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07 सितंबर 2026

वकीलों के संघर्ष और बलिदान के चलते भारत को अंग्रेज़ों से आज़ादी मिली है,

वकीलों के संघर्ष और बलिदान के चलते भारत को अंग्रेज़ों से आज़ादी मिली है, , वकीलों के नेतृत्व में न्याय होता है ,यही वजह है के , राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि मानवाधिकार विभाग के प्रदेश को ऑर्डिनेटर , कोटा शहर जिला अध्यक्ष पदम् गौतम ने कांग्रेस हाईकमान से कोटा नगर निगम चुनावों में वकीलों , उनके परिजनों को कमसे कम दस प्रतिशत टिकिट देने की मांग उठाई थी , और प्रदेश कांग्रेस हाईकमान ने विधि मानवाधिकार विभाग कांग्रेस की इस भावना को ध्यान में रखते हुए ,, कोटा नगर निगम के सो वार्डों के चुनाव में , क़रीब एक दर्जन टिकिट वकीलों , उनके परिजनों को दिए है , जबकि भाजपा ने वकीलों की घोर उपेक्षा की है, और एक भी वकील साथी को टिकिट नहीं देने की शिकायत आम हुई है ,, कोटा विधि मानवाधिकार विभाग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पदम् गौतम ,, प्रदेश को ऑर्डिनेटर अख्तर खान अकेला ने , विधि माननवाधिकार विभाग कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप पूनिया के ज़रिये यह मांग कांग्रेस हाई कमान तक पहुंचाई थी , जिसकी पैरवी कुलदीप पुनिया ने भी हाईकमान के समक्ष की थी ,,कोटा में विधि मानवाधिकार विभाग के जिला अध्यक्ष पदम् गौतम कांग्रेस में सक्रिय रहकर कोटा दक्षिण चुनाव ,, कोटा लोकसभा चुनाव में चुनाव अभिकर्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं ,, उन्हें कांग्रेस हाईकमान ने कोटा नगर निगम वार्ड 92 से टिकिट देकर सम्मानित किया है जबकि कांग्रेस हाईकमान ने कोटा की जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती राखी गौतम ,, पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल , पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ,,लोकसभा प्रत्याक्षी प्रह्लाद गुंजल सहित वरिष्ठ नेताओं से आम राय मिलाकर पदम् गौतम सहित एक दर्जन के लगभग वकील साथियों को नगर निगम चुनाव में टिकिट देकर सम्मानित किया है , विधि विभाग की मांग थी की वकील कांग्रेस की भावना , आम जनता की ज़रूरतों को क़ानूनी ज्ञान के साथ , नगर निगम में बहतर , क़ानूनी प्रावधानों के तहत बोर्ड के समक्ष रखकर आम जनता को न्याय दिलाने में सक्षम है और , प्रदेश विधि विभाग अध्यक्ष कुलदीप पुनिया ,, प्रदेश कोऑर्डिनेटर अख्तर खान अकेला , जिला अध्यक्ष पदम् गौतम की इस भावना को सम्मान देते हुए टिकिटों में वकील साथियों का पड़ला भारी रखा जबकि भाजपा ने भाजपा का विधि विभाग होने के बावजूद भी वकीलों को एक टिकिट देना भी मुनासिब नहीं समझा ,,, कोटा नगर निगम में सो वार्डों में से ,,वार्ड 92 से पदम् गौतम ,,,वार्ड नंबर 1 से शीतल प्रसाद मीणा , वार्ड नंबर 6 से आयना महक ,, वार्ड नंबर 12 जसवंत सुमन , वार्ड 48 से इनायत हसन ,, वार्ड 75 से आशीष जैन ,, वार्ड 80 से विजय कछावा ,वार्ड 84 से पूर्व पार्षद ज्ञान यादव की पत्नी श्रीमती सीमा यादव ,,वार्ड 50 से राजेश शर्मा एडवोकेट भाई नीरज शर्मा को कांग्रेस से टिकिट दिया है ,, इधर भाजपा के खेमे में कई दर्जन वकीलों के आवेदन के बाद भी ,, एक भी वकील साथी को टिकिट नहीं दिया जाना निंदनीय है ,,,,,,, कोटा विधि विभाग के जिला अध्यक्ष पदम् जैन ,, प्रदेश कोऑडिनेटर अख्तर खान अकेला , प्रदेश विधि मानवाधिकार अध्यक्ष कुलदीप पुनिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह जी डोटासरा , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ,, कोटा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती राखी गौतम ,, पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल ,, पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ,, लोकसभा प्रत्याक्षी प्रह्लाद गुंजल का आभार व्यक्त करते हुए आम मतदाताओं से आह्वान किया है की वोह कोटा को खूबसूरत , सुविधायुक्त , विकसित करने के लिए कांग्रेस के प्रत्याक्षियों को सो में से सो वार्डों में निर्वाचित कर ,, कोटा ,, आपनो कोटा ,, सबसे बेहतर कोटा ,, सौंदर्यकृत कोटा , विकसित कोटा ,, सुविधायुक्त कोटा ,,बनाना सुनिश्चित करे ,, अनुग्रहित करें ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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9 नेत्रदान,11 जागरूकता कार्यशाला,और लाखों को जागरुक कर संपन्न हुआ नेत्रदान पखवाड़ा

