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04 नवंबर 2026

जवान बेटे की असामयिक मृत्यु,परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान

 जवान बेटे की असामयिक मृत्यु,परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान

आज सुबह, नम्रता आवास बजरंग नगर,निवासी सरदार जगजीव सिंह के 24 वर्षीय इकलौते सुपुत्र दमन दीप सिंह के आकस्मिक निधन की सूचना से पूरे बजरंग नगर क्षेत्र में शोक की लहर आ गई ।

देर रात परिवार के साथ,खाना खाने के बाद दमनदीप सोने चले गए और सुबह जब उनकी माँ रुपिंदर कौर जगाने गई,तो वह नहीं उठे । कम उम्र में इस तरह की घटना ने पूरे परिवार को सदमे में ला दिया ।

दमन दीप कम उम्र से ही सेवा कार्यों में जुड़े रहे, वह एक नियमित रक्तदाता भी थे। परिजनों ने उनके सेवा कार्यों को देखते हुए, उनके नेत्रदान करवाने का निर्णय लिया और सुबह जल्दी ही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ को संपर्क किया ।

डॉ गौड़ के मार्गदर्शन और दिशानिर्देश पर टैक्नीशियन ने शोक भरे माहौल में,नेत्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न कि ।
इस दुखद घटना पर सिख समाज, व्यापार मंडल और शहर के कई सारे सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है ।

ऐ मेरी क़ौम मै उस (समझाने पर तुमसे कुछ मज़दूरी नहीं माँगता मेरी मज़दूरी तो बस उस शख़्स के जि़म्मे है जिसने मुझे पैदा किया तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते

 ऐ मेरी क़ौम मै उस (समझाने पर तुमसे कुछ मज़दूरी नहीं माँगता मेरी मज़दूरी तो बस उस शख़्स के जि़म्मे है जिसने मुझे पैदा किया तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते (51)
और ऐ मेरी क़ौम अपने परवरदिगार से मग़फिरत की दुआ माँगों फिर उसकी बारगाह में अपने (गुनाहों से) तौबा करो तो वह तुम पर मूसलाधार मेह आसमान से बरसाएगा ख़ुश्क साली न हेागी और तुम्हारी क़ूवत (ताक़त) में और क़ूवत बढ़ा देगा और मुजरिम बन कर उससे मुँह न मोड़ों (52)
वह लोग कहने लगे ऐ हूद तुम हमारे पास कोई दलील लेकर तो आए नहीं और तुम्हारे कहने से अपने ख़़ुदाओं को तो छोड़ने वाले नहीं और न हम तुम पर ईमान लाने वाले हैं (53)
हम तो बस ये कहते हैं कि हमारे ख़ुदाओं में से किसने तुम्हें मजनून (दीवाना) बना दिया है (इसी वजह से तुम) बहकी बहकी बातें करते हो हूद ने जवाब दिया बेशक मै ख़ुदा को गवाह करता हूँ और तुम भी गवाह रहो कि तुम ख़़ुदा के सिवा (दूसरों को) उसका शरीक बनाते हो (54)
इसमे मै बेज़ार हूँ तो तुम सब के सब मेरे साथ मक्कारी करो और मुझे (दम मारने की) मोहलत भी न दो तो मुझे परवाह नहीं (55)
मै तो सिर्फ ख़़ुदा पर भरोसा रखता हूँ जो मेरा भी परवरदिगार है और तुम्हारा भी परवरदिगार है और रुए ज़मीन पर जितने चलने वाले हैं सबकी चोटी उसी के साथ है इसमें तो शक ही नहीं कि मेरा परवरदिगार (इन्साफ की) सीधी राह पर है (56)
इस पर भी अगर तुम उसके हुक्म से मुँह फेरे रहो तो जो हुक्म दे कर मैं तुम्हारे पास भेजा गया था उसे तो मैं यक़ीनन पहुँचा चुका और मेरा परवरदिगार (तुम्हारी नाफरमानी पर तुम्हें हलाक करें) तुम्हारे सिवा दूसरी क़ौम को तुम्हारा जानशीन करेगा और तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते इसमें तो शक नहीं है कि मेरा परवरदिगार हर चीज़ का निगेहबान है (57)
और जब हमारा (अज़ाब का) हुक्म आ पहुँचा तो हमने हूद को और जो लोग उसके साथ इमान लाए थे अपनी मेहरबानी से नजात दिया और उन सबको सख़्त अज़ाब से बचा लिया (58)
(ऐ रसूल) ये हालात क़ौमे आद के हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार की आयतों से इन्कार किया और उसके पैग़म्बरों की नाफ़रमानी की और हर सरकश (दुश्मन ख़़ुदा) के हुक्म पर चलते रहें (59)
और इस दुनिया में भी लानत उनके पीछे लगा दी गई और क़यामत के दिन भी (लगी रहेगी) देख क़ौमे आद ने अपने परवरदिगार का इन्कार किया देखो हूद की क़ौमे आद (हमारी बारगाह से) धुत्कारी पड़ी है (60)

