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15 जुलाई 2026

कोटा ज़िला कोंग्रेस न्यास में जगदीश ठाडा अध्यक्ष, डॉक्टर ज़फर सचिव नियुक्त

 

कोटा ज़िला कोंग्रेस न्यास में जगदीश ठाडा अध्यक्ष, डॉक्टर ज़फर सचिव नियुक्त
कोटा 15 जुलाई, लोकसभा अध्यक्ष ,, कोटा सांसद के ग्रह ज़िले में चाहे एयरपोर्ट निर्माण की गति मद मस्ती में खोई हुई हो ,,लेकिन रेलवे द्वारा आम रास्ते के लिए दी गई जनउपयोगी ज़मीन पर के डी ऐ ने भाजपा कार्यालय को दी गई निरस्त ज़मीन फिर से आवंटित कर , निर्माण कार्य शुरू करवा ही दिया है ,, कांग्रेस से जुड़े लोग या कोई भी एक्टिविस्ट इस मामले में जनहित याचिका तो शायद लगाएंगे नहीं ,, खेर भाजपा और रेलवे और सरकार जाने , भाजपा की नैतिकता जाने ,,,,इससे हमे क्या , इधर पांच दशक के लगभग गुमानपुरा प्राइम कॉमर्शियल लोकेशन पर जिला कांग्रेस कार्यालय के ज़मींन पर कौड़ियों के दाम पर किरायेदार बैठे है ,, स्ट्रिप ऑफ़ लेंड में भी कांग्रेस की पत्रावली खुद कांग्रेस के कार्यकाल में भी स्वीकृत नहीं हो सकी ,, जिला कांग्रेस भवन , सम्पत्ति का ट्रस्ट कुछ कर्मठ वफादारों के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाने , पूर्व मंत्री भरत सिंह जी ,गांधीवादी नरेश विजय वर्गीय जी के स्वर्गवास और दलबदल व्यवस्था के बाद , कांग्रेस ट्रस्ट खाली खाली सा हो गया था , लेकिन अब जिला कांग्रेस भवन का ट्रस्ट फिर हरा भरा हो गया है ,ज़िम्मेदार , वफादार लोगों को ट्रस्ट में फिर से नियुक्ति दी गई है ,,नए ट्रस्ट के ज़िम्मेदारों में पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल साहब ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य है , जबकि जगदीश जी ठाडा अध्यक्ष ,, राकेश सोरल उपाध्यक्ष , डॉक्टर ज़फर मोहम्मद , मंत्री ,, पीपल्दा विधायक चेतन मीणा ,,रविंद्र त्यागी ,,मोडूलाल वर्मा ,, हुकम बाफना सदस्य हैं, ,श्रीमती राखी गौतम ,भानुप्रताप सिंह पदेन सदस्य हैं ,,शिवकांत नंदवाना ,प्रमोद त्रिपाठी नवनियुक्त सदस्य हैं, ,,उत्तम चंद जी खंडेलवाल एडवोकेट क़ानूनी सलाहकार ,संतोष सुमन कार्यालय सचिव नियुक्त हुए हैं ,, नव नियुक्त अध्यक्ष जगदीश जी ठाड़ा वरिष्ठ वकील है , सेवादल के समर्पित रहे हैं ,, 1984 में कांग्रेस से कोटा से विधायक के कांग्रेस प्रत्याक्षी है ,, मंत्री डॉक्टर ज़फर शिक्षाविद है ,चेतन जी पटेल विधायक है ,, जबकि शिवकांत नन्दवाना कोंग्रेस के युवा समर्पित आइकॉन हैं, ऐसे में अब ट्रस्ट की विकास की गतिविधियों को पंख लगेंगे , किरायेदारों का किराया स्टेंडर्ड रेट पर हो सकेगा , कांग्रेस भवन का कायाकल्प होकर कार्यकर्ताओं ,, आगंतुकों के लिए बेहतर भवन का प्लान बन ,सकेगा ,, कांग्रेस कार्यालय के सामने की ज़मीन स्ट्रिप ऑफ़ लेंड में एलॉट करवाकर बहुपयोगी भवन बनाया जा सकेगा , ट्रस्ट के ज़रिए कल्याण कारी सेवा कार्य होंगे , ट्रस्ट के बैंक एकाउंट सक्रिय होंगे, जमा राशि को, भारी टैक्स कटौती से विधि नियमों के तहत छूट प्राप्त करने के कामयाब प्रयास हो सकेंगे, भविष्य का नव नुरमान भवन का प्लान तय्यार होकर कामयाब होगा, तब तक जन सुविधाओं की साफ सफाई कर उन्हें उपयोगी बनाया जा सकेगा, सभी नव नियुक्त ट्रस्टियों , पदाधिकारियों को बधाई मुबारकबाद ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339


