*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एमओयू; छात्रों को मिलेगा तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल का प्रशिक्षण*
के डी अब्बासी
कोटा, 23 मार्च, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास और छात्रों के मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एवं
विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए ध्यान, योग, जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करेंगी।एमओयू के तहत ध्यान सत्र, वेलनेस कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स तथा विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। यह साझेदारी शिक्षा प्रणाली में मानवीय मूल्यों और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता एवं आंतरिक शांति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से विश्वविद्यालय में ध्यान, योग एवं जीवन कौशल आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होगा। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों को हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा प्रमाणित 'प्राणाहुति' आधारित ध्यान और तनाव प्रबंधन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन अत्यंत आवश्यक है। यह एमओयू छात्रों को न केवल एक कुशल इंजीनियर बल्कि एक संतुलित और संवेदनशील नागरिक बनाने में मदद करेगा। कुलगुरु ने इस साझेदारी के माध्यम से भविष्य में शोध, प्रशिक्षण एवं नवाचार के नए आयाम स्थापित करने की भी अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और स्टाफ़ से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया, ताकि वे अपने जीवन को अधिक संतुलित, स्वस्थ एवं सफल बना सकें।
जीवन कौशल कार्यक्रम: ट्रस्ट द्वारा संचालित 'हार्टफुल कैंपस' कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नैतिकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इंटर्नशिप और शोध: विद्यार्थी हार्टफुलनेस के विभिन्न केंद्रों पर सामाजिक और शैक्षिक परियोजनाओं में इंटर्नशिप और शोध कार्य कर सकेंगे।
निःशुल्क प्रशिक्षण: यह सहयोग मुख्य रूप से सेवा भाव पर आधारित है, जहां ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सेवाएं निःशुल्क रहेंगी।
इस एमओयू के अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी के साथ कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत वर्धमान खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बी एल वर्मा कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु प्रोफेसर विमला डूंकवाल उपस्थित रही। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर आनंद किशोर चतुर्वेदी, डीन ट्रिपल आई एन्ड आई आर प्रोफेसर रंजन महेश्वरी, डीन रिसर्च प्रोफेसर मिथिलेश कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर आर एस मीना, प्रोफेसर एस के पाराशर, सिविल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजय बिंदलिश, कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर आर एस शर्मा, विभागाध्यक्ष हच ई ए एस डॉक्टर सुनील दत्त पुरोहित, प्रोफेसर मनीषा व्यास, डॉक्टर अजय शर्मा, विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग प्रोफेसर मनीषा भंडारी, डीन आई क्यू ए सी प्रोफेसर धीरज कुमार पलवलिया, विभागाध्यक्ष केमिकल डॉक्टर रितेश पाटीदार उपस्थित रहे। इस अवसर पर हार्टफुलनेस ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।

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