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28 फ़रवरी 2021

गांधी ग्लोबल फेमिली फाउंडेशन ,

 गांधी ग्लोबल फेमिली फाउंडेशन , के कर्ता धर्ता गुलाम नबी हों , चाहे उनके समर्थक , इनमे से एक भी शख्स ने गाँधी की हत्या करने वाले , उनके समर्थक , गाँधी की विचारधारा का अपमान करने वाले , गाँधी के खिलाफ सोशल मिडिया पर बेहूदा माहौल बनाने वालों के खिलाफ एक भी बयान दिया हो ,विरोध प्रदर्शन किया हो , क़ानूनी कार्यवाही की हो ,, यहां कोई भी राष्ट्रीय स्तर की , राज्य स्तर की सेमिनार की हो , तो चलो मान लेते हैं इन्हे गांधीवादी ,,, गांधीवादी तो सिर्फ राजस्थान के अशोक गहलोत , जिन्होंने इस मिशन को , स्वीकृत रूप से जो कहा ,, वोह किया की तर्ज़ पर आगे बढाया है ,,, अख्तर

अपराधियों में भय ,,, आमजन में विश्वास ,, यही पुलिस की ड्यूटी है

 अपराधियों में भय ,,, आमजन में विश्वास ,, यही पुलिस की ड्यूटी है , पुलिस का कर्तव्य है ,, और सभी पुलिस कर्मी , अधिकारी , ड्यूटी पर हों या न हो ,समाज में जनता में क़ानून के प्रति विशवास , अपराधियों में क़ानून का खौफ पैदा करने के प्रयासों में लगे रहते है , मेने भी यही काम किया है ,,, आई पी एस अधिकारी पंकज चौधरी ने , कोटा प्रेस क्लब में आज पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा ,, के मेरे लिए गौरव की बात है , कि मेरा पुलिस आई पी एस प्रोबेशन कॅरियर कोटा से शुरू हुआ ,, और आज फिर में दस साल बात आप लोगों के बीच हूँ ,,, पंकज चौधरी ने कहा ,, में कोटा , बूंदी ,, जैसलमेर , जयपुर सभी स्थानों पर पदस्थापित रहा , लेकिन पुलिसिंग ड्यूटी , ईमानदारी से निभाता रहा ,, पंकज चौधरी ने कहा ,, गरीब , पीड़ित , शोषित लोगों को न्याय दिलवाने के ईमानदारी प्रयासों का ही नतीजा है ,के , दो साल बाद ,,, फिर से अदालत के आदेशों से वोह अपनी पुलिस की नौकरी पर लोट रहे है ,, पंकज चौधरी ने कहा ,, उन्होंने अदालत के आदेश के साथ , माननीय पुलिस महानिदेशक , माँननीय मुख्य सचिव से शिष्टाचार भेंट की है ,,वोह इस संबंध में , माननीय मुख्यमंत्री महोदय से भी भेंट कर जानकारी देंगे , उन्होंने कहा ,,, उनका विशवास है , सरकार फिर से उन्हें अदालत के आदेशों के अनुरूप ,,, पुलिस पोस्टिंग देकर ,, सेवाओं का अवसर देंगे ,,, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा ,, भ्रस्टाचार ,, सिस्टम अलग अलग हिस्सा है ,, इन दिनों ,, सभी स्तर के अधिकारी , कर्मचारी , ऐ सी बी द्वारा पकड़े जा रहे है ,, यह एक तरह से सुख खबर है , भ्रस्टाचार के खिलाफ अभियान है ,,पंकज चौधरी ने कहा ,, दूसरी तरफ ,, ऐसे अधिकारी कर्मचारी ,, लगातार