 

9 नेत्रदान,11 जागरूकता कार्यशाला,और लाखों को जागरुक कर संपन्न हुआ नेत्रदान पखवाड़ा
2. प्रदेश में 18530 लोगों की आँखों से हमेशा के लिए अंधियारा दूर हुआ ।

शाइन इंडिया फाउंडेशन का नेत्रदान पखवाड़ा बना सेवा, संकल्प और जन-जागरूकता का अभियान

कोटा। “मृत्यु के बाद भी किसी की दुनिया रोशन हो सकती है”—इस विचार को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित नेत्रदान पखवाड़ा, सेवा और जागरूकता की नई मिसाल कायम करते हुए संपन्न हुआ। पखवाड़े के दौरान, नेत्रदानी नगरी कोटा में,संस्था के प्रयासों से 9 दिवंगतों का नेत्रदान संपन्न हुआ, वहीं 11 जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से लाखों लोगों तक नेत्रदान का संदेश पहुँचाया गया।

पखवाड़े के दौरान कोटा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में संस्था के कार्यकर्ताओं और ज्योति मित्रों ने लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया। स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों के बीच आयोजित कार्यशालाओं में लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया, मृत्यु के बाद निर्धारित समय में नेत्रदान के महत्व और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के बारे में जानकारी दी गई।

सिर्फ पखवाड़ा नहीं, 15 साल से जारी है रोशनी का महा-अभियान

आई बैंक सोसाइटी ऑफ़ राजस्थान जयपुर से अधिकृत,शाइन इंडिया फाउंडेशन के लिए नेत्रदान कोई मौसमी अभियान नहीं, बल्कि पिछले लगभग 15 वर्षों से निरंतर चल रही सेवा यात्रा है। संस्था ने कोटा और आसपास के लगभग 200 किलोमीटर क्षेत्र में नेत्रदान, अंगदान और देहदान के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जरूरत के समय दिवंगत परिवारों तक पहुँचकर नेत्रदान की प्रक्रिया में सहयोग किया है। और कोटा को नेत्रदानी नगरी बनाया है ।

संस्था के प्रयासों से अब तक,वर्ष 2011 से 1650 से अधिक दिवंगतों के नेत्रदान संपन्न करवाए जा चुके हैं तथा 2200 से अधिक लोगों के जीवन में दृष्टि लौटने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा संस्था द्वारा 60 से अधिक देहदान भी करवाए जा चुके हैं। प्रदेश स्तर पर आई बैंक सोसायटी द्वारा 28406  कॉर्निया पूरे प्रदेश से प्राप्त हुआ, जिनसे 18530 लोगों की,आँखों का अंधियारा पूरी तरह दूर हुआ है ।

मृत्यु की सूचना से लेकर नेत्रदान तक—हर कदम पर साथ

संस्था की विशेष कार्यप्रणाली यह है कि नेत्रदान को केवल संकल्प पत्र भरने तक सीमित नहीं रखा जाता। किसी परिवार में मृत्यु होने पर संस्था के स्वयंसेवक परिवार से संपर्क कर उन्हें संवेदनशीलता के साथ नेत्रदान की जानकारी देते हैं और संबंधित चिकित्सा टीम तक समन्वय स्थापित करने में सहयोग करते हैं।

यही कारण है कि,शाइन इंडिया फाउंडेशन ने वर्षों में ज्योति मित्रों और स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है, जो समाज में नेत्रदान के संदेश को घर-घर तक ले जाने का कार्य कर रहा है।

