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11 अप्रैल 2026

केवल परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग आधारित हो शिक्षा -नितिन विजय

 

केवल परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग आधारित हो शिक्षा -नितिन विजय
-ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई लैब का उद्घाटन
के डी अब्बासी
कोटा।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि आने वाला समय केवल रटने वाली शिक्षा का नहीं, बल्कि “सोचने और बनाने” की क्षमता का है। इसलिए आज की शिक्षा को केवल परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग पर आधारित होना चाहिए।
वे शनिवार को मोशन के रानपुर स्थित ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई, रोबोटिक्स और एडवांस्ड इनोवेशन लैब के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इससे पहले चेयरमैन सुरेंद्र विजय ने पिकलबॉल कोर्ट, म्यूजिक रूम और नृत्य कक्ष का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विश्वास रखते हैं। इसलिए शिक्षा के साथ खेल, संगीत और नृत्य पर भी जोर है। इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय और अन्य डायरेक्टर भी मौजूद थे।
नितिन विजय ने कहा कि ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में अत्याधुनिक लैब्स विकसित की गई हैं, जहां छात्र किताबों से आगे बढ़कर प्रयोग और प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह पहल छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी समझ को शुरुआती स्तर से मजबूत करेगी। एआई लैब के माध्यम से कक्षा 6 से 10 तक के स्टूडेंट्स को, उनके स्तर के मुताबिक मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित कराया जाएगा। लैब में छात्र ऑटोमेशन और कोडिंग के जरिए अपने खुद के मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार करेंगे। इसके लिए उनको सेंसर, चिप, कनेक्टर्स के अलावा मेकेनिकल टूल किट उपलब्ध कराए जाएंगे। एडवांस्ड लैब का फोकस इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर होगा, जहां साइंस, मैथ और टेक्नोलॉजी को जोड़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजे जाएंगे।
ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में इन सुविधाओं को केवल उपकरणों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके साथ एक विशेष पाठ्यक्रम और मेंटरशिप मॉडल भी जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को एक्सपर्ट्स के साथ इंटरैक्शन, हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। उद्देश्य यह है कि छात्र केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि क्रिएटर बनें। यहां स्टूडेंट्स को एआई के यूज और मिसयूज से भी परिचित करवाया जाएगा।
नितिन विजय ने स्पष्ट किया कि हमें उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना होगा, ताकि वे ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस तरह की पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन के अनुरूप हैं, जिसमें स्किल बेस्ड और एक्सपेरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया गया है।
इस दौरान स्टूडेंट्स ने ड्रोन और आरसी प्लेन उड़ाए। थ्री-डी प्रिंटर का इस्तेमाल करके दिखाया। ब्लूटूथ और वायफाय से पंखे की स्पीड कम-ज्यादा, लाइट कम-ज्यादा और चालु बन्द करके, रोबोटिक आर्म और रिमोट कार चलकर दिखाई।

कोटा में 12 अप्रैल को भव्य अखिल भारतीय चौरसिया युवक-युवती परिचय सम्मेलन

 