धर पकड़ के बाद भी जनता के प्रति , अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरत रहे है , और जनता इनसे प्रताड़ित है , लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही सुखद है ,, दागी पुलिस अधिकारीयों के फील्ड पोस्टिंग मामले में उन्होंने कहा यह सरकार की पॉलिसी है , न्यायालय में मुक़दमा विचाराधीन होता है , न्यायालय ही इस मामले में निर्धारण करे , वर्ना सरकार किस से किस तरह का काम लेना चाहती है ,यह उसका विवेकाधिकार है , इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है ,,पंकज चौधरी , सभी पत्रकरों से पूर्व परिचित होने से , पारिवारिक माहौल में मिले , वोह उनकी बहाली के आदेश से ,,, प्रसन्न थे ,, उनकी ख्वाहिश है , जो होना था , हो गया ,, अब बेहतर से बेहतर होना चाहिए , सरकार , उन्हें फिर से जल्दी ही ,, बहाली कर ,उंनसे ,, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में ,,, काम ले ,, एक सवाल के जवाब में ,पंकज चौधरी ने कहा ,, उन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान ,, पुलिस रिकॉर्ड कम्प्युटराइज़्ड करने का कामयाब प्रयास किया है ,, वर्तमान हालातों में जनहितकारी व्यवस्थाओं ,और बदलते कम्प्यूटर युग में यह एक ज़रूरत है , पंकज चौधरी ने , अपने दो साल ,, के दुखद हालातों को भी याद किया , जिसमे उन्होंने ,, उनके परिवार पर इस वज्रपात ,,की मंज़रकशी भी ,की उन्होंने कोरोना काल , और कोरोना काल की परेशानियों के वक़्त , पुलिस ,, नर्सिंग स्टाफ ,डॉक्टर और पत्रकारों की जांबाज़ कर्तव्यनिष्ट ड्यूटी की , खुले मन से प्रशंसा की ,, उन्होंने कहा ,जब सब घरों में ,, सुरक्षित्त रहना चाहते थे ,तब हमारे पुलिस कर्मी , सरकार के नुमाइंदे ,, सरकार के ज़िम्मेदाराना , कोरोना से जंग में कामयाब लड़ाई लड़ रहे थे ,,, पंकज चौधरी को सभी पत्रकारों ने फिर से , वही ताक़त ,, हिम्मत , कढ़ी महनत ,, लगन ,, ईमानदारी से ,, ड्यूटी पर लोट कर कार्य करने की शुभकामनाये दीं , ,बेस्ट ऑफ़ लक कहा , और अपराधियों में भय ,, जनता में विश्वास के नारे को ,, बुलंदी के साथ ,, काम करने की कामना की इस अवसर पर , ,गजेंद्र व्यास , गिरीश गुप्ता ,, जितेंद्र शर्मा ,, रमेश गाँधी , असलम रोमी ,, संजीव सक्सेना ,, शम्मी कपूर , हाबुलाल शर्मा , ,, आरिफ खान ,, नितिन शर्मा , नूर पठान ,,हाड़ा साहब, सहित सभी पत्रकार साथियों , समसजेवियों, शिक्षाविद , कानूनविदों ने उनका स्वागत किया ,,, , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान ,

कोटा की पुलिस ,,इन दिनों , व्यवहार , अनुसंधान ,, अवैध चौथवसूली में , बेकाबू होने लगी है