डॉ. कुलवंत गौड़ ने कहा,कि “हम चाहते हैं कि नेत्रदान किसी पखवाड़े की गतिविधि न रहकर हर परिवार की सामाजिक जिम्मेदारी बने। जिस व्यक्ति ने जीवनभर दुनिया को देखा, उसकी आँखें मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की दुनिया देख सकती हैं। इससे बड़ी मानव सेवा शायद ही कोई हो।”

नेत्रदान पखवाड़े के समापन पर शाइन इंडिया फाउंडेशन ने सभी नेत्रदानी परिवारों, ज्योति मित्रों, स्वयंसेवकों, चिकित्सा टीमों, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और अभियान से जुड़े प्रत्येक सहयोगी का आभार व्यक्त किया।

संस्था ने संकल्प लिया कि,आने वाले समय में नेत्रदान के संदेश को और व्यापक स्तर पर पहुँचाया जाएगा, ताकि कॉर्निया की अंधता के कारण अंधकार में जी रहे लोगों तक रोशनी पहुँचाने के लिए अधिक से अधिक परिवार मृत्यु के बाद नेत्रदान का निर्णय लें।

ख़ुदा ने (शैतान से) फरमाया जब मैनें तुझे हुक्म दिया कि तू फिर तुझे सजदा करने से किसी ने रोका कहने लगा मैं उससे अफ़ज़ल हूँ (क्योंकि) तूने मुझे आग (ऐसे लतीफ अनसर) से पैदा किया

 हालाकि इसमें तो शक ही नहीं कि हमने तुम्हारे बाप आदम को पैदा किया फिर तुम्हारी सूरते बनायीं फिर हमनें फ़रिष्तों से कहा कि तुम सब के सब आदम को सजदा करो तो सब के सब झुक पड़े मगर शैतान कि वह सजदा करने वालों में शामिल न हुआ। (11)
ख़ुदा ने (शैतान से) फरमाया जब मैनें तुझे हुक्म दिया कि तू फिर तुझे सजदा करने से किसी ने रोका कहने लगा मैं उससे अफ़ज़ल हूँ (क्योंकि) तूने मुझे आग (ऐसे लतीफ अनसर) से पैदा किया (12)
और उसको मिटटी (ऐसी काशिफ अनसर) से पैदा किया ख़ुदा ने फरमाया (तुझको ये ग़ुरूर है) तो बेहष्त से नीचे उतर जाओ क्योंकि तेरी ये मजाल नहीं कि तू यहाँ रहकर ग़ुरूर करे तो यहाँ से (बाहर) निकल बेशक तू ज़लील लोगों से है (13)
कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत से) मोहलत दे (14)
जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जलाकर उठा खड़े किये जाएगें (15)
फ़रमाया (अच्छा मंजूर) तुझे ज़रूर मोहलत दी गयी कहने लगा चूँकि तूने मेरी राह मारी तो मैं भी तेरी सीधी राह पर बनी आदम को (गुमराह करने के लिए) ताक में बैठूं तो सही (16)
फिर उन लोगों से और उनके पीछे से और उनके दाहिने से और उनके बाएं से (गरज़ हर तरफ से) उन पर आ पडॅ़ूगां और (उनको बहकाऊॅगां) और तू उन में से बहुतरों की शुक्रग़ुज़ार नहीं पायेगा (17)
ख़ुदा ने फरमाया यहाँ से बुरे हाल में (राइन्दा होकर निकल) (दूर) जा उन लोगों से जो तेरा कहा मानेगा तो मैं यक़ीनन तुम (और उन) सबको जहन्नुम में भर दूंगा (18)
और (आदम से कहा) ऐ आदम तुम और तुम्हारी बीबी (दोनों) बेहष्त में रहा सहा करो और जहाँ से चाहो खाओ (पियो) मगर (ख़बरदार) उस दरख़्त के करीब न जाना वरना तुम अपना आप नुक़सान करोगे (19)
फिर षैतान ने उन दोनों को वसवसा (शक) दिलाया ताकि (नाफरमानी की वजह से) उनके अस्तर की चीज़े जो उनकी नज़र से बेहष्ती लिबास की वजह से पोशीदा थी खोल डाले कहने लगा कि तुम्हारे परवरदिगार ने दोनों को दरख़्त (के फल खाने) से सिर्फ इसलिए मना किया है (कि मुबादा) तुम दोनों फ़रिश्ते बन जाओ या हमेशा (जि़न्दा) रह जाओ (20)

06 सितंबर 2026

वार्ड 11 में सड़क को तरसे लोग, विकास के दावों की खुली पोल!

 

वार्ड 11 में सड़क को तरसे लोग,
विकास के दावों की खुली पोल!
शारदा विहार सेकंड में सड़क के बजाय कीचड़ का रास्ता—बच्चे-बुजुर्ग परेशान, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
के.डी. अब्बासी
कोटा। शहर में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कोटा शहर के पटरी पार रंगपुर रोड भदाना के नजदीक शारदा विहार सेकंड वार्ड नंबर 11 में विकास की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां सड़क के अभाव में आम रास्ता कीचड़ से सना पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय नागरिकों के लिए घर से निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
कीचड़ भरे रास्ते ने बढ़ाई मुसीबत
स्थानीय लोगों के मुताबिक रास्ते की खराब स्थिति के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। कीचड़ के कारण फिसलने का खतरा बना रहता है और बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
वीडियो भेजकर नागरिकों ने दिखाया दर्द
अपनी समस्या को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय नागरिकों ने गली का वीडियो बनाकर साझा किया है। वीडियो के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति सामने रखते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सवाल—आखिर कब बनेगी सड़क?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर के दूसरे क्षेत्रों में विकास कार्य हो रहे हैं तो शारदा विहार सेकंड का यह रास्ता मूलभूत सुविधा से क्यों वंचित है? नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सड़क कोई लग्जरी सुविधा नहीं, बल्कि आम नागरिक की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में जिम्मेदार विभाग को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
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(ऐ रसूल) ये किताब ख़ुदा (क़ुरान) तुम पर इस ग़रज़ से नाजि़ल की गई है ताकि तुम उसके ज़रिये से लोगों को अज़ाबे ख़ुदा से डराओ और ईमानदारों के लिए नसीहत का बायस हो

 सूरए आराफ़ मक्का में नाजि़ल हुआ और इसमें 206 आयतें हैं
(मैं) उस ख़ुदा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान है निहायत रहम वाला है
अलिफ़ लाम मीम स्वाद (1)
(ऐ रसूल) ये किताब ख़ुदा (क़ुरान) तुम पर इस ग़रज़ से नाजि़ल की गई है ताकि तुम उसके ज़रिये से लोगों को अज़ाबे ख़ुदा से डराओ और ईमानदारों के लिए नसीहत का बायस हो (2)
तुम्हारे दिल में उसकी वजह से कोई न तंगी पैदा हो (लोगों) जो तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाजि़ल किया गया है उसकी पैरवी करो और उसके सिवा दूसरे (फर्जी) बुतों (माबुदों) की पैरवी न करो (3)
तुम लोग बहुत ही कम नसीहत क़ुबूल करते हो और क्या (तुम्हें) ख़बर नहीं कि ऐसी बहुत सी बस्तियाँ हैं जिन्हें हमने हलाक कर डाला तो हमारा अज़ाब (ऐसे वक्त) आ पहुचा (4)
कि वह लोग या तो रात की नींद सो रहे थे या दिन को क़लीला (खाने के बाद का लेटना) कर रहे थे तब हमारा अज़ाब उन पर आ पड़ा तो उनसे सिवाए इसके और कुछ न कहते बन पड़ा कि हम बेषक ज़ालिम थे (5)
फिर हमने तो ज़रूर उन लोगों से जिनकी तरफ पैग़म्बर भेजे गये थे (हर चीज़ का) सवाल करेगें और ख़ुद पैग़म्बरों से भी ज़रूर पूछेगें (6)
फिर हम उनसे हक़ीक़त हाल ख़ूब समझ बूझ के (ज़रा ज़रा) दोहराएगें (7)
और हम कुछ ग़ायब तो थे नहीं और उस दिन (आमाल का) तौला जाना बिल्कुल ठीक है फिर तो जिनके (नेक अमाल के) पल्ले भारी होगें तो वही लोग फायज़ुलहराम (नजात पाये हुए) होगें (8)
(और जिनके नेक अमाल के) पल्ले हलके होगें तो उन्हीं लोगों ने हमारी आयत से नाफरमानी करने की वजह से यक़ीनन अपना आप नुक़सान किया (9)
और (ऐ बनीआदम) हमने तो यक़ीनन तुमको ज़मीन में क़ुदरत व इख़तेदार दिया और उसमें तुम्हारे लिए असबाब जि़न्दगी मुहय्या किए (मगर) तुम बहुत ही कम शुक्र करते हो (10)

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