कोटा में 12 अप्रैल को भव्य अखिल भारतीय चौरसिया युवक-युवती परिचय सम्मेलन
देशभर से जुटेंगे समाजबंधु, दो दिवसीय आयोजन में सामाजिक एकता व रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्य अतिथि, “सम्बन्ध सेतु” स्मारिका का होगा भव्य विमोचन
कोटा, 10 अप्रैल।
अखिल भारतीय चौरसिया युवक-युवती परिचय सम्मेलन को लेकर कोटा शहर में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। चौरसिया महासभा राजस्थान प्रांत के तत्वावधान में आयोजित यह दो दिवसीय भव्य आयोजन 11 एवं 12 अप्रैल को पोरवाल भवन, सुभाष नगर में संपन्न होगा। इस सम्मेलन में राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की सहभागिता रहेगी, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक मंच के रूप में उभरेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल शनिवार को प्रातः 9 बजे कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गायत्री हवन द्वारा की गई, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके पश्चात शाम को महिला मंडल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 12 अप्रैल को होने वाले मुख्य सम्मेलन की व्यवस्थाओं, अतिथि स्वागत, मंच संचालन एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सायं 7 बजे प्रांतीय अधिवेशन आयोजित हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों—शिक्षा, संगठन विस्तार, युवा सहभागिता एवं सामाजिक एकता—पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य कार्यक्रम 12 अप्रैल रविवार को प्रातः 9 बजे दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ प्रारंभ होगा। इसके पश्चात 9:30 बजे अतिथि सत्कार एवं सामूहिक उद्बोधन होगा, जबकि प्रातः 10 बजे “सम्बन्ध सेतु” द्वितीय परिचय स्मारिका का विमोचन एवं संपादकीय उद्बोधन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रातः 10:30 बजे से युवक-युवती परिचय सम्मेलन की शुरुआत होगी, जिसमें देशभर से आए युवक-युवतियां भाग लेकर वैवाहिक संबंधों की नई संभावनाएं तलाशेंगे।
दोपहर 2 बजे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला के आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी। इसके पश्चात दोपहर 3 बजे भामाशाह सम्मान समारोह, सायं 4 बजे विशिष्ट जन सम्मान समारोह तथा शाम 5 बजे कार्यकारी अध्यक्ष के संबोधन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
इस दौरान सम्मेलन सह कोषाध्यक्ष जगदीश चौरसिया (गेंडोली), पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र चौरसिया, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप चौरसिया, महामंत्री दीपक चौरसिया, कोषाध्यक्ष राधेश्याम चौरसिया, प्रवक्ता रामबाबू चौरसिया, मीडिया प्रभारी अमित चौरसिया, नयापुरा महिला मंडल अध्यक्ष एवं खेड़ली फाटक महिला मंडल अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।
वहीं चौरसिया महासभा राजस्थान प्रांत के प्रदेश संरक्षक लक्ष्मीचंद चौरसिया, प्रदेश संयोजक दिनेश चौरसिया (टोक), प्रदेश अध्यक्ष धनराज चौरसिया (अंता), प्रदेश महामंत्री हेमंत चौरसिया, प्रदेश कार्यकारी कोषाध्यक्ष रूपनारायण चौरसिया, प्रदेश कार्यालय एवं मीडिया प्रभारी कमलेश चौरसिया, प्रदेश युवा प्रकोष्ठ प्रभारी मयंक चौरसिया, सम्मेलन संयोजक एडवोकेट जितेंद्र चौरसिया, सम्मेलन सह संयोजक चंद्रप्रकाश चौरसिया, कार्यक्रम अध्यक्ष दिनेश चौरसिया (खेड़ली फाटक), सम्मेलन महामंत्री दिनेश चौरसिया (नयापुरा), सम्मेलन कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौरसिया (अडूसा) समेत अन्य समाजजन मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी कमलेश चौरसिया और संजय चौरसिया ने बताया कि यह सम्मेलन समाज के युवाओं के लिए एक सशक्त मंच है, जहां वैवाहिक परिचय के साथ-साथ सामाजिक समरसता, एकता और संगठन को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और देशभर से आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजकों ने समाजबंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

या (तुम्हारी जि़न्दगी ही में) जिस अज़ाब का हमने उनसे वायदा किया है तुमको दिखा दें तो उन पर हर तरह क़ाबू रखते हैं

 या (तुम्हारी जि़न्दगी ही में) जिस अज़ाब का हमने उनसे वायदा किया है तुमको दिखा दें तो उन पर हर तरह क़ाबू रखते हैं (42)
तो तुम्हारे पास जो वही भेजी गयी है तुम उसे मज़बूत पकड़े रहो इसमें शक नहीं कि तुम सीधी राह पर हो (43)
और ये (क़ुरआन) तुम्हारे लिए और तुम्हारी क़ौम के लिए नसीहत है और अनक़रीब ही तुम लोगों से इसकी बाज़पुर्स की जाएगी (44)
और हमने तुमसे पहले अपने जितने पैग़म्बर भेजे हैं उन सब से दरियाफ्त कर देखो क्या हमने ख़ुदा कि सिवा और माबूद बनाएा थे कि उनकी इबादत की जाए (45)
और हम ही ने यक़ीनन मूसा को अपनी निशानियाँ देकर फ़िरऔन और उसके दरबारियों के पास (पैग़म्बर बनाकर) भेजा था तो मूसा ने कहा कि मैं सारे जहाँन के पालने वाले (ख़ुदा) का रसूल हूँ (46)
तो जब मूसा उन लोगों के पास हमारे मौजिज़े लेकर आए तो वह लोग उन मौजिज़ों की हँसी उड़ाने लगे (47)
और हम जो मौजिज़ा उन को दिखाते थे वह दूसरे से बढ़ कर होता था और आखि़र हमने उनको अज़ाब में गिरफ़्तार किया ताकि ये लोग बाज़ आएँ (48)
और (जब) अज़ाब में गिरफ़्तार हुए तो (मूसा से) कहने लगे ऐ जादूगर इस एहद के मुताबिक़ जो तुम्हारे परवरदिगार ने तुमसे किया है हमारे वास्ते दुआ कर (49)
(अगर अब की छूटे) तो हम ज़रूर ऊपर आ जाएँगे फिर जब हमने उनसे अज़ाब को हटा दिया तो वह फौरन (अपना) अहद तोड़ बैठे (50)

10 अप्रैल 2026

शाइन इंडिया के जागरूकता अभियानों से,संभाग में बढ़ रहा देहदान

 शाइन इंडिया के जागरूकता अभियानों से,संभाग में बढ़ रहा देहदान
2. देहदान की खबरों से प्रेरित होकर,शहर के तीन लोगों ने लिया देहदान संकल्प

