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29 मार्च 2026

हाड़ौती रचनाकार परिचय कोष 100. अर्चना शर्मा,कोटा

हाड़ौती रचनाकार परिचय कोष
100. अर्चना शर्मा,कोटा
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रचनाकार 30 मार्च तक व्हाट्सअप न. 9413350242 पर अपना परिचय भेजे..
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अर्चना शर्मा का जन्म 11 सितंबर 1059 को पिता डॉ. प्रभू लाल शर्मा एवं माता सुशीला शर्मा के परिवार में कोटा में हुआ।वनस्पति शास्त्र में एमएसी,चित्रकला में एमए, शिक्षा में एम.एड., पत्रकारिता एवं जनसंचार में एम.जे.एम.सी.की शिक्षा प्राप्त की। हिंदी, अंग्रेज़ी, हाड़ोती राजस्थानी का ज्ञान है। गद्य एवं पद्य विधा में कविता, बाल कविता, कहानी, लघुकथा, डेली डायरी, लेख,आलेख लिखती हैं। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पत्र-पत्रिकाओं में इनकी 500 से अधिक रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं।विभिन्न मंचों पर काव्य पाठ करने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर कई राष्ट्रीय स्तर के समूहों से जुड़ कर मासिक साप्ताहिक ऑन लाइन काव्य गोष्ठी में निरन्तर प्रतिभागिता करती है। दस वर्षों तक निरंतरआकाशवाणी केंद्र कोटा से आकस्मिक कम्पीयर एवं समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमो में रेडियो वार्ताकार के रूप में भागीदारी निभाई।
दो काव्य संग्रह ज़िन्दगी तू ही बता, ज़िन्दगी थोड़ी फ़ुर्सत मिले तो, तथा एक कथा कहानी मुझे मां चाहिये पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। अन्तर्राष्ट्रीय समरससाहित्य सृजन संस्थान गांधीनगर द्वारा समरस काव्य शिरोमणि सम्मान , प्रतिलिपि द्वारा प्रतिलिपि गोल्डन भेज अवार्ड, विभिन्न आनलाईन साहित्य समूहों द्वारा उत्कृष्ट लेखन हेतुअनेक प्रशस्ति पत्र एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ लेखन पुरस्कार से पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया है। शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य पद से सेवा निवृत है एवं कई साहित्यिक संस्थाओं और सृजन में सक्रिय हैं।
संपर्क :
1365, बसंत विहार, कोटा 324009
( राजस्थान )
मो. 9828265501
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संपादन : डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा

 

कोटा में 1 अप्रैल को रेलवे की तकनीक का महाकुंभ *सेल्फी प्वाइंट, लाइव मॉडल्स और डिजिटल डिस्प्ले के साथ एक दिन में जानें रेलवे की पूरी दुनिया — प्रवेश निःशुल्क*

 

कोटा में 1 अप्रैल को रेलवे की तकनीक का महाकुंभ
*सेल्फी प्वाइंट, लाइव मॉडल्स और डिजिटल डिस्प्ले के साथ एक दिन में जानें रेलवे की पूरी दुनिया — प्रवेश निःशुल्क*
के डी अब्बासी
कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 01 अप्रैल 2026 को मेनाल ऑफिसर्स क्लब, कोटा में आयोजित होने वाली भव्य रेल प्रदर्शनी को लेकर आमजन में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इस विशेष प्रदर्शनी को और अधिक जनसुलभ एवं आकर्षक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग के लोग रेलवे की आधुनिक तकनीक और सेवाओं को रोचक तरीके से समझ सकें।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रदर्शनी केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि रेलवे की तकनीकी प्रगति का एक जीवंत अनुभव होगी, जहां आगंतुकों को रेलवे की कार्यप्रणाली को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि प्रदर्शनी सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहेगी। इसमें इंजीनियरिंग, वाणिज्य, रेलवे सुरक्षा बल, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत, यांत्रिक, परिचालन सहित विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर न केवल जानकारी दी जाएगी, बल्कि कई स्थानों पर कार्यशील मॉडल्स, डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव प्रदर्शन के माध्यम से रेलवे की तकनीकों को सरल रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनी में कवच 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, अमृत भारत स्टेशन योजना, 2×25 केवी ओएचई विद्युतीकरण, हाई स्पीड ट्रायल्स, रेल मदद ऐप, रेलवन ऐप जैसी आधुनिक पहलों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यह एक सीखने का अनूठा अवसर होगा, जहां वे रेलवे के तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।
प्रदर्शनी को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए सेल्फी प्वाइंट, विजुअल डिस्प्ले और फैमिली फ्रेंडली वातावरण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे यह आयोजन केवल जानकारी ही नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव भी बनेगा।
कोटा शहर के नागरिकों, विद्यार्थियों, रेल प्रेमियों एवं परिवारजनों से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अनूठी प्रदर्शनी का लाभ उठाएं और भारतीय रेलवे की प्रगति को करीब से देखें।
कार्यक्रम संक्षेप :
• दिनांक : 01 अप्रैल 2026 (बुधवार)
• स्थान : मेनाल ऑफिसर्स क्लब, रेलवे स्टेशन के पास, कोटा
• समय : प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक
• प्रवेश : निःशुल्क एवं सभी के लिए खुला
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक /
जन सम्पर्क अधिकारी, कोटा

