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19 जुलाई 2026

*खाद बीज की किल्लत व नहरी पानी छोड़ने की मांग को लेकर कांग्रेस का विशाल प्रदर्शन 28 जुलाई को*

 

*खाद बीज की किल्लत व नहरी पानी छोड़ने की मांग को लेकर कांग्रेस का विशाल प्रदर्शन 28 जुलाई को*
*नहरी पानी अभिलंब छोड़ें सरकार*
*आने वाले समय में जो जिस सम्मान के योग्य होगा उसे वह सम्मान मिलेगा : पुष्पेंद्र भारद्वाज*
*खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट लेना किसानों के साथ खुली लूट : गुंजल*
कोटा : हाडोती में किसानों को हो रही खाद, बीज की किल्लत व सिंचाई के लिए नहरी पानी छोड़ने की मांग को लेकर कांग्रेस 28 जुलाई को कोटा में विशाल प्रदर्शन करेगी यह निर्णय आज पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हुई शहर व देहात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं बैठक में लिया गया। बैठक मे कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व नेता उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीसीसी महासचिव व कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं कि मैं यहां का प्रभारी हूं, यहां प्रहलाद गुंजल जी जैसे मजबूत नेता हैं जो किसान, जवान, गरीब सहित हर वर्ग की तकलीफ में उनकी आवाज बनकर हर मुद्दे पर सड़कों पर उतरते हैं और हर वर्ग को न्याय दिलाने का प्रयास करते हैं उन्होंने कहा पूरे राजस्थान में हाडोती में कांग्रेस सबसे ज्यादा मजबूत है। मे कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले समय में जो व्यक्ति जिस सम्मान के योग्य होगा उसे वह सम्मान मिलेगा।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि किसानों को लगता है कि राम राजी नहीं हो तो राज राजी होना चाहिए लेकिन ऐसा लग रहा है राम तो रूठ ही रहा है लेकिन राज भी बेखबर है आज कोटा हाड़ोती के किसान का सपना तारतार होता चला जा रहा है। किसान जब फसल करता है तो अपने सपनों का ताना-बाना बुनता है की फसल होगी तो मैं आखा तीज पर अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करूंगा, बेटी के ब्याह का कर्ज चुकाऊंगा, बेटे की शादी है उसके लिए घर बनाऊंगा परंतु आज हाडोती का सारा किसान चिंतित है किसान सुबह से शाम तक खेत की मेड़ पर बैठा हुआ आसमान की तरफ झांकता है आंखें ऊपर आंसू धरती पर टपक रहा है, हे प्रभु अब तो कृपा कर दो किसान उदास चिंतित है अपने भविष्य के लिए। किसानों ने लाखों हेक्टर मे धान लगा दिया, लगातार किसान पानी छोड़ने की मांग कर रहा है, खेत में सिंचाई के लिए बिजली नहीं, पानी नहीं हाडोती का किसान रोता रहे की खाद मिलना चाहिए, पानी मिलना चाहिए, बिजली मिलनी चाहिए, जनता पिसती रहे, सरकार अत्याचार करती रहे, संविधान की धज्जियां उड़ाती रहे तो क्या कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को विरोध का अपना फर्ज नहीं निभाना चाहिए। गुंजल ने आव्हान करते हुए कहा कि खाद बीज की किल्लत, सिंचाई के लिए नहरी पानी छोड़ने की मांग सहित तमाम बातों को लेकर कांग्रेस के 28 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता अन्नदाता के सम्मान के लिए पूरी ताकत से इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने में जुट जाए।
*मौजूदा छोड़ा जा रहा पानी ऊंट के मुंह में जीरा*
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि धान की फसल की सिंचाई के लिए मौजूदा छोड़ा जा रहा पानी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, उन्होंने कहा कि हाडोती की धरती धान का कटोरा है, कोटा बाराँ की धरती अन्नपूर्णा है, इसको पर्याप्त पानी चाहिए गुंजल ने मांग की अभिलंब सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराए।
*खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट पर बोले गुंजल*
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि 1300 रुपए का खाद का कट्टा किसानों को नहीं मिल रहा यदि वह खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट खरीद कर 2400 रुपए देता है तो जिस किसान को एक कट्टा नहीं मिल रहा अटैचमेंट के साथ वह जितने कट्टे चाहे ले सकता है, क्या यह किसानों के साथ खुली लूट नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद के काम में यह मोनोपोली क्यों चल रही है मैं प्रदर्शन में इसका खुलासा करूंगा, कौन है इसके पीछे, किस सेठ के तार किस तरह से खाद के कारखाने से जुड़े हुए हैं ।
बैठक को पूर्व विधायक पूनम गोयल, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान, पूर्व जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, हरिप्रसाद मीणा, अनूप ठाकुर, कुशल पाल सिंह, गायत्री मीणा, असरार अहमद, अशोक मीणा, देवेंद्र जी गोयन्दा, श्रीमती पूजा सिंह, दिलदार अली, हामिद गौड़, मनोज दुबे, हेमंत तिवारी, महेंद्र गुर्जर, शालिनी गौतम, टीकम सुमन व दीपक नामदेव ने भी संबोधित किया संचालन हेमंत चतुर्वेदी ने किया। बैठक में शहर व देहात कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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(ऐ रसूल) उन लोगों से कह दो कि अगर तुम ख़ुदा को दोस्त रखते हो तो मेरी पैरवी करो कि ख़ुदा (भी) तुमको दोस्त रखेगा और तुमको तुम्हारे गुनाह बख़्श देगा और खुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है

