आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
18 जनवरी 2026
कोटा या देश के किसी भी राज्य के ज़िले में एस आई आर के नाम पर या किसी भी तरह से कोई भी किसी रहवासी ओरिजनल वोटर का नाम काटने, कटवाने की साज़िश करता है, तो ऐसा व्यक्ति चाहे निर्वाचन अधिकारी हो, बी एल ओ हो, बी एल ऐ हो, सियासी पार्टी प्रतिनिधि हो वोह लोकतंत्र का हत्यारा है
प्रसंग : एक फरवरी 26 को रंगीतिका संस्था और साहित्य अकादमी के तत्वावधान में कोटा में प्रस्तावित हाड़ौती महिला रचनाकार सम्मेलन
बाल साहित्योदय बच्चों को मोबाइल से दूर रह कर बाल साहित्य पढ़ने और लिखने का संदेश
सड़क पर खुले में सोते लोगों को आयुक्त ने पहुंचाया आश्रय स्थल
लानत के मारे जहाँ कहीं हत्थे चढ़े पकड़े गए और फिर बुरी तरह मार डाले गए
लानत के मारे जहाँ कहीं हत्थे चढ़े पकड़े गए और फिर बुरी तरह मार डाले गए (61)
जो लोग पहले गुज़र गए उनके बारे में (भी) खु़दा की (यही) आदत (जारी) रही
और तुम खु़दा की आदत में हरगिज़ तग़य्युर तबद्दुल न पाओगे (62)
(ऐ रसूल) लोग तुमसे क़यामत के बारे में पूछा करते हैं (तुम उनसे) कह दो
कि उसका इल्म तो बस खु़दा को है और तुम क्या जानो शायद क़यामत क़रीब ही हो
(63)
ख़ुदा ने क़ाफिरों पर यक़ीनन लानत की है और उनके लिए जहन्नुम को तैयार कर रखा है (64)
जिसमें वह हमेशा अबदल आबाद रहेंगे न किसी को अपना सरपरस्त पाएँगे न मद्दगार (65)
जिस दिन उनके मुँह जहन्नुम की तरफ फेर दिए जाएँगें तो उस दिन अफ़सोसनाक
लहजे़ में कहेंगे ऐ काश हमने खु़दा की इताअत की होती और रसूल का कहना माना
होता (66)
और कहेंगे कि परवरद्गिार हमने अपने सरदारों अपने बड़ों का कहना माना तो उन्हों ही ने हमें गुमराह कर दिया (67)
परवरद्गिारा (हम पर तो अज़ाब सही है मगर) उन लोगों पर दोहरा अज़ाब नाजि़ल कर और उन पर बड़ी से बड़ी लानत कर (68)
ऐ ईमानवालों (ख़बरदार कहीं) तुम लोग भी उनके से न हो जाना जिन्होंने मूसा
को तकलीफ दी तो खु़दा ने उनकी तोहमतों से मूसा को बरी कर दिया और मूसा
खु़दा के नज़दीक एक रवादार (इज़्ज़त करने वाले) (पैग़म्बर) थे (69)
ऐ ईमानवालों खु़दा से डरते रहो और (जब कहो तो) दुरूस्त बात कहा करो (70)