आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
03 जुलाई 2026
पिता के पदचिन्हों पर चले डॉ. राकेश सिंह: एमबीएस अस्पताल के नए अधीक्षक का भव्य सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जताई उम्मीद, चिकित्सा सेवा समिति कोटा के तत्वावधान में पत्रकारों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने किया सम्मानित
भाई बहनों के सहयोग से संपन्न हुआ नेत्रदान
भाई बहनों के सहयोग से संपन्न हुआ नेत्रदान
रामपुरा कोटा निवासी
दौलत राम गोयल,(शारदा मिष्ठान भंडार - घेवर वाले) का गुरुवार शाम को
आकस्मिक निधन हो गया । प्रारंभ से ही सामाजिक एवं धार्मिक कार्य में अग्रणी
रहने वाले दौलत राम, विनम्र,स्वभाव और सेवाभावी व्यक्ति थे ।
निधन
के उपरांत उनके बेटे पुखराज, प्रेम, राजेश, भुवनेश, मुनेश, पंकज, नितिन एवं
बेटी लता,यशोदा व लक्ष्मी ने सहमति कविता के नेत्रदान करवाने का निर्णय
लिया,इसके उपरांत समाजसेवी व शाइन इंडिया के ज्योति मित्र पंकज मेहता की
सूचना पर ईबीएसआर,कोटा चैप्टर के टेक्नीशियन, ने नेत्रदान की प्रक्रिया
संपन्न की।
और जिन लोगों ने कुफ्र एख़्तेयार किया उन की मिसाल तो उस शख्स की मिसाल है जो ऐसे जानवर को पुकार के अपना हलक़ फाड़े जो आवाज़ और पुकार के सिवा सुनता (समझता ख़ाक) न हो ये लोग बहरे गूँगे अन्धें हैं कि ख़ाक नहीं समझते
और जिन लोगों ने कुफ्र एख़्तेयार किया उन की मिसाल तो उस शख्स की मिसाल है
जो ऐसे जानवर को पुकार के अपना हलक़ फाड़े जो आवाज़ और पुकार के सिवा सुनता
(समझता ख़ाक) न हो ये लोग बहरे गूँगे अन्धें हैं कि ख़ाक नहीं समझते (171)
ऐ ईमानदारों जो कुछ हम ने तुम्हें दिया है उस में से सुथरी चीज़ें
(षौक़ से) खाओं और अगर ख़ुदा ही की इबादत करते हो तो उसी का शुक्र करो
(172)
उसने तो तुम पर बस मुर्दा जानवर और खू़न और सूअर का गोश्त और वह जिस पर
ज़िबह के वक़्त ख़ुदा के सिवा और किसी का नाम लिया गया हो हराम किया है बस
जो शख्स मजबूर हो और सरकशी करने वाला और ज़्यादती करने वाला न हो (और उनमे
से कोई चीज़ खा ले) तो उसपर गुनाह नहीं है बेशक ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला
मेहरबान है (173)
बेशक जो लोग इन बातों को जो ख़ुदा ने किताब में नाजि़ल की है छुपाते
हैं और उसके बदले थोड़ी सी क़ीमत (दुनयावी नफ़ा) ले लेतें है ये लोग बस
अँगारों से अपने पेट भरते हैं और क़यामत के दिन ख़ुदा उन से बात तक तो
करेगा नहीं और न उन्हें (गुनाहों से) पाक करेगा और उन्हीं के लिए दर्दनाक
अज़ाब है (174)
यही लोग वह हैं जिन्होंने हिदायत के बदले गुमराही मोल ली और बख्शिश
(ख़ुदा की) के बदले अज़ाब बस वह लोग दोज़ख़ की आग को क्योंकर बरदाश्त
करेंगे (175)
ये इसलिए कि ख़ुदा ने बरहक़ किताब नाजि़ल की और बेशक जिन लोगों ने
किताबे ख़ुदा में रद्दो बदल की वह लोग बड़े पल्ले दरजे की मुख़ालफत में हैं
(176)
नेकी कुछ यही थोड़ी है कि नमाज़ में अपने मुँह पूरब या पश्चिम की तरफ़
कर लो बल्कि नेकी तो उसकी है जो ख़ुदा और रोज़े आखि़रत और फरिश्तों और
ख़ुदा की किताबों और पैग़म्बरों पर ईमान लाए और उसकी उलफ़त में अपना माल
क़राबत दारों और यतीमों और मोहताजो और परदेसियों और माँगने वालों और लौन्डी
ग़ुलाम (के गुलू खलासी) में सर्फ करे और पाबन्दी से नमाज़ पढे़ और ज़कात
देता रहे और जब कोई एहद किया तो अपने क़ौल के पूरे हो और फ़क्र व फाक़ा
रन्ज और घुटन के वक़्त साबित क़दम रहे यही लोग वह हैं जो दावे ईमान में
सच्चे निकले और यही लोग परहेज़गार है (177)
ऐ मोमिनों जो लोग (नाहक़) मार डाले जाएँ उनके बदले में तुम को जान के
बदले जान लेने का हुक्म दिया जाता है आज़ाद के बदले आज़ाद और ग़ुलाम के
बदले ग़ुलाम और औरत के बदले औरत बस जिस (क़ातिल) को उसके ईमानी भाई के़सास
की तरफ से कुछ माफ़ कर दिया जाये तो उसे भी उसके क़दम ब क़दम नेकी करना और
ख़ुश मआमलती से (ख़ून बहा) अदा कर देना चाहिए ये तुम्हारे परवरदिगार की तरफ
आसानी और मेहरबानी है फिर उसके बाद जो ज़्यादती करे तो उस के लिए दर्दनाक
अज़ाब है (178)
और ऐ अक़लमनदों केसास (के क़वाएद मुक़र्रर कर देने) में तुम्हारी
जि़न्दगी है (और इसीलिए जारी किया गया है ताकि तुम खुनरेज़ी से) परहेज़ करो
(179)
(मुसलमानों) तुम को हुक्म दिया जाता है कि जब तुम में से किसी के सामने
मौत आ खड़ी हो बशर्ते कि वह कुछ माल छोड़ जाएं तो माँ बाप और क़राबतदारों
के लिए अच्छी वसीयत करें जो ख़ुदा से डरते हैं उन पर ये एक हक़ है (180)
02 जुलाई 2026
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने नए अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह का किया भव्य स्वागत
रामस्वरूप मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने यह सफलता हासिल की। मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल