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13 मार्च 2026

फास्ट फूड, केमिकल केक को ना, फ्रूट केक, ड्राई फ्रूट, पौष्ठिक आहार को हाँ, डॉक्टर संजय सोनी के अभियान की दिल्ली में डॉक्टर सिम्मी सिद्दीकी ने अपने पिता डॉक्टर अनीस सिद्दीकी के जन्म दिन से घर घर शुरुआत की

 

फास्ट फूड, केमिकल केक को ना, फ्रूट केक, ड्राई फ्रूट, पौष्ठिक आहार को हाँ, डॉक्टर संजय सोनी के अभियान की दिल्ली में डॉक्टर सिम्मी सिद्दीकी ने अपने पिता डॉक्टर अनीस सिद्दीकी के जन्म दिन से घर घर शुरुआत की
कोटा 13 मार्च, फास्ट फूड, केमिकल केक को ना, फ्रूट केक, ड्राई फ्रूट्स , पौष्ठिक आहार को हाँ स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत डॉक्टर सिम्मी सिद्दीकी ने अपने पिता डॉक्टर अनीस सिद्दीकी के जन्म दिन से की,मेरे बहनोई फार्मेसी वरिष्ठ गुरु डॉक्टर अनीस अहमद सिद्दीक़ी की सालगिरह के मौके पर , उनकी सुपुत्री डॉक्टर सिम्मी सिद्दीक़ी कोचिंग गुरु ने जब ,, उन्हें फ्रूट केक बनाकर दिया और उनकी सालगिरह पर इसी फ्रूट केक के साथ खुशियों का जश्न मनाया , तो मुझे अचानक , बाज़ार की मैगी , बर्थडे केक , बाजार के फास्ट फ़ूड को ना कहने के आंदोलनकारी डॉक्टर डॉक्टर संजय सोनी, सुवि चिकित्सालय के डॉक्टर सुरेश पांडेय याद आ गए ,,, डॉक्टर सजंय सोनी जो खुद एलेन इंसीनस्टिट्यूट में मेडिकल ऐंड रिसर्च ऑफिसर के पद पर कार्यरत है , वोह एकेडमिक काम काज से जुड़े हैं , बच्चों के साथ रहकर उन्होंने जाना के भारत का भविष्य फ़ास्ट फ़ूड , केक ,, फ़र्टिलाइज़र युक्त खाद पदार्थ खाकर खत्म सा होने लगा है , अगर इसे वक़्त रहते सावचेत कर रोका नहीं गया तो देश बिखर जाएगा , देश का भविष्य असुरक्षित सा हो जाएगा , उनके मानसिक, और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पढ़ने से , सामजिक ढाँचे को भी नुकसान होगा , और ऐसे में भारत का भविष्य संकट में भी हो सकता है , बस इसी सोच के साथ , डॉक्टर संजय सोनी ने एक अभियान छेड़ दिया है , वोह एक टीम बनाकर युवाओं में , स्कूलों में बच्चों में ,, केक, फास्टफूड और शरीर के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य और पय पदार्थों को ना कहकर , ऑर्गेनिक फसल , खासकर फ्रूट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने पर ज़ोर देते हैं , वोह अभियान के तहत अब तक हज़ारों हज़ार लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं , डॉक्टर सोनी मेडिकल रिसर्च वर्क से जुड़े हैं , वोह लगातार बच्चों और युवाओं की मानसिकता बदलकर उन्हें फ़ास्ट फ़ूड ,, जैसे खाने पीने की चीज़ों की आदतों को छुड़वाकर , ड्राई फ्रूट , फ्रूट खाने की तरफ जोड़ने के प्रयासों में जुटे हैं , डॉक्टर सोनी अब तक लाखों बच्चों , उनके परिजनों को समझाइश कर चुके हैं , उनमे से कुछ हज़ारों की संख्या में ही सही , लेकिन उन्होंने फ़ास्ट फ़ूड और केक वगेरा जैसे फूड्स के नुक़्सानों को जाना है और खुद बदला भी है , लेकिन अभी यह क्रांति बच्चों , युवाओं में पूरी तरह से तो क्या दो तीन प्रतिशत से ज़्यादा नहीं आ पाई है , काम