 (ऐ रसूल) उन लोगों से कह दो कि अगर तुम ख़ुदा को दोस्त रखते हो तो मेरी पैरवी करो कि ख़ुदा (भी) तुमको दोस्त रखेगा और तुमको तुम्हारे गुनाह बख़्श देगा और खुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (31)
(ऐ रसूल) कह दो कि ख़ुदा और रसूल की फ़रमाबरदारी करो फिर अगर यह लोग उससे सरताबी करें तो (समझ लें कि) ख़ुदा काफि़रों को हरगिज़ दोस्त नहीं रखता (32)
बेशक ख़ुदा ने आदम और नूह और ख़ानदाने इबराहीम और खानदाने इमरान को सारे जहान से बरगुज़ीदा किया है (33)
बाज़ की औलाद को बाज़ से और ख़ुदा (सबकी) सुनता (और सब कुछ) जानता है (34)
(ऐ रसूल वह वक़्त याद करो) जब इमरान की बीवी ने (ख़ुदा से) अज्र की कि ऐ मेरे पालने वाले मेरे पेट में जो बच्चा है (उसको मैं दुनिया के काम से) आज़ाद करके तेरी नज़्र करती हॅू तू मेरी तरफ़ से (ये नज़्र कुबूल फ़रमा तू बेशक बड़ा सुनने वाला और जानने वाला है (35)
फिर जब वह बेटी जन चुकी तो (हैरत से) कहने लगी ऐ मेरे परवरदिगार (मैं क्या करू) मैं तो ये लड़की जनी हूँ और लड़का लड़की के ऐसा (गया गुज़रा) नहीं होता हालाकि उसे कहने की ज़रूरत क्या थी जो वे जनी थी ख़ुदा उस (की शान व मरतबा) से खूब वाकि़फ़ था और मैंने उसका नाम मरियम रखा है और मैं उसको और उसकी औलाद को शैतान मरदूद (के फ़रेब) से तेरी पनाह में देती हॅू (36)
तो उसके परवरदिगार ने (उनकी नज़्र) मरियम को ख़ुशी से कु़बूल फ़रमाया और उसकी नशो व नुमा {परवरिश} अच्छी तरह की और ज़करिया को उनका कफ़ील बनाया जब किसी वक़्त जक़रिया उनके पास (उनके) इबादत के हुजरे में जाते तो मरियम के पास कुछ न कुछ खाने को मौजूद पाते तो पूछते कि ऐ मरियम ये (खाना) तुम्हारे पास कहां से आया है तो मरियम ये कह देती थी कि यह खुदा के यहाँ से (आया) है बेशक ख़ुदा जिसको चाहता है बेहिसाब रोज़ी देता है (37)
(ये माजरा देखते ही) उसी वक़्त ज़करिया ने अपने परवरदिगार से दुआ कि और अर्ज़ की ऐ मेरे पालने वाले तू मुझको (भी) अपनी बारगाह से पाकीज़ा औलाद अता फ़रमा बेशक तू ही दुआ का सुनने वाला है (38)
अभी ज़करिया हुजरे में खड़े (ये) दुआ कर ही रहे थे कि फ़रिश्तों ने उनको आवाज़ दी कि ख़ुदा तुमको यहया (के पैदा होने) की खुशख़बरी देता है जो जो कलेमतुल्लाह (ईसा) की तस्दीक़ करेगा और (लोगों का) सरदार होगा और औरतों की तरफ़ रग़बत न करेगा और नेको कार नबी होगा (39)
ज़करिया ने अर्ज़ की परवरदिगार मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाकि मेरा बुढ़ापा आ पंहुचा और (उसपर) मेरी बीवी बांझ है (ख़ुदा ने) फ़रमाया इसी तरह ख़ुदा जो चाहता है करता है (40)

