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20 जून 2026

अभिभाषक परिषद में गूंजा हज का रूहानी संदेश, अख्तर खान अकेला का हुआ सम्मा

 

अभिभाषक परिषद में गूंजा हज का रूहानी संदेश, अख्तर खान अकेला का हुआ सम्मान
के डी अब्बासी
कोटा, जून। अभिभाषक परिषद कोटा एवं नोटेरी समिति के तत्वावधान में शनिवार को अभिभाषक परिषद परिसर स्थित पुस्तकालय भवन में हज यात्रा से लौटे वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटेरी समिति के संरक्षक एडवोकेट अख्तर खान अकेला का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं नोटेरी साथियों ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं तथा धार्मिक यात्राओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने हज यात्रा के विभिन्न धार्मिक स्थलों, हज की प्रक्रिया, इतिहास, नियमों एवं आबे-ज़मज़म के कुएं की उत्पत्ति से जुड़े रोचक प्रसंगों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि काबा शरीफ को सामने देखकर और उसे स्पर्श करने का अनुभव अत्यंत भावुक एवं आध्यात्मिक होता है। उस क्षण इंसान की आंखों से स्वतः आंसू निकल आते हैं और वह केवल अल्लाह का शुक्र अदा करता रहता है।
अभिभाषक परिषद के महासचिव शंभू सोनी ने कहा कि हज का सफर इंसान को मानवीय सेवा, सब्र, शुक्र और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। नोटेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश कुशवाह ने कहा कि हज सहित सभी धार्मिक यात्राएं भाईचारे, सद्भावना और इंसानियत का संदेश देती हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र जैन ने कहा कि "मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना" की भावना आज भी समाज को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि हज का फर्ज प्रेम, अनुशासन और मानवता का पाठ पढ़ाता है। बार काउंसिल प्रत्याशी महेश शर्मा ने कहा कि सभी धार्मिक यात्राएं राष्ट्रीय एकता और आपसी प्रेम का संदेश देती हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता रामगोपाल चतुर्वेदी, कृष्णदत्त दाधीच तथा बार काउंसिल अनुशासन समिति के सदस्य प्रमोद शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रमोद शर्मा ने कहा कि हज इंसानियत और ईमानदारी के साथ जीवन जीने का प्रशिक्षण है।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटेरी समिति के महासचिव सलीम मोहम्मद खान ने किया। उन्होंने अपने उमराह यात्रा के अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर एडवोकेट अख्तर खान अकेला को काबा शरीफ का प्रतीक चिन्ह एवं मक्का शरीफ का पाकीज़ा रूमाल भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट से पधारी वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती पूजा चौधरी, पूर्व अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, अब्दुल रशीद अंसारी, मोहम्मद शाकिर खान, नवीन गुप्ता, नाज़ पठान, मोहम्मद इमरान खान, अंसार इंदौरी, आशिक शेख, बिलाल नूरी, अभिनव गोचर, राजेश शर्मा, राजा महोबिया, लोकेश सुमन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं नोटेरी उपस्थित रहे।
अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र जैन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
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. तीसरे की बैठक में अंगदान नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को किया दूर

 . तीसरे की बैठक में अंगदान नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को किया दूर
2. श्रद्धांजलि सभा में अंगदान नेत्रदान जागरूकता विषय पर कार्यशाला


बीते दिनों ग्राम नलका,जिला बाराँ निवासी सेवानिवृत अध्यापक मिश्रीलाल नागर के आकस्मिक निधन के उपरांत, शोकाकुल परिवार ने,अपने निवास स्थान पर शोक सभा का आयोजन किया था ।

शोक सभा में,संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं ईबीएसआर-बीबीजे चैप्टर के कोऑर्डिनेटर,डॉ कुलवंत गौड़ ने,नेत्रदानी परिवार का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल,सचिव हितेश खंडेलवाल,एवं शारीरिक शिक्षक व समाज सेवी सुनील शर्मा ने भी अपनी ओर से शोकाकुल परिवार के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया ।

स्व नेत्रदानी मिश्रीलाल के पुत्र मयंक,व दामाद संदीप के अनुरोध पर डॉ गौड़ ने उपस्थित जन समूह को अंगदान के महत्व,उपयोगिता और भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ गौड़ ने कहा कि, ब्रेन डेड की अवस्था, साधारण होने वाली मृत्यु (कार्डियक डेथ) से बिल्कुल अलग होती है,ब्रेन डेड की अवस्था में एक व्यक्ति न्यूनतम 8 लोगों में जीवन दान दे सकता है ।

