बेटी दामाद के अनुरोध पर 130 किलोमीटर दूर कोटा से आई टीम ने लिया नेत्रदान
शुक्रवार
शाम रेपला रोड निवासी, प्रमुख व्यवसायी मुरली मनोहर गुप्ता की सासू माँ
(धुंआखेड़ी निवासी) गीता बाई का आकस्मिक निधन हो गया । निधन के ठीक उपरांत
मुरली मनोहर ने अपनी पत्नी मंगला (गीता की बेटी) को माता जी के नेत्रदान
करवाने का याद दिलाया, क्योंकि धर्म,कर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाली
गीता ने भी नेत्रदान के लिए अपनी सहमति दे रखी थी ।
माँ की अंतिम
इच्छा को जानकर मंगला और और नाती पवन ने तुरंत ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के
ज्योति मित्र संजय जुलानिया को कोटा से नेत्रदान के लिये टीम बुलाने के लिए
संपर्क किया ।
कोटा से ईबीएसआर-बीबीजे चेप्टर के कॉर्डिनेटर डॉ
कुलवंत गौड़ अपनी टीम के साथ,नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ लेकर 130
किलोमीटर दूर बकानी के लिए रवाना हुए,और देर रात परिवार के सभी सदस्यों के
बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कर टीम देर रात एक बजे कोटा पहुंची ।
बेटी
मंगल और दामाद मुरली के मन में संतोष था कि अंत समय में वह गीताबाई की
इच्छा को पूरा कर पाए । नेत्रदान की उपरांत संस्था शाइन इंडिया की ओर से
संजय जुलानिया ने परिवार के सदस्यों को प्रस्तुति पत्र देकर सम्मानित किया ।
संजय
ने बताया कि, संस्था के सहयोग से बकानी में यह 11वां ने नेत्रदान संपन्न
हुआ है, साथ ही शहर वासियों से अनुरोध किया कि कभी भी यदि कहीं पर शोक की
घटना घटती है तो, परिजन यदि नेत्रदान के लिए सहमति देते हैं तो,कोटा से
नेत्र दान लेने के लिए टीम 24 घंटे तैयार रहती है ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
13 मार्च 2026
बेटी दामाद के अनुरोध पर 130 किलोमीटर दूर कोटा से आई टीम ने लिया नेत्रदान
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