03 नवंबर 2026

कोटा में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकियां देने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को नोटिस दिया है।

 कोटा में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकियां देने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को नोटिस दिया है। अनंतपुरा थाना सीआई महेश कुमार ने अपनी टीम के साथ गुंजल के घर जाकर उन्हें नोटिस दिया और पूछताछ के लिए 7 दिन में थाने आने को कहा। सीआई.महेश कुमार ने बताया कि गुंजल के खिलाफ रानपुर थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें गुंजल आरोपी हैं। आज बीएनएस 35/3 के तहत नोटिस दिया है 7 दिन में थाने आने को कहा है। दरअसल, प्रहलाद गुंजल ने 21 अक्टूबर में एक सभा में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को खुली धमकियां दी। कहा था कि सारे राजस्थान में थू-थू हुई, दत्ता जी हमारे गुरु, क्या है दत्ता? जितनी गुंडागर्दी कर रहा है, इतने लोगों के सामने कह रहा हूं, राज बदलने दो। उन्होंने कहा था कि दत्ता की यह हालत बिगाड़ूंगा कि घर में बैठे-बैठे यह सोचेगा कि मैं आत्महत्या करूं या गोली लेकर किसी को मारूं। गुंजल की सरेआम धमकियों का वीडियो सामने आने के बाद कॉन्स्टेबल (आसूचना अधिकारी) पुष्पेंद्र चौधरी ने मामला दर्ज करवाया था। वीडियो 21 अक्टूबर का कोलाना गांव का शाम करीब 7 बजे का था। 21 अक्टूबर के इस 1 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में गुंजल कह रहे हैं- उन लोगों के सामने हमारी बात खराब मत करो, जो चमचों की भी चमचागिरी करें। दो कौड़ी के थानेदार का गुरु पूर्णिमा के रोज पैरों में धोक देकर तिलक लगा के पूजा करते हुए फोटो छपा। इतना तो पाप कर लिया यार उन लोगों ने, कितने लोगों को उजाड़ दिया। अभी कम किया क्या तुम्हारे गांव के साथ? यहां मैं ही चलाकर आया, किसी ने नहीं बुलाया मुझे। लक्ष्मणजी को मैंने ही फोन करके कहा कि यार यह तो जुल्म है। कुछ भी करो एक विरोध प्रोटेस्ट तो करो। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में बिना अनुमति सभा करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं। वहीं दूसरी ओर वीडियो की जांच में पाया गया कि प्रहलाद गुंजल सभा में लोगों को उकसा रहे हैं और वे लोकसभा स्पीकर के ओएसडी राजीव दत्ता को लेकर भी धमकियां दे रहे हैं। इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(a), 132, 308(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सबूत के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर लिया है। प्रहलाद गुंजल ने कहा कि धारा 35 पुलिस की प्रक्रिया है, उसकी सूचना का नोटिस देने पुलिस अधिकारी मेरे घर आए थे। मुझे 10 नवंबर को थाने बुलाया है, लेकिन मैंने मना कर दिया, अगली तारीख होगी तो देखेंगे। गिरफ्तारी से कौन डरता है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दुर्भावना से काम करेगा सबका हिसाब होगा कोई बचेगा नहीं। प्रहलाद गुंजल अकेला बोलता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज हो जाता है। पुलिस को यह गलतफहमी कहां से हो गई गिरफ्तारी का नोटिस देकर प्रहलाद गुंजल का आवास बंद करा दे। पुलिस ने जिन धारों में मामला दर्ज किया है, वो धाराएं बनती नहीं है। राजीव दत्ता तो संविदा कर्मचारी है, सरकारी सेवा से तो रिटायर्ड हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को तो मुखबिर से वीडियो मिला है। यह वीडियो 2 साल पुराना भी हो सकता है। मैं तो चेलेंज करके कह रहा हूं, जो लोग गलत कर रहे हैं। उनका हिसाब-किताब होगा, इसमें पीछे हटने वाला विषय नहीं है।