डॉ गौड़ ने यह भी बताया कि, प्रदेश में राजस्थान सरकार अंगदान के अभियान को गति देने के लिए, एवं अंगों के अभाव से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए संस्थान सोटो (राज्य अंग एवं उत्तर प्रत्यारोपण संस्थान) के माध्यम से कार्य कर रही है । ज्ञात हो कि,प्रदेश में अभी तक 86 ब्रेन डेड दिवंगतों के किडनी,लीवर,आँखों,हार्ट,आँतें व फेफड़े के दान से 200 से, अधिक लोगों का जीवन बचाया जा चुका है ।

और जो (कु़रान) मैंने नाजि़ल किया वह उस किताब (तौरेत) की (भी) तसदीक़ करता हूँ जो तुम्हारे पास है और तुम सबसे चले उसके इन्कार पर मौजूद न हो जाओ और मेरी आयतों के बदले थोड़ी क़ीमत (दुनयावी फायदा) न लो और मुझ ही से डरते रहो

 और जो (कु़रान) मैंने नाजि़ल किया वह उस किताब (तौरेत) की (भी) तसदीक़ करता हूँ जो तुम्हारे पास है और तुम सबसे चले उसके इन्कार पर मौजूद न हो जाओ और मेरी आयतों के बदले थोड़ी क़ीमत (दुनयावी फायदा) न लो और मुझ ही से डरते रहो (41)
और हक़ को बातिल के साथ न मिलाओ और हक़ बात को न छिपाओ हालाँकि तुम जानते हो और पाबन्दी से नमाज़ अदा करो (42)
और ज़कात दिया करो और जो लोग (हमारे सामने) इबादत के लिए झुकते हैं उनके साथ तुम भी झुका करो (43)
और तुम लोगों से नेकी करने को कहते हो और अपनी ख़बर नहीं लेते हालाँकि तुम किताबे खु़दा को (बराबर) रटा करते हो तो तुम क्या इतना भी नहीं समझते (44)
और (मुसीबत के वक़्त) सब्र और नमाज़ का सहारा पकड़ो और अलबत्ता नमाज़ दूभर तो है मगर उन ख़ाक़सारों पर (नहीं) जो बख़ूबी जानते हैं (45)
कि वह अपने परवरदिगार की बारगाह में हाजि़र होंगे और ज़रूर उसकी तरफ लौट जाएँगे (46)
ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने पहले तुम्हें दी और ये (भी तो सोचो) कि हमने तुमको सारे जहाँन के लोगों से बढ़ा दिया (47)
और उस दिन से डरो (जिस दिन) कोई शख़्स किसी की तरफ से न फिदिया हो सकेगा और न उसकी तरफ से कोई सिफारिश मानी जाएगी और न उसका कोई मुआवज़ा लिया जाएगा और न वह मदद पहुँचाए जाएँगे (48)
और (उस वक़्त को याद करो) जब हमने तुम्हें (तुम्हारे बुजुर्गों को) फिरऔन (के पन्जे) से छुड़ाया जो तुम्हें बड़े-बड़े दुख दे के सताते थे तुम्हारे लड़कों पर छुरी फेरते थे और तुम्हारी औरतों को (अपनी खि़दमत के लिए) जि़न्दा रहने देते थे और उसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (तुम्हारे सब्र की) सख़्त आज़माइश थी (49)
और (वह वक़्त भी याद करो) जब हमने तुम्हारे लिए दरया को टुकड़े-टुकड़े किया फिर हमने तुमको छुटकारा दिया (50)

19 जून 2026

कोटा कोचिंग तबाह ओर बर्बाद हो रहा है, टैक्सों, मोटी फीस से लोग त्रस्त हैं लेकिन 15 सालों से आज तक कोटा सांसद ने कोचिंग को लाइफ़ सपोर्ट देने के लिए कोई योजना नहीं बनाई,

 