और कहने लगे जिस चीज़ की तरफ़ तुम हमें बुलाते हो उससे तो हमारे दिल पर्दों में हैं (कि दिल को नहीं लगती) और हमारे कानों में गिर्दानी (बहरापन है) कि कुछ सुनायी नहीं देता और हमारे तुम्हारे दरम्यिान एक पर्दा (हायल) है तो तुम (अपना) काम करो हम (अपना) काम करते हैं

 

41 सूरए हा मीम अस सजदह
सूरए हा मीम अस सजदह मक्का में नाजि़ल हुआ और इसमें चव्वन (54) आयतें और (6) रूकूउ हैं
ख़ुदा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
हा मीम (1)
(ये किताब) रहमान व रहीम ख़़ुदा की तरफ़ से नाजि़ल हुयी है ये (वह) किताब अरबी क़ुरआन है (2)
जिसकी आयतें समझदार लोगें के वास्ते तफ़सील से बयान कर दी गयीं हैं (3)
(नेकों कारों को) ख़़ुशख़बरी देने वाली और (बदकारों को) डराने वाली है इस पर भी उनमें से अक्सर ने मुँह फेर लिया और वह सुनते ही नहीं (4)
और कहने लगे जिस चीज़ की तरफ़ तुम हमें बुलाते हो उससे तो हमारे दिल पर्दों में हैं (कि दिल को नहीं लगती) और हमारे कानों में गिर्दानी (बहरापन है) कि कुछ सुनायी नहीं देता और हमारे तुम्हारे दरम्यिान एक पर्दा (हायल) है तो तुम (अपना) काम करो हम (अपना) काम करते हैं (5)
(ऐ रसूल) कह दो कि मैं भी बस तुम्हारा ही सा आदमी हूँ (मगर फ़र्क ये है कि) मुझ पर ‘वही’ आती है कि तुम्हारा माबूद बस (वही) यकता ख़़ुदा है तो सीधे उसकी तरफ़ मुतावज्जे रहो और उसी से बख़शिश की दुआ माँगो, और मुशरेकों पर अफ़सोस है (6)
जो ज़कात नहीं देते और आख़ेरत के भी क़ायल नहीं (7)
बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम करते रहे और उनके लिए वह सवाब है जो कभी ख़त्म होने वाला नहीं (8)
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या तुम उस (ख़़ुदा) से इन्कार करते हो जिसने ज़मीन को दो दिन में पैदा किया और तुम (औरों को) उसका हमसर बनाते हो, यही तो सारे जहाँ का सरपरस्त है (9)
और उसी ने ज़मीन में उसके ऊपर से पहाड़ पैदा किए और उसी ने इसमें बरकत अता की और उसी ने एक मुनासिब अन्दाज़ पर इसमें सामाने माईश्त का बन्दोबस्त किया (ये सब कुछ) चार दिन में और तमाम तलबगारों के लिए बराबर है (10)