देहदानी को जन्मदिन पर अनूठी श्रद्धांजलि, सात लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

देहदानी को जन्मदिन पर अनूठी श्रद्धांजलि, सात लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

महावीर नगर तृतीय निवासी ,स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया का फरवरी 2026 में निधन होने के बाद उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनका देहदान संपन्न कराया था। उनके सेवा और मानवता के इस महान निर्णय ने पूरे परिवार को समाजहित के कार्यों से जोड़ दिया।

13 जुलाई को उनके 59वें जन्मदिवस के अवसर पर परिवार ने उन्हें अनूठी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देहदान के संकल्प लिए। उनकी पुत्री अनामिका एवं उनके पति महेश नवल, पुत्री प्रमिला एवं उनके पति दिनेश खोलिया तथा दिनेश जी की माताजी श्रीमती शकुंतला देवी ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के साथ विधिवत देहदान संकल्प-पत्र भरकर स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इसी प्रेरणा से भीनमाल (जालौर) निवासी अचलाराम जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमला बोहरा ने भी अपना देहदान संकल्प-पत्र भरकर इस मानव सेवा के अभियान से जुड़ने का निर्णय लिया।

इस पूरे अभियान की सबसे प्रेरणादायी बात यह रही कि स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया की धर्मपत्नी श्रीमती चंपा उदेनिया स्वयं अपने पति के देहदान के बाद लगातार अपने परिजनों, मित्रों एवं परिचितों को देहदान के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनके सतत प्रयासों और प्रेरणा के परिणामस्वरूप इन सभी लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। यह इस बात का जीवंत उदाहरण है कि एक व्यक्ति का महान निर्णय अनेक लोगों के जीवन में सेवा और संवेदनशीलता का नया संकल्प जगा सकता है।

इस अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ ने सभी संकल्पकर्ताओं एवं उदेनिया परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, "स्वर्गीय हेमाराम उदेनिया जी का देहदान केवल चिकित्सा शिक्षा के लिए एक अमूल्य योगदान नहीं है, बल्कि उनके परिवार द्वारा उनके जन्मदिन को देहदान संकल्प दिवस के रूप में मनाना पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है। विशेष रूप से श्रीमती चंपा उदेनिया का समर्पण और जागरूकता अभियान यह सिद्ध करता है कि यदि परिवार संकल्प ले तो एक देहदान अनेक नए देहदानियों को जन्म दे सकता है। हमें विश्वास है कि ऐसे प्रेरक उदाहरणों से समाज में देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और अधिक से अधिक लोग मृत्यु के बाद भी मानव सेवा का संकल्प लेंगे।"

शाइन इंडिया फाउंडेशन ने सभी संकल्पकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए इसे मानवता, सेवा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा आमजन से भी नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जैसे महादानों के लिए आगे आने का आह्वान किया। 

और उस दिन से डरो जिस दिन तुम सब के सब ख़ुदा की तरफ़ लौटाये जाओगे फिर जो कुछ जिस शख़्स ने किया है उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा और उनकी ज़रा भी हक़ तलफ़ी न होगी