18 जुलाई 2026

बेशक जो लोग ख़ुदा की आयतों से इन्कार करते हैं और नाहक़ पैग़म्बरों को क़त्ल करते हैं और उन लोगों को (भी) क़त्ल करते हैं जो (उन्हें) इन्साफ़ करने का हुक़्म करते हैं तो (ऐ रसूल) तुम उन लोगों को दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो

 बेशक जो लोग ख़ुदा की आयतों से इन्कार करते हैं और नाहक़ पैग़म्बरों को क़त्ल करते हैं और उन लोगों को (भी) क़त्ल करते हैं जो (उन्हें) इन्साफ़ करने का हुक़्म करते हैं तो (ऐ रसूल) तुम उन लोगों को दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो (21)
यही वह (बदनसीब) लोग हैं जिनका सारा किया कराया दुनिया और आख़ेरत (दोनों) में अकारत गया और कोई उनका मददगार नहीं (22)
(ऐ रसूल) क्या तुमने (उलमाए यहूद) के हाल पर नज़र नहीं की जिनको किताब (तौरेत) का एक हिस्सा दिया गया था (अब) उनको किताबे ख़ुदा की तरफ़ बुलाया जाता है ताकि वही (किताब) उनके झगड़ें का फैसला कर दे इस पर भी उनमें का एक गिरोह मुँह फेर लेता है और यही लोग रूगरदानी {मुँह फेरने} करने वाले हैं (23)
ये इस वजह से है कि वह लोग कहते हैं कि हमें गिनती के चन्द दिनों के सिवा जहन्नुम की आग हरगिज़ छुएगी भी तो नहीं जो इफ़तेरा परदाज़ी ये लोग बराबर करते आए हैं उसी ने उन्हें उनके दीन में भी धोखा दिया है (24)
फि़र उनकी क्या गत होगी जब हम उनको एक दिन (क़यामत) जिसके आने में कोई शुबहा नहीं इक्ट्ठा करेंगे और हर शख़्स को उसके किए का पूरा पूरा बदला दिया जाएगा और उनकी किसी तरह हक़तल्फ़ी नहीं की जाएगी (25)
(ऐ रसूल) तुम तो यह दुआ मांगों कि ऐ ख़ुदा तमाम आलम के मालिक तू ही जिसको चाहे सल्तनत दे और जिससे चाहे सल्तनत छीन ले और तू ही जिसको चाहे इज़्ज़त दे और जिसे चाहे जि़ल्लत दे हर तरह की भलाई तेरे ही हाथ में है बेशक तू ही हर चीज़ पर क़ादिर है (26)
तू ही रात को (बढ़ा के) दिन में दाखि़ल कर देता है (तो) रात बढ़ जाती है और तू ही दिन को (बढ़ा के) रात में दाखि़ल करता है (तो दिन बढ़ जाता है) तू ही बेजान (अन्डा नुत्फ़ा वगै़रह) से जानदार को पैदा करता है और तू ही जानदार से बेजान नुत्फ़ा (वगै़रहा) निकालता है और तू ही जिसको चाहता है बेहिसाब रोज़ी देता है (27)
मोमिनीन, मोमिनीन को छोड़ के काफि़रों को अपना सरपरस्त न बनाऐं और जो ऐसा करेगा तो उससे ख़ुदा से कुछ सरोकार नहीं मगर (इस कि़स्म की तदबीरों से) किसी तरह उन (के शर) से बचना चाहो तो (ख़ैर) और ख़ुदा तुमको अपने ही से डराता है और ख़ुदा ही की तरफ़ लौट कर जाना है (28)
ऐ रसूल तुम उन (लोगों से) कह दो किजो कुछ तुम्हारे दिलों में है तो ख़्वाह उसे छिपाओ या ज़ाहिर करो (बहरहाल) ख़ुदा तो उसे जानता है और जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में वह (सब कुछ) जानता है और ख़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है (29)
(और उस दिन को याद रखो) जिस दिन हर शख़्स जो कुछ उसने (दुनिया में) नेकी की है और जो कुछ बुराई की है उसको मौजूद पाएगा (और) आरज़ू करेगा कि काश उस की बदी और उसके दरमियान में ज़मानए दराज़ (हाएल) हो जाता और ख़ुदा तुमको अपने ही से डराता है और ख़ुदा अपने बन्दों पर बड़ा शफ़ीक़ और (मेहरबान भी) है (30