कोटा की पुलिस ,,इन दिनों , व्यवहार , अनुसंधान ,, अवैध चौथवसूली में , बेकाबू होने लगी है ,,  कोटा के पुलिस  अधिकारीयों , पुलिस कर्मियों  को  सेमीनार , विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ,, उनके कर्तव्यों ,, ईमानदारी के अहसास के साथ विशेष बीट प्रणाली , उनके कार्यव्यवहार के संबंध में , प्रशिक्षण की आवश्यकता है ,,  इधर , वर्षों से एक ही पद पर जमे पुलिस कर्मियों ,  अधिकारीयों को ,,  उनकी  कार्यशैली का पोस्टमार्टम कर , इधर से उधर करना ज़रूरी है  ,, कोटा में अपराधियों से पुलिस की सांठ गाँठ का अपना इतिहास रहा है ,, कुछ पुलिस कर्मियों अधिकारीयों को इन आरोपों में नौकरी से बेदखल भी कर दिया है , लेकिन इसके बावजूद भी , बाढ़ ही खेत को खा रही है , तो कुछ पुलिस कर्मी आज भी बेखौफ होकर अपनी मनमानी कर रहे है ,, कोटा पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मी पणाच्याराम ,, अवैध रूप से बाइक ज़ब्त कर , उसकी चाबी और बाइक देने के नाम पर , 20 हज़ार रूपये मांग रहा है ,, स्मैक में पकड़वाने की बात कह रहा है ,, बढे अधिकारीयों तक रूपये पहुंचाने की बात कर रहा है ,, कोई नई बात नहीं , रोज़  ऐसे लोग पकड़े जा रहे है ,, लेकिन अगर कोटा पुलिस उसे विडिओ वाइरल होते ही , गिरफ्तार कर लेती ,, रिमांड पर ले लेती ,, तो शायद त्वरित कार्यवाही  कहलाती , सस्पेंड करना अलग बात है , लेकिन एक अपराध के लिए आम आदमी की तरह ऐसे लोगों के साथ कॉमन सुलूक करना ईमनदारी ,  निष्पक्षता की बात है ,,, अभी हाल ही में ,, महनाज  पटेल नाम की एक महिला ने परिवाद पेश किया ,, कथित फरियादी से मारपीट के मुक़दमे में , कैसे तलवारनुमा पत्ती , ,बेसबॉल पर ,, खून के धब्बे लगाकर , एफ एस एल  से रिपोर्ट लेकर उसे सज़ा दिलवाई जाए ,, कैसे बयान दिए जाएं , इसका पूरा ऑडियो , विडिओ , स्क्रिप्ट उसने वरिष्ठ  पुलिस अधिकारीयों को देकर गुहार लगाई है ,, विडिओ में अगर किसी मुल्ज़िम की गिरफ्तारी के पहले , जांच अधिकारी के सुझाव पर , उसकी मौजूदगी में  ,, जाँच अधिकारी के सामने , बाद की तारीखों में ज़ब्त शुदा हथियारों पर ,खून लगाया है , बयानों की स्क्रिप्ट बताई है ,,, तो गड़बड़ तो है ,, फिर निष्पक्ष अनुसंधान कहाँ है ,, मुक़दमा दर्ज हो , फरियादी से सांठगांठ हो , कार्यवाही हो जाए , यह गलत है , इस मामले की भी निष्पक्ष जांच अगर हो जाए तो , शिकायतकर्ताओं को लगे के उनकी शिकायतों पर पुलिस जांच करती है , कार्यवाही करती है , त्वरित कार्यवाही करती है ,, इंसाफ करती है ,तो फिर वोह