मुश्किल है , लेकिन डॉक्टर संजय सोनी इस मामले में हिम्मत नहीं हारे हैं , वोह अपने ज्ञानवर्धक रिसर्च लेक्चर्स के माध्यम से आम जनता में ऑर्गेनिक , गैर ऑर्गेनिक खेती के नुकसान फायदे , फ़ास्ट फ़ूड के नुकसान और फ्रूट , ड्राई फ्रूट के फायदे ,, गिनाने के लिए लगातार प्रयास रत है , डॉक्टर सोनी ने आवारा गांयों को कैसे दुधारू बनाकर उनका उपयोग किया , जाए और पौष्टिक दूध की कमी को पूरा करने की तरफ बेहतर क़दम बढ़ाया जाए इसके लिए एक वैज्ञानिक माइक्रो चिप भी बनाई है, जिसकी सभी जगह सराहना हो रही हैं ,, डॉक्टर संजय सोनी बहुत करना चाहते हैं , लेकिन कई सालों के उनके इस काम में अभी तक बहतरीन टीम जोड़ पाने में वोह कामयाब नहीं हो पाएं है , उनकी अच्छी सोच , राष्ट्रिय स्वास्त्य व्यवस्था से जुडी सोच , बच्चों को अनावश्यक बिमारियों से , कमज़ोरियों से निराशाजनक सोच से बदलकर स्वास्थ्य की तरफ ले जाने की सोच यक़ीनन महान सोच है , इसे सपोर्ट मिलना ही चाहिए , लेकिन इसके लिए एलेन इंस्टीट्यूट को भी खुले रूप से अभयं चलाना होगा , और एलेन तो खेर इस मामले में अभियान चला ही लेगा , लेकिन कोटा सांसद जो लोकसभा अध्यक्ष है , वोह डॉक्टर संजय सोनी को बुलाकर एक बार उनके विचार जाने , उनके स्वास्थ्य कार्य्रकम की गंभीरता को समझे और देश भर में इसे लागू करवाने की कोई निति बनाये , इधर कोटा के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी इस गंभीरता को समझे , जानें , ,वोह खुद गंभीर हो ,और डॉक्टर संजय सोनी के इस अभियान का हिस्सा खुद भी बने , राजस्थान सरकार को भी बनाये , शिक्षा मंत्री डॉक्टर संजय सोनी के लेक्चर , अगर कोटा सहित राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में आवश्यक रूप से शुरू करवाएं , उनके द्वारा लिखित आलेख , फ़ास्ट फ़ूड के नुकसान और फ्रूट ड्राई फ्रूट के फायदे संबंधित स्कूली पाठ्यक्रमों में आवश्यक रूप से जोड़े जाए तो निश्चित तोर पर कोटा सहित राजस्थान , सम्पूर्ण भारत के बच्चों और युवाओं पर इन लोगों का बहुत बढ़ा उपकार होगा , वर्ना सब जानते हैं , सब देखते हैं , माँ बाप बेबस रहते हैं , के फ़ास्ट फ़ूड , अन्य फ़ूड जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सो फीसदी नुकसानदायक है , वोह उन सब के प्रयासों के बावजूद भी , आने वाली पीढ़ी ,, बेरोकटोक खुद को खुद ही खत्म करने के लिए आत्मघाती रूप से यह ज़हरीले फूड्स , केमिकल युक्त फूड्स खाकर खुद के स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य को मटियामेट कर रहे हैं , ,,डॉक्टर संजय सोनी, डॉक्टर सुरेश पांडेय टीम ने मुझे भी इस अभियान से जोड़ा है मुझे फख्र है के मेरी लाडली भांजी डॉक्टर सिम्मी सिद्दीकी देश की राजधानी में बैठकर , मेरे बहनोई डॉक्टर अनीस सिद्दीक़ी के जश्न ऐ योमे पैदाइश के वक़्त अपनी वालिदा शिक्षाविद रफत अनीस, बेटी इक़रा , इनाया के साथ इस अभियान को अपने घर से शुरू कर देश भर में पहुंचाने की शुरुआत कर चुकी है, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

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