तार
के डी अब्बासी
कोटा,मार्च। कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि गणेश नगर में हुई महिला श्रीमती बृजेश शर्मा पत्नी हरि प्रकाश शर्मा की हत्या पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती इसलिए थी क्योंकि यह ब्लाइंड मर्डर केस था। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव कड़ी मेहनत और सूझबूझ से चंद घंटों में गणेश नगर में हुए महिला के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर इंदिरा गांधी नगर डीसीएम निवासी 37 वर्षीय पुखराज पुत्र पुत्र रमेश चंद हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अनुसंधान एवं आरोपी से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि मृतका द्वारा विभिन्न व्यक्तियों को ब्याज पर धन दिया जाता था जिसके चलते उसका कई लोगों से आर्थिक लेन-देन था। इसी परिप्रेक्ष्य में आरोपी का भी मृतका के यहां आना-जाना था तथा उसके साथपैसों को लेकर विवाद एवं मतभेद उत्पन्न हो गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी द्वारा मृतका के पास रखी नकदी एवं आभूषणों की जानकारी पूर्व से ही प्राप्त कर ली गई थी। इसी लालच एवं आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। दृष्टया यह भी प्रतीत होता है कि आरोपी ने साक्ष्य मिटाने एवं वारदात को छिपाने के उद्देश्य से घर में रखे नकदी, जेवरात एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों को साथ ले जाकर लूट का स्वरूप देने का प्रयास किया।

(कहीं तुम्हारा भी वही हाल न हो) जैसा कि नूह की क़ौम और आद समूद और उनके बाद वाले लोगों का हाल हुआ और ख़ुदा तो बन्दों पर ज़़ुल्म करना चाहता ही नहीं

 (कहीं तुम्हारा भी वही हाल न हो) जैसा कि नूह की क़ौम और आद समूद और उनके बाद वाले लोगों का हाल हुआ और ख़ुदा तो बन्दों पर ज़़ुल्म करना चाहता ही नहीं (31)
और ऐ हमारी क़ौम मुझे तो तुम्हारी निस्बत कयामत के दिन का अन्देशा है (32)
जिस दिन तुम पीठ फेर कर (जहन्नुम) की तरफ चल खड़े होगे तो ख़ुदा के (अज़ाब) से तुम्हारा बचाने वाला न होगा, और जिसको ख़ुदा गुमराही में छोड़ दे तो उसका कोई रूबराह करने वाला नहीं (33)
और (इससे) पहले यूसुफ़ भी तुम्हारे पास मौजिज़े लेकर आए थे तो जो जो लाए थे तुम लोग उसमें बराबर षक ही करते रहे यहाँ तक कि जब उन्होने वफ़ात पायी तो तुम कहने लगे कि अब उनके बाद ख़ुदा हरगिज़ कोई रसूल नहीं भेजेगा जो हद से गुज़रने वाला और शक करने वाला है ख़़ुदा उसे यू हीं गुमराही में छोड़ देता है (34)
जो लोग बगै़र इसके कि उनके पास कोई दलील आई हो ख़़ुदा की आयतों में (ख़्वाहमाख़्वाह) झगड़े किया करते हैं वह ख़़ुदा के नज़दीक और इमानदारों के नज़दीक सख़्त नफरत खेज़ हैं, यूँ ख़ुदा हर मुतकब्बिर सरकश के दिल पर अलामत मुक़र्रर कर देता है (35)
और फ़िरऔन ने कहा ऐ हामान हमारे लिए एक महल बनवा दे ताकि (उस पर चढ़ कर) रसतों पर पहुँच जाऊ (36)
(यानि) आसमानों के रसतों पर फिर मूसा के ख़़ुदा को झांक कर (देख) लूँ और मैं तो उसे यक़ीनी झूठा समझता हूँ, और इसी तरह फिरआऊन की बदकिरदारयाँ उसको भली करके दिखा दी गयीं थीं और वह राहे रास्ता से रोक दिया गया था, और फिरआऊन की तद्बीर तो बस बिल्कुल ग़ारत गुल ही थीं (37)
और जो शख़्स (दर पर्दा) ईमानदार था कहने लगा भाईयों मेरा कहना मानों मैं तुम्हें हिदायत के रास्ते दिख दूंगा (38)
भाईयों ये दुनियावी जि़न्दगी तो बस (चन्द रोज़ा) फ़ायदा है और आखे़रत ही हमेशा रहने का घर है (39)
जो बुरा काम करेगा तो उसे बदला भी वैसा ही मिलेगा, और जो नेक काम करेगा मर्द हो या औरत मगर ईमानदार हो तो ऐसे लोग बहिश्त में दाखि़ल होंगे वहाँ उन्हें बेहिसाब रोज़ी मिलेगी (40)

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