आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

05 अक्टूबर 2026

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग

 

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग
के डी अब्बासी
कोटा। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक ने मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयोग के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोटा विनोद कुमार मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपकर पंचायत चुनाव की तिथियों में बदलाव की मांग की।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामरतन सामरिया ने कहा कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ और 7 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर चुनाव ड्यूटी होने से कर्मचारी-अधिकारियों को परिवार के साथ त्योहार मनाने में परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि कर्मचारी हित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों में आवश्यक परिवर्तन किया जाए। सामरिया ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ सकती है। ज्ञापन के दौरान जोधराज मीणा, धीरज महावर, हनुमान मालव, कपिस मीणा, शेर सिंह मीणा, खुशी राम टांक, कुलदीप मीणा व महेश कुमार सेन सहित कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान

 

ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान

बीते दिन में शहर में दो दिवंगतों के नेत्रदान संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्रों के सहयोग से संपन्न हुए । 

संस्था के ज्योति मित्र एवं नेत्रदानी परिजन जयंत भुतोडिया ने संस्था के डॉ कुलवंत गौड़ को सूचना दी की, उनके करीबी रिश्तेदार व रामचंद्रपुरा निवासी हनु प्रताप सिंह नरूका की माताजी कमलेश नरूका का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हुआ है,और परिजन आधे घंटे में अंतिम संस्कार के लिए ले कर जाने वाले हैं । नेत्रदान के लिए परिजनाें ने सहमति दी है, सूचना मिलते ही सदस्यों के सहयोग से नेत्रदान का कार्य संपन्न हुआ। 

इसी क्रम में संस्था के ज्योति मित्र डॉ प्रीतम गोयल, और नवीन गर्ग ने सूचना दी कि उनके छावनी निवासी करीबी रिश्तेदार गौरव अग्रवाल के पिता कैलाश चंद अग्रवाल का आकस्मिक निधन हुआ है, परिजनों ने नेत्रदान की इच्छा जताई है, सूचना मिलते ही,संस्था सदस्यों ने ईबीएसआर के टेक्नीशियन के सहयोग से निवास स्थान पर नेत्रदान का कार्य सम्पन्न करवाया ।

तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं

 

तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं (11)
और अगर ये लोग एहद कर चुकने के बाद अपनी क़समें तोड़ डालें और तुम्हारे दीन में तुमको ताना दें तो तुम कुफ्र के सरवर आवारा लोगों से खूब लड़ाई करो उनकी क़समें का हरगिज़ कोई एतबार नहीं ताकि ये लोग (अपनी शरारत से) बाज़ आएँ (12)
(मुसलमानों) भला तुम उन लोगों से क्यों नहीं लड़ते जिन्होंने अपनी क़समों को तोड़ डाला और रसूल को निकाल बाहर करना (अपने दिल में) ठान लिया था और तुमसे पहले छेड़ भी उन्होंने ही शुरू की थी क्या तुम उनसे डरते हो तो अगर तुम सच्चे ईमानदार हो तो ख़़ुदा उनसे कहीं बढ़ कर तुम्हारे डरने के क़ाबिल है (13)
इनसे (बेख़ौफ (ख़तर) लड़ो ख़ुदा तुम्हारे हाथों उनकी सज़ा करेगा और उन्हें रूसवा करेगा और तुम्हें उन पर फतेह अता करेगा और इमानदार लोगों के कलेजे ठन्डे करेगा (14)
और उन मोनिनीन के दिल की क़ुदरतें जो (कुफ़्फ़ार से पहुचॅती है) दफ़ा कर देगा और ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा वाकि़फकार (और) हिकमत वाला है (15)
क्या तुमने ये समझ लिया है कि तुम (यॅू ही) छोड़ दिए जाओगे और अभी तक तो ख़ुदा ने उन लोगों को मुमताज़ किया ही नहीं जो तुम में के (राहे ख़़ुदा में) जिहाद करते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल और मोमेनीन के सिवा किसी को अपना राज़दार दोस्त नहीं बनाते और जो कुछ भी तुम करते हो ख़़ुदा उससे बाख़बर है (16)
मुशरेकीन का ये काम नहीं कि जब वह अपने कुफ्ऱ का ख़ुद इक़रार करते है तो ख़ुदा की मस्जिदों को (जाकर) आबाद करे यही वह लोग हैं जिनका किया कराया सब अकारत हुआ और ये लोग हमेशा जहन्नुम में रहेंगे (17)

ख़़ुदा की मस्जिदों को बस सिर्फ वहीं शख़्स (जाकर) आबाद कर सकता है जो ख़़ुदा और रोजे़ आखि़रत पर ईमान लाए और नमाज़ पढ़ा करे और ज़कात देता रहे और ख़़ुदा के सिवा (और) किसी से न डरो तो अनक़रीब यही लोग हिदायत याफ़्ता लोगों मे से हो जाएंगे (18)
क्या तुम लोगों ने हाजियों की सक़ाई (पानी पिलाने वाले) और मस्जिदुल हराम (ख़ानाए काबा की आबादियों को उस शख़्स के हमसर (बराबर) बना दिया है जो ख़ुदा और रोज़े आख़ेरत के दिन पर ईमान लाया और ख़ुदा के राह में जेहाद किया ख़़ुदा के नज़दीक तो ये लोग बराबर नहीं और खुदा ज़ालिम लोगों की हिदायत नहीं करता है (19)
जिन लोगों ने ईमान क़़ुबूल किया और (ख़़ुदा के लिए) हिजरत एख़्तियार की और अपने मालों से और अपनी जानों से ख़़ुदा की राह में जिहाद किया वह लोग ख़़ुदा के नज़दीक दर्जें में कही बढ़ कर हैं और यही लोग (आला दर्जे पर) फायज़ होने वाले हैं (20)