 और उस दिन से डरो जिस दिन तुम सब के सब ख़ुदा की तरफ़ लौटाये जाओगे फिर जो कुछ जिस शख़्स ने किया है उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा और उनकी ज़रा भी हक़ तलफ़ी न होगी (281)
ऐ ईमानदारों जब एक मियादे मुक़र्ररा तक के लिए आपस में क़र्ज़ का लेन देन करो तो उसे लिखा पढ़ी कर लिया करो और लिखने वाले को चाहिये कि तुम्हारे दरम्यिान तुम्हारे क़ौल व क़रार को, इन्साफ़ से ठीक ठीक लिखे और लिखने वाले को लिखने से इन्कार न करना चाहिये (बल्कि) जिस तरह ख़ुदा ने उसे (लिखना पढ़ना) सिखाया है उसी तरह उसको भी उज़्र लिख देना चाहिये और जिसके जि़म्मे कर्ज आयद होता है उसी को चाहिए कि (तमस्सुक) की इबारत बताता जाये और ख़ुदा से डरे जो उसका सच्चा पालने वाला है डरता रहे और (बताने में) और कर्ज देने वाले के हुक़ूक़ में कुछ कमी न करे अगर कर्ज लेने वाला कम अक़्ल या माज़़ूर या ख़ुद (तमस्सुक) का मतलब लिखवा न सकता हो तो उसका सरपरस्त ठीक ठीक इन्साफ़ से लिखवा दे और अपने लोगों में से जिन लोगों को तुम गवाही लेने के लिये पसन्द करो (कम से कम) दो मर्दों की गवाही कर लिया करो फिर अगर दो मर्द न हो तो (कम से कम) एक मर्द और दो औरतें (क्योंकि) उन दोनों में से अगर एक भूल जाएगी तो एक दूसरी को याद दिला देगी, और जब गवाह हुक्काम के सामने (गवाही के लिए) बुलाया जाएँ तो हाजि़र होने से इन्कार न करे और कर्ज का मामला ख़्वाह छोटा हो या उसकी मियाद मुअय्युन तक की (दस्तावेज़) लिखवाने में काहिली न करो, ख़ुदा के नज़दीक ये लिखा पढ़ी बहुत ही मुन्सिफ़ाना कारवाई है और गवाही के लिए भी बहुत मज़बूती है और बहुत क़रीन (क़यास) है कि तुम आईन्दा किसी तरह के शक व शुबहा में न पड़ो मगर जब नक़द सौदा हो जो तुम लोग आपस में उलट फेर किया करते हो तो उसकी (दस्तावेज) के न लिखने में तुम पर कुछ इल्ज़ाम नहीं है (हां) और जब उसी तरह की ख़रीद (फ़रोख़्त) हो तो गवाह कर लिया करो और क़ातिब (दस्तावेज़) और गवाह को ज़रर न पहुँचाया जाए और अगर तुम ऐसा कर बैठे तो ये ज़रूर तुम्हारी शरारत है और ख़ुदा से डरो ख़ुदा तुमको मामले की सफ़ाई सिखाता है और वह हर चीज़ को ख़ूब जानता है (282)
और अगर तुम सफ़र में हो और कोई लिखने वाला न मिले (और कर्ज देना हो) तो रहन बा कब्ज़ा रख लो और अगर तुममें एक का एक को एतबार हो तो (यॅू ही कर्ज दे सकता है मगर) फिर जिस शख़्स पर एतबार किया गया है (कर्ज लेने वाला) उसको चाहिये कर्ज देने वाले की अमानत (कर्ज) पूरी पूरी अदा कर दे और अपने पालने वाले ख़ुदा से डरे (मुसलमानो) तुम गवाही को न छिपाओ और जो छिपाएगा तो बेशक उसका दिल गुनाहगार है और तुम लोग जो कुछ करते हो ख़ुदा उसको ख़ूब जानता है (283)
जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है (ग़रज़) सब कुछ खुदा ही का है और जो कुछ तुम्हारे दिलों में हे ख़्वाह तुम उसको ज़ाहिर करो या उसे छिपाओ ख़ुदा तुमसे उसका हिसाब लेगा, फिर जिस को चाहे बख़्श दे और जिस पर चाहे अज़ाब करे, और ख़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है (284)
हमारे पैग़म्बर (मोहम्मद) जो कुछ उनपर उनके परवरदिगार की तरफ से नाजि़ल किया गया है उस पर ईमान लाए और उनके (साथ) मोमिनीन भी (सबके) सब ख़ुदा और उसके फ़रिश्तों और उसकी किताबों और उसके रसूलों पर ईमान लाए (और कहते हैं कि) हम ख़ुदा के पैग़म्बरों में से किसी में तफ़रक़ा नहीं करते और कहने लगे ऐ हमारे परवरदिगार हमने (तेरा इरशाद) सुना (285)
और मान लिया परवरदिगार हमें तेरी ही मग़फि़रत की (ख़्वाहिश है) और तेरी ही तरफ़ लौट कर जाना है ख़ुदा किसी को उसकी ताक़त से ज़्यादा तकलीफ़ नहीं देता उसने अच्छा काम किया तो अपने नफ़े के लिए और बुरा काम किया तो (उसका बवाल) उसी पर पडे़गा ऐ हमारे परवरदिगार अगर हम भूल जाऐं या ग़लती करें तो हमारी गिरफ़्त न कर ऐ हमारे परवरदिगार हम पर वैसा बोझ न डाल जैसा हमसे अगले लोगों पर बोझा डाला था, और ऐ हमारे परवरदिगार इतना बोझ जिसके उठाने की हमें ताक़त न हो हमसे न उठवा और हमारे कु़सूरों से दरगुज़र कर और हमारे गुनाहों को बख़्श दे और हम पर रहम फ़रमा तू ही हमारा मालिक है तू ही काफि़रों के मुक़ाबले में हमारी मदद कर (286)