विगत तीन माह में,देहदान के कार्यों से प्रेरित होकर,संभाग के सात दिवंगतों के परिवार के सदस्यों ने,स्व-प्रेरणा से प्रेरित होकर अपने प्रियजन का देहदान,क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज में कराया ।

संभाग में देहदान के लिए कार्य कर रही एकमात्र संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कुलवंत गौड़ के देहदान के लिए किये गए नवाचारों से न सिर्फ देहदान संकल्प करने वाले लोगों की संख्या बड़ी है,बल्कि शोक का समय आते ही,परिजनों द्वारा दिवंगत के देहदान करवाने में भी संख्या में वृद्धि हुई है।

इसी क्रम में कल इंदिरा कॉलोनी,माला रोड निवासी सेवानिवृत्त नकरा में दीपक कुमार नकरा और उनकी पत्नी मीना नकरा ने अपने दोनों बेटे यामित और जैनित की सहमति से अपना देहदान का संकल्प पत्र शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से भरा। मीना ने कहा कि उनके बेटी होती तो कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं होता,पर बेटी नहीं है तो,देहदान संकल्प किया है ।

इसी तरह आर के पुरम,बॉम्बे योजना निवासी सुनीता असरानी ने भी अपने बेटे मनीष असरानी, पोते कनिष्क असरानी की सहमति से अपना आवेदन का संकल्प पत्र भरा ।

सुनीता ने कहा कि,जीवनपर्यंत स्वयं और परिवार के लिए कार्य करने के बाद जब अंत समय आता है,तो हमारा फर्ज बनता है कि,हम समाजऔर देश के लिए कुछ नेक कार्य करके, इस दुनिया से जाएं, उसके लिए देहदान से उपयुक्त कोई कार्य नहीं है ।

संस्था की ओर से तीनों देहदान संकल्पकर्ताओं को, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।

और कहने लगे कि ये क़़ुरआन इन दो बस्तियों (मक्के ताएफ) में से किसी बड़े आदमी पर क्यों नहीं नाजि़ल किया गया

 और कहने लगे कि ये क़़ुरआन इन दो बस्तियों (मक्के ताएफ) में से किसी बड़े आदमी पर क्यों नहीं नाजि़ल किया गया (31)
ये लोग तुम्हारे परवरदिगार की रहमत को (अपने तौर पर) बाँटते हैं हमने तो इनके दरमियान उनकी रोज़ी दुनयावी जि़न्दगी में बाँट ही दी है और एक के दूसरे पर दर्जे बुलन्द किए हैं ताकि इनमें का एक दूसरे से खि़दमत ले और जो माल (मतआ) ये लोग जमा करते फिरते हैं ख़ुदा की रहमत (पैग़म्बर) इससे कहीं बेहतर है (32)
और अगर ये बात न होती कि (आखि़र) सब लोग एक ही तरीक़े के हो जाएँगे तो हम उनके लिए जो ख़ुदा से इन्कार करते हैं उनके घरों की छतें और वही सीढि़याँ जिन पर वह चढ़ते हैं (उतरते हैं) (33)
और उनके घरों के दरवाज़े और वह तख़्त जिन पर तकिये लगाते हैं चाँदी और सोने के बना देते (34)
ये सब साज़ो सामान, तो बस दुनियावी जि़न्दगी के (चन्द रोज़ा) साज़ो सामान हैं (जो मिट जाएँगे) और आख़ेरत (का सामान) तो तुम्हारे परवरदिगार के यहाँ ख़ास परहेज़गारों के लिए है (35)
और जो शख़्स ख़ुदा की चाह से अन्धा बनता है हम (गोया ख़ुद) उसके वास्ते शैतान मुक़र्रर कर देते हैं तो वही उसका (हर दम का) साथी है (36)
और वह (शयातीन) उन लोगों को (ख़ुदा की) राह से रोकते रहते हैं बावजूद इसके वह उसी ख़्याल में हैं कि वह यक़ीनी राहे रास्त पर हैं (37)
यहाँ तक कि जब (क़यामत में) हमारे पास आएगा तो (अपने साथी शैतान से) कहेगा काश मुझमें और तुममें पूरब पष्चिम का फ़ासला होता ग़रज़ (शैतान भी) क्या ही बुरा रफीक़ है (38)
और जब तुम नाफ़रमानियाँ कर चुके तो (शैयातीन के साथ) तुम्हारा अज़ाब में शरीक होना भी आज तुमको (अज़ाब की कमी में) कोई फायदा नहीं पहुँचा सकता (39)
तो (ऐ रसूल) क्या तुम बहरों को सुना सकते हो या अन्धे को और उस शख़्स को जो सरीही गुमराही में पड़ा हो रास्ता दिखा सकते हो (हरगिज़ नहीं) (40)

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