दीपावली पर कोटा सहकारी उपभोक्ता भंडार की बड़ी सौगात, ब्रांडेड पटाखों पर 60% तक छूट; मिठाई-नमकीन भी रियायती दरों पर

 

दीपावली पर कोटा सहकारी उपभोक्ता भंडार की बड़ी सौगात, ब्रांडेड पटाखों पर 60% तक छूट; मिठाई-नमकीन भी रियायती दरों पर
कोटा। दीपावली के त्योहार पर शहरवासियों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार ने विशेष इंतजाम किए हैं। भंडार की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री केंद्र और विशेष काउंटर लगाए गए हैं। यहां मिठाइयां, नमकीन, ड्राईफ्रूट्स और ब्रांडेड ग्रीन पटाखों सहित आतिशबाजी की विस्तृत रेंज बाजार से रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। खास बात यह है कि शिवाकाशी के मुर्गाछाप ब्रांड के पटाखों पर एमआरपी से 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। वहीं काजू कतली 900 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।
भंडार अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला एवं कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि शहरवासियों को वर्षों से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना भंडार की प्राथमिकता रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी दीपावली पर विशेष बिक्री केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर ग्रीन आतिशबाजी, 75 सेंटीमीटर की फुलझड़ियां, फैंसी पटाखे, कॉक सहित अन्य लोकप्रिय ब्रांड के पटाखों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है।
राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि सहकारिता का वास्तविक अर्थ आमजन के हितों की रक्षा करना और उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धा के बीच उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध कराना है। दीपावली जैसे बड़े पर्व पर प्रत्येक परिवार की इच्छा होती है कि वह अपने घर के लिए मिठाई, आतिशबाजी और अन्य जरूरी सामान खरीदे, लेकिन बढ़ती कीमतें कई बार त्योहार की खरीदारी को प्रभावित करती हैं। उपभोक्ता भंडार इसी अंतर को पाटने का प्रयास कर रहा है। हमारा संकल्प है कि आम उपभोक्ता को गुणवत्ता और कीमत के बीच समझौता नहीं करना पड़े। सहकारी संस्थाएं केवल बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और हितों की संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशियां तभी सार्थक हैं, जब उनका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इसी सोच के साथ इस बार उत्पादों की विविधता बढ़ाने के साथ विशेष रियायती दरों पर बिक्री की व्यवस्था की गई है।
भंडार की ओर से शहर के तीनों सुपरमार्केट महावीर नगर तृतीय, स्टेशन क्षेत्र और सब्जीमंडी में दीपावली की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा घोड़ेवाले चौराहे पर नागरिक सहकारी बैंक के समीप, प्रधान कार्यालय कैनाल रोड, तलवंडी में दाऊदयाल जोशी आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पास, कॉमर्स कॉलेज रोड, वी-मार्ट के पास रजत सिटी तथा महाराणा प्रताप सर्किल कुन्हाड़ी में भी विशेष बिक्री काउंटर लगाए गए हैं।
इन केंद्रों पर बीकाजी, बिकानो और हल्दीराम जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के भुजिया, चिवड़ा, लौंग व अजवाइन सेव, गाठिया, पपड़ी, मीठे सेव सहित विभिन्न प्रकार की मिठाइयां और नमकीन उपलब्ध हैं। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार इन उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।
संस्था अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने बताया कि गुणवत्ता और उचित मूल्य के कारण कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार ने हर वर्ष ग्राहकों का भरोसा कायम रखा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भंडार की ओर से एक करोड़ रुपये के पटाखे, 10 लाख रुपये की मिठाइयां तथा करीब 8.50 लाख रुपये के सोने-चांदी के सिक्कों की बिक्री की गई थी। इस वर्ष दीपोत्सव पर पटाखों की बिक्री का लक्ष्य 1.25 करोड़ रुपये तथा मिठाई, नमकीन और ड्राईफ्रूट्स की बिक्री का लक्ष्य 30 लाख रुपये रखा गया है।
अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, कोटा एवं कोटा भंडार की महाप्रबंधक बीना बैरवा ने कहा कि उपभोक्ता भंडार का उद्देश्य आमजन को शुद्ध उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध कराना है। संस्था उपभोक्ताओं की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए सहकारिता की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है।
इस अवसर पर भंडार उपाध्यक्ष नरेंद्र कृष्ण बिरला, संचालक अशोक कुमार मीणा, महीप सिंह सोलंकी, इन्द्रमल जैन, धीरेन्द्र पाल सिंह, पारस खींची, उषा न्याती, खुशबू बिरला, विष्णु कंवर, दिशा गुप्ता तथा सहकारी विभाग के उप रजिस्ट्रार राजेश मीणा एवं कोटा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के एमडी राय सिंह मोजावत उपस्थित रहे

