महंगाई बेकाबू , जरूरी चीजें आम लोगों की पहुँच से बाहर होती जा रही है ।
केंद्रीय बजट 2026 से राजस्थान की जनता को उम्मीदें थी लेकिन बजट में राजस्थान राज्य का बजट भाषण में मेंशन न होना प्रदेश के साथ हो रहे सौतेलेपन की झलक है जो कि भाजपा सरकार की नीति विहीनता और दिशाहीनता को ही उजागर करता दिखाई दिया ।
सरकार न सब्सिडी बढ़ा पाई ,ना ही महंगाई पर कोई ठोस कदम उठा सही , ना ही महिला सुरक्षा के हित मे कोई ठोस कदम उठा सकी ,ना ही युवाओ के रोजगार के हित में कोई सकारात्मक निर्णय ले सकी - डबल इंजन की सरकार ने आमजनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है "
बजट में पुरानी योजनाओं के नाम बदल कर नए नाम रखना पर ध्यान दिया गया है जिससे मीडिया अखबारों की हेडलाइन बन सके कि सरकार ने योजनाएं बनाई।
बात घोषणाओं पर की जाये तो केवल चुनावी राज्यों के लिए , चुनाव खत्म - घोषणाएं खत्म ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)