श्री राम मंदिर प्रबंध समिति के सभापति एडवोके महेश वर्मा के जन्मदिन पर बधाई
के डी अब्बासी
कोटा,फरवरी। वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ की कलम से
श्री महेश वर्मा जी को जन्म दिन मुबारक। आज उनका जन्मदिन है। वो ऐसा कुछ कहते है कि कहते कहते कहावत बन जाती है। लोगो के हाथ में हुनर होता है। पर महेश वर्मा ऐसे शख्स है जिनकी जुबान में हुनर है। वे किसी विषय पर तत्क्षण टिप्पणी करने में निपुण है। आज उनका जन्मदिन है। ईश्वर ने बहुत इंसानी खूबियों से सराबोर किया है। कोई उन्हें हर दिल अजीज तो कोई उन्हें अजातशत्रु कहता है । उनके व्यक्तित्व और व्यवहार वो मानवीय गुण है कि हर कोई उनसे जुड़ता चला जाता है / जब वे चार साल के थे, सर से पिता का साया उठ गया वे दुश्वार हालात में पले बढ़े और समाज में खुद का अपना एक स्थान बना लिया। उनकी माताजी शिक्षक थी / उनके हाथो हुई परवरिश और शिक्षा का प्रभाव उनमें साफ दिखता है। वे कॉलेज न केवल अच्छे विद्यार्थी रहे है। बल्कि अच्छे धावक भी रहे है। पर उन्होंने जिंदगी की चाल को अपनी गति से ही चला। वे बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया में अधिकारी बने और वहां भी अपनी काबलियत की छाप छोड़ी। उनकी रचनात्मकता और बुद्धि कौशल का लाभ एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कम्पनी ऑफ़ इंडिया को उस वक्त मिला जब संस्थान के लिए एक नारे की रचना का मौका आया उनका लिखा नारा बहुत पसंद किया गया और कंपनी ने उसे अपना लिया। महेश वर्मा जी का लिखा नारा सम्पन्न भारत की पहचान बीमित फसल खुशहाल किसान आज संस्थान की टैगलाइन है।
यह उनकी नेक नियति और सेवा भाव का सबब है कि उनसे लोग जुड़ते चले जाते है। इसमें हर वर्ग और तबके के लोग है। उनका अपना एक राजनैतिक सोच भी है। उस पर वे अडिग रहते है। लेकिन इसके बावजूद विपरीत विचारों के लोगो अपनी जगह बनाई है। यह उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है।
यह उनकी नेक नियति और सेवा भाव का सबब है कि उनसे लोग जुड़ते चले जाते है। इसमें हर वर्ग और तबके के लोग है। उनका अपना एक राजनैतिक सोच भी है। उस पर वे अडिग रहते है। लेकिन इसके बावजूद विपरीत विचारों के लोगो मैं अपनी जगह बनाई है। यह उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है कि कभी किसी को गलत राय नहीं देते और गलत बात नहीं कहते ऐसे बहुत लोग है जो राय मशविरे के लिए श्री महेश वर्मा पर निर्भर रहते है सुख दुःख, धूप छाव और सांझ सवेरा जीवन का हिस्सा है। जब भी किसी को परेशानी आई, वे हमेशा मदद को खड़े मिले। यही बात उन्हें भीड़ से अलग करती है। यह बड़ी बात है कि वे हर किसी के लिए विपत्ति में संबल बन कर खड़े रहते है।
अगर वे कुछ तटबंध तोड़ लेते और सियासत में होते तो बहुत आगे जाते। पर उन्होंने अपने को सामाजिक पारिवारिक दायरे में ही रखना पसंद किया। इसके बावजूद राजनीति में सक्रिय अनेक लोग उनसे सलाह मशविरा करते रहते है। उन्हें पता है श्री महेश वर्मा कभी गलत बात नहीं कहेंगे / यह उनकी खूबी है कि वे बहुत शालीनता से बेलाग अपनी बात कह देते है। यही वजह है कि परस्पर विपरीत ध्रुवों में भी उनकी मांग और चाहत है। जन्म दिन मुबारक हो। महेश जी वर्मा सभापति श्री राम मंदिर प्रबंध समिति एवं श्री राम दरबार सेवा समिति श्री राम मंदिर कोटा जंक्शन के जन्म दिवस पर समिति के सभी पदाधिकारी ने शुभकामनाएं दी है।

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