पुत्री एवं दामाद की सहमति से,परिवार में छठा नेत्रदान संपन्न,नेत्रदान की परंपरा रही कायम,
2. 110 किलोमीटर दूर कोटा से आयी हुई टीम ने देर रात लिया नेत्रदान
नेत्रदान
के प्रति अब शहरवासियों में जागरूकता बढ़ती जा रही है, परिवार में
नेत्रदान परंपरा का हिस्सा बनने लगा है, कल देर भवानीमंडी निवासी,समाजसेवी
देवेंद्र पाल छाबड़ा ने शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं भारत विकास परिषद के
नेत्रदान संयोजक कमलेश गुप्ता को सूचना देकर बताया कि,उनके ससुर सरदार
हरबंस सिंह का आकस्मिक निधन हुआ है । उनकी बेटी मनमीत कौर ने स्वयं पहल कर
पिता के नेत्रदान के लिए सहमति दी है ।
गौ सेवा जैसे पुनीत कार्य से
जुड़े देवेंद्र पाल छाबड़ा ने अपने पिता स्वर्गीय हरबंस सिंह छाबड़ा का भी
5 वर्ष पूर्व संस्था के माध्यम से नेत्रदान कराया था, तभी से देवेंद्र ने
प्रण ले रखा था कि,घर में कभी भी कोई शोक की घटना होती है,तो वह प्रयास
करेंगे कि उनके नेत्रदान संभव सकें ।
परिवार के सभी सदस्यों की
सहमति प्राप्त होते ही, 110 किलोमीटर दूर कोटा से ईबीएसआर बीबीजे चैप्टर की
टीम रात 11:00 बजे,नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ को लेकर भवानी मंडी
पहुंची और परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया को
संपन्न किया ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
18 मार्च 2026
पुत्री एवं दामाद की सहमति से,परिवार में छठा नेत्रदान संपन्न,नेत्रदान की परंपरा रही कायम,
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