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21 जनवरी 2022

*टेलीप्रॉम्पटर होने के बावजूद भी

 

*टेलीप्रॉम्पटर होने के बावजूद भी उसने 60 करोड़ को 600 करोड़ पढ़ा, मिसेज को एम.आर.एस पढ़ा, UNO को उनो पढ़ा, तिरंगा के चार रंग बताए, टिम्बर के पेड़ से फर्नीचर का बनना बताया, सिकंदर को गंगा पार पहुंचाया, तक्षशिला को बिहार में बताया। यही नहीं, गुरु नानक, कबीर और गुरु गोराखनाथको एकमंच पर बैठकर चर्चा करने, बिना इंटरनेट के ईमेल और अनोलॉग कैमरा से डिजिटल फ़ोटो खींचने की बात कही।*
*जिन लोगों ने पढ़े लिखे को पप्पू और अनपढ़ को भगवान बनाया है उन्हें फर्क नहीं पड़ता लेकिन उनके बच्चों को आगे फर्क पड़ेगा इस बात का।*

धर्म क्या है❓

 

धर्म क्या है❓
क्लास में आते ही नये टीचर ने बच्चों को अपना परिचय दिया. बातों ही बातों में उसने जान लिया कि; लड़कियों की इस क्लास में सबसे तेज और सबसे आगे कौन सी लड़की है? उसने खामोश सी बैठी उस लड़की से पूछा;
बेटा, आपका नाम क्या है?
लड़की खड़ी हुई और बोली;
जी सर; मेरा नाम है जूही.
टीचर ने फिर पूछा; पूरा नाम बताओ बेटा.
लड़की ने फिर कहा;
जी सर मेरा पूरा नाम जूही ही है.
टीचर ने सवाल बदल दिया. अच्छा; तुम्हारे पापा का नाम बताओ.
लड़की ने जवाब दिया;
जी सर; मेरे पापा का नाम है शमशेर.
टीचर ने फिर पूछा; अपने पापा का पूरा नाम बताओ.
लड़की ने जवाब दिया;
मेरे पापा का पूरा नाम शमशेर ही है सर जी.
अब टीचर कुछ सोचकर बोले;
अच्छा अपनी माँ का पूरा नाम बताओ.
लड़की ने जवाब दिया;
सर जी; मेरी माँ का पूरा नाम निशा है.
टीचर के पसीने छूट चुके थे. क्यों कि; अब तक वो उस लड़की की फैमिली के पूरे बायो डाटा में जो एक चीज ढूंढने की कोशिश कर रहा था; वो उसे नहीं मिली थी.
उसने आखिरी पैंतरा आजमाया और पूछा; अच्छा तुम कितने भाई बहन हो?
टीचर ने सोचा कि; जो चीज वो ढूँढ रहा है; शायद इसके भाई बहनों के नाम में वो क्लू मिल जाये!
लड़की ने टीचर के इस सवाल का भी बड़ी मासूमियत से जवाब देते हुये बोली; सर जी मैं अकेली हूँ. मेरे कोई भाई बहन नहीं है.
अब टीचरने सीधा और निर्णायक सवाल पूछा; बेटे, तुम्हारा धर्म और जाति क्या है?
लड़की ने इस सीधे सवालका जवाब भी सीधा सीधा दिया.
बोली;
सर जी मैं एक विद्यार्थी हूँ. यही मेरी जाति है और ज्ञान प्राप्त करना मेरा धर्म है. मैं जानती हूँ; कि अब आप मेरे पेरेंट्स की जाति और धर्म पूछोगे तो मैं आपको बता दूँ कि; मेरे पापा का धर्म है मुझे पढ़ाना और मेरी मम्मी की जरूरतों को पूरा करना तथा मेरी मम्मी का धर्म है; मेरी देखभाल करना और मेरे पापा की जरूरतों को पूरा करना.
लड़की का जवाब सुनकर टीचर के होश उड़ गये. उसने टेबल पर रखे पानी के गिलास की ओर देखा; लेकिन उसे उठाकर पानी पीना भी भूल गया. तभी लड़की की आवाज आयी. इस बार फिर उसके कानों में किसी धमाके की तरह गूँजी.
सर, मैं विज्ञान पढती हूँ; और एक साइंटिस्ट बनना चाहती हूँ.
जब अपनी पढ़ाई पूरी कर लूँगी; और अपने माँ-बाप के सपनों को पूरा कर लूँगी; तब मैं फुरसत से सभी धर्मोंका अध्ययन करूंगी; और जो धर्म विज्ञान की कसौटी पर खरा उतरेगा; उसे मैं अपना लूँगी. लेकिन अगर किसी धर्म ग्रंथ में एक भी बात विज्ञान के विरुद्ध मिली त़ो मैं उस पवित्र किताब को अपवित्र समझूँगी. क्योंकि विज्ञान कहता है; एक गिलास दूध में अगर एक बूंद भी केरोसिन मिला हो; तो पूरा का पूरा दूध ही बेकार हो जाता है.
लड़की की बात खत्म होते ही पूरा क्लास तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. तालियों की गूंज टीचरके कानोंमें गोलियों की गड़गड़ाहट की तरह सुनाई दे रही थी. उसने आँंखों पर लगे धर्म और जाति के मोटे चश्मे को 😎 कुछ देर के लिए उतार दिया था.
थोड़ी हिम्मत जुटा कर लड़की से बिना नजर मिलाये टीचर बोला; बेटा Proud of you.
🙏🙂🌹

