नंदन नीलेकणी कौन हैं जिन्हें पीएम मोदी ने एग्ज़ाम सुधार वाली टास्क फ़ोर्स का दिया ज़िम्मा
ईश्वर हुसैन शर्मा
बीबीसी संवाददाता
26 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने एग्ज़ाम सुधारों को लेकर टेक्नोलॉजी क्षेत्र की मशहूर
शख्सियत नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फ़ोर्स बनाने की
घोषणा की है.
उन्होंने
सोशल मीडिया पर बताया है कि उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षाओं की
विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे.
पीएम
मोदी ने कहा है, "जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़
किया है वे जेलों में सड़ रहे हैं. हम फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं. हम
कल भी पार्लियामेंट में कठोर कानूनी प्रावधानों के साथ नया क़ानून बनाने
की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं."
"लेकिन
हमें भविष्य के लिए सोचना है. हमारी परीक्षा पद्धति भरोसेमंद हो, पारदर्शी
हो, हमारी परीक्षा पद्धति में सबसे ज़्यादा तकनीक का इस्तेमाल हो, इन सारी
बातों को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन
नीलेकणी जी के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फ़ोर्स बनाने का फ़ैसला
किया गया है."
उन्होंने
कहा, "यह परीक्षा सुधार की तरफ़ फ़ोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली
परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम, इसकी रिपोर्ट के आधार
पर कर दिया जाएगा."
टास्क फ़ोर्स में कौन होंगे शामिल
समाचार
एजेंसी एएनआई और आईएएनएस के मुताबिक़, "हाई पावर्ड टास्क फोर्स तकनीकी
विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी, इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, आईबी के पूर्व
निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव
अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं."
नंदन नीलेकणी आईटी कंपनी 'इन्फ़ोसिस' के सह-संस्थापक हैं. उन्हें बेंगलुरु में आईटी इंडस्ट्री के चेहरे के तौर पर देखा जाता रहा है.
नंदन
नीलेकणी की पहचान सफलता, संपत्ति, सूचना और कॉरपोरेट स्टाइट के प्रतीक के
तौर पर रही है. उनके फ़ैसले मीडिया की सुर्ख़ियां बनते रहे हैं.

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