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06 अक्टूबर 2026

विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा-------

 

विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा--------
रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा, मरना होगा। हर हाल में जलना होगा । वर्ना सुसाइड करना होगा। दुनिया के सबसे ऊंचे हो। बामुश्किल इस कद पहुंचे हो। अखबारों में खूब छपे हो। जेबी चैनल रचे बसे हो। तुम्हें बनाया है जिसने। मन से देवता माना उसने। भ्रष्टाचार से डरना होगा। शिष्टाचार में रहना होगा। मन की बातें मन ही जाने। झूठ का दुखड़ा सहना होगा। कसम तुम्हें कचोरी की। कोचिंग के हमजोली की। हर हालत में खपना होगा। जलना होगा जलना होगा। रावण तुमको मरना होगा। असत्य पर सत्य की जीत का जश्न होगा। भले ही रावणी मन होगा। सत्य निश्चित ही खिन्न होगा। इस बार हमारी मान भी जाओ। पन्नालाल की पकोड़ी खाओ। अगली बार फिर आ जाना। गर्व से सीना तान डट जाना। बारिश आंधी बिजली ओले, इनसे ना घबराना। खबर मिलेगी रोज नई, अखबारी सुर्खी बन जाना। महिमामंडित नेताओं की कुर्सी पक्की कर जाना। लेकिन--- हम कहें वही करना होगा। रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा मरना होगा। -ओम कटारा

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है

 

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21)
और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है (22)

ऐ ईमानदारों अगर तुम्हारे माँ बाप और तुम्हारे (बहन) भाई ईमान के मुक़ाबले कुफ्ऱ को तरजीह देते हो तो तुम उनको (अपना) ख़ैर ख़्वाह (हमदर्द) न समझो और तुममें जो शख़्स उनसे उलफ़त रखेगा तो यही लोग ज़ालिम है (23)
(ऐ रसूल) तुम कह दो तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई बन्द और तुम्हारी बीबियाँ और तुम्हारे कुनबे वाले और वह माल जो तुमने कमा के रख छोड़ा हैं और वह तिजारत जिसके मन्द पड़ जाने का तुम्हें अन्देशा है और वह मकानात जिन्हें तुम पसन्द करते हो अगर तुम्हें ख़ुदा से और उसके रसूल से और उसकी राह में जिहाद करने से ज़्यादा अज़ीज़ है तो तुम ज़रा ठहरो यहाँ तक कि ख़ुदा अपना हुक्म (अज़ाब) मौजूद करे और ख़ुदा नाफरमान लोगों की हिदायत नहीं करता (24)
(मुसलमानों) ख़ुदा ने तुम्हारी बहुतेरे मक़ामात पर (ग़ैबी) इमदाद की और (ख़ासकर) जंग हुनैन के दिन जब तुम्हें अपनी क़सरत (तादाद) ने मग़रूर कर दिया था फिर वह क़सरत तुम्हें कुछ भी काम न आयी और (तुम ऐसे घबराए कि) ज़मीन बावजूद उस वसअत (फैलाव) के तुम पर तंग हो गई तुम पीठ कर भाग निकले (25)
तब ख़़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फरिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ़्फ़ार पर अज़ाब नाजि़ल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है (26)
उसके बाद ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (27)
ऐ ईमानदारों मुशरेकीन तो निरे नजिस हैं तो अब वह उस साल के बाद मस्जिदुल हराम (ख़ाना ए काबा) के पास फिर न फटकने पाएँ और अगर तुम (उनसे जुदा होने में) फक़रों फाक़ा से डरते हो तो अनकरीब ही ख़ुदा तुमको अगर चाहेगा तो अपने फज़ल (करम) से ग़नीकर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (28)
एहले किताब में से जो लोग न तो (दिल से) ख़ुदा ही पर इमान रखते हैं और न रोज़े आखि़रत पर और न ख़ुदा और उसके रसूल की हराम की हुयी चीज़ों को हराम समझते हैं और न सच्चे दीन ही को एख़्तियार करते हैं उन लोगों से लड़े जाओ यहाँ तक कि वह लोग ज़लील होकर (अपने) हाथ से जजि़या दे (29)
यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं (30)

05 अक्टूबर 2026

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग

 

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग
के डी अब्बासी
कोटा। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक ने मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयोग के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोटा विनोद कुमार मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपकर पंचायत चुनाव की तिथियों में बदलाव की मांग की।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामरतन सामरिया ने कहा कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ और 7 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर चुनाव ड्यूटी होने से कर्मचारी-अधिकारियों को परिवार के साथ त्योहार मनाने में परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि कर्मचारी हित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों में आवश्यक परिवर्तन किया जाए। सामरिया ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ सकती है। ज्ञापन के दौरान जोधराज मीणा, धीरज महावर, हनुमान मालव, कपिस मीणा, शेर सिंह मीणा, खुशी राम टांक, कुलदीप मीणा व महेश कुमार सेन सहित कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान

 

ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान

बीते दिन में शहर में दो दिवंगतों के नेत्रदान संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्रों के सहयोग से संपन्न हुए । 

संस्था के ज्योति मित्र एवं नेत्रदानी परिजन जयंत भुतोडिया ने संस्था के डॉ कुलवंत गौड़ को सूचना दी की, उनके करीबी रिश्तेदार व रामचंद्रपुरा निवासी हनु प्रताप सिंह नरूका की माताजी कमलेश नरूका का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हुआ है,और परिजन आधे घंटे में अंतिम संस्कार के लिए ले कर जाने वाले हैं । नेत्रदान के लिए परिजनाें ने सहमति दी है, सूचना मिलते ही सदस्यों के सहयोग से नेत्रदान का कार्य संपन्न हुआ। 

इसी क्रम में संस्था के ज्योति मित्र डॉ प्रीतम गोयल, और नवीन गर्ग ने सूचना दी कि उनके छावनी निवासी करीबी रिश्तेदार गौरव अग्रवाल के पिता कैलाश चंद अग्रवाल का आकस्मिक निधन हुआ है, परिजनों ने नेत्रदान की इच्छा जताई है, सूचना मिलते ही,संस्था सदस्यों ने ईबीएसआर के टेक्नीशियन के सहयोग से निवास स्थान पर नेत्रदान का कार्य सम्पन्न करवाया ।

तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं

 

तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं (11)
और अगर ये लोग एहद कर चुकने के बाद अपनी क़समें तोड़ डालें और तुम्हारे दीन में तुमको ताना दें तो तुम कुफ्र के सरवर आवारा लोगों से खूब लड़ाई करो उनकी क़समें का हरगिज़ कोई एतबार नहीं ताकि ये लोग (अपनी शरारत से) बाज़ आएँ (12)
(मुसलमानों) भला तुम उन लोगों से क्यों नहीं लड़ते जिन्होंने अपनी क़समों को तोड़ डाला और रसूल को निकाल बाहर करना (अपने दिल में) ठान लिया था और तुमसे पहले छेड़ भी उन्होंने ही शुरू की थी क्या तुम उनसे डरते हो तो अगर तुम सच्चे ईमानदार हो तो ख़़ुदा उनसे कहीं बढ़ कर तुम्हारे डरने के क़ाबिल है (13)
इनसे (बेख़ौफ (ख़तर) लड़ो ख़ुदा तुम्हारे हाथों उनकी सज़ा करेगा और उन्हें रूसवा करेगा और तुम्हें उन पर फतेह अता करेगा और इमानदार लोगों के कलेजे ठन्डे करेगा (14)
और उन मोनिनीन के दिल की क़ुदरतें जो (कुफ़्फ़ार से पहुचॅती है) दफ़ा कर देगा और ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा वाकि़फकार (और) हिकमत वाला है (15)
क्या तुमने ये समझ लिया है कि तुम (यॅू ही) छोड़ दिए जाओगे और अभी तक तो ख़ुदा ने उन लोगों को मुमताज़ किया ही नहीं जो तुम में के (राहे ख़़ुदा में) जिहाद करते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल और मोमेनीन के सिवा किसी को अपना राज़दार दोस्त नहीं बनाते और जो कुछ भी तुम करते हो ख़़ुदा उससे बाख़बर है (16)
मुशरेकीन का ये काम नहीं कि जब वह अपने कुफ्ऱ का ख़ुद इक़रार करते है तो ख़ुदा की मस्जिदों को (जाकर) आबाद करे यही वह लोग हैं जिनका किया कराया सब अकारत हुआ और ये लोग हमेशा जहन्नुम में रहेंगे (17)

ख़़ुदा की मस्जिदों को बस सिर्फ वहीं शख़्स (जाकर) आबाद कर सकता है जो ख़़ुदा और रोजे़ आखि़रत पर ईमान लाए और नमाज़ पढ़ा करे और ज़कात देता रहे और ख़़ुदा के सिवा (और) किसी से न डरो तो अनक़रीब यही लोग हिदायत याफ़्ता लोगों मे से हो जाएंगे (18)
क्या तुम लोगों ने हाजियों की सक़ाई (पानी पिलाने वाले) और मस्जिदुल हराम (ख़ानाए काबा की आबादियों को उस शख़्स के हमसर (बराबर) बना दिया है जो ख़ुदा और रोज़े आख़ेरत के दिन पर ईमान लाया और ख़ुदा के राह में जेहाद किया ख़़ुदा के नज़दीक तो ये लोग बराबर नहीं और खुदा ज़ालिम लोगों की हिदायत नहीं करता है (19)
जिन लोगों ने ईमान क़़ुबूल किया और (ख़़ुदा के लिए) हिजरत एख़्तियार की और अपने मालों से और अपनी जानों से ख़़ुदा की राह में जिहाद किया वह लोग ख़़ुदा के नज़दीक दर्जें में कही बढ़ कर हैं और यही लोग (आला दर्जे पर) फायज़ होने वाले हैं (20)

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