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04 अगस्त 2026

शहीदाने कर्बला की याद में निकले 40वें के ताजिये, मातमी धुनों के बीच हुआ सुपुर्द-ए-आब

 

शहीदाने कर्बला की याद में निकले 40वें के ताजिये, मातमी धुनों के बीच हुआ सुपुर्द-ए-आब
के डी अब्बासी
कोटा। शहीदाने कर्बला और याद-ए-हुसैन के चालीसवें के अवसर पर मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में मातमी माहौल के बीच 40वें के ताजिये निकाले गए। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके वफादार साथियों की शहादत की याद में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। ताजियों को निर्धारित मार्गों से होते हुए क्षेत्र की नदियों और तालाबों पर ले जाकर सुपुर्द-ए-आब किया गया।
शहर के छावनी, कोटड़ी, रेलवे स्टेशन, अनंतपुरा, गोविंद नगर, प्रेम नगर, कंसुआ, सहित विभिन्न क्षेत्रों से करीब 100 ताजिये निकाले गए।
तबरेज पठान ने बताया कि हसनैनी अखाड़ा समिति की ओर से कोटड़ी में अखाड़े के उस्तादों का इस्तकबाल किया गया। ताजियों के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इमाम चौक पर फातिहा ख्वानी के बाद देर रात तक ताजियों का जुलूस पाल वाले बाबा और बरकत उद्यान दरगाह के पास नहर तक पहुंचा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-आब किया गया। श्रद्धालुओं ने मन्नती नारियलों के सेहरे पेश कर अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी।
निवर्तमानपार्षद सलीना शेरी बताया कि हुसैनी लाल परचम लहराए गए, जिनके माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत और इंसानियत, सब्र तथा कुर्बानी का संदेश दिया गया। मुस्लिम समाज की महिलाओं को पर्दे की अहमियत के प्रति जागरूक करने का भी संदेश दिया गया।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सौहार्द का माहौल बना रहा। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने ताजियों का इस्तकबाल किया और शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की

अंगदान जागरूकता में उत्कृष्ट कार्य के लिए शाइन इंडिया फाउंडेशन को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

 

अंगदान जागरूकता में उत्कृष्ट कार्य के लिए शाइन इंडिया फाउंडेशन को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

कोटा। अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन को राज्य उत्तक एवं अंग प्रत्यारोपण संस्थान (SOTTO), जयपुर द्वारा 5 अगस्त को जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय अंगदान दिवस समारोह में "राज्य की उत्कृष्ट सामाजिक सेवा संस्थान" श्रेणी में, सोटो एवं चिकित्सा निदेशालय,कि ओर से केबिनेट व चिकित्सा राज्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खीमसर,चिकित्सा सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय प्रदान किया जाएगा।

शाइन इंडिया फाउंडेशन को यह सम्मान अंगदान जागरूकता, जनसहभागिता एवं समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।

संस्था के संस्थापक व सीनियर ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि यह सम्मान संस्था के सभी स्वयंसेवकों, सहयोगियों एवं अंगदान जागरूकता अभियान से जुड़े प्रत्येक नागरिक के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। संस्था के माध्यम से पिछले 15 वर्षों से अंगदान संबंधित जागरूकता कार्यक्रम किये जा रहे हैं, जुलाई माह में भी 5000 से अधिक विद्यार्थियों को अंगदान के, बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है ।

यह वह हैं कि जब उनसे लोगों ने आकर कहना शुरू किया कि (दुशमन) लोगों ने तुम्हारे (मुक़ाबले के) वास्ते (बड़ा लश्कर) जमा किया है बस उनसे डरते (तो बजाए ख़ौफ़ के) उनका ईमान और ज़्यादा हो गया और कहने लगे (होगा भी) ख़ुदा हमारे वास्ते काफ़ी है