कोटा कोचिंग तबाह ओर बर्बाद हो रहा है, टैक्सों, मोटी फीस से लोग त्रस्त हैं लेकिन 15 सालों से आज तक कोटा सांसद ने कोचिंग को लाइफ़ सपोर्ट देने के लिए कोई योजना नहीं बनाई, ना ही लोकसभा में जी एस टी कम करने सहित , कोई सुझावात्मक आवाज़ उठाई, कोटा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर ललकार लगाई तो, भाजपा और समर्थित जर्नलिस्टों के पेट में मरोड़ उठ गई, मंत्री, सन्तरी की तो कोई बात नहीं , वोह लोग जिन्होंने अपने मज़हब के ख़िलाफ़ भाजपा की गतिविधियों के चलते कभी भाजपा को वोट नहीं दिया, जो अंगूठा टेक है, सिर्फ शो पीस के रूप में फोटू, लपडों से बचने के लिये भाजपा से जुड़े हैं वोह तक, रिसर्च स्कॉलर बनकर बयानबाज़ी करते हुए, सलाह देते हुए नज़र आये, हम भी जानते है किसानों के खाट आंदोलन की तरह चवननों की राहुल को कोचिंग की आवाज़ बनने की सलाह संगठन के लिये, कोंग्रेस का वोट बढाने के लिये ज़ीरो होगी, लेकिन राहुल तो राहुल है वोह संगठन को मजबूत करने पर, एक जुट करने पर कम बहुत कम फोकस करते है, ओर किसान, मज़दूर, बेरोज़गार, युवा, छात्रों , शिक्षा, चिकित्सा के मुद्दे राष्ट्रहित में उठाते हैं, कोटा लोकसभा क्षेत्र स्थित, हम जानते है कोटा में राहुल का इवेंट शो कोंग्रेस को संजीवनी देने के मामले में जीरो रहेगा, लेकिन कोचिंग, प्रवेश परीक्षा लूट, पेपर लीक मुद्दा तो देश के सामने आया, ओर भाजपा, कोटा भाजपा हताश होकर बोखला गई, कोटा कोचिंग सिटी ,, की सांसें उखड रही है , कोचिंग गुरु ,, कोटा से अलग हट कर अपना अधिक कमाई का विकल्प तलाश रहे हैं कुछ कोचिंग व्यापारियों ने तो कोटा कोचिंग का विकेन्द्रीकरण कर हर राज्य में ब्रांचेज खोलकर बच्चों को वही रोक दिया है , जबकि बिहार में तो खुलकर अघोषित विक्रय पार्टनरशिप हुई है , कोटा का व्यापार , कोटा का हॉस्टल व्यवसाय , सभी कुछ उखड़ने लगे हैं ,बचा खुचा माहौल कोटा में होने वाली आत्महत्याओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने , जांच विश्वसनीय नहीं होने से ,, कोटा के कोचिंग ऐडमिशन्स पर भी खतरनाक तरीके से फ़र्क़ पढ़ा है , नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री और कोटा सांसद ,, लोकसभा अध्यक्ष ओम जी बिरला के सांसद निर्वाचन के बाद से कोचिंग को ऑक्सीजन मिलने की जगह जी एस टी , किताबों ,, कागज़ों , पेन , पेन्सिल पर जी एस टी बढ़ने से अतिरिक्त बोझ पढ़ा है ,इधर कोचिंग महंगा होने ,,छात्रों के स्ट्रेस में होने से आत्महत्याएं , कोचिंग फेक्टर कोटा के खिलाफ होने से रोज़गार के अवसर भी प्रभावित हुए है , जबकि कोचिंग में जो सेलेक्ट है , उनके बल्ले बल्ले ,, जो रिजेक्ट है,उनके पास वैकल्पिक अवसर नहीं होने से वोह डिप्रेशन में हैं , कुछ आत्महत्या कर रहे हैं तो कुछ नशे के आदतन होकर अपराधिक गतिविधियों में लिप्त भी हो रहे हैं , कोचिंग के छात्र नीट , जै ई ई की मोटी फीस केंद्र सरकार को देते है , जबकि अन्य परीक्षाओं में भी केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं ,. प्रवेश परीक्षाओं को , छात्रों से लूट खसोट और अवैध चौथवसूली के ज़रिये लूट का हिस्सा बना रखा है ,, ऐसे में जिन्हे इन मुद्दों पर कोटा की आवाज़ लोकसभा में कोचिंग स्टूडेंट आवाज़ बनकर ,, लोकसभा में आवाज़ उठाना थी ,, कोटा कोचिंग में , फीस , जी एस टी ,स्टूडेंट की किताबों ,, पेन ,, पेन्सिल सहित अन्य मामलों में छूट मिले, ऐसी सुविधाएँ केंद्र सरकार से दिलवाने के लिए आवाज़ उठाना थी वोह कुछ भी तो नहीं हुआ, और फिर जब कोटा सांसद खुद ही लोकसभा अध्यक्ष बनकर शीर्ष पद पर बैठे हो तो फिर तो कोटा कोचिंग जो वेंटिलेटर पर आ गया है उसे तो वैकल्पिक रियायतें दिलवाकर ,, सुविधाएँ दिलवाकर ,,पैकेज देकर ऑक्सीजन देना था ,, ताकि कोटा के हॉस्टल व्यवसाई , अन्य व्यापारी स्थानीय ट्रांसपोर्टेशन ,,मेस वगेरा के रोज़गार से जुड़े लोग क़र्ज़ में डूबे होने से त्राहि त्राहि नहीं करते , लेकिन कोचिंग की ,कोटा की , कोटा के छात्र , छात्राओं , अभिभावकों की किसे फ़िक्र है ,बस सत्ता आ गई , कांग्रेस के भीतरघातियों ने चुनाव जितवा दिया और सब कुछ सामान्य हो गया ,, खेर लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी जब भी आवाज़ उठाते है , उन पर निजी हमले होते है , आवाज़ दबाने की कोशिश की जाती है ,, लोकसभा में बोलने नहीं दिया जाता ,, ज्वलंत मुद्दों पर बहस की इजाज़त नहीं मिलती ,,अवसर मिलने पर