28 मार्च 2026

मरहूम हाफिज पारू, जो कोटा के मशहूर पहलवान, ओर हर कुश्ती की शान हुआ करते थे,

मरहूम हाफिज पारू, जो कोटा के मशहूर पहलवान, ओर हर कुश्ती की शान हुआ करते थे, कोटा की हर कुश्ती में इनके दांव पेंच , इन्हें कुश्ती केसरी, कुश्ती के हीरो कहा करते थे, पहलवान पारू भाई के नाम से विख्यात पारू भाई क़ुरआन हाफ़िज़ भी थे, वोह रमज़ानों में तरावीह वगेरा भी पढ़ाते थे, जबकि कुश्ती के दांव पेंचों के साथ अपने प्रशिक्षुओं को, भाई चारा, सद्भावना, क़ोमी एकता और इंसाफ परस्ती के लिये संघर्ष के साथ, अपनी ताकत का इस्तेमाल लोगों की हिफाज़त, लोगों की मदद की सीख देते थे, यही वजह थी के कोटा में माहौल बिगाड़ने के साज़िशकर्ता कितने ही हों, लेकिन जहां हाफ़िज़ पारू की उपस्थिति, वहां अमन, सुकून , गुंडागर्दी से मुक्ति की गारंटी होती थी, उनके इस संघर्ष की वजह से कई बार पुलिस प्रशासन से उनका टकराव भी रहा, लेकिन सत्यमेव जयते की कहावत की तर्ज़ पर जीत उनकी हुई, बाहुबली, ताकतवर, हर कुश्ती जीतने वाले पहलवान होने के बावुजूद उनकी ज़ुबान में नर्मी, व्यवहार में सादगी, मुलाक़ात में विनम्रता उन्हें दूसरे लोग जो ताक़त का दुरुपयोग कर रुपया कमाते रहे हैं , उनसे जुदा, अलग कर देती है, वोह लोगों के मददगार थे, ईमानदार, ज़िम्मेदार थे, महनती थे, यारों के यार थे, कमज़ोरों के संरक्षक थे, कोटा में केसरबाग सहित आसपास की कई कॉलोनियों के कॉलोनाइजर , हाफ़िज़ पारू ही रहे हैं, खेती की ज़मीन पर आम लोगों को प्रेरित कर सस्ते दामों में प्लाट देकर , लोगों के अपने घर का ख्वाब पूरा करने वाली वोह अहम शख्सियत रहे हैं, हाफ़िज़ पारू साहब मेरे भी ननिहाल पक्ष के रिश्तेदार रहे हैं , उन्हें खिराज ऐ अक़ीदत पेश है, उनके बेटे हलीम रेहान साहब, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक के साथ, वरिष्ठ वकील हैं, वोह मशहूर शायर भी है, मुखर वक्ता भी है, ओर शतरंज की बिसात पर अपनी चालों से जीत हांसिल करने वाले शतरंज के खिलाड़ी भी हैं, अख़्तर खान अकेला कोटा 9829086339

 

अल्हम्दु लिल्लाह, मदरसा हमीदिया, कच्ची बस्ती बहीर, टोंक में वार्षिक उत्सव व पारितोषिक पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ

 

अल्हम्दु लिल्लाह, मदरसा हमीदिया, कच्ची बस्ती बहीर, टोंक में वार्षिक उत्सव व पारितोषिक पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि जनाब सैय्यद फ़ैसल सईदी जी ने अलग अलग क्लासेज में प्रथम, द्वितीय व तृतिय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया इसके साथ ही इन्होंने ग़रीब बच्चों की पढ़ाई में हौसला अफज़ाई के लिए सभी क्लासेस में प्रथम , द्वितीय व तृतिय स्थान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों को 500/-, 300/- व 200/- Rs देकर इन विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया और बच्चों अधिक से अधिक शिक्षा लेने पर ज़ोर दिया और शिक्षकों को भी बच्चों को अच्छी तालीम देने की बात कही, इस अवसर जनाब ज़ाहिद अंसारी जी मौजूद रहे, लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह रही की सभी क्लासेस में प्रथम तीन स्थानों पर लड़कियों का कब्ज़ा व दबदबा रहा जो शिक्षा के क्षेत्र में इनकी रुची को दर्शाता है, मदरसे के स्टाफ की और से सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए इस पिछड़े कच्ची बस्ती बहीर के क्षेत्र में बच्चों को अपनी और से अच्छी तालीम देने की बात कही तथा राज्य सरकार व मदरसा बोर्ड दी जाने वाली तमाम सुविधाएं इन ग़रीब बच्चों तक पहुंचाने की बात कही अंत में सफलता पूर्वक यह वार्षिक उत्सव व पारितोषिक पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ।

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