शहीदाने कर्बला की याद में निकले 40वें के ताजिये, मातमी धुनों के बीच हुआ सुपुर्द-ए-आब
के डी अब्बासी
कोटा। शहीदाने कर्बला और याद-ए-हुसैन के चालीसवें के अवसर पर मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में मातमी माहौल के बीच 40वें के ताजिये निकाले गए। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके वफादार साथियों की शहादत की याद में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। ताजियों को निर्धारित मार्गों से होते हुए क्षेत्र की नदियों और तालाबों पर ले जाकर सुपुर्द-ए-आब किया गया।
शहर के छावनी, कोटड़ी, रेलवे स्टेशन, अनंतपुरा, गोविंद नगर, प्रेम नगर, कंसुआ, सहित विभिन्न क्षेत्रों से करीब 100 ताजिये निकाले गए।
तबरेज पठान ने बताया कि हसनैनी अखाड़ा समिति की ओर से कोटड़ी में अखाड़े के उस्तादों का इस्तकबाल किया गया। ताजियों के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इमाम चौक पर फातिहा ख्वानी के बाद देर रात तक ताजियों का जुलूस पाल वाले बाबा और बरकत उद्यान दरगाह के पास नहर तक पहुंचा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-आब किया गया। श्रद्धालुओं ने मन्नती नारियलों के सेहरे पेश कर अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी।
निवर्तमानपार्षद सलीना शेरी बताया कि हुसैनी लाल परचम लहराए गए, जिनके माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत और इंसानियत, सब्र तथा कुर्बानी का संदेश दिया गया। मुस्लिम समाज की महिलाओं को पर्दे की अहमियत के प्रति जागरूक करने का भी संदेश दिया गया।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सौहार्द का माहौल बना रहा। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने ताजियों का इस्तकबाल किया और शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की

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