 ख़ुदा नेअमत और उसके फ़ज़ल (व करम) और इस बात की ख़ुशख़बरी पाकर कि ख़ुदा मोमिनीन के सवाब को बरबाद नहीं करता (171)
निहाल हो रहे हैं (जंगे ओहद में) जिन लोगों ने जख़्म खाने के बाद भी ख़ुदा और रसूल का कहना माना उनमें से जिन लोगों ने नेकी और परहेज़गारी की (सब के लिये नहीं सिर्फ) उनके लिये बड़ा सवाब है (172)
यह वह हैं कि जब उनसे लोगों ने आकर कहना शुरू किया कि (दुशमन) लोगों ने तुम्हारे (मुक़ाबले के) वास्ते (बड़ा लश्कर) जमा किया है बस उनसे डरते (तो बजाए ख़ौफ़ के) उनका ईमान और ज़्यादा हो गया और कहने लगे (होगा भी) ख़ुदा हमारे वास्ते काफ़ी है (173)
और वह क्या अच्छा कारसाज़ है फिर (या तो हिम्मत करके गए मगर जब लड़ाई न हुयी तो) ये लोग ख़ुदा की नेअमत और फ़ज़ल के साथ (अपने घर) वापस आए और उन्हें कोई बुराई छू भी नहीं गयी और ख़ुदा की ख़ुशनूदी के पाबन्द रहे और ख़ुदा बड़ा फ़ज़ल करने वाला है (174)
यह (मुख़बिर) बस शैतान था जो सिर्फ़ अपने दोस्तों को (रसूल का साथ देने से) डराता है बस तुम उनसे तो डरो नहीं अगर सच्चे मोमिन हो तो मुझ ही से डरते रहो (175)
और (ऐ रसूल) जो लोग कुफ्रकी (मदद) में पेश क़दमी कर जाते हैं उनकी वजह से तुम रन्ज न करो क्योंकि ये लोग ख़ुदा को कुछ ज़रर नहीं पहुँचा सकते (बल्कि) ख़ुदा तो ये चाहता है कि आख़ेरत में उनका हिस्सा न क़रार दे और उनके लिए बड़ा (सख़्त) अज़ाब है (176)
बेशक जिन लोगों ने इमान के एवज़ कुफ्र ख़रीद किया वह हरगिज़ खुदा का कुछ भी नहीं बिगाड़ेगे (बल्कि आप अपना) और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है (177)
और जिन लोगों ने कुफ्र इखि़्तयार किया वह हरगिज़ ये ख़्याल न करें कि हमने जो उनको मोहलत व बेफिक्री दे रखी है वह उनके हक़ में बेहतर है (हालांकि) हमने मोहल्लत व बेफिक्री सिर्फ इस वजह से दी है ताकि वह और ख़ूब गुनाह कर लें और (आखि़र तो) उनके लिए रूसवा करने वाला अज़ाब है (178)
(मुनाफि़क़ो) ख़ुदा ऐसा नहीं कि बुरे भले की तमीज़ किए बगैर जिस हालत पर तुम हो उसी हालत पर मोमिनों को भी छोड़ दे और ख़ुदा ऐसा भी नहीं है कि तुम्हें गै़ब की बातें बता दे मगर (हाँ) ख़ुदा अपने रसूलों में जिसे चाहता है (गै़ब बताने के वास्ते) चुन लेता है बस ख़ुदा और उसके रसूलों पर ईमान लाओ और अगर तुम ईमान लाओगे और परहेज़गारी करोगे तो तुम्हारे वास्ते बड़ी जज़ाए ख़ैर है (179)
और जिन लोगों को ख़ुदा ने अपने फ़ज़ल (व करम) से कुछ दिया है (और फिर) बुख़्ल करते हैं वह हरगिज़ इस ख़्याल में न रहें कि ये उनके लिए (कुछ) बेहतर होगा बल्कि ये उनके हक़ में बदतर है क्योंकि जिस (माल) का बुख़्ल करते हैं अनक़रीब ही क़यामत के दिन उसका तौक़ बनाकर उनके गले में पहनाया जाएगा और सारे आसमान व ज़मीन की मीरास ख़ुदा ही की है और जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे ख़बरदार है (180)

03 अगस्त 2026

भाजपा ने कोटा सहित समूचे राजस्थान में ,, नगर निकाय और पंचायत चुनाव जीतने के लिए अलग अलग टीमें बनाकर , तय्यारियाँ शुरू कर दी है ,, कॉग्रेस और कोंग्रेस का नेतृत्व तो अभी बेखबर है ,

 

