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18 जनवरी 2026

कोटा या देश के किसी भी राज्य के ज़िले में एस आई आर के नाम पर या किसी भी तरह से कोई भी किसी रहवासी ओरिजनल वोटर का नाम काटने, कटवाने की साज़िश करता है, तो ऐसा व्यक्ति चाहे निर्वाचन अधिकारी हो, बी एल ओ हो, बी एल ऐ हो, सियासी पार्टी प्रतिनिधि हो वोह लोकतंत्र का हत्यारा है

 

कोटा या देश के किसी भी राज्य के ज़िले में एस आई आर के नाम पर या किसी भी तरह से कोई भी किसी रहवासी ओरिजनल वोटर का नाम काटने, कटवाने की साज़िश करता है, तो ऐसा व्यक्ति चाहे निर्वाचन अधिकारी हो, बी एल ओ हो, बी एल ऐ हो, सियासी पार्टी प्रतिनिधि हो वोह लोकतंत्र का हत्यारा है, भारतीय क़ानून विधिक प्रावधानों के तहत ऐसे लोकतंत्र के हत्यारों, साजिशकर्ताओं को सज़ा दिलवाना प्रत्येक भारतीय नागरिक कर्तव्य है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश जी से भी इसकी शिकायत सबूतों के साथ करें और मुकदमा भी दर्ज करवाएं, इस मामले में भारतीय क़ानून में स्पष्ट है, किस हरकत पर कौन-सा अपराध बनता है
, किन कानूनों में एफआईआर दर्ज होगी, अधिकारी (DEO / ERO / BLO) की जवाबदेही,, जाँच व अभियोजन की प्रक्रिया,, थाने में देने योग्य FIR का तैयार ड्राफ्ट,, महत्वपूर्ण न्यायिक दृष्टांत,,समस्या का कानूनी स्वरूप (What is illegal)
यदि कोई व्यक्ति:,मूल मतदाता की मौजूदगी / जीवित / पात्र होने के बावजूद,,झूठी जानकारी देकर Form-7 भरता है,, BLO / ERO / DEO बिना जाँच-पड़ताल नाम काट देता है
या दबाव, मिलीभगत, साज़िश से नाम कटवाने का प्रयास करता है, तो यह मतदान के मौलिक अधिकार (Article 326) तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला है।, लागू होने वाले कानून (Sections Applicable) A. लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (RPA 1950) धारा 22 – नाम हटाने की शर्तें,किसी मतदाता का नाम तभी हट सकता है जब,,वह मृत हो, स्थायी रूप से क्षेत्र से बाहर चला गया हो
अपात्र हो, बिना जाँच नाम काटना अवैध,, धारा 23(3),,नाम हटाने से पहले मतदाता को सुनवाई, (Opportunity of Hearing) देना अनिवार्य,,सुनवाई के बिना नाम काटना कानून का उल्लंघन है, धारा 31 – झूठी सूचना देना (Criminal Offence),जो कोई जानबूझकर झूठी जानकारी देकर, मतदाता सूची में नाम जुड़वाता / कटवाता है उसकी सजा:
1 वर्ष तक कारावास,,या जुर्माना,,या दोनों,,भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) – नया IPC, धारा 198 BNS (पूर्व IPC 191–193) – झूठी सूचना / झूठा शपथपत्र,,Form-7 में झूठी जानकारी देना,, धारा 217 BNS (पूर्व IPC 166) – लोक सेवक द्वारा कानून का उल्लंघन,,यदि अधिकारी जानबूझकर,,कानून की प्रक्रिया का पालन नहीं करता,,किसी को हानि पहुँचाता है,,,BLO / ERO / DEO पर लागू,,,धारा 61 BNS – आपराधिक साज़िश,,कई लोग मिलकर मतदाता का नाम कटवाने की योजना बनाएं। धारा 318 BNS (पूर्व IPC 420) – धोखाधड़ी,,मतदान अधिकार छीनना = संवैधानिक अधिकार की धोखाधड़ी