अदालतों में ,परिवाद लेकर क्यों जाए , पुलिस कर्मचारियों , अधिकारीयों के पास , आम आदमी की शिकायत की सुनवाई का तरीक़ा डाइरेक्ट हो जाए , तो फिर यह बिचोलिये , शिकायतों को दबाने ,छुपाने की  कार्यवाही भी नहीं कर पाएंगे , प्रभावशाली लोग तो ,पुलिस अधीक्षक तक किसी भी माध्यम से पहुंच जाते है ,, लेकिन ज़रा कोटा के वरिष्ठ अधिकारी किसी गरीब को  ,  मोहरा ,बनाकर   शिकायत का स्टिंग ऑपरेशन करके देखें , एक शिकायत कर्ता , अगर किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास जाता है , तो उसे कितनी दिक़्क़तों का सामना करना पढ़ता है ,,  कुछ मामलों  में तो बाहर बैठे , बेरियर ही ,, भगा देते है , जिन अधिकारीयों ,  पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत होती है ,,  वोह  उन तक भी इस शिकायत के बारे में जानकारी पहुंचा देते है ,,   इसकी वजह ,,  पुलिस अधिकारीयों के ऊपर काम का बोझ ज़्यादा होना है ,, रोज़  घटनाये , अनुसंधान , गिरफ्तारियों का दबाव ,  दूसरी तरफ वी आई पी यात्राओं में ,  पुलिस कर्मियों की ड्यूटियां ,,  धरने , प्रदर्शनों में पुलिसकर्मयों  की ज़िम्मेदारियाँ  ,,  ऐसे में सूक्ष्म अनुसंधान मुश्किल हो जाता है , लेकिन नामुमकिन तो हरगिज़  नहीं ,  पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी हों ,चाहे आई जी रेंज हों  ,उन्हें चैंबर्स से बाहर निकल कर , परिवादियों से संवाद करना चाहिए ,,, अनुसंधान पत्रावलियों की ,  रेंडम चेकिंग करना चाहिए ,,,  वरिष्ठ ईमानदार अधिकारीयों का एक पेनल बनाकर ,सरकारी लोकअभियोजकों के साथ ऐसी अनुसंधान पत्रावलियों में की गयी कार्यवाही की गुणवत्ता , निष्पक्षता , लापरवाही की  जांच करवाकर ,, सभी को विशेष प्रक्षिक्षण ,  की पहल करना चाहिए ,,  परिवादियों से सीधा सम्पर्क , उनकी शिकायतों के अंतिम निस्तारण होने तक  ,  एलार्मिंग व्यवस्था के तहतं निगरानी व्यवस्था होना चाहिए ,, सरकार को भी ऐसे  मामलों की निगरानी , व्यवस्था सुधार के लिए , पुलिस जवाबदेही समिति ,,  पुलिस आयोग ,,  का गठन शीघ्र करना चाहिए , जबकि मानवाधिकार आयोग को  भी ऐसी शिकायतों में   जवाब तलब कर रस्म अदायगी की जगह ,  सीधे स्पॉट वेरिफिकेशन ,, बयांन  ,,  जांच कार्यवाही कर ,  फैसले देना चाहिए ,,,,  ज़िले  में लीगल  ऑथोरिटी  स्तर पर भी ,,  न्यायिक   अधिकारीयों ,,  पेनल अधिवक्ताओं की टीम इस तरह की शिकायतों पर , जाँच  कर अपनी राय देने ,, कार्यवाही की सिफारिश करने की व्यवस्था करे तो बेहतर होगा ,,,, अख्तर  खान अकेला कोटा राजस्थान

