भवानी मंडी से नेत्रदान लेकर आ रही टीम ने दरा में एंबुलेंस में फिर लिया नेत्रदान
2. तेज बारिश, देर रात में कोटा से निकली टीम ने भवानी मंडी और मनोहरथाने की महिलाओं के लिए नेत्रदान
3. शहर सो रहा था, रात भर जाग शाइन इंडिया की टीम ने 300 km के सफर से लिए दो नेत्रदान
गुरुवार
रात्रि को 10 बजे शाइन इंडिया फाउंडेशन के, भवानीमंडी शहर संयोजक कमलेश
गुप्ता दलाल ने कोटा में ईबीएसआर बीबीजे कॉर्डिनेटर डॉ कुलवंत गौड़ को
सूचना दी कि दिगंबर जैन समाज भवानी मंडी के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन की
माताजी दाखी बाई का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया, मौके पर उपस्थित
राजकीय चिकित्सालय के नर्सिंग अधिकारी अविनाश जैन एवं आलोक जैन की प्रेरणा
से पुत्र विजय जैन एवं पौत्र प्रभव जैन ने नेत्रदान का निर्णय लिया, परिवार
से सहमति मिली उस समय डॉ गौड़ अपने साले साहब की पुत्री के एक्सीडेंट होने
पर उनके घर मिलने गए थे, ड्राइवर की व्यवस्था नही होने पर वहीं से अपने
साले साहब संजय दाधीच को साथ लेकर तेज बारिश के बीच रात 1 बजे भवानीमंडी
पहुंचे और परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न
की।
इसी दौरान इकलेरा निवासी ज्योति मित्र अशोक गुप्ता (बबलू) ने
कमलेश दलाल को सूचना दी की मनोहरथाना, जिला झालावाड़ निवासी समाजसेवी ललित
और मुकेश गुप्ता की माताजी जानकी देवी (भाजपा नेता एवम उपप्रधान पंचायत
समिति, मनोहरथाना) का भी आकस्मिक निधन जयपुर के निजी अस्पताल में हुआ है,
तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हुए ललित ने भी माताजी के नेत्रदान की इच्छा
जाहिर की है।
डॉ गौड़ भवानीमंडी से नेत्रदान लेकर कोटा की रवाना हुए
तब तक मुकेश एवं ललित एंबुलेंस में अपने माताजी का पार्थिव शव लेकर जयपुर
से कोटा होते हुए,दरा तक पहुंच गए थे, परिवार की सहमति पर कोटा से 60
किलोमीटर पहले दरा झालावाड़ रोड पर भवानीमंडी से आ रही शाइन इंडिया की टीम
ने स्व० जानकी देवी के दोनों आंखों का चिकित्सकीय परीक्षण किया, दोनों
कॉर्निया गीली पट्टी रखने से सुरक्षित थे, बेटे ललित,और बेटी आशा की सहमति
से नेशनल हाईवे पर एंबुलेंस में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की गई।
इस
तरह से देर रात 300 किलोमीटर का सफर तय करके सुबह 4 बजे शाइन इंडिया
फाउंडेशन की टीम दो दिवंगतों के नेत्रदान से चार दृष्टिहीन लोगों के लिए
रौशनी लेकर कोटा पहुंची।
आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
14 अगस्त 2026
भवानी मंडी से नेत्रदान लेकर आ रही टीम ने दरा में एंबुलेंस में फिर लिया नेत्रदान
कोर्ट के आदेश के बाद लाडपुरा प्रधान पद पर फिर से काबिज हुए नईमुद्दीन गुड्डू
केडीए द्वारा कम्पनी सेक्रेटरीज के लिए विशेष आवासीय योजना लॉन्च
ये ख़ुदा का फ़ज़ल (व करम) है और ख़ुदा तो वाकि़फ़कारी में बस है
ये ख़ुदा का फ़ज़ल (व करम) है और ख़ुदा तो वाकि़फ़कारी में बस है (70)
ऐ ईमानवालों (जिहाद के वक़्त) अपनी हिफ़ाज़त के (ज़राए) अच्छी तरह
देखभाल लो फिर तुम्हें इख़्तेयार है ख़्वाह दस्ता दस्ता निकलो या सबके सब
इकट्ठे होकर निकल खड़े हो (71)
और तुममें से बाज़ ऐसे भी हैं जो (जेहाद से) ज़रूर पीछे रहेंगे फिर अगर
इत्तेफ़ाक़न तुमपर कोई मुसीबत आ पड़ी तो कहने लगे ख़ुदा ने हमपर बड़ा
फ़ज़ल किया कि मैं उन (मुसलमानों) के साथ मौजूद न हुआ (72)
और अगर तुमपर ख़ुदा ने फ़ज़ल किया (और दुश्मन पर ग़ालिब आए) तो इस तरह
अजनबी बनके कि गोया तुममें उसमें कभी मोहब्बत ही न थी यॅू कहने लगा कि ऐ
काश उनके साथ होता तो मैं भी बड़ी कामयाबी हासिल करता (73)
बस जो लोग दुनिया की जि़न्दगी (जान तक) आख़ेरत के वास्ते दे डालने को
मौजूद हैं उनको ख़ुदा की राह में जेहाद करना चाहिए और जिसने ख़ुदा की राह
में जेहाद किया फिर शहीद हुआ तो गोया ग़ालिब आया तो (बहरहाल) हम तो अनक़रीब
ही उसको बड़ा अज्र अता फ़रमायेंगे (74)
(और मुसलमानों) तुमको क्या हो गया है कि ख़ुदा की राह में उन कमज़ोर और