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) धारा 173 BNSS – FIR दर्ज करने का अधिकार, संज्ञेय अपराध है,,थाना FIR दर्ज करने से मना नहीं कर सकता,,धारा 175 BNSS,,FIR न लिखने पर SP / Magistrate में शिकायत,,चुनाव आयोग के निर्देश (ECI Guidelines)
Form-7 पर Field Verification अनिवार्य,,BLO को स्पष्ट रिपोर्ट देनी होती है,,ERO को Speaking Order देना होता है,, इनका उल्लंघन = Misconduct + Criminal Liability वाला है महत्वपूर्ण न्यायिक दृष्टांत,,,Lal Babu Hussein v. Electoral Registration Officer (1995) बिना सुनवाई नाम हटाना असंवैधानिक,, Chief Election Commissioner v. Jan Chaukidar (2013),,मतदाता अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है, People’s Union for Civil Liberties v. Union of India
वोट देने का अधिकार केवल क़ानूनी नहीं, लोकतांत्रिक अधिकार,,
Mohinder Singh Gill v. CEC (1978) चुनावी प्रक्रिया में मनमानी नहीं चल सकती
पुलिस थाने में देने हेतु FIR का ड्राफ्ट
सेवा में,
थानाधिकारी महोदय
थाना __________
जिला __________
विषय: झूठी सूचना देकर मतदाता का नाम कटवाने,
लोकसेवक द्वारा कर्तव्य उल्लंघन व आपराधिक साज़िश
के संबंध में FIR दर्ज कराने बाबत।
महोदय,
मैं _________ पुत्र/पुत्री _________ निवासी __________,
विधानसभा क्षेत्र संख्या _____ का वैध पंजीकृत मतदाता हूँ।
दिनांक ______ को मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे विरुद्ध
किसी अज्ञात/ज्ञात व्यक्ति द्वारा झूठी जानकारी देकर
Form-7 प्रस्तुत किया गया, जबकि मैं जीवित, पात्र एवं
निवासरत हूँ।
जिला निर्वाचन अधिकारी / ERO द्वारा
बिना किसी जांच, बिना मुझे नोटिस या सुनवाई दिए
मेरे मतदाता अधिकार को समाप्त करने का प्रयास किया गया।
BLO पर भी दबाव बनाकर नाम काटने की प्रक्रिया अपनाई गई।
यह कृत्य लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 22, 23,
31 का उल्लंघन है तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की
धारा 198, 217, 61, 318 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
अतः निवेदन है कि उक्त व्यक्तियों एवं
दोषी अधिकारियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर
कानूनी कार्यवाही प्रारंभ की जाए।
संलग्न:
1. मतदाता पहचान पत्र की प्रति
2. मतदाता सूची की प्रति
3. Form-7 की प्रति (यदि उपलब्ध)
4. अन्य साक्ष्य
दिनांक:
स्थान:
हस्ताक्षर
नाम:
मोबाइल:
यदि थाना FIR न लिखे तो
SP को शिकायत (BNSS 175)
JMFC में धारा 223 BNSS की शिकायत की जा सकती है, जागो लोकतंत्र के रक्षकों, लोकतंत्र के प्रहरियों जागो, उठो ओर देश बचाओ, देश का संविधान बचाओ, ना कोंग्रेस, ना भाजपा भारत देश इर भारत की मर्यादा, भारत की अस्मिता भारत का लोकतंत्र बचाओ, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

प्रसंग : एक फरवरी 26 को रंगीतिका संस्था और साहित्य अकादमी के तत्वावधान में कोटा में प्रस्तावित हाड़ौती महिला रचनाकार सम्मेलन

ऐसा देश है मेरा / साहित्यिक परिचय ......993
श्रीमती रेणु सिंह 'राधे', कोटा
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प्रसंग : एक फरवरी 26 को रंगीतिका संस्था और साहित्य अकादमी के तत्वावधान में कोटा में प्रस्तावित हाड़ौती महिला रचनाकार सम्मेलन
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परिवेश और संदर्भों को मुखरित कर अपने सृजन से आशा और विश्वास के दीप प्रज्वलित करने वाली संवेदनशील रचनाकार रेणु सिंह 'राधे' का जन्म 1 अक्टूबर 1983 को उत्तरप्रदेश में शामली के समीप सुजती गाँव में पिता स्व. रामधन सिंह राठी एवं माता स्व. श्रीमती महेंद्री देवी के परिवार में हुआ। इनके पति शक्ति सिंह एक्स आर्मी मेन हैं। इन्होंने बी.ए. बी.एड. तक शिक्षा प्राप्त की।
रचनाकार ने 15 वर्ष की उम्र में आत्म कथ्य शैली में प्रथम कविता लिखी थी। पढ़ने के शौक ने लेखन की तरफ रुझान कर दिय कविताओं से शुरू होकर कहानियाँ और उपन्यास लेखन के विषय बन गए। लेखन मातृभाषा हिंदी को ही अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। इनके सृजन में श्रृंगार रस, विरह वेदना, भक्ति रस और सामाजिक रचनाओं के साथ साथ स्त्री विमर्श, स्त्री का अस्तित्व, स्त्री का संघर्ष शिद्दत से दिखाई देता है तथा स्वतंत्र कविताएं भी कोई न कोई संदेश देती है। साथ ही राजनैतिक माहौल पर कटाक्ष, आज के स्वार्थवादी इंसान, स्त्री होना पाप है क्या, जीवन की क्षण भंगुरता जैसे विषयों पर कविता लिखती हैं। ऑन लाइन मंचों के साथ - साथ काव्य गोष्ठियों और विभिन्न मंचों से काव्यपाठ के माध्यम से भी रचना और उनके संदेश समाज तक पहुँचते हैं।
इनकी कहानियों की विषय वस्तु भी प्रमुखतः आस-पास का परिवेश और सामाजिक कुरीतियां हैं। कहानी लेखन का सिलसिला तब से शुरू हुआ जब कक्षा 9 में इन्होंने पहली कहानी लिखी और उस पर खुश हो कर इनके चाचा जी ने इन्हें 10 रुपए का इनाम दिया। इस इनाम ने इनका हौसला बढ़ाया। इनकी कहानियों में 'सौतन', 'बड़े घर की बहू', 'गौरी', सर पर पल्लू आदि में समाज में प्रचलित रीति रिवाजों का उचित मूल्यांकन किया गया है। 'वो लडकी एवं औरत', 'बहू' कहानियों में स्त्री बहू या बेटी से हट कर स्त्री को स्त्री मानने का संदेश दिया गया है। 'गलती किसकी' कहानी में बच्चो को मिलने वाले अनुचित लाड़-प्यार पर सवाल किया गया है। 'मिलन चंबल घाट में' दो सहेलियों का आपसी प्रेम और द्वेष दर्शाया है। 'तुम मेरे- मगर कब तक' प्रेम की चाशनी में पगी एक प्रेम कहानी है। 'मुझे मत छूना' में अपने लिए लड़ती महिला की कहानी है। एक लघु कथा 'जिंदगी.. लव यू' में कैंसर से पीड़ित एक बच्चे की खुशी बाँटने की मनोदशा को शिद्दत से रेखांकित कर प्रेम का संदेश दिया गया है ।
रचनाकार के अब तक दो काव्य संग्रह
रंग बदलते अल्फाज 2024 में एवं प्रकृति की दहलीज पर 2025 में प्रकाशित हो चुके हैं। रंग बदलते अल्फाज संग्रह पर रचनाकार गरिमा राकेश गर्विता का कहना है कि कविताएं सहज, सरल और सीधी भाषा में लिखी गई हैं, जो पाठक को अपनी ओर खींचती हैं।" भूमिका में लेखिका लिखती हैं, " आज के भागदौड़ भरे जीवन में हमारे परिवेश से जुड़े कुछ विषयों के प्रति मन में कुछ भाव उभरे, जिनको बड़े जतन और उमंगों से शब्दों में पिरोया है। कहीं पर भक्ति रस की सरिता बहती मिलेगी तो कहीं यथार्थ का दर्शन, कहीं पर स्त्री विषय में पिरोए नाजुक विचार तो कहीं पर प्रेमिल भावों का संचार, तो कहीं पर तन्हाईसे द्वंद करता अंतर्मन।
इनकी 350 से अधिक रचनाएं 10 साझा संकलनों में और पत्र-पत्रिकाएं में प्रकाशित हुई हैं। अरुंधती द रक्षक और सितारा, दोनों ही उपन्यासों में महिलाओं की प्रेरणा दायक कहानी है, जिनमें महिला अलग-अलग क्षेत्र में खुद को साबित करती। नुक्कड़ वाला प्यार प्रेम के साथ साथ पुनर्जन्म की दास्तान बयान करता उपन्यास है, जिसमें एक साथ दो समय की कहानी चलती है जिसके 65 भाग लिखे जा चुके हैं और कुछ लिखने शेष हैं। ये सभी उपन्यास ऑन लाइन पाठकों को पढ़ने के लिए
प्रतिलिपि ऐप पर सुलभ है, जिस से लाखों पाठक जुड़े हुए हैं। इस ऐप पर इनकी 1200 से अधिक रचनाएं पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।
लेखन के लिए इन्हें चार दर्जन से अधिक ऑन लाइन मंचों के साथ- साथ स्थानीय और राष्ट्रीय संस्थाओं पुरस्कार और सम्मानित किया जा चुका है। श्री समरस साहित्य सम्मान, शान ए हाड़ौती, प्रतिलिपि सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, दी ग्राम टुडे सम्मान, महिला शक्ति सम्मान, साहित्य मण्डल, श्री नाथद्वारा प्रशस्ति पत्र एवं महिला काव्य मंच प्रशस्ति पत्र प्रमुख सम्मान हैं। ( संपर्क : 4 डब्ल्यू 19, तलवंडी, कोटा, राज, मो. 9664467129 )
डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
लेखक एवं पत्रकार, कोटा