भाजपा ने कोटा सहित समूचे राजस्थान में ,, नगर निकाय और पंचायत चुनाव जीतने के लिए अलग अलग टीमें बनाकर , तय्यारियाँ शुरू कर दी है ,, कॉग्रेस और कोंग्रेस का नेतृत्व तो अभी बेखबर है ,,इधर भाजपा ने कोटा में तो कांग्रेस में गुटबाज़ी को और बढ़ावा देने के लिए , सोशल मिडिया टीम और ज़रखरीद कुछ पत्रकारों को भी गुटबाज़ी की खबरें भड़काने , कांग्रेस के हर, कार्यक्रम , बैठक ,धरना प्रदर्शन जो भी हो ,उसे कांग्रेस गुटबाज़ी के रूप में प्रचारित कर आपस में कोंग्रेसियों को भड़काने का टेंडर भी दे दिया है , लेकिन कांग्रेस की स्थिति बावजूद इन सब के , कोटा सहित राजस्थान भर में निकाय और पंचायत चुनावों में मज़बूत बनी हुई है ,, भाजपा ने निकाय और पंचायत क्षेत्रों में गरीब , निर्धन , ज़रूरतमंदों को , उनकी ही क़ब्जेशुदा,, मालिकाना हक़ की ज़मीन के पट्टे विधि अनुसार सभी कमी पूर्ति करने के बाद भी एक भी पट्टा जारी नहीं किया है, उल्टा शहरीकरण के नाम पर गाँवों की ज़मीनों पर निकाय के नाम पर क़ब्ज़ाई है ,, अतिक्रमण मामले में पक्षपात ,, मनमानी की हदें पार हैं , पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को बेवजह ,,व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते हटाना ,,राजस्थान हाईकोर्ट में ऐसे निलंबन को अवैध घोषित करने ,,जवाब तलब करने के बाद भी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का रथ थामने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों के हर विकास कार्य में अड़चन बनी हुई है ,, कोटा सहित सभी ज़िलों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा सांसद और विधायकों द्वारा जनता से किये गए वायदे पूरे नहीं किये है ,,कृषि विभाग के घोटाले में खुद मंत्री के नाम पर रिश्वत का आरोप लगने के बावजूद भी ,,सरकार की चुप्पी है ,, क़ानून व्यवस्था जिस तरह की है सभी जानते है, यातायात व्यवस्था बाधित है ,, किसानों के लिए खाद , बीज , सिंचाई और क्षतिपूर्ति राशि की शिकायतों ,, पक्षपात ,, टालमटोल की लाखों शिकायतें है ,,,सरकार के खिलाफ आम जनता में फेल्योरगिरि का माहौल बना हुआ है , इसके बावजूद भी भाजपा राजस्थान ,, खासकर कोटा में निकाय और पंचायत चुनाव में जीत के सपने देख रही है , सपने ही नहीं देख रही ,एक सुनियोजित रणनीति बनाकर ,,हारी हुई बाज़ी जीतने की कोशिशों में है , इसके लिए भाजपा कोटा में फूलछाप कोंग्रेसियों ,, जो अक्सर अंडर दी टेबल भाजपा की मदद करते हैं , उन्हें चिन्हित कर चुकी है ,, वार्डों के सीमांकन में विपक्ष की चुप्पी का फायदा यह भी है के भाजपा ने वोटों की कास्ट रणनीति बनाकर ,, किस कास्ट के उम्मीदवार किस वार्ड में उतारना है और वोट काटने के लिए क्रॉस वोटिंग के उद्देश्य से किस कास्ट के व्यक्तियों को निर्दलीय के रूप में लड़वाना है ,,यह तक रणनीति बना ली गई है,,,इधर कांग्रेस ने निकाय चुनाव को लेकर कोई रणनीति नहीं बनाई है, गुटबाज़ी आम लोगों को साफ़ नज़र आ रही है , संगठन स्तर पर , प्रदेश स्तरीय कार्य्रकम अभी बनाये ही नहीं गए है ,, जबकि कोटा में कांग्रेस की गुटबाज़ी भड़काने ,, गुटबाज़ी को उकसाने ,, आपस में वाद विवाद पैदा करने के लिए कुछ कांग्रेस के फूल छाप बयान वीरों , सोशल मिडिया एक्टिविस्टों ,,,कुछ ज़रखरीद कथित पत्रकारों को इस मामले में हर कार्यक्रम , हर बैठक , हर धरना , हर प्रदर्शन में गुटबाज़ी के एकंगल को तलाशने इस की खबर बनाकर प्रचारित करने का ठेका लगभग दे दिया गया है , जो टिकिट चयन ,, टिकिट वितरण के बाद कांग्रेस गुटबाज़ी में भड़क कर व्यक्तिवाद को तरजीह देते हुए ,,बागी कोंग्रेसियों को निर्दलीय प्रत्याक्षी बना सकें , ताकि कांग्रेस वोट , भाजपा से शासन की नाराज़गी का वोट बिखर जाए और भाजपा उनके अपने वोटों को समेट कर निकाय चुनाव में खुद की हारी हुई बाज़ी जीत सके , कोटा निकाय चुनाव में निर्वाचित पार्षदों द्वारा व्हिप जारी होने के बावजूद भी निगम में उपमहापौर चुनाव में निर्दलीय की जगह भाजपा प्रत्याक्षी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी वोट देने की परम्परा रही है , फिर निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकिट से जीतकर महापौर सहित कई निर्वाचित पार्षद कांग्रेस को ठेंगा बताकर भाजपा में शामिल हुए है , सभी जानते है , जबकि ग्रामीण क्षेत्र में , जिला परिषद के चुनाव में दो बार बहुमत होने के बावजूद भी कांग्रेस के निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों ने ,,भाजपा प्रत्याक्षी के पक्ष में खरीद फरोख्त रणनीति के तहत वोट डालकर कांग्रेस के प्रत्याक्षी को डंके की चोट पर हराया है , यह भी एक इतिहास है , ऐसे में ऍन वक़्त पर कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी जो प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने जारी की है , वोह भी थोड़ा बहुत आग में घी का काम कर रही है , खेर अभी वर्तमान में कांग्रेस की मज़बूत स्थिति है , लेकिन कोटा में गुटबाज़ी में बटी कंग्रेस का मुक़ाबला कुशल रणनीतिकार ,, कई कोंग्रेसियों के मित्र ,,लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतर्त्व से होगा ऐसे में अगर कोटा बूंदी क्षेत्र में कांग्रेस ने कोई सेफ कवचधारी व्यवस्था रणनीति नहीं बनाई तो भाजपा हारी हुई बाज़ी जीत में बदलने के प्रयासों में सफल हो सकती है,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित देवकी नंदन शर्मा का भगवद्गीता ज्ञान जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प,