बेबस मर्दो और औरतों और बच्चों (को कुफ़्फ़ार के पंजे से छुड़ाने) के
वास्ते जेहाद नहीं करते जो (हालते मजबूरी में) ख़ुदा से दुआएं मांग रहे हैं
कि ऐ हमारे पालने वाले किसी तरह इस बस्ती (मक्का) से जिसके बाशिन्दे बड़े
ज़ालिम हैं हमें निकाल और अपनी तरफ़ से किसी को हमारा सरपरस्त बना और तू
ख़ुद ही किसी को अपनी तरफ़ से हमारा मददगार बना (75)
(बस देखो) ईमानवाले तो ख़ुदा की राह में लड़ते हैं और कुफ़्फ़ार शैतान
की राह में लड़ते मरते हैं बस (मुसलमानों) तुम शैतान के हवा ख़ाहों (मानने
वालों) से लड़ो और (कुछ परवाह न करो) क्योंकि शैतान का दाव तो बहुत ही बोदा
है (76)
(ऐ रसूल) क्या तुमने उन लोगों (के हाल) पर नज़र नहीं की जिनको (जेहाद
की आरज़ू थी) और उनको हुक्म दिया गया था कि (अभी) अपने हाथ रोके रहो और
पाबन्दी से नमाज़ पढ़ो और ज़कात दिए जाओ मगर जब जिहाद (उनपर वाजिब किया गया
तो) उनमें से कुछ लोग (बोदेपन में) लोगों से इस तरह डरने लगे जैसे कोई
ख़ुदा से डरे बल्कि उससे कहीं ज़्यादा और (घबराकर) कहने लगे ख़ुदाया तूने
हमपर जेहाद क्यों वाजिब कर दिया हमको कुछ दिनों की और मोहलत क्यों न दी (ऐ
रसूल) उनसे कह दो कि दुनिया की आसाइश बहुत थोड़ा सा है और जो (ख़ुदा से)
डरता है उसकी आख़ेरत उससे कहीं बेहतर है (77)
और वहां तो रेशा (बाल) बराबर भी तुम लोगों पर जु़ल्म नहीं किया जाएगा
तुम चाहे जहाँ हो मौत तो तुमको ले डालेगी अगरचे तुम कैसे ही मज़बूत पक्के
गुम्बदों में जा छुपो और उनको अगर कोई भलाई पहुँचती है तो कहने लगते हैं कि
ये ख़ुदा की तरफ़ से है और अगर उनको कोई तकलीफ़ पहुँचती है तो (शरारत से)
कहने लगते हैं कि (ऐ रसूल) ये तुम्हारी बदौलत है (ऐ रसूल) तुम कह दो कि सब
ख़ुदा की तरफ़ से है बस उन लोगों को क्या हो गया है कि कोई बात ही नहीं
समझते (78)
हालांकि (सच तो यू है कि) जब तुमको कोई फ़ायदा पहुचे तो (समझो कि)
ख़ुदा की तरफ़ से है और जब तुमको कोई तकलीफ़ पहुँचे तो (समझो कि) ख़ुद
तुम्हारी बदौलत है और (ऐ रसूल) हमने तुमको लोगों के पास पैग़म्बर बनाकर
भेजा है और (इसके लिए) ख़ुदा की गवाही काफ़ी है (79)
जिसने रसूल की इताअत की तो उसने ख़ुदा की इताअत की और जिसने रूगरदानी
की (मुँह मोड़ा) तो तुम कुछ ख़्याल न करो (क्योंकि) हमने तुम को पासबान
(मुक़र्रर) करके तो भेजा नहीं है (80)
13 अगस्त 2026
नईमुद्दीन गुड्डू प्रधान लाडपुरा कोटा के निलंबन मामले में राजस्थान सरकार को दूसरी बार मुंह की खाना पढ़ी
नईमुद्दीन गुड्डू प्रधान लाडपुरा कोटा के निलंबन मामले में राजस्थान सरकार को दूसरी बार मुंह की खाना पढ़ी , कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट के डर से प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू का निलंबन आदेश दूसरी बार निरस्त करना पढ़ा, नईमुद्दीन गुड्डू प्रधान लाडपुरा को इसके पूर्व भी बिना किसी तथ्य के राजनीतिक द्वेषता के चलते निलंबित किया था, फिर अदालत के स्थगन आदेश ओर कंटेम्प्ट कार्यवाही के चलते ठीक एक वर्ष पूर्व नईमुद्दीन गुड्डू ने प्रधान का कार्यभार संभाला था, पूर्व मंत्री स्वर्गीय भरत सिंह जी को बंधक तक बना लिया गया था, फिर राजनीतिक द्वेषता के चलते दो दिन बाद ही उन्हें काल्पनिक कारण बताकर फिर निलंबित कर दिया, उक्त आदेश को भी राजस्थान हाईकोर्ट ने 17 फरवरी 2026 को स्थगित कर दिया था, लेकिन सरकार के दबाव में नोकरशाही हठधर्मिता दिखाती रही और 6 माह तक नईमुद्दीन गुड्डू की निलंबन बहाली का आदेश नहीं निकाला, फिर कंटेम्प्ट तारीख पे तारीख अदालत की सख्ती, अधिकारियों की न्यायालय में व्यक्तिगत तलबी, ओर सख्त रुख होने पर अदालत आदेश की 6 माह बाद पालना करते हुए नईमुद्दीन गुड्डू का कथित निलंबन आदेश स्थगित किया है, अब वोह फिर से कोटा लाडपुरा पंचायत समिति के निर्वाचित प्रधान हैं, लोकतंत्र की जीत पर नईमुद्दीन गुड्डू, उनके संघर्ष को बधाई , मूबारकबाद, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339