17 जुलाई 2026

(उनकी भी) क़ौमे फि़रऔन और उनसे पहले वालों की सी हालत है कि उन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया तो खुदा ने उन्हें उनके गुनाहों की पादाश {सज़ा} में ले डाला और ख़ुदा सख़्त सज़ा देने वाला है

 (उनकी भी) क़ौमे फि़रऔन और उनसे पहले वालों की सी हालत है कि उन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया तो खुदा ने उन्हें उनके गुनाहों की पादाश {सज़ा} में ले डाला और ख़ुदा सख़्त सज़ा देने वाला है (11)
(ऐ रसूल) जिन लोगों ने कुफ्र इख़्तेयार किया उनसे कह दो कि बहुत जल्द तुम (मुसलमानो के मुक़ाबले में) मग़लूब {हारे हुए} होंगे और जहन्नुम में इकट्ठे किये जाओगे और वह (क्या) बुरा ठिकाना है (12)
बेशक तुम्हारे (समझाने के) वास्ते उन दो (मुख़ालिफ़ गिरोहों में जो (बद्र की लड़ाई में) एक दूसरे के साथ गुथ गए (रसूल की सच्चाई की) बड़ी भारी निशानी है कि एक गिरोह ख़ुदा की राह में जेहाद करता था और दूसरा काफि़रों का जिनको मुसलमान अपनी आँख से दुगना देख रहे थे (मगर ख़ुदा ने क़लील ही को फ़तह दी) और ख़ुदा अपनी मदद से जिस की चाहता है ताईद करता है बेशक आँख वालों के वास्ते इस वाक़ये में बड़ी इबरत है (13)
दुनिया में लोगों को उनकी मरग़ूब चीज़े (मसलन) बीवियों और बेटों और सोने चाँदी के बड़े बड़े लगे हुए ढेरों और उम्दा उम्दा घोड़ों और मवेशियों ओर खेती के साथ उलफ़त भली करके दिखा दी गई है ये सब दुनयावी जि़न्दगी के (चन्द रोज़ा) फ़ायदे हैं और (हमेशा का) अच्छा ठिकाना तो ख़ुदा ही के यहां है (14)
(ऐ रसूल) उन लोगों से कह दो कि क्या मैं तुमको उन सब चीज़ों से बेहतर चीज़ बता दू (अच्छा सुनो) जिन लोगों ने परहेज़गारी इख़्तेयार की उनके लिए उनके परवरदिगार के यहां (बेहिश्त) के वह बाग़ात हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं (और वह) हमेशा उसमें रहेंगे और उसके अलावा उनके लिए साफ सुथरी बीवियां हैं और (सबसे बढ़कर) ख़ुदा की ख़ुशनूदी है और ख़ुदा (अपने) उन बन्दों को खूब देख रहा हे जो दुआऐं मांगा करते हैं (15)
कि हमारे पालने वाले हम तो (बेताम्मुल) इमान लाए हैं बस तू भी हमारे गुनाहों को बख़्श दे और हमको दोज़ख़ के अज़ाब से बचा (16)
(यही लोग हैं) सब्र करने वाले और सच बोलने वाले और (ख़ुदा के) फ़रमाबरदार और (ख़ुदा की राह में) ख़र्च करने वाले और पिछली रातों में (ख़ुदा से तौबा) इस्तग़फ़ार करने वाले (17)
ज़रूर ख़ुदा और फ़रिश्तों और इल्म वालों ने गवाही दी है कि उसके सिवा कोई माबूद क़ाबिले परसतिश नहीं है और वह ख़ुदा अद्ल व इन्साफ़ के साथ (कारख़ानाए आलम का) सॅभालने वाला है उसके सिवा कोई माबूद नहीं (वही हर चीज़ पर) ग़ालिब और दाना है (सच्चा) दीन तो ख़ुदा के नज़दीक यक़ीनन (बस यही) इस्लाम है (18)
और अहले किताब ने जो उस दीने हक़ से इख़्तेलाफ़ किया तो महज़ आपस की शरारत और असली (अम्र) मालूम हो जाने के बाद (ही क्या है) और जिस शख़्स ने ख़ुदा की निशानियों से इन्कार किया तो (वह समझ ले कि यक़ीनन ख़ुदा (उससे) बहुत जल्दी हिसाब लेने वाला है (19)
(ऐ रसूल) बस अगर ये लोग तुमसे (ख़्वाह मा ख़्वाह) हुज्जत करे तो कह दो मैंने ख़ुदा के आगे अपना सरे तस्लीम ख़म कर दिया है और जो मेरे ताबे है (उन्होंने) भी) और ऐ रसूल तुम एहले किताब और जाहिलों से पूॅछो कि क्या तुम भी इस्लाम लाए हो (या नही) बस अगर इस्लाम लाए हैं तो बेख़टके राहे रास्त पर आ गए और अगर मुँह फेरे तो (ऐ रसूल) तुम पर सिर्फ़ पैग़ाम (इस्लाम) पंहुचा देना फ़र्ज़ है (बस) और ख़ुदा (अपने बन्दों) को देख रहा है (20)

