आपका-अख्तर खान

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27 मार्च 2026

दोस्तों हाल ही में मेने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाये हैं

 

दोस्तों हाल ही में मेने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाये हैं , कांग्रेस के एस सी , एस टी , ओ बी सी , व्यापारिक , चिकित्सा , शैक्षणिक , पर्यावरण , जन आभाव अभियोग वगेरा वगेरा सहित कई कागज़ी विभाग बने हुए हैं , जिनकी सक्रियता तो शायद आज तक किसी ने देखी ही नहीं होगी , खेर में फिर कोटा ज़िले के अल्पसंख्यक विभाग की बात से अपनी बात शुरू करता हूँ , मुमकिन हो या आपके अनुभव हों , मन करे तो आप भी अपने अपने ज़िले ,कस्बे , में अल्पसंख्यक विभाग सहित अन्य विभागों की ज़िम्मेदारियों और उपेक्षित नीतियों को उजागर कर सकते हैं , में कोटा में हाल ही में रमज़ान के वक़्त शब ऐ क़द्र की रात और ईदुल फ़ित्र के वक़्त ,, बरकत उद्यान स्थित एक मस्जिद में रंगाई , पुताई , लाइटिंग व्यवस्था के प्रतिबंध और उस प्रतिबंध की जिला प्रशासन से आवश्यतानुसार इजाज़त लेने की ज़िम्मेदारी की बात कर रहा हूँ , ज़ाहिर है , मस्जिद से जुड़ा मामला है , तो आम मुस्लिम समाज से जुड़ा मामला है , ऐसे में सियासी तोर पर कांग्रेस या भाजपा अल्पसंख्यक विभागों से जुड़ा मामला इसे स्वीकारित रूप से देखा जा सकता है , अब इस समस्या पर , कोटा के भाजपा अल्पसंख्यक विभाग या लोकसभा अध्यक्ष , विधायक , मंत्रियों के इर्द गिर्द मुस्लिम समाज से जुड़े प्रतिनिधि कुछ बात करने की हिम्मत करेंगे सोचना ही बेकार सी बात है , अब खुद को अल्पसंख्यकों की चहेती , लोकतंत्र की रक्षक कहे जाने वाली पार्टी कांग्रेस बचती है , कांग्रेस का यूँ तो जिला स्तरीय संगठन , है लेकिन कांग्रेस ने माइक्रो मैनेजमेंट के तहत , महीनों चिंतन , मंथन के बाद , कोटा में जिला अध्यक्ष बनाये है , प्रदेश के पदाधिकारी ज़िम्मेदार बनाये हैं , कोटा देहात अध्यक्ष असरार अहमद की सक्रियता रो रोज़ अख़बारों की सुर्ख़ियों में हैं , देहात कांग्रेस और आम जनता की समस्याओं के लिए वोह खुलकर बोल रहे हैं , लेकिन कोटा शहर में बरकत उद्यान सहित किसी भी समस्या पर अभी तक अल्पसंख्यक विभाग ने कोई आवाज़ उठाना तो दूर , रमज़ानों में शब ऐ क़द्र के दी अस्थाई रंग रोगन , रौशनी की इजाज़त लेने तक पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है , ऐसा नहीं के इस मुद्दे की जानकारी इन नेताओं को नहीं हो , ,, अगर अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियों में कांग्रेस के माइक्रो मॅनेज्मेंट व्यवस्था के तहत यह ज़िम्मेदारी अल्पसंख्यक विभाग की है , इसका अहसास होता , तो कोटा के स्थानीय प्रदेश पदाधिकारी ,, कोटा शहर अल्पसंख्यक अध्यक्ष बैठक करते , कलेक्टर के पास जाकर ज्ञापन देते , उन्हें समझाते के यह अस्थाई है , इसकी इजाज़त दी जाना चाहिए , फिर अगर कलेक्टर का रुख इंकार वाला होता , तो यही अल्पसंख्यक ज़िम्मेदार प्रदेश अध्यक्ष को सूचित करते , उनका मार्गदर्शन लेते , कोटा के कांग्रेस जिला अध्यक्ष के पास जाते , और अगर गुटबाज़ी वाले यह पदाधिकारी खुद को महसूस करते हैं के किसी के पास जायेंगे तो हमारे भाईसाहब को गुस्सा आ जाएगा , तो मेरे यह भाई ,,अपने अपने भाई साहबों के पास जाकर यह दर्द , बताते , कोई अगर कांग्रेस से अलग खुद को भाईसहबों तक ही खुद को सीमित मानता है , तो जो नईमुद्दीन गुड्डू के से है वोह उनके पास जाते , जो खुद को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को शांति धारीवाल साहब के गट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को अमित धारीवाल साहब के गट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को प्रह्लाद जी गुंजल के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , जो खुद को शिवकांत जी नंदवाना के गुट का मानते हैं वोह उनके पास जाते , और जो खुद को ओरिजनल निर्गुट कांग्रेस के संविधान के विधिक प्रावधानों के तहत संचालित निर्गुट कोंग्रेसी मानते हैं वोह जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम को इन्वाइट कर इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाते , लेकिन ऐसा किसी ने भी नहीं किया , खुद अल्पसंख्यक विभाग ने भी इस मुद्दे पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई , सवाल उठेगा के हमे तो पता ही नहीं , तो फिर जब तुम्हे अपनी कॉम के मुद्दों के बारे में जानकारी नहीं तो फिर तुम्हारी सक्रियता पर ही प्रश्न चिन्ह है ,खेर अभी तो जो हुआ सो हुआ , आगे से तो हर मुद्दे पर सक्रिय हो जाओ , भाजपा के अल्पसंख्यकों पर तो उम्मीद ही मत जताना , तुम से ही कुछ उम्मीद है और संगठन ने तुम्हे ज़िंदाबाद , करने के लिए नहीं , माला पहनने के अलावा ,, अपने वोटर्स खासकर अल्पसंख्यक समाज से जुड़े लोगों की समस्याओं का अध्ययन , माइक्रोमॅनेज्मेंट व्यवस्था के लिए बनाया है , ताकि कांग्रेस का मूल संगठन दूसरे काम करे और आवश्यकता पढ़ने पर आप उन्हें साथ लेकर , जिला प्रशासन पर अपने विधिक कार्यों के लिए उन्हें लेजाकर सियासी दबाव बनाएं ,, जो विधि विरुद्ध अन्याय हो रहा है उसके खिलाफ आवाज़ उठायें , खेर आगे देखते हैं , और राजस्थान सहित देश के सभी अल्पसंख्यक विभाग से जुड़े लोगों अन्य विभाग से जुड़े जिला ,क़स्बा पदाधिकारी , अध्यक्षों , प्रदेश पदाधिकारी जो अलग अलग ज़िलों में मॉनिटरिंग कर रहे हैं , उनसे गुज़ारिश है , के अपने हक़ के लिए संघर्ष करो , कर्तव्यों का निर्वहन करो , पद लिया है , चाहे जैसे तैसे भी लिया हो , तो फिर उसका सम्मान करो , ज़िम्मेदारी निभाओ , अपने प्रदेश के नेता , अपनी पार्टी का परचम भी बुलंद करो , लेकिन वोह नेताओं की क़दम बोसी से हरगिज़ नहीं होगा , इसके लिए तो आपको , अपने अपन क्षेत्रों में समस्याओं और उनके समाधान पर काम करना होगा , अपने मोबाइल फोन चौबीस घंटे चालू रखना होंगे , सुबह देर तक सोने की आदत पर विराम लगाना होगा, आवश्यकता पढ़ने पर संघर्ष करना होगा , अपने ज़िले , अपने कस्बे और इर्द गिर्द के ज़रूरत मंदों , का मददगार होना होगा , ,उनके दुःख दर्द का साथी होना होगा ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
akhtar khan akela

हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश 91. रेणु सिंह "राधे ", कोटा

 

हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश
91. रेणु सिंह "राधे ", कोटा
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रचनाकार 30 मार्च तक व्हाट्सअप न. 9413350242 पर अपना परिचय भेजे..
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रेणु सिंह "राधे" का जन्म एक अक्टूबर 1983 को पिता स्व. रामधन सिंह राठी एवं माता स्व. श्रीमती महेंद्री देवी के परिवार में उत्तरप्रदेश में शामली के समीप सुजती गाँव में हुआ। बीए. बीएड.की शिक्षा प्राप्त की। हिन्दी भाषा में गद्य य- पद्य विधाओं में कविता, कहानी, उपन्यास लिखती हैं।विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में एवं नई चेतना की साहित्यिक उड़ान सहित 10 सांझा संकलनों में 350 रचनाएं प्रकाशित। अब तक दो काव्य संग्रह रंग बदलते अल्फाज एवं प्रकृति की दहलीज पर।प्रकाशित हुए। दो उपन्यास नुक्कड़ वाला प्यार एवं.अरुंधति द रक्षक, चार लघु उपन्यास सितारा,तुम मेरे. मगर कब तक मिलन... चंबल घाट ,ब्लैक लव लिखे हैं। लेखन के लिए इन्हें चार दर्जन से अधिक ऑन लाइन मंचों के साथ- साथ स्थानीय और राष्ट्रीय संस्थाओं पुरस्कार और सम्मानित किया जा चुका है। श्री समरस साहित्य सम्मान, शान ए हाड़ौती, प्रतिलिपि सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, दी ग्राम टुडे सम्मान, महिला शक्ति सम्मान, साहित्य मण्डल, श्री नाथद्वारा प्रशस्ति पत्र एवं महिला काव्य मंच प्रशस्ति पत्र प्रमुख सम्मान प्राप्त हुए हैं।
संपर्क :
4 डब्ल्यू 19, तलवंडी, कोटा, राजस्थान
मो. 9664467129
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संपादन : डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा

ताकि निकाय चुनाव में भारतीय वोटर्स ही वोट डाल सकें

 

अखिल भारतीय बूथ कांग्रेस कमेटी में कोटा लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष प्रभारी एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने राजस्थान में प्रस्तावित निकाय चुनाव में 7 जनवरी 2025 की मतदाता सूचि को आधार बनाकर चुनाव करवाने की प्रक्रिया को प्रश्नगत करते हुए कहा के अगर ऐसा हुआ तो फिर निर्वाचन आयोग का एस आई आर के ज़रिये विदेशी बांग्लादेशी , नेपालियों , दोहरे वोटर , मृतक वोटर्स को चिन्हित कर उन्हें मतदान से रोकने की प्रक्रिया दूषित हो जायेगी और गलत मतदाता सूचि से चुनाव प्रभावित होंगे , ,कोटा लोकसभा बूथ प्रबंधन कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अख्तर खान अकेला ने कहा के राजस्थान में निकाय चुनाव सर पर हैं , प्रशासनिक और निर्वाचन विभागीय स्तर पर तैयारियां चल रही हैं , लेकिन अगर 7 जनवरी 2025 की मतदाता सूचि को आधार बनाकर प्रस्तावित निर्वाचन व्यवस्था को रखा गया तो निश्चित तोर पर दोहरे वोटर्स , मृतक वोटर्स , और जो , बांग्लादेशी , नेपाली , या अन्य प्रकार के वोटर्स चिन्हित कर निर्वाचन आयोग ने उन्हें वोटिंग से रोकने के एस आई आर प्रयास किये है वोह सब बेकार साबित होंगे , ,हाल ही में सरकार ने निर्वाचन विभाग के ज़रिये एस आई आर व्यवस्था में अपनी पूरी जान झोंख दी थी काफी हो हल्ला भी हुआ , अंतिम सूचि का प्रकाशन भी हो गया , तो एस आई आर की अंतिम सूचि और 7 जनवरी 2025 की मतदाता सूचि को आधार बनाकर जो निर्वाचन व्यवस्था का प्रयास है उसमे बदलाव , संशोधन ज़रूरी है ,,,, ताकि निकाय चुनाव में भारतीय वोटर्स ही वोट डाल सकें , दोहरी वोटर सूचि के लोग इसमें शामिल नहीं हो सकें , और निकाय चुनाव निष्पक्ष , ईमानदारी से सम्पन्न हो सकें इसके लिए पारदर्शिता का सिद्धांत भी निर्वाचन विभाग को दिखाते हुए एस आई आर के वक़्त किस विधानसभा क्षेत्र में बांग्लादेशी , नेपाली या कहीं और विदेश के वोटर्स चिन्हित हुए हैं , उनकी सूचि जारी करना चाहिए , और सूक्ष्म जांच करना चाहिए , जेब में रखे हुए कोंग्रेस के बी एल ऐ, भाजपा के बी एल ऐ को बाहर निकल कर अपने अपने संगठनों के माध्यम से इन प्रश्नों के स्पष्ट जवाब लेना चाहिए, ,अख्तर

अभिव्यक्ति ************ आपकी की ही निधि होगी, हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश ( एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हाड़ोती राइटर्स)

 

