क्या उन लोगों ने इतना भी ग़ौर नहीं किया कि हमने उनसे पहले कितनी उम्मतों
को हलाक कर डाला और वह लोग उनके पास हरगिज़ पलट कर नहीं आ सकते (31)
(हाँ) अलबत्ता सब के सब इकट्ठा हो कर हमारी बारगाह में हाजि़र किए जाएँगे (32)
और उनके (समझने) के लिए मेरी कु़दरत की एक निशानी मुर्दा (परती) ज़मीन
है कि हमने उसको (पानी से) जि़न्दा कर दिया और हम ही ने उससे दाना निकाला
तो उसे ये लोग खाया करते हैं (33)
और हम ही ने ज़मीन में छुहारों और अँगूरों के बाग़ लगाए और हमही ने उसमें पानी के चशमें जारी किए (34)
ताकि लोग उनके फल खाएँ और कुछ उनके हाथों ने उसे नहीं बनाया (बल्कि खु़दा ने) तो क्या ये लोग (इस पर भी) शुक्र नहीं करते (35)
वह (हर ऐब से) पाक साफ है जिसने ज़मीन से उगने वाली चीज़ों और खु़द उन
लोगों के और उन चीज़ों के जिनकी उन्हें ख़बर नहीं सबके जोड़े पैदा किए (36)
और मेरी क़ुदरत की एक निशानी रात है जिससे हम दिन को खींच कर निकाल
लेते (जाएल कर देते) हैं तो उस वक़्त ये लोग अँधेरे में रह जाते हैं (37)
और (एक निशानी) आफताब है जो अपने एक ठिकाने पर चल रहा है ये (सबसे) ग़ालिब वाकि़फ (खु़दा) का (वाधा हुआ) अन्दाज़ा है (38)
और हमने चाँद के लिए मंजि़लें मुक़र्रर कर दीं हैं यहाँ तक कि हिर फिर
के (आखि़र माह में) खजूर की पुरानी टहनी का सा (पतला टेढ़ा) हो जाता है
(39)
न तो आफताब ही से ये बन पड़ता है कि वह माहताब को जा ले और न रात ही
दिन से आगे बढ़ सकती है (चाँद, सूरज, सितारे) हर एक अपने-अपने आसमान (मदार)
में चक्कर लगा रहें हैं (40)
आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
04 फ़रवरी 2026
क्या उन लोगों ने इतना भी ग़ौर नहीं किया कि हमने उनसे पहले कितनी उम्मतों को हलाक कर डाला और वह लोग उनके पास हरगिज़ पलट कर नहीं आ सकते
03 फ़रवरी 2026
शुक्रिया आसिफ भाई, बहुमुखी प्रतिभा के धनी: एडवोकेट अख्तर खान अकेला शिक्षा और पत्रकारिता का संगम
शुक्रिया आसिफ भाई, बहुमुखी प्रतिभा के धनी: एडवोकेट अख्तर खान अकेला
शिक्षा और पत्रकारिता का
संगम
एडवोकेट
अख्तर खान अकेला ने अपनी वकालत की पढ़ाई के दौरान ही समाज को नई दिशा देने
का संकल्प ले लिया था। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने पत्रकारिता के
क्षेत्र में कदम रखा। उनके इस सफर की शुरुआत 'दैनिक धरती करे पुकार' समाचार
पत्र से हुई, जहाँ उन्होंने अपनी लेखनी से जनहित के मुद्दों को उठाना शुरू
किया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव
पत्रकारिता
जगत में एडवोकेट अख्तर खान अकेला का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है।
उन्होंने 'दैनिक जननायक' समाचार पत्र में बरसों तक वरिष्ठ स्तर पर कार्य
किया। अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता के कारण वे मीडिया जगत में एक विश्वसनीय
नाम बने। वर्तमान में, वे विगत कई वर्षों से 'दैनिक कोटा ब्यूरो' समाचार
पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
कोटा प्रेस क्लब में सक्रिय भूमिका
पत्रकारों
के हितों की रक्षा और पत्रकारिता के स्तर को बनाए रखने के लिए एडवोकेट
अख्तर खान अकेला हमेशा सक्रिय रहे हैं। इसी प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने
'कोटा प्रेस क्लब' की कार्यकारिणी में रहकर अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं।
वे आज भी पत्रकारिता के माध्यम से समाज की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
मानवाधिकार और समाज सेवा के प्रहरी
कानूनी
ज्ञान और पत्रकारिता के अनुभव का उपयोग एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने हमेशा
पीड़ितों की मदद के लिए किया। 'ह्यूमन समिति' के माध्यम से वर्षों तक
उन्होंने मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य किया और परेशान लोगों की
शिकायतों का निवारण कर उन्हें राहत दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों में नेतृत्व
एडवोकेट
अख्तर खान अकेला ने समाज के विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर रहकर अपनी
जिम्मेदारी निभाई है। वे 'कोटा वक्फ कमेटी' के उपाध्यक्ष के पद पर आसीन रह
चुके हैं। इसके अलावा, वे कई सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर समाज सुधार और
जन कल्याण के कार्यों में लगातार सक्रिय रहते हैं।
जनता के प्रति अटूट समर्पण
आज के दौर में एडवोकेट
अख्तर
खान अकेला की पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में है जो पद और प्रतिष्ठा से
ऊपर उठकर आमजन की सेवा में विश्वास रखते हैं। चाहे कोई पत्रकार हो, राजनेता
हो या समाज का कोई भी आम नागरिक, वे हर किसी की मदद के लिए हमेशा तत्पर
खड़े रहते हैं।
आसिफ खान दैनिक कोटा ब्यूरो
9829950550,,8005607979
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