पिता-पुत्रों ने सहमति से संपन्न कराया नेत्रदान
मंगलवार दिन रात
लाल बिहारी जी का चौक, चौमुखा बाजार,बूंदी निवासी पंडित श्रीकांत शर्मा की
धर्मपत्नी गीता शर्मा,का आकस्मिक निधन हुआ,जिसके उपरांत बेटे
लक्ष्मीकांत,शिवकांत और बेटी अनीता ने स्वप्रेरणा से गीता के नेत्रदान
करवाने का निर्णय लिया ।
सभी की सहमति से ऋतुराज कोठीवाला स्मृति
संस्थान,के मधुसूदन गुप्ता को नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए,
संपर्क किया संस्था के ज्योति मित्र इदरीस बोहरा की सूचना पर देर रात 12:00
श्रीकांत के निवास पर, डॉ कुलवंत गौड़ ने नेत्रदान प्रक्रिया सम्पन्न की।
डॉ
कुलवंत गौड़ ने बताया कि,जन सहयोग से अभी तक बूंदी शहर में 77 नेत्रदान हो
चुके हैं । नेत्रदान लेने के लिए शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम 24 घंटे
पूरे हाडोती संभाग में तैयार रहती है ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
11 फ़रवरी 2026
पिता-पुत्रों ने सहमति से संपन्न कराया नेत्रदान
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