सदस्य्ता तक बिना किसी अपील आदेश की प्रतीक्षा के ख़ारिज कर दी जाती है तो फिर कोटा सहित देश भर के बेरोज़गार नौजवानों ,, कोचिंग छात्रों जिनसे मोटी फीस वसूली जा रही हैं ,. प्रवेश शुल्क ,, आवेदन शुल्क के नाम पर नौकरियों , एम बी बी एस , आई आई टी सहित अन्य प्रवेश परीक्षाओं आम छात्र , छात्राओं को मोटी रक़म लेकर लूटा जा रहा है ,, तब राहुल गांधी का कोटा सांसद द्वारा कोटा कोचिंग को ऑक्सीजन देने ,, पेपर लीक मामले में चुप्पी साधने ,, वगेरा वगेरा मामलों को लेकर कोचिंग सिटी कोटा लोकसभा अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र कोटा से ही यह आवाज़ उठाना थी , और राहुल गांधी उनके गैर कोंग्रेसी पेड वर्कर चवननो की गलत सलाह के बावूजद भी इस अभियान में कामयाब हुए , वोह बात अलग है के कोटा में राहुल गांधी के इस अभियान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से संगठन को नुकसान हुआ है , दिखावटी तोर पर स्थानीय ओर प्रादेशिक नेता लोग एक जुटता की एक्टिंग करते नज़र आये ,,अलग थलग भी रहकर,,हम हैं साथ साथ भी नज़र आये ,, लेकिन क्या यह स्थाई एकजुटता है , यह तो बिखरे हुए कोंग्रेसी नेता ही अपने दिल पर हाथ रखकर खुद की धड़कनों से पूछ कर हमें बताएँगे तभी पता लगेगा ,,,भाजपा के शासन में राहुल गांधी के पोस्टर हटाए गए ,, बेरियर लगाने का प्रयास किया गया ,, भाजपा के नेताओं का जमावड़ा कोटा में किया गया , हंगामा करने के लिए भाजपा विचारधारा के छात्रों को उकसाया गया ,,यहां तक के देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप के साथ पुलिस की धक्का मुक्की करवाई गई , योजना थी के कार्यर्कता भड़के , विवाद हो और राहुल गाँधी का कार्यक्रम बिगड़ जाए , लेकिन सभी ने सब्र से अक़्ल से एक जुटता से काम लिया और राहुल कोटा मामलों में लोकसभा में पक्षपात के चलते, जिन स्टूडेंट्स से लूट के मुद्दों पर वोह चर्चा करवा पाने में असफल होते उन मुद्दों पर वोह कोटा में बहस करके चले गए , के अनुत्तरित सवाल सरकार खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पाले में छोड़ गए, ,सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षाओं के नाम पर करोड़ों की फ़ीस वसूली , पेपर लीक होने के बाद ज़िम्मेदार मंत्री जी के पक्ष में पूरी सरकार का खड़ा होना , उनसे नैतिकता के नाम पर इस्तीफे तक की ना कहना , डिप्रेशन में छात्रों में निराशाजनक माहौल होना हर मुद्दे को राहुल उजागर करके गए हैं ,, राहुल के चवन्ने अगर संगठन के चहेते होते तो ,,राहुल की यह कोटा यात्रा कांग्रेस के कार्यर्कताओं , पदाधिकारियों के लिए भी मज़बूती का सदेश देती लेकिन संगठन मज़बूत करने की तो चवननो की सोच ही नहीं है ,, इसलिए कोई एक्शन प्लान भी नहीं है , केवल भाषणों से संगठन मज़बूत नहीं होता , करके दिखाना पढ़ता है ,, सख्त होना पढ़ता है , कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनकी मन की बात सुन्ना पढ़ती है , ,चवन्ने ऐसा होने नहीं देते ,, लेकिन फिर भी कोटा सांसद के क्षेत्र में कोचिंग छात्रों की उपेक्षा , उनसे प्रवेश शुल्क के नाम पर चौथवसूली कर करोड़ों करोड़ रूपये की सरकारी कमाई , पेपर लीकेज और इन सभी मुद्दों पर कोटा सांसद ओम जी बिरला की चुप्पी ,, कोचिंग को राहत पैकेज नहीं , कोचिंग जी एस टी की माफ़ी नहीं वगेरा वगेरा ऐसे मुद्दे है जो राहुल ने कोटा सांसद लोकसभा अध्यक्ष के पाले में डाल दिए है अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा अगर योजना बनाई जाए तो कोटा कोचिंग को फिर से ऑक्सीजन मिल सकती है ,, कोटा फिर भी आबाद हो सकता है , यह बात भाजपा के विधायकों ,,मंत्रियों ,, कार्यर्कताओं को भाजपा की गुलामी से ऊपर उठकर कोटा का नागरिक बनकर सोचना होगा और कोटा कोचिंग के लिए विशेष पैकेज बने , जी एस टी राहत मिले ,, आत्महत्याओं की जांचें सार्वजनिक हों , सूक्ष्म जांचे हों , छात्रों के डॉक्टर ,, इंजीनियरिंग परीक्षाओं में असफल होने पर उनके पास वैकल्पिक व्यवस्था योजनाएं हो , छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं में मुफ्त या सो रूपये मात्र में ही प्रवेश परीक्षा देने का शुल्क रखा जाए ताकि छात्र , अभिभावक लुटने से बचें ,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
akhtar khan akela
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शहर के बाद,ग्रामीण क्षेत्रों में भी परंपरा बन रहा है,नेत्रदान