 

वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित देवकी नंदन शर्मा का भगवद्गीता ज्ञान जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प,
भगवत गीता आम साधक को समझ में क्यों नहीं आती, इसे आम भाषा में जन जन तक पहुंचाने में अब तक कहाँ, क्या क्या कमियां रहीं, इसके लिये जिम्मेदार कौन, गलती कहां रही, इस विषय पर भी पंडित देवकी उनके सकारात्मक ज्ञान , अनुभवों के आधार पर वर्तमान पीढ़ी को समझाइश कर गीता ज्ञानी साक्षर बनाने के अभियान में जुटे हैं,
कोटा, राजस्थान।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सेंट्रल नोटरी पंडित देवकी नंदन शर्मा इन दिनों अपने विधिक दायित्वों के साथ-साथ श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक संदेश को घर-घर पहुँचाने के व्यापक अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि समाज में नैतिकता, कर्तव्यबोध, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए गीता का संदेश आज पहले से अधिक प्रासंगिक है।
बी.ए., एल.एल.बी., डी.एल.एल. तथा ई.डी.पी. (सी.बी.आई.) की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले देवकी नंदन शर्मा वर्षों से विधि क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं। अब वे अपने अनुभव और आध्यात्मिक अध्ययन को समाजहित में समर्पित करते हुए गीता के प्रचार-प्रसार का अभियान चला रहे हैं।
उनका कहना है कि एक शताब्दी से भी अधिक समय से गीता प्रेस तथा अन्य अनेक संस्थाओं द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का व्यापक प्रकाशन और वितरण किया जा रहा है तथा यह विश्व की सर्वाधिक पढ़ी और बिकने वाली धार्मिक पुस्तकों में शामिल है। इसके बावजूद उनका मत है कि गीता के जीवनोपयोगी सिद्धांत और व्यावहारिक संदेश अभी भी समाज के बड़े वर्ग तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच पाए हैं। उनके अनुसार इसका प्रमुख कारण प्रचार-प्रसार की पद्धतियों में अपेक्षित व्यापकता और आधुनिक माध्यमों का पर्याप्त उपयोग न होना है।
इसी उद्देश्य से पंडित देवकी नंदन शर्मा ने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी जनजागरण का अभियान प्रारम्भ किया है। इस मंच पर वे गीता के श्लोकों, उनके सरल अर्थ, जीवनोपयोगी संदेश, आध्यात्मिक चिंतन तथा वर्तमान समय में गीता के प्रभावी प्रचार-प्रसार के उपायों पर नियमित विचार साझा करते हैं।
शर्मा का विश्वास है कि यदि गीता के संदेश को सरल भाषा, आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जाए तो समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, आत्मअनुशासन और सकारात्मक जीवन-दृष्टि को नई मजबूती मिल सकती है। इसी सोच के साथ वे देशव्यापी "घर-घर गीता, जन-जन गीता" अभियान को गति देने का प्रयास कर रहे हैं।
परिचय:
ऐडवोकेट पंडित देवकी नंदन शर्मा
बी.ए., एल.एल.बी., डी.एल.एल., ई.डी.पी. (सी.बी.आई.)
सेंट्रल नोटरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता
कोटा, राजस्थान
मोबाइल: 9829647667
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