कोटा शहर ज़िला कोंग्रेस अध्यक्ष बहन श्रीमती राखी गौतम के संघर्ष, नेतृत्व, कोंग्रेस के पक्ष में विपक्ष के खिलाफ उनके आक्रामक तेवरों से उन्होंने खुद को कोंग्रेस के पुरुष नेतृत्व से भी अव्वल, बेहतर, सफल साबित कर दिखाया है, कोटा नगर निगम के सो वार्डों के चुनावों में जिस तरह से मिलनसारिता, अपनों के लिये अपना साथ, हर ज़रूरत पर कार्यकर्ता का साथ , राखी गौतम ने निभाया है, उनके इस कोंग्रेस के नेतृत्व धर्म ने उन्हें राजस्थान के हर जिले के दूसरे नेतृत्व से बेहतर और अव्वल बनाया है, जबकि भाजपा के गढ़ कोटा में कोंग्रेस की राह आसान कर दिखाई है, अब कोटा नगर निगम में महापौर, उप महापौर, नेता प्रतिपक्ष के चुनाव उनके लिए कढ़ी चुनोती है, लेकिन उनकी रणनीति मज़बूत दिख रही है, राखी गौतम दो बार की पार्षद, वीरांगना विधायक प्रत्याक्षी, प्रदेश सचिव, महिला कोंग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रही है और इन्ही अनुभवों संघर्ष के चलते, एक अकेली अबला नारी ,, कोटा के हर संघर्ष , धरना , प्रदर्शन , जिला कांग्रेस प्रबंधन ,,चुनाव रणनीति में सब पे भारी ,, वाली कहावत चरितार्थ हुई है, , जी हाँ दोस्तों कोटा शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम के संघर्ष , और बढ़ो का सम्मान , छोटो से प्यार की नीति , हर वर्ग , हर गुट , निर्गुट , सिर्फ कांग्रेस गुट के नारे के साथ सभी को साथ लेकर चलने की कामयाब कोशिश का ही दूसरा नाम श्रीमती राखी गौतम माना जा रहा है , कोटा में विकट हालातों में कांग्रेस प्रबधन में जब मेंढ़क तोलने जैसा कठिन टास्क था , तब श्रीमती राखी गौतम को कोटा जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी मिली , राखी गौतम ने ज़िम्मेदारी संभालने के पहले ,, सभी का साथ ,कांग्रेस का हाथ , सभी के साथ , वाली नीति अपनाते हुए ,,,, कांग्रेस के जितने भी शीर्ष लोग थे , उन सब के निवास पर जाकर श्रीमती राखी गौतम ने आशिर्वाद लिया ,, बढ़ो के चरण छुए , छोटों से साथ चलने का वायदा लिया ,,, कांग्रेस के हर शख्स के साथ परिवार जैसे माहौल में राखी गौतम ने अहसास कराया ,,फिर कॉग्रेस कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में भी बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करते हुए , सभी कांग्रेस जनों को ज़िंदाबाद करते हुए ,, मंच पर सम्मान दिया ,,एक तरफ तो कांग्रेस के कार्यर्कताओं , कांग्रेस के वरिष्ठ जनों , समर्पित लोगों के लिए राखी गौतम का यह विनम्र आचरण ,, और ठीक इसके विपरीत ,, कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नाते , विपक्ष की भूमिका में भाजपा की रीती नीतियों के खिलाफ ,, अधिकारीयों की मनमानी ,ज़्यादतियों के खिलाफ राखी गौतम ने खुद को बोल्ड संघर्षशील साबित किया है, एक तरफ विनम्र आचरण , दूसरी तरफ आक्रामक विपक्ष नेतृत्व की भूमिका ,, कार्यकर्ताओं की एक आवाज़ पर उनके साथ , उन्हें इंसाफ दिलाने के संघर्ष में अव्वलीन रहते हुए , राखी गौतम ने महिला होते हुए भी खुद को ,,पुरुष नेतृत्व से बेहतर साबित किया है ,,,, राखी गौतम के नेतृत्व में कोटा नगर निगम चुनाव एक चुनौती था , लेकिन हर वार्ड में संघर्ष , हर वार्ड में कार्यर्कताओं , प्रत्याक्षियों के साथ समन्वय ,, उनकी मदद , हर भाग संख्या में किसी ना किसी तरह कांग्रेस के पक्ष में वोटर्स को प्रभावित किया ,, और यही वजह रही है के विकट परिस्थतियों , के इस चुनाव में राखी गौतम का नेतृत्व ज़िंदाबाद होकर उभरा है, ऐसे वार्ड जहाँ कांग्रेस प्रत्याक्षी की जीत नामुमकिन सी लग रही थी, लेकिन राखी गौतम की चुनावी रणनीति के चलते ,, उन वार्डों में भी कांग्रेस की अप्रत्याशित जीत राखी गौतम के कुशल नेतृत्व की गवाही बने है ,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
आपका-अख्तर खान "अकेला"
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
17 सितंबर 2026
आगाज टाइम्स कोटा ब्यूरो लोकेश जोशी के साथ चुनाव कवरेज के दौरान भाजपा के गुंडे कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट
मूबारकबाद,, किसान महासभा की कमान फिर मनोज दुबे के हाथ, दूसरी बार निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
कोटा में DSP की हार्ट अटैक से मौत,
परिजनों की सहमति पर देर रात संपन्न हुआ नेत्रदान
परिजनों की सहमति पर देर रात संपन्न हुआ नेत्रदान
ओसवाल भवन,पाटनपोल निवासी,जितेंद्र पाल के बेटे कपिल जैन के आकस्मिक निधन की सूचना संस्था के ज्योति मित्र और कपिल के बड़े भाई विकास जैन से प्राप्त हुई । विकास काफी समय से शाइन इंडिया फाउंडेशन के कार्य से परिचित थे, दुःख की घड़ी में भी विकास ने अपने पिता जितेंद्र पाल और कपिल की पत्नि ईशा से नेत्रदान करवाने की चर्चा की,जिस पर दोनों की सहमति के साथ साथ कपिल की 13 वर्षीया बेटी रिती ने भी सहमति दी ।
सभी की सहमति के उपरांत विकास ने देर रात डॉ कुलवंत गौड़ को संपर्क किया, एमएलसी केस होने के कारण, मेडिकल कॉलेज की पुलिस चौकी इंचार्ज साबिर,मोर्चरी स्टॉफ,और कैथूनीपोल थाने के एएसआई गिरिराज,ड्यूटी ऑफिसर गोविंद एवं फोरेंसिक विभाग के डॉ सचिन के बीच में, सामंजस्य व सहयोग से मध्य रात्रि में नेत्रदान की प्रक्रिया मेडिकल कॉलेज मोर्चरी में सम्पन्न हुई ।
ज्ञात हो कि 9 माह पूर्व,जितेंद्र पाल की पत्नी शशि जैन का भी मरणोपरांत नेत्रदान शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से करवाया गया था।