16 जुलाई 2026

पीएम श्री विद्यालय कैथून में अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

पीएम श्री विद्यालय कैथून में अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

कैथून। पीएम श्री विद्यालय, कैथून में सामाजिक संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में बुधवार को अंगदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अंगदान के महत्व, आवश्यकता तथा इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनोज वर्मा ने की। मुख्य वक्ता के रूप में शाइन इंडिया फाउंडेशन की संस्थापक सचिव डॉ. संगीता गौड़ एवं संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कुलवंत गौड़ उपस्थित रहे।

डॉ. कुलवंत गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में अंगदान मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु केवल अंगों की उपलब्धता नहीं होने के कारण हो जाती है। यदि अधिक से अधिक लोग अंगदान का संकल्प लें तो हजारों-लाखों मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने राजस्थान में अंगदान की वर्तमान स्थिति, अंगदान की कानूनी प्रक्रिया, ब्रेन डेथ की अवधारणा तथा अंगदान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के साथ निराकरण किया। उन्होंने कहा कि अंगदान केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कई लोगों के जीवन में नई आशा का संचार कर सकता है। समाज में जागरूकता बढ़ाना ही इस दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

डॉ. संगीता गौड़ ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार और समाज में भी अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि सही जानकारी ही भ्रांतियों को समाप्त कर सकती है और अधिक से अधिक लोगों को जीवनदान दिला सकती है।

विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनोज वर्मा ने शाइन इंडिया फाउंडेशन की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं का विकास करती हैं।

इस कार्यशाला के सफल आयोजन में शिविर संयोजक एवं समाजसेवी सुनील जैन (कैथून) का विशेष योगदान रहा। उनके प्रयासों से इस महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संभव हो सका। संस्था ने उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। 

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