अभिव्यक्ति
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आपकी की ही निधि होगी, हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश
( एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हाड़ोती राइटर्स)
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मुझे ताज्जुब है कि जिस प्रमाण में माननीय साहित्यकारों, कवियों के परिचय आने चाहिए थे उसकी गति बहुत कम है। करीब डेढ़ माह में 125 रचनाकारों ने ही अपने परिचय भेजे हैं जब की लगभग 400 से अधिक रचनाकार हाड़ोती में होने का अनुमान है। जैसे - जैसे समय मिला अब तक 80 परिचय बनाए जा चुके हैं।
किसी भी विषय पर एनसाइक्लोपीडिया महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। किसी भी प्रकार के भेदभाव के बिना सबको शामिल कर साथ ले कर इस तरह का यह अपने आप में अनूठा प्रयास होगा। अनूठा इस लिए की वर्तमान में ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिसमें समस्त रचनाकारों, स्थापित, नवोदित आदि के परिचय एक स्थान पर उपलब्ध हो।
बार - बार ऐसे मौके नहीं आते कि कोई ऐसे प्रयास का बीड़ा उठाए। मन में यह विचार आया तो इस काम को करने की ठानी है। मैं तो केवल माध्यम बना हूं, निधि तो आप सब की ही होगी। आप की रुचि पर निर्भर करता है आप अपनी निधि को कितना समर्थ बना पाते हैं। मुझे विशेष फर्क नहीं पड़ता कि कितने रचनाकारों का एनसाइक्लोपीडिया बनता है, फिर जो अभी किसी भी वजह से परिचय नहीं भेज रहे हैं और छूट जाएंगे वे किसी भी प्रकार की प्रतिकूल टिप्पणी करने के अधिकारी कैसे होंगे।
कतिपय रचनाकार जितेंद्र निर्मोही, महेश पंचोली कोटा, सुरेश चंद्र निगम, मोहन सेन,अदिति शर्मा झालावाड़, रामस्वरूप मूंदड़ा, सुलोचना शर्मा बूंदी और जितेंद्र पम्मी, बारां आगे आ कर अपनी ओर से रचनाकारों के परिचय भिजवाने में पूरी सक्रियता से लगे हैं। अन्य रचनाकारों से अनुरोध है कि वे अपने और साथियों के परिचय भिजवा कर अपना महत्वपूर्ण सहयोग करें।
सब की सुविधा के लिए सूचना भेजने का प्रपत्र साथ में लगा रहा हूं और उम्मीद है कि 30 मार्च अपना और साथियों का परिचय भेजना सुनिश्चित कर योगदान करेंगे। शुभकामनाओं सहित !
आपका
डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
लेखक एवं पत्रकार, कोटा
प्रपत्र का नमूना :
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समस्त रचनाकार निम्न प्रपत्र में फोटो सहित परिचय 30 मार्च तक व्हाट्सअप नंबर 9413350242 पर भेजने का कष्ट करें। वे रचनाकार भी शामिल हो सकेंगे जो हाड़ोती मूल के निवासी हैं और विभिन्न कारणों से प्रवासी हैं।
1. नाम
2. जन्म तिथि / जन्म स्थान
3. पिता / माता का नाम
4. शिक्षा
5 भाषाओं का ज्ञान
6. साहित्यिक विधाएं
7. मौलिक प्रकाशित कृतियों के नाम
8. संपादित कृतियों के नाम
9 साझा संकलनों की संख्या
10. पुरस्कार :
11. व्हाट्सअप वाला मोबाइल नंबर
12. पूरा पता
13. कोई अति महत्वपूर्ण साहित्यिक सूचना
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जेईई मेन स्टूडेंट्स के लिए 172 शहरों में एक साथ हुआ सीबीटी

 

जेईई मेन स्टूडेंट्स के लिए 172 शहरों में एक साथ हुआ सीबीटी
-टॉप-3 को मोशन एजुकेशन देगा 51 हजार तक के कैश पुरस्कार
के डी अब्बासी
कोटा। मोशन एजुकेशन की ओर से गुरुवार शाम जेईई मेन स्टूडेंट्स के लिए देश के 172 शहरों में एक साथ ऑल इंडिया सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) आयोजित किया गया। इसमें हजारों विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी तैयारी को परखा। परीक्षा पूरी तरह जेईई मेन के पैटर्न और वास्तविक माहौल पर आधारित रही, ताकि छात्रों को असली परीक्षा से पहले रियल अनुभव मिल सके। टेस्ट की सबसे खास बात इसकी थीम रही- ‘वन नेशन, वन टाइम, वन पेपर’। यानी देश के सभी शहरों में एक ही समय पर, एक ही प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक हुई, जो जेईई मेन की सेकंड शिफ्ट के अनुरूप है।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि यह जेईई मेन से पहले की एक नेशनल रिहर्सल है। इससे छात्रों को न केवल प्रश्नों के स्तर का अंदाजा मिला, बल्कि समय प्रबंधन और दबाव में प्रदर्शन करने की भी प्रैक्टिस भी हुई। अप्रैल अटेम्प्ट से पहले ऐसे प्रयास छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
शुक्रवार शाम तक प्राप्त जानकारी के अनुसार एग्जाम में 60 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने भाग लिया। परीक्षा का परिणाम 28 मार्च को जारी किया जाएगा। रिजल्ट में छात्रों को स्कोर, ऑल इंडिया रैंक की जानकारी दी जाएगी। इससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वास्तविक स्थिति समझ सकेंगे और अप्रैल अटेम्प्ट के लिए सुधार की दिशा तय कर पाएंगे।
प्रतियोगिता को और अधिक प्रेरक बनाने के लिए टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्रों के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार भी घोषित किए गए हैं। ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त करने वाले छात्र को 51,000 रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 21,000 और तीसरे स्थान पर आने वाले को 11,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

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