ये वह लोग हैं जिन्होंने कुछ अपना ही घाटा किया और जो इफ़्तेरा परदाजि़याँ (झूठी बातें) ये लोग करते थे (क़यामत में सब) उन्हें छोड़ के चल होगी

 ये वह लोग हैं जिन्होंने कुछ अपना ही घाटा किया और जो इफ़्तेरा परदाजि़याँ (झूठी बातें) ये लोग करते थे (क़यामत में सब) उन्हें छोड़ के चल होगी (21)
इसमें शक नहीं कि यही लोग आखि़रत में बड़े घाटा उठाने वाले होगें (22)
बेशक जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए और अपने परवरदिगार के सामने आजज़ी से झुके यही लोग जन्नती हैं कि ये बेहिश्त में हमेशा रहेगें (23)
(काफिर,मुसलमान) दोनों फरीक़ की मसल अन्धे और बहरे और देखने वाले और सुनने वाले की सी है क्या ये दोनो मसल में बराबर हो सकते हैं तो क्या तुम लोग ग़ौर नहीं करते और हमने नूह को ज़रुर उन की क़ौम के पास भेजा (24)
(और उन्होने अपनी क़ौम से कहा कि) मैं तो तुम्हारा (अज़ाबे ख़़ुदा से) सरीही धमकाने वाला हूँ (25)
(और) ये (समझता हूँ) कि तुम ख़़ुदा के सिवा किसी की परसतिश न करो मैं तुम पर एक दर्दनाक दिन (क़यामत) के अज़ाब से डराता हूँ (26)
तो उनके सरदार जो काफि़र थे कहने लगे कि हम तो तुम्हें अपना ही सा एक आदमी समझते हैं और हम तो देखते हैं कि तुम्हारे पैरोकार हुए भी हैं तो बस सिर्फ हमारे चन्द रज़ील (नीच) लोग (और वह भी बे सोचे समझे सरसरी नज़र में) और हम तो अपने ऊपर तुम लोगों की कोई फज़ीलत नहीं देखते बल्कि तुम को झूठा समझते हैं (27)
(नूह ने) कहा ऐ मेरी क़ौम क्या तुमने ये समझा है कि अगर मैं अपने परवरदिगार की तरफ से एक रौशन दलील पर हूँ और उसने अपनी सरकार से रहमत (नुबूवत) अता फरमाई और वह तुम्हें सुझाई नहीं देती तो क्या मैं उसको (ज़बरदस्ती) तुम्हारे गले मंढ़ सकता हूँ (28)
और तुम हो कि उसको नापसन्द किए जाते हो और ऐ मेरी क़ौम मैं तो तुमसे इसके सिले में कुछ माल का तालिब नहीं मेरी मज़दूरी तो सिर्फ ख़़ुदा के जि़म्मे है और मै तो तुम्हारे कहने से उन लोगों को जो इमान ला चुके हैं निकाल नहीं सकता (क्योंकि) ये लोग भी ज़रुर अपने परवरदिगार के हुज़ूर में हाजि़र होगें मगर मै तो देखता हूँ कि कुछ तुम ही लोग (नाहक़) जिहालत करते हो (29)

और मेरी क़ौम अगर मै इन (बेचारे ग़रीब) (ईमानदारों) को निकाल दूँ तो ख़ुदा (के अज़ाब) से (बचाने में) मेरी मदद कौन करेगा तो क्या तुम इतना भी ग़ौर नहीं करते (30)

20 जनवरी 2022

कोटा मंडल में डिजिटल भुगतान को मिल रहा बढ़ावा

 