14 जुलाई 2026

हजारों प्रविष्टियों में चमकी कोटा की कलम, रेलवे बोर्ड का राष्ट्रीय 'प्रेरणा पुरस्कार' जीतकर रविन्द्र लखारा ने बढ़ाया मंडल का मान

 

हजारों प्रविष्टियों में चमकी कोटा की कलम, रेलवे बोर्ड का राष्ट्रीय 'प्रेरणा पुरस्कार' जीतकर रविन्द्र लखारा ने बढ़ाया मंडल का मान
'रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025' में देशभर के आठ विजेताओं में शामिल, हिंदी लेखन को मिला राष्ट्रीय सम्मान
के डी अब्बासी
कोटा, 14 जुलाई। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक रविन्द्र लखारा ने राष्ट्रीय स्तर पर कोटा मंडल का गौरव बढ़ाया है। रेल मंत्रालय के रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित "रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025" के तहत उन्हें 'प्रेरणा पुरस्कार' के लिए चयनित किया गया है। उनके द्वारा लिखित हिंदी रेल यात्रा वृत्तांत "भोपाल से जोधपुर की मेरी यात्रा: एक यादगार दीपावली" को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा ने इस उपलब्धि पर रविन्द्र लखारा को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके रचनात्मक कौशल के साथ-साथ कोटा मंडल एवं पश्चिम मध्य रेलवे के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से रेल कर्मचारियों में हिंदी लेखन और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि और बढ़ेगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से साहित्यकारों, रेल अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की हजारों प्रविष्टियां प्राप्त होती हैं। इनमें से केवल आठ प्रतिभागियों का चयन प्रथम, द्वितीय, तृतीय और पांच प्रेरणा पुरस्कारों के लिए किया जाता है। रविन्द्र लखारा को इस उपलब्धि के लिए 4,000 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित हिंदी रेल यात्रा वृत्तांत प्रतियोगिता में पहली बार कोटा मंडल के किसी रेल कर्मचारी को सम्मानित किया गया है। रेलवे बोर्ड के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में मिली सफलता से कोटा मंडल के राजभाषा विभाग को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। साथ ही, यह सम्मान मंडल में हिंदी के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक सृजन को नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करेगा।


कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे 'ऑर्गन एवं आई डोनेशन एम्बेसडर', शाइन इंडिया फाउंडेशन से तीन वर्षीय एमओयू

 कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे 'ऑर्गन एवं आई डोनेशन एम्बेसडर', शाइन इंडिया फाउंडेशन से तीन वर्षीय एमओयू

अब कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे जीवनदाता के संदेशवाहक, शाइन इंडिया फाउंडेशन से एमओयू

सामाजिक सेवा से जुड़ेगा युवा वर्ग, कोटा विश्वविद्यालय और शाइन इंडिया फाउंडेशन का तीन वर्षीय एमओयू

युवा बनेंगे बदलाव के दूत, कोटा विश्वविद्यालय-शाइन इंडिया फाउंडेशन के बीच एमओयू


कोटा, 14 जुलाई। युवा शक्ति को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोटा विश्वविद्यालय एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा के मध्य सोमवार को तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को "ऑर्गन डोनेशन एम्बेसडर" के रूप में तैयार किया जाएगा, जो नेत्रदान, अंगदान, देहदान, रक्तदान, त्वचा दान तथा स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

एमओयू पर कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत तथा शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर  डॉ. सौरभ दलेला अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, कोटा विश्वविद्यालय, डॉ. रीना दाधीच कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष सहित विश्वविद्यालय एवं फाउंडेशन सचिव डॉ संगीता गौड़ उपस्थित रहे।

समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, ओरिएंटेशन कार्यक्रम, प्रेरक व्याख्यान तथा स्वैच्छिक संकल्प अभियान आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप इंटर्नशिप, फील्ड एक्सपोजर, सामुदायिक सहभागिता, शोध, डॉक्यूमेंटेशन, सोशल मीडिया जनजागरूकता, इवेंट मैनेजमेंट तथा ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे युवा शिक्षा के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के सचिव डॉ. संगीता गौड़ ने कहा कि फाउंडेशन के अनुभवी चिकित्सक,समाज सेवी एवं विशेषज्ञ विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता के प्रभावी दूत बन सकें और अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान, अंगदान एवं अन्य जनकल्याणकारी अभियानों से जोड़ सकें।

यह एमओयू आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर समाजहित, स्वास्थ्य जागरूकता, युवा नेतृत्व विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विविध कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगी।

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