04 अक्टूबर 2026

पंकज मेहता की अगुवाई में गूंजा ‘एक नया सवेरा’, युवाओं को संस्कार और परिवार से जुड़ने का संदेश

 

पंकज मेहता की अगुवाई में एक नया सवेरा
पंकज मेहता की अगुवाई में गूंजा ‘एक नया सवेरा’, युवाओं को संस्कार और परिवार से जुड़ने का संदेश
सारस्वत बोले—कैरियरिस्ट और टेररिस्ट दोनों प्रवृत्तियों से बचें युवा, राजेन्द्र जैन ने कहा—मत अलग हों, मन नहीं
के डी अब्बासी
कोटा। सकल जैन समाज को एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक सोच से जोड़ने के उद्देश्य से श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ रामपुरा के अध्यक्ष पंकज मेहता के नेतृत्व में ‘एक नया सवेरा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन सत्यार्थ एलेन ऑडिटोरियम, जवाहर नगर में किया गया। श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ एवं श्री जैन रत्न युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में देश, धर्म, समाज और परिवार के प्रति दायित्वों का बोध कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज युवा वर्ग को कैरियरिस्ट और टेररिस्ट दोनों प्रवृत्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कैरियर की दौड़ में परिवार और वृद्ध माता-पिता पीछे नहीं छूटने चाहिए तथा आतंकवाद जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से युवाओं को पूरी तरह दूर रहना चाहिए। सोशल मीडिया और रील्स की अंधी दौड़ से बचकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी पर ध्यान देने का आह्वान किया।
पंकज मेहता ने कहा कि ‘एक नया सवेरा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की सोच है। इसका उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद, आपसी प्रेम, सकारात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना है।
राजेन्द्र जैन बोले—परिवार में मत अलग हो सकते हैं, मन नहीं
अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर राजेन्द्र जैन (राजू भाई) ने अपनी प्रभावशाली और संवादपूर्ण शैली में परिवार एवं रिश्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परिवार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने और सुनने का नाम है। मत अलग हो सकते हैं, लेकिन मन अलग नहीं होने चाहिए।
मुख्य वक्ता सुनीता जैन ने संयुक्त परिवार, बहू-बेटियों के रिश्तों, प्रेम, धैर्य और सकारात्मक सोच पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में संयुक्त परिवार की आत्मीयता और संस्कारों को नए रूप में जीवित रखने की जरूरत है।
वक्ताओं ने कहा कि जैन दर्शन केवल मोक्ष का मार्ग नहीं दिखाता, बल्कि जीवन जीने की दृष्टि भी प्रदान करता है। अनेकांत, क्षमा, मैत्री, संयम और अपरिग्रह के सिद्धांत बेहतर पारिवारिक और सामाजिक जीवन की आधारशिला बन सकते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ जय जिनेन्द्र एवं गुरु भगवंतों के चरणों में वंदन के साथ हुआ। स्वागत भाषण पंकज मेहता ने दिया, संचालन जोली भंडारी ने किया तथा आभार हनुमान प्रसाद जैन ने जताया। कार्यक्रम में सवाई माधोपुर, हाउसिंग बोर्ड, कुशतला, बजरिया, देई, अलीगढ़, रामपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा-युवतियों एवं समाजबंधुओं ने भाग लिया।

फैज़ल बैग ‘कोकी’ की युवा कांग्रेस में धमाकेदार एंट्री, 5573 वोटों के साथ कोटा उत्तर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित

 

फैज़ल बैग ‘कोकी’ की युवा कांग्रेस में धमाकेदार एंट्री, 5573 वोटों के साथ कोटा उत्तर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित
युवा शक्ति ने जताया भरोसा, कोकी की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश; नेतृत्व में संगठन को नई धार देने की उम्मीद
के डी अब्बासी
कोटा। युवा कांग्रेस के चुनाव परिणाम में कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से फैज़ल बैग (कोकी) ने शानदार जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया। फैज़ल बैग को 5573 वोट मिले। उनकी जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
फैज़ल बैग की जीत को कोटा उत्तर में कांग्रेस की युवा राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। समर्थकों ने कहा कि युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कोकी के नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने के साथ जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।
चुनाव परिणाम में कौशल किशोर शर्मा को 1447 वोट मिले और वे उपाध्यक्ष (ओपन) पद पर निर्वाचित हुए। परिणाम सामने आने के बाद समर्थकों ने फैज़ल बैग को फूलमालाओं से स्वागत कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस के युवा नेता विष्णु मेवाड़ा ने फैजल की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि इसे कांग्रेस और मजबूत होगी।
कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि फैज़ल बैग ‘कोकी’ के नेतृत्व में युवा कांग्रेस संगठनात्मक रूप से मजबूत होगी और युवा शक्ति को एकजुट कर कांग्रेस के विचारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विकास, युवा शक्ति और संगठन की मजबूती को लेकर फैज़ल बैग की जीत को कांग्रेस के लिए नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...