आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

22 मार्च 2026

भावी चिकित्सकों के अध्ययन के लिये,चिकित्सक बेटियों ने कराया पिता का नेत्रदान देहदान

 भावी चिकित्सकों के अध्ययन के लिये,चिकित्सक बेटियों ने कराया पिता का नेत्रदान देहदान 

2. ग्वालियर घराने के गायक डॉ. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर का निधन,नेत्रदान देहदान सम्पन्न
3. भजन,मंत्रोच्चार और प्रार्थना गीत के साथ,नम आंखों से डॉ प्रभाकर का देहदान सम्पन्न


वर्ष 2022 में, शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान,अंगदान और देहदान अभियान से प्रेरित होकर डॉ राजश्री गोहदकर के पिता डॉ प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर (ग्वालियर घराने के,राग देशकार और फाल्गुनी बंदिशो के अनूठे कलाकार) व उनकी माता जी कुमुदिनी ने स्व० प्रेरणा से प्रेरित होकर अपना देहदान संकल्प पत्र भरा था । शनिवार सुबह उनका राजदीप नर्सिंग होम,बजरंग नगर स्थित निवास स्थान पर आकस्मिक निधन हो गया ।

मध्यप्रदेश सरकार के शिखर सम्मान से सम्मानित डॉ. प्रभाकर संगीत में एम ए,पीएचडी है,और रीवा,मध्य प्रदेश के शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे । इनका निधन संगीत के गलियारों में खामोशी छोड़ गया । इन्हीं के प्रयासों से ग्वालियर में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी,यहीं के वर्तमान कुलपति प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे के पिता ही नहीं, गुरु भी थे। कुछ समय पहले तक भी उन्होंने ग्वालियर के शारदा नाद मंदिर में बच्चों को संगीत की नि:शुल्क दी । बीमारी के दौरान उन्होंने गायन से दूरियां बना ली थी,पर 90 की वर्ष की उम्र तक भी सुबह उनका रियाज जारी था। पं. राजा भैया पूछवाले के शिष्य और पंडित बालासाहेब पूछवाले के मार्गदर्शन में संगीत की शिक्षा लेकर उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत और ग्वालियर घराने को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

प्रभाकर जी जब भी जलती चिताओं को देखते थे,तो उनके मन में ख्याल आता है कि,मृत्यु के उपरांत बहुत सारे रीति-रिवाजों को पूरा करने में काफी समय और पैसे की बर्बादी होती है,पेड़ों को अनावश्यक जलाया जाता है,कई परिवारों को तो इन रस्मों को पूरा करने के लिये कर्ज़ तक लेना पड़ जाता हैं ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...