कोटा मंडल में डिजिटल भुगतान को मिल रहा बढ़ावा
यूपीआई से भुगतान करने पर यात्रियों को किराए में 5 प्रतिशत छूट
कोटा । आरक्षण टिकटों के किराए आदि का भुगतान यूपीआई या भीम एप्लीकेशन के जरिए करने वाले रेल यात्रियों को मूल किराए में 5 प्रतिशत छूट दी जा रही थी । इस छूट की समयावधि को रेल प्रशासन ने अब आगामी 12 जून 2022 तक विस्तारित कर दिया है । अब यात्रीगण किसी भी कंप्यूटराइज यात्री आरक्षण प्रणाली से टिकट यूपीआई या भीम एप के जरिए खरीदते हैं, तो उन्हें मूल यात्री किराए में 5% की छूट मिलेगी ।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अजय कुमार पाल ने बताया कि कोटा मंडल के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल माध्यम से भुगतान करने की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसे अब आगामी 12 जून 2022 तक बढ़ा दिया है । अभी यह सुविधा मंडल के सभी बड़े स्टेशनों पर उपलब्ध है।
कोटा मंडल के आरक्षण कार्यालयों में और बुकिंग कार्यालयों में टिकट खरीदते समय यात्रीगण पीओएस मशीनों का उपयोग कर सकते हैं । आरक्षण कार्यालयों के अलावा बुकिंग काउंटरों पर भी पीओएस मशीनों के जरिए भुगतान का विकल्प मौजूद है । कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों को यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है । कोटा मंडल के शामगढ़, भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा, सवाईमाधोपुर, हिंडौनसिटी, गंगापुरसिटी, भरतपुर, बारां, बूंदी सभी स्टेशनों पर पीओएस मशीनें लगाई गई हैं । यात्री प्लेटफॉर्म टिकट और आरक्षण टिकट खरीदने के लिए पीओएस मशीनों के जरिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भी किराया भुगतान कर सकते हैं
*नगद लेन-देन से बचें*
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के दौरान संक्रमण से स्वयं को भी बचाएं और दूसरों को भी बचाना जरूरी है । इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे की तरफ से डिजिटल भुगतान करने के लिए यात्रियों को प्रेरित किया जा रहा है । यात्रीगण डिजिटल भुगतान करके 5% की छूट का लाभ उठाएं

निजी बिजली कंपनी के खिलाफ जिला कलेक्टर को कांग्रेस जन द्वारा ज्ञापन दिया

 

निजी बिजली कंपनी के खिलाफ जिला कलेक्टर को कांग्रेस जन द्वारा ज्ञापन दिया
राम सिंह पवार
कोटा । निजी बिजली कंपनी केईडीएल के द्वारा कोटा शहर की जनता से लगातार की जा रही वादाखिलाफी और लूट के विरोध में जिला कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया और साथियों द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया जिसमें कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी गई। इस पर जिला कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया ने कहा कि गत भाजपा सरकार के द्वारा कोटा शहर की जनता से दुर्भावना के चलते कोटा शहर में बिजली सप्लाई की व्यवस्था जेवीवीएनएल से लेकर निजी बिजली कंपनी केईडीएल को दी गई थी । जिसने कोटा में आते ही कोटा शहर की जनता को लूटना शुरू कर दिया था जो अभी तक चल रहा है । उसका प्रत्यक्ष उदाहरण नगर निगम, न्यास और हाउसिंग बोर्ड के बिजली के बिलों में सामने आये लाखों रुपए के अंतर से सामने आया है जिसके लिए सरकार द्वारा इन पर केस भी दर्ज है और कंपनी के द्वारा अपने बचाव में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी वारंट पर स्टे ले रखा है । हमने जनहित में कलेक्टर साहब से मांग रखी की कंपनी की लापरवाही से मरी गायों का मुआवजा दिया जाए । इसके साथ ही कंपनी की लापरवाही से घरों में हाई वोल्टेज आने से खराब हुए उपकरणों का मुआवजा दिया जाए । और कंपनी के द्वारा प्रतिदिन बिजली के रखरखाव के नाम पर की जा रही बिजली कटौती को बंद किया जाए । साथ ही कंपनी के द्वारा खुद के लगाए गए बिजली के मीटर की जगह जो जबरन दुबारा मीटर लगाए जा रहे हैं उनको बंद किया जाए । साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों में बिजली के मीटरों की जांच सरकारी कमेटी बनाकर अपने स्तर पर की जाए । जिस प्रकार नगर निगम नगर विकास न्यास और हाउसिंग बोर्ड के मीटरों की गई थी । और जब से कंपनी आई है तब से लेकर अभी तक कंपनी की ऑडिट नहीं की गई है अतः कंपनी की ऑडिट राज्य स्तरीय कमेटी के द्वारा की जाए। इन मांगों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की करने के लिए कहा है और अगर चार दिनों में हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 4 दिन बाद एक बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी । ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से सेवादल प्रदेश सचिव अमित सूद, प्रदीप सुमन, माया जैन, बृजेश खींची, दिलीप माधवानी अनिल दीपचंदानी, अख्तर अहमद चेतन मेवाड़ा प्रतीक सैनी जितेंद्र केवट विजय कोडप जॉनी वर्मा रमेश सुमन पवन वर्मा मुकेश प्रजापति महेश रेगर सुरेश गौतम आदि कांग्रेस जगह-जगह व्यापारी बंधु उपस्थित रहे ।
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