दावत ऐ इस्लामी फैज़ान ऐ मदीना कोटा मदरसा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के तहत भारतीय व्यवस्था में एक रीढ़ बनकर काम कर रहा है , विख्यात शिक्षाविद डॉक्टर माक़ूल नदीम
कोटा 23 मार्च , मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा विशेषज्ञ , उर्दू अदब के डॉक्टर , अदबी नगरी टोंक के सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर माक़ूल अहमद नदीम ने कोटा डिवीज़न में , दावत ऐ इस्लामी इण्डिया के ज़ेरे एहतेमाम चल रहे कोटा विज्ञाननगर स्थित दारुल मदीना मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा के अवलोकन के बाद कहा के, यक़ीनन , फ़ारसी की कहावत जिसमे कहा गया है , के , अगर किसी भी काम की नींव मज़बूत होगी तो इमारत सीधी ओर बुलंद होगी , और अगर नींव में ज़रा सी भी चूक हुई तो इमारत कितनी ही बुलंद हो जाए उसमे टेड़ा बांकापन बरक़रार रहेगा , डॉक्टर माक़ूल ने कहा के मुझे ख़ुशी है के दारुल मदीना मदरसा विज्ञाननगर कोटा के प्रबंधकों , ज़िम्मेदारों द्वारा पूरी ज़िम्मेदारी निभाकर कुशल प्रबंधन के ज़रिये इस तालीमी इमारत को बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए बेहतर तरीके से काम किये है , उन्होंने प्रबंधकों को , ज़िम्मेदारो को इस सफलतम शैक्षणिक विकास व्यवस्थित कार्य के लिए मुबारकबाद देते हुए कहा के उनके शैक्षणिक अनुभवों , सुझावों की जब भी आवश्यकता रही तो वोह तय्यार मिलेंगे ,,, राजस्थान के प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉक्टर माक़ूल अहमद नदीम कोटा प्रवास पर थे , उन्होंने शैक्षणिक प्रबंधन व्यवस्था के तहत विज्ञाननगर स्थित दावत ऐ इस्लामी दारुल मदीने की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर व्यवस्थित व्यवस्था की प्रशंसा की , ,अवलोकन के दौरान कोटा के युवा शिक्षाविद , वाई जी ऍन एजुकेशनल सोसायटी के चेयरमेन अरशद अंसारी ,, ह्यूमन रिलीफ सोसायटी के महासचिव एडवोकेट अख्तर खान अकेला , शाहिद अत्तारी ,, शारिक अंसारी साहब मौजूद रहे , ,,, विज्ञाननगर दावत ऐ इस्लामी के शैक्षणिक इदारे के ज़िम्मेदार , शारिक अंसारी ने बताया कि , कोटा संभाग में दारुल मदीना , जमीअतुल मदीना , मदरसतुल मदीना ,, जमियतुल मदीना , के कोटा संभाग में कुल तीस इदारे चल रहे हैं , जिसमे इंग्लिश मीडियम स्कूल , आलिम कोर्स , हिफ्ज़ो नाज़रा ,, आलिम ,, नाज़रा क़ुरान ऐ पाक , लड़कों और लड़कियों के लिए पृथक पृथक कोर्स संचालित है , जिसमे वर्तमान में 1750 बच्चे अपनी तालीम ले रहे हैं ,, शिक्षाविद अरशद अंसारी ने बताया की , मदरसे के बच्चों को , दुनियावी तालीम के साथ , सामाजिक सरोकार एक दूसरे की मदद के जज़्बे और नैतिक शिक्षा के साथ साथ राष्ट्रीयता का पाठ भी एक बहतर शहरी नागरिक बनाने के लिए नैतिक शिक्षा, नैतिक कर्तव्यों का पाठ सिखाया जाता है ,, शारिक अंसारी , शाहिद अंसारी ने बताया की मदरसे में फायर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं , यहां आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था के तहत , कम्प्युटराइज़्ड , ऑन लाइन शैक्षणिक व्यवस्था के साथ , सभी गतिविधियों पर सी सी टी वी कैमरों से कढ़ी नज़र रखी जाती है , उन्होंने बताया की दावत ऐ इस्लामी देश भर में क़रीब आठ सो शैक्षणिक इदारों के माध्यम से हर वर्ष सवा लाख बच्चों को आधुनिक शिक्षा , मदरसा शिक्षा के कोर्स करवा रहे हैं , जबकि हर ज़िले में पर्यावरण संरक्षण , पर्यावरण सुरक्षा , हरित क्रांति व्यवस्था के तहत , हर साल क़रीब एक लाख से भी ज़्यादा पेड़ पौधे लगाकर , उन्हें ज़िंदा रखने के लिए ज़िम्मेदारियाँ तय करते है , कोटा में भी हर साल दो हज़ार पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाता है , कोटा में यह लक्ष्य लगातार जारी है , , उन्होंने बताया कि मदरसे में अंग्रेजी शिक्षा भी शामिल है जिसमे प्री प्राइमरी , प्राइमरी , मिडिल ,, सेकेंडरी , सीनियर सेकेंडरी , ग्रेजुएशन , डॉक्टरल रिसर्च ,, सहित कई कोर्स संचालित है , उन्होंने बताया कि बच्चों को दीनी तालीम के साथ ,, दुनियावी तालीम और एक बेहतर शहरी नागरिक बनाने , राष्ट्रीयता जागरूक ज़िम्मेदारी की सभी तरह की तालीम बच्चों को दी जाती है , ,बच्चों को दिनी तालीम के साथ स्कूली शिक्षा व्यवस्था के वक़्त बच्चों की प्रतिभा के बारे में पता चल जाता है , और जो बच्चा नीट के योग्य होता है , जो बच्चा आई आई टी योग्य होता है , यू पी एस सी या किसी अन्य कम्पीटिशन के योग्य समझा जाता है उसे उसी तरफ के कोर्स में मदद कर बच्चे की योग्यता के अनुरूप कोर्स करवाए जाते हैं , पृथक से कोचिंग की व्यवस्था करवाई जाती है , ऐसे बच्चों के लिए आर बी एस सी , सी बी एस ई , यूनिवर्सिटी , कोटा ओपन यूनिवर्सिटी , ओपन स्कूली व्यवस्था , ऐ एम यूं , मौलाना आज़ाद शैक्षणिक संस्थान सहित जहाँ भी बच्चे की प्रतिभा तराश कर , उसे दीनी तालीम के साथ , दुनियावी शिक्षा में देश के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है , पूरी तरह से उसे सहूलियतें उपलब्ध कराई जाती है , उन्होंने बताया कि, कोटा के इस मदरसे का संचालन अभी शुरू हुआ है , इसके परिणाम अगले साल से सेकेंडरी , सीनियर सेकेंडरी और उसके बाद के कोर्स के लिए आने लगेंगे , दावत ऐ इस्लामी की तरफ से इस इदारे में हर साल आम लोगों के लिए भी सहरी और इफ्तार का लगातार प्रबंधन रहता है , ,शिक्षाविद सय्यद माक़ूल अहमद नदीम ने सभी व्यस्थाओं के जायजे के बाद , प्रबंधकों , व्यवस्थापकों की इस सराहनीय कार्य के लिये , पीठ थपथपाते हुए कहा कि भारत के शैक्षणिक विकास और ज़िम्मेदार शहरी के चरित्र निर्माण में इस इदारे की अपनी अहमियत है , इस तरह के इदारे भारत की शैक्षणिक व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह व्यवस्थित शैक्षणिक कार्यक्रम चलाकर नैतिक ,शिक्षा मज़हबी शिक्षा के साथ , आधुनिक शिक्षा ,, प्रोफेशनल कोर्सेस के साथ देश में राष्ट्रिय एकता , सौहार्द , चरित्र निर्माण ,,के लिए महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं , ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

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