क्या उन लोगों के (बनाए हुए) ऐसे शरीक हैं जिन्होंने उनके लिए ऐसा दीन मुक़र्रर किया है

क्या उन लोगों के (बनाए हुए) ऐसे शरीक हैं जिन्होंने उनके लिए ऐसा दीन मुक़र्रर किया है जिसकी ख़़ुदा ने इजाज़त नहीं दी और अगर फ़ैसले (के दिन) का वायदा न होता तो उनमें यक़ीनी अब तक फैसला हो चुका होता और ज़ालिमों के वास्ते ज़रूर दर्दनाक अज़ाब है (21)
(क़यामत के दिन) देखोगे कि ज़ालिम लोग अपने आमाल (के वबाल) से डर रहे होंगे और वह उन पर पड़ कर रहेगा और जिन्होने ईमान क़़ुबूल किया और अच्छे काम किए वह बेहिष्त के बाग़ों में होंगे वह जो कुछ चाहेंगे उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में (मौजूद) है यही तो (ख़़ुदा का) बड़ा फज़ल है (22)
यही (ईनाम) है जिसकी ख़़ुदा अपने उन बन्दों को ख़ुशख़बरी देता है जो ईमान लाए और नेक काम करते रहे (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं इस (तबलीग़े रिसालत) का अपने क़रातबदारों (एहले बैत) की मोहब्बत के सिवा तुमसे कोई सिला नहीं मांगता और जो शख़्स नेकी हासिल करेगा हम उसके लिए उसकी ख़ूबी में इज़ाफा कर देंगे बेशक वह बड़ा बख्शने वाला क़दरदान है (23)
क्या ये लोग (तुम्हारी निस्बत कहते हैं कि इस (रसूल) ने ख़़ुदा पर झूठा बोहतान बाँधा है तो अगर (ऐसा) होता तो) ख़़ुदा चाहता तो तुम्हारे दिल पर मोहर लगा देता (कि तुम बात ही न कर सकते) और ख़ुदा तो झूठ को नेस्तनाबूद और अपनी बातों से हक़ को साबित करता है वह यक़ीनी दिलों के राज़ से ख़ूब वाकि़फ है (24)
और वही तो है जो अपने बन्दों की तौबा क़ुबूल करता है और गुनाहों को माफ़ करता है और तुम लोग जो कुछ भी करते हो वह जानता है (25)
और जो लोग ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम करते रहे उनकी (दुआ) क़़ुबूल करता है फज़ल व क़रम से उनको बढ़ कर देता है और काफ़िरों के लिए सख़्त अज़ाब है (26)
और अगर ख़ुदा ने अपने बन्दों की रोज़ी में फराख़ी कर दे तो वह लोग ज़रूर (रूए) ज़मीन से सरकशी करने लगें मगर वह तो बाक़दरे मुनासिब जिसकी रोज़ी (जितनी) चाहता है नाजि़ल करता है वह बेषक अपने बन्दों से ख़बरदार (और उनको) देखता है (27)
और वही तो है जो लोगों के नाउम्मीद हो जाने के बाद मेंह बरसाता है और अपनी रहमत (बारिश की बरकतों) को फैला देता है और वही कारसाज़ (और) हम्द व सना के लायक़ है (28)
और उसी की (क़ु़दरत की) निशानियों में से सारे आसमान व ज़मीन का पैदा करना और उन जानदारों का भी जो उसने आसमान व ज़मीन में फैला रखे हैं और जब चाहे उनके जमा कर लेने पर (भी) क़ादिर है (29)
और जो मुसीबत तुम पर पड़ती है वह तुम्हारे अपने ही हाथों की करतूत से और (उस पर भी) वह बहुत कुछ माफ़ कर देता है (30)
 

27 फ़रवरी 2021

महावीर नगर द्वितीय स्थित कोटा ओपेरा हॉस्पिटल

 महावीर नगर द्वितीय स्थित कोटा ओपेरा हॉस्पिटल में ,, रविवार 28 फरवरी को पेट सहित अन्य रोगों की जांच ,, इलाज के लिए मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है ,,, ओपेरा हॉस्पिटल के संचालक ,, महेश शर्मा के हवाले से ,, परवेज़ खान ने बताया की ,, रविवार , 28 फरवरी को सुबह से आम जन के लिए निशुल्क जाँच ,परामर्श शिविर में ,, सभी विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे ,,, परवेज़ खान ने बताया की इस मौके पर , पेट आंत रोग विशेषज्ञ , डॉक्टर लियाक़त हुसैन ,, न्यूरो सर्जन डॉक्टर कपिल जैन , वरिष्ठ फिजिशयन , डॉक्टर बी के सोनी ,, रुपेश पंवार , डॉक्टर डी आर चौधरी , कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अख़लाक़ हुसैन , शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गिरीश शृंगी ,, अस्थि रोग विशेषज्ञ , डॉक्टर गजानंद धाकड़ ,, गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मुकेश गुप्ता , दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर , बाल श्री शर्मा ,, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रघुराज , महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रश्मि चोपड़ा , फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉक्टर निशांत सक्सेना , अपनी निशुल्क सेवाएं देंगे ,, ओपेरा अस्पताल के संचालक , महेश शर्मा ने इस अवसर पर , ई सी जी ,, ब्लड , शुगर की निशुल्क जांच की घोषणा की है , जबकि अन्य सभी आवश्यक जांचों में भी भारी छूट दी जायेगी ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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