शहर के बाद,ग्रामीण क्षेत्रों में भी परंपरा बन रहा है,नेत्रदान
2. शोक होते ही,नेत्रदान के लिए परिजनों संपर्क किया

वार्ड नम्बर 4,सदर बाजार, नैनवां निवासी स्व० कमल कुमार मारवाडा की धर्मपत्नी एवं विनोद, सुनील, संजय,व मुकेश मारवाड़ा की माताजी राजकुमारी मारवाड़ा का इलाज के लिए नैनवा से जयपुर ले जाते समय, बीच रास्ते चाकसू में निधन हो गया ।

बेटे विनोद को जैसे ही माता जी के निधन की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत ही सबसे पहला कॉल शाइन इंडिया फाउंडेशन व ईबीएसआर बीबीजे चैप्टर के कोऑर्डिनेटर डॉ कुलवंत गौड़ को किया ।

डॉ गौड़ उस समय बारां से, नेत्रदानी की शोकसभा में नेत्रदान अंगदान के विषय में संबोधित करके वापस लौट ही रहे थे, उसी समय नैनवा से यह दुख भरी खबर प्राप्त हुई ।

नैनवां का यह मारवाड़ा परिवार, काफी समय से शाइन इंडिया फाउंडेशन के साथ जुड़ा हुआ है,4 वर्ष पूर्व राजकुमारी के पति कमल कुमार मारवाडा का और 2 वर्ष पूर्व स्व० राजकुमारी की, भतीजा बहू स्व० हेमलता जैन का नेत्रदान भी संस्था के सहयोग से संपन्न हुआ था।

धर्म-कर्म में आस्था एवं साधु संतों की सेवा में हमेशा अग्रणी रहने वाली राजकुमारी के अचानक चले जाने से एक तरफ परिवार में असीम दुख पहुँचा, पर यह सुकून भी रहा कि,नेत्रदान से माताजी किसी दृष्टिहीन की आँखों में हमेशा रोशनी बनाकर जीवित रहेंगे ।

संस्था के ज्योति मित्र महावीर जैन मोदीका,ने बताया कि, पिछले 6 वर्ष में नेत्रदान की प्रति बढ़ती जागरूकता से अभी तक 15 दिवंगतों के नेत्रदान नैनवां से प्राप्त हुए । 

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