 

बाल साहित्योदय बच्चों को मोबाइल से दूर रह कर बाल साहित्य पढ़ने और लिखने का संदेश

 

बाल साहित्योदय
बच्चों को मोबाइल से दूर रह कर बाल साहित्य पढ़ने और लिखने का संदेश
के डी अब्बासी
कोटा । संस्कृति साहित्य मिडिया फोरम एवं
न्यू किड्स वर्ल्ड स्कूल विज्ञान नगर के तत्वावधान में विद्यालय प्रांगण में शनिवार को आयोजित बाल साहित्योदय कार्यक्रम में साहित्यकारों ने कविताओं के माध्यम से बच्चों को साहित्य से जुड़ने का संदेश दिया। बच्चों ने सूर्य वंदना, स्वरचित कविता पाठ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं में विजेता रहे बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि जितेंद्र निर्मोही और अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा रामू भैया ने बच्चों को मोबाइल से दूर रहने बाल कविता, कहानी की पुस्तकें पढ़ने तथा लिखने के प्रयास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया मिशन बाल मन तक के अंतर्गत 36 हजार बच्चों को साहित्य से जोड़ने की दिशा में हाड़ोती में बड़ा काम हुआ है। विद्यालय निदेशक आर. के. शर्मा ने सभी का स्वागत कर ऐसे कार्यक्रमों को भावी पीढ़ी के लिए सकारात्मक पहल बताया।
मीडिया फोरम की ओर से साहित्यिक सेवाओं एवं बाल साहित्य कार्यक्रमों में योगदान के लिए साहित्यकार श्यामा शर्मा, महेश पंचोली, पल्लवी दरक न्याति, योगीराज योगी एवं शमा फिरोज़ को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया। इनके साथ विशिष्ठ अतिथि डॉ. कृष्णा कुमारी ने काव्य पाठ किया। साहित्यकारों ने बच्चों के लिए अपनी बाल पुस्तकें विद्यालय को भेंट की।
फोरम के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने बताया कि बच्चों में साहित्य सृजन क्षमता विकसित करने के लिए इस वर्ष बाल रचना प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। फोरम का विस्तार कर बाल साहित्य गतिविधियों से जुड़ने वाले साहित्यकारों को सदस्य बनाया जाएगा।
अतिथियों ने मां शारदे की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का निर्देश प्राचार्य पलक विजयवर्गीय ने तथा संयोजन एवं संचालन निधि शर्मा ने किया। कार्यकम में इतिहासविद फिरोज़ अहमद और 200 से अधिक बच्चें उपस्थिति रहे।
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सड़क पर खुले में सोते लोगों को आयुक्त ने पहुंचाया आश्रय स्थल

 

