कोटा में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, आज से शुरू हुआ ‘हॉक’ स्पेशल अभियान
कोटा शहर में चाकूबाजी और फायरिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। आईजी के निर्देश पर 2 अक्टूबर से पूरे महीने ‘हॉक’ यानी Hunt Against Weapons and Knives स्पेशल अभियान शुरू किया गया है।
अभियान के तहत कोटा शहर को 9 हिस्सों में बांटा गया है। 9 विशेष वाहनों में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की टीमें तैनात रहेंगी। हर टीम में 6 पुलिसकर्मी होंगे और तीन-तीन थानों की टीम को मिलाकर संवेदनशील इलाकों में निगरानी एवं औचक चेकिंग की जाएगी।
पुलिस की इन टीमों के पास हैंड मेटल डिटेक्टर रहेंगे। टीमों को पहले विशेष ट्रेनिंग दी गई है, ताकि संदिग्ध लोगों की प्रभावी चेकिंग की जा सके। पुलिस किसी एक तय स्थान या समय की जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगी और ये स्टेल्थ टीमें शहर में कहीं भी औचक निरीक्षण कर सकती हैं।
पुलिस की नजर बाजार, सार्वजनिक स्थान, पार्क, चाय की थड़ी, गर्ल्स स्कूल के आसपास और उन सभी संवेदनशील स्थानों पर रहेगी, जहां चाकूबाजी या हथियारों से जुड़ी गतिविधियों की आशंका रहती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखना ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध बिक्री भी अपराध है। धारदार हथियारों से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हथियार मिलने पर एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अभियान का फोकस तीन चरणों पर रहेगा—डिटेक्ट, डिटेन और दिशा। पहले ऐसे स्थानों और लोगों को चिन्हित किया जाएगा, जहां हथियारों से जुड़ी गतिविधियां सामने आ रही हैं। इसके बाद संदिग्धों की जांच और पूछताछ की जाएगी और जरूरत के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अगर कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है या उसके खिलाफ पुराने आपराधिक मामले हैं, तो नए आपराधिक कानूनों के तहत उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही चाकू कहां से आ रहे हैं, इसकी भी जांच होगी। यदि ऑनलाइन चाकुओं की बिक्री सामने आती है तो साइबर अपराध शाखा और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी संवेदनशील स्थान पर संदिग्ध लोगों का जमावड़ा रहता है या किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने की जानकारी है, तो पुलिस कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। प्राप्त सूचना के आधार पर हॉक टीमों को संबंधित स्थान पर भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर चाकूबाजी और अवैध हथियारों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि आम लोगों में भय का माहौल पैदा न हो।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक चाकूबाजी के मामलों में कमी आई है। पिछले साल अगस्त तक 64 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल अगस्त तक यह संख्या घटकर 54 रह गई है। इसके बावजूद पुलिस ने इन घटनाओं पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे अक्टूबर महीने तक यह विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।

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