राजनीतिक द्वेष से प्रहलाद गुंजल को निशाना बना रही भाजपा सरकार, पुलिस कार्रवाई से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास : राखी गौतम

राजनीतिक द्वेष से प्रहलाद गुंजल को निशाना बना रही भाजपा सरकार, पुलिस कार्रवाई से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास : राखी गौतम
रानपुर पंचायत चुनाव के बयान को तोड़-मरोड़कर मुकदमा दर्ज करना और निवास पर पुलिस भेजकर सात दिन में थाने बुलाना राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई : राखी
कोटा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा प्रत्याशी रहे प्रहलाद गुंजल के निवास पर मंगलवार को पुलिस पहुंचने तथा उन्हें नोटिस देकर सात दिवस के भीतर रानपुर थाने में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए जाने के मामले में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष राखी गौतम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
राखी गौतम ने कहा कि रानपुर पंचायत चुनाव के दौरान प्रहलाद गुंजल द्वारा दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। अब उनके निवास पर पुलिस भेजकर सात दिन के भीतर थाने में उपस्थित होकर जवाब देने का नोटिस दिया जाना राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और राजनीतिक विचार व्यक्त करने का अधिकार है। किसी बयान के वास्तविक संदर्भ और तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए बिना किसी नेता को निशाना बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रहलाद गुंजल प्रदेश के वरिष्ठ जननेता हैं और लंबे समय से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं। राजनीतिक विरोध का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से दबाव बनाकर। यदि किसी बयान को लेकर शिकायत है तो कानून के निर्धारित प्रावधानों के तहत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन कार्रवाई में राजनीतिक दबाव की आशंका पैदा होना लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
राखी गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्षता के साथ कानून के अनुरूप कार्य करने तथा सरकार से विपक्षी नेताओं को राजनीतिक दबाव में लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रहलाद गुंजल के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक अधिकारों, राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा निष्पक्ष कानून व्यवस्था के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
कांग्रेस कार्यालय प्रभारी डॉ. विजय सोनी ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के दबाव में विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई किए जाने की आशंका लोकतांत्रिक और स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होना चाहिए, न कि पुलिस प्रशासन के जरिए दबाव बनाकर।
 

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