मृत्यु के बाद कीमती मकान-जेवर की तरह नेत्रदान,भी वसीयत में लिखें : सुषमा सोन
कोटा।
सामाजिक संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित नेत्रदान जनजागरूकता
अभियान के अंतर्गत सुभाष विहार निवासी, सुषमा सोन ने अपने जन्मदिवस के अवसर
पर नेत्रदान का संकल्प लेते पत्र भरा।
इस अवसर पर उन्होंने समाज के
नाम एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि "जिस प्रकार हम अपनी मृत्यु के
बाद अपने कीमती मकान, जमीन-जायदाद और जेवर आदि के संबंध में वसीयत लिखकर
जाते हैं, उसी प्रकार हमें यह भी अपनी वसीयत में स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए
कि,हमारी मृत्यु के पश्चात हमारे नेत्र अवश्य दान किए जाएं। इससे हमारे
परिवार को भी हमारी अंतिम इच्छा का सम्मान करने में सुविधा होगी और किसी
नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में फिर से उजाला आ सकेगा।"
सुषमा के पति
कृष्ण कुमार सोन,ने पत्नी के नेत्रदान संकल्प की सराहना करते हुए कहा
कि,नेत्रदान ऐसा महादान है,जो मृत्यु के बाद भी दो व्यक्तियों को नई रौशनी
प्रदान कर सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी वसीयत में नेत्रदान की इच्छा
का उल्लेख करे तथा अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी दे, तो नेत्रदान की
संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है और हजारों दृष्टिबाधित लोगों को
नया जीवन मिल सकता है।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने
सुषमा सोन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके इस प्रेरणादायी निर्णय
की सराहना की तथा इसे समाज के लिए अनुकरणीय पहल बताया। संस्था ने सभी
नागरिकों से अपील की कि वे अपने जन्मदिवस, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य विशेष
अवसरों पर नेत्रदान का संकल्प लेकर समाज में मानवता का संदेश फैलाएं।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
07 जुलाई 2026
मृत्यु के बाद कीमती मकान-जेवर की तरह नेत्रदान,भी वसीयत में लिखें : सुषमा सोन
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)