जवान बेटे ने की आत्महत्या, परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान
2. जवान बेटे की मृत्यु की पुष्टि होते ही पिता ने लिया नेत्रदान करवाने का फैसला
3. शाइन इंडिया और मेडिकल कॉलेज के सक्रिय सहयोग से देर रात संपन्न हुआ नेत्रदान
शाइन
इंडिया फाउंडेशन के जागरूकता अभियान से पूरे हाड़ौती संभाग में
नेत्रदान,अंगदान और देहदान के प्रति आमजन में भ्रांतियां दूर हुई है । अब
घोर दुख में परिजन अपने शोक को कम करने के लिये तुरंत ही दिवंगत के
नेत्रदान का निर्णय लेते हैं ।
इसी
क्रम में,जिला बारां,तहसील किशनगंज के ग्राम रामपुरिया जागीर निवासी
हनुमान प्रसाद जांगिड़ के पुत्र धीरज शर्मा ने बारां में, अपनी मिठाई की
दुकान में कल शाम 8:00 बजे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली ।
परिजन
जैसे ही उसको बाराँ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे,चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित
कर दिया । मृत्यु की पुष्टि होते ही पिता हनुमान ने तुरंत अपनी पत्नी
संतोष और बेटी शिखा व रुचि, से धीरज के नेत्रदान के लिए सहमति लेने के
उपरांत मेडिकलअग्रवालऔर नरेंद्र अग्रवाल और शरीर रचना विभागाध्यक्ष डॉ
अंकुश आसोपा को संपर्क किया ।
परिजनों
से सहमति मिलने के बाद, संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र,
हितेश खंडेलवाल की सूचना पर कोटा से नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ लेकर डॉ
कुलवंत गौड़ देर रात 11:00 बजे बारां पहुंचे और जिला अस्पताल की मोर्चरी
में डॉ गौड़ ने नेत्र संकलित किये ।
रामपुरिया
जागीर के सरपंच उम्मेद सिंह (टीटू जाट) ने परिवार के साहस की सराहना करते
हुए कहा कि, हमारे ग्रामीण क्षेत्र का यह पहला केस है । हम प्रयास करेंगे
की, अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के बारे में जागरूक करें । ग्राम
वासियों को जानकारी दी गई कि, नेत्रदान की प्रक्रिया में सिर्फ आंखों के
ठीक सामने की पतली झिल्ली (कॉर्निया) ली जाती है,पूरी आँख को नहीं लिया
जाता है,और इसमें किसी भी तरह का कोई ब्लड नहीं आता है ।

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