सड़क पर खुले में सोते लोगों को आयुक्त ने पहुंचाया आश्रय स्थल
के डी अब्बासी
कोटा। नगर निगम के आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने शनिवार रात शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थित आश्रय स्थलों और अन्नपूर्णा रसोईयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, जब उन्होंने देखा कि लोग सड़क पर खुले में सो रहे हैं, तो स्वयं उन्हें आश्रय स्थल तक पहुंचाया।
आयुक्त मेहरा ने शनिवार रात डीसीएम रोड फ्लाइओवर के नीचे, सुधा अस्पताल के सामने, अनंतपुरा, न्यू मेडिकल कॉलेज, नाग नागिन मंदिर के सामने और अंबेडकर भवन स्थित आश्रय स्थल तथा उनसे जुड़ी अन्नपूर्णा रसोईयों का निरीक्षण किया।
उन्होंने प्रत्येक आश्रय स्थल पर रजिस्टर और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जांच की। उन्होंने वहाँ सो रहे लोगों से भी सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। नाग नागिन मंदिर के सामने स्थित आश्रय स्थल के पास ही कुछ लोग खुले में सो रहे थे। आयुक्त ने उन्हें स्वयं जगाया और आश्रय स्थल में भेजा। उन्होंने सभी आश्रय स्थलों पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि रात के समय आसपास के क्षेत्र में जो भी खुले में सो रहे हों, उन्हें आश्रय स्थल में लेकर आएं। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे भी रात के समय अपने-अपने क्षेत्र में आश्रय स्थलों का निरीक्षण करें। इस दौरान जो लोग बाहर खुले में सो रहे हो उन्हें आश्रय स्थल में भेजें। उन्होंने आश्रय स्थलों में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त मेहरा ने इन आश्रय स्थलों के पास ही स्थित श्री अन्नपूर्णा रसोइयों कभी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन करने आए व्यक्तियों के टोकन काटने की प्रक्रिया की जानकारी ली। साथी शनिवार रात काटे गए टोकनों की भी जांच की। उन्होंने वहां अग्निशमन उपकरणों की स्थिति भी देखी। साथ ही मौके से ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक आश्रय स्थल और अन्नपूर्णा रसोइयों में जाकर अग्निशमन उपकरणों की जांच करें। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त जन स्वास्थ्य भावना सिंह, उपनगर नियोजक सत्यनारायण राठौर तथा स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम भी साथ रहे।
*सफाई व्यवस्था का भी किया निरीक्षण*
इस दौरान आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था कभी निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य मार्गो की सफाई के लिए आए कर्मचारियों की जांच की। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम को निर्देश दिए की सफाई के तुरंत बाद कचरे को उठावाया जाए।

लानत के मारे जहाँ कहीं हत्थे चढ़े पकड़े गए और फिर बुरी तरह मार डाले गए

 लानत के मारे जहाँ कहीं हत्थे चढ़े पकड़े गए और फिर बुरी तरह मार डाले गए (61)
जो लोग पहले गुज़र गए उनके बारे में (भी) खु़दा की (यही) आदत (जारी) रही और तुम खु़दा की आदत में हरगिज़ तग़य्युर तबद्दुल न पाओगे (62)
(ऐ रसूल) लोग तुमसे क़यामत के बारे में पूछा करते हैं (तुम उनसे) कह दो कि उसका इल्म तो बस खु़दा को है और तुम क्या जानो शायद क़यामत क़रीब ही हो (63)
ख़ुदा ने क़ाफिरों पर यक़ीनन लानत की है और उनके लिए जहन्नुम को तैयार कर रखा है (64)
जिसमें वह हमेशा अबदल आबाद रहेंगे न किसी को अपना सरपरस्त पाएँगे न मद्दगार (65)
जिस दिन उनके मुँह जहन्नुम की तरफ फेर दिए जाएँगें तो उस दिन अफ़सोसनाक लहजे़ में कहेंगे ऐ काश हमने खु़दा की इताअत की होती और रसूल का कहना माना होता (66)
और कहेंगे कि परवरद्गिार हमने अपने सरदारों अपने बड़ों का कहना माना तो उन्हों ही ने हमें गुमराह कर दिया (67)
परवरद्गिारा (हम पर तो अज़ाब सही है मगर) उन लोगों पर दोहरा अज़ाब नाजि़ल कर और उन पर बड़ी से बड़ी लानत कर (68)
ऐ ईमानवालों (ख़बरदार कहीं) तुम लोग भी उनके से न हो जाना जिन्होंने मूसा को तकलीफ दी तो खु़दा ने उनकी तोहमतों से मूसा को बरी कर दिया और मूसा खु़दा के नज़दीक एक रवादार (इज़्ज़त करने वाले) (पैग़म्बर) थे (69)
ऐ ईमानवालों खु़दा से डरते रहो और (जब कहो तो) दुरूस्त बात कहा करो (70)

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